लखनऊ सुपर जायंट्स टॉस, पहले गेंदबाजी करने का लिया फैसला

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के 7वें मैच में आज सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ सुपर जायंट्स की बीच टक्‍कर हो रही है। यह मैच हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जा रहा है। लखनऊ के कप्‍तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। हैदराबाद ने अपने पहले मैच में राजस्‍थान रॉयल्‍स को 44 रन से रौंदा था। वहीं लखनऊ को दिल्‍ली कैपिटल्‍स के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में जहां पैट कमिंस की नजर टेबल टॉपर बने रहने पर है तो वहीं ऋषभ पंत को पहली जीत की तलाश है। पंत ने जीता टॉस लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्‍तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है। ऐसे में हैदराबाद की कोशिश एक बार फिर बड़े स्‍कोर पर होगी। लखनऊ की संभावित प्‍लेइंग 11 एडेन मार्कराम, मिचेल मार्श, निकोलस पूरन, आयुष बडोनी, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), डेविड मिलर, शार्दुल ठाकुर, शाहबाज अहमद, रवि बिश्नोई, दिग्वेश राठी, आवेश खान, प्रिंस यादव। हैदराबाद की संभावित प्‍लेइंग 11 अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड, ईशान किशन, नीतीश रेड्डी, हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), अनिकेत वर्मा, अभिनव मनोहर, पैट कमिंस (कप्तान), हर्षल पटेल, एडम जैम्पा, मोहम्मद शमी, सिमरजीत सिंह। recent visitors 44

राहुल गांधी ने ओम बिरला की टिप्पणी पर सख्त ऐतराज जताया, सदन को अलोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है

नई दिल्ली लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पर नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सदन में बोलने का मौका न देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सदन को अलोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है। राहुल गांधी पर स्पीकर ओम बिरला ने टिप्पणी की थी और कहा कि किसी भी सदस्य का व्यवहार सदन की गरिमा के अनुसार होना चाहिए। स्पीकर ने कहा था कि मेरे संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें सदस्यों का व्यवहार सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं रहा। इस सदन में पिता और बेटी, मां और बेटी और पति एवं पत्नी भी मेंबर के तौर पर बैठते हैं। इसलिए नेता विपक्ष से अपेक्षा की जाती है कि वह अपना व्यवहार सदन के रूल 349 के अनुसार ही रखें। उनकी इस टिप्पणी पर राहुल गांधी ने सख्त ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है और सदन को अलोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने बुधवार को शून्यकाल के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से कहा कि वह सदन के नियमों और परंपराओं के अनुरूप आचरण करें तथा उनसे ऐसी अपेक्षा भी की जाती है। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस के सांसदों ने बिरला से मुलाकात की और नेता प्रतिपक्ष को ‘बोलने का मौका नहीं देने’ को लेकर विरोध दर्ज कराया। राहुल गांधी ने संसद परिसर में ही मीडिया से बातचीत में कहा, ‘लोकसभा अध्यक्ष ने मेरे बारे में कुछ बोला। जब मैं खड़ा हुआ तो वह उठकर चले गए और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।’ उन्होंने दावा किया, ‘जब भी मैं सदन में बोलने के लिए खड़ा होता हूं तो बोलने नहीं दिया जाता, जबकि यह परंपरा रही है कि नेता प्रतिपक्ष खड़ा हो तो उसे बोलने दिया जाए। पता नहीं किस प्रकार से सदन से चल रहा है।’ राहुल गांधी ने कहा, ‘मैंने कुछ नहीं किया है। मैं शांति से बैठा था। पिछले सात-आठ दिन में मैंने कुछ नहीं बोला। लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की जगह होती है, लेकिन यहां लोकतंत्र की जगह नहीं है। पता नहीं कि लोकसभा अध्यक्ष की क्या सोच है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सदन को अलोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है। सदन में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने का मौका नहीं दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कोई सांसद या मंत्री सिर्फ खड़े हो जाते हैं तो उन्हें बोलने की खूली छूट मिल जाती है। गोगोई का कहना था, ‘जब सुषमा स्वराज जी नेता प्रतिपक्ष थीं तो लोकसभा में उन्हें क्या सम्मान मिलता था, हम सबने देखा है।’ उन्होंने कहा, ‘हम लोकसभा अध्यक्ष से मिले और अपनी आपत्ति दर्ज कराई और नेता प्रतिपक्ष की गरिमा की जो अवहेलना हो रही है, उसके बारे में बताया है।’ उनका कहना था कि लोकसभा अध्यक्ष से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला है। गोगोई ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि सदन चले, लेकिन यह एक साजिश है ताकि सदन में माहौल खराब हो।’ recent visitors 45

ओम बिरला ने भी सड़क परिवहन मंत्री की सराहना करते हुए टिप्पणी की, अब कोई रास्ता बचा है क्या

नई दिल्ली हाईवे मैन कहे जाने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तारीफ का लंबा दौर संसद में चला। एक ओर जहां लोकसभा में गुरुवार विपक्षी शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) के एक सदस्य ने देशभर में सड़कों और राजमार्गों के निर्माण के लिए गडकरी की प्रशंसा की। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सड़क परिवहन मंत्री की सराहना करते हुए टिप्पणी की। सदन में प्रश्नकाल में महाराष्ट्र के परभनी से शिवसेना (उबाठा) के सदस्य संजय जाधव ने गडकरी की प्रशंसा करते हुए कहा, 'वह महाराष्ट्र के ऐसे सुपुत्र हैं जिन्होंने देशभर में सड़कों पर बहुत काम किया है।' गडकरी ने जाधव के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए सदन को बताया कि इंदौर से हैदराबाद तक एक राजमार्ग बनाया जा रहा है जो महाराष्ट्र के नांदेड़ से निकलेगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में पुणे से अहमदनगर से होते हुए छत्रपति संभाजीनगर के मार्ग पर 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से एक नया ‘‘ग्रीन अलाइनमेंट’’ तैयार जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह एक अभिनव मॉडल है और इसमें सरकार का एक भी रुपया नहीं लगा है। गडकरी ने कहा कि पुणे से छत्रपति संभाजीनगर का रास्ता अभी छह से सात घंटे में तय होता है, लेकिन इस मार्ग के बनने के बाद दो घंटे में पूरा हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री के जवाब के दौरान ही लोकसभा अध्यक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा, 'कोई मार्ग बचा है क्या?' जम्मू कश्मीर की बारामूला संसदीय सीट से सदस्य अब्दुल रशीद शेख के पूरक प्रश्न के उत्तर में गडकरी ने कहा कि उत्तरी राज्य में दो लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम हो रहा है और 105 सुरंग बनाई जा रही हैं। गडकरी ने कहा कि एशिया की सबसे बड़ी जोजिला सुरंग का निर्माण भी वहां किया गया है। recent visitors 44

श्रीलंकाई नौसेना ने विशेष अभियान के तहत 11 भारतीय मछुआरों को अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप में किया गिरफ्तार

कोलंबो श्रीलंकाई नौसेना ने गुरुवार को विशेष अभियान के तहत उत्तरी क्षेत्र में डेल्फ़्ट द्वीप के समीप 11 भारतीय मछुआरों को कथित रूप से अपने जलक्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया और उनकी ट्रॉलर को जब्त कर लिया। गिरफ्तार किए गए मछुआरों को कांकासनथुराई बंदरगाह लाया गया है, जहां उन्हें आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए मैलाडी के मत्स्य निरीक्षक को सौंपा जाएगा। श्रीलंकाई नौसेना नियमित रूप से अपने जलक्षेत्र में अवैध मछली पकड़ने की गतिविधियों पर नजर रखती है और इस तरह की कार्रवाइयां करती है। मछुआरों की समस्या भारतीय और श्रीलंकाई मछुआरों के बीच समुद्री सीमा का उल्लंघन एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। पाक जलडमरूमध्य, जो तमिलनाडु को श्रीलंका से अलग करता है, दोनों देशों के मछुआरों के लिए समृद्ध मछली पकड़ने का क्षेत्र है। अक्सर, मछुआरे अनजाने में एक-दूसरे के जलक्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप गिरफ्तारियाँ और नौकाओं की जब्ती होती है। अतीत को कुछ घटनाएं हाल ही में, श्रीलंकाई नौसेना ने जनवरी 2025 में 8 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया था और उनकी दो नौकाएँ जब्त की थीं। इसके अलावा, दिसंबर 2024 में, श्रीलंकाई अधिकारियों ने इस वर्ष अब तक 537 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार करने की सूचना दी थी। भारतीय उच्चायोग ने इन मछुआरों की शीघ्र रिहाई का आग्रह किया था और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया था। मछुआरों का यह मुद्दा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में तनाव का कारण बना हुआ है, और इसे सुलझाने के लिए मानवीय और रचनात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। recent visitors 44

अमेरिकी टैरिफ का बाजार पर नहीं दिखा कोई असर, बढ़त के साथ 16,119.85 पर बंद हुआ

मुंबई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए नए टैरिफ को दरकिनार करते हुए भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। बाजार के ज्यादातर सूचकांकों में खरीदारी देखी गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 317.93 अंक या 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,606.43 और निफ्टी 105.10 अंक या 0.45 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,591.95 पर था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका में आयात होने वाली सभी कारों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। हालांकि, बाजार पर इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला। लार्जकैप के साथ मिडकैप इंडेक्स में भी खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 193.25 अंक या 0.37 प्रतिशत की तेजी के साथ 51,839.40 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 183.10 अंक या 1.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,119.85 पर बंद हुआ। सेक्टोरल आधार पर आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इन्फ्रा और कमोडिटीज इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। ऑटो और फार्मा इंडेक्स ही लाल निशान में बंद हुए हैं। सेंसेक्स पैक में बजाज फिनसर्व, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, एलएंडटी, अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, जोमैटो, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, टाइटन और टेक महिंद्रा टॉप गेनर्स थे। टाटा मोटर्स, सन फार्मा, कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, एमएंडएम, टाटा स्टील, एचयूएल और मारुति सुजुकी टॉप लूजर्स थे। जानकारों के मुताबिक, मंथली एक्सपायरी के कारण धीमी शुरुआत के बाद बाजार में रिकवरी देखने को मिली और यह 105.10 अंक बढ़कर 23,591.95 पर बंद हुआ। प्रोग्रेसिव शेयर्स के निदेशक आदित्य गग्गर ने कहा, "ऐसा लगता है कि इंडेक्स का करेक्शन फेस पूरा हो गया है, तेजी के गैप को भर दिया है और पियर्सिंग कैंडलस्टिक पैटर्न बना लिया है। बाजार के लिए रुकावट का स्तर 23,800 पर है और इस स्तर से ऊपर ब्रेकआउट इंडेक्स को 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर ले जा सकता है। हालांकि, सपोर्ट 23,400 पर बना हुआ है।" बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी। सुबह करीब 9.26 बजे, सेंसेक्स 112.96 अंक या 0.15 प्रतिशत बढ़कर 77,401.46 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 28.20 अंक या 0.12 प्रतिशत बढ़कर 23,515.05 पर था। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 26 मार्च को 2,240.55 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने उसी दिन 696.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। recent visitors 40

‘लाडली बहनों’ की संख्या में अभी नहीं होगा इजाफा, ना बढ़ेगी रकम

भोपाल  मध्यप्रदेश की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल लाडली बहना योजना एमपी सहित देशभर में लोकप्रिय है। योजना के तहत पात्र महिलाओं के खाते में हर महिने 1250 रूपए भेजें जाते है। योजना को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी कि इस बार योजना के तहत मिलने वाले 1250 रुपए की राशि को बढाकर 3 हजार किया जाएगा। विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने ये बात स्पष्ट कर दी है और नए पंजीयन शुरू करने को लेकर भी अपडेट दिया है। यहां जानिए लाडली बहनों की राशि और नए पंजीयन को लेकर क्या है अपडेट…. लाडली बहना यो़जना अपडेट प्रदेश में फिलहाल लाड़ली बहनोंकी न तो संख्या में इजाफा होगा और न ही उन्हें मिलने वाली राशि बढ़ेगी। विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के नए पंजीयन शुरू करने का विभाग का प्रस्ताव नहीं है। हालांकि मंत्री ने स्वीकारा कि नए पंजीयन शुरू करने के प्रस्ताव लगातार मिल रहे हैं। अभी 1.27 करोड़ महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है। योजना में 1250 रुपए प्रति माह दिए जा रहे हैं। 2025-26 के बजट में सरकार ने योजना के लिए 18 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। योजना से तीन लाख महिलाओं के नाम हटे विधायक प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न के जवाब में मंत्री ने बताया कि लाड़ली बहना योजना से अब तक 15,748 महिलाओं के नाम उनकी मृत्यु के बाद हटाए हैं। 60 वर्ष की उम्र पूरी करने वाली 3 लाख 19 हजार 991 महिलाओं के नाम स्वत: पोर्टल से हट गए हैं। फिलहाल राशि बढ़ाने का भी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। हुई लाड़ली बहना योजना जैसी योजनाएं, एमपी में सबसे कम राशि क्यों?  मध्यप्रदेश में दो साल पहले शुरु हुई लाड़ली बहना योजना भाजपा के लिए गेमचेंजर तो साबित हो गई, लेकिन अभी तक महिलाओं के लिए नहीं हो पाई है। 10 फरवरी को सीएम डॉ मोहन यादव ने देवास में लाड़ली बहनों के खाते में पैसे ट्रांसफर किए। इस दौरान उन्होंने बयान दिया कि बहनों को अभी 1250 रुपए दे रहे हैं। चिंता मत करो, धीरे-धीरे इस राशि को 3 हजार रुपए डालेंगे।  राज्य सरकार के द्वारा कई बार कहा जा चुका है कि योजना की राशि बढ़ाई जाएगी। इसको लेकर विपक्ष भी सरकार को याद दिलाता है कि बहनों की राशि 3 हजार कब होगी। जब से लाड़ली बहना योजना शुरु हुई है। इसे देखकर देश के 8 राज्य महिलाओं के लिए ऐसी ही योजना शुरु कर चुके हैं। इसमें 4 राज्य कांग्रेस और उसके गठबंधन की सरकारें हैं। तो वहीं 4 राज्यों में भाजपा की सरकार काबिज है। दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी महिला सम्मान योजना लागू करने के लिए कहा। चुनाव में इसका फायदा मिला और जीत दर्ज की। एमपी में कितनी महिला वोटर्स लोकसभा चुनाव 2024 के मुताबिक मध्यप्रदेश में 5.39 करोड़ महिला वोटर्स हैं। जिसमें 2.60 करोड़ महिलाएं हैं। भाजपा सरकार की ओर से साल 2023 में लाड़ली बहना योजना को लागू किया गया। तब महिलाओं की संख्या 1.31 करोड़ थी। अब पात्रता रखने वाली सिर्फ 1.27 करोड़ महिलाएं हैं। आपको बता दें कि जिन राज्यों में योजना लागू है। उनमें से 5 राज्यों में मध्यप्रदेश की लाड़ली बहना योजना से ज्यादा पैसा डाला जा रहा है। तो आइए आपको बताते हैं वो राज्य कौन-कौन से हैं। इन 5 राज्यों में एमपी से ज्यादा पैसा मिल रहा एमपी के बाद भाजपा को दूसरे राज्यों में लाड़ली बहना जैसी योजनाएं शुरु करके फायदा मिला। वर्तमान में महाराष्ट्र सरकार के द्वारा महिलाओं को 1500 रुपए महीना और हरियाणा सरकार द्वारा 2100 रुपए महीना दिया जा रहा है। कर्नाटक, तेलगांना और झारखंड में भी एमपी से ज्यादा पैसे दिए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश की बात करें तो यहां पर 1250 रुपए महीने ही दिए जा रहे हैं। बीजेपी आने वाले चुनावों में इस योजना के जरिए चुनाव जीतने की कोशिश करेगी। 8 राज्यों में लाड़ली बहना जैसी योजनाएं मध्यप्रदेश ,हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलगांना, झारखंड और छत्तीसगढ़ में लाड़ली बहना योजना जैसी योजनाएं चल रही हैं। वहीं पंजाब में वादा तो किया गया था, लेकिन 3 साल बाद भी पूरा नहीं किया गया। दिल्ली चुनाव में भाजपा ने महिलाओं और 60-70 साल के बुजुर्गों को हर महीने 2500 रुपए देने का वादा किया था। हालांकि, दिल्ली में अभी योजना लागू होगी। कब बढ़ेंगे एमपी की लाड़ली बहनों के पैसे सूत्रों के मुताबिक, मार्च में पेश होने बजट में लाड़ली बहना की राशि 1250 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए हो सकती है। बता दें कि, 10 मार्च से मध्यप्रदेश का बजट सत्र शुरु हो रहा है। वहीं, दूसरा तोहफा रक्षाबंधन पर भी सरकार दे सकती है। मगर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए वित्त विभाग की ओर से मंजूरी दी जाएगी। या नहीं ये देखने वाली बात होगी। पिछली बार रक्षाबंधन पर बहनों को 250 रुपए अतिरिक्त दिए गए थे। एक नजर 28 जनवरी को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना लागू किए जाने की घोषणा की। पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी। जिसमें 1.29 करोड़ महिलाओं के खाते में 1 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। साल 2023 अगस्त में रक्षाबंधन के अवसर पर राशि को 1250 रुपए कर दिया गया। साल 2024 में रक्षाबंधन में 1250 + 250 (अतिरिक्त) दिए गए। recent visitors 40

हैदराबाद वर्सेस लखनऊ मैच एक हाई स्कोरिंग मुकाबला होगा, अबकी बार 300 पार की आहट

नई दिल्ली सनराइजर्स हैदराबाद वर्सेस लखनऊ सुपर जायंट्स मैच एक हाई स्कोरिंग मुकाबला होगा, क्योंकि ये मैच हैदराबाद में खेला जाना है। यहां कि राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में पिछले सीजन से ही पहली पारी में रनों का अंबार लगता आ रहा है। ऐसे में अगर हैदराबाद वर्सेस लखनऊ मैच में भी चौके और छक्कों की आंधी आए तो हैरान मत होना। इस सीजन एक मैच यहां खेला गया है, जहां पहली पारी का स्कोर 286 था और दूसरी पारी का स्कोर 242 था। ऐसा ही कुछ एसआरएच वर्सेस एलएसजी मैच में हो सकता है। ऐसे में जान लीजिए कि यहां की पिच रिपोर्ट क्या कहती है। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच रिपोर्ट की बात करें तो यहां आईपीएल के अब तक 78 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से 35 मुकाबले पहले बल्लेबाजी करते हुए टीमें जीती हैं, जबकि 42 मैचों में उन टीमों को जीत मिली है, जिन्होंने रन चेज किया है। पहली पारी की औसत स्कोर यहां 164 है, लेकिन पिछले करीब एक दर्जन मैचों के आंकड़ों को देखें तो ये औसत 200 से भी पार दिखाई पड़ेगा। पिछले सीजन और इस सीजन के एक मैच को देखें तो यहां शुद्ध रूप से बैटिंग फ्रेंडली पिच हैं। अगर गेंदबाजों के नजरिए से देखें तो यहां पेसर कमाल दिखाते हैं। उनको करीब 71 फीसदी विकेट मिलते हैं, जबकि स्पिनरों को सिर्फ 29 फीसदी विकेट ही मिलते हैं। ऐसे में बल्लेबाजों की यहां बल्ले-बल्ले होने वाली है। एक मैच यहां खेला गया है, जिसमें दोनों पारियों में 240 से ज्यादा रन बने हैं। अगर सनराइजर्स हैदराबाद वर्सेस लखनऊ सुपर जायंट्स मैच में 300 के पार भी रन बन जाएं तो हैरान मत होइएगा। इसके पीछे का एक कारण तो यह है कि यहां की पिच बल्लेबाजों की मददगार है। दूसरा कारण यह है कि यहां की बाउंड्री छोटी हैं। तीसरा कारण ये है कि अगर सनराइजर्स हैदराबाद की बल्लेबाजी आई तो फिर 300 रन बन सकते हैं, क्योंकि लखनऊ की गेंदबाजी काफी कमजोर है। लखनऊ की टीम भी 250 के आसपास रन पहली पारी में बना सकती है, क्योंकि उनके पास बल्लेबाजी अच्छी है। recent visitors 40