आईपीएल 2025: इस टीम के सामने ‘कमजोर’ हो जाती है CSK, अब तक 20 बार चखना पड़ा है हार का स्वाद

नई दिल्ली आईपीएल 2025 की शुरुआत के साथ ही, हर टीम अपने फॉर्म को लेकर चिंतित है और अपनी तैयारी में जुटी हुई है। इस बीच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के एक दिलचस्प और महत्वपूर्ण आंकड़े ने सभी को चौंका दिया है। आईपीएल इतिहास की सबसे सफल टीम मानी जाने वाली सीएसके के पास शानदार ट्रॉफी रिकॉर्ड है, लेकिन एक टीम के खिलाफ यह हमेशा संघर्ष करती है। आइये जानते हैं वो कौन सी टीम है जिसके सामने 'कमजोर' नजर आती है CSK और उस टीम के हाथों CSK को अब तक 20 बार हार का स्वाद चखना पड़ा है…. महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स की टीम आईपीएल में कुल 15 सीजन खेल चुकी है, और लगभग हर टीम के खिलाफ उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। हालांकि, मुंबई इंडियंस के खिलाफ सीएसके को 20 बार हार का सामना करना पड़ा है, जबकि मुंबई ने सिर्फ 17 मैचों में ही सीएसके को हराया है। मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच अब तक 37 मैच खेले गए हैं, जिसमें मुंबई को 20 मैचों में जीत मिली है। यह आंकड़ा सीएसके के लिए सबसे खराब है, क्योंकि उनके पास आईपीएल के अधिकांश टीमों के खिलाफ बेहतरीन रिकॉर्ड है। अन्य टीमों के खिलाफ सीएसके का रिकॉर्ड मुंबई इंडियंस के अलावा, कुछ अन्य टीमें भी हैं जिनके खिलाफ सीएसके को संघर्ष करना पड़ा है। लखनऊ सुपरजायंट्स के खिलाफ भी चेन्नई का रिकॉर्ड खराब रहा है। दोनों टीमों के बीच 4 मैच खेले गए, जिनमें से सीएसके को सिर्फ एक मैच में ही जीत मिली है। इसके अलावा, गुजरात टाइटंस के खिलाफ भी सीएसके का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। गुजरात के खिलाफ अब तक खेले गए 7 मैचों में से सीएसके ने 3 मैच जीते हैं, जबकि गुजरात को 4 मैचों में जीत मिली है। सीएसके के खिलाफ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम यदि मुंबई इंडियंस सीएसके के लिए 'बड़ी चुनौती' है, तो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ चेन्नई का रिकॉर्ड शानदार रहा है। आरसीबी के खिलाफ सीएसके ने कुल 32 मैच खेले हैं, जिनमें से 21 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि केवल 11 मैचों में आरसीबी ने उन्हें हराया है। इसके अलावा, केकेआर के खिलाफ भी सीएसके का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। इन दोनों टीमों के बीच कुल 29 मैच खेले गए हैं, जिसमें से 19 मैचों में सीएसके ने जीत दर्ज की है और 10 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।   आईपीएल 2025 के लिए सीएसके के फैंस को उम्मीदें अब जब आईपीएल 2025 का आगाज होने वाला है, सीएसके की टीम के लिए ये आंकड़े बहुत मायने रखते हैं। मुंबई इंडियंस के खिलाफ उनका संघर्ष एक बड़ा सवाल बन सकता है, लेकिन अन्य टीमों के खिलाफ उनकी रिकॉर्ड देखकर यह कहा जा सकता है कि चेन्नई सुपर किंग्स इस सीजन में काफी मजबूत नजर आ सकती है। धोनी की कप्तानी में टीम हमेशा कठिन परिस्थितियों में उभरकर सामने आई है और इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि सीएसके अपने पुराने रंग में लौटेगी। सीएसके का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड सभी टीमों के खिलाफ यहां हम सीएसके का सभी टीमों के खिलाफ हेड-टू-हेड रिकॉर्ड देख सकते हैं: दिल्ली कैपिटल्स: 19 मैच में जीत – 11 मैच में हार मुंबई इंडियंस: 17 मैच में जीत – 20 मैच में हार कोलकाता नाइट राइडर्स: 19 मैच में जीत – 10 मैच में हार रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर: 21 मैच में जीत – 11 मैच में हार पंजाब किंग्स: 16 मैच में जीत – 14 मैच में हार गुजरात टाइटंस: 3 मैच में जीत – 4 मैच में हार लखनऊ सुपरजायंट्स: 1 मैच में जीत – 3 मैच में हार सनराइजर्स हैदराबाद: 15 मैच में जीत – 6 मैच में हार राजस्थान रॉयल्स: 16 मैच में जीत – 13 मैच में हार   recent visitors 46

प्राइम लोकेशन की संपत्तियों पर बनी दुकानों को ग्वालियर नगर निगम 30 साल के लिए लीज पर देगा

 ग्वालियर  ग्वालियर शहर में प्राइम लोकेशन वाली शहर की पांच प्रमुख संपत्तियों में बनी 25 दुकानों को नगर निगम निजी हाथों में देने जा रहा है। इन संपत्तियों पर बनी दुकानों को निगम 30 साल के लिए लीज पर देगा। निगम अफसरों ने बताया कि इन संपत्तियों को लीज पर देकर करीब पांच करोड़ रुपए से अधिक के रेवेन्यू निगम के खाते में आने की उम्मीद है।  उपायुक्त राजस्व सुनील चौहान ने बताया कि नगर निगम स्वामित्व की इन दुकानों को लीज पर देने के लिए निगम की ओर से टेंडर डालने की अंतिम तिथि 24 मार्च 2025 निर्धारित की गई है। इसके लिए दुकान लेने इच्छुक व्यक्ति निगम की वेबसाइट अथवा नगर निगम मुयालय सिटी सेंटर स्थित राजस्व कक्ष क्रमांक 6 में प्राप्त कर सकते हैं। इन दुकानों को दिया जाएगा लीज पर -गजराराजा स्कूल के पास स्थित दुकानें प्रथम तल पर एक दुकान 13.78 वर्ग मीटर, द्वितीय तल पर 8 दुकानें 13.78 वर्ग मीटर से 17.94 वर्ग मीटर तक की है। -सागर ताल मछली मंडी मार्केट स्थित दुकानें भूतल पर 6 दुकान 9.29 वर्ग मीटर। -आवा महाराज की गली दाल बाजार स्थित मार्केट की दुकानें भूतल पर 8 दुकान 8.57 वर्ग मीटर से 10.8 वर्ग मीटर तक। -खुर्जेवाला मोहल्ला मार्ग स्थित दुकान भूतल पर एक दुकान 7.8 वर्ग मीटर। -नौगजा रोड विकलांग मार्केट स्थित दुकान भूतल पर एक दुकान 13.94 वर्ग मीटर है। recent visitors 43

डीटीसी की उन सीएनजी एसी लो फ्लोर बसों में ये रेस्टोरेंट खोले जाएंगे, अब पुरानी बसों में खाने का लुत्फ

नई दिल्ली आपने कई जगहों पर ट्रेन और प्लेन थीम वाले रेस्टोरेंट देखे होंगे। अब दिल्ली में नई सरकार बनते ही दिल्ली की पुरानी बसों का इस्तेमाल करके रेस्टोरेंट बनाए जाने जा रहे हैं। इस अभियान को चलाने के पीछे दिल्ली सरकार का मुख्य उद्देश्य यमुना के किनारों को साफ रखना है। इसके साथ ही दिल्ली में यमुना किनारे जगह-जगह 'बस रेस्टोरेंट' खोले जाएंगे। इस महत्वपूर्ण योजना को मूर्त रूप देने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने काम भी शुरू कर दिया है। 'एक पंथ दो काज' डीडीए के उद्यान विभाग की यह योजना 'एक पंथ दो काज' से जुड़ी है। विभाग की ओर से जारी रिक्वेस्ट ऑफ इंफॉर्मेशन (आरएफआई) के मुताबिक, डीटीसी की उन सीएनजी एसी लो फ्लोर बसों में ये रेस्टोरेंट खोले जाएंगे, जो अपनी लाइफ पूरी कर चुकी हैं। मतलब एक तरफ ये रेस्टोरेंट अपने आप में आकर्षण का केंद्र होंगे तो दूसरी तरफ डीटीसी की पुरानी बसों का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहला रेस्टोरेंट कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास स्थित यमुना वाटिका में खोलने की तैयारी है। डीडीए इसके लिए एजेंसी फाइनल करने में जुटा है। बस के पावर सिस्टम में बदलाव किए जाएंगे शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि बस के इंटीरियर को फिर से डिजाइन किया जाएगा, ताकि किचन के उपकरण, स्टोरेज और बैठने की जगह के लिए जगह बनाई जा सके। बस में कुछ संरचनात्मक बदलाव भी किए जाएंगे, जैसे फ्लोरिंग, दीवारें और छत, खिड़कियां और गेट बदले जाएंगे। बस के बाहरी लुक में भी बदलाव किए जाएंगे। बस के किचन में प्रोफेशनल किचन स्टोव, रेफ्रिजरेटर, स्टोरेज, सिंक, काउंटर टॉप शामिल होंगे। सभी बेहतर क्वालिटी के होंगे। बस के पावर सिस्टम में भी बदलाव किया जाएगा। टेंडर से पहले आरएफआई के जरिए हर पहलू पर चर्चा होगी डीडीए के मुताबिक टेंडर देने से पहले आरएफआई के जरिए यह भी जानने की कोशिश है कि डीटीसी की सीएनजी एसी लो फ्लोर बसों को किचन में बदलने की कितनी संभावनाएं हैं। इस काम में क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी, कितना खर्च आएगा, किस तरह के सामान की जरूरत होगी, कितने समय में एक बस को किचन में बदला जा सकता है और सीएनजी बसों में किचन शुरू करना किस हद तक सुरक्षित रहेगा? रेस्टोरेंट में टाटा मार्कोपोलो मॉडल का होगा इस्तेमाल डीडीए अधिकारियों के मुताबिक जिस बस को रेस्टोरेंट में बदलने की योजना बनाई जा रही है, वह टाटा मार्कोपोलो मॉडल की एसी सीएनजी लो फ्लोर बस है। यह 2010 का मॉडल है। बस में 36 पैसेंजर सीट, इंजन और सभी इंटीरियर हैं। इलेक्ट्रिक फिटिंग भी है। बस की लाइफ खत्म हो चुकी है। recent visitors 46

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा- दिल्ली की जनता ने जो जिम्मेदारी हम सबको दी है, यह हम सबके लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में सकारात्मक संवाद और विकास की प्रतिबद्धता देखने को मिली। पक्ष और विपक्ष, दोनों ने मिलकर दिल्ली की जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को स्वीकार किया और शहर के विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की जनता ने जो जिम्मेदारी हम सबको दी है, दिल्ली की जनता का दिल जीतकर हम सब लोग इस सदन के अंदर पहुंचे हैं, यह हम सबके लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का एहसास है कि हमारा एक ही लक्ष्य है दिल्ली की प्रगति, दिल्ली का विकास, दिल्ली की समृद्धि। सीएम ने कहा कि हमारा पांच साल का पूरा सत्र इसी प्रकार से मुद्दों पर चर्चा करते हुए चले, ताकि दिल्ली के हित में काम हो सके। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि इसमें हम सबका एक ही लक्ष्य है- दिल्ली के लिए काम करना।" दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि इस सदन में बैठना बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी को विजेंद्र गुप्ता ने याद दिलाया है। लाला लाजपत राय, मदन मोहन मालवीय, विठ्ठलभाई पटेल और पूर्व पीएम नेहरू सदन में बैठ चुके हैं। जब हमारे देश में महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिला था, तो कई व‍िकस‍ित देशों में महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था। यह ताकत संविधान के कारण मिली, बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर ने वो ताकत दी। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी इस अवसर पर सदन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह भवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम का साक्षी रहा है और आज यह लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने का मंच है। उन्होंने कहा, "दिल्ली को मिनी भारत कहा जाता है। हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम जनता की अपेक्षाओं को पूरा करें और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करें, ताकि देश में एक सकारात्मक संदेश जाए।" उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा की कार्रवाई केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करती है। recent visitors 47

विपक्ष की हटाने की मांग, नागपुर हिंसा को लेकर निशाने पर आए फडणवीस के फायरब्रांड मंत्री

मुंबई नागपुर में भीषण हिंसा भड़क गई। शहर के इतिहास में 98 सालों के बाद ऐसा दंगा भड़का, जिसमें तीन डीसीपी लेवल के पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इसके अलावा कई नागरिक भी जख्मी हुए, जिनमें से एक आईसीयू में है। इस पूरे बवाल के बाद पुलिस ने 5 एफआईआर दर्ज की हैं और 50 लोगों को हिरासत में लिया है। इस बीच मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा में भी जमकर हंगामा हुआ। इसके अलावा सदन के बाहर भी विपक्षी दलों के विधायकों ने प्रदर्शन किया। इन लोगों की मांग है कि राज्य सरकार में मंत्री नितेश राणे को पद से हटाया जाए। नितेश राणे फायरब्रांड नेता हैं, जो लगातार बयान देते रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि उनके चलते ही शहर में सोमवार को हिंसा भड़की। शहर में उपद्रव के दौरान कल कम से कम 45 वाहनों में तोड़फोड़ की गई। सत्तापक्ष के विभिन्न नेताओं ने नागपुर की घटना की निंदा की है और कहा है कि हिंसा में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इस बीच जिले के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया और कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट की निगरानी की जा रही है। फडणवीस सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने कहा, 'नागपुर में हुई हिंसा के पीछे महा विकास अघाड़ी का हाथ है… विपक्ष के लोग यह दिखाने में लगे हैं कि वे ही मुसलमानों के साथ खड़े हैं, लेकिन उन्हें यह एहसास नहीं है कि मुसलमान ऐसा नहीं चाहते…।' शिवसेना विधायक मनीषा कायंदे ने नागपुर हिंसा की निंदा की और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, 'हम नागपुर हिंसा की निंदा करते हैं। अफवाह फैलाने वालों को सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए और उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र में ऐसी चीज बर्दाश्त नहीं की जाएगी।' नागपुर के राजघराने के सदस्य राजे मुधोजी भोसले ने कहा, 'यह बहुत दुखद घटना है। नागपुर के इतिहास में ऐसी घटना कभी नहीं हुई। जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाना चाहिए और प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटना फिर कभी न हो।' उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि इसमें स्थानीय लोग शामिल थे। बाहरी लोगों के साथ कुछ असामाजिक तत्व भी इसमें शामिल रहे होंगे। recent visitors 39

फिरोजाबाद के दिहुली हत्याकांड के 44 साल बाद कोर्ट ने तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई

दिहुली फिरोजाबाद के दिहुली हत्याकांड के 44 साल बाद फैसला आया। साल 1982 में डकैतों के गिरोह ने दलितों के गांव पर हमला बोल दिया था और अंधाधुंध गोलियां बरसाकर 24 लोगों की हत्या कर दी थी। जिसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। दलित हत्याकांड मामले में अब कोर्ट ने 3 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले 11 मार्च को मैनपुरी कोर्ट में स्पेशल जज ने तीनों हत्यारोपियों को दोषी ठहराया था। अपर सत्र न्यायाधीश इंदिरा सिंह ने दोपहर साढ़े तीन बजे फांसी की सजा सुनाई। तीनों ही आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस हत्याकांड में 18 नवंबर 1981 को जसराना के ग्राम दिहुली में 24 लोगों की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। फैसला आने के बाद तीनों ही आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। त कोर्ट ने नरसंहार को बेहद जघन्य माना न्यायाधीश ने अपने आदेश में लिखा है कि हत्यारों को गर्दन में फांसी लगाकर तब तक लटकाया जब तक कि इनकी मृत्यु न हो जाए। तीनों दोषियों की उम्र 75 से 80 साल है। इस हत्याकांड में कुल 20 हत्यारोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। जिसमें से 13 आरोपियों की मौत हो चुकी है और फरार चल रहे चार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट ने स्थाई वारंट जारी कर रखे हैं। मामले की पैरवी एडीजीसी रोहित शुक्ला द्वारा की गई। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को आना पड़ा था दिहुली दिहुली में जब 44 साल पहले नरसंहार हुआ तब प्रदेश की सरकार हिल गई थी उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, ‌गृहमंत्री बीपी सिंह, मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी और विपक्षी नेता अटल बिहारी वाजपेई भी पीडितों का दर्द बांटने‌ देहुली पहुंचे थे। फिरोजाबाद जनपद क्षेत्र के थाना जसराना क्षेत्र का गांव दिहुली मे जव 18 नवंबर 1981 को संतोष सिंह उर्फ संतोषा और राधेश्याम उर्फ राधे के गिरोह के द्वारा दलित समाज के लोगों के ऊपर हमला कर सामूहिक नरसंहार के जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। उसे समय वह क्षेत्र मैनपुरी का हिस्सा हुआ करता था। चश्मदीदों ने बताया हत्याकांड मामले में मुख्य चश्मदीद गवाह बनवारी लाल ने बताया किउनके पिता ज्वाला प्रसाद की सबसे पहले खेत मे‌‌ आलू की खुदाई करते समय गोलियों से भून कर हत्या की गई थी। उसके साथ उनके बड़े भाई मनीष कुमार और भूरे सिंह और चचेरे भाई मुकेश की हत्या हुई थी। वह काफी दबाव के बाद भी अंतिम समय तक अपनी गवाही पर कायम रहे। ‌उन्हें इस बात का संतोष है कि देर से सही लेकिन उन्हें इंसाफ मिला है। आरोपियों को फांसी मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अधिकांश पीड़ित परिवार गांव से पलायन कर गए हैं केवल तीन परिवार ही गांव में रह रहे हैं। 90 वर्ष की जय देवी का कहना है कि अपने परिवार के लोगों के खोने का दर्द अभी भी नहीं भूल पाए हैं, न्याय मिलने में बहुत देरी हुई है। उन्होंने हमलावरो से छिपकर अपनी जान बचाई थी। दिहुली निवासी लायक सिंह ने सामूहिक नरसंहार की रिपोर्ट राधेश्याम उर्फ राधे संतोष सिंह उर्फ संतोषा समेत 17 लोगों के खिलाफ‌ दर्ज कराई गई थी। ‌दलित समाज के महिला पुरुष तथा बच्चो‌ं का शाम के समय पुलिस की वर्दी में पहुंचे डकैत के गिरोह के लोग जो हथियारों से लैस थे उनके द्वारा सामूहिक सत्याकांड को अंजाम दिया गया था। सामूहिक दलित समाज के हत्याकांड के पीछे बदमाशों के गिरोह की मुखबिरी और गवाही का मामला मुख्य रूप से सामने आया था। जिसको लेकर नाराज बदमाशों ने बदले की भावना से गांव में पहुंचकर हमला किया था। मामले की सुनवाई मैनपुरी जिला न्यायालय में चल रही थी जो बाद में हाई कोर्ट के निर्देश पर इलाहाबाद के सेशन कोर्ट में अक्टूबर 2024 तक ट्रायल चला था। जिला जज के आदेश पर अक्टूबर 2024 में संबंधित मामले को मैनपुरी की विशेष डकैती कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था। recent visitors 49

सीएम योगी की फ्लीट के सामने आया सांड़, दो कर्मचारी निलंबित, 14 की सेवा समाप्त

वाराणसी वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान फ्लीट के सामने सांड़ आने की घटना को गंभीरता से लिया है। पशु चिकित्सा एवं कल्याण विभाग के दो बेलदारों को निलंबित कर दिया गया है। आउटसोर्स पर तैनात 14 कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई। प्रशासन के सख्त रुख से खलबली मच गई है। सीएम योगी होली के ठीक पहले 12 मार्च को वाराणसी आए थे। इस दौरान विकास कार्यों का निरीक्षण करने के साथ ही समीक्षा बैठक की थी। काल भैरव और काशी विश्वनाथ मंदिर जाते समय कबीरचौरा में उनकी फ्लीट के सामने सांड़ आ गया था। तमाम सतर्कता और तैयारियों के बाद भी मुख्यमंत्री की फ्लीट के सामने सांड आने को बेहद गंभीर माना गया है। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने बेलदार अमृतलाल और संजय प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभाग के प्रभारी अधिकारी डॉ. संतोष पाल को जांच अधिकारी नामित किया गया है। ये दोनों पशु चिकित्सा विभाग से सम्बद्ध किये गये हैं। इसी तरह आउटसोर्स के कर्मचारियों रजत, राकेश, रामबाबू, आशीष, अंकित, लालधारी, श्याम सुंदर, दीपक शर्मा, निशांत मौर्या, शुभम, राजेश कुमार, गंगाराम, अरविंद यादव, राघवेंद्र चौरसिया की सेवा समाप्त कर दी गई है। नगर आयुक्त ने आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती करने वाली कंपनी वॉरियर्स सिक्योरिटी ऐंड सर्विसेज के प्रबंधन को भी अंतिम चेतावनी दी है। इसमें कहा गया है कि अगली बार यदि उनके कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठे तो कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। साथ ही सभी 14 कर्मचारियों को नगर निगम के किसी अन्य विभाग में भी भविष्य में भर्ती के लिए न भेजने का निर्देश दिया गया है। छुट्टा पशुओं को लेकर लगातार राज्य के विपक्षी दल खासकर समाजवादी पार्टी योगी सरकार पर निशाना साधती रही है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव छुट्टा पशुओं से आम लोगों और किसानों को हो रहे नुकसान का मामला उठाते रहे हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने छुट्टा पशुओं के लिए गौशालाओं का निर्माण कराया है। अधिकारियों को भी छुट्टा पशुओं को लेकर खास हिदायते दी गई हैं। इसके बाद भी सीएम योगी की मौजूदगी में सांड़ का सड़क पर दिखना अधिकारियों पर सवाल खड़े कर गया। recent visitors 45