5 दिनों में और तीखे होंगे तेवर, राजस्थान में शीतलहर के कहर से सीकर-चूरू में जमी बर्फ

जयपुर. राजस्थान शीतलहर की चपेट में है। आज 11 जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। इनमें जयपुर, कोटा, झुंझुनू, सीकर, चूरू, सिरोही, बीकानेर, हनुमानगढ़, नागौर और गंगानगर शामिल हैं। इनमें चुरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, सीकर, सिरोही, झुंझुनू में दिन में भी तेज शीतलहर  जारी रहने की चेतावनी दी गई है। इसी बीच प्रदेश में इस सप्ताह बारिश भी हो सकती है, जिससे तापमान में और ज्यादा गिरावट तथा कोहरे का प्रभाव बढ़ने की आशंका है। प्रदेश में न्यूनतम पारा तेजी से नीचे आ रहा है। राज्य में न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री से 10 डिग्री के बीच चल रहा है। सीकर, झुंझुनू, चुरू में पारा जमाव बिंदू के पास पहुंच गया है। बीते 24 घंटों में सीकर में न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस, चूरू में 1.8 डिग्री सेल्सियस व झुंझुनू में 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार अगले 24 घंटों में प्रदेश के कई शहरों में पारा 2 डिग्री तक और गिरेगा। इसके साथ ही अगले 5 दिनों तक प्रदेश में जबरदस्त शीतलहर चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। बीते 24 घंटों में प्रदेश का तापमान राज्य में सर्वााधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 25 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं सर्वाधिक न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सीकर में दर्ज किया गया है। बीते 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी आई है। प्रदेश के अन्य शहरों के अधिकतम व न्यूनतम तापमान की स्थिति इस प्रकार रही है। अजमेर में अधिकतम तापमान तापमान 22 व न्यूनतम 8.2 डिग्री रहा, भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान तापमान 23.3 व न्यूनतम 5.6 डिग्री, अलवर में 20.2 व न्यूनतम 5.0 डिग्री, जयपुर में 22.8 व न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रहा, पिलानी का 22.7 व न्यूनतम 2.8 डिग्री, कोटा में 23 डिग्री व न्यूनतम 7.7 डिग्री, गंगानगर में अधिकतम 23.4 व न्यूनतम 5.2 डिग्री और संगरिया में अधिकतम 22.8 व न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रहा। recent visitors 148

रीट बना कारण, राजस्थान-मार्च के पहले हफ्ते में हो सकती हैं बोर्ड की परीक्षाएं

अजमेर. अब राजस्थान बोर्ड ने दसवीं-बारहवीं की परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव किया है। इनकी तारीखें आगे बढ़ा दी गई है। अब मार्च के पहले हफ्ते में बोर्ड की परीक्षाएं हो सकती हैं। पूर्व में ये परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होनी थीं। राजस्थान बोर्ड  रीट की परीक्षा का आयोजन 27 फरवरी को कर रहा है। इस वजह से बोर्ड की सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी की परीक्षाओं का कार्यक्रम आगे खिसका दिया गया है। बोर्ड सचिव कैलाश चन्द्र शर्मा ने बताया कि रीट के लिए बोर्ड को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसकी वजह से अब दो जिम्मेदारियां बोर्ड को निभाना है। सभी परीक्षाएं बेहतर ढंग से आयोजित हो सके। इस वजह से बोर्ड 10वीं और 12 वीं की परीक्षाओं को आगे बढ़ा रहा है। दोनों परीक्षाएं एक ही समय पर करवाना संभव नहीं है। दोनों ही परीक्षाओं में लाखों अभ्यर्थी शामिल होते हैं।  बोर्ड की सेकेंडरी  और सीनियर सेकेंडरी  की परीक्षा में करीब 20 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। 5 से 10 मार्च के बीच शुरू होंगी परीक्षा बोर्ड की परीक्षा अब 5 से 10 मार्च के बीच शुरु हो सकती हैं।  फिलहाल बोर्ड ने  परीक्षा कार्यक्रम जारी नहीं किया  है। ये केवल संभावना है, जो बोर्ड सूत्र बता रहे हैं।  सीनियर सेकेंडरी  की प्रेक्टिकल परीक्षाएं जनवरी 2025 में ही शुरू करवाकर पूरी करवा ली जाएंगी। इस अवधि में रीट के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी रहने से बोर्ड को तैयारी करने में भी कोई खास परेशानी नहीं होगी। पूर्व में बोर्ड परीक्षा का यह था कार्यक्रम बोर्ड द्वारा पूर्व में सालाना मुख्य परीक्षा 20 फरवरी से प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत सीनियर सेकेंडरी एवं वरिष्ठ उपाध्याय की परीक्षाएं 20 फरवरी और सेकेंडरी व प्रवेशिका की परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू करने का कार्यक्रम जारी किया गया था, लेकिन अब इसे भी बदल दिया गया है। recent visitors 57

देरी से आए 9 अधिकारियों/कर्मचारियों को थमाया नोटिस, राजस्थान-गोपालन विभाग का सचिव ने किया औचक निरीक्षण

जयपुर। पशुपालन, मत्स्य एवं गौ-पालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने बुधवार को सुबह 9ः30 बजे गोपालन निदेशालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निदेशालय में व्यवस्थाओं का जायजा लिया और उपस्थिति रजिस्टर की जांच की। गोपालन विभाग और गौ सेवा आयोग में  30 प्रतिशत कार्मिक अनुपस्थित पाए गए। डॉ. शर्मा ने विलंब से आने वाले 5 अधिकारियों और 4 कर्मचारियों को नोटिस जारी किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों/ कर्मचारियों को कार्य समय में कार्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया। बिना पूर्व सूचना एवं अनुमति के कार्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति को गम्भीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति नही होनी चाहिए। शासन सचिव ने अधिकारियों/कर्मचारियों को अनुशासन, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता, सेवा भावना और समर्पण के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। सुशासन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर कार्य में किसी तरह की अनियमितता या कोताही नही होनी चाहिए। डॉ. शर्मा ने कहा कि कार्यालय में किसी प्रकार की अनुशासन हीनता और कार्य के प्रति लापरवाही बरदाश्त नहीं की जाएगी और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान गोपालन विभाग के निदेशक भी शासन सचिव के साथ रहे। recent visitors 72

डेयरी सहकारी समिति की सदस्यता शर्त को किया शिथिल, राजस्थान- 35 हजार गोपालक महिलाओं को मिलेगा ऋण

जयपुर। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने बुधवार को बताया कि राजस्थान सरकार 5 लाख गोपालक किसानों को राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना का लाभ देने के लिये कृतसंकल्प है। इसके लिये राज्य सरकार द्वारा 150 करोड रुपये का ब्याज अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में डेयरी व्यवसाय में महिला गोपालकों की महती भूमिका को देखते हुये राजीविका महिला समूह की गोपालक महिलाओं को भी योजना के तहत अल्पकालीन ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया है। दक ने बताया कि राजीविका समूह की महिला गोपालकों को ब्याज मुक्त ऋण मिलने से उनमें उद्यमशीलता का विकास होगा तथा आत्मनिर्भर बन ग्रामीण अर्थव्यवस्था में और अधिक योगदान दे पायेगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 35 हजार गोपालक महिलाओं को राजस्थान महिला निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव फैडरेशन के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा। सहकारिता मंत्री ने बताया कि ऐसे गोपालक जो सहकारी डेयरी सोसायटी के सदस्य नहीं है, को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस परेशानी को देखते हुए इस शर्त को शिथिल किया गया है। अब ऐसे गोपालक जो दुग्ध विपणन का कार्य कर रहा है और स्थानीय सहकारी डेयरी का सदस्य नहीं है, उन्हें भी अन्य सभी पात्रता पूर्ण करने पर इस योजना के तहत ऋण मुहैया कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि ऋण की सुरक्षा के लिये 1.5 गुणा मूल्य की स्थायी सम्पत्ति को रहन रखने की शर्त को भी विलोपित कर मात्र दो व्यक्तियों की जमानत प्राप्त करने का प्रावधान किया गया है। दक ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर सभी गोपालकों के पास पैन कार्ड उपलब्ध नहीं हो पाते हैं तथा वे पैक्स एवं डेयरी सोसायटियों के माध्यम से लेन-देन करते हैं, परन्तु पैक्स एवं डेयरी सोसायटियां क्रेडिट स्कोर बताने वाली कम्पनी की सदस्य नहीं हैं। इससे गोपालकों का क्रेडिट स्कोर अपर्याप्त या ऋणात्मक आ जाता था और वे योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिये पात्र नहीं हो पा रहे थे। इस समस्या को दूर करने के लिये इस शर्त को विलोपित कर दिया गया है। सहकारिता मंत्री ने बताया कि राजीविका की गोपालक महिला सदस्यों को योजना का निरन्तर लाभ मिलता रहे को सुनिश्चित किया गया है। इसके लिये राजस्थान राज्य सहकारी बैंक राजस्थान महिला निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव फैडरेशन को 90 प्रतिशत तक की राशि पुनर्वित्त करेगा। recent visitors 52

राइजिंग राजस्थान में अधिकारियों के साथ की संभावनाओं पर चर्चा, राजस्थान-सऊदी अरब ने खनन और पेट्रोलियम सेक्टर में दिखाई रुचि

जयपुर। सऊदी अरब के उप मंत्री शेख अब्दुल मजीद फलाह के नेतृत्व में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इंवेस्टमेंट समिट में हिस्सा ले रहे प्रतिनिधिमण्डल ने राज्य में खनिज और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में निवेश में रुचि दिखाई है। प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्री टी. रविकान्त ने बताया कि  माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सउदी अरब के उप मंत्री शेख श्री अटुल मजीद फलाह और शेख श्री अब्दुला के साथ राज्य में इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। टी. रविकान्त ने बताया कि अतिरिक्त निदेशक माइंस श्री बीएस सोढ़ा ने सउदी अरब दल के सदस्यों को विस्तार से प्रदेश में उपलब्ध मिनरल्स, एक्सप्लोरेशन और निकट भविष्य में होने वाले मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान में डेकोरेटिव स्टोन्स के साथ ही क्रिटिकल व स्ट्रेटेजिक मिनरल्स के भण्डार हैं और चरणबद्ध तरीके से इनके ब्लॉक्स तैयार कर नीलाम किए जा रहे हैं। अतिरिक्त निदेशक पेट्रोलियम श्री अजय शर्मा ने राजस्थान रिफाइनरी और उसके आसपास के क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल जोन विकसित होने की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में उपलब्ध क्रूड ऑयल और गैस के भण्डारों की खोज और दोहन के संबंध में अवगत करवाया। सऊदी अरब के उप मंत्री शेख श्री अब्दुल मजीद फलाह और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शेख श्री अब्दुला ने खनिज के साथ ही रिफाइनरी के आस पास के क्षेत्र में विकसित हो रहे पेट्रोकेमिमल जोन में औद्योगिक निवेश में रुचि दिखाई है। गौरतलब है कि शासन सचिव वित्त व्यय श्री नवीन जैन सउदी अरब से निवेश के संबंध में राज्य सरकार के प्रभारी अधिकारी हैं और वह राज्य सरकार और सउदी अरब के प्रतिनिधियों के बीच समन्वय कर प्रदेश में अधिक से अधिक विदेशी निवेश लाने का प्रयास कर रहे हैं। खनिज विभाग के प्रतिनिधिमण्डल में अतिरिक्त निदेशक श्री एमपी मीणा, एडीजी श्री आलोक जैन, एसजी श्री सुनील वर्मा, श्री राजकुमार मीणा व अन्य अधिकारी थे। ————- recent visitors 94

निवेश के लिए यही समय है: उद्योग राज्य मंत्री, राजस्थान-‘सस्टेनेबल फाइनेंसः पब्लिक एंड प्राइवेट इन्वेस्टमेंट’ में चर्चा

जयपुर। उद्योग राज्य मंत्री श्री के.के. विश्नोई ने कहा कि विकसित राजस्थान की संकल्पना को साकार करने की दिशा में ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट‘ की महत्वपूर्ण भूमिका साबित होगी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं को निवेशकों तक पहुंचा रही हैं। इसी का परिणाम है कि समिट में 30 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश के एमओयू हस्ताक्षर हुए हैं। विश्नोई राइजिंग राजस्थान के दूसरे दिन थीमैटिक सेशन- सस्टेनेबल फाइनेंसः पब्लिक एंड प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधारभूत सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही हैं ताकि निवेशकों को अपने प्रोजेक्ट धरातल पर उतारने में देरी नहीं हो। उन्होंने निवेशको से कहा कि निवेश कर इंडस्ट्री लगाने का यही और सही समय है। उद्योग राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल ही 9 पाॅलिसी एक साथ लाॅन्च कर सरकार की प्राथमिकता को दर्शाया है। अब हमें मिलकर राजस्थान में विकास के नए आयाम स्थापित करने होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बैटरी स्टोरेज, स्मार्ट ग्रिड, ग्रीन हाइड्रोजन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही हैं। सेशन में वित्त (बजट) सचिव श्री देबाशीष पृष्टी ने राज्य सरकार के प्रयासों और भविष्य के लिए रोडमैप की जानकारी दी। उन्होंने रिप्स पाॅलिसी 2024, एमएसएमई पाॅलिसी 2024, एक जिला एक उत्पाद पाॅलिसी, मिनरल्स पाॅलिसी सहित अन्य पाॅलिसियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार राजस्थान में ग्रीन बजट वित्तीय वर्ष 2025-26 में पेश किया जाएगा। इस सेशन में पैनलिस्ट आरईसी लिमिटेड के चेयरमैन श्री विवेक कुमार, ड्यूश बैंक डायरेक्टर श्री पंकज ओझा, विश्व बैंक के सलाहकार डॉ. रामबाबू परवस्तु, बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ श्री देबदत्त चंद, यूएनडीपी प्रतिनिधि एंजेला लुसिगी, एशियन डवलपमेंट बैंक की कंट्री डायरेक्टर मिओ ओका, भारतीय रिजर्व बैंक के चीफ जनरल मैनेजर श्री सुनील नायर, हुडको अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री संजय कुलश्रेष्ठ ने राजस्थान में वित्तीय संसाधनों, इंडस्ट्री ग्रोथ और निवेश के बदलते माहौल पर चर्चा की। इस अवसर पर गुजरात सरकार में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री जे. पी. गुप्ता ने भी विचार रखे। recent visitors 59

‘राज्य की असीम संभावनाएं साकार करने की दिशा में कदम’, उद्योग मंत्री कर्नल राठौड़ ने थीमेटिक सत्र में डिजिटल परिवर्तन पर की चर्चा

जयपुर। उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा है कि राइजिंग राजस्थान सिर्फ एक आयोजन नहीं है, यह राज्य की असीम संभावनाओं को साकार करने और इसे दुनिया से जोड़ने की दिशा में एक कदम है। वे राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के दूसरे दिन आयोजित थीमेटिक सत्र ‘डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन: शेपिंग द फ्यूचर ऑफ स्टार्ट अप्स में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उद्योग मंत्री कर्नल राठौड़ ने इस दौरान योर स्टोरी की संस्थापक और सीईओ श्रद्धा शर्मा के साथ संवाद करते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से हम राजस्थान के प्रतिभाशाली युवाओं और कुशल कार्यबल के सपनों और संभावनाओं में निवेश करना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य राज्य की विविध क्षमताओं रिफाइनरी और माइनिंग से लेकर व्यापार गलियारों और इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रदर्शित करना है। इस सत्र में भारत के अग्रणी उद्यमियों और नवाचारकर्ताओं ने भी भाग लिया। पेटीएम के संस्थापक श्री विजय शेखर शर्मा ने कहा कि डिजिटल तकनीकों और एआई को अपनाना स्टार्टअप्स के लिए नवाचार और विकास के लिए जरूरी है। एआई भविष्य है और व्यावहारिक समस्याओं को हल करने और प्रतिस्पर्धी बाजार में वृद्धि को बढ़ावा देने की अपार क्षमता रखता है। ओयो के संस्थापक और सीईओ श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि प्रौद्योगिकी अब वैकल्पिक नहीं है, यह परिवर्तन के लिए अनिवार्य है। एआई स्टार्टअप्स के संचालन को पुनर्परिभाषित करने, दक्षता बढ़ाने और नवाचार को सक्षम करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। कारदेखो के संस्थापक श्री अनुराग जैन और श्री अमित जैन ने ‘राजस्थान: शेपिंग द फ्यूचर ऑफ स्टार्टअप्स नामक पैनल चर्चा में भाग लिया। उन्होंने राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला और राज्य में अपनी सफलता की यात्रा साझा की। पैनलिस्ट्स ने राजस्थान के फलते-फूलते स्टार्टअप इकोसिस्टम पर भी चर्चा की। इस सत्र में डीओआईटीसी की शासन सचिव एवं आयुक्त श्रीमती अर्चना सिंह और डाटा इंजीनियस ग्लोबल लिमिटेड के सीईओ श्री अजय डाटा ने भी भाग लिया। recent visitors 84