सिन्धु दर्शन यात्रा पर 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, राजस्थान-सरकार का सिंधी समाज को तोहफा

अजमेर. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के आग्रह पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सिन्धी समाज को बड़ा तोहफा दिया है। राज्य सरकार ने सिन्धी समाज की सबसे बड़ी और पवित्र मानी जाने वाली लेह-लद्दाख सिन्धु दर्शन यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को 15 हजार रूपए प्रति व्यक्ति आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सिन्धु दर्शन यात्रा में चार दिन तक लेह-लद्दाख में धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन होते हैं तथा यह यात्रा 18 जून से शुरू होकर 30 जून को समाप्त होती है। सिन्धी समाज के तीर्थयात्री हर साल 23 से 26 जून तक लेह-लद्दाख में सिन्धु दर्शन यात्रा पर जाते हैं। यह यात्रा 18 जून से जम्मू एवं कुरूक्षेत्र से प्रारंभ होती है तथा 30 जून को इसका अधिकारिक समापन होता है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को ज्ञापन देकर आग्रह किया था कि सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों को भी अन्य तीर्थ यात्राओं की तरह आर्थिक सहायता दी जाए। इस पर निर्णय करते हुए राज्य सरकार ने तीर्थ यात्रियों के लिए 15 हजार रूपए प्रति यात्री की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। गौरतलब है कि वर्ष 1997 में भारत रत्न एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने सिन्धु दर्शन यात्रा की शुरूआत की थी। प्रतिवर्ष यह यात्रा 23 से 26 जून तक लेह-लद्दाख में आयोजित की जाती है। इसमें बड़ी संख्या में सिंधी धर्मावलम्बी भाग लेते हैं। वेद, शास्त्र एवं धार्मिक मान्यताओं में सिन्धु नदी का बड़ा महत्व है। लगभग सभी ग्रन्थों में सिन्धु नदी का उल्लेख मिलता है। इसके साथ ही भारतीय राष्ट्रगान में भी सिन्धु नदी का उल्लेख है। सिन्धी समाज में भी ईष्ट देव श्री झूलेलाल जी के अवतार का जल से संबंध है। ऎसे में यह यात्रा सिन्धी धर्मावलम्बियों के लिए बड़ी पवित्र मानी जाती है। प्रतिवर्ष देश के लगभग 25 राज्यों से सिन्धी धर्मावलम्बी इस पवित्र यात्रा पर जाते हैं। यह यात्रा जम्मू एवं कुरूक्षेत्र से प्रारम्भ होती है एवं लगभग 12 दिन चलती है। यात्रा में लेह-लद्दाख में विशिष्ट धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन होते हैं। recent visitors 162

विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भड़के, राजस्थान के 49 नगरीय निकायों में प्रशासक लगाना असंवैधानिक

अलवर. राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार द्वारा 49 नगर निकायों में प्रशासक लगाये जाने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह कदम पूर्णतया असंवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वाला है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार ने राज्य के पांच नगर निगम, 20 नगर परिषद और 24 नगर पालिका का कार्यकाल समाप्त होने का तर्क देकर इनमें सरकारी अधिकारियों को प्रशासक लगा दिया है। जबकि सरकार को इन निकायों की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कायम रखने के लिए इनमें तत्काल चुनाव कराने की घोषणा करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार से मांग है कि इन निकायों के अविलम्ब चुनाव कराये जायें। जूली ने कहा कि इसके पीछे राज्य सरकार 'वन स्टेट वन इलेक्शन' एजेंडे का बहाना बना रही है, लेकिन वस्तुतः राज्य की भाजपा सरकार इन नगर निकायों के चुनाव अपनी पराजय के भय से नहीं कराना चाहती। प्रदेश के अनेक नगर निकायों का कार्यकाल पूरा होने में अभी एक साल और इससे ज्यादा का समय शेष है। तब तक राज्य सरकार कार्यकाल पूरा कर चुके नगर निकायों में नगर निगमों को जिला कलेक्टर, नगर परिषदों को एडीएम और नगर पालिकाओं को एसडीएम स्तर के सरकारी अधिकारियों के भरोसे चलाना चाहती है। सरकार का यह रवैया लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वाला है। आम जनता को उनके निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से वंचित करने की राज्य सरकार की यह चेष्टा अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है। सरकार के इस कदम से इन निकायों में अव्यवस्था पनपेगी और आम जनता अपनी रोजमर्रा की समस्याओं के निराकरण के लिए तरसेगी। नगर निकायों में नौकरशाही को हावी करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि यह दुर्भाग्य का विषय है कि जब सब ओर संविधान दिवस मनाने की तैयारियां चल रही थी। उसके एक दिन पहले राजस्थान में राज्य सरकार ने यह कदम उठाकर सिद्ध किया है कि सरकार लोकतंत्र पर अपनी मनमानी थोपना चाहती है और उसका संविधान में कोई विश्वास नहीं है। recent visitors 61

फरवरी में भर्ती प्रक्रिया होगी पूर्ण, राजस्थान-उपभोक्ता आयोगों में अध्यक्ष और सदस्यों का लिखित परीक्षा से चयन

जयपुर। उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री श्री सुमित गोदारा ने कहा है कि उपभोक्ता संरक्षण के साथ कंज्यूमर केयर की अवधारणा को मूर्त्त रूप दिये जाने के क्रम में राज्य में उपभोक्ता विषयक विभिन्न नवाचारों के साथ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के अन्तर्गत उपभोक्ता आयोगों में होने वाली भर्तियों में पहली बार लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के बाद चयनित अध्यक्ष और सदस्य के विषयविज्ञ-दक्ष होने के साथ न्यायिक प्रक्रिया एवं कार्यात्मक क्षमता में न केवल अपेक्षाकृत वृद्धि होगी बल्कि समयबद्ध न्याय सुलभ होगा और उपभोक्ता आन्दोलन सुदृढ़ होगा। गोदारा ने लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के संबंध में कहा कि राज्य के सभी उपभोक्ता आयोगों में आगामी मार्च तक रिक्त होने वाले सभी पदों को सम्मिलित कर लिया गया है। इसके अन्तर्गत विभिन्न पदों में राज्य आयोग सदस्यों के 7 पद, जिला आयोग में अध्यक्ष के 21 और सदस्यों 59 पदों पर नियुक्ति हेतु 26 नवम्बर  से उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा आवेदन आमंत्रित किये गये हैं, जिसकी अन्तिम तिथि  16 दिसम्बर निर्धारित है। चयन प्रक्रिया आगामी फरवरी तक पूर्ण कर ली जाएगी। प्रमुख सचिव, उपभोक्ता मामले विभाग, श्री सुबीर कुमार ने बताया कि लिखित परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होंगे, एक प्रश्नात्मक एवं एक वर्णनात्मक। जिसमें उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, विधिक मापविज्ञान अधिनियम, भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, प्रतिस्पर्धा अधिनियम एवं अन्य से संबंधित प्रश्न पूछे जायेंगे। विस्तृत जानकारी  उपभोक्ता मामले विभाग की वेबसाइट https://consumeraffairs.rajasthan.gov.in/ पर देखी जा सकती है। recent visitors 62

‘शिक्षा के क्षेत्र में राज्य को बनाएंगे मॉडल स्टेट’, राजस्थान-जयपुर में मुख्यमंत्री ने की स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में शिक्षा की अहम भूमिका है, क्योंकि आज के बच्चे ही भविष्य के नागरिक होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए नवीन तकनीकों का उपयोग करने के साथ ही, खाली पदों पर भर्ती तथा स्कूलों में कक्षा-कक्षों का निर्माण कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि हम नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने तथा शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान को मॉडल स्टेट बनाने हेतु विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय बजट घोषणाओं को त्वरित गति से पूरा करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चले इस हेतु सत्र के प्रारंभ में ही विद्यार्थियों को लगभग साढ़े 3 करोड़ पाठ्यपुस्तकों का निःशुल्क वितरण किया गया है तथा कक्षा 1 से 8 के समस्त विद्यार्थियों एवं 9 से 12 तक की बालिकाओं को स्कूल बैग भी दिए जाएंगे। श्री शर्मा ने कहा कि आगामी माह में 1 लाख 25 हजार बालिकाओं को साइकिल वितरित की जाएगी। लगभग साढ़े 20 हजार पदों पर दी गई नियुक्तियां— मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता बेहतरीन करने हेतु सरकार खाली पदों पर भर्ती कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में अब तक लगभग साढ़े 20 हजार पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं तथा लगभग 18 हजार पदों पर पदोन्नति की गई है। प्राध्यापक स्कूल शिक्षा, पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड 2 एवं ग्रेड 3 तथा वरिष्ठ अध्यापक के कुल 5 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। साथ ही, विभिन्न संवर्गों में चयनित 515 अभ्यर्थियों को दिसम्बर माह में नियुक्तियां दे दी जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को रिक्त पदों पर चरणबद्ध रूप से भर्ती करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर विद्यालयों में लगाए जाएं शिक्षक— मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की संख्या का सर्वे करवाकर विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी एवं निजी विद्यालयों के ड्रेस कोड में एकरूपता लाई जाए। मुख्यमंत्री ने स्कूलों में कक्षा कक्षों तथा बालिका विद्यालयों में शौचालयों की स्थिति का भौतिक सत्यापन कर आवश्यकतानुसार उनकी मरम्मत और नव निर्माण करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भौतिक सत्यापन के कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। श्री शर्मा ने विद्यालयों में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने की दृष्टि से चरणबद्ध रूप से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में भामाशाहों का भी सहयोग लिया जाए। बैठक में शासन सचिव स्कूल शिक्षा श्री कृष्ण कुणाल ने मुख्यमंत्री को स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत विभाग को 12 हजार 400 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। हरियालो राजस्थान तथा एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत विभाग द्वारा रिकॉर्ड संख्या में वृक्षारोपण किया गया। साथ ही राज्य के 1.34 करोड़ विद्यार्थियों ने सूर्य नमस्कार कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसके अतिरिक्त, विभाग द्वारा शाला स्वास्थ्य सर्वेक्षण प्रखर राजस्थान रीडिंग कैम्पेन, पीएमश्री विद्यालय, शाला सम्बलन एप, खेल प्रतियोगिता एवं ई-पाठशाला कार्यक्रम सहित अन्य नवाचार भी किए जा रहे हैं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री शिखर अग्रवाल, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान श्री अविचल चतुर्वेदी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री आशीष मोदी सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 65

खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों पर की चर्चा, राजस्थान-जयपुर में केंद्रीय मंत्री से मिले किसान आयोग के अध्यक्ष

जयपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री श्री भागीरथ चौधरी के दिल्ली स्थित कृषि भवन कार्यालय में सोमवार को राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष श्री सीआर चौधरी ने मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश के खेती-किसानी से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ‘उन्नत कृषि – समृद्ध किसान’ के मूलमंत्र के साथ काम कर रही है। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने राजस्थान के किसानों की समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की। साथ ही प्रदेश में उन्नत तकनीक और योजनाओं के जरिए कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। श्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि सरकार किसानों के हित में ठोस कदम उठा रही है और केंद्र एवं राज्य के समन्वय से कृषि विकास के लिए योजनाएं बेहतर तरीके से जमीनी स्तर पर क्रियान्वित हो रही हैं। recent visitors 61

सरकार की पहली वर्षगांठ पर युवा, किसान एवं महिलाओं को मिलेंगी सौगातें, राजस्थान-जयपुर में मुख्यमंत्री ने ली समीक्षा बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के 1 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सम्पूर्ण प्रदेश में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के जरिये युवा, महिला, किसान, मजदूर सहित विभिन्न वर्गों को विकास कार्यों के लोकार्पण, शिलान्यास एवं योजनाओं का शुभारम्भ कर विशेष सौगातें दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण आयोजन की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाए। शर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज्य सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की गतिविधियों की निरंतर समीक्षा करें, जिससे यह आयोजन सफल बन सके। युवा, किसान एवं महिला सम्मेलन का होगा आयोजन मुख्यमंत्री ने उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के युवाओं को 1 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रोजगार उत्सव के जरिये नियुक्ति एवं भर्तियों की सौगात दी जाएगी, इसके लिए संबंधित विभाग पूर्व में ही सभी तैयारियां सुनिश्चित कर लें। उन्होंने ‘रन फॉर विकसित राजस्थान’ के आयोजन में युवाओं की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषक एवं पशुपालकों को दी जाने वाली विभिन्न सौगातों की समीक्षा की। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इस आयोजन में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं को लाभान्वित किया जाना सुनिश्चित करंे। राज्य एवं जिला स्तरीय प्रदर्शनियां हों आकर्षक एवं जानकारीपूर्ण श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि राज्य एवं जिला स्तर पर आयोजित होने वाली विकास प्रदर्शनियों में राज्य सरकार की उपलब्धियों, जन कल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों की सम्पूर्ण जानकारी आकर्षक तरीके से प्रदर्शित की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इनकी जानकारी प्राप्त हो। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान होने वाले विभिन्न लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव सार्वजनिक निर्माण श्री प्रवीण गुप्ता, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री आलोक गुप्ता सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे। —– recent visitors 85

कांग्रेस को जोरदार झटका, राजस्थान में भाजपा सात में से पांच सीटों पर जीती

झुंझुनूं. राजस्थान विधानसभा की सात सीटों पर हुए उपचुनाव का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। खींवसर, झुंझुनूं, सलूंबर, देवली-उनिया और रामगढ़ का विधानसभा उपचुनाव बीजेपी जीत गई है। वहीं, दौसा में कांग्रेस और चौरासी में बीएपी को जीत हासिल हुई है। राजस्थान विधानसभा में बीजेपी विधायकों की संख्या बढ़कर 119 हो गई है। उपचुनाव में बीजेपी पांच सीटें जीत गई है। इनमें सलूंबर, खींवसर, झुंझुनूं, देवली-उनियारा और रामगढ़ सीट शामिल है। झुंझुनूं में बीजेपी की जीत इस मायने में भी अहम है, क्योंकि बीजेपी यहां दशकों से चुनाव नहीं जीती थी। बीजेपी ने अखिरी बार 2003 में यह सीट जीती थी। इसके बाद से यह सीट कांग्रेस के टिकट पर बृजेंद्र ओला जीतते रहे। इसलिए यह यह सीट कांग्रेस और ओला परिवार का गढ़ मानी जाती थी। अब बीजेपी के राजेंद्र भांबू ने बृजेंद्र ओला के पुत्र व कांग्रेस प्रत्याशी अमित ओला को 42,828 वोटों के बड़े अंतर से चुनाव हरा दिया है। आम चुनाव से ज्यादा बड़े अंतर से जीते भांबू खास बात यह है कि 2023 के विधानसभा चुनावों में भी राजेंद्र भांबू ने यहां बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और उस चुनाव में भांबू को कुल 42,407 वोट मिले थे। यानी भांबू को 2023 में जितने वोट मिले थे, उससे ज्यादा वोटों के अंतर से उन्होंने उपचुनाव में जीत दर्ज की है। हालांकि, उनकी जीत में निर्दलीय राजेंद्र गुढ़ा का भी बड़ा रोल रहा है। राजेंद्र गुढ़ा ने कांग्रेस के वोट काटने का काम किया। खींवसर में मेलजोल में फंस गए हनुमान खींवसर के नतीजे भी चौंकाने वाले रहे। हनुमान बेनीवाल की पत्नी कनिका बेनीवाल यहां बीजेपी के रेवतराम डांगा से चुनाव हार गए। इसकी बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि कांग्रेस के कुछ विधायकों ने यहां हनुमान को हरवाने के लिए बीजेपी में वोट शिफ्ट करवाए हैं। साल 2023 में रेवतराम को खींवसर में करीब 77 हजार वोट मिले थे। इस बार उन्होंने एक लाख 8 हजार 628 वोट लिए हैं। यानी पिछले चुनावों के मुकाबले उन्होंने करीब 41 हजार से ज्यादा वोट लिए। वहीं, उनकी निकटतम प्रतिद्वंदी कनिका बेनीवाल को 92,727 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी रतन चौधरी की यहां जमानत जब्त हो गई। उन्हें सिर्फ 5,454 वोट मिले हैं। देवली उनियारा में नरेश का फायदा बीजेपी को देवली-उनियारा सीट भी बीजेपी ने कांग्रेस से छीन ली है। यहां बीजेपी के राजेंद्र गुर्जर 41,121 वोटों के अंतर से चुनाव जीते हैं। हालांकि, इसकी बड़ी वजह थप्पड़ कांड के आरोपी निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा रहे। थप्पड़ कांड के बाद पूरे उनियारा में नरेश को लेकर मीणा वोटों का कंसोलिडेशन हो गया। इससे कांग्रेस के केसी मीणा नतीजों में तीसरे नंबर पर आ गए। नरेश 59,478 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे। सलूंबर में आखिरी राउंड में हारी बीएपी सबसे रोचक मुकाबला सलूंबर सीट पर देखने को मिला। यहां 21 राउंड तक बीएपी आगे चल रही थी। लेकिन आखिरी राउंड में बाजी पलट गई और बीजेपी की शांता अमृतलाल मीणा 1,285 वोटों के अंतर से चुनाव जीत गई। सलूंबर एक मात्र सीट थी, जो उपचुनाव से पहले बीजेपी के पास थी। दौसा में किरोड़ी मीणा को मिला भितरघात दौसा में मैच फिक्स तो हुआ, लेकिन कांग्रेस के डीडी बैरवा के पक्ष में। बीजेपी के कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा दौसा उपचुनाव हार गए। हारने के साथ ही जगमोहन ने बयान दिया, जब अपने ही बेवफा हो जाएं तो कोई क्या करें। डीडी बैरवा ने 2,300 वोटों के अंतर से जगमोहन को चुनाव हरा दिया। रामगढ़ में भी दिखी कांटे की टक्कर रामगढ़ सीट पर भी बार-बार समीकरण बदलते रहे। शुरुआत में कांग्रेस के आर्यन जुबेर 10 हजार वोटों तक की लीड़ ले गए थे। इसके बाद बीजेपी के सुखवंत ने वापसी की और राउंड पूरे होते-होते सुखवंत ने 13,614 वोटों से मुकाबला जीत लिया। recent visitors 54