Tuesday, July 7, 2026 6:07 am

युद्ध के कारण लेबनान में 880,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए..

संयुक्त राष्ट्र लेबनान में घरों और कार्यालयों को छोड़ने के आदेश और हवाई हमलों के कारण 880,000 से अधिक लोगों को अपने घरों से पलायन करना पड़ा है, जिनमें से 5,00,000 से अधिक लोग सीरिया भाग गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय संगठनों ने  यह जानकारी दी। मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संरा कार्यालय (ओसीएचए) ने कहा कि लेबनान में बचे लोगों को खाद्य पदार्थों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन ने बताया कि देश में 880,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें 20,000 से अधिक प्रवासी शामिल हैं, जिन्हें अपने घरों और कार्यस्थलों दोनों से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने बताया कि 500,000 से अधिक लोग लेबनान छोड़कर सीरिया चले गए हैं और इनमें से आधे से अधिक बच्चे थे। यूएनएचसीआर अन्य लोगों के साथ मिलकर उन्हें मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करके विस्थापन के आघात और भावनात्मक प्रभाव से निपटने में मदद कर रहा है। ओसीएचए ने कहा कि नागरिकों को उनके घरों में रहने या भागने के विकल्प के बावजूद संरक्षित किया जाना चाहिए। कार्यालय ने कहा कि विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) और खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने चेतावनी दी है कि लेबनान में खाद्य सुरक्षा की स्थिति और खराब होने की आशंका है। डब्ल्यूएफपी और एफएओ ने कहा,सि “सितंबर 2024 से संघर्ष में लगातार वृद्धि ने आपूर्ति श्रृंखलाओं को बुरी तरह से बाधित किया है और खाद्य असुरक्षा को गहरा किया है। इसके कारण अब 12 लाख से अधिक लोग को प्रभावित हो रहे हैं।” ओसीएचए ने कहा, “लेबनान की लगभग एक चौथाई आबादी पहले से ही अपर्याप्त खाद्य उपभोग (भुखमरी) से पीड़ित है। खाद्य पदार्थों की कीमतों के उच्च बने रहने के कारण स्थिति और भी खराब होने वाली है।” चुनौतीपूर्ण खाद्य सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर डब्ल्यूएफपी ने इस साल सितंबर से 65,000 से अधिक लोगों को भोजन पहुंचाने के लिए 12 काफिलों का इस्तेमाल किया, जिनमें से ज्यादातर दक्षिण और बालबेक-हर्मेल गवर्नरेट में पहुंचाए गए हैं। recent visitors 89

इजराइल के हवाई हमले से दहला लेबनान, 16 मारे गए, हिजबुल्लाह ने भी दागे रॉकेट

इजरायल मानवीय मिशनों को गाजा तक पहुंचने की अनुमति दे:डब्ल्यूएचओ लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में दो हजार से ज्यादा लोगों की मौत :स्वास्थ्य मंत्रालय इजराइल के हवाई हमले से दहला लेबनान, 16 मारे गए, हिजबुल्लाह ने भी दागे रॉकेट जिनेवा/ बेरूत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इजरायल से आग्रह किया है कि वह उत्तरी गाजा तक मानवीय मिशनों को महत्वपूर्ण खाद्य और चिकित्सा आपूर्ति पहुंचाने की अनुमति दें, जो वहां जारी हिंसा के कारण पहुंच नहीं पा रही हैं। डब्ल्यूएचओ और उसके सहयोगियों ने  पोलियो टीकाकरण अभियान का दूसरा दौर शुरू किया, जिसका लक्ष्य पाँच लाख से ज़्यादा बच्चों को पोलियो से बचाना है।डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने  ‘एक्स’ पर लिखा, “दो दिनों के टीकाकरण के बाद मध्य गाजा में पोलियो वैक्सीन की दूसरी खुराक पाने वाले बच्चों की कुल संख्या 156,943 हो गयी है।” उन्होंने कहा कि फिलहाल, जारी हिंसा से करीब 90 प्रतिशत बच्चों को टीका लगाने के अभियान के लक्ष्य को खतरा है। प्रमुख ने बताया कि पोलियो के टीकों के अलावा, बच्चों को उनकी प्रतिरक्षा को मजबूत करने के लिए विटामिन ए की खुराक दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर में उत्तरी गाजा में संयुक्त राष्ट्र के 54 निर्धारित मिशनों में से केवल एक ही सफलतापूर्वक पूरा हुआ है, अन्य संघर्ष के कारण रद्द कर दिए गए हैं या बाधित हैं। लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में दो हजार से ज्यादा लोगों की मौत : स्वास्थ्य मंत्रालय  लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजरायली हवाई हमलों के कारण उनके देश में 2,367 लोग मारे गए हैं वहीं 11,088 घायल हो गए हैं। ये आंकड़ा 8 अक्टूबर 2023 से अब तक का है।  मंत्रालय ने बताया कि 15 अक्टूबर को लेबनान के अलग-अलग इलाकों में हुए इजरायली हवाई हमलों में मृतकों की संख्या 17 और घायलों की संख्या 182 हो गई। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की मानें तो, दक्षिण में तीन लोग मारे गए और 92 लोग घायल हो गए। नबातियेह प्रांत में नौ लोग मारे गए और 49 घायल हो गए। वहीं, बेका घाटी में पांच लोग मारे गए और 26 लोग घायल हो गए। इसके अलावा, बालबेक हरमेल प्रांत में 15 लोग घायल हो गए। 23 सितम्बर से इजरायली सेना हिजबुल्लाह के साथ बढ़ते तनाव के बीच लेबनान पर ताबड़तोड़ हवाई हमला कर रही है। 8 अक्टूबर 2023 के बाद से इजरायली सेना की ओर से लेबनानी-इजरायली सीमा पर गोलीबारी की जा रही है। जबकि, गाजा पट्टी में हमास और इजरायल के बीच युद्ध जारी है। यह हवाई अभियान पिछले वर्ष हमास के इजरायली हमले के बाद बढ़े हैं। गाजा पट्टी पर इजरायली हमले में 42,400 से अधिक लोग मारे हए। मृतकों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। दुनिया के बड़े देशों और संगठनों ने मध्य पूर्व के बिगड़ते हालात को लेकर कई चेतावनी जारी की। तमाम कोशिशों के बीच भी शांति वार्ता पर बात नहीं बन पाई। इस बीच इजरायल की ओर से गाजा और लेबनान पर हवाई हमले जारी रहे। हालात ने गंभीर मोड़ तब और ले लिया जब इजरायल ने 1 अक्टूबर को दक्षिण लेबनान में प्रवेश कर जमीनी कार्रवाई शुरू की। इजराइल के हवाई हमले से दहला लेबनान, 16 मारे गए, हिजबुल्लाह ने भी दागे रॉकेट गाजा में हमास के आतंकवादियों का सामना कर रहे इजराइल को अब ईरान समर्थिक आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह से जूझना पड़ रहा है। इजराइली सुरक्षाबल लेबनान में छुपे हिजब्बुलाह आतंकियों को चुन-चुनकर ढेर कर रहा है। इजराइली सुरक्षाबलों (आईडीएफ) के ताजा हमले में 16 लोग मारे गए हैं। आईडीएफ ने दावा किया है कि दक्षिण लेबनान में उसके हमले में दर्जनों आतंकवादियों को मौत की नींद सुला दिया गया। लेबनान के समाचार पत्र द नेशनल न्यूज की खबर में स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से कहा गया है कि  दक्षिण लेबनान के शहर नबातिह में एक नगरपालिका भवन पर हुए इजराइली हवाई हमलों की शृंखला में कम से कम 16 लोग मारे गए और 52 घायल हो गए। मृतकों में नबातिह का मेयर अहमद काहिल भी शामिल है। इस हमले पर लेबनान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने कहा कि अहमद काहिल स्थानीय संकट समिति की बैठक में थे। उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा अगर दुनिया इजराइल को आक्रमण करने से नहीं रोक सकती तो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने युद्धविराम की गुहार लगाने का कोई मतलब नहीं। इजराइल ने  सुबह नबातीह और आसपास के इलाकों पर करीब 12 स्थानों पर हमले किए। संयुक्त राष्ट्र के विशेष समन्वयक जीनिन हेनिस-प्लास्चार्ट ने कहा कि इजराइल ने पूरे लेबनान में नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है। उल्लेखनीय है कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने मंगलवार को कहा था कि अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इजराइल अब बेरूत पर हमले कम करेगा। द टाइम्स ऑफ इजराइल ने आईडीएफ के हवाले से कहा है कि कुछ समय पहले उत्तरी इइराइल में लेबनान से दो रॉकेट दागे गए। इनमे से वायुसेना ने एक रॉकेट को मार गिराया। दूसरा रॉकेट खुले क्षेत्र में गिरा। इस हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। उधर, इराक में इस्लामिक प्रतिरोध ने दावा किया है कि उसने इलियट पर ड्रोन हमला किया है। इस बीच अमेरिकी सेना ने कहा है कि हूथी हथियार भंडारण केंद्र पर हमले में बी-2 बमवर्षक विमानों का इस्तेमाल किया गया। आईडीएफ के एक्स हैंडल पर कहा गया है कि दक्षिणी लेबनान में  उसके सैनिकों ने जमीन और आसमान से हमले कर दर्जनों हिजबुल्लाह आतंकियों का सफाया किया। नागरिक क्षेत्र में छुपाकर रखे गए हथियारों के जखीरा (कोर्नेट मिसाइलों, एटी-3 सैगर मिसाइलों, गोले और 100 मोर्टार) को भी नष्ट कर दिया गया। एक जगह एंटी टैंक मिसाइल दागने के बाद आतंकवादी भाग गए। बेरूत टाइम्स के अनुसार, हिजबुल्लाह के उप महासचिव नईम कासेम ने फिर दोहराया है कि मौजूदा लड़ाई का समाधान युद्धविराम है। हमास के समर्थन में शुरू किया हमला अब युद्ध में बदल गया है। हिजबुल्लाह ने इजराइल पर आक्रमण के लिए नई रणनीति और नया समीकरण तय किया है। अगर इजराइली अधिकारी युद्धविराम नहीं चाहते, तो हिजबुल्लाह आखिरी दम तक लड़ेगा। कासेम ने लेबनान के विस्थापितों से वादा किया कि उनकी … Read more

लेबनानियों को शरण दे रहा सीरिया, 24 घंटों में 5,959 लोगों ने की सीमा पार

दमिश्क  लेबनान से पिछले 24 घंटों में लगभग 5,959 लोगों ने सीरियाई सीमा पार किया। यह जानकारी रूसी रक्षा मंत्रालय के सीरिया में विरोधी पक्षों के सुलह केंद्र के उप प्रमुख कैप्टन प्रथम रैंक ओलेग इग्नास्युक ने दी। इग्नासियुक ने कहा, “पिछले 24 घंटों में, 5,959 लोगों ने लेबनान से अल अरिदा, जौसिह, दबौसिह, जेसर अल क़मार और जदीदेत याबस सीमा क्रॉसिंग के माध्यम से सीरियाई अरब गणराज्य की सीमा पार की है।” इजरायल 01 अक्टूबर से दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह लड़ाकों के खिलाफ जमीनी अभियान चला रहा है और साथ ही हवाई हमले भी कर रहा है। नुकसान के बावजूद, हिजबुल्लाह जमीनी स्तर पर इजरायली सैनिकों से लड़ रहा है और सीमा पार रॉकेट दाग रहा है। इज़रायल का कहना है कि उसका मुख्य उद्देश्य उत्तर में गोलाबारी से पलायन कर चुके 60,000 निवासियों की वापसी के लिए परिस्थितिया बनाना है। recent visitors 82

उत्तरी इज़रायल में, 60,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हुए : संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र  इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव और इजरायली सेना की ओर से जारी निकासी आदेशों के कारण दो लाख से ज्यादा लोग दक्षिणी लेबनान से विस्थापित हो गए हैं, जिनमें से एक लाख से ज्यादा लोग सीरिया गये हैं। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने  दी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के मुख्य प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) ने चेतावनी दी है कि विस्थापित लोगों की संख्या बढ़ने का अनुमान है, क्योंकि इजरायली रक्षा बल ने सोमवार और  बीच दक्षिण लेबनान के 30 गांवों सहित कई जगहों के लिए निकासी के आदेश जारी किए हैं। प्रवक्ता ने दैनिक विवरण में कहा कि उत्तरी इज़रायल में, 60,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी अपनी आपातकालीन प्रतिक्रिया को लगातार बढ़ा रही है और लेबनान में विस्थापित लोगों के लिए अपनी प्रतिक्रिया में तत्काल मानवीय एवं सुरक्षा सहायता प्रदान करने के लिए भागीदारों के साथ काम कर रही है। संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी भोजन, बच्चों के लिए पोषण, पानी, बिस्तर और स्वच्छता किट जैसी अन्य आवश्यक वस्तुएं प्रदान कर लेबनानी सरकार की प्रतिक्रिया का समर्थन कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष ने आवश्यक आपूर्ति के साथ 50,000 विस्थापितों को शरण देने वाले लगभग 200 सामूहिक आश्रयों का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने जारी एक बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 42.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर की आपातकालीन मानवीय सहायता का तत्काल समर्थन देने की अपील की। दुजारिक ने कहा कि हमारे मानवतावादी सहयोगियों का मानना है कि इस पैसे का लक्ष्य अगले तीन महीनों के लिए 10 लाख लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि लेबनान में मानवतावादी समन्वयक इमरान रिज़ा ने चेतावनी दी है कि मानवतावादी सहयोगियों काे पर्याप्त संसाधनों के बिना पूरे देश की आबादी को उस सहायता के बिना उनके हाल पर छोड़ना पड़ेगा, जिसकी उन्हें तत्काल आवश्यकता है।       recent visitors 89

तुर्की के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र से कहा- इजरायल को रोका जाए

तेल अवीव  तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगन ने गाजा और लेबनान में इजरायल के हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है। एर्दोगन ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अगर गाजा और लेबनान में इजरायल के हमलों को रोकने में कामयाब नहीं हो रही है तो फिर इससे आगे बढ़ते हुए कदम उठाए जाएं। इजरायल नहीं रुक रहा है तो संयुक्त राष्ट्र महासभा को तुरंत 1950 में पारित प्रस्ताव के मुताबिक इजरायल के खिलाफ सेना के इस्तेमाल की सिफारिश करनी चाहिए। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार अंकारा में एक कैबिनेट बैठक के बाद एर्दोगन ने कहा, 'अगर सुरक्षा परिषद जरूरी इच्छाशक्ति नहीं दिखाती है, तो संयुक्त राष्ट्र महासभा को बल के उपयोग की सिफारिश करने के अधिकार को तेजी से लागू करना चाहिए। एर्दोगन ने कहा कि गाजा में इजरायल ने भारी तबाही मचाई और अब वही लेबनान में शुरू हो गया है। ये सब रुकना बहुत ज्यादा जरूरी है।' 'दूसरे मुस्लिम देश भी बनेंगे इजरायल का निशाना' एर्दोगन ने इस दौरान कहा कि हमारे क्षेत्र में रहने वाले सभी मुस्लिम, यहूदी और ईसाइयों के लिए हम शांति की चाह रखते हैं। हम शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मुस्लिम दुनिया से एकजुट होने का आह्वान करते हैं। एर्दोगन ने कहा कि इजरायल का आक्रामक रवैया बढ़ता जा रहा है, अगर उसे जल्दी नहीं रोका गया तो उसके हमले दूसरे मुस्लिम देशों को भी निशाना बनाएंगे। उत्तर कोरिया के प्रतिनिधि किम सोंग ने भी इजरायल के हमलों की आलोचना की है। सोंग ने न्यूयॉर्क में यूएनजीए के 79वें सत्र में कहा कि यह कल्पना करना भी मुश्किल लगता है कि एक देश (इजरायल) गाजा में भयानक नरसंहार करने के बाद भी किसी भी तरह की निंदा और मंजूरी से अछूता है। ऐसा उसको अमेरिका के संरक्षण की वजह से है। इजरायल ने लेबनान में शुरू किया जमीनी आक्रामण इजरायली रक्षा बलों ने लेबनान में भीषण बमबारी के बाद जमीनी हमला भी शुरू कर दिया है। मंगलवार को आईडीएफ ने कहा कि उसके सैनिकों ने हिजबुल्लाह की साइटों को टारगेट करने के लिए लेबनान की सीमा पार की है। आईडीएफ का कहना है कि उसकी सैनिक दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर लक्षित जमीनी हमले कर रहे हैं। इयरायली सेना ने ऐसे संकेत दिए हैं, जिनसे लगता है कि आने वाले दिनों में हमले बढ़ सकते हैं। recent visitors 71

इजरायल ने जने कैसे किया लेबनान पर हमला? आर्मी चीफ ने बताई तैयारी वाली वो बात

तेल अवीव लेबनान के अंदर घुसकर हिजबुल्लाह के टॉप कमांडर सैयद हसन नसरल्लाह को इजरायल की ओर से मार गिराने की पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। सबसे ज्यादा हैरानी लोगों को इस तथ्य से हो रही है कि ईरान के ही एक जासूस ने इजरायल के लिए काम किया और नसरल्लाह का पता उसे बता दिया। फ्रांसीसी अखबार ले पैरिसियन की रिपोर्ट के अनुसार करीब डेढ़ घंटे पहले ईरानी दूत ने इजरायल को नसरल्लाह का पता बताया और फिर इजरायल ने उस इमारत को ही नेस्तनाबूद कर दिया, जहां वह अपने कमांडरों के साथ मीटिंग कर रहा था। कहा जा रहा है कि वह बंकर में छिपा था, लेकिन इमारत गिरने की दहशत से ही वह मारा गया। आखिर इजरायल ने कैसे इतनी मजबूत तैयारी की थी कि तेहरान में हमास कमांडर इस्माइल हानियेह को मार गिराया और फिर लेबनान में हिजबुल्लाह के लीडर को मार डाला। यह अहम सवाल है। दरअसल 2006 में जब इजरायल की हिजबुल्लाह से जंग हुई थी तो यह 34 दिनों तक चली थी। इस युद्ध में हिजबुल्लाह के आगे इजरायल की स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। लेकिन यहीं से इजरायल ने सबक सीखा और 2006 के बाद से ही अगली जंग की प्लानिंग शुरू कर दी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इजरायल ने तब से ही जंग की तैयारी शुरू कर दी थी और खासतौर पर खुफिया मिशन पर उसका जोर था। लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल का सैन्य अभियान जारी है। इजरायल ने हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह को भी मार दिया। इसका खुलासा खुद इजरायली सेना ने किया। इस बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि इजरायल ने लेबनान में कैसे तैयारी के साथ हमला किया। उन्होंने कहा कि जो शेल कंपनी बनाई गई, वो ही इजरायल का मास्टरस्ट्रोक है। 'इजरायल का मास्टर स्ट्रोक' आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह के खिलाफ इजरायली सैन्य अभियान पर कहा, 'जो शेल कंपनी बनाई गई है, वह इजरायल का मास्टरस्ट्रोक है। इसके लिए उसे सालों-साल की तैयारी की जरूरत है। इसका मतलब है कि वे इसके लिए तैयार थे और यही बात मायने रखती है। युद्ध उस तरह से शुरू नहीं होता जिस तरह से आप लड़ना शुरू करते हैं, यह उस दिन से शुरू होता है जिस दिन आप योजना बनाना शुरू करते हैं।' 'हमास को खत्म करने पर अड़ गया इजरायल' आर्मी चीफ ने एक अखबार से बात करते हुए कहा कि इजरायल ने हमास को अपना पहला टारगेट बनाया और उसे जड़ से खत्म करने पर अड़ गया। जनरल द्विवेदी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर की एक किताब का हवाला देते हुए इजरायल की रणनीति की तुलना महाभारत के एक प्रसंग से की, जहां अर्जुन, अगर चक्रव्यूह में प्रवेश करते, तो जीवित बच सकते थे और अभिमन्यु भी बच जाता। इसी तरह, इजरायल ने हमास को पहले निपटाने का फैसला किया है। खासतौर पर इजरायल ने यूनिट 8200 को तैनात किया। यह इजरायली सेना की ही एक यूनिट है, जो मोसाद के साथ मिलकर काम करती है। इसके तहत उसने साइबर वारफेयर पर काम किया। इसी एजेंसी की देन थी कि उसने हिजबुल्लाह पर पेजर और वॉकी-टॉकी ब्लास्ट के जरिए हमले कराए। इसी के तहत ईरान की इंटेलिजेंस यूनिट में घुसपैठ की गई और उसके 20 लोगों से सारी सूचना हासिल की गई। ईरान के परमाणु ठिकानों से लेकर हिजबुल्लाह, हमास के लीडर्स तक के बारे में पूरी जानकारी इजरायल को मिल गई। इजरायल के इस इंटेलिजेंस वारफेयर का पहला नतीजा 2008 में आया था। तब मोसाद ने सीआईए के साथ मिलकर हिजबुल्लाह के टॉप लीडर इमाद मुगनियाह को ढेर कर दिया था। इसके बाद 2020 में ईरानी कुद्स फोर्स के नेता कासिम सुलेमानी को अमेरिका ने मार गिराया था। सुलेमानी की लोकेशन की पूरी जानकारी इजरायली एजेंसी ने ही अमेरिका को दी थी, जिसे इराक में मारा गया था। इसी दौरान इजरायल नसरल्लाह को मार गिराने वाला था, लेकिन तब ऐसा नहीं किया। इसकी वजह थी कि इजरायल तब युद्ध नहीं चाहता था। अब इजरायल की वह 18 साल पुरानी तैयारी काम आ रही है। उसने 7 दिनों में हिजबुल्लाह के सात कमांडरों को मार गिराया है। इसके अलावा हमास के लीडर्स को भी उसने ढेर किया है। recent visitors 82