इंग्लैंड दौरे के लिए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को ही बनाना चाहिए कप्तान: पूर्व कप्तान अनिल कुंबले

नई दिल्ली रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि किसे टीम इंडिया का कप्तान बनाया जाए। चयनकर्ता भी इसको लेकर खूब माथा पच्ची कर रहे होंगे। टीम में शुभमन गिल, ऋषभ पंत, केएल राहुल और जसप्रीत बुमराह के रूप में कई दावेदार है, मगर किसे इस लंबे फॉर्मेट की कमान सौंपी जाएगी यह देखने वाली बात होगी। भारत को अगले महीने 5 मैच की टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड का दौरा करना है, इस सीरीज के लिए पूर्व कप्तान अनिल कुंबले ने और किसी पर नहीं बल्कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर दांव लगाया है। उनका कहना है कि पहले सिर्फ इस दौरे के लिए बुमराह को कप्तान बनाकर देखो, अगर उनकी फिटनेस ठीक रहती है तो वह आगे भी जारी रख सकते हैं। कुंबले ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो से कहा, "शायद सिर्फ इस सीरीज के लिए बुमराह को चुना जाए और फिर देखें कि उनकी फ़िटनेस कैसी है।" वह आगे बोले, "मुझे पता है कि तेज गेंदबाज होना आसान नहीं है। उन्हें चोटें लगी हैं, ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद वे ब्रेक पर थे और इस आईपीएल में ही वापसी कर रहे हैं। लेकिन मैं फिर भी बुमराह को चुनूंगा।" ऑस्ट्रेलिया में टीम के पिछले मैच में बुमराह को सभी पांच टेस्ट मैचों में शामिल करने के भारत के बेताब प्रयास में तेज गेंदबाज को चोट लग गई थी और वह काफी हद तक क्रिकेट से दूर हो गए थे। ऐसे में कुंबले ने भी माना कि बुमराह के लिए इंग्लैंड दौरे पर सभी पांच टेस्ट मैच खेलना संभव नहीं होगा। इसलिए, बुमराह के लिए बेहतर कार्यभार प्रबंधन की बहुत जरूरत है। कुंबले ने कहा, "जब भी ऐसा होता है, उप-कप्तान आकर कार्यभार संभाल लेता है।"बता दें बीसीसीआई आने वाले कुछ दिनों में ही इंग्लैंड दौरे के लिए टीम का ऐलान कर सकती है, इसी के साथ टीम नए कप्तान को भी चुनेगी। भारत के इंग्लैंड दौरे के आगाज 20 जून से होगा। recent visitors 45

भारत ने श्रीनगर में सेना ने एक्टिव किया एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम

श्रीनगर भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. दोनों मुल्क जंग के मुहाने पर खड़े हैं और सेनाएं लामबंद हैं. बीती रात दोनों देशों की तरफ से मिसाइल हमले हुए हैं. भारत ने पाकिस्तान के चार एयरबेस को निशाना बनाया है. इसके साथ ही पाकिस्तान की तरफ से भारत के कई शहरों को निशाना बनाया गया. पाकिस्तान ने श्रीनगर सहित कई सरहदी इलाकों में सेना का जमावड़ा शुरू कर दिया है. वहीं, सूत्रों ने बताया है कि श्रीनगर और आस-पास के इलाकों में पाकिस्तान के साथ भारी मुठभेड़ चल रही है. सेना ने इलाके में सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम को एक्टिव कर दिया है. जम्मू में गोलीबारी से नुकसान पाकिस्तान की ओर से रात को हुए हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से सुबह की ताजा तस्वीरें सामने आई हैं. गोलीबारी की वजह से जम्मू शहर के रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है. कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं. जम्मू-कश्मीर के उरी में पाकिस्तानी गोलाबारी में मकान और संपत्तियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, ये गोलाबारी नागरिक इलाकों को निशाना बनाकर की जा रही है. अखनूर में ब्लैकआउट पाकिस्तान की तरफ से लगातार किए जा रहे हमलों के बीच जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में रात से ही ब्लैकआउट का ऐलान किया गया है. डिफेंस सूत्रों के मुताबिक, जम्मू के पास भारतीय सेना ने पाकिस्तानी चौकियों और आतंकवादी लॉन्च पैड्स को नष्ट कर दिया है, जहां से ट्यूब लॉन्च ड्रोन भी लॉन्च किए जा रहे थे. दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर 26 जगहों पर ड्रोन देखे गए हैं, इनमें संदिग्ध सशस्त्र ड्रोन शामिल हैं. इन जगहों में बारामूला, श्रीनगर, अवंतीपोरा, नगरोटा, जम्मू, फिरोजपुर, पठानकोट, फाजिल्का, लालगढ़ जट्टा, जैसलमेर, बाड़मेर, भुज, कुआरबेट और लाखी नाला शामिल हैं. एक सशस्त्र ड्रोन ने फिरोजपुर में एक रिहायशी इलाके को निशाना बनाया, जिसके बाद एक स्थानीय परिवार के सदस्य घायल हो गए. घायलों को मेडिकल सहायता दी गई है और सुरक्षा बलों द्वारा इलाके की तलाशी ली गई है. रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि भारतीय सशस्त्र बल बड़े स्तर पर सतर्कता बरत रहे हैं और ऐसे सभी हवाई खतरों को काउंटर-ड्रोन सिस्टम का उपयोग करके ट्रैक किया जा रहा है और उनसे निपटा जा रहा है. स्थिति पर कड़ी और निरंतर निगरानी रखी जा रही है और जहां भी जरूरी हो, त्वरित कार्रवाई की जा रही है. नागरिकों, विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों में, को घर के अंदर रहने, जरूरी आवाजाही को सीमित करने और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी जा रही है. इंडियन एयर डिफेंस यूनिट्स ने नष्ट किए पाकिस्तान के ड्रोन, इंडियन आर्मी ने बताया भारत-पाकिस्तान के बीच मची तनातनी के बीच इंडियन आर्मी ने सोशल मीडिया पोस्ट में ताजा अपडेट दिया है. भारतीय सेना ने कहा बताया कि पाकिस्तान द्वारा ड्रोन हमलों और अन्य हथियारों के साथ हमारी पश्चिमी सीमाओं पर लगातार हमले जारी हैं. ऐसी ही एक घटना में, आज सुबह करीब 5 बजे, अमृतसर के खासा कैंट के ऊपर कई दुश्मन के हथियारबंद ड्रोन उड़ते देखे गए. हमारी एयर डिफेंस यूनिट्स द्वारा दुश्मन के ड्रोन को तुरंत ही नष्ट कर दिया गया. इंडियन आर्मी ने कहा कि भारत की संप्रभुता का उल्लंघन करने और नागरिकों को खतरे में डालने का पाकिस्तान की कोशिश अस्वीकार्य है. भारतीय सेना दुश्मन के मंसूबों को नाकाम कर देगी. भारत-पाक तनाव के चले लखनऊ पुलिस की छुट्टियां रद्द भारत पाकिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष को देखते हुए लखनऊ में पुलिस की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. छुट्टी पर गए पुलिस कर्मियों को तत्काल अवकाश रद्द कर ज्वाइन करने के आदेश दिए गए गए हैं. छुट्टी पर गए पुलिसकर्मियों को व्हाट्सएप पर छुट्टी रद्द करने का आदेश भेजा जा रहा है. जॉइंट सीपी लॉ एंडर ऑर्डर ने छुट्टी रद्द करने का आदेश जारी किया है. पंजाब के कई शहरों में अलर्ट, सुनी गईं सायरन की आवाजें भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का बुरा असर पंजाब में बड़े स्तर पर पड़ा है क्योंकि यह सीमावर्ती राज्य है. अमृतसर प्रशासन ने कहा कि हम रेड अलर्ट पर हैं. लोगों से घरों के अंदर रहने के लिए कहा गया है. फ़िरोज़पुर और बठिंडा इलाके में हवाई हमले हुए और सायरन की आवाजें भी सुनी गईं. J-K: रामबन में खोले गए चिनाब नदी पर बने बगलिहार डैम के कई गेट पाकिस्तान की ओर से बीते दो दिनों से भारत के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है. दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. शनिवार सुबह को जम्मू-कश्मीर के रामबन में चिनाब नदी पर बने बगलिहार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट डैम के कई गेट खोल दिए गए हैं. PAK की गोलीबारी में राजौरी के एडीशनल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिश्नर की गई जान पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में जम्मू-कश्मीर में राजौरी के एडीशनल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिश्नर (ADDC) राज कुमार थप्पा की जान चली गई है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने थप्पा के निधन को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर ट्वीट किया है. मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि दुख व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे. श्रीनगर में सेना ने एक्टिव की एयर डिफेंस सिस्टम पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है. इस बीच भारतीय सेना ने सतह से हवा में मार करने वाली प्रणाली को सक्रिय कर दिया है. यह जानकारी रक्षा सूत्रों की ओर की तरफ से आई है. भारत के हमलों से खौफजदा होकर पाकिस्तान श्रीनगर समेत सरहदी इलाकों में अपने सैनिकों की संख्या में इजाफा कर रहा है. जम्मू शहर में पाकिस्तानी गोलीबारी से नुकसान पाकिस्तान की ओर से रात को हुए हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से सुबह की ताजा तस्वीरें सामने आई हैं. गोलीबारी की वजह से जम्मू शहर के रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है. कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं. recent visitors 62

मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है आगे : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश ने कृषि के क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं। साथ ही फसलों के उत्पादन में रिकार्ड बनाया। प्रदेश को लगातार 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड मिला है। मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश दालों के उत्पादन में प्रथम स्थान पर, खाद्यान उत्पादन में द्वितीय स्थान पर एवं तिलहन उत्पादन में तृतीय स्थान पर है। तृतीय फसली क्षेत्र में तेजी से वृद्धि हो रही है। नरवाई जलाने को हतोत्साहित करने कुछ प्रतिबंध भी लगाये गये है। इसमें नरवाई जलाने की घटना वाले कृषकों को आगामी एक वर्ष के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि 6 हजार रूपये का भुगतान नहीं किये जाने साथ ही आगामी एक वर्ष के लिए उनकी उपज का उपार्जन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं करना भी शामिल है। राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में कृषि उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण अंतर्गत कई कार्यक्रम किये जा रहे है, जिससे प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। खरीफ 2024 के धान उत्पादक कृषकों को जिन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया है, उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान की जायेगी। चार हजार रूपये प्रति हैक्टेयर की दर से प्रोत्साहन राशि का वितरण किया जायेगा, जिसमें एक कृषक को अधिकतम दस हजार रूपये की राशि प्रोत्साहन के रूप में प्रदाय की जायेगी। राज्य सरकार द्वारा रबी 2024-25 में उपार्जित गेहूँ पर 175 रुपए प्रति क्विटंल प्रोत्साहन राशि प्रदाय की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में लगभग 83.50 लाख से अधिक किसानों को लगभग 1770 करोड़ रुपए उनके खाते में सिंगल क्लिक के माध्यम से 24 फरवरी, 2025 को जमा किए गए है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 10 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 81 लाख से अधिक किसानों को 1624 करोड़ रुपए उनके बैंक खाते में सिंगल क्लिक से जमा किए गए हैं। प्रदेश में पहली बार भारत सरकार की सपोर्ट प्राइस स्कीम में सोयाबीन का उपार्जन किया गया, जिसमें 2 लाख 12 हजार 568 कृषकों से 6.22 लाख मीट्रिक मात्रा का उपार्जन किया गया, जिसके न्यूनतम समर्थन मूल्य की राशि 3043.04 करोड़ रुपए है। श्रीअन्न के उत्पादन को बढावा देने के लिए रानी दुर्गावती श्रीअन्न (मोटा अनाज) प्रोत्साहन योजना लागू की गई है। इसमें किसानों को 3900 रुपए प्रति हैक्टेयर डी.बी.टी. के माध्यम से उनके बैंक खाते में देय होंगे। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ ही फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, सॉयल हेल्थ कार्ड और सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि का लाभ भी मिल रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसल के नुकसान का समय पर आंकलन एवं राहत राशि का वितरण किसानों को समय पर मध्यप्रदेश में मिल रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नामांकन और दावा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एनसीआईपी पोर्टल के साथ अपने भूमि रिकॉर्ड को सफलतापूर्वक एकीकृत करने एवं इस पोर्टल को और अधिक किसान अनुकूल बनाने के लिए 'उत्कृष्टता प्रमाण पत्र' प्रदान किया गया है। आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने हेतु शासन द्वारा नमो ड्रोन दीदी योजनांतर्गत प्रदेश में 89 दीदिओं को स्वाबलंबी बनाया गया है। इनके माध्यम से 4200 हैक्टेयर में तरल उर्वरक का छिड़काव तथा राशि रूपये 21.22 लाख की शुद्ध आय प्राप्त की। इस वर्ष 2025-26 में 1066 दीदियों को इसका लाभ दिया जा रहा है। कृषकों को फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिये शासन द्वारा कई कदम उठाये गये हैं, जिसमें प्रदेश स्तर पर 46,800 से अधिक नरवाई प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्र अनुदान पर वितरित करते हुए 412 करोड़ रूपये की अनुदान राशि जारी की गई है। प्रदेश में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, रिलायंस एवं गेल कंपनी द्वारा स्थापित किये जा रहे सीबीजी प्लांट में फसल अवशेष से कम्प्रेस बायो गैस निर्माण की जायेगी, इसके लिये राज्य सरकार ने नरवाई प्रबंधन से संबंधित हाईटेक हब केन्द्र स्थापना पर हितग्राही को अधिकतम 97.50 लाख रूपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदाय किये जाने के लिये विभागीय कौशल विकास केन्द्र के माध्यम से ट्रैक्टर सर्विस मैकेनिक तथा कम्बाइन हार्वेस्टर मशीन ऑपरेटर का प्रशिक्षण देश की प्रतिष्ठित निर्माता कंपनी के सहयोग से दिया जाता है। विभागीय केन्द्रों के माध्यम से वर्ष 2024-25 तक 7361 प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें से 1939 प्रशिक्षणार्थियों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ। कौशल विकास केन्द्रों के माध्यम से किसान ड्रोन पायलट प्रशिक्षण एवं ड्रोन तकनीशियन का प्रशिक्षण प्रदान कराया जा रहा है। प्रशिक्षण में 50 प्रतिशत शुल्क का भुगतान राज्य शासन द्वारा वहन किया जा रहा है। कुल 412 युवाओं को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण तथा 33 प्रशिक्षणार्थियों को ड्रोन तकनीशियन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया । कृषकों को सस्ती दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने एवं ग्रामीण युवाओं को स्वावलंबी बनाये जाने के लिये शासन के जन संकल्प पत्र-2023 के अनुपालन में हर वर्ष 1000 कस्टम हायरिंग केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं। पूरे देश में इस योजना की पहल मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2012 में की गई तथा अब तक 4730 कस्टम हायरिंग केन्द्र प्रदेश स्तर पर स्थापित होकर कृषकों को लाभ दे रहे है।  recent visitors 40

सेना में ज्यादा से ज्यादा पहुंचे अग्निवीर, अब थोड़े अधिक समय में दौड़ पूरी करेंगे, भर्ती प्रक्रिया में बदले नियम

ग्वालियर सेना की भर्ती प्रक्रिया में अब ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिससे अधिक से अधिक अग्निवीर मिल सकें। इसके लिए दो साल पहले लिखित परीक्षा पहले कराने का प्रयोग हुआ, ताकि उसे उत्तीर्ण करने वालों को ही शारीरिक दक्षता निकालने का मौका मिल सके। पहले शारीरिक दक्षता निकालने करने के बाद लिखित परीक्षा में बैठने वालों को उत्तीर्ण न होने की स्थिति में बेहद अफसोस होता था। इस नियम के बाद अब इस बार दौड़ का समय 30 सेकंड तक बढ़ा दिया गया है। अब अभ्यर्थियों को 1600 मीटर की दौड़ पूरी करने के लिए छह मिनट 15 सेकंड का समय मिलेगा, जो पहले पांच मिनट 45 सेकंड तक था। हालांकि जैसे-जैसे दौड़ का समय पांच मिनट 30 सेकंड से ऊपर जाएगा, वैसे-वैसे प्राप्तांक कम होंगे। थोड़े अधिक समय में दौड़ पूरी करेंगे पहले पांच मिनट 30 सेकंड से लेकर पांच मिनट 45 सेकंड तक की समयावधि में 1600 मीटर दौड़ पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को ही क्वालिफाई माना जाता था। इसके बाद जो छह मिनट या इससे थोड़े अधिक समय में दौड़ पूरी करेंगे। उन्हें भी बाहर नहीं किया जाएगा। पहले सिर्फ दौड़ इस अवधि में पूरी न करने पर कई अच्छे शारीरिक शौष्ठव वाले और अच्छे बौद्धिक स्तर वाले नवयुवक भी बाहर हो जाते थे। अब ऐसा नहीं होगा। अब 6.15 मिनट तक 1600 मीटर दौड़ पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को भी बाहर नहीं किया जाएगा। बस इनके अंक कम हो जाएंगे, जिन्हें वे आगे के चरणों में बढ़ाकर चयन पा सकते हैं।   चयन प्रतिशत बढ़ेगा इस नियम से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब चयन प्रतिशत बढ़ जाएगा। जब दौड़ में अधिक संख्या में अभ्यर्थी चयनित हो जाएंगे तो सिर्फ 5.30 मिनट से लेकर 5.45 मिनट में दौड़ न पूरी करने की वजह से ही अभ्यर्थी बाहर नहीं होंगे। अब शारीरिक परीक्षा में समूह ग्रुप बनाए जाएंगे, खासकर दौड़ और पुलअप में। इसमें दौड़ पूरी करने के समय और पुलअप की संख्या के आधार पर समूहों में बांटा जाएगा। recent visitors 37

13 मई को आयोजित होने वाले मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल होंगे

रायपुर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा एवं जिला प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर अम्बिकापुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आगामी 13 मई को आयोजित होने वाले “मोर आवास मोर अधिकार“ कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल होंगे।     उप मुख्यमंत्री शर्मा एवं जिला प्रभारी मंत्री चौधरी ने कार्यक्रम स्थल पीजी कॉलेज ग्राउंड पहुंचकर अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कुर्सी, टेबल, पंखा, कूलर, पेयजल, वीआईपी दीर्घा, साउंड सिस्टम और बिजली आपूर्ति, विभिन्न विभागीय स्टॉल, ग्रीन रूम, मंच, पार्किंग जैसी अन्य सुविधाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, उन्होंने सभी व्यवस्थाएं समय पर और व्यवस्थित ढंग से पूरी की करने को कहा, ताकि कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।     गृह मंत्री शर्मा ने कहा कि, यह कार्यक्रम गरीबों को उनका आवासीय अधिकार देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार आमजन, विशेष रूप से गरीबों, किसानों और महिलाओं के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। ’मोर आवास मोर अधिकार’ उसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।     गौरतलब है कि मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं पंचायत ग्रामीण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयारियों में जुटा है और आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, बैठने की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।     इस दौरान अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लूण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, महापौर मंजूषा भगत, कलेक्टर विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। recent visitors 42

युद्ध के हालात के चलते पूरे ग्वालियर जिले में हाई अलर्ट, प्रशासन ने सतर्कता और बढ़ा दी

ग्वालियर भारत पाकिस्तान के बीच बने युद्ध के हालात के चलते पूरे देश में अलर्ट है, शहर के कई हवाई अड्डे बंद कर दिए गये हैं उड़ानें रद्द कर दी गई है, गृह मंत्रालय के निर्देश पर मॉकड्रिल और ब्लैकआउट का अभ्यास किया जा चुका है, इन सबके बीच बीती रात पाकिस्तानी हरकत के बाद जिस तरह भारत ने मुंह तोड़ जवाब दिया है उसने तनाव को और बढ़ा दिया है, इसी को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने सतर्कता और बढ़ा दी है ग्वालियर जिला कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह ने 7 मई को हुए मॉकड्रिल और ब्लैकआउट की 8 मई को दिन में समीक्षा की थी और उसमें आये फीड बैक के आधार पर उसमें सुधार के निर्देश अधिकारियों को दिए थे, लेकिन कल 8 मई की रात जो घटनाक्रम हुआ उसको देखते हुए दोनों अधिकारी देर रात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंच गए और रात को अधिकारियों को बुलाकर मीटिंग की कलेक्टर और एसपी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर परिस्थिति के लिए तैयार रहें, केंद्र सरकार से मिल रहे निर्देशों के तहत तैयार रहें कलेक्टर ने कहा हमें ब्लैकआउट में जो फीडबैक मिला है उसके हिसाब से पूरे जिले में सायरन लगवाये जा रहे हैं, एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि आपातकालीन स्थिति में हमें जिन जिन रिसोर्सेस की जरुरत पड़ सकती है उसकी लिस्ट बने और उसकी व्यवस्था करें। कंट्रोल रूम स्थापित, आपात स्थिति में कर सकते हैं कॉल हालात को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने मोती महल स्थित कंट्रोल कमांड सेंटर में कंट्रोल रूम बनाया है, इस कंट्रोल रूम में शहर के नागरिक किसी भी आपातकालीन स्थिति में संपर्क कर जानकारी दे सकते हैं। कंट्रोल रूम का नंबर 0751 -2646606 है। कंट्रोल रूम ने 24 घंटे कर्मचारी मौजूद रहेंगे और वरिष्ठ अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। इसके साथ ही शहर में पानी की समस्या के निराकरण के लिए नगर निगम द्वारा गर्मी के मौसम में शहर में पेयजल व्यवस्था ठीक बनी रहे, इसके लिए नगर निगम ग्वालियर द्वारा 24 घंटे 7 दिन शिकायत दर्ज करने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिसमें शहर के नागरिक अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। कंट्रोल रूम का नम्बर 0751-2438355 है। सोशल मीडिया के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कलेक्टर रुचिका चौहान ने हालत को देखते हुए सोशल मीडिया के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किये हैं इसके तहत सोशल मीडिया यूजर ऑपरेशन सिंदूर या फिर देश की सेनाओं या फिर राष्ट्रहित से जुड़ी कोई भी भ्रामक सूचना ना तो पोस्ट करेगा और ना ही शेयर करेगा, उन्होंने कहा है जब तक कोई भी सूचना पुष्ट ना हो उसे सर्कुलेट न करें, संकटकाल में राष्ट्र का साथ दें। शहर में सायरन लगना शुरू, टेस्टिंग भी कलेक्टर के आदेश के बाद आज ग्वालियर जिले में अलग अलग स्थानों पर सायरन स्थापित होना शुरू हो गए हैं,इसी के साथ उसकी टेस्टिंग भी की जा रही है, सायरन की आवाज जनता तक पहुंचे इसके लिए साउंड सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है माइक लगाये जा आरहे हैं कलेक्ट्रेट पर इसकी टेस्टिंग भी की गई। recent visitors 39

इंदौर से बड़ी संख्या में हाई टेक्नोलॉजी से लैस ड्रोन बॉर्डर के लिए रवाना , ये ड्रोन पाकिस्तान के छक्के छुड़ा देगा

इंदौर  जब मध्य प्रदेश के इंदौर का नाम आता है तो यहां का पोहा याद आ जाता है. मगर, इस बार पोहा नहीं बल्कि इंदौरी ड्रोन खूब सुर्खियां बंटोर रहा है. भारत की तरफ से शुरू ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन लिया जा रहा है. भारत ने पाकिस्‍तान के हमलों का ऐसा जवाब दिया है कि वहां लोग अब तक खौफ में हैं. पाकिस्‍तान के हर वार की काट भारत के पास मौजूद है. पाकिस्‍तान के लड़ाकू विमान जब हमले करने के लिए भारत की ओर बढ़े, तो हमारे बॉर्डर पर तैनात मिसाइलों ने उन्‍हें ढेर कर दिया. इस बीच, इंदौर से बड़ी संख्या में हाई टेक्नोलॉजी से लैस ड्रोन बॉर्डर के लिए रवाना किए गए हैं. ये ड्रोन पाकिस्तान के छक्के छुड़ा देगा. हालांकि, पहले से ही इंदौर में बने ड्रोन का भारत-पाकिस्तान वॉर में देश की सेना इस्तेमाल कर रही है. यहां के 2 युवा इंजीनियरों की टीम दिन रात युद्ध स्तर पर ड्रोन बनाने में जुटी हुई है. बता दें, 1971 युद्ध के 54 साल बाद युद्ध में सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा हैं. सबसे ज्यादा हमले ड्रोन से किए जा रहे हैं. ऐसे में देशभर के युवा अपनी सेना के लिए ड्रोन तैयार करने में जुटे हुए हैं. ऐसे ही एक युवा इंजीनियरों अभिषेक शर्मा और रोशनी शुक्ला की टीम ने नभ रक्षक 1.O , नभ रक्षक 2.O थर्मल ड्रोन और नभ रक्षक 5.O ड्रोन तैयार किए हैं. अगर इनकी खासियत के बारे में बात करें तो एक हजार फीट की ऊंचाई से भी घने अंधेरे में भी ये ड्रोन दुश्मनों को ढूंढ लेने में कारगर हैं. 5 किलो वजन उठाकर ये ड्रोन 120 किलो मीटर की रफ्तार से 10 किलो मीटर का सफर बड़ी आसानी से कर सकती हैं. इन ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत है, रडार भी इन्हें नहीं पकड़ पाती हैं. जम्मू कश्मीर और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों के बॉर्डर पर सर्विलांस के लिए इन ड्रोनों का आर्मी इस्तेमाल कर रही है. recent visitors 38