राजधानी मैं हनुमान जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ बनाई

Hanuman Jayanti was celebrated with great joy in the capital भोपाल, ब्यूरो रिपोर्ट । देश भर में आज हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिरों में पूजा अर्चना एवं भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं,उसी कड़ी में राजधानी भोपाल में हनुमान जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ बनाई गई,वहीं हम आपको बता दें कि, राजधानी स्थित होशंगाबाद रोड कृष्णापुरम में,शहर की सबसे बड़ी हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित हैं,ये विशाल प्रतिमा लगभग 57 फीट ऊंची है,प्रतिमा को बनाने में लगभग 11 लाख रूपए खर्च हुए है,भोपाल शहर में हनुमान की सबसे बड़ी प्रतिमा है, वही मंदिर ट्रस्ट के संचालक संतोष माखीजा ने बताया कि,इसे वर्ष 2015 में स्थापित किया गया था, इसे पितृछाया दक्षिणमुखी हनुमान के नाम से जाना जाता है,यहां सुबह से ही दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगी रही,वही मंदिर परिसर में हवन एवं विशाल भंडारी का आयोजन रखा है,जो देर रात तक चलेगा recent visitors 100

तेज रफ्तार कार सड़क से उतरकर गहरी खाई में गिरने के बाद नदी में समा गई, एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत

देवप्रयाग उत्तराखंड के टिहरी जिले में स्थित देवप्रयाग में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि कार सड़क से उतरकर गहरी खाई में गिरने के बाद नदी में समा गई, जिसके कारण यह घातक दुर्घटना हुई। अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के समय कार में छह लोग सवार थे। एक महिला को मलबे से बचाकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाकी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में घायल महिला का अस्पताल में इलाज जारी है। स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को भी मौके पर बुलाया गया। एसडीआरएफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बचाव अभियान शुरू किया। टीमों ने क्षतिग्रस्त कार को नदी से बाहर निकालने के लिए क्रेन और अन्य भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया, लेकिन दुर्गम इलाके के कारण इस प्रक्रिया में कई घंटे लग गए। अधिकारियों ने बताया कि वाहन में फंसे सभी शवों को निकाल लिया गया है। एसडीआरएफ के एक अधिकारी ने बताया, "कार को बाहर निकाल लिया गया है। इसमें कई घंटे लगे। शवों को भी निकाल लिया गया है। पुलिस जांच कर रही है कि दुर्घटना कैसे हुई।" पुलिस के अनुसार, सभी पांचों मृतक एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारण की अभी भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट से पता चलता है कि तेज गति के कारण चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिस कारण कार नदी में गिर गई और पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों के रिश्तेदार भी दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए। recent visitors 47

नागपुर की एल्युमीनियम फॉयल बनाने वाली फैक्ट्री में हुआ बड़ा हादसा, आग लगने से 5 लोगों की मौत

नागपुर महाराष्ट्र के नागपुर में मौजूद एल्युमीनियम फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। इस लोग इस आग की चपेट में आ गए। खबरों की मानें तो इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। 9 लोग आग में झुलसे मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नागपुर जिले की एल्युमीनियम फैक्ट्री अचानक से आग की चपेट में आ गई। इस आग में 9 लोग बुरी तरह से झुलस गए। इनमें से 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 6 गंभीर रूप से घायल थे। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इस दौरान 2 अन्य लोगों ने भी दम तोड़ दिया। 4 घायलों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। विस्फोट के बाद लगी आग नागपुर ग्रामीण के एसपी हर्ष पोद्दार ने बताया कि उमरेर में स्थित एल्युमीनियम फैक्ट्री में भयंकर विस्फोट हुआ। इसी दौरान फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 5 लोगों की जान चली गई है। मृतकों में मौजूद 2 लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं 3 मृतकों का पहले कुछ पता नहीं चला। हालांकि बाद में उनके शवों की भी शिनाख्त हो गई है। कई घंटे बाद बुझी आग मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यह हादसा बीती शाम तकरीबन 7 बजे का है। फैक्ट्री में अचानक विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर तक सुनने को मिली। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। वहीं फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच कर आग बुझाना शुरू कर दिया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। recent visitors 45

हमने लाखों को दोबारा हिंदू बनाया, पैर धोकर कराते थे घर वापसी, सीएम साय ने धर्मांतरण को लेकर बड़ा खुलासा किया

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धर्मांतरण को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि वह खुद घर वापसी अभियान में शामिल रहे हैं जिसमें लाखों लोगों को दोबारा हिंदू बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इन लोगों के पैर धोकर दोबारा हिन्दू बनाया जाता था। ये वे लोग होते थे जिन्हें मिशनरी बहना फुसलाकर क्रिश्चन से हिंदू बना देते थे। विचार फॉर विकसित छत्तीसगढ़ कॉलक्लेव में बात करते हुए सीएम विष्णु देव साय धर्मांतरण को छत्तीसगढ़ के लिए कलंक बताया। उन्होंने कहा, मैं जशपुर जिले से आता हूं, जहां मिशनरी हावी हैं। पहले वे आदिवासी समाज का खूब धर्मांतरण करते थे। जब भुखमरी और गरीबी होती थी, तो उसका फायदा उठाकर वे अमेरिका से आने वाले रिजेक्टेड गेहूं और पुराने कपड़े आदिवासियों को मुहैया कराते थे। सीएम ने आगे कहा, जब हम सत्ता में आए, तो यह भुखमरी भाग गई। उन्होंने कहा, अब ये लोग धर्मांतरण के लिए चंगाई सभा करते हैं। इसके जरिए वे थोड़ा पानी देकर बड़ी-बड़ी बीमारियों को ठीक करने का झूठा दावा करते हैं। उन्होंने कहा, मैं जिस क्षेत्र से आता हूं वहां स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी ने घर वापसी कार्यक्रम चलाया था। वह राजपरिवार से होते हुए भी लाखों लोगों के पैर धोकर हिन्दू बनाया जाता था। सीएम ने कहा कि उन्होंने 25 साल उनके साथ काम किया और उस क्षेत्र को बचाया। उन्होंने बताया कि वह भी कैंपों में जाते थे और घर वापसी कार्यक्रम में हिंदू से क्रिश्चन बने लोगों को दोबारा हिंदू बनाते थे। सीएम बताया कि दिलीप सिंह जूदेव जी के जिंदा रहने तक वह इस काम में रहे और लाखों लोगों को क्रिश्चन से दोबारा हिंदू बनाया। recent visitors 45

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के पितृ पर्वत पर हनुमान जी के दर्शन कर की पूजा-अर्चना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हनुमान जयंती पर इंदौर के प्रसिद्ध पितृ पर्वत पर हनुमान जी की विशाल प्रतिमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने गौ-माता का पूजन भी किया। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव,विधायकद्वय श्री रमेश मेंदोला तथा श्री मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर की परिक्रमा कर हनुमान जी की विशाल मूर्ति के दर्शन किए।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा परिक्रमावासी अवधूत दादा गुरु जी के दर्शन भी किये । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पितृ पर्वत परिसर में श्री जी इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों की भजन मंडली द्वारा किये जा रहे हनुमान चालीसा के पाठ में शामिल विद्यार्थियों से चर्चा कर उनकी सराहना की और हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पितृ पर्वत में अशोक का पौधा भी लगाया।   recent visitors 51

अब माइकल क्लार्क CSK को दी अपनी राय, खेल में आत्मविश्वास की कमी है, अब क्लार्क की सलाह पर काम करेंगे धोनी के धुरंधर?

चेन्नई आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की हालत ठीक नहीं है। लगातार हार के चलते अब तो सीएसके लिए प्लेऑफ में क्वॉलीफाई करने पर भी सवाल उठने लगे हैं। इस बीच ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने भी अपनी राय दी है। माइकल क्लार्क का मानना ​​है कि आईपीएल की पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स के खेल में आत्मविश्वास की कमी है। यह टीम मौजूदा समय की जरूरत के मुताबिक नहीं खेल पा रही है। कोलकाता नाइट राइडर्स ने चेन्नई की टीम को शुक्रवार को एकतरफा मैच में आठ विकेट से हराया। चेन्नई ने इस दौरान अपने घरेलू मैदान पर सबसे कम स्कोर बनाने के बाद छह मैचों में लगातार पांचवीं हार का सामना किया। गलत योजना का इस्तेमाल ‘जियो स्टार’ पर विशेषज्ञ के रूप में शामिल क्लार्क ने कहाकि यह पिच बल्लेबाजी के लिए काफी कठिन लग रही थी। नई गेंद से थोड़ी हरकत कर रही थी और गेंद निश्चित रूप से कुछ स्पिन भी हो रही थी। मुझे लगता है कि चेन्नई सुपर किंग्स की टीम गलत योजना के साथ मैदान पर उतरी थी। उन्होंने कहाकि जिस तरह से यह टीम खेल रही थी उसमें आत्मविश्वास और जज्बे की कमी स्पष्ठ रूप से महसूस की जा सकती है। उनका रवैया आज के दौर के क्रिकेट जैसा नहीं दिख रहा है। उनकी कोशिश बस जीत के करीब पहुंचने या बड़ी हार को टालने की रहती है। सबकुछ लगा दें दांव पर क्लार्क ने कहाकि चेन्नई सुपर किंग्स इस तरह की सोच की जगह सब कुछ दांव पर लगाना चाहिए। सब कुछ जोखिम में डाल कर मैच जीतने की कोशिश करनी चाहिए। इस तरह के बदलाव के बारे कहना जितना आसान है, करना उतना आसान नहीं है। उन्होंने कहाकि जिस तरह जीतने वाले ड्रेसिंग रूम में खुशी का माहौल और आत्मविश्वास भरी भावना हो सकती है, उसी तरह जब आप हार रहे हों तो नकारात्मक भावना बनी रहती है और कभी-कभी इससे छुटकारा पाना मुश्किल होता है। recent visitors 62

ट्रंप प्रशासन ने अवैध रूप से रह रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा, आज आखिरी दिन, रजिस्टर हो या भुगतो

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन यूएस में रहने वाले विदेश नागरिकों पर और सख्ती बरतने जा रहा है। अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने के अपने अभियान के तहत अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के सचिव क्रिस्टी नोएम ने 30 दिनों से ज्यादा समय से अमेरिका में रह रहे लोगों को एलियन रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत खुद को रजिस्टर कराने का कहा है। उन्होंने अवैध रूप से रह रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि 11 अप्रैल रजिस्टर कराने की आखिरी तारीख है। अगर वह आदेश को नहीं मानते हैं तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। इससे पहले अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने विदेशी नागरिकों के लिए एक प्रेस रिलीज जारी करके कहा था कि ऐसे सभी विदेशी नागरिकों, जो 30 दिन से ज्यादा समय से अमेरिका में रह रहे हैं उन्हें सरकार के साथ एलियन एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो इसे अपराध माना जाएगा और कानून के अनुसार इसके लिए उन पर जुर्माना या जेल भेजा जा सकता है। इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर उनका वीजा रद्द कर उन्हें डिपोर्ट भी किया जा सकता है। नोएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और मेरे पास अमेरिका में रह रहे सभी अवैध प्रवासियों के लिए बस एक ही संदेश है कि अभी चले जाओ.. यदि आप अभी चले जाते हैं तो आपको वापस लौटने और अपनी स्वतंत्रता आनंद लेने के साथ-साथ अमेरिकी सपने को जीने का एक नया अवसर मिल सकता है। अगर नहीं, तो यकीन मानिए आपको गिरफ्तार किया जाएगा, जुर्माना लगाया जाएगा, निर्वासित किया जाएगा और आप फिर कभी भी हमारे देश में वापस नहीं आ पाएंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने भी नोएम की बात को दोहराते हुए कहा कि आज आखिरी दिन है। राष्ट्रपति ट्रंप और नोएम पहले ही अपनी बात को साफ कर चुके हैं। सभी लोगों को 11 अप्रैल तक अपने आप को सरकार के साथ एलियन रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत रजिस्टर करा लेना चाहिए नहीं तो.. इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। लैविट के मुताबिक 11 अप्रैल या उसके बाद आने वाले लोगों को आगामी 30 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा करना होगा। वैध रूप से रह रहे भारतीयों पर क्या होगा असर? अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग भी रह रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जो लोग अमेरिका में वैध वीजा लेकर प्रवेश करते हैं उनके पास ग्रीन कार्ड, रोजगार दस्तावेज, बॉर्डर पार करने का कार्ड या l-94 रिकॉर्ड होता है। ऐसे में वह पहले से ही सरकार के साथ पंजीकृत हैं उन्हें इस प्रक्रिया से कोई फर्क नहीं पडेगा। हालांकि ट्र्ंप प्रशासन के मुताबिक ऐसे लोगों को चौबीसों घंटे अपने साथ अपने ऐसे दस्तावेज रखने होंगे। इतना ही नहीं ऐसे नागरिकों के बच्चों को भी अपने 14वें जन्मदिन के 30 दिनों के भीतर अपना रजिस्ट्रेशन कराना और अपने फिंगरप्रिंट देने होंगे। recent visitors 76