नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज महिलाओं से प्रेरणा लेने और कुछ सीखने का दिन है

 नवसारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), महिला दिवस के मौके पर गुजरात के नवसारी पहुंचे हैं. उन्होंने यहां पर महिलाओं को संबोधित किया. नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज महिलाओं से प्रेरणा लेने और कुछ सीखने का दिन है. इस दिन मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैं दुनिया का सबसे धनवान व्यक्ति हूं क्योंकि मेरी जिंदगी के अकाउंट में करोड़ों माताओं-बहनों का आशीर्वाद है, जो निरंतर बढ़ता जा रहा है." प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "हमारे शास्त्रों में नारी को नारायणी कहा गया है. नारी का सम्मान समाज और देश के विकास की पहली सीढ़ी होती है, इसलिए विकसित भारत बनाने के लिए, भारत के तेज विकास के लिए आज भारत वीमेन लैंड डेवलप्मेंट की राह पर चल चुकी है. 'करोड़ों महिलाओं का सम्मान बढ़ाया…' नरेंद्र मोदी ने कहा, "2014 के बाद से अब तक करीब 3 करोड़ महिलाएं घर की मालकिन बन चुकी हैं. आज पूरी दुनिया में जल जीवन मिशन की भी बड़ी चर्चा है. जल जीवन मिशन के जरिए आज देश के गांव-गांव में पानी पहुंच रहा है." उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के जीवन में सम्मान और सुविधा दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. हमने करोड़ों महिलाओं के लिए शौचालय बनवाकर उनका सम्मान बढ़ाया. पीएम मोदी ने कहा, "हमने करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खुलवाकर उन्हें बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा, उज्ज्वला सिलेंडर देकर धुएं जैसी तकलीफ से बचाया. तीन तलाक के खिलाफ सख्त कानून बनाकर हमारी सरकार ने लाखों मुस्लिम बहनों का जीवन तबाह होने से बचाया. जब कश्मीर में आर्टिकल 370 लागू था, तो वहां की बहनें-बेटियां कई अधिकारों से वंचित थीं. अगर वो राज्य के बाहर किसी से शादी कर लेती थी, तो पुश्तैनी संपत्ति पाने का उनका अधिकार छिन जाता था." उन्होंने आगे कहा कि आर्टिकल 370 की दीवार गिरने के बाद जम्म-कश्मीर में भी महिलाओं को वे सारे अधिकार मिले हैं, जो भारत की बेटियों-बहनों को मिलते हैं. '2014 के बाद ही…' नरेंद्र मोदी ने कहा, "राजनीति का मैदान हो या खेल का मैदान, न्यायपालिका हो या फिर पुलिस, देश हर सेक्टर में महिलाओं का परचम लहरा रहा है. 2014 के बाद से देश के महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं की भागीदारी बहुत तेजी से बढ़ी है. 2014 के बाद ही केंद्र सरकार में सबसे ज्यादा महिला मंत्री बनीं. संसद में भी महिलाओं की मौजूदगी में बड़ा इजाफा हुआ. 18वीं लोकसभा में 74 महिला सांसद लोकसभा का हिस्सा हैं. न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी उतनी ही बढ़ी है." उन्होंने कहा कि कई राज्यों में सिविल जज के तौर पर नई भर्तियों में पच्चास फीसदी या उससे ज्यादा हमारी बेटियां चुनकर आई हैं. आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईको सिस्टम है. इनमें महिला निवेशकों की भूमिका है. पीएम मोदी ने कहा, "गांधी जी कहते थे कि देश की आत्मा ग्रामीण भारत में बसती है. आज मैं उसमें एक पंक्ति और जोड़ता हूं कि ग्रामीण भारत की आत्मा ग्रामीण नारी के सशक्तिकरण में बसती है. इसलिए हमारी सरकार ने महिलाओं के अधिकारों को, महिलाओं के लिए नए अवसरों को बड़ी प्राथमिकता दी है."   recent visitors 52

पीएम मोदी ने मां गंगा के शीतकालीन निवास स्थल मुखवा में पूजा-अर्चना की, कहा- 60-70 साल रहे खाली

देहरादून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को उत्तराखंड के उत्तरकाशी पहुंचे। यहां पीएम ने मां गंगा के शीतकालीन निवास स्थल मुखवा में पूजा-अर्चना की। इसके बाद पीएम ने हर्षिल में एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान अत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई ऐलान किए। पीएम ने चीन सीमा के उन दो गांवों को भी बसाने और वहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की चर्चा की। पीएम ने कहा कि 1962 में चीन के हमले के बाद खाली कराए गए दोनों गांव 60-70 साल तक खाली रहे। पीएम मोदी ने कहा, 'देशवासियों को पता होगा, शायद नहीं पता होगा। 1962 में जब चाइना ने भारत पर आक्रमण किया तब दो गांव खाली करा दिए गए थे। 60-70 साल हो गए। लोग भूल गए, हम नहीं भूल सकते। हमने उन दो गांवों को फिर से बसाने का अभियान चलाया है। बहुत बड़ा पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।' पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या एक दशक में तेजी से बढ़ी है।' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आर्थिक सुस्ती को दूर करने के लिए बारहमासी पर्यटन पर जोर दिया जिससे हर सीजन 'ऑन सीजन' रहे । प्रधानमंत्री ने कहा, 'अपने पर्यटन क्षेत्र को विविधतापूर्ण बनाना और उसे बारहमासी बनाना उत्तराखंड के लिए बहुत जरूरी है।' उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उत्तराखंड में पर्यटन के लिहाज से कोई भी सीजन 'ऑफ सीजन' न हो और हर सीजन 'ऑन सीजन' रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी पहाड़ों में मार्च, अप्रैल और जून में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं लेकिन उसके बाद इनकी संख्या कम हो जाती है। उन्होंने कहा, 'सर्दियों में होमस्टे और होटल खाली पड़े रहते हैं । यह असंतुलन उत्तराखंड में साल के एक बड़े हिस्से में आर्थिक सुस्ती ला देता है।' मोदी ने कहा कि अगर सर्दियों में देश-विदेश के लोग प्रदेश में आएं तो उन्हें उत्तराखंड की वास्तविक आभा मिलेगी और ट्रेकिंग और स्कींइंग उन्हें रोमांचित कर देगा। उन्होंने कहा कि सर्दियों में उत्तराखंड की धूप खास होती है जब मैदानी इलाकों में कोहरा होता है। उन्होंने कॉर्पोरेट जगत से भी अपील की कि सर्दियों में अपनी मीटिंग-कॉन्फ्रेंस उत्तराखंड में करें। recent visitors 47

पीएम मोदी आज दोपहर सोमनाथ महादेव का दर्शन करने के बाद मंदिर के ट्रस्टियों के साथ विकास कार्यों की चर्चा करेंगे

जामनगर गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर जामनगर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार सुबह रिलायंस रिफाइनरी परिसर स्थित वनतारा पहुंचे हैं। दोपहर बाद यहां से वे सोमनाथ महादेव का दर्शन करने हेलिकॉप्टर से सोमनाथ जाएंगे। शाम को वे सासण गिर जाएंगे, जहां रात्रि विश्राम के बाद सोमवार सुबह राजकोट जाएंगे और यहां से वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार दोपहर सोमनाथ महादेव का दर्शन करने के बाद मंदिर के ट्रस्टियों के साथ विकास कार्यों की चर्चा करेंगे। वे 27 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हाट बाजार और शॉपिंग सेंटर का लोकार्पण करेंगे। वे सोमनाथ मॉडल बस स्टैंड का भूमिपूजन करेंगे। इससे पहले शनिवार को तीन दिवसीय दौरे पर गुजरात पहुंचे प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। जामनगर एयरपोर्ट से पायलट बंगला तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रोड शो आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए आतुरता के साथ सड़क के दोनों किनारे खड़े रहे। प्रधानमंत्री शनिवार रात जामनगर सर्किट हाउस में विश्राम के बाद रविवार सुबह रिलायंस रिफाइनरी परिसर में स्थित वनतारा पहुंचे हैं। रिलायन्स इंडस्ट्रीज और रिलायंस फाउंडेशन की ओर से अनंत अंबानी के ड्रीम प्रोजेक्ट वनतारा (स्टार ऑफ फॉरेस्ट प्रोग्राम) लॉन्च किया गया था। इस प्रोग्राम के तहत देश और विदेशों के घायल प्राणियों के बचाव, इलाज समेत देखभाल और पुनर्वसन का काम किया जा रहा है। रिलायन्स की जामनगर रिफाइनरी परिसर में करीब 3 हजार एकड़ ग्रीन बेल्ट में रेस्क्यू सेंटर फैला हुआ है। recent visitors 45

मीडिया इवेंट में पीएम मोदी ने कहा- दुनिया 21वीं सदी के भारत को देख रही, पहले बैक ऑफिस के रूप में देखा जाता था

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत दुनिया की नई फैक्ट्री और अनंत इनोवेशन की भूमि के रूप में उभर रहा है। देश की राजधानी में एक मीडिया इवेंट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया 21वीं सदी के भारत को देख रही है और सीखना एवं समझना चाहती है कि कैसे देश सेमीकंडक्टर से लेकर एयरक्राफ्ट कैरियर मैन्युफैक्चर कर रहा है। भारत को पहले बैक ऑफिस के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब भारत दुनिया की नई फैक्ट्री के रूप में उभर रहा है। हमारा देश केवल वर्कफोर्स नहीं रहा है, बल्कि वर्ल्ड फोर्स बन गया है। उन्होंने आगे कहा कि देश जो एक समय काफी सारे उत्पादों का आयात करता था, अब बड़ा निर्यातक बन गया है। भारत द्वारा हल्दी से लेकर कॉफी और मिलेट्स से लेकर मखाना तक का निर्यात किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, देश के मोबाइल फोन, डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों और दवाइयों को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल रही है। उन्होंने कहा, "भारत न केवल दुनिया को उत्पाद उपलब्ध करा रहा है बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक विश्वसनीय भागीदार भी बन रहा है।" प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बताया, "वर्षों की कड़ी मेहनत और व्यवस्थित नीतिगत निर्णयों के कारण भारत अब कई वैश्विक पहलों का नेतृत्व कर रहा है।" इसमें फ्रांस में हालिया एआई एक्शन शिखर सम्मेलन शामिल है, जहां भारत सह-मेजबान था और अब इसकी मेजबानी भी करेगा। उन्होंने आगे कहा कि देश ने अपनी अध्यक्षता के दौरान सफल जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर को एक नए आर्थिक मार्ग के रूप में पेश किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत किफायती, सुलभ और आसानी से अपनाए जाने वाले सॉल्यूशंस भी बना रहा है। इसमें सुरक्षित और कम लागत वाला डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) और घातक कोविड-19 महामारी के दौरान टीके शामिल हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने भारत के ऑटोमोबाइल, स्पेस और उभरते हुए सेक्टर जैसे एआई के बारे में भी बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत अगले 25 वर्षों में एक विकसित राष्ट्र बनने की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।" recent visitors 58

पीएम मोदी ने महाकुंभ पर लिखा ब्लॉग में कहा- ‘हे मां गंगा अगर सेवा में कुछ कमी रह गई हो तो माफ करना’

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विशाल महाकुंभ समागम की तुलना गुलामी की मानसिकता की बेड़ियों को तोड़कर स्वतंत्र रूप से सांस लेने वाले राष्ट्र की नई जागृत चेतना से की। महाकुंभ के समापन के एक दिन बाद उन्होंने एक ब्लॉग में लिखा, "महाकुंभ समाप्त हो गया है। एकता का 'महायज्ञ' संपन्न हो गया है।" उन्होंने कहा कि देश को अब 'विकसित भारत' के लक्ष्य को पूरा करने के लिए आत्मविश्वास और एकता की इसी भावना के साथ आगे बढ़ना है। मोदी ने कहा कि संगम में जितनी उम्मीद थी, उससे कहीं अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। उन्होंने कहा कि भारत अब नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है और यह युग परिवर्तन की ओर इशारा करता है जो भारत के लिए एक नया भविष्य लिखेगा। प्रधानमंत्री ने सेवाओं में कमी के लिए क्षमा मांगी प्रधानमंत्री ने "माँ गंगा, माँ यमुना, माँ सरस्वती" के साथ-साथ लोगों से, जिन्हें उन्होंने भगवान का रूप बताया, सेवाओं में किसी भी कमी के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी व्यवस्था करना आसान नहीं था। महाकुंभ में भगदड़ के दौरान कम से कम 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जिसमें देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि 13 जनवरी को महाकुंभ शुरू होने के बाद से प्रयागराज में 65 करोड़ से अधिक लोग पवित्र स्थल पर आए हैं। पीएम मोदी ने ब्लॉग में सीएम योगी की प्रशंसा की अपने ब्लॉग में मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के सांसद के रूप में वह गर्व से कह सकते हैं कि आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार, प्रशासन और लोगों ने सामूहिक रूप से इस "एकता के महाकुंभ" को सफल बनाया। उन्होंने प्रयागराज के निवासियों की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी, पुलिस कर्मी, नाविक, ड्राइवर और रसोइया सभी ने भक्ति और सेवा की भावना के साथ अथक परिश्रम करके इसे सफल बनाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले कुछ दशकों में जो कभी नहीं हुआ, वह इस बार हुआ। उन्होंने कहा, "इसने आने वाली कई शताब्दियों की नींव रखी है।" मोदी ने कहा कि महाकुंभ का आयोजन प्रबंधन पेशेवरों, योजना और नीति विशेषज्ञों के लिए एक अध्ययन का विषय बन गया है, क्योंकि दुनिया में इस तरह के विशाल आयोजन का कोई दूसरा उदाहरण नहीं है। उन्होंने कहा, "जब किसी राष्ट्र की चेतना जागृत होती है, जब वह सैकड़ों वर्षों की गुलामी की सभी बेड़ियों को तोड़कर एक नई चेतना के साथ सांस लेती है, तो ऐसा नजारा सामने आता है, जैसा हमने 13 जनवरी के बाद प्रयागराज में एकता के महाकुंभ में देखा।" मोदी ने कहा कि महाकुंभ की परंपरा हजारों वर्षों से भारत की राष्ट्रीय चेतना को पुनर्जीवित करती रही है, देश और समाज को नए रास्ते सुझाती रही है। महाकुंभ ने भारत की विकास यात्रा में एक नए अध्याय का संदेश दिया उन्होंने कहा, "इस बार इस तरह का महाकुंभ 144 वर्षों के बाद आया है और इसने भारत की विकास यात्रा में एक नए अध्याय का संदेश दिया है। यह संदेश 'विकसित भारत' का है।" उन्होंने कहा कि महाकुंभ में विदेश सहित हर क्षेत्र, जाति और विचारधारा के लोग एक थे, उन्होंने लोगों से 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए इसी तरह एक साथ आने का आह्वान किया। मोदी ने कहा कि एक समय में 140 करोड़ देशवासियों की आस्था इस पर्व से जुड़ी थी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या ने निश्चित रूप से एक रिकॉर्ड बनाया है क्योंकि अमेरिका की आबादी से लगभग दोगुने लोगों ने इस पवित्र स्नान में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पिछले कुंभों के अनुभव के आधार पर अपना अनुमान लगाया था। उन्होंने कहा कि वास्तविक संख्या अनुमान से कहीं अधिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा श्रद्धालुओं को पवित्र समागम में शामिल होते देखना उनके लिए बहुत सुखद अनुभव था। उन्होंने कहा, "इससे यह विश्वास बढ़ता है कि भारत की युवा पीढ़ी हमारे मूल्यों और संस्कृति की वाहक है और इसे आगे बढ़ाने में अपनी जिम्मेदारी समझती है। वे इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रयागराज की यह तीर्थयात्रा एकता और सद्भाव का संदेश देती है। उन्होंने महाकाव्य रामायण की एक घटना का जिक्र किया जिसमें नाविक राजा निषाद राज ने उत्तर प्रदेश के शहर के आसपास के एक स्थान पर भगवान राम से मुलाकात की थी। आनंदित लोगों के दृश्य को कभी नहीं भूल सकते प्रधानमंत्री ने कहा कि करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु बिना किसी आमंत्रण के पवित्र संगम पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह वहां स्नान करने के बाद आनंदित लोगों के दृश्य को कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि महिलाएं हों, बुजुर्ग हों या दिव्यांग, हर कोई अपने साधन से यहां आया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से श्रद्धालुओं का उनके घर लौटने पर श्रद्धा के साथ स्वागत किया गया, वह भी यादगार है। मोदी ने कहा कि इस बड़े आयोजन ने नदियों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के उनके संकल्प को मजबूत किया है, चाहे वह बड़ी हो या छोटी। उन्होंने कहा कि गंगा, यमुना या किसी भी अन्य नदी की पवित्रता लोगों की जीवन यात्रा से जुड़ी है।   recent visitors 49

असम की अर्थव्यवस्था 6 लाख करोड़ रुपए तक पहुंची, यह डबल इंजन सरकार के प्रभाव को दर्शाता है: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुवाहाटी में एडवांटेज असम 2.0 निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर शिखर सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भाजपा शासन में असम की अर्थव्यवस्था दोगुनी होकर 6 लाख करोड़ रुपए हो गई है। उन्होंने कहा कि यह "डबल इंजन" सरकार के प्रभाव को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर की भूमि एक नए भविष्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने एडवांटेज असम पहल को असम की क्षमता और प्रगति से दुनिया को जोड़ने का एक भव्य अभियान बताया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से पूर्वी भारत ने भारत की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अब, जब भारत विकास की ओर बढ़ रहा है, तो पूर्वोत्तर अपनी ताकत दिखाने के लिए तैयार है। विशेषज्ञ भारत के तेज़ विकास को लेकर आश्वस्त पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपनी स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत कर रहा है और विभिन्न वैश्विक क्षेत्रों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर रहा है। उन्होंने पूर्वी एशिया के साथ बढ़ती कनेक्टिविटी और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे के उभरने का उल्लेख किया, जो कई अवसरों को खोलता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, कई विशेषज्ञ भारत के तेज़ विकास को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने इस आत्मविश्वास का श्रेय भारत की युवा और तेज़ी से कौशल प्राप्त करने वाली आबादी, इसके नए मध्यम वर्ग की बढ़ती आकांक्षाओं और देश के 140 करोड़ लोगों से राजनीतिक स्थिरता और नीतिगत निरंतरता के लिए समर्थन को दिया। उन्होंने सरकार के सुधारों और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत करने की प्रशंसा की। रेल बजट में हुई वृद्धि पर भी प्रकाश डाला उन्होंने असम के बढ़ते योगदान पर जोर देते हुए कहा कि 2018 में एडवांटेज असम का पहला संस्करण लॉन्च किया गया था, जब राज्य की अर्थव्यवस्था लगभग 2.75 लाख करोड़ रुपए थी। अब यह बढ़कर 6 लाख करोड़ रुपए हो गई है, जो भाजपा शासन के तहत छह साल में अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का प्रदर्शन करती है, जो डबल इंजन सरकार की सफलता को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने असम के रेल बजट में हुई वृद्धि पर भी प्रकाश डाला, जो 2009 से 2014 के बीच औसतन 2,100 करोड़ रुपए से बढ़कर वर्तमान सरकार के तहत 10,000 करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे, उद्योग और नवाचार में महत्वपूर्ण निवेश कर रही है, जो भारत की प्रगति की नींव के रूप में काम करते हैं। मिशन मोड पर काम कर रहा भारत प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत "मेक इन इंडिया" पहल के तहत अपने विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मिशन मोड पर काम कर रहा है, जिससे कम लागत वाले विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि असम ने 2030 तक 143 बिलियन अमरीकी डॉलर का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, और उन्होंने राज्य के लोगों की क्षमता और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के कारण इस लक्ष्य को प्राप्त करने की राज्य की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने यह कहते हुए समापन किया कि असम दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत के बीच एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है। इस क्षमता को बढ़ाने के लिए सरकार ने उत्तर-पूर्व औद्योगिकीकरण परिवर्तन योजना, 'उन्नति' शुरू की है। प्रधानमंत्री ने असम के चाय उद्योग को राज्य की क्षमता का एक उदाहरण बताया। 200 साल पूरे करने के बाद, असम चाय राज्य को अन्य क्षेत्रों में भी उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करती है।   recent visitors 55

व्हाइट हाउस में मोदी-ट्रंप की जुगलबंदी दिखी, कुर्सी पर बिठाना हो या गले लगकर कहना- आप याद आए

वॉशिंगटन ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें ‘अवर जर्नी टुगेदर’ पुस्तक भेंट की। किताब में पीएम मोदी और ट्रंप की दोस्ती की पुरानी यादें संकलित हैं। इसमें ट्रंप के भारत दौरे की अहम यादें भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में हुई वार्ता में अमेरिकी राष्ट्रपति ने मोदी को जमकर सराहा। उन्होंने कई मुद्दों पर भारत के रुख को गंभीरता से समझने की कोशिश की। इस दौरान दोनों की दोस्ती और जुगलबंदी भी देखने को मिली। फिर चाहे पीएम मोदी को कुर्सी पर बिठाना हो या फिर गले लगकर कहना कि आपकी बहुत याद आई। ट्रंप ने मोदी को उपहार के रूप में एक किताब भी दी। इस किताब के पहले पन्ने पर लिखा था- मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, यू आर ग्रेट। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे कहीं ज्यादा कठोर वार्ताकार हैं। उनसे कोई मुकाबला ही नहीं है। बातचीत या समझौते को लेकर ट्रंप ने मोदी को खुद से कहीं ज्यादा सख्त और बेतहर बताया। पीएम मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि उनमें से कौन आज ज्यादा सख्त मोलभाव कर सकता है तो ट्रंप ने कहा, 'पीएम नरेंद्र मोदी मुझसे कहीं ज्यादा सख्त मोलभाव करने वाले हैं और वह मुझसे कहीं ज्यादा बेहतर वार्ताकार हैं। कोई मुकाबला ही नहीं है।   मस्क से की मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क से मुलाकात की। इस दौरान अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की गई। बैठक में भारत और अमेरिका में सुशासन के प्रयासों पर विचारों का भी आदान-प्रदान किया गया। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने मस्क को अपने प्रशासन के नवगठित सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) का प्रमुख चुना था। बैठक के लिए मस्क अपने तीन छोटे बच्चों समेत परिवार के साथ ब्लेयर हाउस पहुंचे थे।   पाकिस्तान से 26/11 हमलों के दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने का आह्वान प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप ने पाकिस्तान से आह्वान किया कि वह 26/11 के मुंबई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाने के लिए अपने प्रयास में तेजी लाए। ट्रंप ने इस नृशंस हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को भारत को प्रत्यर्पित करने को मंजूरी देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, 'वह न्याय का सामना करने के लिए भारत वापस जा रहा है। हम उसे तुरंत भारत वापस भेज रहे हैं और इस तरह के और प्रत्यर्पण हो सकते हैं क्योंकि हमारे पास भारत से काफी अनुरोध हैं।'   असैन्य परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमत प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप ने 16 साल पहले दोनों देशों के बीच हुए ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते के तहत भारत में अमेरिकी डिजाइन वाले परमाणु रिएक्टरों के निर्माण को सुविधाजनक बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। ट्रंप और मोदी ने अपनी बातचीत में ऊर्जा सहयोग को उल्लेखनीय रूप से आगे बढ़ाने का फैसला किया।   भारत को मिलेंगे एफ-35 लड़ाकू विमान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा और ऊर्जा समेत अन्य रणनीतिक संबंधों को व्यापक बनाने की दिशा में बड़ी छलांग लगाने का ऐलान करते हुए कहा कि वाशिंगटन भारत को अत्याधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान देगा। ट्रंप ने कहा कि भारत व्यापार घाटे को कम करने के लिए अमेरिका से एफ-35 लड़ाकू विमानों सहित अधिक तेल, गैस और सैन्य उपकरण खरीदेगा, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन जवाबी शुल्क से भारत को नहीं बख्शेगा।   ‘अवर जर्नी टुगेदर’ के जरिए याद किए अपनी दोस्ती के पल ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें ‘अवर जर्नी टुगेदर’ पुस्तक भेंट की। किताब में पीएम मोदी और ट्रंप की दोस्ती की पुरानी यादें संकलित हैं। इसमें ट्रंप के भारत दौरे की अहम यादें भी शामिल हैं। किताब में अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे पर आयोजित किए गए 'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम की शानदार तस्वीरें संजोई गईं हैं। किताब में ट्रंप और मेलानिया की भी तस्वीरें हैं, जब दोनों ने आगरा का दौरा किया था और ताज का दीदार किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मुझे खुशी है कि यहां प्रवेश करते ही मेरे मित्र ने मुझे पुरानी अहमदाबाद के क्रिकेट स्टेडियम की याद दिलाई recent visitors 41