फार्मर आईडी और प्राकृतिक खेती पर दिया जाए विशेष ध्यान

फार्मर आईडी और प्राकृतिक खेती पर दिया जाए विशेष ध्यान कलेक्टर की अध्यक्षता में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न बड़वानी  शासन द्वारा किसानों को समय पर एवं पारदर्शितापूर्वक उर्वरक उपलब्ध हो इस हेतु नवीन उर्वरक वितरण प्रणाली अंतर्गत ई-विकास प्रणाली (ई-टोकन) लागू की गयी है। आगामी खरीफ सीजन में कृषकों को ई-विकास पोर्टल के माध्यम से ई-टोकन द्वारा उर्वरक वितरण किया जाना, जिसके अनुरूप    कृषकों की फ़ॉर्मर आईडी अनिवार्य रूप से बनाई जाए । ताकि किसी भी कृषक को खाद प्राप्त करने में असुविधा न हो।      उक्त निर्देश कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह बुधवार कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्याे की विस्तृत समीक्षा बैठक के दौरान दिए।  बैठक में जिले के शत-प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी बनाने के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए, साथ ही स्पष्ट किया कि आगामी बैठक में लक्ष्य अनुरूप कार्य न करने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की जवाबदेहिता तय कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।     प्राकृतिक कृषि को जन-आंदोलन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे किसानों को रसायनों का उपयोग कम करने और जैविक खाद अपनाने हेतु प्रेरित करें। आत्मा योजना के अंतर्गत ब्लॉक लेवल पर पदस्थ बीटीएम साथ समन्वय कर नियमित रूप से फील्ड पर जाय एवं कार्य योजना को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।पीएम कृषक सूर्य मित्र योजना के अंतर्गत किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस योजना के तहत व्यापक प्रचार-प्रसार एव नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। सोलर पंप के माध्यम से किसान न केवल सिंचाई की लागत कम कर सकेंगे, बल्कि ऊर्जा संरक्षण में भी योगदान देंगे।      बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री रवि वर्मा उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विभाग श्री केसी वास्कले, एसएलआर श्रीमती शीतल सोलंकी सहित कृषि विभाग का समस्त मैदानी अमला उपस्थित रहा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 15

ऐतिहासिक महाशिवरात्रि: पहली बार, गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने 1000 वर्षों बाद प्रकट किए मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेष

ऐतिहासिक महाशिवरात्रि: पहली बार, गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने 1000 वर्षों बाद प्रकट किए मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेष  180 देशों में लाखों लोगों ने साक्षात और ऑनलाइन देखा यह दिव्य अनावरण  युवा आइकॉन व ग्रैमी-नामांकित अंतरराष्ट्रीय संगीतकार राजा कुमारी ने मोहा लोगों का मन: भारतीय भक्ति संगीत की विरासत को नए अर्थ देने वाले इंडी बैंड्स ने लोगों को भक्ति के रस में किया सराबोर बेंगलुरु विशालाक्षी मंटप की भव्य पृष्ठभूमि में, आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में महाशिवरात्रि का उत्सव एक दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ, जहां भारत के गौरवशाली इतिहास का एक महत्वपूर्ण अंश—जो समय की धारा में विलुप्त माना जा रहा था—प्रकट हुआ। इस ऐतिहासिक क्षण ने 180 देशों के लाखों साधकों को गहरी श्रद्धा में डुबो दिया। इस पावन अवसर पर केंद्रीय विधि एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री माननीय अर्जुन राम मेघवाल भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर गुरुदेव ने कहा, "शिव वही हैं जो हैं, जो थे, और जो होंगे। इस शिवरात्रि पर समर्पित होकर सम्पूर्ण अस्तित्व के साथ एक हो जाएं। आप जैसे हैं, भगवान शिव आपको वैसे ही अपनाते हैं। स्वयं को ऐसे अनुभव करें जैसे आप स्वयं शिव के भीतर स्थित हैं।" उन्होंने शिव के पांच गुणों—सृजन, पालन, रूपांतरण, आशीर्वाद और लय—का उल्लेख करते हुए कहा, "शिवरात्रि वह समय है जब हम इन आशीर्वादों को अनुभव करते हैं और दिव्य ऊर्जा में सराबोर हो जाते हैं। हमें बस इन स्पंदनों में डूब जाना है और भीतर गहराई से उतरना है।"  शिवरात्रि की प्रमुख झलक: मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेषों का दुर्लभ दर्शन बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम, सोमनाथ ने सदैव श्रद्धा और भक्ति का संचार किया है, जिसकी कथा दिव्य रहस्यों में समाई हुई है। प्राचीन शास्त्रों में इसका उल्लेख मिलता है कि यह ज्योतिर्लिंग गुरुत्वाकर्षण को चुनौती देते हुए भूमि से दो फीट ऊपर स्थित रहता था! जब महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर और उसमें स्थित ज्योतिर्लिंग को नष्ट कर दिया, तब कुछ ब्राह्मण इसके खंडित अवशेषों को तमिलनाडु ले गए और उन्हें छोटे शिवलिंगों के रूप में स्थापित किया। ये पवित्र अवशेष पूरे एक सहस्राब्दी तक पीढ़ी दर पीढ़ी गुप्त रूप से पूजे जाते रहे।  लगभग सौ वर्ष पूर्व, संत प्रणवेन्द्र सरस्वती इन्हें कांची शंकराचार्य स्वामी चंद्रशेखरेन्द्र सरस्वती के पास ले गए। शंकराचार्य ने निर्देश दिया कि इन्हें अगले सौ वर्षों तक और गुप्त रखा जाए। वह पावन क्षण इस वर्ष आया, जब वर्तमान संरक्षक, पंडित सीताराम शास्त्री ने वर्तमान कांची शंकराचार्य से दिव्य मार्गदर्शन प्राप्त किया, जहां शंकराचार्य जी ने कहा, "बेंगलुरु में एक संत हैं—गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर। इन्हें उनके पास ले जाइए।" इस प्रकार, जनवरी 2025 में, ये पवित्र अवशेष गुरुदेव के करकमलों में पहुंचे। उनकी दिव्य महत्ता को पहचानते हुए, गुरुदेव ने इन्हें जनमानस को दर्शन के लिए उपलब्ध कराया  जिससे लाखों साधकों को सनातन धर्म की इस कालातीत विरासत से पुनः जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ। " इन पवित्र अवशेषों की पुनर्खोज केवल इतिहास को पुनः प्राप्त करने के विषय में नहीं है; यह हमारी सभ्यता की आत्मा को पुनर्जीवित करने का क्षण है। यह सिद्ध करता है कि सनातन धर्म केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि एक जीवंत परंपरा है जो काल के साथ विकसित होती रही है और सतत् फलती-फूलती है।" – गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जैसे ही अर्धरात्रि निकट आई, बेंगलुरु आश्रम दिव्य ऊर्जा का केंद्र बन गया। "ॐ नमः शिवाय" के गूंजते मंत्रों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा, जब गुरुदेव ने साधकों को गहन ध्यान में ले गए। रुद्रपाठ, प्राचीन वैदिक अनुष्ठान, और आत्मा को छू लेने वाले भजन एक दिव्य लय में समाहित हो गए, जिससे विश्वभर से आए श्रद्धालु भक्ति और आनंद में एक हो गए। संगीत ने भी इस अद्भुत शिवरात्रि को विशेष स्वरूप प्रदान किया। ग्रैमी-नामांकित कलाकार राजा कुमारी ने अपनी भक्ति रचनाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साधो – द बैंड, अभंग रेपोस्ट, और निर्वाण स्टेशन जैसे इंडी बैंड्स ने भी प्रस्तुति दी, जो भारतीय भक्ति संगीत की कालजयी विरासत को नए युग के अनुरूप पुनः परिभाषित कर रहे हैं। इस शुभ दिन का प्रारंभ लाखों श्रद्धालुओं द्वारा आश्रम के पावन शिव मंदिर में जलाभिषेक से हुआ। पूरे उत्सव के दौरान, आर्ट ऑफ लिविंग के  स्वयंसेवकों ने सभी भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया। रात्रि जब परम निस्तब्धता में विलीन हुई, तब साधक शिव तत्त्व की अनुकंपा में डूबे और  भक्ति और कृतज्ञता से परिपूर्ण हो गए। यह महाशिवरात्रि केवल एक उत्सव नहीं था—यह एक ऐतिहासिक क्षण था। पवित्र ज्योतिर्लिंग अवशेषों के भव्य पुनर्प्रतिष्ठापन से पहले उनके प्रथम दर्शन के साथ, यह रात्रि श्रद्धा, भक्ति और सनातन धर्म की अनंत शक्ति का दिव्य प्रमाण बन गई। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 74

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने किया आर्ट ऑफ लिविंग के 10वें अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन का उद्घाटन

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने किया आर्ट ऑफ लिविंग के 10वें अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन का उद्घाटन  “हम एक भी महिला की आँखों से आंसू नहीं गिरने दे सकते,” – गुरुदेव रवि शंकर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गेहलोत, केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, पूर्व विदेश मंत्री एवं संस्कृति मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी, श्रम और रोजगार मंत्रालय तथा सूक्ष्म, लघु और मझले उद्योग मंत्री श्रीमती शोभा करंदलाजे, कॉमनवेल्थ की सचिव-जनरल सुपैट्रीशिया स्कॉटलैंड, सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री और सांसद श्रीमती हेमा मालिनी और यूरोपीय संसद की सदस्य श्रीमती मारिया जॉर्जियाना टियोडोरस्कू भी उपस्थित थीं।  बेंगलुरु  भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन के 10वें संस्करण के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ किया। उन्होंने 50 देशों की 500 से अधिक प्रतिनिधियों को प्रेरित करते हुए, हर महिला को अपने भीतर की शक्ति, गुण और प्रतिभाओं को पहचानने और समाज में सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए प्रेरित किया। माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "गुरुदेव रवि शंकर और आर्ट ऑफ लिविंग ने दुनिया भर के लोगों को ध्यान और मानवीय सेवाओं के माध्यम से आंतरिक शांति पाने के लिए प्रेरित किया है। आज की इस प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे मानवीय मूल्य बरकरार रहें। यहीं पर महिलाओं की भूमिका महत्त्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि वे करुणा और दयालुता के साथ नेतृत्व करती हैं। माननीय राष्ट्रपति ने मानसिक स्वास्थ्य पर काम करने की आवश्यकता पर कहा, "सभी को अपनी बात रखने और अभिव्यक्त करने के लिए एक सुरक्षित वातावरण और समर्थन प्रणाली बना कर ही आप इस विषय पर चुप्पी तोड़ सकते हैं । मानसिक शक्ति के बिना बाधाओं और रूढ़ियों को तोड़ना संभव नहीं है।" "विशेष रूप से 'जस्ट बी' थीम पर आधारित इस सम्मेलन ने जीवन की चुनौतियों का सामना करने और दुनिया में सार्थक बदलाव लाने के लिए सजग रूप से ठहराव, संतुलन, आत्म-स्वीकृति और लचीलेपन को अपनाने की अपील की।" अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन के प्रेरणास्त्रोत, वैश्विक मानवतावादी और आध्यात्मिक गुरु गुरुदेव रवि शंकर ने कहा, “हम किसी भी महिला की आंखों से एक भी आंसू नहीं गिरने दे सकते।” उन्होंने कहा कि एक सकारात्मक वातावरण से प्रगति होती है, और एक महिला की उपस्थिति से ही वातावरण खुशहाल और सकारात्मक हो जाता है। उन्होंने कहा, “महिलाओं की भावनाएँ एक आशीर्वाद है क्योंकि यह भावनात्मक शक्ति ही है जो उन्हें लोगों को एकजुट करने की क्षमता देती है। शायद अगर महिलाएं दुनिया के प्रमुख देशों में नेतृत्व की भूमिका निभाएं, तो जो संघर्ष, विवाद, युद्ध और विभिन्न सामाजिक विकृतियाँ हम आज देखते हैं, वे कम हो सकती हैं या यहां तक कि समाप्त हो सकती हैं।” गुरुदेव ने यह भी कहा, “भारत ने दिखाया है कि महिलाओं को सशक्तिकरण की कितनी आवश्यकता है और यह बहुत प्रगतिशील है। यहां पुरानी कथाओं के अनुसार सभी मुख्य मंत्रालयों का प्रभार महिलाओं को ही सौंपा गया हैं, जैसे रक्षा मंत्रालय- दुर्गा, वित्त मंत्रालय – लक्ष्मी और शिक्षा मंत्रालय – सरस्वती सम्भालती हैं । आंतरिक शक्ति, आत्मप्रेम और सजगता के साथ नेतृत्व की भूमिकाओं को संतुलित करना, 10वें अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में गूंजता हुआ संदेश था, जिसमें सत्ता, कूटनीति और कला के क्षेत्र से जुड़ी बेहतरीन महिला नेताओं का संगम हुआ। लगभग दो दशकों और 10 संस्करणों में, अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन ने 115 देशों से प्रतिष्ठित वक्ताओं और 6,000 प्रतिनिधियों को एकत्रित किया है। इस वर्ष के सम्मेलन में 60 से अधिक वक्ता और 50 से अधिक देशों के 500 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हैं। यह सम्मेलन महिलाओं के लिए एक ऐसा मंच है जहां वे आत्मचिंतन कर सकती हैं, प्रेरित हो सकती हैं, संवाद कर सकती हैं और अपनी जीवनयात्रा साझा कर सकती हैं।  साथ ही ध्यान, प्राणायाम और योग के माध्यम से अपने भीतर की यात्रा पर ध्यान केंद्रित कर सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन की शुरुआत गुरुदेव की बहन और सम्मेलन की अध्यक्ष श्रीमती भानुमति नरसिम्हन के दृष्टिकोण से हुई। वह पिछले चार दशकों से भारत के दूर-दराज क्षेत्रों में समग्र शिक्षा के प्रसार के लिए काम कर रही हैं और लाखों लोगों को ध्यान और खुशी का रास्ता दिखा चुकी हैं। सम्मेलन के बारे में उन्होंने कहा, "‘जस्ट बी’ हमें अपने आप से जुड़ने, ठहरने और जीवन में संतुलन बनाने के लिए प्रेरित करता है। ध्यान हमें वर्तमान में रहने में सहायता करता है, जिससे स्पष्टता और रचनात्मकता बढ़ती है। यह सम्मेलन एक ऐसा मंच है जहां हम सब मिलकर सीख सकते हैं, अपने विचार साझा कर सकते हैं और एक-दूसरे के साथ दयालुता और आंतरिक शांति को अपनाते हुए आगे बढ़ सकते हैं।" सम्मानित वक्ताओं ने अपनी व्यक्तिगत यात्राओं के दृष्टिकोण से महिलाओं को आगे बढ़ने, बदलाव लाने और अपने समुदायों और राष्ट्रों को प्रेरित करने के लिए अपने विचार साझा किए। प्रसिद्ध अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी ने कहा, “कई भूमिकाओं को सहजता  के साथ संतुलित करना वह वास्तविकता है जिसका सामना कई महिलाएँ करती हैं। कई लोग पूछते हैं कि मैं नृत्य, प्रस्तुतियाँ और सार्वजनिक सेवा को कैसे सम्भालती हूँ? मैं कहती हूँ, 'जस्ट बी।' योग, नृत्य और ध्यान, जिसे गुरुदेव ने सिखाया है; मुझे खुद को केंद्रित करने में मदद करते हैं।" महिला और बाल विकास मंत्री माननीय श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा: "'जस्ट बी' हमें यह याद दिलाता है कि भौतिक सफलता का पीछा करते हुए हमें जमीन से जुड़े रहना चाहिए। ध्यान और प्राणायाम हमें संतुलन और स्पष्टता पाने में मदद करते हैं। जब महिलाएं खुद को पूरी तरह से स्वीकार करती हैं, तो उन्हें आत्मविश्वास और स्वतंत्रता मिलती है।" माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री, श्रीमती शोभा करंदलाजे  ने भारत की नीति में बदलाव के बारे में बताया, जहां अब "महिलाओं के विकास" से "महिला-नेतृत्व वाले विकास" की ओर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, "शासन, व्यापार और विज्ञान में महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं।" उन्होंने गर्व से भारत के योगदान और दुनिया में उसकी नेतृत्व की बात की, जो "विजय नहीं, बल्कि ज्ञान और मानव मूल्यों" के माध्यम से हुआ है। उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग के काम की सराहना की, जो तनाव-राहत कार्यक्रमों और सेवा परियोजनाओं से दुनिया भर में लाखों लोगों को शांति दे रहा है। कॉमनवेल्थ की माननीय महासचिव, पैट्रीशिया स्कॉटलैंड का मुख्य संदेश … Read more