राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दी इफ्तार पार्टी, गेस्ट के तौर इन्हें बुलाया और हो गया कांड, Not Trump Iftar के लगे नारे

वाशिंगटन डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर व्हाइट हाउस में पहली इफ्तार (Iftar) पार्टी की मेजबानी की. लेकिन ट्रंप की यह इफ्तार पार्टी विवादों में घिर गई है. अमेरिकी मुस्लिम इस इफ्तार डिनर पर भड़के हुए हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में इफ्तार डिनर की मेजबानी करते हुए कहा कि मैं आप सभी का व्हाइट हाउस के इफ्तार डिनर में स्वागत करता हूं. हम इस्लाम के पवित्र महीने रमजान का जश्न मना रहे हैं. यह बहुत बेहतरीन महीना है. दुनियाभर के मुस्लिमों को रमजान मुबारक. हम दुनिया के बेहतरीन धर्मों में से एक धर्म का सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा कि इस पवित्र महीने के दौरान मुस्लिम सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं. खुदा की इबादत करते हैं. इसके बाद पूरी दुनिया के मुसलमान हर रात परिवारों और दोस्तों के साथ एकजुट होकर ईश्वर का धन्यवाद करते हैं और इफ्तार करते हैं. हम सभी पूरी दुनिया में शांति चाहते हैं. ट्रंप ने कहा कि 2024 राष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए मुस्लिम अमेरिकी समुदाय का आभार भी जताया. बता दें कि व्हाइट हाउस में इफ्तार पार्टी आयोजित करने की दो दशक पुरानी परंपरा है. लेकिन आरोप हैं कि इस बार अमेरिकी मुस्लिम सांसदों और समुदाय से जुड़े नेताओं को इसमें शामिल होने का न्योता नहीं दिया गया. इसके बजाए मुस्लिम देशों के विदेशी राजदूतों को इफ्तार डिनर में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था. व्हाइट हाउस के बाहर कई मुस्लिम सिविल राइट्स ग्रुप ने Not Trump's Iftar प्रोटेस्ट किया. इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह डोनाल्ड ट्रंप का एक तरह का पाखंड है. वह एक तरफ देश में मुस्लिमों के प्रवेश पर बैन लगाते हैं तो दूसरी तरफ इफ्तार पार्टी का आयोजन करते हैं. बता दें कि इससे पहले 2017 में ट्रंप ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने पहले कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस की इफ्तार पार्टी को रद्द कर दिया था. दरअसल 1996 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस में इफ्तार पार्टी की शुरुआत की गई थी, जिसे बाद के राष्ट्रपतियों जॉर्ज बुश और बराक ओबामा ने भी जारी रखा. इस इफ्तार पार्टी में मुस्लिम समुदाय के प्रतिष्ठित सदस्यों के साथ ही मुस्लिम देशों के राजनयिक और सीनेटर शामिल होते रहे हैं.   recent visitors 67

बिलासपुर के मोहभठ्ठा में 30 मार्च को आयोजित होगी ऐतिहासिक जनसभा

रायपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 30 मार्च को बिलासपुर जिले के बोदरी तहसील स्थित ग्राम मोहभठ्ठा में प्रस्तावित विशाल जनसभा की तैयारियों का आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर जायजा लिया। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं—मुख्य मंच, हेलीपैड, ग्रीन रूम, सांस्कृतिक मंच, हितग्राहियों एवं विशिष्ट अतिथियों की बैठक व्यवस्था आदि का गहन निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री साय ने मौके पर अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए कि 55 एकड़ क्षेत्र में आयोजित इस ऐतिहासिक सभा के लिए सभी तैयारियाँ समयबद्ध, सुव्यवस्थित और जनहित केंद्रित हों। बैठक में बताया गया कि कार्यक्रम में प्रदेशभर से लगभग 2 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिसके मद्देनज़र सभी विभागों को अलर्ट मोड पर कार्य करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का अब तक का सबसे बड़ा छत्तीसगढ़ दौरा होगा। उनका आगमन नवरात्रि के शुभ अवसर पर हो रहा है, जो प्रदेश के विकास के लिए अत्यंत मंगलकारी संकेत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने स्वयं दिल्ली जाकर उन्हें आमंत्रित किया था, और आज पूरा प्रदेश उनके स्वागत के लिए आतुर है। मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि इस ऐतिहासिक आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगभग ₹33,000 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देंगे। इनमें पीएम जनमन योजना के तहत विशेष रूप से बिरहोर, बैगा और पहाड़ी कोरवा जैसी जनजातियों के लिए संचालित योजनाएँ शामिल हैं, जो छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों के विकास को नई दिशा देंगी। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन  को निर्देशित किया कि हितग्राहियों को घर से सभा स्थल तक लाना और वापस सुरक्षित पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए जल, छाया, चिकित्सा आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन पूरी तन्मयता से तैयारियों में जुटा है और यह कार्यक्रम प्रदेश के जनजीवन में एक ऐतिहासिक स्मृति के रूप में दर्ज होगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि आमसभा के सफल आयोजन के लिए सभास्थल में सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। इस अवसर पर विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धरमजीत सिंह, पुन्नूलाल मोहले, सुशांत शुक्ला, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, संभागायुक्त महादेव कावरे, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर अवनीश शरण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 32

नवरात्रि के 9 दिन व्रत रखने से पहले इन बातों का जरूर रखें ध्यान, जानिए एक्सपर्ट से

chaitra navratri fasting 9 days follow these expert suggested tips chaitra navratri fasting these हिंदू धर्म में नवरात्रि का अहम महत्व है. इस दौरान 9 दिनों तक मंदिरों में लोगों के घरों में मां दुर्गा के नौ रूपो की पूजा की जाती है. कई लोग पूरे नौ दिनों तक व्रत भी रखते हैं. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि नवरात्रि के पूरे व्रत रखने के दौरान किन बातों का ख्याल रखें. chaitra navratri fasting these: रविवार 30 मार्च को चैत्र नवरात्रि का त्योहार शुरू हो रहा है. इस दिन को हिंदू नववर्ष के तौर पर भी मनाया जाता है. नवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और श्रद्धा से जुड़ा हुआ है. नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा होती है. वहीं, इस दौरान व्रत रखने का भी विधान है. कुछ लोग तो पूरे 9 दिनों तक उपवास रखते हैं. न्यूट्रिशनिस्ट नमामी अग्रवाल कहती हैं कि नवरात्रि के व्रत का संबंध सिर्फ अध्यात्मिकता से नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। इस दौरान आपकी बॉडी को ईटिंग हैबिट से ब्रेक मिलता है. लेकिन अगर आप पूरे नवरात्रि में उपवास रखने का सोच रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. आइए एक्सपर्ट से जानने की कोशिश करते हैं. Read more: प्रदेश में 150 यूनिट फ्री बिजली मिलेगी, सोलर-प्लांट भी मुफ्त: स्मार्ट मीटर के लिए हर महीने पैसे वसूलेगी सरकार करवाएं बॉडी चेकअप अगर आप पूरे नवरात्रि व्रत रखने का सोच रहे हैं तो सबसे पहले आपको यह जानना जरूरी है कि क्या आपकी बॉडी हेल्दी है. इसके लिए आप अपना फुल बॉडी चेकअप करवाएं. इससे आपको शरीर का ब्लड शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल के बारे में पता चल जाएगा. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं एक्सपर्ट कहती हैं कि व्रत के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. इससे शरीर हाइड्रेट रहेगा और बॉडी का टेंपरेचर भी बैलेंस होगा. इस बार गर्मियों ने मार्च में ही दस्तक दे दी है. ऐसे में व्रत के दौरान कम पानी पीने से शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है. ऑयली फूड से बचें नवरात्रि के व्रत से पहले आप ज्यादा मिर्च-मसाले और ऑयली चीजों को न खाएं. इससे पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. आप हल्का और सादा भोजन करें. इसके अलावा, सीमित मात्रा में मीठे और नमक को खाएं. नवरात्रि के दौरान कैसा हो खाना? नवरात्रि के व्रत के दौरान भोजन में हल्का आहार लेना चाहिए. आमतौर पर लोग फल, दूध, साबूदाना, सिंघाड़े के आटे की रोटियां, आलू, मखाना, पनीर जैसी चीजें खाते हैं. इन चीजों से शरीर को ऊर्जा मिलती है. हालांकि, इन्हें ज्यादा तेल या घी में पकाने से बचें. इसके अलावा, हाइड्रेटिंग फल को डाइट में शामिल करें. रात के समय दूध पिया जा सकता है. recent visitors 121

रमजान के आखरी जुमे की नमाज पर UP में Alert, संवेदनशील इलाकों में तैनात पुलिस बल…

लखनऊ/ संभल उत्तर प्रदेश में अलविदा जुमे की नमाज को लेकर Alert जारी किया गया है। राज्य के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। खासकर राजधानी Lucknow में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है। राजधानी में कड़ी मॉनिटरिंग Lucknow में नमाज के दौरान कड़ी निगरानी रखी जा रही है। डीजीपी ने अधिकारियों को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी कैमरों से इलाके की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। लखनऊ और प्रयागराज में भी अलर्ट राजधानी लखनऊ में भी अलविदा जुमे की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है. कई जगह आज डायवर्जन भी किया गया है. धर्मगुरुओं ने भी मस्जिदों में ही नमाज अदा करने की अपील की है. प्रयागराज में जामा मस्जिद समेत सभी मस्जिदों में अलविदा जुमे की नमाज अदा की जाएगी, लेकिन इस बार सरकार की सख्ती के चलते सड़कों पर नमाज अदा नहीं होगी. जुमे की नमाज को लेकर पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. संवेदनशील स्थानों पर जहां पुलिस फोर्स की तनाती की गई है. कई स्थानों पर क्विक रिस्पांस टीम भी तैनात कर दी गई है. पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज के शहरी क्षेत्र में सेक्टर और जोनल स्कीम लागू कर दी गई है. सिटी जोन में विभिन्न इलाकों में पीएसी और आरएएफ तैनात की गई हैं. धर्मगुरुओं से भी थाना स्तर पर और सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई और सभी को बताया गया है कि सड़क पर कहीं पर भी नमाज नहीं पढ़ी जाएगी, ताकि आने जाने वाले लोगों को किसी तरह की कोई परेशानी ना हो. संभल में जुमा अलविदा और ईद को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं. इस बीच, धर्मगुरु भी आगे आए हैं. शाही जामा मस्जिद के शहर इमाम ने जुमा अलविदा पर सड़कों पर नमाज न पढ़ने की अपील की है. उन्होंने लोगों से अपने आसपास की मस्जिद में नमाज पढ़ने और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी है. शहर इमाम आफताव हुसैन वारसी ने जुमा अलविदा की नमाज से पहले बयान जारी कर कहा कि नमाज सड़कों और आम रास्तों पर न पढ़ें. उन्होंने लोगों से अपने घर के आसपास की मस्जिद में नमाज पढ़ने की अपील की. साथ ही, शहर की अमन-शांति के लिए अफवाहों पर ध्यान न देने की भी सलाह दी है. संभल में टाइट सिक्योरिटी     3 ड्रोन कैमरों से निगरानी     CCTV कैमरों से निगरानी     2 एएसपी तैनात रहेंगे     4 डिप्टी एसपी तैनात रहेंगे     7 कंपनी RRF (रैपिड रिएक्शन फोर्स)     3 कंपनी PAC     1 कंपनी RAF (रैपिड एक्शन फोर्स)     16 मजिस्ट्रेट की ड्यूटी अलग-अलग पॉइंट्स पर लगाई गई है.     राजस्व निरीक्षक क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगे. नमाज सड़क पर नहीं, मस्जिदों के पास अतिरिक्त फोर्स तैनात इस बार सड़क पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी। मस्जिदों के पास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी की स्थिति से बचा जा सके। सोशल मीडिया पर पैनी नजर, अराजक तत्वों पर कड़ी निगरानी सोशल मीडिया पर भी पैनी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने अराजक तत्वों की पहचान कर उन पर कड़ी निगरानी रखने की व्यवस्था की है। अलीगढ़ में ईद के नमाज की तैयारी अलविदा की नमाज को लेकर सतर्कता जारी है. शहर मुफ्ती ने ईद उल फितर की नमाज को लेकर अलग-अलग मस्जिदों में होने वाली नमाज की टाइमिंग जारी की है. ईदगाह में दो अलग-अलग वक्त पर नमाज अदा की जाएगी. शहर मुफ्ती ने शहर के मुसलमानों से सड़कों पर नमाज न अदा करने की अपील की है. अलीगढ़ में शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने शहरवासियों से की अपील की है कि हर साल की तरह प्यार-मोहब्बत के साथ ईद उल फितर की नमाज अदा की जाए. खालिद हमीद ने बताया कि सबसे पहले जमा मस्जिद में 6:45 बजे ईद की नमाज अदा की जाएगी. उसके बाद नई ईदगाह में 7:00 बजे ईद की नमाज अदा की जाएगी. दूसरी नमाज ईदगाह में 7:45 बजे अदा की जाएगी.  उन्होंने कहा कि जो लोग नमाज पढ़ने आएंगे उनसे अपील है कि किसी भी तरह की छेड़खान न करें. सुकून के साथ नमाज अदा की जाए.  recent visitors 52

स्कूल चलें हम अभियान के तहत प्रदेश में एक से 4 अप्रैल, 2025 तक प्रतिदिन शालाओं में कार्यक्रम आयोजित होंगे

भोपाल प्रदेश में नवीन शिक्षण सत्र वर्ष 2025-26 की शुरूआत एक अप्रैल से स्कूल चलें हम अभियान के रूप में की जायेगी। अभियान के दौरान प्रदेश में एक से 4 अप्रैल, 2025 तक प्रतिदिन शालाओं में कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला कलेक्टर्स और जिला शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किये हैं। अभियान के दौरान सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मिडिल, हाई और हायर सेकण्डरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। राज्य स्तरीय आयोजन स्कूल चलें हम अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। कार्यक्रम के आयोजन की रूपरेखा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की जा रही है। जिला-शाला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम चयनित शाला में होगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जायेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नये शैक्षणिक सत्र की शुरूआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जायें। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिये गये हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जायेगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जायेगा। कक्षा-1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जायेगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गयी है। भविष्य से भेंट कार्यक्रम स्कूल चलें हम अभियान के दूसरे दिन शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को एक प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियाँ हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियाँ सुनायेंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वैच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएँ भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं। सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ "स्कूल चलें हम अभियान" के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जुड़ाव करना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा। हार के आगे जीत "स्कूल चलें हम अभियान" के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।   recent visitors 34

दिल्ली में बीजेपी गवर्नमेंट आते ही शुरू हुई बिजली समस्या, लोगों का धरना प्रदर्शन, आप ने दिल्ली सरकार को घेरा

Electricity problem started in Delhi as soon as BJP government came नई दिल्ली ! बुराड़ी के पास इलाकों में बिजली कटौती की समस्या लंबे समय तक देखी गई, ऐसे में वहां के लोग विरोध के लिए सड़कों पर उतर आए. बिजली कटौती को लेकर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी ने डेढ़ महीने में दिल्ली की व्यवस्था खराब कर दी. मनीष सिसोदिया ने कहा कि मई-जून के महीने में क्या होगा? दिल्ली में पावर कट को लेकर आप नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि दिल्ली में मार्च में बिजली का ये हाल है कि पॉवर-कट के कारण लोगों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, तो मई-जून की तपती गर्मी में पीक डिमांड बढ़ने के समय क्या हाल होगा? उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सरकार में 10 सालों तक लगातार दिल्लीवालों को 24 घंटे बिजली दी गई, लेकिन ‘विपदा’ सरकार ने 1 महीने में ही साबित कर दिया कि 24 घंटे बिजली देना उनके बस की बात नहीं है. डेढ़ महीने में दिल्ली का बुरा हाल कर दियावहीं अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमनें बड़ी मुश्किल से दिल्ली में बिजली की व्यवस्था को ठीक किया था, बहुत मेहनत की थी और रोज उस पर नज़र रखते थे. दस साल कभी कहीं पॉवर कट नहीं हुए. इन लोगों ने मात्र डेढ़ महीने में बिजली का बुरा हाल कर दिया. पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के रहते हमेशा चौबीस घंटे बिजली आती थी, लेकिन बीजेपी सरकार आते ही हालात देखिए. बिजली को लेकर लोग सड़क पर उतरने लगे हैं. अभी ये हाल है तो मई-जून की भयंकर गर्मियों में क्या हाल होने वाला है? बीजेपी की डबल इंजन सरकार का मतलब है बिजली मिलेगी नहीं और अगर बिजली कटौती के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरोगे तो पुलिस का इंजन है ही. थाने में रात गुजारिये. बिजली विभाग के खिलाफ किया विरोधबुराड़ी के जगतपुर गांव के रहने वाले लोगों ने ज्यादा समय से बिजली कटौती के कारण दिल्ली रिंग रोड को जाम कर बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. लोग गर्मी से परेशान होकर सड़कों पर उतर आए. उन्होंने विरोध में जमकर नारे भी लगाए. recent visitors 182

जब हम पूरे मनोयोग से शहर की बेहतरी के प्रयास करेंगे, तभी शहर स्वच्छ और सुंदर बन सकता: मंत्री पटेल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' 30 मार्च से प्रारंभ किया जाएगा। इस अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए नगर पालिका नरसिंहपुर को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने नगर पालिका परिषद नरसिंहपुर की विशेष बैठक में अध्यक्षता करते हुए कहा कि जब हम पूरे मनोयोग से शहर की बेहतरी के प्रयास करेंगे, तभी शहर स्वच्छ और सुंदर बन सकता है। उन्होंने वार्ड सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने की अपील की। मंत्री श्री पटेल ने बैठक के दौरान कहा कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति में मौजूद अमूल्य औषधियों के महत्व को समझकर उन्हें सहेजा है। पर्यावरण संरक्षण के लिए समेकित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने नागरिकों से अपनी सोच को बदलते हुए घर के साथ समाज की स्वच्छता की जिम्मेदारी निभाने की अपील की। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन तो कार्य कर ही रहा है, लेकिन इसमें नागरिकों की भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने नगर पालिका को अनावश्यक खर्चों में कटौती करने तथा जल औ सौर ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग पर ध्यान देने का भी आग्रह किया। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जल के दुरुपयोग को रोकने और बिजली बिल को कम करने के प्रयास होने चाहिए। मंत्री श्री पटेल ने सौर ऊर्जा के उपयोग पर बल देते हुए सोलर पैनल लगाने की संभावनाओं पर विचार करने की आवश्यकता जताई। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष श्री नीरज दुबे ने 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' के संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसे नगर पालिका परिषद के सदस्यों ने सर्वसम्मति से समर्थन दिया। इस प्रस्ताव का उद्देश्य भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाना है। 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' की अवधारणा लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ आयोजित करने पर केंद्रित है, जिससे समय, संसाधन और प्रशासनिक खर्चों की बचत होगी और देश के विकास में निरंतरता बनी रहेगी। बैठक में पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, महंत श्री प्रीतमपुरी गोस्वामी, पार्षद गण और जनप्रतिनिधियटों के साथ मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री नीलम चौहान सहित और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 42