सरकार ने शहर के प्रमुख स्थानों पर आधुनिक ट्रैफिक लाइट और हाइटेक निगरानी कैमरे लगाए गए

अयोध्या उत्तर प्रदेश सरकार ने शहर के यातायात को सुव्यवस्थित करने और सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए अयोध्या में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लागू किया है. इस प्रणाली के तहत प्रमुख स्थानों पर आधुनिक ट्रैफिक लाइट और हाइटेक निगरानी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे वास्तविक समय की निगरानी और यातायात उल्लंघन के लिए चालान स्वचालित रूप से जारी करना संभव हो गया है. गुरुवार को एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 47 करोड़ रुपये की आईटीएमएस परियोजना 2022 में शुरू की गई थी, जिसके पहले चरण का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था. अब तक अयोध्या में 20 प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाई जा चुकी हैं, साथ ही यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है. आईटीएमएस के तहत लगाए गए कैमरे लाल बत्ती कूदने या बिना हेलमेट के वाहन चलाने जैसे उल्लंघनों को रिकॉर्ड करते हैं, जिसके आधार पर डिजिटल चालान अपने आप जेनरेट हो जाते हैं. अधिकारियों के अनुसार, इस प्रणाली के तहत कुल 36,555 चालान जारी किए गए हैं, जिसने मंदिर नगरी में सड़क अनुशासन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. यातायात प्रबंधन के अलावा, आईटीएमएस कैमरों ने पूरे शहर में निगरानी और सुरक्षा को मजबूत किया है.   न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा कि एकत्र किए गए डेटा से पुलिस को अपराध नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन में मदद मिल रही है. इस साल की शुरुआत में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान चालान अभियान शुरू हुआ और अब तक कुल 3.66 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है. शहर के अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, इसमें से 12.35 लाख रुपये पहले ही वसूले जा चुके हैं. जबकि सभी 20 चयनित चौराहों पर लाइटें लगाई गई हैं, वर्तमान में केवल 14 स्थानों पर ही संचालन सक्रिय है. चल रहे निर्माण कार्य के कारण, शहादतगंज बाईपास, शांति चौक, साकेत पेट्रोल पंप, हनुमान गुफा और देवकाली बाईपास पर सिग्नल अस्थायी रूप से काम नहीं कर रहे हैं. अयोध्या नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने कहा कि आईटीएमएस ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद की है, इसके लागू होने के बाद से अब तक कोई घटना सामने नहीं आई है. उन्होंने कहा, "तीर्थयात्री और आगंतुक अब सुरक्षित और सुव्यवस्थित यातायात प्रणाली का लाभ उठा रहे हैं. पहले ट्रैफिक जाम के लिए जाने जाने वाले क्षेत्र अब काफी हद तक जाम से मुक्त हैं."   recent visitors 54

पाक SC का हैरान करने वाला फैसला, भारत से जंग के बीच आसिम मुनीर को मिली बेतहाशा ताकत

इस्लामाबाद भारत से जारी जंग के बीच पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सेना और कुख्यात आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को बेतहाशा ताकत दे दी है। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने आम नागरिकों के लिए चिंतानजक फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि आम नागरिकों पर भी मिलिट्री कोर्ट में केस चल सकते हैं, जिसकी सजा मृत्युदंड तक होती है। इस तरह जनरल आसिम मुनीर के हाथ में यह पावर आ गई है कि वह देश और सेना के लिए खतरा बताकर किसी भी नागरिक के खिलाफ मिलिट्री कोर्ट में केस चलवा सकते हैं। ऐसी स्थिति पाकिस्तान के आम नागरिकों और खासतौर पर विपक्षियों के लिए बड़ी चिंताजनक है। पाकिस्तान की अदालत ने 7 मई को फैसला सुनाया, जिसमें पुराने निर्णय को पलट दिया गया। पहले अदालत ने अपने एक फैसले में कहा था कि मिलिट्री कोर्ट में नागरिकों के खिलाफ केस चलना असंवैधानिक है, लेकिन अब उस निर्णय को पलट दिया गया है। इससे सीधे तौर पर जनरल आसिम मुनीर मजबूत हो गए हैं। पहले ही आसिम मुनीर राजनीतिक नेतृत्व के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत हैं और वही सारे अहम निर्णय ले रहे हैं। दरअसल यह फैसला 9 मई, 2023 को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों के मामलों को लेकर है। अब इमरान खान के समर्थकों पर मिलिट्री कोर्ट में केस चल सकेगा और उन्हें खौफनाक सजाएं भी दी जा सकती हैं। भारत से तनाव के बीच यह अहम फैसला आया है, जब सेना के खिलाफ कोई टिप्पणी भी नहीं कर सकता। इस वक्त पाकिस्तान में सेना के खिलाफ बोलने से उसे देशविरोधी करार दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि शीर्ष अदालत से ऐसा फैसला दिलाने के लिए जानबूझकर यह वक्त चुना गया। बता दें कि 9 मई की हिंसा के मामले में इमरान खान के करीब 1000 समर्थकों को अरेस्ट किया गया था। यही नहीं पीटीआई का कहना था कि उसके सैकड़ों समर्थकों को बिना किसी सबूत के ही जेलों में डाल रखा है। दरअसल अक्तूबर 2023 में अदालत ने फैसला दिया था कि मिलिट्री कोर्ट्स में नागरिकों के खिलाफ फैसला देना गलत है। फिर इस फैसले पर कई अपीलें दायर हुई थीं, जिन पर सुनवाई करते हुए 7 मई को सुप्रीम कोर्ट ने अपना पुराना फैसला ही पलट दिया। recent visitors 50

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सीधी-सिंगरौली फोरलेन मार्ग के शेष भाग का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भोपाल में रीवा एवं शहडोल संभाग में एमपीआरडीसी के विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रगतिरत कार्यों की नियमित समीक्षा अनिवार्य है, ताकि किसी प्रकार की बाधा समय रहते दूर की जा सके। साथ ही, पूर्ण हो चुके कार्यों का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, जिससे कार्यों की गति बनी रहे और बजट का प्रभावी उपयोग संभव हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सीधी-सिंगरौली फोरलेन मार्ग के शेष भाग का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह मार्ग क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशासनिक अड़चनों को सर्वोच्च प्राथमिकता से दूर किया जाए। इस परियोजना का 52 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष कार्य प्रक्रियाधीन है। इसके साथ ही उन्होंने एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) द्वारा वित्तपोषित रीवा-बेड़ा-सेमरिया मार्ग के शेष लगभग 1 किमी मार्ग (ढेकहा तिराहा से मंडी तक) को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह मार्ग अत्यधिक व्यस्त रहता है, इसके शीघ्र निर्माण से स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने उमरिया से शहडोल तक टू-लेन मार्ग के उन्नयन कार्य की समीक्षा की। बताया गया कि यह कार्य 93 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य प्रगतिरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य जून माह के अंत तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए। रीवा बायपास फोरलेन मार्ग परियोजना का 14 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इसमें 4 मध्यम पुलों में से 2, 39 बॉक्स कल्वर्ट में से 14 तथा आवश्यक 5 वीयूपी (वर्टिकल अंडर पास) में से 2 का कार्य प्रगतिरत है। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कार्यों की सतत निगरानी की जाए और तय समयसीमा में गुणवत्ता के साथ कार्यों को पूरा किया जाए। बैठक में एमडी एमपीआरडीसी भरत यादव सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 36

पकिस्तान को मुँह की खानी पड़ी, वह अमेरिका से लगातार मदद की गुहार भी लगा रहा

नई दिल्ली भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. वह लगातार भारत पर हमले की कोशिश कर रहा है. लेकिन उसे मुंह की खानी पड़ रही है. इस बीच वह अमेरिका से लगातार मदद की गुहार भी लगा रहा है. लेकिन इस बीच अमेरिका ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि भारत और पाकिस्तान की इस मौजूदा स्थिति में अमेरिका हस्तक्षेप नहीं करेगा. यह अमेरिका का काम नहीं है. वेंस ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि हम दोनों पक्षों से तनाव कम करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं. लेकिन हम जंग के बीच में इसमें शामिल नहीं होंगे क्योंकि यह हमारा काम नहीं है और हम इसे कंट्रोल नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि अमेरिका, भारतीयों से हथियार डालने को नहीं कह सकता. हम पाकिस्तानियों से हथियार डालने को नहीं कह सकते. हम डिप्लोमैटिक माध्यमों से इसे हल कर सकते हैं. हमारी उम्मीद है कि मौजूदा स्थिति किसी तरह के व्यापक क्षेत्रीय युद्ध या परमाणु युद्ध में तब्दील नहीं हो. हालांकि, अभी हमें नहीं लगता कि ऐसा होगा. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अगर मौजूदा स्थिति को लेकर मैं कुछ मदद कर सकूं तो मैं करूंगा. यह भयावह स्थिति है. मेरे भारत और पाकिस्तान दोनों से अच्छे संबंध हैं और मैं चाहता हूं कि दोनों इस मुद्दो को हल करें. वहीं, इससे पहले पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र से भी बड़ा झटका लगा था. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने एक क्लोज-डोर मीटिंग की थी. पाकिस्तान के अनुरोध के बाद की गई इस मीटिंग में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था.   यूएनएससी में बंद कमरे में सोमवार दोपहर को डेढ़ घंटे हुई बैठक के बाद पाकिस्तान की फजीहत हुई थी. संयुक्त राष्ट्र ने इस बैठक के बाद ना तो किसी तरह का आधिकारिक बयान जारी किया और ना किसी तरह का रिजॉल्यूशन पारित किया गया. इस बैठक के दौरान पाकिस्तान ने लगातार झूठे बयान दिए थे. उन्होंने कहा था कि भारत ने सिंधु नदी समझौते को सस्पेंड करने के कदम को गैरकानूनी करार दिया. इससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को खतरा है.   recent visitors 65

बीसीसीआई आईपीएल 2025 पर आज अंत‍िम निर्णय लेगा

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मौजूदा सीजन को बीच में ही कैंस‍िल किया जा सकता है. भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की बैठक हुई है. आज (9 मई) को बीसीसीआई आईपीएल 2025 पर कोई अंत‍िम निर्णय ले सकता है. BCCI की पहली प्राथमिकता विदेशी खिलाड़ियों को घर भेजने की है. आईपीएल में आज लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच लखनऊ के इकाना स्टेड‍ियम में मुकाबला होना है. ऐसे में सवाल है कि क्या ये मुकाबला होगा या नहीं. ध्यान रहे भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण ही 8 मई (बुधवार) को पंजाब किंग्स (PBKS) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) का मुकाबला बीच में ही रद्द कर दिया गया. वहीं धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम को खाली करा दिया गया. खिलाड़ियों को धर्मशाला से दिल्ली लाने के लिए एक विशेष ट्रेन चलाई गई. बीसीसीआई ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को प्राथमिकता के आधार पर लाने के लिए वंदे भारत ट्रेन की व्यवस्था की है. इस पर नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ  ने भी बयान दिया था. उन्होंने कहा था पंजाब और दिल्ली की IPL टीमों को ले जाने के लिए एक खास ट्रेन पठानकोट से दिल्ली चलाई जाएगी. सुरक्षा कारणों से इसके समय और रूट की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. BCCI का आया भारत-पाकिस्तान के ताजा हालात पर बयान भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) सचिव देवजीत सैकिया ने मौजूदा हालात पर गुरुवार को बयान दिया. उन्होंने कहा-सब कुछ ध्यान में रखते हुए हमने यह मैच रद्द करने का फैसला किया है. अभी हालात ठीक नहीं हैं, इसीलिए हमने 8 मई का मैच रद्द किया है. पड़ोसी देश हालात को खराब करने की कोशिश कर रहा है. खिलाड़ियों, दर्शकों और सहयोगी स्टाफ की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. हम वह सब करेंगे जो राष्ट्र के सर्वोत्तम हित में होगा. हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं और उसके अनुसार ही फैसला लेंगे.' PSL-IPL का एक साथ हो रहा आयोजन इस साल इंडियन प्रीमियर लीग और पाकिस्तान सुपर लीग का आयोजन लगभग एक साथ हो रहा है. पीएसएल 2025 की शुरुआत 11 अप्रैल को हुई और इसका फाइनल मुकाबला 18 मई को होगा. जबकि आईपीएल का आगाज 22 मार्च को हुआ और खिताबी मुकाबला 25 मई को खेला जाएगा. आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी के बाद पीएसएल का ड्राफ्ट हुआ था, ताकि उन्हीं खिलाड़ियों को शामिल किया जा सके जो आईपीएल ऑक्शन में अनसोल्ड रहे थे. ऐसे में डेविड वॉर्नर, डेरिल मिचेल, जेसन होल्डर, रासी वैन डर डुसेन और केन विलियमसन जैसे धुरंधर खिलाड़ियों ने पीएसएल का रुख किया. आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी में ये खिलाड़ी अनसोल्ड रहे थे. पहलगाम आतंकी हमले का जवाब है ऑपरेशन सिंदूर ध्यान रहे 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकी हमला हुआ था, जहां 26 पर्यटकों की मौत हुई थी. इसके बदले में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों पर 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत 6 और 7 मई की दरम्यानी रात मिसाइल हमले किए थे, इसमें  कई आतंकवादी ढेर हो गए थे. इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने गुरुवार को भारत के सीमाई शहरों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने तमाम हमलों को नाकाम कर दिया. इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के कई शहरों में हमले किए, और यहां तक की कराची के पोर्ट तक को तबाह कर दिया गया. भारत ने पाकिस्तान के कुल 3 फाइटर प्लेन ध्वस्त कर द‍िए. इनमें दो JF-17 और एक F-16 फाइटर जेट शामिल हैं, साथ ही पाकिस्तान एयरफोर्स का AWACS विमान उनके ही पंजाब प्रांत में ध्वस्त कर दिया. recent visitors 56

महाकाल मंदिर में भस्मआरती में बैठने वालों की संख्या कम की जाएगी, चलित भस्मआरती के जरिए श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे

उज्जैन महाकाल मंदिर में भस्मआरती में बैठने वालों की संख्या कम की जाएगी। चलित भस्मआरती के जरिए श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे। गुरुवार को मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर और समिति अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह ने की। अभी भस्मआरती में 1700 श्रद्धालु शामिल होते हैं। मंदिर में दान किए गए सोने-चांदी के आभूषणों का मूल्यांकन अब मंदिर में ही होगा। इसके लिए मशीन और ऑपरेटर लगाए जाएंगे। दान में मिली ई-कार्ट के लिए चार्जिंग स्टेशन और पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। मंदिर की सभी सुविधाओं की जानकारी अब रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मंदिर गेटों पर मिलेगी। महाराजवाड़ा और महाकाल परिसर को जोड़ने के लिए रिटेनिंग वॉल बनेगी। हर प्रवेश द्वार पर सुरक्षा गेट लगाए जाएंगे। उज्जैन में गीता भवन की स्थापना को समिति ने मंजूरी दी।   recent visitors 67

भोपाल से लखनऊ और पटना राजधानियों के लिए वंदे भारत का शुभारंभ जल्द

भोपाल  मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग उत्तर प्रदेश और बिहार के रहते हैं, लेकिन लखनऊ और पटना के लिए नियमित ट्रेनों की कमी के कारण यात्रियों का उनके गृहक्षेत्र पहुंचना मुश्किल होता है. अब उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले लोगों के लिए भोपाल से सीधी रेल सुविधा मिलने वाली है. भोपाल से दोनों राज्य की राजधानियों के लिए वंदे भारत का शुभारंभ किया जाना है. इसकी लंबे समय से प्रतीक्षा हो रही है, लेकिन भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर तीसरी पिट लाइन तैयार नहीं होने के कारण वंदे भारत का संचालन टल रहा है. यात्री सोते हुए पहुंच जाएंगे पटना, 4 घंटे का समय बचेगा रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि "रानी कमलापति से पाटलीपुत्र के लिए स्लीपर कोच वाली वंदे भारत का संचालन किया जाएगा. इसमें 16 कोच होंगे. बता दें कि भोपाल से पटना की दूरी करीब 850 किलोमीटर है. वर्तमान में जो ट्रेन इस रुट पर चल रही हैं, वो भोपाल से पटना पहुंचने में 18 से 20 घंटे का समय लेती हैं. नई वंदे भारत शुरू होने से यात्री 14 से 15 घंटे में भोपाल से पटना पहुंच जाएंगी. अच्छी बात यह है कि यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी. यानि यात्री सोते हुए यात्रा कर सकता है. भोपाल से पटना के लिए मिलेगी प्रीमियम वंदे भारत अधिकारियों ने बताया कि भोपाल से लखनऊ के लिए 8 कोच वाली प्रीमियम वंदे भारत ट्रेन मिलने वाली है. इसके सभी कोच कुर्सीयान यानि चेयर सीट वाले होंगे. बता दें कि भोपाल से लखनऊ की दूरी करीब 590 किलोमीटर है. वर्तमान में जो ट्रेन इस रुट पर चल रही है, वो भोपाल से लखनऊ पहुंचने में 9 से 11 घंटे का समय लेती है, लेकिन इस मार्ग पर वंदे भारत की शुरुआत होने से यात्री महज 6 से 7 घंटे में भोपाल से लखनऊ पहुंच सकेंगे. ये ट्रेन 8 कोच वाली चेयरकार होगी. जो सप्ताह में 6 दिन चलेगी. तीसरी पिट तैयार होते ही मिलेगी दो वंदे भारत की रैक भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीएमई आरपी खरे ने बताया कि "रानी कमलापति रेलवे स्टेशन तीसरी पिट लाइन बनाई जा रही है. इसका 95 प्रतिशत काम पूरा हो गया है. खरे ने बताया कि निर्माण कंपनी ने 30 जून 2025 तक तीसरी पिट लाइन रेलवे को हैंडओवर करने का दावा किया है. हालांकि अभी तीसरी पिट लाइन को पूरी तरह तैयार होने में अगस्त-सितंबर तक का समय लग सकता है. आरपी खरे ने बताया कि जैसे ही तीसरी पिट लाइन तैयार होगी." 7 साल बाद भी 10 करोड़ रुपये की पिट लाइन अधूरी बता दें कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर तीसरी पिट लाइन बनाने को लेकर साल 2028 में स्वीकृत मिली थी, लेकिन काम करीब छह से आठ महीने बाद शुरू हुआ. अब 7 साल का समय बीतने के बाद भी आरकेएमपी में तीसरी पिट लाइन अधूरी है. इधर भोपाल मंडल के एससीएम व प्रवक्ता नवल अग्रवाल ने बताया कि "रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास आरओएच शेड बनाया जा रहा है, जहां वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस किया जाएगा. साथ ही अन्य ट्रेनों का भी मेंटेनेंस होगा, जो कि संभवतः सितंबर महीने के बाद शुरू होगा. इसको बनाने में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत आई है." जर्मन तकनीकी से बने कोच का होगा सुधार रेल अधिकारियों ने बताया कि "यह केमटेक डिजाइन की पिट लाइन है, जो दो पुरानी लाइनों की तुलना में तकनीकी संसाधनों से लैस है. जिस पर जर्मन कंपनी लिंक हाफमैन बुश (एलएचबी) के तकनीकी सहयोग से बनाए जा रहे नए कोचों का आसानी से सुधार किया जा सकेगा. यहां एलएचबी कोच वाली ट्रेनों की ओवर हालिंग होगा. तीसरी पिट लाइन की ऊंचाई अधिक है, जिसमें रेलकर्मी कोचों के नीचे आसानी से खड़े रहकर सुधार कार्य कर सकेंगे. इसमें मशानों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए पाथ-वे बने हुए हैं. इस पिट लाइन में कम समय से अधिक ट्रेनों का मेटेंनेंस किया जा सकेगा. recent visitors 51