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‘पूर्व शासन के अवशेषों’ पर कार्रवाई, सीरिया के तटीय इलाकों में सैन्य हेलिकॉप्टरों की तैनाती

दमिश्क। सीरिया की अंतरिम प्रशासन के सैन्य बलों ने "पूर्व शासन के अवशेषों" के खिलाफ हवाई हमले तेज कर दिए हैं। अंतरिम प्रशासन "पूर्व शासन के अवशेष" असद सरकार के लिए लड़ रहे सशस्त्र लड़ाकों को कह रहा है। मीडिया चैनलों ने प्रशासन के एक बयान का हवाला देते हुए बताया कि हेलीकॉप्टर ग्रामीण लताकिया में इस्तामो एयरफील्ड से उड़ान भर रहे हैं, जो तटीय ग्रामीण इलाकों में अभी भी सक्रिय सशस्त्र तत्वों को निशाना बना रहे हैं। जिसमें उपयोग में आने वाले हेलीकॉप्टरों की संख्या या ऑपरेशन के दायरे के बारे में विस्तार से नहीं बताया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यह तैनाती राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा उपायों की एक श्रृंखला के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य नए नेतृत्व की सत्ता को मजबूत करना है। शनिवार को सीरिया के नवनियुक्त खुफिया प्रमुख अनस खत्ताब ने एक आधिकारिक बयान में देश की सुरक्षा व्यवस्था को "हमारे लोगों की बलिदानों और लंबी धरोहर के अनुरूप" पुनर्गठित करने का वादा किया। खत्ताब ने कहा कि सीरिया की सभी मौजूदा सुरक्षा शाखाओं को खत्म कर दिया जाएगा और उनका पुनर्गठन किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने इस पुनर्गठन के लिए कोई समयसीमा या विशिष्ट विवरण प्रदान नहीं किया। खत्ताब की ओर से यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब सीरिया 8 दिसंबर को पिछली सरकार के पतन के बाद एक संवेदनशील राजनीतिक परिवर्तन से गुजर रहा है। हयात तहरीर अल-शाम के नेतृत्व में एक सैन्य गठबंधन ने 27 नवंबर को उत्तरी सीरिया से एक बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत की। इसने दक्षिण की ओर बढ़ते हुए राजधानी दमिश्क पर कब्जा किया और 12 दिनों के भीतर पूर्व सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार को उखाड़ फेंका। सीरियाई सूचना मंत्रालय ने सीरियाई लोगों के बीच विभाजन फैलाने के उद्देश्य से सांप्रदायिक लहजे वाली किसी भी मीडिया सामग्री या समाचार के प्रसार या प्रकाशन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। सीरियाई गृहयुद्ध ने सांप्रदायिक रूप लिया क्योंकि असद ने मध्य पूर्व से शिया मिलिशिया को अपने यहां पैर जमाने की खुली छूट दी। मीडिया ने बताया कि पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन के बाद बुधवार रात कर्फ्यू लगा दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रदर्शन में अलावी और शिया धार्मिक समुदायों के सदस्य शामिल थे। होम्स से बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए फुटेज में लोगों की भीड़ को तितर-बितर होते हुए और उनमें से कुछ को भागते हुए दिखाया गया। असद के लंबे समय तक सहयोगी रहे ईरान ने हाल के दिनों में सीरिया में हुई घटनाओं की आलोचना की। ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सीरियाई युवाओं से अपील की कि वह उन लोगों के खिलाफ दृढ़ संकल्प के साथ खड़े होने का आह्वान किया जिन्होंने इस असुरक्षा को अंजाम दिया है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि सीरिया में एक मजबूत और सम्मानजनक समूह भी उभरेगा क्योंकि सीरियाई युवाओं के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है। सीरिया के नवनियुक्त विदेश मंत्री, असद हसन अल-शिबानी ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान को सीरियाई लोगों की इच्छा और सीरिया की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम उन्हें सीरिया में अराजकता फैलाने के खिलाफ चेतावनी देते हैं और हम उन्हें नवीनतम टिप्पणियों के नतीजों के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 31

‘विस्थापित सीरियाई जनता पर स्वदेश वापसी के लिए कोई दबाव नहीं- UN

दमिश्क संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने कहा है कि सीरिया में 27 नवंबर को युद्ध के जोर पकड़नेे के बाद से 11 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें से अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं। आईडीपी टास्क फोर्स ने कहा, “सीरिया में 27 नवंबर को युद्ध के तेज हाेने के बाद से 11 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं।” संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि लगभग 6,40,000 लोग अलेप्पो प्रांत से भाग गए, जबकि 3,34,000 लोग इदलिब से और 1,36,000 लोग हमा से भाग गए। उल्लेखनीय है कि सीरियाई सशस्त्र विपक्ष ने रविवार को राजधानी दमिश्क पर कब्जा कर लिया। रूसी अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रपति बशर असद ने सीरियाई संघर्ष के प्रतिभागियों के साथ बातचीत के बाद पद छोड़ दिया और सीरिया छोड़कर रूस चले गए, जहाँ उन्हें शरण दी गई। इसके बाद मोहम्मद अल-बशीर (जो हयात तहरीर अल-शाम और अन्य विपक्षी समूहों द्वारा गठित इदलिब-आधारित प्रशासन चलाते थे) को मंगलवार को अंतरिम प्रधानमंत्री नामित किया गया। 13 साल का गृह युद्ध और 60 लाख शरणार्थी, इन देशों में रह रहे हैं सीरिया के लोग 8 दिसंबर को सीरिया में 13 साल लंबे गृह युद्ध के बाद सीरियाई राष्ट्रपति बशर-अल-असद रूस भाग गए. इसी के साथ असद परिवार का 54 साल पुराना राज खत्म हो गया. इसमें 24 साल तो खुद बशर अल-असद के हैं. उनके सत्ता से हटने के बाद, राजधानी दमिश्क समेत दुनिया भर में सीरियाई लोगों ने जश्न मनाया. यह जश्न खास तौर पर उन लाखों सीरियाई लोगों के लिए मायने रखता है, जो गृह युद्ध की त्रासदी से बचने के लिए अपना घर छोड़कर दूसरे देशों में शरण लेने को मजबूर हुए. हालांकि, इस बदलाव के साथ ही यूरोपीय देशों में सीरियाई शरणार्थियों को वापस भेजने की मांग भी जोर पकड़ रही है. जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, स्वीडन, नॉर्वे, बेल्जियम और ब्रिटेन जैसे देशों ने उनके असाइलम आवेदनों पर रोक लगा दी है. आखिर किन देशों में सबसे ज्यादा सीरियाई शरणार्थी रहते हैं? इतने सीरियाई को दूसरे देशों में लेनी पड़ी शरण 2011 में, अल-असद के खिलाफ जब विद्रोह की शुरुआत हुई तो सीरिया की आबादी लगभग 2 करोड़ थी. इसके बाद के वर्षों में लगभग पाँच लाख लोग मारे गए, दस लाख से अधिक घायल हुए और लगभग 1.3 करोड़ लोग अपना घर छोड़कर भाग गए. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 तक, कम से कम 74 लाख सीरियाई आंतरिक रूप से विस्थापित हैं, जिनमें से लगभग 49 लाख पड़ोसी देशों में शरण ले रहे हैं. इसके अलवा 13 लाख लोग अधिकतर यूरोप में बस गए हैं. सबसे अधिक पंजीकृत सीरियाई शरणार्थियों वाले पड़ोसी देशों में तुर्किये, लेबनान, जॉर्डन और इराक शामिल हैं. इन शरणार्थियों की एक बड़ी संख्या यूरोपीय देशों में भी है. न्यूज मैगजीन ‘पॉलिटिको’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2015 से अब तक लगभग 45 लाख सीरियाई लोग यूरोप आए. यूरोपीय संघ (ईयू) ने 2015 से 2023 के बीच लगभग 13 लाख सीरियाई शरणार्थियों को सुरक्षा का दर्जा दे चुका है. तुर्किए में रहते हैं सबसे ज्यादा रिफ्यूजी सीरिया के लगभग आधे पंजीकृत शरणार्थी, या 31 लाख तुर्किये में रहते हैं, जो दुनिया में सबसे बड़ी शरणार्थी आबादी की मेजबानी करता है. तुर्की सीरिया का पड़ोसी देश भी है इसलिए सीरियाई लोगों ने यही शरण सबसे पहले ली. तुर्की सरकार सीरियाई लोगों को टेम्पोररी प्रोटेक्टेड स्टेट्स देता है जिससे उन्हें कानूनी रूप से रहने की इजाजत मिलती है. मगर इससे किसी को भी देश की नागरिकता नहीं मिलती. उसके बाद दूसरे नंबर पर आता है लेबनान. जो कि लगभग 7 लाख 74 हजार पंजीकृत शरणार्थियों को शरण देता है. अगर इसमें अपंजीकृत व्यक्तियों को शामिल कर लिया जाए तो कुल संख्या करीब 15 लाख हो जाती है. लेबनान में हर पांच में से एक व्यक्ति सीरियाई शरणार्थी है. दोनों देशों के बीच आवाजाही आसान थी क्योंकि सीमा पार करने के लिए एक आईडी कार्ड ही काफी था. इसलिए शरणार्थियों ने बड़ी संख्या में और तेज़ी से लेबनान में शरण लेना शुरू कर दिया. तीसरा देश है जर्मनी. यूनाइटेड नेशन्स के मुताबिक जर्मनी में 7 लाख 16 हजार सीरियाई शरणार्थी रहते हैं. एंजेला मर्केल की सरकार ने सीरिया के गृहयुद्ध से भाग रहे शरणार्थियों के लिए जर्मनी की सीमाओं को बंद नहीं करने का निर्णय लिया था. उस समय माहौल यह था कि जर्मनी प्रबंधन कर लेगा हालांकि अब चीजें काफी बदल गई हैं. उसके बाद ईराक है जहां 2 लाख 86 हजार लोग रहते हैं. फिर इजिप्ट है 1 लाख 56 हजार शरणार्थियों के साथ. उसके बाद ऑस्ट्रिया, स्वीडेन, नीदरलैंड्स और ग्रीस है. यूरोप में शरणार्थियों को वापस भेजने पर क्यों जोर? असद को सत्ता से बेदखल किए जाने से पहले भी कुछ देश सीरियाई शरणार्थियों को असाइलम ना देने और उन्हें वापस भेजने की बात उठा रहे थे. अलजजीरा के मुताबिक इसमें सबसे बड़ी बाधा, यूरोपीयन यूनियन एजेंसी फॉर असाइलम (EUAA) की तरफ से की तय की गई सुरक्षित देश की परिभाषा दरअसल EUAA का सेक्शन 4.3.2 कहता है कि शरण के लिए आवेदन करने वाले को या शरणार्थी को उसके देश वापस भेजने के लिए जरूरी है कि उस देश में कानूनों का पालन लोकतांत्रिक तरीके से होता हो, राजनीतिक घटनाक्रम उत्पीड़न, यातना, या सजा का कारण ना बनते हों. इन मानकों पर सीरिया खरा नहीं उतरता था. अब असद के बाहर होने के बाद एक बार फिर सीरियाई शरणार्थियों का मुद्दा फिर गर्म हो गया है. हालांकि यूएनएचसीआर के मुताबिक, सीरिया में वापसी में बढ़ोतरी हुई है. 2024 के पहले आठ महीनों में, लगभग 34,000 सीरियाई शरणार्थियों के घर लौटने की पुष्टि की गई थी. संख्या इससे अधिक भी हो सकती है.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, … Read more

तुरंत सीरिया छोड़ दें, भारतीय नागरिकों को अर्जेंट एडवाइजरी की जारी

नई दिल्ली सीरिया में विद्रोहियों के कत्लेआम और उथल-पुथल को देखते हुए शुक्रवार देर रात भारत ने अपने नागरिकों के लिए अर्जेंट एडवाइजरी जारी कर दी है। भारत की तरफ से जारी सला में कहा गया है कि लोगों को सीरिया जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने सीरिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों से कहा है कि वे तुरंत सीरिया छोड़कर निकलने की कोशिश करें। इसके अलावा जो लोग सीरिया नहीं छोड़ पा रहे हैं वे भारतीय दूतावा के संपर्क में रहें। विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। हेल्पलाइन नंबर है- +963993385973. इसपर वॉट्सऐप मेसेज भी भेजा जा सकता है। इसके अलावा hoc.damascus@mea.gov.in पर ईमेल के जरिए भी दूतावास से संपर्क किया जा सकता है। सीरिया में इस्लामवादियों के नेतृत्व में विद्रोहियों का नियंत्रण बढ़ने के बीच भारत ने शुक्रवार को कहा था कि वह वहां की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। विद्रोहियों ने देश के सबसे बड़े शहर अलेप्पो के अधिकतर भूभाग पर कब्जा करने के बाद गुरुवार को मध्य सीरिया के शहर होम्स को भी काफी हद तक अपने कब्जे में कर लिया है। मंत्रालय ने कहा, “जो लोग जा सकते हैं, उन्हें जल्द से जल्द उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों से सीरिया छोड़ने की सलाह दी जाती है और अन्य लोगों से अनुरोध है कि वे अपनी सुरक्षा के बारे में अत्यधिक सावधानी बरतें तथा अपनी गतिविधियों को न्यूनतम तक सीमित रखें।” गौरतलब है कि इस्लामी आतंकवादी समूह हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) ने हमा के प्रमुख शहर पर कब्जा कर लिया है और वे होम्स शहर की ओर बढ़ रहे हैं। हजारों लोगों को होम्स छोड़कर जाना पड़ा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमने उत्तर सीरिया में हाल में लड़ाई तेज होने पर ध्यान दिया है। हम स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं। सीरिया में लगभग 90 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें से 14 संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न संगठनों के लिए काम कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “हमारा मिशन हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार उनसे संपर्क बनाए हुए है।” Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 59

उत्तरी इज़रायल में, 60,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हुए : संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र  इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव और इजरायली सेना की ओर से जारी निकासी आदेशों के कारण दो लाख से ज्यादा लोग दक्षिणी लेबनान से विस्थापित हो गए हैं, जिनमें से एक लाख से ज्यादा लोग सीरिया गये हैं। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने  दी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के मुख्य प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) ने चेतावनी दी है कि विस्थापित लोगों की संख्या बढ़ने का अनुमान है, क्योंकि इजरायली रक्षा बल ने सोमवार और  बीच दक्षिण लेबनान के 30 गांवों सहित कई जगहों के लिए निकासी के आदेश जारी किए हैं। प्रवक्ता ने दैनिक विवरण में कहा कि उत्तरी इज़रायल में, 60,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी अपनी आपातकालीन प्रतिक्रिया को लगातार बढ़ा रही है और लेबनान में विस्थापित लोगों के लिए अपनी प्रतिक्रिया में तत्काल मानवीय एवं सुरक्षा सहायता प्रदान करने के लिए भागीदारों के साथ काम कर रही है। संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी भोजन, बच्चों के लिए पोषण, पानी, बिस्तर और स्वच्छता किट जैसी अन्य आवश्यक वस्तुएं प्रदान कर लेबनानी सरकार की प्रतिक्रिया का समर्थन कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष ने आवश्यक आपूर्ति के साथ 50,000 विस्थापितों को शरण देने वाले लगभग 200 सामूहिक आश्रयों का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने जारी एक बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 42.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर की आपातकालीन मानवीय सहायता का तत्काल समर्थन देने की अपील की। दुजारिक ने कहा कि हमारे मानवतावादी सहयोगियों का मानना है कि इस पैसे का लक्ष्य अगले तीन महीनों के लिए 10 लाख लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि लेबनान में मानवतावादी समन्वयक इमरान रिज़ा ने चेतावनी दी है कि मानवतावादी सहयोगियों काे पर्याप्त संसाधनों के बिना पूरे देश की आबादी को उस सहायता के बिना उनके हाल पर छोड़ना पड़ेगा, जिसकी उन्हें तत्काल आवश्यकता है।       Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 49