ट्रंप रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान, भारत को बड़ी राहत दी, वहीं चीन को कोई भी छूट नहीं दी गई

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को 57 देशों पर टैरिफ का ऐलान कर दिया था। ट्रंप ने कुल 57 में से 16 देशों को बड़ी राहत देते हुए टैरिफ की रेट में बदलाव कर दिया था। डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 27 प्रतिशत के रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 26 फीसदी कर दिया। इससे पहले बुधवार को वाइट हाउस ने आधिकारिक दस्तावेजों मे 27 फीसदी टैरिफ की बात कही थी। जब डोनाल्ड ट्रंप रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान करने लगे तो उन्होंने भारत को बड़ी राहत दे दी। वहीं चीन को कोई भी छूट नहीं दी गई। बुधवार को रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत से होने वाले आयात पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। वहीं वाइट हाउस के दस्तावेजों में भारत को 27 फीसदी टैरिफ वाली लिस्ट में रखा गया था। गुरुवार को भारतीय अधिकारियों ने भी पुष्टि की थी कि अमेरिका ने भारत पर 27 फीसदी की रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है। वहीं अब वाइट हाउस के दस्तावेजों में भी परिवर्तन कर दिया गया है और भारत सहित 16 देशों को राहत दी गई है। भारत के अलावा इन देशों को भी राहत व्हाइट हाउस की तरफ से शुक्रवार को जारी किए गए दस्तावेजों के मुताबिक होसनिया और हरजोगोविना का टैरिफ 36 फीसदी से घटाकर 35 फीसदी किया गया है। इसके अलावा बोत्सवाना का रेसिप्रोकल टैरिफ 38 फीसदी से घटाकर 37 फीसदी कर दिया गया है। इसी तरह कैमरून, फाकलैंड आइलैंड, मालावी, म्यांमार, निकारगुआ, नॉर्वे, पाकिस्तान, फिलीपीन्स, सर्बिया, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, थाइलैंड और वानुआतू को भी एक-एक फीसती की छूट की गई है। पाकिस्तान का रेसिप्रोकल टैरिफ भी 30 पर्सेंट से घटाकर 29 पर्सेंट कर दिया गया है। अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले सामान पर 34 फीसदी का टैरिफ लगाया है। वहीं कंबोडिया से आयात होने वाले सामान पर 49 फीसदी के भारी-भरकम टैरिफ का ऐलान किया है। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि 50 सालों से उनके देश को ठगा जा रहा है लेकिन ऐसा चल नहीं सकता। भारत को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री उनके अच्छे दोस्त हैं लेकिन हमारे साथ सही व्यवहार नहीं हो रहा है। वे हमसे 52 फीसदी का शुल्क ले रहे हैं और उसकी तुलना में हम कुछ भी नहीं ले रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने विदेश से आयात होने वाले वाहनों पर भी 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह टैरिफ 3 मई से प्रभावी हो सकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 35

ट्रंप के ऑर्डर से फिर मची खलबली, अब इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट पर लगाया बैन; क्या नेतन्याहू है वजह?

वॉशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय आपराध न्यायालय (ICC) पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। ICC की ओर से गाजा में इजरायल के युद्ध अपराध की जांच के चलते अमेरिका ने ये कार्रवाई की है। अमेरिका के प्रमुख सहयोगी इजरायल पर गाजा में नरसंहार के गंभीर आरोप लगे हैं। ICC ने बीते साल इजरायली नेताओं के गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। ट्रंप ने ICC की कार्रवाई को खतरनाक मिसाल बताते हुए बैन का ऐलान किया है। इन प्रतिबंधों में ICC अधिकारियों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक शामिल है। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में हमलों के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ ICC के गिरफ्तारी वारंट जारी करने के चलते यह कदम उठाया गया है। ट्रंप प्रशासन अमेरिका और सहयोगी देशों की ICC जांच का विरोध कर रहा है। उन्होंने इन जांचों को गलत और राजनीति से प्रेरित बताया है। हालांकि अमेरिका और इजरायल ICC के सदस्य नहीं हैं और दोनों ही देश इसके ऑर्डर नहीं मानते। ट्रंप पर हमलावर रहे हैं ट्रंप ICC को दूसरी बार अमेरिकी प्रतिशोध का सामना करना पड़ा है। साल 2020 में ट्रंप प्रशासन ने तत्कालीन अभियोजक फातौ बेन्सौडा और एक शीर्ष सहयोगी पर प्रतिबंध लगाए थे। ये प्रतिबंध अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों के युद्ध अपराधों की ICC की जांच की प्रतिक्रिया में लगाए गए थे। ICC को अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। इससे अदालत के कामकाज पर असर पड़ा है। ICC अध्यक्ष ने कुछ समय पहले चिंता जताई थी कि अमेरिकी प्रतिबंध न्यायालय के कामकाज को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से न्यायालय की स्वतंत्रता की रक्षा करने का आह्वान किया है। ICC 125 सदस्य देशों वाला ICC एक स्थायी न्यायालय है। यह युद्ध अपराधों, मानवता के खिलाफ अपराधों, नरसंहार और सदस्य देशों या उनके नागरिकों के खिलाफ आक्रामकता के लिए मुकदमा चलाता है। हालांकि कई बड़े देश इसके सदस्य नहीं है। इंटरनेशनल कोर्ट ने पिछले नवंबर में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, पूर्व इजरायली रक्षा मंत्री योव गैलेंट और हमास नेताओं के गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। अदालत ने माना था कि नेतन्याहू और गैलेंट ने मानवीय सहायता रोककर गाजा में नागरिकों की भुखमरी को युद्ध के हथियार की तरह इस्तेमाल किया। हालांकि इजरायल ने आरोपों को झूठा बताकर खारिज कर दिया था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 25

ट्रंप के मुताबिक उनके पहले आदेशों में इन तीन देशों से आने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाएंगे

न्यूयॉर्क अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता संभालने के तुरंत बाद चीन, मेक्सिको और कनाडा के खिलाफ कड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। ट्रंप के मुताबिक, उनके पहले आदेशों में इन तीन देशों से आने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) लगाए जाएंगे, जिससे इन देशों की नीतियों पर दबाव डाला जाएगा। ट्रंप का कहना है कि इन देशों से अमेरिका में अवैध प्रवासियों की आवक, ड्रग्स की सप्लाई और अन्य गंभीर मुद्दों को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। ट्रंप का निर्णय और उद्देश्य ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनके पहले आदेशों में कनाडा और मेक्सिको से अमेरिका आने वाले सभी उत्पादों पर 25 फीसदी का टैरिफ लगाया जाएगा। इसके अलावा, चीन से आने वाले उत्पादों पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा। यह फैसला विशेष रूप से तब लिया गया है जब अमेरिका में ड्रग्स की समस्या बढ़ रही है, जिनमें फेंटानिल जैसी दवाएं प्रमुख हैं, जो मुख्य रूप से मेक्सिको के रास्ते अमेरिका पहुंचती हैं। ट्रंप का मानना है कि इन देशों के साथ व्यापार संबंधों में सुधार लाने के लिए यह एक जरूरी कदम है। मेक्सिको और कनाडा से जुड़ी समस्याएं ट्रंप ने कहा कि कनाडा और मेक्सिको से अमेरिका में बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी प्रवेश कर रहे हैं। इन देशों से अवैध प्रवासी अमेरिका में प्रवेश करते हैं, जो न केवल देश की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं बल्कि अमेरिका के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को भी प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, इन देशों से ड्रग्स की आपूर्ति भी अमेरिका में हो रही है, जिससे देश में अपराध का स्तर बढ़ रहा है। ट्रंप के अनुसार, इस स्थिति को सुधारने के लिए जरूरी है कि इन देशों से आने वाले उत्पादों पर कड़ा शुल्क लगाया जाए। चीन पर खास निशाना चीन के प्रति ट्रंप का गुस्सा विशेष रूप से इन ड्रग्स की आपूर्ति के कारण और अधिक बढ़ा है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि उन्होंने चीन के साथ कई बार ड्रग्स की आपूर्ति को रोकने को लेकर बातचीत की थी, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। ट्रंप के मुताबिक, चीन ने यह वादा किया था कि वह ड्रग्स डीलर्स को सजा देगा, लेकिन इस वादे पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते चीन से लगातार फेंटानिल जैसे ड्रग्स की खेप अमेरिका में आ रही है, जो मुख्यत: मेक्सिको के माध्यम से अमेरिका पहुंचती है। इस कारण ट्रंप ने चीन से आने वाले उत्पादों पर 10 फीसदी का अतिरिक्त शुल्क लगाने का निर्णय लिया। व्यापार और आपूर्ति चेन पर असर ट्रंप के इस फैसले से उत्तरी अमेरिका (कनाडा, मेक्सिको और अमेरिका) की आपूर्ति चेन पर असर पड़ सकता है। इन देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा। 25 फीसदी टैरिफ के कारण कनाडा और मेक्सिको से आने वाले उत्पादों की कीमतों में वृद्धि हो सकती है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। इसी प्रकार, चीन के साथ व्यापार में भी अतिरिक्त शुल्क लगने से अमेरिका और चीन के व्यापार संबंधों में और तनाव उत्पन्न हो सकता है। चीन की प्रतिक्रिया और भविष्य की रणनीति चीन ने पहले भी ट्रंप की व्यापार नीतियों को लेकर विरोध जताया था, और यह उम्मीद जताई जा रही है कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद चीन के साथ व्यापारिक तनाव और बढ़ सकता है। चीन के पॉलिसी एडवाइजर झेंग योंगनियान ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि ट्रंप की नई टीम से चीन को बड़ा खतरा हो सकता है। झेंग ने कहा कि ट्रंप की टीम में एलन मस्क और भारतीय मूल के बिजनेसमैन विवेक रामस्वामी जैसे लोग शामिल हैं, जो चीन के लिए अमेरिकी नीति को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना सकते हैं। झेंग का कहना था कि अगर ट्रंप अपनी सरकार में सुधार करने में सफल रहते हैं, तो अमेरिका एक नया और प्रतिस्पर्धी सिस्टम तैयार कर सकता है, जो चीन के लिए और भी मुश्किलें खड़ी करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप के व्यापार शुल्कों का सबसे बड़ा असर चीन के द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा, जो दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में खटास ला सकता है। ताइवान और दक्षिण चीन सागर यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रंप अपने पहले कार्यकाल के दौरान चीन के खिलाफ कड़े कदम उठा चुके थे, और अब एक बार फिर वह ताइवान और दक्षिण चीन सागर जैसे वैश्विक मुद्दों पर चीन के खिलाफ सख्त उपायों को लागू करेंगे। चीन ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है, जबकि अमेरिका ताइवान को स्वतंत्र राज्य के रूप में मानता है। दक्षिण चीन सागर में चीन का कई देशों के समुद्री क्षेत्रों पर दावा है, जिसे अमेरिका और अन्य देशों ने चुनौती दी है। इस प्रकार, ट्रंप का यह कदम केवल अमेरिका के आंतरिक व्यापार नीति को बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य भी तैयार कर सकता है, जो वैश्विक व्यापार और कूटनीति में नई दिशा तय करेगा। कुल मिलाकर, डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम अमेरिका के प्रमुख व्यापार साझेदारों, विशेषकर चीन, मेक्सिको और कनाडा के साथ संबंधों को प्रभावित करेगा और एक नई कूटनीतिक चुनौती खड़ी करेगा। आने वाले दिनों में इस फैसले का वैश्विक स्तर पर भी प्रभाव देखा जाएगा, जो उत्तरी अमेरिका के व्यापार और राजनीतिक समीकरणों को बदलने की दिशा में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की 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