इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व करना सब चाहते हैं, नीतीश कुमार की भी यही इच्छा थी – राशिद अल्वी

 नई दिल्ली  कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने इंडिया अलायंस की कमान संभालने की इच्छा संबंधी बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा- बड़ा अलायंस है सब चाहते हैं नेतृत्व करना लेकिन फैसला सर्वसम्मति से लिया जाएगा। ममता बनर्जी के इंडिया गठबंधन के कन्वीनर बनने की इच्छा पर राशिद अल्वी ने कहा, "जब एक बड़ा अलायंस बनता है, तो फैसले एक व्यक्ति या पार्टी के हाथ में नहीं होते। यह सर्वसम्मति से लिया जाता है। हर कोई चाहता है कि वह ही इसका नेतृत्व करे, लेकिन यह संभव नहीं है। जितने सदस्य हैं, उन सभी की सहमति ये यह तय होगा कि कौन इस गठबंधन को चलाएगा। नीतीश कुमार भी पहले यही चाहते थे कि उन्हें इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व दिया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता।" इसके साथ ही अल्वी ने अपने गठबंधन के साथी और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के यमुना की सफाई को लेकर दिए बयान पर घेरा। राशिद अल्वी ने केजरीवाल के इस बयान पर कहा, " अगर पहले आप यह काम नहीं कर पाए, तो लोग क्यों विश्वास करें कि अब आप इसे ठीक करेंगे? दिल्ली में प्रदूषण, सड़कें और यमुना नदी की सफाई, ये सब मुद्दे पिछले कई वर्षों से हैं, लेकिन आपने इन्हें हल नहीं किया। आपकी सरकार की नाकामियों को लोग अच्छे से जानते हैं।" उन्होंने आगे कहा, " दिल्ली में जो हालात हैं, वह आपको ही सुधारने चाहिए थे, लेकिन आपने सिर्फ इल्जाम लगाने का काम किया। आम आदमी पार्टी की सरकार सबसे भ्रष्ट और नाकाम है। अरविंद केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली को और अधिक समस्याओं में डाल दिया है।" दिल्ली में 24 घंटों में हुई तीन हत्याओं पर राशिद अल्वी ने चिंता व्यक्त की। कहा "दिल्ली के लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी गृह मंत्री की है, क्योंकि यह यूनियन टेरिटरी है और यहां की कानून व्यवस्था केंद्र सरकार और लेफ्टिनेंट गवर्नर के अधीन है। दिल्ली में बढ़ते अपराध और हिंसा के लिए पूरी तरह से केंद्र सरकार और गृह मंत्री जिम्मेदार हैं। जब अमेरिका का राष्ट्रपति भारत आया था, तब दिल्ली में बड़े पैमाने पर दंगे हुए थे और सरकार खामोश रही थी। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि दिल्ली में अब तीन लोग मारे गए हैं, इसके लिए कौन जिम्मेदार है? निश्चित रूप से भारत सरकार और गृह मंत्री जिम्मेदार हैं। दिल्ली की कानून व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है।" Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 127

राशिद अल्वी ने कहा- हरियाणा में कांग्रेस को मिली हार पर कांग्रेस नेता ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस हारी नहीं है, कांग्रेस को हराया गया

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने रविवार बातचीत की। उन्होंने मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बयान, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव, उद्धव ठाकरे, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नेता विपक्ष राहुल गांधी के बयानों सहित अन्य मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार पर कांग्रेस नेता ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस हारी नहीं है, कांग्रेस को हराया गया है। मैं बार-बार कहता हूं की जब तक ईवीएम से चुनाव होगा, तब तक हम लोगों को इसका बहिष्कार करना चाहिए। फ्री एंड फेयर चुनाव के ल‍िए बैलेट पेपर से चुनाव कराना चाहिए। चुनाव आयोग पर देश की जनता भरोसा नहीं कर रही है। उन्‍होंने कहा क‍ि ईमानदारी से चुनाव होने पर महाराष्‍ट्र में कांग्रेस और उसकी एलायंस की सरकार बनेगी। महाराष्ट्र की जनता ने इस बार तय कर लिया है कि ऐसे लोगों को बाहर करना है, जो कानून के दबाव व ईडी-सीबीआई का डर दिखाकर सरकार में आए थे। राज ठाकरे द्वारा मस्जिदों से सभी लाउडस्पीकर हटाने की बात कहने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी की कोई अहमियत नहीं है, इसलिए उनके बयान का कोई मतलब नहीं है। मीडिया में बने रहने के लिए वह इस तरह के बयान देते हैं। उनके बयानों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। नेता विपक्ष राहुल गांधी पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राशिद अल्वी ने कहा है कि इस देश के अंदर संविधान के साथ सबसे ज्यादा खिलवाड़ भारतीय जनता पार्टी ने किया है। उनके मंत्री, नेता लगातार बयान देते हैं कि मुसलमानों की दुकानों से कुछ भी नहीं खरीदा जाए, क्या यह सब संविधान के मुताबिक है। ‘बंटेगे तो कटेंगे’ जैसे नारे लगाए जा रहे हैं, क्या यह संविधान के मुताबिक ठीक है। एक मुख्यमंत्री कहता है कि सब्जी के दामों को मुसलमानों ने बढ़ा दिया है। डोनाल्ड ट्रंप पर मणि शंकर अय्यर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राशिद अल्वी ने कहा है कि उनके खिलाफ 34 मुकदमे पेंडिंग में है। कहा जाता है कि वह इनकम टैक्स भी नहीं भरते थे। उनके खिलाफ तो बहुत सारे मुद्दे हैं। इसके बावजूद भी वहां की जनता ने उन्हें चुना है और भारत के अंदर भाजपा खुशियां मना रही है। यह बातें तो मेरी समझ से बाहर हैं। सेवानिवृत्त हो रहे भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के कार्यकाल पर कांग्रेस नेता ने कहा है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कुछ अच्छे फैसले भी दिए। कुछ ऐसे भी बयान दिए, जिन पर लोग उंगली उठा रहे हैं। राम मंदिर-बाबरी मस्जिद पर फैसला देते हुए उन्होंने कहा था कि मैंने भगवान श्री राम की शरण में जाकर यह फैसला द‍िया। अगर सारे फैसले भगवान की शरण में जाकर होने लगेंगे, तो फिर संविधान का क्या होगा। जज तो संविधान के अनुसार फैसला करते हैं। आप बात इंसाफ की करते हैं और पूजा पर अपने घर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाते हैं। बाला साहब ठाकरे पर पूछे गए एक सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि मेरा मानना है विचार अलग-अलग हो सकते हैं, एक दूसरे के खिलाफ हो सकते हैं। लेकिन जब कोई नेता इस दुनिया से चला गया हो, तो उसके खिलाफ बयान देना मर्यादा के खिलाफ है। यह काम सिर्फ भारतीय जनता पार्टी कर सकती है। जो इस दुनिया में नहीं हैं, उनकी इज्जत करनी चाहिए न कि मतभेद के कारण बयानबाजी करनी चाहिए। उद्धव ठाकरे(शिवसेना) के साथ कांग्रेस का गठबंधन होने पर भी राहुल गांधी द्वारा मंच से बाला साहेब ठाकरे का नाम नहीं लेने पर उन्होंने कहा कि शिवसेना और कांग्रेस पार्टी दो अलग-अलग पार्टि‍यां हैं, दोनों के विचारों में बहुत सारी बातें ऐसी हो सकती हैंं, जो एक-दूसरे से इत्तेफाक न रखती हों। यह जरूरी नहीं है क‍ि हर चीज की तारीफ की जाए, हर चीज की हिमायत की जाए, बहुत सारी बातें कांग्रेस की हैं, जो सहायक शिवसेना को पसंद न हो। इसलिए राहुल गांधी पर इस तरह का इल्जाम लगाना गलत है। बाला साहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे में क्या अंतर है, क्या कांग्रेस को उद्धव ठाकरे को साथ लेना चाहिए था। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं यह जानने की कोशिश नहीं करता हूं कि दोनों में क्या अंतर है। उद्धव ठाकरे आज शिवसेना के लीडर हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में विकास करने की कोशिश की है। यहां पर कांग्रेस और उनकी पार्टी का एलायंस है। मुझे लगता है उनमें कई ऐसी बातें हैं, जो महाराष्ट्र के लिए फायदेमंद हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 77