पीएम श्री योजना के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश में 56 प्राथमिक, 5 सैकेंडरी स्कूल और 119 सीनियर सैकेंडरी स्कूलों का चयन किया

धर्मशाला पीएम श्री योजना के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश में 180 स्कूलों का चयन किया गया है। केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने संसद में लोकसभा सदस्य डॉक्टर राजीव भारद्वाज को बताया कि पीएम श्री योजना के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश में 56 प्राथमिक, 5 सैकेंडरी स्कूल और 119 सीनियर सैकेंडरी स्कूलों का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि योजना के अन्तर्गत केन्द्र सरकार, राज्य सरकारों और केन्द्र शासित राज्यों द्वारा संचालित 14,500 स्कूलों की ढांचागत सुविधाओं को सुदृढ़ करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों को नैशनल एजुकेशन पाॅलिसी-2020 के अन्तर्गत मॉडल स्कूल स्थापित करने का प्रावधान किया गया है जोकि बच्चों को खुशनुमा माहौल में उच्च क्वालिटी शिक्षा प्रदान करेंगे। जयंत चौधरी ने बताया कि पीएम श्री योजना के अन्तर्गत कुल 27,360 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे जिसमें से केन्द्र सरकार 18,128 करोड़ और राज्य सरकारें 9,232 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी की अदायगी करेंगी। योजना के अन्तर्गत स्मार्ट क्लास रूम, डिजिटल लाइब्रेरी और आईसीटी सुविधाओं का प्रावधान किया गया है तथा बच्चों को पाठ्यक्रम चयन करती बार बेहतर विकल्प प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि योजना के अन्तर्गत शिक्षा को मातृभाषा में प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि छात्रों और शिक्षकों में बीच भाषा के अवरोधों को खत्म किया जा सके।   recent visitors 54

मंडप में दूल्हे की उम्र पर उठे सवाल, बारात के साथ आए दूल्हे की उम्र लगभग 40 साल थी, सच्चाई जान दुल्हन ने किया शादी से इनकार

रायबरेली उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक अजीब घटना सामने आई है, जिसमें दूल्हा बदलने का मामला उजागर हुआ। यह घटना तब सामने आई जब झज्जर जिले के झुजनू गांव से बारात आई और शादी की तैयारियां चल रही थीं। इस दौरान किसी ने दूल्हा बदलने की आशंका जताई और जब बारातियों से पूछताछ की गई, तो यह शक सही साबित हुआ। 25 साल के लड़के से तय हुई शादी, बारात लेकर पहुंचा 40 साल का दूल्हा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मिल एरिया थाना क्षेत्र के राघनपुर गांव के निवासी सुनील कुमार ने अपनी बहन की शादी पानीपत में तय की थी। बीते सोमवार को बारात पानीपत से रायबरेली पहुंची, लेकिन वहां जो दूल्हा दिखाई दिया, वह वही नहीं था, जिसे पहले लड़की पक्ष ने देखा था। शादी के बिचौलियों के जरिए यह फैसला हुआ था, लेकिन जब दूल्हे का नाम पूछा गया, तो यह पता चला कि वह व्यक्ति जो पहले दिखाया गया था, वह 20-25 साल का था, जो पानीपत का निवासी था। जबकि बारात के साथ आए दूल्हे की उम्र लगभग 40 साल थी और वह झज्जर का रहने वाला था। सच्चाई जान दुल्हन ने किया शादी से इनकार बताया जा रहा है कि इस पर लड़की पक्ष ने जब शक जताया, तो पूरी सच्चाई सामने आ गई। दुल्हन और उसके परिवार के लोग बहुत हैरान हो गए। बिचौलियों ने दावा किया कि असली दूल्हे का पैर टूट गया था, इसलिए उसकी जगह दूसरे व्यक्ति को दूल्हा बना कर भेजा गया था। लेकिन यह बात सुनकर लड़की ने शादी से साफ इनकार कर दिया। सूचना मिलने के बाद घटनास्थल पर दौड़ी-दौड़ी आई पुलिस इसके बाद लड़की पक्ष ने तुरंत पुलिस को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने दूल्हा और बिचौलियों को अपनी निगरानी में ले लिया और मामले का हल निकालने के लिए सुलह-समझौते की कोशिश शुरू कर दी है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आ सकती है। recent visitors 43

पहली बार खादान के अंदर 5जी तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है ताकि दुर्घटनाओं को नियंत्रित किया जा सके: किशन रेड्डी

नई दिल्ली कोयला खदानों में दुर्घटनाएं कम करने के लिए मंत्री किशन रेड्डी ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि कोयला खादानों मे दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लगातार काम किये जा रहे है जिसके अच्छे परिणाम आ रहे हैं। मंत्री रेड्डी ने प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि खादानों में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए अलग-अलग समिति बनाने के साथ-साथ नई तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहली बार खादान के अंदर 5जी तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है ताकि दुर्घटनाओं को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से कोयला खादानों में लगातार दुर्घटना कम हो रहे हैं और आने वाले दिनों में और कम हो उसके प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होने कहा कि खादानों में काम करने वालों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि कोयला खादानों में अवैध खनन रोकने का काम राज्य सरकार का होता है। झारखंड में 50 वर्षों से अवैध खनन होता रहा है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत शोरेन से मिलकर अवैध खनन रोकने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इसे रोकने के लिए राज्यों को आगे आना चाहिए। मंत्री रेड्डी ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि झारखंड के झरिया में अंग्रेजों के जमाने से ही खादान के अंदर आग लगी हुई है। इसे रोकने के लिए राज्य सरकार का सहयोग जरुरी है। सरकार आग प्रभावित इलाकों से लोगों को विस्थापित कर अलग जगह पर बसाने और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।   recent visitors 46

कप्तान पर CSP को ब्लैकमेल करने का आरोप, तहसीलदार पति ने डीजीपी से लगाई गुहार

दमोह कटनी एसपी अभिजीत कुमार रंजन पर दमोह के पटेरा में पदस्थ तहसीलदार शैलेंद्र बिहारी शर्मा ने अपनी सीएसपी पत्नी को ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है. तहसीलदार ने इस बारे में मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को चिट्ठी लिखकर अपनी पत्नी का ट्रांसफर करने की मांग की है. इसके बाद तहसीलदार छुट्टी पर चले गए. तहसीलदार के इस पत्र से हड़कंप मचा हुआ है. मुख्य सचिव व डीजीपी को पत्र लेकर तहसीलदार छुट्टी पर दमोह जिले के पटेरा तहसील में तैनात शैलेंद्र बिहारी शर्मा फिलहाल छुट्टी पर चल रहे हैं. उनके द्वारा मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को लिखे पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दमोह जिला मुख्यालय में माहौल गर्म है. तहसीलदार की पत्नी फिलहाल कटनी में सीएसपी हैं. तहसीलदार के वायरल पत्र में कटनी एसपी पर परिवार को विखंडित करने के आरोप हैं. तहसीलदार ने अपनी पत्नी तबादला करने की मांग की है. तहसीलदार ने कटनी एसपी पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है. तहसीलदार के वकील ने हाई कोर्ट में लगाया आवेदन इस मामले में तहसीलदार की ओर से हाइकोर्ट के वकील देवेन्द्र शर्मा ने डीजीपी को पत्र लिखकर आवेदन वापस लेने के लिए धमकाने और झूठे केस में फंसाने के आरोप लगाए हैं. वहीं, इस मामले में दमोह एसपी और कलेक्टर ने भी स्पष्टीकरण दिया है. दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर का कहना है "तहसीलदार कहीं गायब नहीं हुए हैं. उन्होंने पारिवारिक काम का हवाला देकर एक महीने की नियम के अनुसार छुट्टी ली है, उनका आवेदन स्वीकृत कर अवकाश दिया है." दमोह कलेक्टर व एसपी ने दिया स्पष्टीकरण दमोह कलेक्टर का कहना है "यह बात गलत है कि वह बिना छुट्टी लिए गायब हो गए हैं. उनके पारिवारिक मामले को लेकर मैं कुछ नहीं बोल सकता." वहीं एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी का कहना है "तहसीलदार के वकील का आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसका जवाब दिया गया है. इस मामले में कार्रवाई कटनी में या शासन स्तर पर होगी. उनके पारिवारिक मामले को लेकर मैं कुछ कहने की स्थिति में नहीं हूं." क्या है पूरा मामला? कटनी जिले में पदस्थ सीएसपी ख्याति मिश्रा पुलिस विभाग में एक जिम्मेदार पद संभाल रही हैं, जबकि उनके पति डॉ. शैलेंद्र बिहारी शर्मा दमोह जिले के पटेरा में तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं। तहसीलदार शर्मा का आरोप है कि कटनी एसपी अभिजीत कुमार रंजन उनकी पत्नी को ब्लैकमेल कर रहे हैं और उनके परिवार को तोड़ने की साजिश रच रहे हैं। इसी कारण उन्होंने अपनी पत्नी के स्थानांतरण की मांग सतना, रीवा या सीधी जिले में करने की अपील की है। डीजीपी और प्रमुख सचिव से शिकायत तहसीलदार ने डीजीपी और प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसपी लगातार उनकी पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और उन्हें धमकियां दे रहे हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि एसपी की हरकतों के चलते उनकी पत्नी की नौकरी पर भी संकट मंडरा रहा है। परिवार पर खतरा, हाईकोर्ट के वकील ने भी जताई चिंता तहसीलदार के चाचा और जबलपुर हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील देवेंद्र शर्मा ने भी डीजीपी को पत्र भेजकर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कटनी एसपी न केवल उन्हें धमकी दे रहे हैं, बल्कि उनकी हर गतिविधि पर नजर भी रख रहे हैं। वकील देवेंद्र शर्मा ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। दमोह के कलेक्टर और एसपी का बयान तहसीलदार द्वारा की गई शिकायत की प्रतियां दमोह के कलेक्टर और एसपी को भी भेजी गई हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दमोह एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने कहा कि यह मामला उनके क्षेत्र से संबंधित नहीं है, इसलिए इसे उचित अधिकारियों को भेजा जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तहसीलदार ने अब तक सुरक्षा की कोई मांग नहीं की है। यदि वे सुरक्षा की मांग करते हैं, तो नियमानुसार उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाएगी। दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर ने भी इस शिकायत की पुष्टि की और कहा कि यह एक व्यक्तिगत और पारिवारिक मामला है, जिस पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार और डीजीपी द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि तहसीलदार शैलेंद्र बिहारी शर्मा लंबे समय से छुट्टी पर हैं और उनकी छुट्टी स्वीकृत की गई है। कटनी एसपी की प्रतिक्रिया का इंतजार इस पूरे मामले में कटनी एसपी अभिजीत कुमार रंजन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि राज्य सरकार और पुलिस विभाग जल्द ही इस मामले पर कार्रवाई कर सकते हैं। recent visitors 62

पीएमआईएस के अंतर्गत 21 से 24 वर्ष की आयु के एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप का अवसर

 इंदौर  केंद्रीय बजट 2024-25 में शुरू की गई प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के अंतर्गत 21 से 24 वर्ष की आयु के एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप प्रदान की जानी है। यह योजना 12 महीने की अवधि के लिए विभिन्न उद्योगों में वास्तविक जीवन के कारोबारी माहौल से रूबरू कराएगी। इस योजना को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और भारतीय कॉर्पोरेट कानून सेवा (आईसीएलएस) कैडर के अधिकारियों ने कार्यान्वित किया है। अधिकारियों के मुताबिक योजना का उद्देश्य भारत को ‘विश्व की कौशल राजधानी’ बनाना है। आवेदनों की प्रक्रिया शुरू हुई योजना के पायलट चरण को लेकर आवेदनों की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दूसरे चरण में भारत के 730 से अधिक जिलों में शीर्ष कंपनियों में एक लाख से भी अधिक इंटर्नशिप के अवसर युवाओं को प्रदान किए जाएंगे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 तक बढ़ा दी गई है। तीन इंटर्नशिप के लिए आवेदन आवेदक अधिकतम तीन इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकता है। कोई भी उम्मीदवार भारत में कहीं भी किसी भी इंटर्नशिप के लिए आवेदन करने के लिए स्वतंत्र है। क्षेत्रीय कार्यालय अहमदाबाद में आने वाले चार राज्यों में शीर्ष कंपनियों ने 25 हजार 338 इंटर्नशिप अवसर प्रदान किए हैं। 5220 इंटर्नशिप के अवसर अकेले मध्य प्रदेश में ही कुल पांच हजार 220 इंटर्नशिप अवसर हैं, जो देश की शीर्ष कंपनियों द्वारा अलग-अलग जिलों में पेश किए जा रहे हैं। पावर ग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, जुबिलेंट फुडवर्क्स लिमिटेड और एनएचडीसी लिमिटेड जैसी अग्रणी कंपनियां इस दौर में मध्य प्रदेश में इंटर्नशिप के प्रस्ताव रख रही हैं। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रीय निदेशक की उपनिदेशक अंकिता लाहोटी ने प्रदेश के योग्य युवाओं से https://pminternship.mca.gov.in/ वेबसाइट के माध्यम से आवेदन करने पर जोर दिया है। recent visitors 33

लिए 7 फेरे , सुहागरात मनाई, 8 दिन तक संस्कारी बहू बनकर भी रही… फिर लाखों रुपए का माल समेट कर फरार

ग्वालियर ग्वालियर शहर में एक बार फिर लुटेरी दुल्हन का मामला सामने आया है, जो अपने दूल्हे के घर में हाथ साफ करके फरार हो गई। वह लाखों रुपए का माल तो समेट कर तो ले ही गई साथ ही में उस परिवार को बदनामी का दाग भी दे गई। युवक ने पहले भोपाल जाकर इस महिला के साथ रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के जरिए शादी की थी और फिर इसके बाद परिवार के सभी लोगों के सामने उसके साथ सात फेरे भी लिए थे। इसके बाद महिला 8 दिन उसके साथ पत्नी बनकर भी रही। इसी बीच एक दिन जब दूल्हा नौकरी पर गया, तो सही मौका पाकर लुटेरी दुल्हन दहेज में मिला सोना और और नगदी लेकर फरार हो गई। वहीं जब युवक ने पत्नी के आधार कार्ड की जांच कराई तो वह भी फर्जी निकला। लुटेरी दुल्हन का यह पूरा मामला ग्वालियर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रॉय कॉलोनी का है। यहां रहने वाले युवक शिवम कुमार के परिजन उसकी शादी के लिए कई दिनों से लड़की तलाश कर रहे थे। इसी बीच शमशाबाद आगरा निवासी उसकी बहन के ससुर ने भोपाल में एक लड़की को तलाश कर रिश्ते की बात चलाई। बातचीत के बाद मामला जम गया और बात शादी तक आ पहुंची, लड़का भी लड़की को देखकर राजी हो गया और इसके बाद भोपाल में दोनों के परिवारों के बीच शादी का मुहूर्त निकाला गया और धूमधाम से शादी की गई, इसके बाद दूल्हा और दुल्हन ग्वालियर आ गए। कुछ दिन तक तो सब कुछ ठीक-ठाक चला और दोनों आठ दिन तक एक-दूसरे के साथ भी रहे, परंतु आठवें दिन दुल्हन दहेज में मिला पूरा सामान लेकर ससुराल से फरार हो गई। ग्वालियर की लुटेरी दुल्हन। दुल्हन के घर से गायब होते ही दूल्हे ने सबसे पहले उसे फोन लगाया, लेकिन उसका मोबाइल बंद आया। इसके बाद उसने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन उसमें भी उसको सफलता हासिल नहीं हुई। दरअसल जब वह फैक्ट्री से लौटा तो देखा कि घर में उसकी पत्नी नहीं है। ऐसी में उसने सबसे पहले अपनी पत्नी पूजा को कॉल किया तो उसका मोबाइल बंद आया इसके बाद उसने अपनी बहन को कॉल कर जानकारी दी और इंतजार करता रहा। जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो युवक को दुल्हन के गायब होने पर शक हुआ। इसके बाद युवक सबसे पहले महिला के आधार कार्ड की सच्चाई जानने पहुंचा, जहां पता चला कि आधार कार्ड तो फर्जी है। इस बात का पता चलते ही युवक फौरन घर पहुंचा और घर में रखी ज्वेलरी और कैश चेक किया। इसके बाद तो युवक के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई, क्योंकि वह महिला लॉकर में रखे जेवर और कैश लेकर फरार हो चुकी थी। फिलहाल दुल्हन के फरार होने की शिकायत युवक के द्वारा ग्वालियर थाने में दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस का कहना है कि यदि युवक थाने में शिकायत करने आता है तो जरूर कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 32

रामकी इनवायरो के इंसीनेटर में 900 डिग्री से अधिक तापमान पर यूका कचरे को जलाया गया

धार धार जिले में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निस्तारण के लिए तीसरा ट्रायल रन सफलता के साथ पूरा किया गया। रामकी इनवायरो में स्थित इंसीनेटर में 900 डिग्री से अधिक तापमान पर कचरे को जलाया गया। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, मध्यप्रदेश के रीजनल ऑफिसर श्रीनिवास द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह ट्रायल हाई कोर्ट के आदेशानुसार किया गया था। तीसरे ट्रायल रन की शुरुआत 10 मार्च को शाम 7:41 बजे हुई थी, जिसमें 12 मार्च सुबह 8:43 बजे तक कचरा जलाया गया। इस ट्रायल रन में लगभग 37 घंटे का समय लगा और कुल 10 टन कचरा जलाया गया। इस ट्रायल रन में 10 टन कचरा 270 किलो प्रति घंटे की दर से जलाया गया। ये अब तक का सबसे तेज और सफल ट्रायल साबित हुआ। इससे पहले दो ट्रायल रन और हो चुके हैं। पहले ट्रायल रन में 135 किलो प्रति घंटे की दर से कचरा जलाया गया। वहीं दूसरे ट्रायल रन में  10 टन कचरा 180 किलो प्रति घंटे की दर से जलाया गया। यह यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निस्तारण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण मानकों के अनुरूप परिणाम इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए कंपनी और आसपास के गांवों में विशेष संयंत्र लगाए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, पर्यावरण मानकों के अनुरूप कचरे का निस्तारण किया गया और यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षित पाई गई। हाई कोर्ट के आदेश के तहत हुआ ट्रायल यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निस्तारण मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत किया जा रहा है। हाई कोर्ट के आदेशानुसार तीन ट्रायल रन किए गए, जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कचरे को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से नष्ट किया जा सके। recent visitors 45