राजस्थान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के लिए रोडवेज और लो-फ्लोर बसों में मुफ्त सफर की घोषणा की

जयपुर  दो दिन बाद यानी 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। महिलाओं के लिए इस विशेष दिन के मौके राजस्थान सरकार की ओर से बड़ी सौगातें दी जाती हैं। हर साल की भांति इस साल भी महिला दिवस के मौके पर महिलाओं को राजस्थान रोडवेज की बसों में मुफ्त सफर का तोहफा दिया गया है। रोडवेज के एमडी पुरुषोत्तम शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के मुताबिक 7 मार्च को रात्रि 12 बजे से लेकर 8 मार्च की रात्रि 12 बजे तक महिलाएं मुफ्त सफर कर सकेंगी। मुफ्त सफर की यह सुविधा साधारण और एक्सप्रेस दोनों श्रेणियों की बसों में दी जाएगी। महिला दिवस पर लो-फ्लोर बसों में भी मुफ्त सफर जयपुर के शहरी क्षेत्रों में संचालित लो-फ्लोर बसों में भी 8 मार्च को महिलाओं और बालिकाओं को मुफ्त सफर की सुविधा दी गई है। इस संबंध में जयपुर शहर ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। रोडवेज की तरह इन बसों में भी मुफ्त सफर करने वाली महिलाओं और बालिकाओं को टिकट जारी किए जाएंगे लेकिन उनसे किराया नहीं वसूला जाएगा। किराए की भरपाई राज्य सरकार की ओर से की जाएगी। जयपुर की लो-फ्लोर बसों में करीब डेढ़ लाख यात्री नियमित रूप से सफर करते हैं। इनमें से 40 फीसदी महिला यात्री होती हैं। केवल राजस्थान की सीमा में होगी यह सुविधा राजस्थान रोडवेज की बसों में दी गई मुफ्त सफर की सुविधा केवल राज्य की सीमा में ही दी जा रही है। राजस्थान रोडवेज की बस में एक कोई महिला यात्री दिल्ली का सफर कर रही है तो राजस्थान की सीमा में अंतिम स्टेशन तक महिला यात्री का किराया नहीं लगेगा। उसके बाद से गंतव्य तक का किराया देना होगा। मुफ्त सफर की यह सुविधा साधारण और एक्सप्रेस श्रेणी की बसों में है। एसी और वॉल्वो में मुफ्त सफर की सुविधा नहीं दी जाएगी recent visitors 42

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देश पर पंच-गौरव को प्रोत्साहन देने का नवीन कार्यक्रम शुरू किया जायेगा

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देश पर भजनलाल सरकार के कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर प्रदेश के सभी जिलों में पंच-मुखी विकास को बढ़ावा देने के लिए पंच-गौरव को प्रोत्साहन देने का नवीन कार्यक्रम शुरू किया जायेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में एक उपज, एक वानस्पतिक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल एवं एक खेल पर विशेष रूप से फोकस करते हुए पंच-गौरव कार्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है। प्रत्येक जिले के लिए इन श्रेणियों में चिह्नित इन पांच तत्वों को जिले के पंच-गौरव के रूप में जाना जाएगा। राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य होने के नाते यहां के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग प्रकार की भौगोलिक परिस्थितियाँ हैं। इस कारण यहां अलग-अलग तरह की उपज पैदा होती है एवं अलग प्रकार की वनस्पति पाई जाती हैं। इसी प्रकार राज्य के विभिन्न जिलों में अलग-अलग प्रकार के खनिज प्रकार की उपलब्धता है एवं अलग-अलग उत्पाद बनाए जाते हैं। राज्य में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक विभिन्न जिलों में स्थित पर्यटक स्थलों को देखने के लिए भी आते हैं। इसी प्रकार विभिन्न जिलों के निवासियों में कुछ खेल विशेष रूप से लोकप्रिय हैं। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप इन जिलों के सर्वांगीण विकास एवं उपलब्ध संभावनाओं के आधार पर आर्थिक गतिविधियों एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिले में कम से कम एक उपज, एक वानस्पतिक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल एवं एक खेल पर विशेष रूप से ध्यान देते हुए यथा अनुरूप इनके प्रोत्साहन, संरक्षण एवं विकास की गतिविधियां चलाई जाएंगी। उदाहरण के तौर पर धौलपुर जिले में स्किम्ड मिल्क पाउडर उत्पादन और आलू की फसल, बारां जिले में सोयाबीन प्रोसेसिंग और लहसुन उत्पादन को इस योजना में शामिल किया जाएगा। राज्य स्तर पर एक जिला-एक उपज के लिए कृषि विभाग, एक जिला-एक प्रजाति के लिए वन विभाग, एक जिला-एक उत्पाद के लिए उद्योग विभाग, एक जिला-एक पर्यटन स्थल के लिए पर्यटन विभाग तथा एक जिला-एक खेल के लिए खेल विभाग नोडल विभाग के रूप में कार्य करेंगे। प्रत्येक जिले के जिला कलक्टर इन विभागों के साथ समन्वय बनाते हुए इस कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करायेंगे।   recent visitors 179

गृह मंत्रालय ने साइबर सुरक्षा के मद्देनजर दिए आदेश, राजस्थान के राजकीय कार्यों में जूम मीटिंग एप का उपयोग बंद

जयपुर. सरकार द्वारा राजकीय कार्यों में अब तक जूम मीटिंग एप का उपयोग किया जाता था लेकिन साइबर सुरक्षा के मद्देनजर इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार जूम एप के माध्यम से संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा खतरे में आ सकती है। प्रशासनिक सुधार विभाग ने सभी सरकारी विभागों को निर्देशित किया है कि वे वैकल्पिक और सुरक्षित संचार माध्यमों का उपयोग करें। नए आदेश के अनुसार अब सरकारी कर्मचारियों को अन्य सुरक्षित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफार्मों का उपयोग करना होगा। इस निर्णय का उद्देश्य राज्य की साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाना और सरकारी कार्यों में डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अब सरकारी कर्मचारी और अधिकारी सुरक्षित संचार माध्यमों का उपयोग करेंगे, जिससे सरकारी कार्यों की गोपनीयता और सुरक्षा को बनाए रखा जा सके। recent visitors 114