नक्सल मोर्चे पर सख्ती के बाद भोपाल में नई जिम्मेदारी, संजय कुमार ने संभाला पुलिस कमिश्नर का पद

भोपाल  राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के पांचवे साल में तीसरे नए पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति की गई है. मध्य प्रदेश कैडर के वर्ष 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी संजय कुमार को भोपाल का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है. उन्होंने सोमवार 2 फरवरी को चार्ज ले लिया. इससे पहले वे बालाघाट जोन में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थ थे. नए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने तत्कालीन पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र से औपचारिक रूप से पुलिस कमिश्नर का कार्यभार ग्रहण किया. नए कमिश्नर संजय कुमार ने लिया चार्ज आईपीएस संजय कुमार को एक सख्त, अनुशासित और मजबूत फील्ड एक्सपीरियंस वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है. वह प्रदेश के कई जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक अपनी सेवाएं दे चुके हैं. संजय कुमार बालाघाट को नक्सल मुक्त करने के लिए जवानों के साथ जंगलों में लाल लड़ाकों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की. संजय कुमार करीब 12 साल पहले भोपाल में एसपी पुलिस मुख्यालय के पद पर भी रह चुके हैं. ऐसे में लंबे अंतराल के बाद राजधानी की कमान संभालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती जरूर है, लेकिन उनके अनुभव और कार्यशैली से भोपाल पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम को मजबूती मिलेगी. बीट सिस्टम को बनाएंगे प्रभावी ईटीवी भारत से बातचीत में नए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने अपनी प्राथमिकताओं और कार्य योजना को स्पष्ट किया. उन्होंने कहा, "12 साल बाद भोपाल लौटना एक अलग अनुभव है. मेरा फोकस टीम वर्क और बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था पर रहेगा. इसके लिए बीट सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाएंगे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और फील्ड स्तर पर पुलिस की मौजूदगी मजबूत हो. शहरी पुलिसिंग अपने आप में कई चुनौतियां लेकर आती है. बदमाशों को नहीं मिलेगी रियायत कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता में रखते हुए पुलिसिंग के सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जाएगा. पहले से लागू व्यवस्थाओं की समीक्षा कर उन्हें और बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा. बदमाशों पर किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी. चाहे चाकूबाजी हो या कोई अन्य गंभीर अपराध, सभी मामलों में सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाएगी. साइबर क्राइम आज का गंभीर मुद्दा पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि "अपराधियों में पुलिस का डर बनाए रखना जरूरी है, ताकि कानून व्यवस्था कायम रह सके. भोपाल जैसे शहर के लिए ट्रैफिक सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है. इसे प्राथमिकता पर लिया जाएगा. इसके लिए संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर ठोस योजना बनाई जाएगी. पुरानी ट्रैफिक पॉलिसी को प्रभावी ढंग से इंप्लीमेंट किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उसमें सुधार करेंगे, ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके. साइबर अपराधों के बढ़ते मामले चिंताजनक है. साइबर क्राइम आज के समय में एक गंभीर अपराध बन चुका है. इसे रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जन जागरूकता भी बेहद जरूरी है.  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 19

डेलिगेशन पर सांसदों की बारात भेजने की क्या जरूरत कहने वाले संजय राउत को शरद पवार की नसीहत

मुंबई ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की कहानी बताने और पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए केंद्र सरकार 32 देशों में अलग-अलग सर्वदलीय डेलिगेशन भेज रही है. इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद, पूर्व मंत्री और राजदूत शामिल हैं. एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और संजय राउत को निशाने पर लिया है, जिन्होंने फैसले की आलोचना करते हुए बीते दिन डेलिगेशन की तुलना 'बारात' से की थी. पार्टी से ऊपर उठकर लें फैसले शरद पवार ने संजय राउत पर निशाना साधते हुए कहा कि स्थानीय राजनीति को अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से नहीं जोड़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पार्टी के आधार पर फैसले नहीं लिए जाते. जब पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री थे, तब अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र गया था और तब मैं भी उस डेलिगेशन का सदस्य था. एनसीपी प्रमुख पवार ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय मुद्दे सबसे आगे हों, तो किसी को पार्टी लाइन पर स्टैंड नहीं लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्र ने कुछ आठ या 9 डेलिगेशन बनाए हैं और कुछ देशों को चयनित किया गया है. पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान जो कर रहा है, उस पर भारत का रुख क्या है, यह बताने के लिए डेलिगेशन को विदेश दौरे पर भेजा जा रहा है. उन्होंने कहा कि संजय राउत जो भी कहना चाहते हैं, उन्हें कहने का अधिकार है. लेकिन शायद उनकी पार्टी की एक सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी भी इस डेलिगेशन में शामिल हैं. शरद पवार ने कहा कि स्थानीय राजनीति को अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से नहीं जोड़ना चाहिए. श्रीकांत शिंदे को भेजने पर सवाल शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने रविवार को डेलिगेशन भेजने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस 'बारात' को भेजने की क्या जरूरत थी. उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का बेटा विदेश में भारत का क्या प्रतिनिधित्व करेगा. राउत ने केंद्र सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए INDIA ब्लॉक के नेताओं से इस डेलिगेशन का बहिष्कार करने की अपील की है. हालांकि शिवसेना (UBT), कांग्रेस, एनसीपी (SP) और टीएमसी जैसे तमाम विपक्षी दलों के सांसद इस डेलिगेशन में शामिल हैं. दरअसल एकनाथ शिंदे के बेटे और तीन बार के सांसद श्रीकांत शिंदे की अगुवाई में सात में एक डेलिगेशन यूएई, लाइबेरिया, कांगो और सिएरा लियोन की यात्रा करेगा. उनके साथ बांसुरी स्वराज (भाजपा), ई.टी मोहम्मद बशीर (IUML), अतुल गर्ग (भाजपा), सस्मित पात्रा (बीजेडी), मनन कुमार मिश्रा (भाजपा), पूर्व मंत्री एसएस अहलूवालिया और पूर्व राजनयिक सुजान चिनॉय भी इस दौरे पर होंगे. इसी तरह सुप्रिया सुले, बैजयंत पांडा, रविशंकर प्रसाद और शशि थरूर की अगुवाई वाले चार अलग-अलग डेलिगेश 23 से 25 मई के बीच विदेश दौरा करेंगे. वहीं, श्रीकांत शिंदे, कनिमोझी और संजय झा की अगुवाई वाले तीन अलग-अलग डेलिगेशन 21 से 23 मई के बीच विदेश दौरा करेंगे.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 44

रुझानों पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि यह जनता का फैसला नहीं है बल्कि कुछ तो गड़बड़ है

मुंबई महाराष्ट्र चुनाव के रुझानों में महायुति की जबरदस्त वापसी को लेकर उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. ताजा रुझानों में 221 सीटों पर महायुति आगे चल रही है जबकि अघाडी केवल 55 सीटों पर आगे है. इन रुझानों पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि यह जनता का फैसला नहीं है बल्कि कुछ तो गड़बड़ है. उन्होंने कहा कि महायुति ने पूरी मशीनरी को कब्जे में लिया. इस राज्य की जनता बेईमान नहीं है. शिंदे के सारे उम्मीदवार कैसे जीत सकते हैं? संजय राउत ने कहा, 'दो दिन पहले गौतम अडानी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में एक अरेस्ट वारंट निकला. रिश्वत का केस है 2 हजार करोड़ का, उसमें भाजपा की पोल खुल गई. उस पर से ध्यान हटाने के लिए ये पूरा एक कपट कारिस्तानी हुई है, उसकी तैयारी पहले से चल रही थी. महाराष्ट्र गौतम अडानी की जेब में जा रहा है, मुंबई अडानी की जेब में जा रहा है, हमने विरोध किया कि अडानी राष्ट्र नहीं होने देंगे. इस प्रकार के नतीजे के राज्य पर लादे गए हैं.' ये फैसला जनता का नहीं है- राउत संजय राउत ने कहा, 'इस प्रकार के नतीजे महाराष्ट्र के ऊपर लादे गए हैं. महाराष्ट्र की जनता का मन हमें मालूम है ये हो ही नहीं सकता है. लाडकी बहन योजना को लेकर किए गए सवाल पर राउत ने कहा, 'यहां लाडले भाई हैं, लाडले नाना जी हैं, लाडले दादा जी हैं. सब कुछ लाडले हैं यहां. हमको मालूम है कि यहां क्या है, ये जो निर्णय आया है वो जनता का नहीं है.' उन्होंने कहा कि शिंदे के सारे उम्मीदवार कैसे जीत रहे हैं. राउत ने कहा, 'लोकसभा के दो चुनाव 2014 और 2019 में मोदी और शाह ने यही किया था कि विपक्ष का नेता कांग्रेस को नहीं मिलना चाहिए, इस बार वही रणनीति इन्होंने महाराष्ट्र में अपनाई है कि विधानसभा में कोई विपक्ष का नेता नहीं रहेगा, ये हमेशा बीजेपी की रणनीति रही है.' Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 72