नागरिक सुरक्षा योजनाओं का अभ्यास (Mock drill) करने के लिये केन्द्र सरकार ने निर्देश दिये

प्रदेश के 5 जिलों में होगा नागरिक सुरक्षा का अभ्यास (Mock drill) नागरिक सुरक्षा योजनाओं का अभ्यास (Mock drill) करने के लिये केन्द्र सरकार ने निर्देश दिये Mock drill : ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और कटनी में होगा हवाई हमले से बचाव का अभ्यास भोपाल अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया ने कहा है कि नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन राष्ट्र का महत्वपूर्ण विषय एवं जिम्मेदारी है, फलस्वरुप नागरिकों की सुरक्षा के लिये सिविल डिफेंस अधिनियम 1968 एवं अन्य नियमों में नागरिक सुरक्षा करने के प्रावधान किये गये हैं। नागरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत सरकार के गृह मंत्रालय की है, जो समय-समय पर राज्यों को आवश्यक निर्देश देती है कि राज्य सरकारें नागरिक सुरक्षा योजनाएं बनायें, योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा करें और आवश्यकता पड़ने पर संशोधन करें। नागरिक सुरक्षा योजनाएं नागरिकों की सुरक्षा, विभिन्न महत्वपूर्ण उद्योगों एवं नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा जिनमें रासायनिक, परमाणु एवं अन्य उद्योग प्रतिष्ठान, जल विद्युत योजनाएं एवं अन्य नागरिक संस्थाएं हैं। इन योजनाओं में स्पष्ट रुप से प्रावधान किये जाते हैं कि जब आपदा की स्थिति उत्पन्न होती है या किसी भी प्रकार का संकट आता है तो योजना के अनुसार सरकार के विभिन्न विभागों जैसे पुलिस, सेना, रेल्वे, स्वास्थ्य एवं एयरपोर्ट इत्यादि द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाती हैं। नागरिक सुरक्षा योजनाएं बनाने एवं समीक्षा करना एवं संशोधन करना, अभ्यास करना, इत्यादि सामान्य प्रक्रियाएं हैं, जो समय-समय पर की जाती हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य नागरिक सुरक्षा करना, व्यवस्था एवं नागरिकों को जागरुक करना, प्रशिक्षण देना एवं सभी तैयारियों को अपडेट रखना है। नागरिक सुरक्षा योजनाओं का अभ्यास (Mock drill) करने के लिये केन्द्र सरकार ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश के 5 जिलों ग्वालियर, भोपाल, इन्दौर, जबलपुर एवं कटनी में यह अभ्यास बुधवार 7 मई 2025 को शाम 4 बजे से 8 बजे के मध्य किया जाये। यह अभ्यास किया जावेगा कि हवाई हमला होने की स्थिति में किस तरीके से बचाव करना है। इस अभ्यास के अन्तर्गत एक हवाई हमला होने का काल्पनिक संकट आने का संकेत इन जिलों को प्राप्त होगा। जिलें के नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टि से नागरिकों को काल्पनिक संभावित हमले की सूचना सायरन के माध्यम से देंगे, जिससे नागरिक एवं अन्य संस्थाएं ब्लैक ऑउट का अभ्यास करेंगे। प्रदेश में इस के लिए बुधवार शाम 7:40 बजे का समय निर्धारित किया गया है। इस ब्लैक आउट के साथ ही किसी निश्चित भवन में आग लगने पर खोज एवं बचाव के अभ्यास, आकस्मिक रुप से निर्धारित भवन से लोगों का बचाव करने, अस्थाई रुप से अस्पताल बनाने और खतरे वाले स्थान से नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर भेजने इत्यादि का अभ्यास किया जावेगा। इस अभ्यास की सूचना राज्य के कन्ट्रोल रुम को दी जावेगी एवं कंट्रोल रुम से केन्द्र सरकार के कंट्रोल रुम को सूचना दी जावेगी। यह अभ्यास रक्षा मंत्रालय, रेल्वे, विमानन एवं विभिन्न विभागों के सहयोग से जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। नागरिकों से अपील इस अभ्यास से किसी भी नागरिक को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। इसलिये सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि वे अभ्यास में सम्मिलित होकर अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करें तथा प्रशासन द्वारा सायरन के माध्यम से सूचना उपरान्त उन्हें स्वयं एवं परिजनों को सुरक्षित स्थान पर रखने का अभ्यास करना है। हवाई हमले का लाल सिग्नल दो मिनिट तक ऊंची-नीची आवाज में सायरन का बजना होता है तथा खतरा टलने के बाद दो मिनिट तक सायरन बजाकर सूचना दी जाती है। ब्लैक आउट के संबंध में सामान्यजन से अपेक्षा है कि घर/कार्यालय के पर्दों एवं लाईट को बंद करें तथा पुनः सायरन बजने पर लाईट जला लें। भीड़-भाड़ न बढायें, अफवाह न फैलायें एवं यातायात / पुलिस / एम्बुलेंस सुविधाओं को सुचारु रुप से चलते रहने में सहयोग करें एवं अभ्यास के दौरान प्रशासन के निर्देशों का पालन कर अभ्यास को सफल बनायें।   recent visitors 34

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया विभिन्न प्रतिभाओं का सम्मान

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया विभिन्न प्रतिभाओं का सम्मान निजी न्यूज चैनल के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में एक निजी न्यूज चैनल की स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इनमें सिंगरौली की सुप्रज्ञा जायसवाल भी शामिल है जिसने आज घोषित हाई स्कूल परीक्षा परिणाम में शत प्रतिशत 500 अंकों के साथ मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। देश एकजुट है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पहलगाम की घटना के बाद पूरे राष्ट्र के नागरिक एकजुट हैं और शत्रु से बदला लेने की बात पर सहमत हैं। सिंहस्थ :2028 होगा सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाला सिंहस्थ अब तक का सबसे भव्य सिंहस्थ होगा। इसके लिए आवश्यक कार्यों को पूरा किया जा रहा है। प्रदेश में उद्योगों और कृषि क्षेत्र का विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के विकास के साथ ही किसानों को नए कृषि यंत्रों और कृषि अनुसंधान का लाभ दिलवाने के लिए प्रयास प्रारंभ किए गए हैं। हाल ही में मंदसौर में संपन्न किसान मेला किसानों को नए कृषि उपकरणों और तकनीक की जानकारी देने की दृष्टि से उपयोगी रहा। उन्होंने बताया कि आगामी 26 मई को नरसिंहपुर में इस तरह का आयोजन होगा।   recent visitors 31

बलूचिस्तान में BLA ने पाक आर्मी के ट्रक को IED ब्‍लास्‍ट कर उड़ाया, 6 जवानों की मौत, आसिम मुनीर रह गए शॉक्‍ड

बलूचिस्तान अशांत बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तानी सेना के वाहन पर बड़ा हमला हुआ है। इस हमले में पाकिस्तानी सेना की फ्रंटियर कोर (एफसी) के छह जवान मारे गए हैं। जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। किस इलाके में हुआ वाहन में विस्फोट जानकारी के मुताबिक, आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट प्रांत के बोलान इलाके में आमिर पोस्ट और अली खान बेस के बीच हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, यह धमाका आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के जरिए किया गया है, जिसमें फ्रंटियर कोर के काफिले को निशाना गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब बलूचिस्तान में हिंसा का ग्राफ फिर से तेजी से ऊपर जा रहा है। पिछले हफ्ते ही 30 से 40 हथियारबंद हमलावरों ने बलूचिस्तान से गुजरने वाले एक अहम हाईवे को जाम कर दिया था और एक पुलिस की वैन को निशाना बनाते हुए उसमें सवार 5 पुलिसकर्मियों को अगवा कर लिया था। इन घटनाओं ने पूरे सूबे में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी विद्रोह की चपेट में है। यहां सक्रिय उग्रवादी गुट लगातार सुरक्षा बलों पर हमले करते रहते हैं। उनका आरोप है कि पाकिस्तान सरकार बलूच जनता को उनके ही जमीनी और प्राकृतिक संसाधनों से दूर कर रही है और उनके अधिकारों को कुचल रही है। गौरतलब है कि बलूच लिबरेशन आर्मी बलूचिस्तान में सबसे सक्रिय और संगठित विद्रोही संगठन माना जाता है। हमले में कौन-कौन मारे गए स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में पाकिस्तानी सेना के मेजर (स्पेशल ऑपरेशंस कमांड) तारिक इमरान, नायक आसिफ, सुबेदार फारूक, नायक मशकूर, सिपाही वाजिद, सिपाही काशिफ की मौत हुई है। वहीं, सिपाही जीशान, सिपाही शादमान, नायक ओवैस, सिपाही जैनुल्लाह, सिपाही तय्यब घायल हुए हैं।   सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। अब तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।  recent visitors 41

देश में बढ़ रहे इलेक्‍ट्र‍िक व्‍हीकल, इतने साल में बढ़कर 12 करोड़ के पार पहुंच जाएंगे EV

मुंबई भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की संख्या में तेजी से वृद्धि होने जा रही है। देश की सड़कों पर 2032 तक 123 मिलियन ईवी होने का अनुमान है। यह जानकारी मंगलवार को आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट में दी गई। सस्टेनेबल विकास और 2070 तक नेट शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए ईवी को अपनाने की जरूरत है इंडिया एनर्जी स्टोरेज अलायंस (आईईएसए) और कस्टमाइज्ड एनर्जी सॉल्यूशन (सीईएस) की एक रिपोर्ट के अनुसार, सस्टेनेबल विकास और 2070 तक नेट शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए ईवी को अपनाने की जरूरत है। ईवी को अपनाया जाना भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकता है और साथ ही 2030 तक 30 प्रतिशत ईवी पेनिट्रेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने में मददगार होगा। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ऑन-रोड लिथियम-आयन इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगभग बारह गुना बढ़ गई है रिपोर्ट का अनुमान है कि भारत की संचयी ऑन-रोड लिथियम-आयन इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) लगभग बारह गुना बढ़ गए हैं, जो 2019 में 0.35 मिलियन से बढ़कर 2024 में 4.4 मिलियन हो गए हैं। इस तेज वृद्धि को सहायक सरकारी नीतियों, जैसे कि एफएएमई-2 योजना से बढ़ावा मिला है। यह योजना पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पूंजी सब्सिडी के साथ-साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए मांग आधारित प्रोत्साहन प्रदान करती है। 2024 में भारत के ऑन-रोड ईवी स्टॉक में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों का कुल मिलाकर 93 प्रतिशत से अधिक हिस्सा होगा रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि 2024 में भारत के ऑन-रोड ईवी स्टॉक में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों का कुल मिलाकर 93 प्रतिशत से अधिक हिस्सा होगा। इसके विपरीत, इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों का प्रतिनिधित्व लगभग 6 प्रतिशत था, जबकि इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों का हिस्सा 1 प्रतिशत से भी कम था। अनुमानित ईवी वृद्धि को सपोर्ट करने के लिए हम अनुमान लगा सकते हैं आईईएसए के अध्यक्ष देबमाल्या सेन ने कहा, “अनुमानित ईवी वृद्धि को सपोर्ट करने के लिए हम अनुमान लगा सकते हैं कि भारत के संचयी इंस्टॉल्ड ईवी चार्जिंग पॉइंट, पब्लिक और कैप्टिव, को लगभग 12 से 28 गुना बढ़ाने की जरूरत होगी, जो 2024 में लगभग 76,000 से बढ़कर 2032 तक 0.9 मिलियन और 2.1 मिलियन के बीच हो जाएगा।” सेन ने कहा कि इंस्टॉल्ड चार्जिंग क्षमता को भी 17 गुना से अधिक बढ़ाना होगा, जो ईवी अपनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर के उपयोग के स्तर पर निर्भर करते हुए 1.3 गीगावाट से बढ़कर 23 गीगावाट हो जाएगी। सीईएस के प्रबंध निदेशक विनायक वालिम्बे ने कहा कि 2032 तक, आईईएसए और सीईएस का अनुमान है कि भारत का ऑन-रोड ईवी स्टॉक लगभग 49 मिलियन (सबसे खराब स्थिति), 60 मिलियन (बिजनेस-एज-यूजुअल) या 123 मिलियन (एनईवी परिदृश्य) तक पहुंच सकता है। अधिकांश आवासीय क्षेत्रों में स्थापित टाइप-2 एसी चार्जर पर निर्भर थे रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में सड़कों पर लगभग 2,20,000 पर्सनल इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर (ई4डब्ल्यू) थे, जिनमें से अधिकांश आवासीय क्षेत्रों में स्थापित टाइप-2 एसी चार्जर पर निर्भर थे। उसी वर्ष तक भारत में अनुमानित 3,20,000 निजी टाइप-2 एसी चार्जर थे, जिनमें से 70 प्रतिशत 3.3 किलोवाट इकाइयां, 28 प्रतिशत 7.4 किलोवाट इकाइयां और शेष 11-22 किलोवाट इकाइयां उच्च क्षमता के रूप में वर्गीकृत थीं। recent visitors 51

उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन विभाग ने सुव्यवस्थित और सुनियोजित विकास के लिए 54 नगर पालिकाओं और 124 नगर पंचायतों के साथ किया मंथन

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने नगर सुराज संगम में आज भी प्रशिक्षण की कमान खुद संभाली और नगर पालिकाओं तथा नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पीपीटी (Power Point Text) के जरिए शहरों के विकास एवं जनसुविधाएं विकसित करने का रोडमैप समझाया। उन्होंने नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों के साथ ही मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और अभियंताओं से संवाद कर अगले पांच वर्षों की कार्ययोजना पर चर्चा की। साव ने डेढ़ घंटे के अपने प्रेजेंटेशन में अटल विश्वास पत्र के प्रमुख बिंदुओं, नगरीय निकायों की चुनौतियों, नागरिकों की अपेक्षाओं, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा, शहरी वानिकी, शहरी परिवहन, स्ट्रीट लाइटिंग, कर संग्रहण और सिटी डेव्हलपमेंट प्लान के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए राजधानी रायपुर में आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला के दूसरे दिन के प्रथम सत्र में नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों से कहा कि आप लोग शहर के प्रथम नागरिक हैं, आपका शहर आपका घर है। शहरवासियों को अपना परिजन मानते हुए उनकी चिंता करें, उनकी बेहतरी के लिए काम करें। शहर का विकास, साफ-सफाई और जन सुविधाएं विकसित करना आपकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यशाला में सहभागिता कर रहे सभी लोगों से पूरे मनोयोग से कार्यशाला में मौजूद रहने को कहा। यहां सिखाई जा रही बातों को एकाग्रता और तन्मयता से आत्मसात करने को कहा। साव ने नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपके निकाय उभरते हुए शहर हैं। उन्हें विकास के पथ पर दौड़ाना है। सुनियोजित और सुव्यवस्थित विकास से ही शहर स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनेंगे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि आप लोग अपने शहरों में ऐसा काम करें जो यादगार हो, शहर को नई दिशा देने वाला हो, नागरिकों की सुख-सुविधाएं बढ़ाने वाला हो, शहर को सुंदर, स्वच्छ और सुविधापूर्ण बनाने वाला हो। साव ने शहरों के प्रत्येक घर में रोज पर्याप्त जल की आपूर्ति को बड़ी चुनौती बताते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर कड़ाई से अमल करने को कहा। साव ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से संसाधनों के बेहतर उपयोग, नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शहर को सुविधापूर्ण बनाने देश-विदेश में स्थानीय स्वशासनों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और श्रेष्ठ प्रथाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने पार्षदों के लिए भी संभागीय स्तर पर इस तरह के प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला के आयोजन की बात कही। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने ’’नगर सुराज संगम’’ में प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को केंद्र व राज्य सरकार तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) की योजनाओं की जानकारी देने इसका आयोजन किया गया है। इस दौरान नगरीय निकायों से संबंधित अधिनियमों और उनके महत्वपूर्ण प्रावधानों की भी जानकारी दी जाएगी। यह संगम दोनों तरफ से संवाद का मंच है। इस मंच के माध्यम से आप लोग नगरीय प्रशासन और विकास से जुड़ी अपनी शंकाओं और जिज्ञासाओं का समाधान कर सकते हैं। इस कार्यशाला का आप लोग पूरा लाभ उठाएं। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक आर. एक्का और सुडा के सीईओ शशांक पाण्डेय भी कार्यशाला में मौजूद थे। recent visitors 37

केन्द्र और राज्य के समन्वय से 471 जनजातीय बसाहट क्षेत्रों में अभी 1097.29 किमी सड़कों के लिये 833.98 करोड़ रूपये स्वीकृत किये

पीएम जनमन भोपाल जनजातीय कार्य एवं गैस राहत मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) के जरिये जनजातीय क्षेत्रों में आवागमन को सहज और सुगम बनाने के लिये लगभग 1100 किमी सड़कों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में जनजातीय क्षेत्रों में चिन्हित 1295 बसाहटों के लिये 1800 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा देश भर में जनजातीय वर्ग के लोगों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास के लिये प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से सड़क, शिक्षा, बिजली, पानी और पक्की छत उपलब्ध करवाने के लिये कार्य योजना बनाकर काम किये जा रहे हैं। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा जनजातीय संवर्ग के उत्पाद के लिये चलाई जा रही योजनाओं के लिये त्रैमासिक स्तर पर राशि स्वीकृत की जा रही है। उन्होंने बताया कि केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वय से 471 जनजातीय बसाहट क्षेत्रों में अभी 1097.29 किमी सड़कों के लिये 833.98 करोड़ रूपये स्वीकृत किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 630 बसाहटों वाले क्षेत्रों में 1187 किमी की सड़कों के निर्माण लिये प्रस्ताव पर स्वीकृति मिली है। इसके अलावा 194 बसाहटों पर कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ की जायेगी। गांव-गांव तक सड़क मंत्री डॉ. शाह ने बताया किगांव-गांव तक सड़क योजना का लाभ घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके अंतर्गत 110.29 किमी सड़कें पूर्ण की जा चुकी है। इसमें सर्वाधिक 23.49 किमी की सड़क बालाघाट जिले में पूर्ण की गई है। दूसरे नंबर पर मंडला जिले में 21.37 किमी सड़कों का काम पूरा कर लिया गया है। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनजातीय संवर्ग के उत्थान और विकास के लिये केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों को मुर्तरूप दिया जा रहा है। इसके लिये जनजातीय कार्य विभाग दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि जनजातीय बसाहट क्षेत्रों में सड़कों की सुगमता से सामान्य जन का जीवन एवं काम-धंधे, व्यापार-व्यवसाय सुगम एवं सुलभ हो सकेगा।   recent visitors 31

दिल्ली में बढ़ गई दिन और रात की गश्त, हर जिले में पांच जगहों पर होगी Mock Drill, तय हुआ समय

पूर्वी दिल्ली कल शाम को दिल्ली के हर जिले में पांच जगहों पर मॉक ड्रिल होगी। युद्ध सायरन बजेगा। इसमें सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स, पुलिस और अन्य विभाग हिस्सा लेंगे। पूर्वी जिले में शाम चार बजे गीता कॉलोनी स्थित स्कोप मीनार, कोंडली मार्केट, आइपी एक्सटेंशन, एनएसयूआइटी में मॉक ड्रिल होगी। बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के बीच गृह मंत्रालय के मॉक ड्रिल के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी डीसीपी को तैयारियों के लिए विस्तृत योजना तैयार करने को कहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) ने राष्ट्रीय राजधानी में गश्त को मजबूत करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। दिल्ली में बढ़ गई दिन और रात की गश्त एक सूत्र ने बताया, "हमने शहर में दिन और रात की गश्त बढ़ा दी है। हमने हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगती दिल्ली की सीमाओं पर पुलिसकर्मियों के साथ अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया है। शहर में सुरक्षा पहले ही बढ़ा दी गई है। डीसीपी अपने जिलों में व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। वे सहायक पुलिस आयुक्तों (एसीपी) और स्टेशन हाउस अधिकारियों (एसएचओ) के साथ बैठकें कर रहे हैं।" मॉक ड्रिल क्या होती है? मॉक ड्रिल एक तरह का व्यायाम है जो आपातकालीन स्थिति में किया जाता है। आमतौर पर मॉक ड्रिल प्राकृतिक आपदाओं, आग, आतंकवादी हमलों और अन्य संकटों से बचने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को आने वाले खतरे के बारे में सचेत रखना और जागरूकता बढ़ाना है। मॉक ड्रिल में हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली, भारतीय वायु सेना के साथ हॉटलाइन रेडियो संचार लिंक, आम लोगों के लिए रक्षा प्रशिक्षण, क्रैश ब्लैकआउट उपाय जैसे अभ्यास शामिल हैं। recent visitors 53