किरण करकेट्टा ने “मैं भी हूं अभिमन्यु” अभियान का शुभारंभ किया, पूरे जिले में आगामी 9 अक्टूबर तक जारी रहेगा

शहडोल  मध्य प्रदेश की शहडोल पुलिस द्वारा महिला उत्पीड़न को रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिसका शुभारंभ शहडोल रेंज डीआईजी सविता सुहाने और एआईजी पुलिस मुख्यालय भोपाल किरण करकेट्टा द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम में “मैं भी हूं अभिमन्यु” अभियान का शुभारंभ किया गया जोकि पूरे जिले में आगामी 9 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और बच्चों में लैंगिक समानता और महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना जागृत करना है। अभियान का उद्देश्य इसके अलावा, इसका उद्देश्य महिलाओं के प्रति विशेष सम्मान, महिला अपराधों के प्रति संवेदनशील बनाना, शिक्षा के माध्यम से विभिन्न अपराधों की जानकारी देना, उनके दुष्परिणाम से अवगत कराना, समय-समय पर बच्चों को क्रियाकलापों का आकलन करना, दुष्परिणाम से अवगत कराना, प्रारंभिक अवस्था में प्रत्येक महिला के प्रति सम्मान और आदर की दृष्टिकोण रखते हुए प्रोत्साहित करना, युवा वर्ग को महिला अधिकारियों के प्रति अवगत करना, महिलाओं को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता, वर्तमान में तकनीक के माध्यम से समाज में अश्लीलता को दूर करना है। इन लोगों की सहभागिता इस अभियान को स्कूल, कॉलेज के छात्र-शिक्षक, झुग्गी बस्ती, मजदूर वर्ग, कंडक्टर/ड्राइवर, सरकारी संस्थाएं के लिए लक्षित किया गया है। साथ ही, वाद-विवाद प्रतियोगिता, संगोष्ठी, नुक्कड़ नाटक, स्लोगन, समूह चर्चा, लघु फिल्म का प्रदर्शन और मैराथन दौड़ का आयोजन भी किया जाएगा। इसके तहत, प्रतिभागियों को टी-शर्ट वितरित किया जाएगा। बता दें कि इस अभियान में स्कूल और शिक्षा विभाग, खेल और युवा कल्याण विभाग, संस्कृति विभाग, पर्यटन विभाग, पंचायत और ग्रामीण विकास परिवहन विभाग, महिला और बाल विकास विभाग सहित एनजीओ शामिल है। recent visitors 170

आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को रोकने पुलिस नई पहल की शुरुआत करने जा रही

इंदौर आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस नई पहल की शुरुआत करने जा रही है। इसमें गूगल, डॉक्टर और काउंसलर की सहायता ली जाएगी। आयुक्त राकेश गुप्ता ने पिछले तीन वर्षों के आंकड़े निकलवाए हैं। इनके आधार पर इंटेलिजेंस से आत्महत्या करने वालों की उम्र, स्थान, कारण का विश्लेषण करवाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून) अमित सिंह के मुताबिक, इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा शिक्षा केंद्र है। देशभर के छात्र-छात्राएं कालेज और कोचिंग संस्थानों में पढ़ने आते हैं। कई बार पढ़ाई और स्वजन के दबाव में भी बच्चे आत्महत्या कर लेते हैं। पिछली घटनाओं में देखा गया कि कई लोगों ने आत्महत्या के पूर्व गूगल सर्च इंजन से जानकारी जुटाई थी। लिहाजा गूगल से करार किया जाएगा। जब भी कोई व्यक्ति तनाव, आत्महत्या की मंशा व्यक्त करने, स्वयं को नुकसान पहुंचाने और उससे जुड़े फोटो-वीडियो सर्च करेगा, गूगल तुरंत पुलिस को खबर करेगा। साइबर एक्सपर्ट मोबाइल नंबर और फोन के आधार पर उस व्यक्ति तक पहुंच सकेंगे। एडी. सीपी के मुताबिक, पुलिस मनोचिकित्सकों और काउंसलर से भी संपर्क में रहेगी। डॉक्टर से ऐसे लोगों का ब्योरा साझा करेगी, जो लगातार अवसाद में चल रहे हैं, उनके अंदर बार-बार आत्महत्या का भाव आता है। ऐसे लोगों को स्वजन और काउंसलर की मदद से समझाया जाएगा। अकेला छोड़ने पर हुईं घटनाएं एडी. सीपी अमित सिंह के मुताबिक, पिछली कुछ घटनाओं में देखा गया कि अवसाद का उपचार कर रहे कुछ लोगों ने अकेला छोड़ते ही आत्महत्या कर ली। एक युवती का उपचार कर रहे डॉक्टर ने दवाओं के साथ-साथ अकेला न छोड़ने के बारे में भी लिखा था। खरगोन के एक एएसआई ने भी अकेले में आत्महत्या कर ली थी। जबकि वह आत्महत्या के एक मामले की जांच करने गया था। ऐसे में डॉक्टर से अवसाद के मरीजों का डेटा लेकर काउंसलिंग की जाएगी। मेटा से मिलता है साइबर सेल को अलर्ट मेटा (फेसबुक) से पुलिस को अलर्ट मिलता है। जब भी कोई व्यक्ति आत्महत्या करने के बारे में मैसेज, फोटो और वीडियो साझा करता है तो मेटा साइबर सेल को अलर्ट कर देता है। पुलिस अब गूगल की सहायता लेकर घटनाएं रोकेगी। recent visitors 61

छिंदवाड़ा में कांग्रेस नेता पर 5 करोड़ की ठगी का आरोप, 16 लोगों की शिकायत पर मामला दर्ज

छिंदवाड़ा  फिल्मों में पैसा इन्वेस्ट करने वाली कंपनी में पैसा डबल करने का झांसा देकर कांग्रेस नेता ने 5 करोड़ से ज्यादा की ठगी कर ली। इस मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेता के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। फिलहाल 16 लोगों की शिकायत पर 23 लाख रुपए की धोखाधड़ी को शामिल किया गया है। मामले की जांच जारी है। एसपी को सौंपी थी जांच गौरतलब है कि सितंबर 2023 में 5 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया था। 574 लोगों ने सिंगापुर की जोयटरोप कंपनी का काम करने वाले खैरीभुताई निवासी परेश सक्सेना के खिलाफ शिकायत की थी। तत्कालीन एसपी को इस मामले की जांच सौंपी गई थी। 16 लोगों की शिकायत पर मामला दर्ज इस मामले में एक साल बाद 30 सितंबर 2024 को धरमटेकड़ी चौकी पुलिस ने 23 लाख 20 हजार 120 रुपए की ठगी का शिकार हुए 16 लोगों की शिकायत पर परेश सक्सेना के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज किया है। बताया जाता है कि जांच के बाद अन्य पीड़ितों की शिकायत और ठगी की रकम को भी जोड़ा जाएगा। यह था मामला पीड़ितों का आरोप है कि सिंगापुर की जिस जोयटरोप कंपनी में पैसा डबल करने का झांसा दिया गया था, आरोपी उस कंपनी में खुद को टीम लीडर बताता था। कंपनी के डायरेक्टर से सीधे संपर्क होने का झांसा देकर यह रकम ठगी गई थी। फेसबुक, यूट्यूब में इसके चैनल होने और फिल्मों में फायनेंस करने का भी झांसा दिया गया था। सरपंच, पूर्व सरपंच और नेताओं समेत 574 लोगों का लगा पैसा ऑनलाइन एप में ग्राम खैरी भुताई, चन्हिया कला, चन्हिया खुर्द, बोहनाखैरी, सारना, पांजरा, बनगांव, जमुनिया, पिपरिया बीरसा, माचागोरा, चांद, चौरई और छिंदवाड़ा के कुल 574 लोगों के एप में रुपए लगे थे। इनमें दो दर्जन से ज्यादा पूर्व सरपंच और सरपंच शामिल हैं। इसके अलावा भाजपा व कांग्रेस से जुड़े नेताओं की बड़ी रकम भी एप में दोगुनी करने के लिए लगाई गई थी। सरपंचों व नेताओं का 1 लाख से लेकर 25 लाख रुपए तक का दांव लगा था। ठगी का शिकार हुए लोगों में प्रदेश के अन्य शहरों के लोग भी शामिल हैं। recent visitors 50

ऑनलाइन गेम में सेल्समैन ने लगाया पैसा, तो ‘कंगाल’ हो गया सुनार! पुलिस ने किया खुलासा

  छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले में ज्वेलरी शोरूम में काम करने वाले एक सेल्समैन को ऑनलाइन गेम की लत इस कदर लगी कि उसने शोरूम से सात लाख के जेवर चुरा लिए. इसके बाद उसे गिरवी रखकर उससे ऑनलाइन गेम खेला. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर इस मामले का खुलासा किया है. पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी ने पहले भी शोरूम से जेवर चुराए थे. आरोपी सेल्समैन प्रदीप डोंगरे 26 सितंबर की देर रात तक कामठी वाले गोल्ड शोरूम से घर नहीं पहुंचे तो उनकी पत्नी ने कोतवाली पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. इस मामले में पुलिस ने जब शोरूम संचालक से पूछताछ की तो पता चला कि आज सेल्समैन प्रदीप डोंगरे शोरूम नहीं आया था. इसके बाद जब पुलिस ने और छानबीन करते हुए प्रदीप डोंगरे के जिम्मे रहने वाली ज्वेलरी की काउंटिंग करवाई तो इसमें सोने के कड़े, सिक्के, पेंडेंट कम पाए गए. इसके बाद पुलिस ने साइबर टीम की मदद से आरोपी की लोकेशन तलाशी और 30 सितंबर को भारता देव पार्क से उसे पकड़ा. आरोपी ने युवक ने पूछताछ में कुबूल किया कि ऑनलाइन गेम की वजह से उसने शोरूम से जेवर चुराए और निजी लोन कंपनी में गिरवी रखकर गेम खेला. इसके बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर पूरा सामान जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. क्या है पूरा मामला? पुलिस के मुताबिक, युवक को पिछले डेढ़ महीने से ऑनलाइन गेमिंग की लत लगी थी. लत लगने के कुछ दिन बाद जब उसे छोटा-मोटा फायदा हुआ, तो उसने ज्यादा कमाई के चक्कर में शोरूम से ज्वेलरी चुराई और उसे गिरवी रखकर पैसे उठाए. इसके बाद फिर फायदा होने पर गिरवी रखी ज्वेलरी छुड़वा भी ली, लेकिन इसके बाद फिर वह ऑनलाइन गेम की लत में पैसे गंवाने लगा, तब वह शोरूम से चोरी करके ज्वेलरी गिरवी रखने लगा. पुलिस अधीक्षक एसपी मनीष खत्री ने बताया, आरोपी के पास से पांच सोने के कड़े, दो सोने की चेन, एक सोने की अंगूठी, एक सोने का पेंडेंट, एक सोने का सिक्का जब्त किया गया. recent visitors 69

6 नाबालिगों को दिल्ली से लेकर आई डिण्डौरी पुलिस, बेनकाब की मिस्ट्री तो हुआ बड़ा खुलासा

 डिंडोरी  डिंडोरी जिले से अपनेजीवन यापन के लिए महिला पुरुष और नाबालिक बच्चे भी काम की तलाश में अपने जिले से अन्य बड़े महानगरों और शहरों में दो वक्त की रोटी की तलाश में बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे है। चुकी जिले में कोई भी न फेक्ट्री है ना ही कोई ऐसा कारोबार जिससे जिले के अंचलों से ग्रामीण जिले में ही रहकर और अपने व अपने परिवार का पालन पोषण और जरूरतों को पूरा कर सके जिसके चलते उन्हें जिले से बाहर पलायन करना पड़ रहा है।इनमें ज्यादातर ऐसे नाबालिक बालक बालिका भी शामिल हैं जिन्हे अपनी जरूरत अनुसार सुविधा,व्यवस्था और आमदनी जिले में नही मिल पा रही है या उनके परिजन इतने सक्षम नहीं है। यही वजह है की कई बार काम की तलाश में जिले से बाहर पलायन कर चुके लोग किसी बड़ी समस्या घटना,दुर्घटना या साजिश का शिकार हो जाते हैं। ताजा मामला डिंडोरी जिला के अमरपुर चौकी क्षेत्र का सामने आया है जहां जिला मुख्यालय के पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेस वार्ता आयोजित कर जिला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ सिंह मरकाम ने पत्रकारों को जानकारी दी है की बालिका का अपहरण का केस दर्ज था उसी मामले में आरोपी और अपहरण की गई बालिका की दस्तयाबी के लिए एसपी वाहनी सिंह ने अमरपुर चौकी प्रभारी अतुल हरदहा के नेतृत्व में एक टीम गठित की। पुलिस को सूचना मिली की बालिका दिल्ली में है जिसे दस्तयाब करने अमरपुर पुलिस टीम दिल्ली रवाना होती है उनके साथ एनजीओ टीम जन साहस भी शामिल रही। इसी दौरान दिल्ली में अमरपुर पुलिस को जानकारी मिलती है की डिंडोरी और मंडला जिले की ऐसी 6 नाबालिक बच्चियां और है जिन्हे घर वापस आने में समस्या आ रही है। लोकेशन की जानकारी लगते ही अमरपुर पुलिस टीम और जन साहस टीम के संयुक्त प्रयास से दिल्ली से 6 नाबालिक बच्चियों को लोकेशन से बरामद किया गया जिसमे 5 बच्चियां अमरपुर चौकी क्षेत्र की ओर 1 बच्ची मंडला जिले की बताई गई। सभी नाबालिक बच्चियों को लेकर अमरपुर पुलिस टीम सकुशल डिंडोरी वापस लौटी जहा उनके परिजनों को सूचित कर डिंडोरी पुलिस कंट्रोल रूम बुलाकर बच्चियों को उन्हें सौपा गया। इस दौरान दिल्ली से सफलता हासिल करने पर अमरपुर पुलिस टीम को पुरुष्कृत करने की एसपी डिंडोरी ने घोषणा की है। recent visitors 95

मध्य प्रदेश के पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाई, यमराज को भी दिखया रेड सिग्नल!

भोपाल  मध्य प्रदेश में पुलिस वाले कानून व्यवस्था को संभालने के साथ ही जरूरतमंदों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहते हैं। हाल ही में कई घटनाओं में पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाई है। फिर चाहे वो किसी विधायक को हार्ट अटैक आने पर CPR देना हो, या सड़क किनारे बेहोश हुए एक बुजुर्ग की जान बचाना हो, एमपी पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश की है। यहां तक की मौका आने पर उन्होंने सांप तक को सीपीआर देकर नया जीवनदान दिया है। आईए जानते हैं वो बड़ी पांच घटनाएं जहां पुलिस कर्मी देव दूत बनकर यमराज के पास से बचा लाए लोगों की जान विधायक को दिया नया जीवन सितंबर 2024 में राऊ विधानसभा से बीजेपी विधायक मधु वर्मा को हार्ट अटैक आ गया था। उनके पीएसओ अरुण भदौरिया ने तुरंत अपनी ट्रेनिंग का इस्तेमाल करते हुए उन्हें CPR दिया और अस्पताल पहुंचाया। समय पर मदद मिलने की वजह से उनकी जान बच गई। इसके बाद लोगों ने अरुण भदौरिया की जमकर तारीफ की। सीएम मोहन ने भी उन्हे सराहा। चलती एक्टिवा पर बच्ची के पापा को आ गया था अटैक अगस्त 2024 में इंदौर में भी ऐसी ही एक घटना घटी। एक शख्स को चलती एक्टिवा पर अटैक आ गया। उनकी 14 साल की बेटी ने लोगों से मदद की गुहार लगाई। तभी वहां से गुजर रहे एक कॉन्स्टेबल ने युवक को CPR देकर उसकी जान बचाई। पुलिस वाले अंकल ने साहस के साथ बच्ची के पापा को नया जीवन दिया। आरपीएफ जवान नहीं होता तो हो जाती अनहोनी नवंबर 2023 में जबलपुर में विधानसभा चुनाव के दौरान एक मतदान कर्मी को दिल का दौरा पड़ गया। आरपीएफ के जवानों ने तुरंत उसे CPR दिया और उसकी जान बचाई। यदि आरपीएफ के जवान समय पर मदद के लिए नहीं आते तो शायद बड़ी अनहोनी भी हो सकती थी। बुजुर्ग के लिए देवदूत बनकर आई लेडी सूबेदार साल 2022 में ग्वालियर में एक महिला ट्रैफिक सूबेदार ने सड़क किनारे बेहोश हुए एक बुजुर्ग को CPR देकर उसकी जान बचाई थी। इसके बाद सूबेदार सोनम पाराशर ने बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती भी करवाया था। सांप को सीपीआर देकर दिया जीवन दान अक्टूबर 2023 में नर्मदापुरम के सेमरी हरचंद कस्बे में पुलिस कांस्टेबल अतुल शर्मा ने एक सांप को सीपीआर देकर उसकी जान बचाई। सांप पाइप लाइन में फंसकर बेहोश हो गया था। अतुल शर्मा 2008 से काम कर रहे हैं और अब तक सैकड़ों सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं। काबिले तारीफ है ये जज्बा इसे लेकर एक प्रशंसक ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती, बल्कि ज़रूरतमंदों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहती है। पुलिसकर्मियों का यह जज़्बा काबिले तारीफ है। recent visitors 88

महिला कांस्टेबल को प्राइवेट कोचिंग के विज्ञापन में रोल अदा करना महंगा पड़ा, किया सस्पेंड

 रतलाम रतलाम मध्य प्रदेश पुलिस की एक महिला कांस्टेबल को प्राइवेट कोचिंग के विज्ञापन में रोल अदा करना महंगा पड़ गया. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद महिला कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है. रतलाम जिले के पुलिस कप्तान ने यह जानकारी दी. 'X' पर एक वीडियो शेयर करते हुए रतलाम एसपी राहुल कुमार लोढा ने लिखा, ''सोशल मीडिया के माध्यम एक महिला आरक्षक द्वारा वर्दी में निजी कोचिंग संस्थान का प्रचार करना संज्ञान में आया है. जिस पर महिला आरक्षक के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए निलंबित किया गया है. आगे विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है.'' रतलाम के नामली पुलिस थाने में पदस्थ कांस्टेबल अनीता रावत मीणा नीमच जिले की रहने वाली हैं. वह नौकरी के साथ साथ एमपी पुलिस सब इंस्पेक्टर (MPSI) की भी तैयारी कर रही हैं.    दरअसल, एमपी युवा शक्ति नाम के 'X' हैंडल से एक वीडियो के साथ तंज कसते हुए लिखा गया, ''अब खाकी वर्दी का काम चौराहे पर ड्यूटी देना ही नहीं, बल्कि प्राइवेट कोचिंग क्लास का प्रमोशन करना भी है. जिसे मध्यप्रदेश पुलिस की आरक्षक अनिष्का रावत मीना बखूबी निभा रही है. मध्य प्रदेश पुलिस विभाग से निवेदन है कि पुलिस भर्ती से चयनित को वीडियो बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जाए.'' Ad Video में क्या है ? कोचिंग प्रचार के वीडियो में सड़क पर ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात पुलिस कांस्टेबल से एक युवती पूछती है- हैलो मैडम, मैं आपको काफी टाइम से फॉलो कर रही हूं. मुझे भी आपके जैसी बनना है. आपने पुलिस की तैयारी कहां से की? जवाब में कांस्टेबल इंदौर की एक कोचिंग का नाम बताते हुए कहती हैं कि अभी भी मैं वहां से MPSI की तैयारी कर रही हूं. यदि आपको भी वहां से तैयारी करनी है तो आप उनका यूट्यूब चैनल चेक कर सकती हैं. आगे कहती है, आप मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) के किसी भी एक्जाम की तैयारी वहां से कर सकते हैं.   'X' पर आ रहे रिएक्शन इसको लेकर सोशल मीडिया पर तरह तरह के रिएक्शन आ रहे हैं. एक 'X' यूजर ने लिखा, ''वर्दी में ऐसा नहीं करना चाहिए. आप सिस्टम का हिस्सा हो. समझाइश के साथ महिला आरक्षक को एक मौका और देना चाहिए. शायद उनको नहीं मालूम की ऐसा नहीं कर सकते. बाकी SP साहब के प्रोटोकाल क्या होते हैं? हम को नहीं मालूम.'' वहीं, दूसरे कुछ यूजर्स ने महिला पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ हुई इस कार्रवाई का उचित ठहराया है.   recent visitors 80