अभिभावकों ने धरना देकर जताया विरोध, राजस्थान-झुंझुनू में शिक्षक के ट्रांसफर पर स्कूल में लगााया ताला

झुंझुनू. तबादले हुए शिक्षक को स्कूल में वापस लगाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को स्कूल में ताला लगाकर धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। झुंझुनू के सूरजगढ़ तहसील में स्थित बालू राम की ढाणी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक के तबादले को लेकर ग्रामीणों और बच्चों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जब तक शिक्षक सुमेर सिंह को वापस इस स्कूल में तैनात नहीं किया जाता, तब तक स्कूल को खोलने और बच्चों को भेजने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ग्रामीण गोपी राम ने बताया कि शिक्षक सुमेर सिंह का दूसरी स्कूल में तबादला कर दिया गया है। सुमेर सिंह पिछले 20 साल से इस स्कूल में कार्यरत थे और इस दौरान उन्होंने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ पौधारोपण, योग अभ्यास, खेलकूद, पारिवारिक संस्कार, स्वच्छता आदि गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया। उनके कार्यकाल में स्कूल के परिणाम बेहतर हुए और नामांकन में भी वृद्धि हुई। सुमेर सिंह की अनुपस्थिति स्कूल की प्रगति के लिए हानिकारक साबित हो रही है, इसलिए जब तक उन्हें वापस नहीं लाया जाता, धरना जारी रहेगा। recent visitors 116

प्रेमिका की ईंट से कुचलकर हत्या करने वाला गिरफ्तार, राजस्थान-झुंझुनूं में जबरदस्ती बनाए शारीरिक संबंध

झुंझुनूं. रात में फोन करके मिलने बुलाने के बाद युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाकर उसे ईंट मारकर बेरहमी से मौत के घाट उतारने का मामला सामने आया है। आरोपी को पुलिस ने संदिग्ध हालत में गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। बता दें कि आरोपी हत्या करने के बाद खून से सने कपड़े पहनकर ही घूम रहा था। झुंझुनूं के खेतड़ीनगर के गोठड़ा कस्बे से सटी बाढा की ढाणी के स्वास्थ्य केन्द्र में गांव की एक युवती की लाश बरामद की गई थी। मामले में एक युवक उस समय दरिंदा बन गया जब उसकी तथाकथित प्रेमिका ने उसकी बात नहीं मानी। उसने लड़की को कॉल करके रात के अंधेरे में गिले-शिकवे दूर करने की बात कहकर मिलने बुलाया। लड़की के वहां पहुंचने के बाद युवक ने उसे हवस का शिकार बनाया और ईंट से सिर पर वार करके बेरहमी से उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार किया तो उसके शर्ट पर खून के धब्बे लगे हुए मिले। फिलहाल इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। अभी तो सवाल यह है कि यह प्यार एकतरफा था या फिर दोनों में प्रेम प्रसंग था। पूछताछ में लड़के का कहना है कि लड़की ने उसे इग्नोर करके बात करना बंद कर दिया था। इस पर उसे शक था कि वह किसी दूसरे लड़के से बात करती थी। युवक की ओर से जताए शक पर बात इस कदर बढ़ी कि वह प्रेमी की जगह दरिंदा बन गया और लड़की की हत्या कर दी। फिलहाल आरोपी सलाखों के पीछे है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में लड़की से बलात्कार के बाद सिर पर पत्थर आदि से वार हत्या करना सामने आया। मौत पर गुस्साए ग्रामीणों ने खेतड़ी पंचायत समिति प्रधान मनीषा गुर्जर के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रधान मनीषा गुर्जर ने इस प्रकार घटना को खौफनाक एवं दरिंदगी भरी बताते हुए कहा कि अब महिला सुरक्षा में लापरवाही एवं महिला अपराध बर्दाश्त से बाहर होते चले जा रहे हैं। ग्रामीणों के प्रदर्शन से हरकत में आई पुलिस ने दौड़ भाग शुरू कर हत्या करने वाले आरोपी को धर-दबोचा और अब उससे पूछताछ जारी है। recent visitors 91

रिकॉर्ड रूम की हजारों फाइलें जलीं, राजस्थान-झुंझुनू के जिला परिवहन कार्यालय में लगी आग

झुंझुनू. झुंझुनू जिला परिवहन कार्यालय में कल देर रात आग लगने से विभाग के दो-तीन कमरों में रखी हुई फाइलें जलकर खाक हो गईं। जिला परिवहन अधिकारी मक्खनलाल जांगिड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना रात सवा एक बजे के लगभग हुई, इसमें मुख्य बिल्डिंग के दो-तीन कक्षों में आग लग गई। आग का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड के कार्मिकों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। वहीं, जिला परिवहन अधिकारी जांगिड़ जानकारी देते हुए बताया कि इन कक्षों को रिकॉर्ड रूम के रूप में काम में लिया जा रहा था। इसमें 30-40 हजार फाइलें हो सकती हैं, जिनमें से आधी जलकर नष्ट हो गईं। इन कमरों के पास खड़ी जिला परिवहन अधिकारी की गाड़ी का एक शीशा भी चटखकर टूट गया। जली हुई फाइलों के ढेर से सुबह तक भी गर्मी महसूस की जा रही थी। recent visitors 112

पति के साथ रहने योग्य नहीं महिला, राजस्थान-झुंझुनू के मीणा सेवा संस्थान का तुगलकी फरमान

झुंझुनू. जिले के आदिवासी मीणा सेवा संस्थान ने लेटर हेड पर आदेश जारी करते हुए कहा कि समाज की विवाहिता अनीशा कावंत अपने पति के साथ रहने के लिए योग्य नहीं है और अपने पति के साथ घर नहीं बसा सकती। संस्थान के इस तुगलगी फरमान को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। पीड़िता अनीशा कावंत ने संस्थान के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र मीणा व मुख्य महासचिव रामनिवास मीणा के खिलाफ झुंझुनू कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया है। जानकारी के अनुसार विवाहिता अनीशा कावंत का अपने ससुराल वालों के साथ किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके चलते मीणा समाज ने यह फैसला सुनाया। अनीशा ने कहा कि फैसले से पहले उनका पक्ष भी नहीं सुना गया और मनमर्जी से पैसे लेकर ससुराल वालों के पक्ष में एकतरफा फैसला सुनाया गया है। पीड़िता का कहना है कि अब संस्थान के निर्णय के आधार पर ससुराल वाले उसे टॉर्चर कर रहे हैं और कोर्ट में आकर तलाक लेने का दबाव बना रहे हैं। महिला ने बताया कि उसका मामला मीणा समाज, बीकानेर के क्षेत्राधिकार में आता है। झुंझुनू में उसका कोई लेना-देना नहीं है। उसने कहा कि षड्यंत्र रचकर मेरा विवाहित जीवन खराब कर दिया, महिला ने रिपोर्ट देकर अध्यक्ष और महासचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। recent visitors 108

बहनोई के तलवार से काटे हाथ और गोली मारी, राजस्थान-झुंझुनू में लव मैरिज पर साला बना हत्यारा

झुंझुनू/कुशलपुरा. कुशलपुरा निवासी मोनिका ने 7 महीने पहले घर से भागकर अंकित नाम के युवक के साथ शादी की थी। उसके बाद से ही नाराज भाई लगातार उन्हें धमकियां दे रहा था। मृतक अंकित की पत्नी मोनिका ने बताया कि उसका भाई रिंकू राजपूत आपराधिक प्रवृत्ति का है और इसी के चलते उसने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। मोनिका ने बताया कि शादी के बाद हमने पुलिस को बाकायदा लिखित पत्र देकर जान को खतरा होने की आशंका जताई थी। अंकित लोहारू भिवानी हरियाणा से अलग-अलग शहरों में ट्रक लेकर जाते थे, इस दौरान भी कई बार धमकियां मिली थीं। 20 दिन पहले भी अंकित अपने साथियों के साथ घर आया था और जान से मारने की धमकी दी थी। इसके पहले भी वह इस तरह की धमकी दे चुका था। मृतक की मां पर भी की फायरिंग मृतक अंकित के पिता मुगाराम ने थाने में रिपोर्ट दी है कि रिंकू के साथ दीपू चोराडी, विकास खाती, दौलत दक्षित, पंकज समेत 8 से 10 लोग मंगलवार की रात 9 बजे के  करीब उनके घर आए और अंकित पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी और हाथ पर तलवार से वार किया, जिससे अंकित की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान बीच-बचाव करने आई अंकित की मां पर भी आरोपियों ने फायरिंग की, जिससे वह घायल हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। recent visitors 114

संचालक दुकानें बंदकर भागे, राजस्थान-झुंझुनू में अवैध लैब्स पर चार जगह ताबड़तोड़ कार्रवाई

झुंझुनू. झुंझुनू जिले में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के पास लैब, नर्सिंग होम, हॉस्पिटल की संख्या कुल 202 थी, जिले का जब सर्वे किया गया तो उसमें यह पाया गया के स्वास्थ्य विभाग के पास 202 की संख्या दर्ज है, लेकिन जिले में हजारों की तादाद में अवैध रूप से संचालन हो रहे हैं, जो जनता का खून चूस रहे हैं और मनमाने दाम वसूल रहे है। गुढ़ा गोड़जी मे स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखकर लैब संचालकों में अफरातफरी मची और दुकान बंद कर भागने लगे। कल की कार्रवाई में सेंट्रल लैब, भारत लैब, शिव लैब, सरस्वती लैब, सोनू लैब, राजधानी लैब, अपोलो लैब, इन सभी को नोटिस देकर 3 से 7 दिनों में कागजात जमा करने के लिए पाबंद किया गया है। अवैध किसी भी लैब में ना तो टेक्नीशियन है और ना ही उस जांच को वेरीफाई करने वाला डॉक्टर है। आमजन इन्हीं से जांच करवाते हैं और इन्हीं के द्वारा बताई गई जांच के आधार पर डॉक्टर से दवाई भी ले लेते हैं। अब ऐसी जांच की क्या सत्यता होगी जिसका ना तो किसी प्रशिक्षित द्वारा जांच की गई है और ना ही किसी डॉक्टर ने उस जांच को वेरीफाई किया है, ऐसे में आमजन को गलत जांच रिपोर्ट के आधार पर ही अपना इलाज करवाना पड़ रहा है। recent visitors 110

प्रशासन की आनाकानी पर ग्रामीणों ने दिया धरना, राजस्थान-झुंझनू में अतिक्रमण के कारण सड़क निर्माण रुका

झुंझनू. सूरजगढ़ के ग्राम काजड़ा में सड़क निर्माण में बाधा बन रहे मात्र एक व्यक्ति का अतिक्रमण नहीं हटने से सड़क निर्माण का कार्य रुका हुआ है। मामले में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर सड़क निर्माण क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया और अतिक्रमण नहीं हटाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। ग्रामवासी पहले भी कई बार प्रशासन से अतिक्रमण हटाने को लेकर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन अतिक्रमण हटाने की बजाय अतिक्रमणकर्ता के पक्ष में दलीलें दे रहा है। जिला कलेक्टर की जनसुनवाई के दौरान भी दो बार इस मामले में शिकायत की जा चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि अतिक्रमण को लेकर पहले प्रशासन लीपा-पोती कर रहा था, अब सूरजगढ़ उपखंड अधिकारी खुलकर अतिक्रमणकारियों का समर्थन कर रहे हैं। सूरजगढ़ उपखंड अधिकारी ऑन ड्यूटी होते हुए एक महीने से कार्यालय से नदारद हैं। बताया जा रहा है कि अतिक्रमणकर्ता नंदकिशोर के अगल-बगल में बहुत से लोगों का अतिक्रमण हटाया गया है। यहां तक कि 80 वर्ष पुराने मकान भी तोड़े गए हैं। इस अतिक्रमण के कारण सड़क निर्माण कार्य रुकने की वजह से गांवों के लोगों को आने-जाने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूरजगढ़ से बेरी तक बन रही एमडीआर सड़क निर्माण क्षेत्र से तकरीबन सभी का अतिक्रमण हटा दिया गया है लेकिन ग्राम काजड़ा में नंदकिशोर सैनी का चबूतरा हटाने में प्रशासन आनाकानी कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा रात्रि चौपाल और जनसुनवाई के लिए आयोजित किए जाने वाले कैंपों के लिए लाखों रुपये खर्च होते हैं, जबकि काम तो कार्यालय में बैठकर भी किया जा सकता है। जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में दो बार ग्रामीणों द्वारा उक्त अतिक्रमण को हटाने की शिकायत करने के बावजूद भी प्रशासन अतिक्रमियों के पक्ष में काम कर रहा है। ग्रामीणों ने अतिक्रमण नहीं हटाने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। recent visitors 107