समिति की बैठक में होगा फैसला, राजस्थान-एसआई भर्ती परीक्षा होगी रद्द या नहीं

जयपुर. राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में पेपर लीक मामले के बाद आज अहम बैठक होगी। पेपर लीक का खुलासा होने के बाद सरकार ने 6 मंत्रियों की एक समिति का गठन किया था, जो इस मामले की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई की सिफारिश करेगी। इस समिति की पहली बैठक आज सचिवालय में आयोजित होने वाली है। समिति की सिफारिशों के बाद सरकार परीक्षा रद्द करने या अन्य कोई कदम उठाने का निर्णय लेगी। एसआई भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक मामले में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा की संलिप्तता सामने आई थी। जांच एजेंसी एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की पूछताछ में खुलासा हुआ कि कटारा ने पेपर लीक किया था, जो बाद में रामूराम राईका द्वारा अपने बेटे देवेश और बेटी शोभा को उपलब्ध कराया गया। इस मामले के गर्माने के बाद सरकार ने 6 मंत्रियों की समिति का गठन किया, ताकि परीक्षा रद्द करने या अन्य कार्रवाई के लिए सिफारिशें दी जा सकें। समिति की संरचना समिति का संयोजक संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल को बनाया गया है। अन्य सदस्यों में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और सार्वजनिक निर्माण राज्यमंत्री मंजू बाघमार शामिल हैं। समिति इस मामले में गहन समीक्षा करेगी और आगे की कार्रवाई के लिए सरकार को अनुशंसा देगी। परीक्षा रद्द करने पर मतभेद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने परीक्षा रद्द करने की मांग की है लेकिन इसके विरोध में कई सामाजिक संगठनों ने सरकार से इसे निरस्त न करने का आग्रह किया है। राजपूत और जाट समाज सहित विभिन्न संगठनों ने सरकार को पत्र लिखकर कहा कि पेपर लीक में केवल 5% उम्मीदवार दोषी हैं, बाकी 95% निर्दोष अभ्यर्थियों को इसकी सजा नहीं मिलनी चाहिए। उनका तर्क है कि परीक्षा रद्द करने से अन्याय होगा और बेरोजगार युवाओं के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ेगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समिति की सिफारिशों के बाद बैठक में क्या निर्णय लिया जाता है? recent visitors 146

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा तकनीकी कदम, राजस्थान के अस्पतालों में लागू होगा एबीडीएम

जयपुर. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के क्रियान्वयन को लेकर भारत सरकार देश की स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त और समावेशी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रमुख घटकों पर प्राथमिकता से कार्य कर रही है। एबीडीएम का उद्देश्य एक ऐसा डिजिटल स्वास्थ्य इको सिस्टम का निर्माण करना है, जो देश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान और समान पहुंच प्रदान कर सके। राज्य सरकार का चिकित्सा विभाग 10 महीने पहले निकले इन आदेशों को मिशन मोड में लागू करने जा रहा है। मिशन निदेशक एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) द्वारा जारी आदेशों के अनुसार राजस्थान के सभी जिलों में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत योजना के प्रमुख घटकों को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा। इस मिशन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराना और स्वास्थ्य संबंधी डेटा का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार ने इसके क्रियान्वयन के लिए आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा), हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (एचपीआर), और हेल्थकेयर फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) पर विशेष जोर देने का निर्णय लिया है। आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) प्रत्येक नागरिक का हेल्थ अकाउंट 14 अंकों की आभा आईडी के माध्यम से पहचाना जाएगा। आभा आईडी पोर्टल और एप्स के माध्यम से स्वयं पंजीकरण की सुविधा दी गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक का एक डिजिटल हेल्थ आईडी बनाना है, जो उसकी संपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड होगा। इस आईडी के माध्यम से नागरिक किसी भी अस्पताल या क्लिनिक में अपनी स्वास्थ्य जानकारी आसानी से साझा कर सकेंगे। इससे मरीजों को बार-बार मेडिकल रिपोर्ट्स ले जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी और इलाज में होने वाली देरी को भी कम किया जा सकेगा। इसके साथ ही यह मरीजों के समय और पैसे की बचत भी करेगा, क्योंकि उन्हें बार-बार अपने टेस्ट और मेडिकल जानकारी साझा करने की आवश्यकता नहीं होगी। एचपीआर (हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री) एचपीआर के तहत राज्य के सभी स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों का पंजीकरण किया जाएगा। यह रजिस्ट्री स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट और अन्य पेशेवरों की एक व्यापक जानकारी प्रदान करेगी। इससे राज्य में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग अधिक संगठित और पारदर्शी ढंग से किया जा सकेगा। एचएफआर (हेल्थकेयर फैसिलिटी रजिस्ट्री) एचएफआर के तहत राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों का पंजीकरण किया जाएगा। इस रजिस्ट्री के माध्यम से नागरिक यह जान सकेंगे कि राज्य में किन-किन स्थानों पर कौन-कौन सी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। इससे लोगों को सही समय पर सही स्थान पर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मिलेगी और उपचार में होने वाली जटिलताएं कम होंगी। मिशन की चुनौतियां और समाधान मिशन के क्रियान्वयन के दौरान कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाओं की कमी, स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों को डिजिटल तकनीक के प्रति जागरूक करना और डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करना प्रमुख हैं। राज्य सरकार ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों और तकनीकी सहायता प्रदान करने की योजना बनाई है। सरकार का यह प्रयास है कि डिजिटल मिशन के सफल क्रियान्वयन से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार हो। इसके साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं में पारदर्शिता और कुशलता सुनिश्चित की जा सकेगी। लाभार्थियों के लिए फायदा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से राज्य के लाखों नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। आभा आईडी और अन्य डिजिटल सुविधाओं से वे न केवल अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को सुगम और सुलभ बना सकेंगे, बल्कि इससे उनकी निजी स्वास्थ्य जानकारी भी सुरक्षित रहेगी। राज्य सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि 2025 तक राजस्थान के सभी जिलों में एबीडीएम के सभी घटकों का पूर्ण क्रियान्वयन हो जाएगा। recent visitors 100

सदस्यता अभियान की समीक्षा में जुटी भाजपा, राजस्थान में नड्ढा लेंगे मीटिंग

जयपुर. प्रदेश में बीजेपी का सदस्यता अभियान संगठन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्ढा राजस्थान की वर्चुअल बैठक लेने वाले हैं। इससे पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सदस्यता अभियान की समीक्षा के लिए समिति गठित कर दी। इस समिति का संयोजक ओंकारसिंह लखावत को बनाया गया है। वहीं पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया व अनुसूचित जनजाति के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश मेघवाल को सदस्य बनाया है। जानिए मंत्री विधायकों का रिपोर्ट कार्ड सदस्यता अभियान की बात करें तो राजस्थान इस मामले में बहुत ही ज्यादा पिछड़ा हुआ है। राजधानी जयपुर में आदर्श नगर, सांगानेर और विद्याधर नगर टॉप पर हैं। वहीं डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा का विधानसभा क्षेत्र दूदू सबसे फिसड्डी साबित हुआ है। आदर्श नगर की बात करें तो यहां विधानसभा चुनावों में बीजेपी हार गई थी। रवि नैयर यहां से बीजेपी के प्रत्याशी थे। नए सदस्य बनाने में जयपुर में यह विधानसभा टॉप पर रही है। भजनलाल v/s दीया कुमारी वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विधानसभा क्षेत्र सांगानेर दूसरे तथा डिप्टी सीएम दीया कुमारी का निर्वाचन क्षेत्र विद्याधर नगर तीसरे स्थान पर है। सांगानेर में 40232 नए सदस्य बनाए गए हैं, जबकि विद्याधर नगर विधानसभा में 40222 सदस्य बनाए गए हैं। उद्योग मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ की विधानसभा झोटवाड़ा 27958 सदस्यों के साथ इस सूची में चौथे नंबर पर है।   विधानसभा        नए बनाए सदस्य आदर्शनगर              46879 सांगानेर                  40232 विद्याधर नगर           40222 झोटवाड़ा                27958 सिविल लाइंस          26072 मालवीय नगर          25672 बगरू                    18696 चाकसू                   14794 आमेर                    13782 विराटनगर              13095 बस्सी                     10729 जमवारामगढ़            9615 चौमू                        7891 किशनपोल               8433 किशनपोल               5515 बीएल संतोष से लग चुकी है फटकार – पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने पिछले दिनों बीजेपी ऑफिस में सदस्यता अभियान की समीक्षा बैठक लेकर जयपुर की स्थिति पर कड़ी नाराजगी भी जताई थी। कई पदाधिकारियों ने यह तर्क दिया कि राजस्थान में इस समय खेती हो रही है इसलिए लोग नए सदस्य नहीं बना पा रहे। इस पर बीएल संतोष ने कहा था कि खेत में भी जाना पड़े तो जाओ लेकिन नए सदस्य बनाओ। राजस्थान का रिपोर्ट कॉर्ड जिला     विधानसभा    सदसय बनाए      क्षेत्र संख्या   जयपुर            7     1,35,735 अजमेर            3      80493 चूरू           6      80301 सीकर           8      80233 भीलवाड़ा          7      71621 भरतपुर         7      70535 जैसलमेर      2      562190 जालौर        5      66244 जोधपुर        3      62190 जयपुर देहात      661324   recent visitors 78

‘रील’ को लेकर मचा बवाल, राजस्थान के डिप्टी सीएम के बेटे का परिवहन विभाग ने काटा चालान

जयपुर. परिवहन विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के बेटे की रील वायरल होने के बाद उनके ही विभाग को उनके बेटे चिन्मय कुमार बैरवा का 7 हजार रुपये का चालान काटना पड़ा। पिछले दिनों सोशल मीडिया पर छिड़े रील विवाद के बाद सरकार पर इस कार्रवाई को लेकर भारी दबाव था। परिवहन विभाग द्वारा काटा गया यह चालान नियम से ज्यादा मजबूरी का है। दरअसल चिन्मय बैरवा की एक कांग्रेस नेता के पुत्र की जीप चलाने की रील सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, इसकी मुख्य वजह यह थी कि इस जीप को परिवहन विभाग का दस्ता भी एक्सकॉर्ट करता चल रहा था। सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहुत बड़ा रिएक्शन देखने को मिला क्योंकि चिन्मय बैरवा अभी नाबालिग है और स्कूल में पढ़ता है। ऐसे में उसके पास लाइसेंस भी नहीं है। हालांकि विवाद बढ़ने पर परिवहन मंत्री ने सफाई भी दी लेकिन इसके बाद भी वे सोशल मीडिया पर अलग-अलग कारणों से ट्रोल होते रहे। अब शुक्रवार को सोशल मीडिया पर उनके बेटे का चालान वायरल किया गया। हालांकि इस चालान की तारीख वही दिखाई गई है, जिस दिन उनके बेटे की रील सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसलिए सोशल मीडिया यूजर यह भी कह रहे हैं कि ये सब फेस सेविंग के लिए किया गया है। बैरवा कहा था- बेटे का कोई दोष नहीं है रील वायरल होने के बाद बैरवा ने सफाई में बेटे का बचाव करते हुए कहा था कि ऐसी कोई बात नहीं है। इसमें उनके बेटे का कोई दोष नहीं है। बैरवा ने यह भी कहा कि पुलिस की जीप एस्कॉर्ट नहीं कर रही थी बल्कि वह तो सुरक्षा की दृष्टि से उसके पीछे चल रही थी लेकिन इस मसले के बाद बैरवा निशाने पर आ गए और पार्टी स्तर पर भी इस मामले को गंभीरता से लिया गया था, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई। recent visitors 96

अफसरों को खून के आंसू रुलाऊंगा तब आका भी नहीं मिलेंगे, राजस्थान के पूर्व कांग्रेस मंत्री चांदना की धमकी

जयपुर. राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में खेल मंत्री रहे अशोक चांदना का एक बयान सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है। एक सार्वजनिक सभा में उन्होंने कोटा-बूंदी में लगे पुलिस अफसरों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जान-बूझकर परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब हमारी पार्टी सत्ता में आएगी तो ऐसे अफसरों को खून के आंसू रुलाएंगे। चांदना बोले कि कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र में सांसद ओम बिरला के पाले हुए अधिकारी घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग पुलिस-प्रशासन के तंत्र को अपने हाथ में रखते हैं और लोगों की खिंचाई करवाते हैं। मैं पुलिस प्रशासन के उन अधिकारियों को कहना चाहता हूं कि किसी गलतफहमी में मत रहना। तीन साल बाद ये पर्ची सरकार चली जाएगी। तब आपके आका, आपको ढूंढने से भी नहीं मिलेंगे। मैं सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सामने इस मंच से विश्वास दिला रहा हूं कि जो भी व्यक्ति उने पाले हुए अधिकारियों के इशारे पर किसी भी कांग्रेस कार्यकर्ता को परेशान करेगा, उनका तेल निकाल दिया जाएगा। ये रिकॉर्डिंग करके रखना — चांदना ने आगे कहा कि पूरे 5 साल रिकॉर्डिंग चालू है। आप भी ये रिकॉर्डिंग करके रखना। जो भी कांग्रेस कार्यकर्ता के ऊपर अत्याचार करता है, उसे अगर खून के आंसू नहीं रुलाया तो मेरा नाम अशोक चांदना नहीं। अधिकारियों को अपनी नौकरी करनी चाहिए। जनता को न्याय दें, लोगों की सेवा करें, सरकारी योजनाओं के माध्यम से कैसे हर वर्ग को फायदा मिल सकता है, उस दिशा में काम करें। ऐसा करके आप किसी के ऊपर एहसान नहीं करेंगे, आप लोगों का यही काम है लेकिन आप कुछ लोगों के इशारे पर जो कर्म कर रहे हैं, वो आपके ऊपर ही भारी पड़ने वाले हैं। recent visitors 68

सामान्य से 58.5% अधिक वर्षा, राजस्थान में बारिश थमते ही चढ़ा पारा

जयपुर. मानसून सीजन खत्म होने के साथ मौसम में बदलाव शुरू हो गया। अब दिन-रात के तापमान में अंतर बढ़ना शुरू हो गया है। अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। अक्टूबर में गर्मी के प्रभाव को देखते हुए इस बार स्कूलों ने शीतकालीन कैलेंडर में भी बदलाव किया गया है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने अक्टूबर में सामान्य ज्यादा तापमान रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। बीते 24 घंटों में राजस्थान के सभी शहरों में मौसम साफ रहा और धूप निकली। जयपुर, पिलानी, सीकर, कोटा, चित्तौड़गढ़, बाड़मेर, जैसलमेर, चूरू, जोधपुर, फलोदी, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, धौलपुर, बारां, डूंगरपुर, करौली, जालौर और अजमेर में दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। इस मानसून सीजन में हुई बारिश की बात करें तो यह सामान्य से 58.5 प्रतिशत अधिक रही है। सामान्य तौर पर प्रदेश में सामान्य वर्षा का स्तर 417.46 एमएम माना जाता है जबकि इस सीजन में प्रदेश में 662.78 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। हालांकि पोस्ट मानसून भी पूर्वी राजस्थान के पहले सप्ताह में कहीं-कहीं हल्की तथा मध्यम बारिश की संभावना जताई जा रही है। करौली में सबसे ज्यादा वर्षा – पूरे सीजन की बात करें तो करौली में सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है, यहां 1931 एमएम वर्षा हुई है। एक ही दिन में सर्वाधिक वर्षा का रिकॉर्ड भी करौली जिले के ही नाम रहा। यहां एक दिन में सर्वाधिक 380 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।  प्रदेश के बांधों की स्थिति – प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जोरदार रही। मानसून सीजन के शुरू होने पर प्रदेश में सिर्फ 5 बांध ही पूरी तरह भरे हुए थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 405 हो चुकी है। इसके अलावा 169 बांधों में भी आंशिक रूप से पानी आया है। इन 27 जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा – जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस सीजन में 27 जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं 15 जिलों में सामान्य से अधिक तथा 8 जिलों में सामान्य वर्षा हुई है। जिन जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा हुई है। उनमें अजमेर, अलवर, अनूपगढ़, ब्यावर, भरतपुर, बीकानेर, दौसा, डीग, डीडवाना-कुचामन, धौलपुर, दूदू, गंगापुर सिटी, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, करौली, केकड़ी, खैरतल, तिजारा, नागौर, सवाई माधोपुर, टोंक, कोटपूतली-बहरोड़, बालोतरा, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर ग्रामीण, फलौदी और बूंदी शामिल हैं। recent visitors 92

जैश-ए-मोहम्मद के नाम की चिट्ठी से फैली सनसनी, राजस्थान के रेलवे स्टेशनों को धमकी

जोधपुर, बीकानेर. जैश-ए-मोहम्मद के नाम से लिखे गए पत्र में धमकी दी गई है कि 'आने वाले 30 अक्टूबर को गंगानगर, हनुमानगढ़, जोधपुर, बीकानेर, कोटा, बूंदी, उदयपुर, जयपुर के रेलवे स्टेशन और जगहों को बम से उड़ा दिया जाएगा.' जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन है. मीणा ने कहा कि खत की जानकारी के बाद से सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी),स्थानीय पुलिस, बीएसएफ के जवानों ने कई जगह तलाशी ली है. जीआरपी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और पत्र भेजने वाले का पता लगाने के लिए मामले की जांच की जा रही है. प्राइवेट स्कूलों को मिली थी धमकी — राजस्थान में इससे पहले भी कई बार ऐसी धमकियों भरे मेल और चिट्ठियां मिली है. इससे पहले इसी साल मई में  जयपुर में प्राइवेट स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी के बाद हड़कंप मच गया था. यह धमकी ई-मेल के जरिए दी गई थी जिसके बाद स्कूलों को खाली करवा लिया गया. सबसे पहले धमकी भरा मेल एमपीएस स्कूल के प्रिंसिपल को मिला जिसके बाद तुरंत उन्होंने पुलिस को इन्फॉर्म किया. मौके पर पुलिस और एटीएस कमांडो ने मोर्चा संभाला ही था कि पता चला जयपुर में ही माहेश्वरी स्कूल, विद्या आश्रम, सेंट टेरेसा सहित करीब 44 स्कूलों को भी ऐसा मेल भेजा गया है. धमकी भरे ई-मेल में लिखा था, 'स्कूल की बिल्डिंग में बम है, जो कि कभी भी फट सकता है'. इसके बाद पुलिस ने सभी स्कूलों को खाली करवा सभी बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित जगह ले जाया गया. वहीं, बम निरोधक दस्ते ने डॉग स्क्वायड टीम के साथ स्कूलों में घंटों सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन किसी स्कूल में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. recent visitors 67