गौशालाओं और डेयरियों के गौवंशों का शीतकालीन एवं सामान्य स्वास्थ्य प्रबंधन करें, राजस्थान-गोपालन सचिव डॉ. समित शर्मा ने दिए निर्देश

जयपुर। प्रदेश की गौशालाओं और डेयरियों में संधारित गौवंश के शीतकालीन स्वास्थ्य एवं सामान्य प्रबंधन के लिए गोपालन विभाग ने एडवायजरी जारी की है। पशुपालन, गोपालन और डेयरी सचिव डॉ समित शर्मा ने दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा है कि राजस्थान के शुष्क मरूस्थलीय, मैदानी तथा पठारी क्षेत्रों में अत्यधिक ठंडे तापमान, कम आर्द्रता और सीमित वनस्पति के कारण कठोर सर्दी पड़ती है। इस अवधि के दौरान गौवंश के उचित वैज्ञानिक प्रबंधन से उनके स्वास्थ्य, उत्पादकता और अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इसलिए तीक्ष्ण सर्दी, पाला एवं शीत लहर की स्थिति को देखते हुए गोपालन विभाग गौवंश के लिए शीत ऋतु में प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश जारी करता है। उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी है कि वे सर्दी के मौसम में अपने पशुओं का विशेष ध्यान रखें। उन्हें ठंड से बचाने के लिए शेड में रखकर उन्हें चारों तरफ से कंबल या जूट के बोरों से ढकें। गौ आश्रयों को गर्म रखने के लिए सूखी घास, पुआल या अन्य तापरोधी सामग्री का इस्तेमाल करें। उन्होंने बूढ़े, कमजोर एवं छोटे बछड़ों का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहा कि शीत ऋतु इनके लिए विशेष रूप से कठिन होती है। इसलिए नवजात बछड़ों को दूध पर्याप्त मात्रा में पिलाया जाना चाहिए और उन्हें गर्म रखने के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए। डॉ. शर्मा ने कहा कि गौवंश के शरीर को गरम बनाए रखने में मददगार सांद्र आहार  जैसे चापड़, खल, बांटा, गुड़ आदि ऊर्जा युक्त पशु आहार खिलाना चाहिए। निर्जलीकरण को रोकने के लिए ताजा एवं गुनगुना पानी पिलाना चाहिए और उचित मात्रा में आवश्यकतानुसार पूरक आहार भी खिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीमार गौवंश के लिए अलग बाड़े की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि स्वस्थ गौवंश को संक्रमण से बचाया जा सके। उन्होंने बीमारियों से रोकथाम के लिए गौवंश को उचित उपचार एवं टीकाकरण की भी सलाह दी। डॉ शर्मा ने कहा कि गौवंश के स्वास्थ्य की नियमित रूप से निगरानी के लिए पशु आहार, स्वास्थ्य और उत्पादकता का सटीक संधारण किया जाना चाहिए। शासन सचिव ने विभाग के जिला अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे गोष्ठियों, चौपाल, सोशल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जैसे विभिन्न माध्यमों से गौशाला संचालकों और गोपालकों को नियमित रूप से जागरूक करते रहें। recent visitors 104

नवगठित जिलों एवं संभागों का पुनर्निर्धारण समान पात्रता परीक्षा स्कोर 3 वर्ष तक वैध, राजस्थान-मंत्रिमण्डल की बैठक में लिए महत्वपूर्ण निर्णय

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में कर्मचारी कल्याण के साथ-साथ युवाओं के हित, प्रदेश में सुशासन और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फैसले किए गए। संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि कैबिनेट ने पिछली सरकार के समय में गठित जिलों और संभागों का पुनः निर्धारण किया है, जिसके बाद अब प्रदेश में कुल 7 संभाग और 41 जिले होंगे। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने कार्यकाल के आखिरी वर्ष में प्रदेश में 17 नवीन जिले एवं 3 नवीन संभाग बनाने का निर्णय लिया था, जिसके क्रम में राजस्व विभाग द्वारा दिनांक 5 अगस्त 2023 को अधिसूचना जारी कर जिलों व संभागों का सृजन किया गया था। तीन नए जिलों की घोषणा विधानसभा चुनाव-2023 की आचार संहिता से एक दिन पहले की गई, जिनकी अधिसूचना भी जारी नहीं हो सकी थी। पूर्ववर्ती सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए किया गठन श्री पटेल ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने नवीन जिलों एवं संभागों का गठन पूरी तरह से राजनीतिक लाभ लेने के लिए किया। इसमें वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता, प्रशासनिक आवश्यकता, कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक सामंजस्य आदि किसी भी महत्वपूर्ण बिन्दु को ध्यान में नहीं रखा गया। नए जिलों के लिए पिछली सरकार ने कार्यालयों में न तो आवश्यक पद सृजित किए और न ही कार्यालय भवन बनवाए। बजट एवं अन्य सुविधायें भी उपलब्ध नहीं कराई गई। पुनर्निर्धारण बाद भी 8 नए जिले रहेंगे यथावत उन्होंने कहा कि गत सरकार के इस अविवेकपूर्ण निर्णय की समीक्षा करने हेतु राज्य सरकार द्वारा एक मंत्रिमण्डलीय उप-समिति और इसके सहयोग के लिए सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. ललित के. पंवार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया। विशेषज्ञ समिति द्वारा नवगठित जिलों एवं संभागों के पुनर्निर्धारण के संबंध में तैयार की गई रिपोर्ट एवं सिफारिशें मंत्रिमण्डलीय उप-समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई। समिति द्वारा प्रस्तुत सिफारिशों पर विचार करते हुए नए सृजित जिलों में से 9 जिलों अनूपगढ़, दूदू, गंगापुरसिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, केकड़ी, नीम का थाना, सांचौर व शाहपुरा तथा नवसृजित 3 संभागों बांसवाड़ा, पाली, सीकर को नहीं रखने का निर्णय मंत्रिमण्डल द्वारा लिया गया है। आचार संहिता से ठीक पहले घोषित 3 नए जिलों मालपुरा, सुजानगढ़ और कुचामन सिटी को भी निरस्त करने का निर्णय राज्य मंत्रिमण्डल ने लिया है। जिला परिषदों, ग्राम पंचायतों का होगा पुनर्गठन संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि मंत्रिमण्डल के इस निर्णय के बाद अब राजस्थान में कुल 7 संभाग एवं 41 जिले हो जाएंगे। यथावत रखे गए 8 नए जिलों फलौदी, बालोतरा, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, डीग, डीडवाना-कुचामन और सलूम्बर में प्रशासनिक ढांचा तैयार करने के लिए राज्य सरकार सभी जरूरी वित्तीय संसाधन एवं अन्य सुविधाएं मुहैया कराएगी। इससे इन नए जिलों में रहने वाले आमजन को इन जिलों के गठन का लाभ वास्तविक रूप में मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि अब जिला परिषदों, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों का भी पुनर्गठन किया जाएगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम, 2017 के नियम 14 की अनुसूची-1 में संशोधन, राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिक वर्गीय सेवा (समान पात्रता परीक्षा) नियम, 2022 में सीईटी स्कोर की वैधता 3 वर्ष करने, पशुधन सहायक को पदोन्नति का तीसरा अवसर उपलब्ध करवाने एवं इस संवर्ग के पदनामों में परिवर्तन के लिए सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। एमएसीपी पर परिनिंदा के दण्ड का प्रभाव समाप्त श्री गोदारा ने बताया कि कार्मिकों के हित को ध्यान में रखते हुए मिनिमम एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एमएसीपी) के तहत देय वित्तीय उन्नयन में राजस्थान सिविल सेवा (सी.सी.ए.) नियम, 1958 के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाहियों में अधिरोपित परिनिंदा के दण्ड के प्रभाव को समाप्त करने का अनुमोदन किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में परिनिन्दा से दण्डित कार्मिक को 9, 18 एवं 27 वर्ष की नियमित सेवा पर देय वित्तीय उन्नयन का लाभ एमएसीपी की निर्धारित तिथि के एक वर्ष बाद मिल पाता है। उन्होंने बताया कि राज्य मंत्रिमण्डल ने कार्मिकों को होने वाले आर्थिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए परिनिंदा के दण्ड के एमएएसपी पर प्रभाव को समाप्त करने के लिए राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम, 2017 के नियम 14 की अनुसूची-1 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। इससे पहले राज्य सरकार द्वारा सीसीए नियमों के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाहियों में अधिरोपित परिनिंदा के दण्ड का पदोन्नति पर प्रभाव भी समाप्त किया जा चुका है। अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, सीईटी स्कोर की वैधता 3 वर्ष तक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिक वर्गीय सेवा (समान पात्रता परीक्षा) नियम, 2022 में सीईटी स्कोर की वैधता अब 1 वर्ष के बजाय 3 वर्ष के लिए रहेगी। इसके लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि सीईटी स्कोर की वैधता एक वर्ष होने के कारण हर साल होने वाली अगली सीईटी परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ती चली जा रही थी। अत्यधिक संख्या में आवेदन आने पर बोर्ड को वित्तीय भार और कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसलिए सीईटी स्कोर की वैधता अवधि 3 वर्ष करने का निर्णय लिया गया है, जिससे अभ्यर्थियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। गोदारा ने बताया कि राजस्थान जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम, 2001 के अंतर्गत आने वाले छात्रावास अधीक्षक (पुरुष) ग्रेड-2 एवं छात्रावास अधीक्षक (महिला) ग्रेड-2 को समान पात्रता परीक्षा की अनुसूची-1 (स्नातक स्तर) में शामिल किया जा रहा है। इस संशोधन के फलस्वरूप जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के पद सीईटी में शामिल किए जा सकेंगे, जिससे परीक्षार्थियों को अधिक पदों पर चयन का अवसर प्राप्त होगा। पशुधन सहायक के पदनामों में परिवर्तन खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि राजस्थान पशुपालन अधीनस्थ सेवा नियम, 1977 के तकनीकी संवर्ग में पशुधन सहायक को पदोन्नति का तीसरा अवसर उपलब्ध करवाने और इस संवर्ग के पदनामों में परिवर्तन के लिए सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इस संशोधन के अनुसार तीसरी पदोन्नति का अवसर देने के लिए मुख्य पशुधन प्रसार अधिकारी का नवीन पद सृजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पशुधन सहायक का पदनाम अब पशुधन निरीक्षक, पशुचिकित्सा सहायक … Read more

सड़क सुरक्षा अभियान में जनवरी में होगा वाहनों का सघन निरीक्षण, राजस्थान-परिवहन एवं सड़क सुरक्षा सचिव ने दिए निर्देश

जयपुर। प्रदेश में नव वर्ष की शुरुआत के साथ पूरी जनवरी सड़क सुरक्षा माह मनाया जाएगा और इस माह के दौरान वाहनों का सघन निरीक्षण भी किया जाएगा। सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले एवं मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियमों की पालना नहीं करने वाले वाहनों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही परिवहन विभाग द्वारा विशेष पहल कर सड़क सुरक्षा अभियान को जन-जन का अभियान बनाया जाएगा। शासन सचिव एवं परिवहन आयुक्त श्रीमती शुचि त्यागी ने शनिवार को परिवहन भवन में प्रदेश के सभी प्रादेशिक परिवहन अधिकारियों एवं अन्य उच्चाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर जनवरी माह में चलाए जाने वाले सड़क सुरक्षा अभियान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए चलाए जाएं विशेष अभियान – बैठक में परिवहन आयुक्त ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा  ने सड़क सुरक्षा के संबंध मे बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए थे। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन हम सभी की जिम्मेदारी है और यातायात नियमों की पालना के साथ नियमों की जानकारी होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में सड़क सुरक्षा के लिए 6E एजुकेशन, इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, इमरजेंसी केयर, इवेल्यूएशन, एन्गेजमेंट आधारित रणनीति के तहत कार्यवाही प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि जनवरी से सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं तथा इसके अन्तर्गत स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही, जनसाधारण को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने का प्रयास जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान को जन-जन का अभियान बनाते हुए सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी भी दी जाए। साथ ही, जनसाधारण को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। वाहनों का किया जाएगा सघन निरीक्षण श्रीमती त्यागी ने कहा कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान वाहनों का सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियमों की पालना सुनिश्चित न करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी प्रादेशिक परिवहन अधिकारियों को वाहनों के दस्तावेजों की जांच के भी निर्देश दिए।‌ उन्होंने ओवरलोडिंग, ओवरहैंगिंग, ओवरक्राउडिंग आदि के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जांच सहित सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, सहित तमाम प्रबंध सुनिश्चित किया जाए जिससे दुर्घटनाओं की रोकथाम की जा सके। अनाधिकृत पार्किंग, सड़कों पर अनाधिकृत कट पर तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने जिला प्रशासन से भी इस संबंध में विशेष अभियान चलाए जाने का आव्हान किया। त्यागी ने कहा कि यातायात नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में अपर परिवहन आयुक्त एवं संयुक्त शासन सचिव श्रीमती रेणु खंडेलवाल, अपर परिवहन आयुक्त सड़क सुरक्षा श्रीमती निधि सिंह, मुख्यालय के उच्चाधिकारी उपस्थित थे। साथ ही पूरे प्रदेश के प्रादेशिक परिवहन अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। recent visitors 157

मूंग का खरीद लक्ष्य और अवधि बढ़ाएं, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय कृषि मंत्री को लिखा पत्र

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के किसानों के हित में मूंग के खरीद लक्ष्य को बढ़ाने सहित खरीद अवधि को भी 5 फरवरी तक बढ़ाने के संबंध में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर अनुरोध किया है। शर्मा ने राज्य में असमय हुई वर्षा एवं भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मूंग खरीद के लिए गुणवत्ता मापदण्डों में शिथिलता प्रदान करने के लिए भी केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री को पत्र लिखा है। इससे अधिकाधिक किसानों से मूंग की खरीद सुनिश्चित होने के साथ ही उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। recent visitors 67

कैबिनेट में परीक्षा समिति की सिफारिश पर विचार, राजस्थान-एसआई भर्ती पर आज फैसला संभव

जयपुर। राजस्थान पुलिस में एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में नकल प्रकरण को लेकर राज्य सरकार आज फैसला कर सकती है। सूत्रों के अनुसार शनिवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में परीक्षा को लेकर बनी मंत्रिमंडलीय समिति की सिफारिश पर विचार होगा। इसमें तय होगा कि परीक्षा रद्द होगी या नहीं। इस भर्ती में भी पेपर लीक और नकल के आरोपों को लेकर एसओजी 50 से अधिक गिरफ्तारियां कर चुकी हैं, जिनमें प्रशिक्षणाधीन उप निरीक्षक भी शामिल हैं। राजस्थान में राजस्व अधिकारी (आरओ) एवं अधिशासी अधिकारी (ईओ)-2022 भर्ती परीक्षा में नकल और पेपरलीक प्रकरण में एसओजी ने शुक्रवार को दो कोर्ट कर्मचारियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एसओजी के एडीजी वीके सिंह ने बताया कि इस मामले में नागौर के कुचेरा निवासी दीपक प्रजापत (26), रामप्रकाश जाट (26) और लूणकरणसर निवासी विकेश कुमार मान (28) को गिरफ्तार किया गया है। रामप्रकाश अभी उदयपुर की पोक्सो कोर्ट और विकेश जालोर की डीजे कोर्ट में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं। ब्लूटूथ से नकल कर परीक्षा पास करने का आरोप अभियुक्त दीपक पर आरोप है कि उसने परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल कर परीक्षा पास की। रामप्रकाश और विकेश ने नकल में काम आई सिम उपलब्ध कराई। बता दें राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 14 मई 2023 को हुई इस परीक्षा में 1.96 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। अंतिम परिणाम जारी होने से पहले ही एसओजी ने इसी साल 19 अक्टूबर को परीक्षा में नकल और पेपरलीक का खुलासा कर दिया था। अब तक 23 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सरकार यह भर्ती रद्द कर दुबारा कराने का निर्णय कर चुकी है। recent visitors 136

नहीं होंगे कार्यक्रम, राजस्थान-पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर 7 दिन का राजकीय शोक

जयपुर। राज्य सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर प्रदेश में सात दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। स्वर्गीय मनमोहन सिंह के सम्मान में राज्य में 26 दिसंबर, 2024 से 1 जनवरी 2025 तक सात दिन के राजकीय शोक रहेगा। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे तथा आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन गुरुवार को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में हो गया। भारत सरकार द्वारा स्व. डॉ. मनमोहन सिंह को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। अंतिम संस्कार के दिन सभी राजनयिक मिशनों एवं विदेशों में भी उच्चायोगों में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। recent visitors 60

खतरों और रोकथाम के संभावित तरीकों की बढ़ेगी जागरूकता, राजस्थान-सरकार ने डीपफेक से बचाव की जारी की एडवाइजरी

जयपुर. राजस्थान सरकार ने डीपफेक- खतरों और जवाबी उपायों पर एक एडवाइजरी जारी की है, जिसका फोकस जमीनी स्तर पर आम जनता के बीच प्रभावी साइबर स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। एडवाइजरी के अनुसार पहचाने गए लक्षित दर्शकों या संभावित लाभार्थियों में व्यक्ति और संगठन दोनों शामिल हैं। यह एडवाइजरी "साइबर सुरक्षा: उभरती चुनौतियाँ" थीम के तहत मुख्य सचिवों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान साइबर सुरक्षा उपायों या कार्रवाई योग्य बिंदुओं के अनुरूप जारी की गई थी। एडवाइजरी में डीपफेक तकनीक को वीडियो, छवियों और यहां तक ​​कि ऑडियो में हेरफेर करने में एआई के अनुप्रयोग के रूप में समझाया गया है। डीपफेक तकनीक से जुड़े प्रमुख जोखिम गलत सूचना का प्रसार, धोखाधड़ी या घोटाले और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना हैं। एडवाइजरी में डीपफेक के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों अनुप्रयोगों की पहचान की गई है। जबकि फिल्मों में विशेष प्रभाव उत्पन्न करने और आकर्षक या इंटरैक्टिव शैक्षिक सामग्री के रूप में सकारात्मक अनुप्रयोग देखे जा सकते हैं, इसके कई नकारात्मक उपयोग भी हैं। प्रतिरूपण के माध्यम से वित्तीय धोखाधड़ी का जोखिम है, जनता की राय में हेरफेर करने के लिए गलत सूचना, साथ ही गैर-सहमति वाली स्पष्ट सामग्री के माध्यम से भावनात्मक और वित्तीय जबरन वसूली। डीपफेक तकनीक के बारे में निवारक उपाय संबंधित सलाह में कुछ निवारक कदमों पर भी प्रकाश डाला गया है, जिनका उल्लेख डीपफेक तकनीक और इसके नकारात्मक अनुप्रयोगों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए व्यक्तियों और संगठनों दोनों द्वारा किया जा सकता है। व्यक्तियों और संगठनों को सलाह दी जाती है कि वे हर जानकारी के लिए क्रॉस-रेफ़रेंसिंग करें और व्यक्तिगत जानकारी के मामले में अत्यधिक सावधानी बरतें। मल्टी-फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन या MFA, मज़बूत गोपनीयता सेटिंग्स, सत्यापन प्रोटोकॉल और लगातार सुरक्षा ऑडिट जैसे कुछ उपाय आम जनता को डीपफेक तकनीक के दुष्प्रभावों से निपटने में सहायता कर सकते हैं। व्यक्तिगत स्तर पर, आम जनता को डिजिटल स्पेस में कोई भी जानकारी साझा करते समय सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। संबंधित जानकारी के स्रोत की प्रामाणिकता का आकलन करने की सलाह दी जाती है। संगठनों के लिए विशिष्ट उपाय संबंधित सलाह में संगठनों के लिए विशेष रूप से कुछ निवारक उपाय भी दिए गए हैं। बड़ी मात्रा में कंपनी और ग्राहक डेटा से निपटने वाले संगठनों के लिए, डेटा के सुरक्षित उपयोग, भंडारण और हस्तांतरण को सुनिश्चित करने के लिए मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन या MFA का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। संगठनों को संचार के एन्क्रिप्टेड तरीकों के उपयोग के साथ-साथ नियमित अंतराल पर सुरक्षा ऑडिट करने की भी सलाह दी जाती है। सलाह में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में संकट प्रबंधन योजना तैयार करने का भी सुझाव दिया गया है। आगे की सहायता और जानकारी के लिए, सलाह आम जनता के संदर्भ के लिए उपलब्ध है। recent visitors 66