गर्भावस्था में बढ़ा हुआ वजन आसानी से होगा कम, बस डेली रूटीन में शामिल कर ले यें ड्रिंक्स

गर्भावस्था के बाद वजन कम करना महिलाओं के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है. हार्मोनल परिवर्तन, जीवनशैली में बदलाव और मेटाबॉलिज्म परिवर्तनों के कारण बढ़े हुए वजन को कम करना काफी मुश्किल हो जाता है. कई अध्ययनों के अनुसार, नींद की कमी, तनाव, शारीरिक गतिविधि में कमी और आहार में परिवर्तन जैसे कारण इस अवधि में वजन घटाने को और मुश्किल बना देते हैं. हालांकि अगर आप अपने मेटाबॉलिज्म को मेंटेन रखते हैं और पोषक तत्वों से भरपूर ड्रिंक्स को अपने रूटीन में शामिल करते हैं तो आपको वजन घटाने के साथ-साथ प्रेग्नेंसी की दिक्कतों से रिकवरी में भी मदद मिल सकती है. 1. गुनगुना पानी और नींबू नींबू पानी पाचन में सहायता करता है, लिवर को डिटॉक्स करता है और हाइड्रेशन में मदद करता है. इस ड्रिंक में मौजूद विटामिन सी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और ऑक्सिडेटिव तनाव को कम करता है. जर्नल ऑफ क्लिनिकल बायोकैमिस्ट्री एंड न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि नींबू में पॉलीफेनोल नामक कुछ यौगिक होते हैं, जो खानपान से होने वाले मोटापे को रोकने के लिए फायदेमंद होते हैं. यही कारण है कि यह प्रसव के बाद वजन घटाने के लिए एक बहुत ही प्रभावी ड्रिंक है. अगर आप इसे अधिक स्वास्थ्यवर्धक बनाना चाहते हैं तो इसमें चीनी न डालें. साथ ही बेहतर अवशोषण के लिए गुनगुने पानी का उपयोग करें. 2. मेथी का पानी प्रसव के बाद वजन घटाने में तेजी लाने के लिए एक और बढ़िया ड्रिंक है मेथी का पानी. जर्नल ऑफ ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिकल साइंसेज में प्रकाशित इस अध्ययन में कहा गया है कि मेथी के बीज ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने, पाचन में सुधार करने और सूजन को कम करने में मदद करते हैं. ये स्तनपान कराने वाली माताओं में स्तनपान को भी बढ़ावा देते हैं जो न केवल इस ड्रिंक को प्रसव के बाद वजन घटाने के लिए अच्छा बनाता है बल्कि दूध के उत्पादन में भी मदद करता है. इस ड्रिंक को बनाने के लिए बीजों को रात भर भिगोएं और ज्यादा से ज्यादा फायदे के लिए सुबह पिएं. 3. ग्रीन टी ग्रीन टी में कैटेचिन होता है जो मेटाबॉलिज्म और फैट लॉस को बढ़ावा देता है. यह प्रसव के बाद रिकवरी के लिए जरूरी एंटीऑक्सिडेंट भी देता है. जर्नल क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि ग्रीन टी की अच्छी खुराक से तीन महीने में महिलाओं में काफी वजन कम हुआ, कमर का साइज कम हुआ और कुल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल प्लाज्मा के स्तर में लगातार कमी आई.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 77

प्रेगनेंसी में सोडा और कोल्ड ड्रिंक्स सेहत को पहुंचा सकते हैं भारी नुकसान, जानें कारण

प्रेग्नेंसी का समय हर महिला के लिए खास होता है। इस समय महिला को हेल्दी डाइट लेनी चाहिए जिससे उसकी हेल्थ और बच्चे की हेल्थ अच्छी रहे। प्रेगनेंसी में महिलाओं को काफी हॉर्मोनल बदलाव होते रहते हैं, जिसका असर महिला के खाने-पीने की आदत और मूड पर भी पड़ता है। महिला को प्रेगनेंसी के समय कई बार तीखा, मीठा खाने या आइस्क्रीम, चॉकलेट, सोडा जैसी चीजें खाने-पीने का करता है। सोडा शरीर के लिए काफी नुकसानदायक होता है। प्रेगनेंट महिला जब कुछ भी खाती है, तो इसका असर शिशु पर भी पड़ता है। सोडा पीने से शिशु की सेहत को भी नुकसान पहुंचता है। आइए जानते हैं प्रेगनेंसी में सोडा पीने के नुकसान के बारे में। एक नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि प्रेग्नेंसी के दौरान जो महिलाएं शुगरी ड्रिंक्स का सेवन करती हैं उनके होने वाले बच्चों में कई तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं. peer-reviewed journal Nutrients  में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक, जो महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान अधिक मात्रा में शुगरी ड्रिंक्स का सेवन करती हैं उन महिलाओं और उनके होने वाले बच्चों पर इसका काफी बुरा असर देखने को मिलता है. यह सर्वे अप्रैल और जून 2022 और 2023 में किया गया. इस सर्वे में 4 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं को शामिल किया गया. सर्वे के दौरान इन सभी गर्भवती महिलाओं को फ्रूट जूस, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स जैसे फ्रिजी ड्रिंक्स, सोडा, जूस और दूध वाली ड्रिंक्स दी गई.  इस सर्वे के अंत में यह देखा गया कि जिन महिलाओं ने अधिक मात्रा में शुगरी ड्रिंक्स का सेवन किया उन्हें प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज की समस्या से जूझना पड़ा. प्रेग्नेंसी में होने वाली डायबिटीज की समस्या को जेस्टेशनल डायबिटीज कहा जाता है. जेस्टेशनल डायबिटीज होने पर बच्चे का वजन सामान्य से ज्यादा हो सकता है जिस कारण डिलीवरी के दौरान कई तरह की समस्याओं का भी सामना करना पड सकता है. इसके अलावा जेस्टेशनल डायबिटीज होने पर बच्चे का समय से पहले जन्म और पीलिया की दिक्कत भी हो सकती है. सर्वे के दौरान जिन महिलाओं ने हफ्ते में 3 बार शुगरी ड्रिंक्स का सेवन किया उनमें जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा 38 फीसदी ज्यादा पाया गया. साथ ही इन महिलाओं में जेस्टेशनल हाइपरटेंशन का खतरा भी 64 फीसदी ज्यादा पाया गया.  सर्वे में यह भी पाया गया कि प्रेग्नेंसी के दौरान शुगरी ड्रिंक्स का सेवन ज्यादा करने से भ्रूण को खून की पर्याप्त मात्रा नहीं मिल पाती जिस कारण उसकी ग्रोथ पर इसका काफी बुरा असर पड़ता है. साथ ही,  इसकी वजह से प्रीमैच्योर डिलीवरी का खतरा बढ़ जाता है. हफ्ते में चार बार इन शुगरी ड्रिंक्स का सेवन करने से मैक्रोसोमिया का खतरा भी काफी बढ़ जाता है, एक ऐसी स्थिति जिसमें नवजात शिशु औसत से बहुत बड़ा होता है. इस सर्वे के अंत में रिसर्चर्स ने कहा कि प्रेग्नेंसी में बहुत अधिक मात्रा में शुगरी ड्रिंक्स का सेवन करने से जेस्टेशनल डायबिटीज और जेस्टेशनल हाइपरटेंशन की समस्या का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है. साथ ही इससे मैक्रोसोमिया की समस्या का भी सामना करना पड़ता है.   रिसर्चर्स ने यह भी बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी तरह की समस्या से बचने के लिए जरूरी है कि महिलाएं अपने खानपान का खास ख्याल रखें और हेल्दी चीजों का ज्यादा से ज्यादा मात्रा में सेवन करें. प्रेगनेंसी में सोडा पीने के नुकसान कैफीन सोडा में कैफीन की मात्रा काफी ज्यादा पाई जाती है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक होती है। सोडा पीने से अनिद्रा की समस्या के साथ ब्लड प्रेशर की समस्या भी हो सकती है। कैफीन का सीधा असर शिशु की सेहत पर भी पड़ता है। ज्यादा कैफीन के सेवन से बच्चे को पैदा होते समय सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। सोडा पीने से महिला के शरीर में पानी की कमी भी हो सकती है। वहीं इसके वजह से महिला को पेट खराब भी हो सकता है। चीनी की ज्यादा मात्रा सोडा में चीनी की मात्रा काफी ज्यादा पाई जाती है, जो महिला और शिशु दोनों के लिए सही नहीं होती। प्रेगनेंसी में ज्यादा चीनी की मात्रा लेने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है और मिस्कैरिज की संभावना भी बढ़ती है। प्रेगनेंसी में चीनी ज्यादा खाने से शिशु में जन्म के समय भी कई समस्याएं हो सकती हैं। आर्टिफिशियल कलर सोडा को कलर देने के लिए इसमें आर्टिफिशियल कलर का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है। इस आर्टीफिशयल कलर में मीठा होने के साथ फॉस्फोरिक एसिड होता है, जो प्रेगनेंसी के समय लेने से महिला की हड्डियों को कमजोर बना सकता है। नियमित सोडा पीने से शरीर में कैल्शियम प्रभावित होता है, जो बच्चे की हड्डियों को भी कमजोर करता हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 151