छत्तीसगढ़ को 33,700 करोड़ रुपये की सौगातें देने आज आएंगे PM मोदी

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे, जहां वे राज्य को 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद उनका यह पहला छत्तीसगढ़ दौरा है। इस यात्रा के दौरान वे, प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। उनका यह कार्यक्रम बिलासपुर जिले के मोहभट्टा गांव में आयोजित होगा, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री का शेड्यूल – 2:30 बजे: वायुसेना के विमान से रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। – 2:35 बजे: हेलिकॉप्टर से बिलासपुर के मोहभट्टा के लिए रवाना। – 3:30 – 4:30 बजे: विभिन्न परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण। – 4:45 बजे: रायपुर के लिए प्रस्थान। – 5:30 बजे: दिल्ली के लिए रवाना। बिजली परियोजनाओं की आधारशिला – एनटीपीसी सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना (800MW) – 9,790 करोड़ रुपये की लागत से। – सीएसपीजीसीएल सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660MW) – 15,800 करोड़ रुपये की लागत से। – पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (डब्ल्यूआरईएस) – 560 करोड़ रुपये की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं का उद्घाटन। तेल और गैस क्षेत्र में बड़े कदम – सिटी गैस वितरण (CGD) परियोजना – 1,285 करोड़ रुपये की लागत से 200 किमी हाई-प्रेशर पाइपलाइन और 800 किमी एमडीपीई पाइपलाइन। – विशाखापट्टनम-रायपुर पाइप लाइन (VRPL) परियोजना – 2,210 करोड़ रुपये की लागत से 540 किमी लंबी पाइपलाइन। रेलवे क्षेत्र में नई सौगातें – 108 किमी लंबी सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला। – 2,690 करोड़ रुपये की लागत से 111 किमी लंबी तीन रेलवे परियोजनाओं का राष्ट्र को समर्पण। – अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा की शुरुआत। – छत्तीसगढ़ रेलवे नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण का उद्घाटन। सड़क बुनियादी ढांचे में सुधार – एनएच-930 (37 किमी) झलमला-शेरपार खंड का उन्नयन। – एनएच-43 (75 किमी) अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड का 2-लेन में उन्नयन। – एनएच-130डी (47.5 किमी) कोंडागांव-नारायणपुर खंड का उन्नयन। शिक्षा और आवास क्षेत्र में सुधार – राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूलों का उद्घाटन। – रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) की स्थापना। – प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश। छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई दिशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा छत्तीसगढ़ के आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास को नई दिशा देगा। 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की इन परियोजनाओं से राज्य की बिजली, रेल, सड़क, गैस और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। recent visitors 60

मैं महाकुंभ को देखता हूं, हमने करीब डेढ़ महीने तक उत्साह देखा और लोगों की उमंग को महसूस किया: पीएम मोदी

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के आयोजन की संसद में सराहना की और कहा कि इससे देश की एकता का संदेश मिला है। यही नहीं उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारत के इतिहास में ऐसा ही क्षण था, जैसा 1857 की क्रांति, भगत सिंह का बलिदान और गांधी का डांडी मार्च था। इन घटनाओं ने देश को एक नया मोड़ दिया और ऐसा ही महाकुंभ के विशाल आयोजन से भी हुआ है। पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं यूपी और खासतौर पर प्रयाग की जनता का आभार व्यक्त करता हूं। गंगाजी को धरती पर लाने के लिए भगीरथ प्रयास हुआ था। ऐसा ही महाप्रयास महाकुंभ के भव्य आयोजन में भी हमने देखा है। मैंने लालकिले से सबका प्रयास पर जोर दिया था। पूरे विश्व ने भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए। सबका प्रयास का यही साक्षात स्वरूप है।’ उन्होंने कहा कि महाकुंभ ने उन शंकाओं को भी जवाब दिया है, जो कुछ लोगों के मन में रहती है। अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर हमने देखा था कि कैसे देश अगले एक हजार साल के लिए तैयार हो रहा है। फिर इस बात को हमने महाकुंभ में देखा। किसी भी राष्ट्र के जीवन में अनेक ऐसे मोड़ आते हैं, जो सदियों के लिए उदाहरण बन जाते हैं। हमारे देश के इतिहास में भी ऐसे पल आए हैं, जिन्होंने नई दिशा दी या झकझोर कर सबको जागृत कर दिया। हमने देखा कि भक्ति आंदोलन के दौर में कोने-कोने में आध्यात्मिक चेतना हो गई। स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में जो भाषण दिया, वह भारत की चेतना का जयघोष हो। ऐसा ही स्वतंत्रता संग्राम में भी हुआ। 1857 की क्रांति, सुभाष जी का दिल्ली चलो का नारा और गांधी जी का डांडी मार्च। इन सबने हमें प्रेरणा दी। ‘त्रिवेणी का जल लेकर मॉरीशस गया तो उत्सव जैसा माहौल था’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे ही मैं महाकुंभ को देखता हूं। हमने करीब डेढ़ महीने तक उत्साह देखा और लोगों की उमंग को महसूस किया। करोड़ों लोग सुविधा और असुविधा के भाव से ऊपर उठते हुए श्रद्धा से जुटे। यह उमंग और उत्साह यहीं तक सीमित नहीं थी। बीते सप्ताह मैं मॉरीशस में था। मैं महाकुंभ के समय का जल त्रिवेणी से लेकर गया था। उस जल को जब मॉरीशस के गंगा तालाब में अर्पित किया गया तो वहां आस्था और उत्सव का माहौल देखते ही बन रहा था। भारत का युवा आज अपनी आस्था को गर्व के साथ अपना रहा है। जब एक समाज की भावनाओं में अपनी विरासत पर गर्व का भाव बढ़ता है तो हम ऐसी ही तस्वीरें देखते हैं, जो महाकुंभ के दौरान आईं। इससे भाईचारा बढ़ता है। हर भाषा के लोग संगम पर बोले- हर हर गंगे और लगाई डुबकी लोकसभा में पीएम ने कहा कि यह विश्वास होता है कि हम एक देश के रूप में बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। यहां पहुंचे लोग अहं त्याग कर वयं के भाव में आ गए। मैं नहीं हम के भाव में आए। अलग-अलग राज्यों से आए लोग त्रिवेणी का हिस्सा बने। जब करोड़ों लोग राष्ट्रीयता के भाव को मजबूती देते हैं तो देश की एकता बढ़ती है। जब हर भाषा के लोग संगम तट पर हर हर गंगे का उद्घोष करते हैं तो एकता की भावना बढ़ती है। हमने देखा कि वहां छोटे-बड़े का कोई भेद नहीं था। यह भारत का बहुत बड़ा सामर्थ्य है। एकता की यही भावना भारतीयों का सौभाग्य है। आज पूरे विश्व में बिखराव की स्थिति है और ऐसे में हमारी एकजुटता बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि हमें कुंभ से प्रेरणा लेते हुए नदी उत्सव के कार्यक्रम को नया स्वरूप देना होगा। इससे नई पीढ़ी को जल और नदी का महत्व समझ आएगा। नदियों की साफ-सफाई के लिए लोगों को प्रेरणा मिलेगी। recent visitors 37

प्रधानमंत्री ने शहडोल दौरे को किया याद, कहा चार पीढ़ियों से लोग खेल रहे फुटबाल

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकन पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ विस्तार से बातचीत में मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के दौरे की स्मृतियों को साझा की। पॉडकास्ट में पीएम श्री मोदी ने शहडोल जिले के जनजातीय बाहुल्य गांव विचारपुर की चर्चा की। उन्होंने कहा कि शहडोल जिले की यात्रा में उन्हें उस जगह के बारे में पता चला, जहां के निवासियों में फुटबॉल के प्रति अटूट प्रेम है। वे अपने क्षेत्र को मिनी ब्राजील कहते हैं। अमेरिकन पॉडकास्ट में पीएम श्री मोदी ने कहा कि हमारे यहां सेंट्रल पार्ट ऑफ इंडिया में मध्यप्रदेश एक स्टेट है, वहां शहडोल एक जिला है, शहडोल जिला बहुत बड़ा ट्राइबल बेल्ट है, जहां काफी ट्राइबल लोग रहते हैं वहां ट्राइबल महिलाएं स्व-सहायता समूह चलाती हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शहडोल यात्रा में स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों और शहडोल संभाग की फुटबाल क्रांति के प्रणेता खिलाड़ियों से मिलकर चर्चा की और उनका उत्साह बढ़ाया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शहडोल जिले के भ्रमण की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि मैं उनसे बातचीत कर रहा था। शहडोल में देखा कि स्पोर्ट्स की ड्रेस पहने हुए वहां 80 से 100 के करीब नौजवान, छोटे बच्चे, सभी लोग एक ही प्रकार से बैठे थे। मैं उनके पास गया, उनसे पूछा कि आप लोग कहां से हैं? जवाब मिला, हम मिनी ब्राजील से हैं। मैंने खिलाड़ियों से पूछा कि मिनी ब्राजील क्या है? तो खिलाड़ियों ने बताया कि हमारे गांव विचारपुर को लोग मिनी ब्राजील कहते हैं। मैंने फिर पूछा कैसे मिनी ब्राजील कहते हैं? खिलाड़ियों ने बताया कि हमारे गांव में हर परिवार में चार पीढ़ियों से लोग फुटबॉल खेलते आ रहे हैं। गाँव से 80 से अधिक नेशनल प्लेयर निकले हैं। पूरा गाँव फुटबॉल को समर्पित है और वो कहते हैं कि हमारे गांव का इंडिविजुअल मैच जब होता है, तो 20 से 25 हजार दर्शक तो आसपास के गांव से ही आ जाते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत में फुटबॉल का क्रेज इन दिनों बढ़ रहा है, मैं उसके लिए शहडोल के मिनी ब्राजील को शुभ संकेत मानता हूं। इससे टीम स्पिरिट पैदा होती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रोत्साहन के लिये आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे शहडोल ही नहीं पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में फुटबाल को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिये राज्य सरकार की ओर से हरसंभव मदद दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। हमारी खेल अकादमियों के खिलाड़ियों राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। पूर्व कमिश्नर श्री शर्मा ने भी किया प्रोत्साहित शहडोल संभाग में फुटबाल को प्रोत्साहित करने के लिए शहडोल संभाग के पूर्व कमिश्नर श्री राजीव शर्मा की पहल पर फुटबाल खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के प्रयास किये गए है। इसके अपेक्षित परिणाम मिल रहे हैं। शहडोल जिले के ग्राम विचारपुर गांव सहित शहडोल संभाग के लगभग सभी गांवों में फुटबाल क्लबों का गठन किया गया है तथा फुटबाल खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मन की बात में भी हो चुका है जिक्र प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूर्व में भी "मन की बात" कार्यक्रम में भी शहडोल संभाग की फुटबाल क्रांति के संबंध में चर्चा की जा चुकी है, जिससे शहडोल संभाग के फुटबाल खिलाड़ियों में नया उत्साहवर्धन हुआ है।   recent visitors 42

पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख भागवत इस महीने एक ही मंच पर नजर आ सकते है !

नागपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्मृति मंदिर जा सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, 30 मार्च को मराठी नव वर्ष गुड़ी पड़वा पर पीएम मोदी के नागपुर जाने की संभावना है. वहां पीएम मोदी एक कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं और संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ मंच साझा कर सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी माधव नेत्रालय की आधारशिला के कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं. पीएम मोदी स्मृति मंदिर जा सकते हैं. राम मंदिर कार्यक्रम के बाद पहली बार पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख भागवत एक ही मंच पर नजर आएंगे. कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी आरएसएस के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को स्मृति मंदिर में श्रद्धासुमन अर्पित करने जा सकते हैं. पीएम मोदी के दीक्षाभूमि जाने की भी संभावना है. एक दिन पहले ही पीएम मोदी ने अपने पॉडकास्ट में आरएसएस की जमकर प्रशंसा की थी. पीएम मोदी ने कहा था कि आरएसएस से उन्हें जीवन का उद्देश्य मिला. माधव नेत्रालय 5.83 एकड़ पर 517 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा. इसमें 250 बेड होंगे और एक चेरिटी वार्ड भी होगा, जहां नाम मात्र शुल्क पर लोगों को वर्ल्ड क्लास आई केयर की सुविधा दी जाएगी. इसका काम अगले तीन साल में पूरा करने की संभावना है.   recent visitors 33

पीएम मोदी ने गंगा तालाब में प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल का विसर्जन भी किया

पोर्ट लुईस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस की यात्रा के दौरान बुधवार को पवित्र गंगा तालाब के दर्शन किए। उन्होंने इसे एक भावानात्मक अनुभव बताया। प्रधानमंत्री ने हिंद महासागर द्वीपसमूह में सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थल माने जाने वाले गंगा तालाब में पूजा-अर्चना की और प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल का विसर्जन भी किया। पीएम मोदी ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया, "मॉरीशस में पवित्र गंगा तालाब के दर्शन कर भावविभोर हो गया। इसकी पावन जलधारा के किनारे दोनों देशों के बीच के आध्यात्मिक संबंधों को आसानी से महसूस किया जा सकता है। यह सीमाओं से परे है और हमारी कई पीढ़ियों को उनकी जड़ों से जोड़ता है।" गंगा तालाब, जिसे मॉरीशस में ग्रैंड बेसिन के नाम से भी जाना जाता है, एक क्रेटर झील है, जो समुद्र तल से लगभग 550 मीटर ऊपर है। यह सावेन के पहाड़ी दक्षिण-पश्चिमी जिले में स्थित है। इसके तट पर मंदिर भी स्थित है। स्थानीय लोगों का मानना ​​है कि इस स्थान की खोज 1897 के आसपास एक हिंदू पुजारी ने की थी। 1970 के दशक में, भारत से एक अन्य पुजारी गंगा से पवित्र जल लेकर आए और पवित्र जल को झील में डाला, इस प्रकार इसका नाम 'गंगा तालाब' रखा गया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में दूसरी बार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह के दौरान उन्हें मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में भाग लेने के बाद एक्स पर लिखा, "मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मॉरीशस के लोगों को निरंतर समृद्धि और सफलता की शुभकामनाएं देता हूं, साथ ही हम अपने देशों के बीच गहरे संबंधों को भी मजबूत करते हैं।" यह दूसरी बार है जब पीएम मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल हुए। वह इससे पहले 2015 में इस समारोह में शामिल हो चुके थे। समारोह के दौरान मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने प्रधानमंत्री मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन' (जीसीएसके) से सम्मानित किया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय नेता को यह सम्मान मिला। यह किसी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया जाने वाला 21वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी है। recent visitors 58

पीएम मोदी को मॉरीशस सरकार ने अपना सबसे बड़ा नागरिक सम्मान दिया, सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय बने

मॉरीशस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मॉरीशस सरकार ने अपना सबसे बड़ा नागरिक सम्मान 'द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन' से नवाजा है। पीएम मोदी इस प्रतिष्ठित सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय बने हैं। गौरतलब है कि यह पीएम मोदी को किसी देश द्वारा दिया गया 21वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। सम्मान पर क्या बोले पीएम मोदी इस सम्मान को स्वीकार करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "मैं इसे विनम्रता से स्वीकार करता हूं। यह सम्मान भारत और मॉरिशस के गहरे रिश्तों का सम्मान है। यह उन भारतीयों का भी सम्मान है, जिन्होंने पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस धरती की सेवा की और इसे ऊंचाइयों तक पहुंचाया। मैं मॉरिशस की जनता और सरकार का तहेदिल से आभार व्यक्त करता हूं।" पीएम मोदी ने याद किया कि 10 साल पहले इसी तारीख को वे मॉरिशस आए थे। उन्होंने कहा, "तब भारत में होली बीते हफ्ता भर हुआ था, और मैं अपने साथ भगवा की उमंग लेकर आया था। इस बार होली के रंग अपने साथ लेकर जाऊंगा।" उन्होंने अपने अंदाज में होली का जिक्र करते हुए कहा, "राम के हाथे ढोलक सोहे, लक्ष्मण हाथ मंजीरा, भरत के हाथ कनक पिचकारी, शत्रुघ्न हाथ अबीरा… जोगीरा!" पीएम मोदी ने भारत और मॉरिशस के ऐतिहासिक संबंधों को मिठास से जोड़ा और बताया कि एक जमाने में भारत में मिठाई बनाने के लिए चीनी मॉरिशस से आती थी। इसी वजह से गुजरात में चीनी को मॉरस भी कहा जाता है। उन्होंने कहा, "समय के साथ भारत और मॉरिशस के रिश्तों में यह मिठास और बढ़ती जा रही है।" मॉरिशस में भारत की खुशबू हर तरफ: पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि जब भी वे मॉरिशस आते हैं, उन्हें अपनों के बीच होने का एहसास होता है। उन्होंने कहा, "यहां की हवा, मिट्टी और पानी में अपनापन महसूस होता है। गीत-गवाई में, ढोलक की थाप में और गातो पिमा (मॉरिशस की पारंपरिक डिश) में भारत की खुशबू है।" पीएम मोदी ने मॉरिशस के प्रधानमंत्री नवीनराम गुलाम और उनकी कैबिनेट का आभार जताते हुए मॉरिशस की जनता को राष्ट्रीय दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा, "हम सब एक परिवार हैं, और यह रिश्ता हमेशा मजबूत रहेगा।" recent visitors 44

मॉरीशस में भोजपुरी भाषा की महत्वपूर्ण मौजूदगी पर भी खुशी जाहिर की, पीएम मोदी ने बताया-गौरव की बात

पोर्ट लुईस पीएम मोदी ने कहा कि वह मॉरीशस में अविस्मरणीय स्वागत से बहुत अभिभूत है। उन्होंने मॉरीशस में भोजपुरी भाषा की महत्वपूर्ण मौजूदगी पर भी खुशी जाहिर की। पीएम मोदी ने पोर्ट लुईस पहुंचने के बाद एक्स पर हिंदी और भोजपूरी भाषा में पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "मॉरीशस में अविस्मरणीय स्वागत से बहुत अभिभूत हूं। यहां की संस्कृति में भारतीयता किस तरह रची-बसी है, उसकी पूरी झलक 'गीत-गवई' में देखने को मिली। हमारी भोजपुरी भाषा मॉरीशस में जिस तरह से फल-फूल रही है, वह हर किसी को गौरवान्वित करने वाली है।" वहीं भोजपुरी भाषा में उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, "मॉरीशस में यादगार स्वागत भइल। सबसे खास रहल गहिरा सांस्कृतिक जुड़ाव, जवन गीत – गवई के प्रदर्शन में देखे के मिलल। ई सराहनीय बा कि महान भोजपुरी भाषा मॉरीशस के संस्कृति में आजुओ फलत-फूलत बा और मॉरीशस के संस्कृति में अबहियो जीवंत बा।" इससे पहले सर शिवसागर रामगुलाम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने पीएम मोदी का माला पहनाकर स्वागत किया। भारतीय समुदाय की तरफ से पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। समुदाय की महिलाओं ने ‘गीत गवई’ नामक पारंपरिक बिहारी सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से उनका सम्मान किया। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "मॉरीशस में भारतीय समुदाय द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत से मैं बहुत प्रभावित हूं। भारतीय विरासत, संस्कृति और मूल्यों से उनका गहरा जुड़ाव वाकई प्रेरणादायक है। इतिहास और दिल का यह बंधन पीढ़ियों से चला आ रहा है।" प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को देश के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारतीय नौसेना के एक जहाज के साथ भारतीय रक्षा बलों की एक टुकड़ी भी समारोह में भाग लेगी। यह प्रधानमंत्री मोदी की 2015 के बाद पहली मॉरीशस यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी की वर्तमान यात्रा से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।   recent visitors 39