भारत इस मुश्किल घड़ी में म्यांमार के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है, PM मोदी ने वरिष्ठ जनरल से की बात

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को म्यांमार के वरिष्ठ जनरल महामहिम मिन आंग ह्लाइंग से बात की। उन्होंने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में म्यांमार के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। एक्स पर एक पोस्ट में मोदी ने कहा, "म्यांमार के वरिष्ठ जनरल महामहिम मिन आंग ह्लाइंग से बात की। विनाशकारी भूकंप में हुई मौतों पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। एक करीबी दोस्त और पड़ोसी के रूप में, भारत इस मुश्किल घड़ी में म्यांमार के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत आपदा राहत सामग्री, मानवीय सहायता, खोज और बचाव दल को प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से भेजा जा रहा है।" म्यांमार और पड़ोसी थाईलैंड में शुक्रवार को उच्च तीव्रता वाला भूकंप आया, जिससे इमारतें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे नष्ट हो गए। म्यांमार में कम से कम 1,002 लोगों की मौत हुई। भारत ने शनिवार को म्यांमार को 15 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक पोस्ट में कहा कि ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के हिस्से के रूप में, भारत ने शुक्रवार के भीषण भूकंप से प्रभावित म्यांमार के लोगों की सहायता के लिए पहले प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में काम किया। टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, भोजन के पैकेट, स्वच्छता किट, जनरेटर और जरूरी दवाओं सहित 15 टन राहत सामग्री की हमारी पहली खेप यांगून पहुंच गई है।” इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विनाशकारी भूकंप पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने एक्स पर लिखा, "म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति से चिंतित हूं। सभी की सुरक्षा और खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूं। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। इस संबंध में, हमने अपने अधिकारियों से तैयार रहने को कहा है। साथ ही विदेश मंत्रालय से म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के साथ संपर्क में रहने को कहा है।" म्यांमार में शुक्रवार दोपहर को 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, सागाइंग के पास आए इस भूकंप के बाद 2.8 से 7.5 तीव्रता के 12 झटके महसूस किए गए, जिससे प्रभावित इलाकों में हालात और खराब हो गए। म्यांमार के राज्य प्रशासन परिषद की सूचना टीम ने जानकारी दी है कि भूकंप में 1,002 लोग मारे गए, 2,376 लोग घायल हुए और 30 लोग अब भी लापता हैं। म्यांमार के नेता वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय समुदायों से मानवीय सहायता की अपील की है। recent visitors 68

1 साल में सोने की कीमत 50 बार ऑल टाइम हाई पर पहुंची, 12 साल में सोने की कीमत में तेजी का सबसे लंबा दौर

नई दिल्ली  सोने की कीमत नए रेकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। पिछले 12 महीने में सोने की कीमत 50 बार ऑल टाइम हाई पर पहुंच चुकी है। पिछले 12 साल में यह इसमें तेजी का सबसे लंबा दौर है। साथ ही यह सोने के इतिहास में तेजी का तीसरा सबसे लंबा दौर है। इससे पहले 1970 के दशक में महंगाई, आर्थिक विकास में ठहराव और बेरोजगारी के कारण सोने की कीमत कई महीनों तक चढ़ी थी। उस दौरान सोने की कीमत में लगातार चार साल तक तेजी आई थी। इस बार सोने की कीमत पिछले एक साल में 39 फीसदी और इस साल 16 फीसदी चढ़ चुकी हैं। यह लगातार तीसरे साल पॉजिटिव परफॉरमेंस की तरफ बढ़ रहा है। सोने की कीमत में तेजी के कई कारण हैं। लोगों को डर है कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ लगाने से दुनिया में व्यापार युद्ध गहरा हो सकता है। यही वजह है कि निवेशक सोने को सुरक्षित मानकर इसमें पैसा लगा रहे हैं। सोने को हमेशा से ही आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता के खिलाफ एक बचाव के रूप में देखा जाता है। जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो सोने की कीमत बढ़ने लगती है। जानकारों का कहना है कि लगातार अनिश्चितता लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण सोने की मांग बढ़ रही है। इसका मतलब है कि लोग सोने को इसलिए खरीद रहे हैं क्योंकि उन्हें लग रहा है कि दुनिया में कुछ गड़बड़ होने वाली है। कहां तक जा सकती है कीमत ICICI Bank Global Markets की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2025 की दूसरी तिमाही में सोने की कीमत 96,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकती हैं। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमत दिसंबर तक $3,200 से $3,400 प्रति औंस तक जा सकती है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में  सोने की कीमत 1,100 रुपये के उछाल के साथ 92,150 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 91,050 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमतों में 1,300 रुपये की तेजी आई और यह बृहस्पतिवार के बंद स्तर 1,01,700 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 1,03,000 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर के करीब पहुंच गई। recent visitors 61

1 अप्रैल से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर में प्रॉपर्टी की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हो सकती है, 70% तक का इजाफा

नई दिल्ली अगर आप नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर में प्रॉपर्टी खरीदने का सोच रहे हैं, तो इस समय को एक अच्छा अवसर माना जा सकता है। बढ़ती कीमतों के साथ-साथ इन शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में भी लगातार सुधार हो रहा है। लेकिन इस बीच आपको यह जानकर हैरानी होगी कि  नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 में यहां की प्रॉपर्टी की कीमतें 20% से लेकर 70% तक बढ़ने की संभावना है, जो कि लगभग 9 सालों के बाद हो रही इस तरह की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। यह बढ़ोत्तरी मुख्यतः बढ़ती हुई डिमांड और जमीन के बाजार में निरंतर हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण हो सकती है। बता दें कि यह 9 साल बाद इतनी बड़ी बढ़ोतरी हो रही है।   नोएडा में हाई-राइज अपार्टमेंट की कीमतें लगभग 20% तक बढ़ने की संभावना है, जबकि ग्रेटर नोएडा में यह बढ़ोत्तरी 30% तक हो सकती है। इसके अलावा, नोएडा में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के खुलने से भी प्रॉपर्टी की कीमतों में 70% से ज्यादा की बढ़ोतरी हो सकती है। ANAROCK रिसर्च रिपोर्ट ANAROCK रिसर्च के अनुसार, 2019 से लेकर अब तक नोएडा की आवासीय प्रॉपर्टी की कीमतों में लगभग 92% की बढ़ोतरी देखी गई है। ग्रेटर नोएडा में यह बढ़ोतरी 97% तक पहुंच चुकी है। 2019 में प्रति वर्ग फीट ₹4,795 से शुरू होकर अब ये कीमतें ₹9,200 प्रति वर्ग फीट तक पहुंच गई हैं। ग्रेटर नोएडा में भी यही ट्रेंड देखा गया है, जहां कीमतें ₹3,340 से ₹6,600 प्रति वर्ग फीट तक बढ़ गई हैं।   recent visitors 61

विश्वविद्यालय में कुलपति को कुलगुरु कहना प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति की पुनस्थापना की दिशा में एक कदम है: राज्यपाल

जयपुर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने  कहा कि परंपरा के साथ आधुनिक ज्ञान की दृष्टि से ही भारत विश्व गुरु बनेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कुलपति को कुलगुरु कहना प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति की पुनस्थापना की दिशा में एक कदम है। प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति परिपूर्ण थी। उन्होंने नई शिक्षा पद्धति को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों के विकास से जुड़ी है। राज्यपाल श्री बागडे शनिवार को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में संबोधित कर रहे थे।  इसमें वर्ष 2023 एवं 2024 के स्वर्ण पदकों का वितरण किया गया। साथ ही विद्या वाचस्पति उपाधि धारकों को भी उपाधियां वितरित हुई। राज्यपाल ने कहा कि भारत की समृद्ध वैज्ञानिक परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि महर्षि भारद्वाज के द्वारा वर्णित विमान विज्ञान के आधार पर 1895 में श्री शिवकर बापूजी तलपे ने हमारे यहां विमान उड़ाया था। उन्होंने श्री चिरंजिलाल वर्मा से संस्कृत ग्रंथों की शिक्षा ग्रहण की थी। इसके बाद ही 1903 में राइट बंधुओं ने विमान बनाया। इसी प्रकार गुरुत्वाकर्षण के बारे में न्यूटन से बहुत ही पहले कॉपरनिकस और उससे भी पहले भास्कराचार्य ने गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत दिया था। उन्होंने कहा कि विनोबा भावे ने आजादी के तत्काल पश्चात् शिक्षा पद्धति में बदलाव की आवश्यकता बताई थी। लॉर्ड मैकाले ने भारत को गुलाम बनाने के लिए जो शिक्षा पद्धति चलाई वह अभी तक चल रही है। नई शिक्षा पद्धति भारत के समाज, नागरिक और संस्कृति के अनुसार है। नई शिक्षा नीति से निकले हुए विद्यार्थियों के माध्यम से समाज को आगामी कुछ समय में ही परिणाम मिलने लगेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इस प्रकार के पाठ्यक्रम तैयार होने चाहिए जिससे समाज में रोजगार का सृजन हो सके। ज्ञान की विभिन्न शाखाओं का अध्ययन कर युवा उद्यमी बनने चाहिए। इससे देश के विकास में उनका योगदान सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मनुष्य का निर्माण करने वाली हो। महर्षि दयानंद सरस्वती मानव मूल्यों के साक्षात उदाहरण रहे है। उन्होंने कहा कि देश के 400 कुलगुरुओं तथा 1000 से अधिक शिक्षाविदों ने दो वर्षों तक गहन चर्चा के उपरांत नई नीति को बनाया है। यह शिक्षा पद्धति विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता में वृद्धि करने में कारगर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि अर्जित विद्या का व्यवहारिक उपयोग समाज हित में और राष्ट्रहित में किया जाना चाहिए। शिक्षा एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। इसीलिए प्राध्यापकों और अध्यापकों को नई पुस्तकें पढ़ने के साथ ही नई विद्या भी प्राप्त करनी चाहिए। विद्यार्थी को भी पाठ्य पुस्तकों के अतिरिक्त अन्य पुस्तकें को भी पढ़ने में अपना समय देना चाहिए। इससे उनकी बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होगी। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि दीक्षांत समारोह माता-पिता, परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्वों के स्मरण का दिन होता है। शिक्षा जीवन पर्यंत चलने वाली एक प्रक्रिया है। आज के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और डिजिटल युग में हमें विश्व के साथ-साथ चलना होगा। बढ़ती तकनीक में आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने समाज को बहुत प्रभावित किया है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक जीवन पर इसके दुष्परिणाम देखे जा सकते हैं। नई पीढ़ी को इन दुष्प्रभावों से बचाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति ने चार आश्रमों और चार पुरुषार्थों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था दी है। नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला के शिक्षा केंद्रों, मैत्रेई, गार्गी, अपाला, घोषा, विश्ववारा जैसी विदुषियों और वराह मिहिर, आर्यभट्ट, चरक, सुश्रुत, आश्वघोष, चाणक्य एवं समर्थ गुरु रामदास जैसे शिक्षकों के कारण भारत विश्व गुरु रहा है। विद्यार्थियों को छत्रपति संभाजी महाराज और महाराणा सांगा जैसे पूर्वजों के पद चिह्नों का अनुकरण करना चाहिए। क्रूर आक्रांताओं को सम्मान देने वाले लोग इस भारत और भारत की संस्कृति के नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं में राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण और त्याग होना आवश्यक है। सबके मन में राष्ट्र प्रथम का स्थाई भाव होना चाहिए। स्वराज, स्वधर्म, स्वदेशी और स्वभाषा को साथ लेकर शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी समाज की विकृतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शिक्षा के क्षेत्र में भारत अपना प्राचीन गौरव पुनः प्राप्त करने के लिए प्रयास कर रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने राजस्थान के विश्वविद्यालय के कुलपतियों को अब कुलगुरु के नाम से जाना जाएगा। यह उनके सम्मान में एक बहुत बड़ा क्रांतिकारी परिवर्तन होगा। नई शिक्षा नीति शिक्षा की सार्थकता और सदुपयोग के लिए महत्वपूर्ण होगी। अनुशासनात्मक, बहुविषयक और बहुआयामी दृष्टिकोण के द्वारा विद्यार्थियों में मूल्य, मान्यताएं और संवेदनाएं विकसित की जानी चाहिए। नई शिक्षा नीति में आधुनिक ज्ञान से जुड़े विषयों के महत्व को प्रतिपादित करने के साथ ही प्राचीन भारतीय संस्कृति, वैदिक ज्ञान और सनातन जीवन मूल्यों को भी महत्व दिया गया है। युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में पाश्चात्य नरेटिव से बचना होगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थी की जीवन यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है।  recent visitors 56

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- फिटनेस केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि हमारे जीवन की प्राथमिकता होनी चाहिए

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि फिटनेस केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि हमारे जीवन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने फिट राजस्थान अभियान शुरू करने का संकल्प लिया था, ‘रन फॉर फिट राजस्थान’ इसी संकल्प का प्रतीक है। श्री शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि देश में युवा, महिला, किसान और मजदूर सशक्त होंगे तो देश-प्रदेश भी सशक्त होंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा राजस्थान दिवस महोत्सव के तहत महिला, किसान, अन्त्योदय, युवा एवं सुशासन को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्री शर्मा ने राजस्थान दिवस समारोह के तहत कार्यक्रमों की श्रृंखला में शनिवार को अमर जवान ज्योति पर आयोजित रन फॉर फिट राजस्थान दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा स्वयं भी दौड़ में शामिल होकर प्रदेशवासियों को स्वस्थ रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर खिलाड़ी को पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाने तथा उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए हमने वर्ष 2024-25 में 1614 खिलाड़ियों को 34 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार के साथ भूखंड आवंटन, सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता और रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस स्कीम से खिलाड़ियों को सुरक्षा कवच भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन ओलंपिक-2028 के तहत 50 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा और जयपुर में 20 करोड़ की लागत से “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्पोर्ट्स“ की स्थापना की जाएगी। हर साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर मनाया जाएगा राजस्थान दिवस श्री शर्मा ने कहा कि सात चरणों में हुए राजस्थान के एकीकरण की यात्रा में चौथे चरण में वृहद् राजस्थान की स्थापना एक महत्वपूर्ण पड़ाव था, जिसकी यादों को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए हर साल राजस्थान दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि वृहद् राजस्थान की स्थापना संवत 2006 की चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को रेवती नक्षत्र इंद्रयोग में हुई थी, जिसे राजस्थान के एकीकरण में अहम भूमिका निभाने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी ने विशेष महत्व दिया था। उनकी और समस्त प्रदेशवासियों की भावना को सम्मान देते हुए राज्य सरकार ने अब हर साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर ही राजस्थान दिवस मनाने का निर्णय लिया है। राजस्थान का खेलकूद के क्षेत्र में गौरवपूर्ण इतिहास मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान का खेलकूद के क्षेत्र में गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। कई खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदेश की पताका लहराई है। पेरिस ओलंपिक में अनंतजीत सिंह व महेश्वरी चौहान ने निशानेबाजी में हिस्सा लिया। पेरिस पैरालंपिक में अवनी लेखरा ने स्वर्ण, सुंदर सिंह गुर्जर और मोना अग्रवाल ने कांस्य पदक जीतकर प्रदेश को गर्व का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 43 पदक हासिल किए। ये उपलब्धियां हमारे युवाओं की प्रतिभा का प्रमाण हैं। इस अवसर पर युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि जीवन में फिटनेस का बहुत महत्व है। स्वस्थ नागरिक से ही स्वस्थ समाज का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी योजनाओं और निर्णयों के माध्यम से प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को निरन्तर प्रोत्साहित कर रही है।   इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में संपन्न राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया तथा 9 खिलाड़ियों को जमीन आवंटन के पट्टे वितरित किए। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, प्रमुख शासन सचिव राजस्व श्री दिनेश कुमार, शासन सचिव खेल एवं युवा मामले श्री नीरज के. पवन, 61 सब एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल रोहित मेहरोत्रा सहित विभिन्न खिलाड़ी, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। recent visitors 66

विश्व प्रसिद्ध विंध्याचल नवरात्रि मेला कल से शुरू होने जा रहा, मेले की सुरक्षा ATS के हाथ, ड्रोन से की जाएगी निगरानी

मिर्जापुर विश्व प्रसिद्ध विंध्याचल नवरात्रि मेले की सुरक्षा व्यवस्था एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस )के हवाले की गई है। नवरात्रि मेला कल से शुरू होने जा रहा है। नौ दिन चलने वाले मेले के लिए सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। पूरा मेला सीसी कैमरे के जद में होगा। ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। मेला सुरक्षा में अर्धसैनिक बल के जवानों के साथ तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। होमगार्ड, पीआरडी, यातायात पुलिस एवं फायर ब्रिगेड जवानों को भी लगाया गया है। आधुनिक उपकरणों से युक्त बम डिस्पोजल दस्ता एवं जल पुलिस के जवान मुस्तैद रहेगे। सीएम योगी ने दिए निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद गुरुवार को अधिकारियों के साथ चैत्र नवरात्रि मेले की तैयारियों की समीक्षा बैठक कर आदेश निर्देश दिए हैं। मां विन्ध्यवासिनी देवी के गर्भगृह में चरण छूने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध वीआईपी व्यक्तियों पर भी लागू किया गया है। साथ ही साथ पंडों, नाईयो और सफाईकर्मी के लिए डेस कोड में रहने के आदेश दिए गए हैं। दुकानदारों और वाहन स्टैंडो पर रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नौ दिन तक चलने वाले मेले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 'जगह-जगह लगाये गए हैं बैरियर' जिला प्रशासन ने मेला की मुकम्मल व्यवस्था कर लेने का दावा किया है। नगर मजिस्ट्र वी के उपाध्याय को मेला अधिकारी बनाया गया है जबकि अपर जिला मजिस्ट्रेट एस पी शुक्ल सुपर मजिस्ट्रेट होगे। व्यवस्था के सम्बन्ध में जिलाधिकारी प्रिंयका निरंजन बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को 10 जोन और 21 सेक्टरों में बाटा गया है। सभी जोनो में जोनल मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेटो को तैनात किया गया है। मेला क्षेत्र में आवश्यकता से अधिक भीड़ एकत्र न हो सके इसके लिए जगह-जगह बैरियर लगाये गए हैं। 'अतिसंवेदनशील स्थानों पर अतिसतकर्ता बरती जा रही' सुरक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में जिला पुलिस प्रमुख सोमेन वर्मा ने बताया कि मेले में सिविल पुलिस के अलावा जल पुलिस यातायात घुड़सवार पुलिस के अलावा खुफिया एजेंसी के जवान भी है। किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग से व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था की द्दष्टि से एटीएस के जवान मोर्चा संभालेंगे। यह टीम पूरे नवरात्रि मेला सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी। उन्होंने बताया कि अतिसंवेदनशील स्थानों पर अतिसतकर्ता बरती जा रही है।   सुरक्षा कर्मियों को दिए निर्देश व्यवस्था एवं तैयारियों की समीक्षा के लिए मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी और पुलिस उपमहानिरीक्षक आर पी सिह ने मेला की तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक आदेश निर्देश दिए। श्रद्धालुओं से सछ्वभावपूर्ण व्यवहार के लिए पुलिस कर्मियों ने ली शपथ। नवरात्र मेले में ड्यूटी पर तैनात किए गए सुरक्षा कर्मियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। ड्यूटी के दौरान श्रद्धालु दर्शनार्थियों के साथ विनम्र व्यवहार करे। साथ ही साथ साफ सुथरी वर्दी में अनुशासित रह कर अपने कर्तव्य एवं दायित्व का निर्वहन करेंगे। recent visitors 68

गृहमंत्री अमित शाह ने अमित शाह का संदेश, हथियार और हिंसा से बदलाव नहीं आ सकता

नई दिल्ली केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सल विरोधी अभियान के तहत जारी एनकाउंटर में सुरक्षा बलों की सफलता की सराहना की है। सुरक्षा बलों ने इस मुठभेड़ में 16 नक्सलियों को ढेर कर ऑटोमेटिक हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। गृहमंत्री ने इसे नक्सलवाद पर एक और निर्णायक प्रहार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। गृहमंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, "नक्सलवाद पर एक और प्रहार! हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने सुकमा में एक ऑपरेशन में 16 नक्सलियों को ढेर कर दिया है और ऑटोमेटिक हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के लिए संकल्पित हैं।" सशस्त्र विद्रोह में अभी भी शामिल लोगों से सीधी अपील करते हुए शाह ने कहा, "हथियार रखने वालों से मेरी अपील है कि हथियार और हिंसा से बदलाव नहीं आ सकता, केवल शांति और विकास ही बदलाव ला सकता है।" अधिकारियों द्वारा सुकमा में अब तक की सबसे बड़ी मुठभेड़ों में से एक बताई जा रही इस मुठभेड़ में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की जॉइंट टीमें शामिल हैं। सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने घटनास्थल से 16 नक्सलियों के शव बरामद होने की पुष्टि करते हुए कहा कि ऑपरेशन के दौरान हमारे दो जवान घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने इलाके से एके-47 राइफल, सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर) और इंसास राइफल सहित अत्याधुनिक हथियारों का एक बड़ा जखीरा भी बरामद किया है। एसपी चव्हाण ने कहा, "इसे सुकमा में अब तक की सबसे बड़ी मुठभेड़ों में से एक कहा जा सकता है।" अधिकारी ने कहा कि मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। शुक्रवार को जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा शुरू किए गए संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान के बाद गोलीबारी शुरू हुई। अधिकारियों के अनुसार, सुकमा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत केरलपाल क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी के बारे में विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान शुरू किया गया था। संयुक्त दल 28 मार्च को तलाशी अभियान के लिए निकला था और शनिवार 29 मार्च की सुबह से ही रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है। सुरक्षा बल फिलहाल मुठभेड़ स्थल और आसपास के जंगलों की गहन तलाशी कर रहे हैं। सुकमा छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से एक है, जहां पहले भी कई नक्सली हमले हो चुके हैं। इससे पहले 22 मार्च को अमित शाह ने संसद को बताया था कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच 16,463 हिंसक घटनाएं हुईं, लेकिन पिछले दस सालों में यह संख्या 53 फीसदी कम हुई है। उन्होंने बताया कि 2004 से 2014 के बीच 1,851 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, लेकिन पिछले 10 सालों में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों की संख्या घटकर 509 रह गई, यानी 73 फीसदी की कमी आई। नागरिकों की मौतों की संख्या 4,766 से घटकर 1,495 हो गई, जो 70 प्रतिशत की कमी है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2014 से 2024 तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 11,503 किलोमीटर राजमार्गों का निर्माण किया गया। इसके अलावा, 20,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनाई गईं। पहले चरण में 2,343 मोबाइल टावर लगाए गए, जबकि दूसरे चरण में 2,545 टावर लगाए गए। 4,000 मोबाइल टावर लगाने का काम अभी भी जारी है। शाह ने बताया कि 1 दिसंबर तक पूरा नक्सल प्रभावित क्षेत्र मोबाइल कनेक्टिविटी से लैस हो जाएगा।   recent visitors 49