अप्रैल में लुढ़क कर 3.16 % पर आई रिटेल महंगाई दर, जानें टूटा कितने सालों का रिकॉर्ड

नई दिल्ली भारत की रिटेल महंगाई (CPI) 2019 के बाद सबसे कम हो गई और इसका कारण सब्जियों की कम कीमतें हैं. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation) के  जारी आंकड़ों के मुताबिक, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स-बेस्ड इन्फ्लेशन अप्रैल में घटकर 3.16% रह गई, जो मार्च में 3.34% थी. खुदरा महंगाई लगातार घट रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में रिजर्व बैंक (RBI) मॉनेटरी पॉलिसी में कुछ नरमी बरत सकता है. महंगाई दर पिछले कुछ वक्त से रिजर्व बैंक के 2 से 4% के लक्ष्य के अंदर रह रही है. पिछली पॉलिसी के दौरान RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिए थे कि अगर महंगाई कम होती है तो दरें और घट सकती हैं. RBI ने पिछली बैठक में रेपो रेट को 6% तक घटाया था, जो लगातार दूसरी कटौती थी. ताजा महंगाई के आंकड़ों को देखते हुए अब एक बार फिर दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ गई है. इस साल मार्च में खाद्य वस्तुओं की खुदरा महंगाई दर 2.69 प्रतिशत थी। खुदरा महंगाई दर के छह साल के निचले स्तर पर आने के बाद आगामी जून माह में आरबीआइ की तरफ से एक बार फिर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद की जा रही है। महंगाई में कमी का क्या मिलेगा फायदा? आनंद राठी ग्रुप के मुख्य अर्थशास्त्री एवं कार्यकारी निदेशक सुजान हाजरा ने बताया कि खाद्य वस्तुओं के साथ कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से खुदरा महंगाई दर चार प्रतिशत से नीचे बने रहने का अनुमान है जिससे मौद्रिक नीति कमेटी की आगामी बैठक में आरबीआइ के लिए रेपो रेट में कटौती करने की पूरी गुंजाइश है। महंगाई में कमी से सरकार को विकास नीति में तेजी और कारपोरेट सेक्टर को आय बढ़ोतरी में मदद मिलेगी। पिछले महीने सब्जी के दाम में पिछले साल अप्रैल के मुकाबले 11 प्रतिशत, दाल व दलहन में 5.23 प्रतिशत, मसाले में 3.04 प्रतिशत तो मांस व मछली के दाम में 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस साल अप्रैल में पिछले साल अप्रैल की तुलना में सबसे अधिक 17.42 प्रतिशत की बढ़ोतरी खाद्य तेल व वनस्पति की कीमतों में रही। अप्रैल में फल के खुदरा दाम में 13.80 प्रतिशत, अनाज में 5.35 प्रतिशत, दूध में 2.72 प्रतिशत, चीनी में 4.59 प्रतिशत, गैर अल्कोहल पेय पदार्थ में 4.40 प्रतिशत का इजाफा रहा। तेलंगाना व दिल्ली की महंगाई दर दो प्रतिशत से नीचे अप्रैल में सबसे कम 1.26 प्रतिशत की खुदरा महंगाई दर तेलंगाना में दर्ज की गई। दिल्ली की खुदरा महंगाई दर इस अवधि में 1.77 प्रतिशत रही तो सबसे अधिक महंगाई दर केरल में 5.94 प्रतिशत दर्ज की गई। कर्नाटक में 4.26 प्रतिशत, पंजाब में 4.09 प्रतिशत तो जम्मू-कश्मीर में खुदरा महंगाई दर 4.25 प्रतिशत रही। रिटेल महंगाई के आंकड़े     अप्रैल CPI रूरल महंगाई 2.92% बढ़ी (YoY)     अप्रैल CPI अर्बन महंगाई 3.36% बढ़ी (YoY)     अप्रैल CPI हाउसिंग प्राइस बढ़ी 3% बढ़ी (YoY)     अप्रैल CPI क्लोथिंग & फुटवियर प्राइस 2.67% बढ़ी (YoY)     April CPI फ्यूल & लाइटिंग प्राइस 2.92% बढ़ी (YoY)     April CPI फूड & बेवरेज प्राइस 2.14% बढ़ी (YoY)     April CPI फूड प्राइस 1.78% बढ़ी (YoY) कहां बढ़ी और घटी महंगाई (YoY)     दालों की महंगाई अप्रैल में 5.35% रही, मार्च में 5.93% थी     मीट और मछली की महंगाई अप्रैल में 0.35% घटी, मार्च में 0.32% बढ़ी थी     दूध, मिल्क प्रोडक्ट्स की महंगाई दर अप्रैल में 2.72% रही, मार्च में 2.56% थी     ईंधन और बिजली की महंगाई दर अप्रैल में 2.92% रही, मार्च में 1.48% थी     कपड़ों की महंगाई 2.67% बढ़ी है     हाउसिंग प्राइस 3% बढ़ी है Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 22

7 महीने में सबसे कम, सब्जियां-दालें हुई सस्ती; जनवरी में महंगाई 4.31% पर थी

नई दिल्ली  आम आदमी को महंगाई के मोर्चे पर फरवरी में थोड़ी राहत मिलती हुई दिखाई दे रही है. बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खुदरा महंगाई दर फरवरी में अपने 7 महीने के निचले स्तर पर आई. फरवरी में खुदरा महंगाई दर 3.61 फीसदी रही है. बता दें कि फरवरी में खुदरा महंगाई दर के 4 फीसदी रहने का अनुमान था. महंगाई के बास्केट में लगभग 50% योगदान खाने-पीने की चीजों का होता है। इसकी महंगाई महीने-दर-महीने आधार पर 5.97% से घटकर 3.75% हो गई है। वहीं ग्रामीण महंगाई 4.59% से घटकर 3.79% और शहरी महंगाई 3.87% से घटकर 3.32% हो गई है। जून तक कम ही रहेंगी सब्जियों की कीमतें बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकोनॉमिस्ट मदन सबनवीस ने कहा- सब्जियों के दाम में गिरावट आई है। सबसे ज्यादा टमाटर और आलू के भाव घटे हैं। यह स्थिति जून तक बने रहने की संभावना है। ये चीजें हुईं सस्‍ती टमाटर, प्‍याज, आलू और हरी सब्जियों के दाम में गिरावट देखी गई है, जिस कारण महंगाई दर में कटौती हुई है. वहीं कज्‍युमर प्रोडक्‍ट्स और खाने की चीजों में भी गिरावट देखी गई है. एनएसओ ने कहा कि फरवरी के दौरान महंगाई और खाद्य महंगाई में उल्लेखनीय गिरावट मुख्य रूप से सब्जियों, अंडे, मांस और मछली, दालों और उत्पादों; और दूध और उत्पादों की महंगाई में गिरावट के कारण हुई है. इसका मुख्‍य कारण सब्जियों और प्रोटीन युक्‍त वस्‍तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी में कमी आना है. आरबीआई कट कर सकता है रेपो रेट भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट में कटौती की थी, जिस कारण लोन लेने वालों को बड़ी राहत मिली थी. वहीं अब महंगाई में बड़ी कमी आना ऐसा माना जा सकता है कि भारतीय रिजर्व बैंक एक बार फिर अपनी अगली मॉनिटरी पॉलिसी में ब्‍याज दर में कमी कर सकता है. एक और राहत की खबर इस बीच मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर्स के अच्छे प्रदर्शन से देश के इंडस्‍ट्रीज प्रोडक्‍शन (IIP) में इस साल जनवरी में 5 फीसदी की वृद्धि हुई. इंडस्‍ट्रीज प्रोडक्‍शन इंडेक्‍स के संदर्भ में मापा जाने वाला औद्योगिक उत्पादन जनवरी, 2024 में 4.2 प्रतिशत बढ़ा था. बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने दिसंबर, 2024 में 3.2 फीसदी वृद्धि के अस्थायी अनुमान को संशोधित किया है, इसे अब संशोधित कर 3.5 प्रतिशत कर दिया गया है. क्‍यों इतनी कम हुई महंगाई? गिरावट की एक बड़ी वजह खाने की कीमतों में गिरावट थी. फरवरी में कंज्‍युमर फूड प्राइस इंडेक्‍स (CFPI) महंगाई 3.75% रही, जो जनवरी से 222 आधार अंक कम है. यह मई 2023 के बाद से सबसे कम फूड महंगाई है. आंकड़ों से पता चला कि ग्रामीण इलाकों में महंगाई शहरी इलाकों से ज्‍यादा रही. ग्रामीण इलाकों में फरवरी में कुल महंगाई दर 3.79% रही, जो जनवरी में 4.59% थी. ग्रामीण भारत में खाद्य महंगाई दर जनवरी में 6.31% से घटकर फरवरी में 4.06% हो गई. शहरी क्षेत्रों में महंगाई जनवरी के 3.87 फीसदी से घटकर फरवरी में 3.32 फीसदी हो गई. जबकि खाद्य महंगाई 5.53 फीसदी से घटकर 3.20 फीसदी हो गई. गौरतलब है कि फरवरी में आवास महंगाई 2.91% थी, जो जनवरी में 2.82% से थोड़ी अधिक थी. ईंधन और एनर्जी महंगाई जनवरी में -1.49% की तुलना में -1.33% पर नकारात्मक रही. एजुकेशन में महंगाई 3.83% पर स्थिर रही, जबकि हेल्‍थ में महंगाई 3.97% से बढ़कर 4.12% हो गई. परिवहन और संचार सेक्‍टर्स में महंगाई 2.87% रही, जो जनवरी में 2.76% थी. महंगाई कैसे प्रभावित करती है? महंगाई का सीधा संबंध पर्चेजिंग पावर से है। उदाहरण के लिए यदि महंगाई दर 6% है, तो अर्जित किए गए 100 रुपए का मूल्य सिर्फ 94 रुपए होगा। इसलिए महंगाई को देखते हुए ही निवेश करना चाहिए। नहीं तो आपके पैसे की वैल्यू कम हो जाएगी। महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना और घटना प्रोडक्ट की डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। ज्यादा चीजें खरीदने से चीजों की डिमांड बढ़ेगी और डिमांड के मुताबिक सप्लाई नहीं होने पर इन चीजों की कीमत बढ़ेगी। इस तरह बाजार महंगाई की चपेट में आ जाता है। सीधे शब्दों में कहें तो बाजार में पैसों का अत्यधिक बहाव या चीजों की शॉर्टेज महंगाई का कारण बनता है। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। CPI से तय होती है महंगाई एक ग्राहक के तौर पर आप और हम रिटेल मार्केट से सामान खरीदते हैं। इससे जुड़ी कीमतों में हुए बदलाव को दिखाने का काम कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी CPI करता है। हम सामान और सर्विसेज के लिए जो औसत मूल्य चुकाते हैं, CPI उसी को मापता है। कच्चे तेल, कमोडिटी की कीमतों, मेन्युफैक्चर्ड कॉस्ट के अलावा कई अन्य चीजें भी होती हैं, जिनकी रिटेल महंगाई दर तय करने में अहम भूमिका होती है। करीब 300 सामान ऐसे हैं, जिनकी कीमतों के आधार पर रिटेल महंगाई का रेट तय होता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 33

आज सरकार ने नवंबर में महंगाई दर के आंकड़े जारी किए, महीने में दर गिरकर 5.48 फीसदी रह गई है

नई दिल्ली महंगाई (Inflation) के मोर्चे पर भारत के लिए अच्छी खबर आई है. गुरुवार को सरकार ने नवंबर में महंगाई दर के आंकड़े जारी किए, जो देश की जनता के लिए राहत भरे हैं. दरअसल, अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) तेजी से बढ़ते हुए 6 फीसदी के पार निकल गई थी, लेकिन नवंबर महीने में ये गिरकर 5.48 फीसदी रह गई है. सरकार ने बताया कि खाद्य पदार्थों, खासकर सब्जियों की कीमतों में आई नरमी के चलते महंगाई घटी है. बुधवार को ही RBI के गवर्नर का पद संभालने वाले संजय मल्होत्रा के लिए ये पहली गुड न्यूज है. गौरतलब है कि आरबीआई ने महंगाई दर को 4-6 फीसदी के दायरे में रखने का लक्ष्य तय किया है और नवंबर में ये फिर 6 फीसदी से नीचे आ गई है. अक्टूबर में 14 महीने के हाई पर थी महंगाई भारत की खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) इससे पिछले अक्टूबर में बढ़कर 6.21% पर पहुंच गई थी. जो कि सितंबर में 5.49% थी. ऐसा माना जा रहा था कि त्‍यौहारी सीजन में हाई फूड प्राइस के कारण महंगाई दर में इजाफा हुआ है. अगस्त 2023 के बाद यह पहली बार था जब महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 6% की सहनीय सीमा को पार कर गई. सितंबर में मुद्रास्फीति जुलाई के बाद पहली बार RBI के मध्यम अवधि के लक्ष्य 4% को पार कर गई, जो 5.49% तक पहुंच गई थी. यानी कि महंगाई में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो आम लोगों की जेब पर असर डाल रहा है. सब्जियों-दाल के दाम घटे राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी CPI Data को देखें, तो  नवंबर में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर घटकर 9.04 फीसदी पर आ गई, जो कि अक्टूबर महीने में 10.87 फीसदी पर पहुंच गई थी. वहीं बीते साल नवंबर 2023 में ये 8.70 फीसदी थी. एनएसओ के मुताबिक, नवंबर 2024 के दौरान सब्जियों, दालों और फूड प्रोडक्ट्स, चीनी और मिठाई, फलों, अंडों, दूध  मसालों की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. नवंबर महीने में अनाज की महंगाई दर 6.88 फीसदी दर्ज की गी, जो कि अक्टूबर में 6.94 फीसदी थी. दालों की अगर बात करें, तो इन पर महंगाई दर 7.43 फीसदी से घटकर 5.41 फीसदी पर आ गई. जुलाई-अगस्त में नरमी, फिर आया था उछाल बता दें कि सीपीआई आधारिक रिटेल महंगाई दर जुलाई-अगस्त महीने में औसतन 3.6 फीसदी के स्तर पर था, लेकिन फिर सितंबर महीने में ये उछलकर 5.5 फीसदी पर पहुंची और अक्टूबर महीने में ये आरबीआई का तय दायका तोड़ते हुए 6.21 फीसदी पर पहुंच गई थी.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 107

खुदरा महंगाई में तेज उछाल के आसार, सब्जी और खाद्य तेल ने डाला जेब पर डाका

नईदिल्ली खाने-पीने की चीजों के दामों में तेज बढ़ोतरी के चलते अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई दर 6 फीसदी को पार करते हुए 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. सितंबर 2024 में खुदरा महंगाई दर 5.49 फीसदी रही थी. अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई दर  (Retail Inflation Rate) आरबीआई (Reserve Bank Of India) के टोलरेंस बैंड 6 फीसदी के भी पार जा पहुंची है. अक्टूबर महीने में खाद्य महंगाई दर में भी तेज उछाल देखने को मिला है और ये डबल डिजिट को पार करते हुए 10.87 फीसदी पर जा पहुंची है. डबल डिजिट में खाद्य महंगाई दर सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं उसके मुताबिक अक्टूबर 2024 में रिटेल इंफ्लेशन रेट 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. एक साल पहले अक्टूबर 2023 में खुदरा महंगाई दर 4.23 फीसदी रही थी. ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 6.68 फीसदी और शहरी इलाकों में 5.62 फीसदी रही है. मंत्रालय ने बताया कि खुदरा महंगाई दर में ये तेज उछाल, सब्जियों, फलों, ऑयल और फैट्स की कीमतों में तेज उछाल के चलते देखने को मिला है. अक्टूबर 2024 में खाद्य महंगाई दर डबल डिजिट में चला गया है और ये 10.87 फीसदी रही है जो सितंबर में 9.24 फीसदी रही थी. ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 10.69 फीसदी तो शहरी इलाकों में 11.09 फीसदी रही है. महंगी सब्जियों ने बढ़ाई महंगाई खुदरा महंगाई दर का जो आंकड़ा जारी किया गया है उसके मुताबिक अक्टूबर में सब्जियों की महंगाई दर में भारी बढ़ोतरी आई है. सब्जियों की महंगाई दर 42.18 फीसदी रही है जो सितंबर में 35.99 फीसदी रही थी. दूध और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की महंगाई दर 2.97 फीसदी रही है. दालों की महंगाई में कमी आई है और घटकर 7.43 फीसदी रही है जो सितंबर में 9.81 फीसदी रही थी. अनाज और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की महंगाई दर 6.94 फीसदी रही है जो सितंबर में 6.84 फीसदी रही थी. चीनी की महंगाई दर घटकर 2.57 फीसदी, अंडों की महंगाई दर में घटकर 4.87 फीसदी रही है. मीट और मछली की महंगाई दर बढ़कर 3.17 फीसदी रही है.   महंगी EMI से राहत के आसार नहीं खुदरा महंगाई दर आरबीआई के टोलरेंस बैंड की अपर लिमिट 6 फीसदी से बहुत ऊपर 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. जबकि खाद्य महंगाई दर 11 फीसदी के करीब है.  ऐसे में सस्ते कर्ज की उम्मीदों पर अब पानी फिरता नजर आ रहा है क्योंकि सब्जियों की कीमतों में कमी आने का नाम नहीं ले रही है. दिसंबर 2024 में आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक होगी. और अब ये तय है कि आरबीआई रेपो रेट को मौजूदा लेवल पर फिलहाल स्ठिर रखेगा. 10 फीसदी का आंकड़ा छू सकती है खाद्य महंगाई सब्जियों, दालों की कीमतों में उछाल के चलते अक्टूबर महीने में खाद्य महंगाई दर के बढ़ने की आशंकाओं को बल दे दिया है. सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2024 में खाद्य महंगाई दर असामान्य रूप से बढ़कर 9.24 फीसदी पहुंच गई. जबकि, अगस्त 2024 में खाद्य महंगाई दर 5.66 फीसदी दर्ज की गई थी और उससे पहले जुलाई में 5.42 फीसदी थी. अब अक्टूबर में खाद्य महंगाई दर के थोड़ा और ऊपर जाने पर दबाव बना हुआ है. खाद्य महंगाई दर से कब मिलेगी राहत? भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बीते सप्ताह के बुधवार को मुद्रास्फीति के ऊपर की ओर बढ़ने के जोखिमों पर प्रकाश डाला था. इससे पहले सितंबर 2024 में आई आरबीआई की रिपोर्ट में बेहतर खरीफ फसलों की आवक और अच्छे रबी सीजन की बढ़ती संभावनाओं के मद्देनजर वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही तक भारत की खाद्य महंगाई दर में कमी आने की उम्मीद जताई गई है.  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 91

बिहार में सितंबर में खुदरा महंगाई की दर 7.5 फीसदी रही जो 5.5 फीसदी के राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा

नई दिल्ली  बिहार में सितंबर में लगातार तीसरे महीने सबसे ज्यादा महंगाई देखने को मिली। राज्य में सितंबर में खुदरा महंगाई की दर 7.5 फीसदी रही जो 5.5 फीसदी के राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा है। बिहार के बाद छत्तीसगढ़ (7.4%) दूसरे, उत्तर प्रदेश (6.7%) तीसरे, ओडिशा (6.6%) चौथे और हरियाणा (6.2%) पांचवें नंबर पर रहे। ताजा आंकड़ों के मुताबिक खुदरा महंगाई सितंबर में 5.5 फीसदी रही जो इसका नौ महीने का उच्चतम स्तर है। खानेपीने की चीजों खासकर सब्जियों, खाद्य तेल और दालों की कीमत में तेजी से खुदरा मंहगाई बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में सबसे कम महंगाई दिल्ली में रही। यहां खुदरा महंगाई की दर 3.7 फीसदी रही। पश्चिम बंगाल (4.3%) दूसरे, तेलंगाना (4.4%) तीसरे, हिमाचल (4.6%) चौथे और उत्तराखंड (4.7%) पांचवें नंबर पर रहे। ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई की बात करें तो इसमें छत्तीसगढ़ (8%) पहले, उत्तर प्रदेश (7.6%) दूसरे और बिहार (7.6%) तीसरे नंबर पर है। शहरी इलाकों में खुदरा महंगाई के मामले में बिहार (7.1%) पहले नंबर पर है। ब्याज दरों में कटौती 2023-24 के इकनॉमिक सर्वे के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में कंजम्पशन बास्केट में फूड आइटम्स् का वेटेज 47.3 फीसदी है जबकि शहरी इलाकों में यह 29.6 फीसदी है। इस महंगाई को देखते हुए जानकारों का कहना है कि आरबीआई ब्याज दरों में कटौती को फिलहाल टाल सकता है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी संकेत दिया है कि दिसंबर में होने वाली एमपीसी बैठक में ब्याज दरों में कटौती की संभावना नहीं है। अगर नीतिगत दरों में कटौती नहीं होती है तो लोन पर भी ब्याज नीचे नहीं आएगा। दास ने कहा कि वर्तमान स्थिति में ब्याज दरों में कटौती जल्दबाजी और बहुत जोखिम भरी होगी क्योंकि खुदरा महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य की मौद्रिक नीतियों का निर्धारण आय और अन्य आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा। महीने की शुरुआत में, आरबीआई ने महंगाई संबंधी चिंताओं के कारण नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया था और मौद्रिक नीति का रुख न्यूट्रल कर दिया था। अगले द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा 6 दिसंबर को होगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 93