8वें वेतन आयोग में बड़ा धमाका, Basic Salary में जबरदस्त उछाल, जाने 8वें वेतन आयोग की भूमिका और महत्व

नई दिल्ली 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की तरफ से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। इस बार सैलरी स्ट्रक्चर में लेवल-1 से लेकर लेवल-6 तक के वेतन स्तरों को मर्ज करने का प्रस्ताव सामने आया है। इसका मतलब है कि आपके वेतन और प्रमोशन के मौके दोनों में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। अगर ये बदलाव लागू होते हैं, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी के साथ-साथ करियर ग्रोथ भी तेजी से होगी। यह नई व्यवस्था संभवतः 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती है, जिससे लाखों सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। 8वें वेतन आयोग की भूमिका और महत्व केंद्र सरकार हर दस साल में वेतन आयोग बनाती है, जो सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतनमान, भत्ते और पेंशन में संशोधन की सिफारिशें करती है। 8वें वेतन आयोग को जनवरी 2025 में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिली है और इसके सुझाव 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। इससे देश भर के करीब 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। लेवल मर्जर: क्या है ये क्रांतिकारी प्रस्ताव?   सरकार के समक्ष एक अहम सुझाव आया है जिसमें वेतन संरचना के शुरुआती छह स्तरों (लेवल 1 से लेवल 6) को घटाकर केवल तीन स्तर (A, B, C) बनाए जाने की बात कही गई है। इसका मकसद है कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी के साथ ही उनके करियर ग्रोथ को तेज करना। प्रस्ताव के अनुसार: नया लेवल A: लेवल 1 और लेवल 2 को मिलाकर बनाया जाएगा। नया लेवल B: लेवल 3 और लेवल 4 को मर्ज किया जाएगा। नया लेवल C: लेवल 5 और लेवल 6 को एक साथ लाया जाएगा। इससे कर्मचारियों को क्या लाभ होगा? बेसिक सैलरी में उछाल: मर्जर के बाद नए स्तर का बेसिक वेतन आमतौर पर मर्ज किए गए दो स्तरों में से उच्चतम स्तर के बराबर या उससे अधिक होगा। उदाहरण के तौर पर, लेवल 1 की बेसिक सैलरी करीब ₹18,000 से बढ़कर लगभग ₹34,000 तक पहुंच सकती है। प्रमोशन की प्रक्रिया में तेजी: चूंकि लेवल्स की संख्या कम होगी, कर्मचारी तेजी से अगले स्तर तक पहुंच सकेंगे, जिससे उनका करियर ग्रोथ और वेतन वृद्धि भी तेज होगी। वेतन असमानताओं में कमी: अलग-अलग लेकिन समीपवर्ती स्तरों के वेतन में विसंगतियों को खत्म करके सैलरी संरचना को और ज्यादा तार्किक बनाया जाएगा। प्रशासनिक सादगी: कम स्तर होने से पे-रोल मैनेजमेंट और प्रशासनिक प्रक्रियाएं आसान होंगी। किन कर्मचारियों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा? सबसे अधिक लाभ उन कर्मचारियों को होगा जो वर्तमान में लेवल-1, लेवल-3 और लेवल-5 पर हैं क्योंकि उनका वेतन सीधे उच्च स्तर के साथ मर्ज होगा और वेतनमान में तुरंत सुधार आएगा। वहीं, लेवल-2, 4 और 6 के कर्मचारियों को भी बेहतर प्रमोशन अवसर मिलेंगे। चुनौतियां और आगे का रास्ता हालांकि यह प्रस्ताव कर्मचारियों के लिए बेहद सकारात्मक है, इसे लागू करने में वित्तीय बोझ, वरिष्ठता निर्धारण और जिम्मेदारियों के आवंटन जैसी चुनौतियां भी हैं। सरकार और वेतन आयोग इन पहलुओं पर गंभीर चर्चा कर रहे हैं, और अंतिम सिफारिशें जल्द ही सामने आएंगी। recent visitors 86

UPI सिस्टम में नए API नियम लागू करने जा रहा, जिनका सीधा असर ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा, 31 जुलाई से बदलने जा रहे हैं ये नियम

नई दिल्ली अगर आप भी रोज़ाना यूपीआई ऐप्स जैसे Google Pay, PhonePe या Paytm से पेमेंट करते हैं, तो अब सतर्क हो जाइए। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) UPI सिस्टम में नए API नियम लागू करने जा रहा है, जिनका सीधा असर आपके रोज़मर्रा के ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा। ये बदलाव न केवल आपकी सुविधा को सीमित करेंगे, बल्कि आपके बैलेंस चेक, ऑटोपे और ट्रांजैक्शन स्टेटस जैसे फीचर्स पर भी सीधी रोक लगाएंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) का कहना है कि यह कदम सिस्टम पर बढ़ते लोड को कम करने और सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए जरूरी है। क्यों लाया गया ये नियम? NPCI का कहना है कि तेजी से बढ़ते डिजिटल ट्रांजैक्शन के कारण UPI सिस्टम पर जबरदस्त लोड पड़ रहा है, खासकर 'पीक ऑवर्स' यानी सबसे व्यस्त समय के दौरान। इस लोड को संतुलित करने और बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए कुछ सामान्य फीचर्स जैसे बैलेंस चेक, ऑटोपे और ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक को सीमित किया जाएगा। जानिए क्या-क्या बदलेगा बैलेंस चेक पर लिमिट 31 जुलाई 2025 से कोई भी यूज़र एक दिन में एक ऐप के जरिए अधिकतम 50 बार ही अपना बैंक बैलेंस चेक कर सकेगा। इसके अलावा, पीक ऑवर्स (सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे और शाम 5 बजे से रात 9:30 बजे तक) में बैलेंस चेक की सुविधा सीमित या बंद की जा सकती है।  ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक पर कंट्रोल यदि कोई ट्रांजैक्शन पेंडिंग या फेल हो जाता है, तो उसकी स्थिति को बार-बार जांचने पर भी रोक होगी। एक ट्रांजैक्शन के स्टेटस को दो घंटे में अधिकतम तीन बार ही चेक किया जा सकेगा।  ऑटोपे फीचर भी नॉन-पीक समय में ही जो यूज़र OTT सब्सक्रिप्शन, SIP या किसी अन्य सर्विस के लिए UPI ऑटोपे का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि ऑटोपे का ऑथराइजेशन और डेबिट प्रोसेसिंग केवल नॉन-पीक टाइम में ही होगी। हर ऑटोपे मैन्डेट के लिए अधिकतम तीन प्रयास (3 retries) की इजाजत होगी।  बैंक की जिम्मेदारी भी बढ़ी NPCI ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि हर सफल लेनदेन के बाद ग्राहकों को बैलेंस अलर्ट भेजा जाए, जिससे ग्राहक बार-बार बैलेंस चेक न करें। इसके अलावा, कुछ खास प्रकार की एरर की स्थिति में बैंक को ट्रांजैक्शन फेल मानकर सिस्टम से क्लियर करना होगा। क्यों जरूरी है ये बदलाव? इन नए निर्देशों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि UPI जैसी अहम डिजिटल सुविधा सभी को फास्ट और भरोसेमंद ढंग से मिल सके। लगातार बढ़ती डिजिटल भीड़ और ट्रांजैक्शन की संख्या को ध्यान में रखते हुए, NPCI इस तरह की टेक्निकल सफाई ला रहा है ताकि नेटवर्क स्लोडाउन या फेल्योर जैसी समस्याओं से बचा जा सके। recent visitors 86

भारत सरकार का बड़ा फैसला- 1 जून 2025 से देश के निर्यातकों को टैक्स में बड़ी राहत

नई दिल्ली निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। 1 जून 2025 से देश के निर्यातकों को टैक्स में बड़ी राहत मिलने जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। इस फैसले से विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ), निर्यात-उन्मुख इकाइयों (EOU) और एए धारकों को सीधा लाभ मिलेगा। निर्यातकों के लिए खुशखबरी – Tax छूट फिर से लागू वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा घोषित इस निर्णय के तहत, निर्यात उत्पादों पर मिलने वाली कर छूट की समयसीमा को आगे बढ़ा दिया गया है। इससे पहले यह लाभ 5 फरवरी 2025 तक सीमित था, लेकिन अब इसकी समयसीमा बढ़ाकर एक्सपोर्टर्स को राहत दी गई है। इस नीति के लागू होने से हर स्तर के निर्यातकों को बराबरी का मौका मिलेगा। RODTEP योजना फिर से बनी गेमचेंजर सरकार की RODTEP योजना, जो जनवरी 2021 में शुरू की गई थी, इस फैसले का आधार है। यह योजना खासतौर पर कोविड-19 के बाद व्यापारिक घाटों की भरपाई और एक्सपोर्ट को रफ्तार देने के लिए बनाई गई थी। RODTEP योजना WTO के दिशानिर्देशों के अनुरूप है और इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म end-to-end system के जरिए पारदर्शी तरीके से लागू किया जा रहा है। 2025-26 के लिए ₹18,233 करोड़ का बजट आवंटन सरकार ने आने वाले वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए ₹18,233 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। यह सहायता 10,780 घरेलू टैरिफ लाइनें और 10,795 स्पेशल कैटेगरी एचएस लाइनें कवर करेगी। इससे यह तय किया जा सकेगा कि विविध प्रकार के निर्यातकों को योजना का लाभ मिले। भारत के लिए निर्यात का सुनहरा मौका  एक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक सप्लाई चेन नए सिरे से बन रही है, और भारत के पास इस समय निर्यात बढ़ाने का जबरदस्त अवसर है। भारत की "मिड-टेक", "लेबर-इंटेंसिव" और "कंज्यूमर फोकस्ड" इंडस्ट्रीज इस प्रोत्साहन से सीधा लाभ उठा सकती हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत अब केवल घरेलू मांग पर आधारित नहीं, बल्कि एक तेज़ी से उभरती हुई वैश्विक प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था बन चुका है।   recent visitors 96

माहवारी स्वच्छता दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, फ्री दी जाएगी ‘पीरियड किट’

भोपाल  भोपाल शहर में बालिकाओं एवं महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति प्रेरित करने के लिए नया कदम उठाया जा रहा है। भोपाल के वार्ड क्रमांक 28 के अम्बेडकर नगर क्षेत्र में 28 मई को ‘विश्व महावारी स्वच्छता दिवस’ पर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक संस्था हम लोग शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति द्वारा ’प्रोजेक्ट पिंक’ का आरंभ किया जा रहा है। 28 मई को कोटरा सुल्तानाबाद स्थित आंबेडकर नगर में शिविर लगाकर इसकी शुरुआत होगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहियकाओं के साथ 30-30 बालिकाओं के समूह बनाकर उनके लिए यह कार्यशाला आयोजित की जाएगी। संस्था के नीतेश नेमा ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट पिंक’ अभियान की शुरूआत महावारी स्वच्छता दिवस से की जा रही है। इसके अंतर्गत किशोर बालिकाओं एवं महिलाओं को ‘पीरियड किट’ प्रदान की जाएगी, जो उनके लिए मददगार बनेगी। इस किट में सेनेटरी नेपकिन के साथ फिटकरी और साबुन भी हैं जो उनके लिए मददगार साबित होगी। उन्होंने कहा कि जो बातें हमारे समाज में सामान्य रूप से नहीं समझाई जाती लेकिन लघु फिल्म के माध्यम से व विषय विशेषज्ञों की कार्यशाला आयोजित कर इस महत्वपूर्ण विषय पर आवश्यक जानकारी किशोर बालिकाओं को प्रदान की जाएगी। विषय विशेषज्ञ आयुषी पचौरी, श्रीमती शालू मजुमदार एवं श्रीमती नीलिमा ढोंके द्वारा किशोर बालिकाओं एवं महिलाओं को विषय की गंभीरता के बारे में समझाया जाएगा। लघु फिल्म के माध्यम से व कार्यशाला आयोजित कर इस महत्वपूर्ण विषय पर आवश्यक जानकारी दी जाएगी। recent visitors 71

10 साल तक किया शारीरिक शोषण, युवती को गौ-मांस खिलाया, इस्लाम न अपनाने पर पीटा, पुलिस ने किया केस दर्ज

भिलाई छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई नगर में एक दिल दहला देने वाला लव जिहाद का मामला सामने आया है। 26 वर्षीय एक हिंदू युवती ने बादशाह खान (28) पर शादी का झांसा देकर 10 साल तक दुष्कर्म, मारपीट, जबरन गर्भपात और धर्म परिवर्तन के लिए प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। युवती ने कहा कि आरोपी ने उसे गौमांस खिलाकर, पूजा-पाठ से रोककर और बच्चे का खतना कराकर उस पर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया। भिलाई नगर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर बादशाह खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार, पॉक्सो एक्ट और गर्भपात समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है।   शादी का झांसा देकर दुष्कर्म युवती ने पुलिस को बताया कि 2016 में उसकी मुलाकात भिलाई के हॉस्पिटल सेक्टर निवासी बादशाह खान से हुई थी, जब वह मात्र 17 साल की थी। बादशाह ने प्यार का वादा कर उसे अपने जाल में फंसाया। शादी का झांसा देकर उसने युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने बताया कि 2016 में पहली बार बादशाह ने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद फरवरी 2024 तक उसने लगातार शारीरिक शोषण किया। इस दौरान दो बार गर्भवती होने पर बादशाह ने जबरन गर्भपात कराया। तीसरी बार गर्भवती होने पर युवती ने बच्चा रखने की जिद की। बादशाह ने उर्दू में लिखे एक कागज पर हस्ताक्षर करवाकर दावा किया कि वे अब पति-पत्नी हैं। हालांकि, कोई औपचारिक शादी या निकाह नहीं हुआ।   धर्म परिवर्तन का दबाव और प्रताड़ना युवती ने बताया कि ससुराल पहुंचने पर बादशाह और उसके परिवार ने उस पर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाना शुरू किया। उसे गौमांस खाने के लिए मजबूर किया गया, जिसे ससुराल वालों ने सुन्नत बताया। पूजा-पाठ और मंदिर जाने से रोकने के साथ-साथ उसे कलमा पढ़ने और नमाज अदा करने के लिए दबाव डाला गया। विरोध करने पर बादशाह और उसके परिवार ने उसे बेरहमी से पीटा। युवती ने कहा कि कई बार मारपीट इतनी गंभीर थी कि वह कई दिनों तक बिस्तर पर पड़ी रहती थी। इसके अलावा उसका बेटा पांच साल का हुआ, तो उसकी मर्जी के बिना बच्चे का खतना करा दिया, जिससे वह और आहत हुई। लड़कियों को फंसाने का गोरखधंधा युवती ने खुलासा किया कि बादशाह छत्तीसगढ़ स्टूडियो नाम से एक दुकान चलाता था, जहां वह लड़कियों को हिरोइन बनाने का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसाता था। उसने युवती की तस्वीरें और मोबाइल नंबर फेसबुक पर "फुल नाइट एंजाय, बुक नाउ" लिखकर वायरल कर दिया। उसके बाद पीड़िता को रोजाना 15-20 अश्लील कॉल्स आने लगे, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई। बादशाह ने उसे दूसरों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए भी मजबूर किया। लगातार प्रताड़ित करता रहा। पीड़िता ने बताया कि उसने 10 साल तक यह सब सहा। वह सोचती थी कि शायद वह उससे शादी कर लेगा, लेकिन बादशाह ने दूसरी लड़की से संबंध बनाए। उसे और प्रताड़ित किया। पुलिस ने की तुरंत कार्रवाई पीड़िता की शिकायत पर भिलाई नगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बादशाह खान को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 376(2)(एन), 313 (गर्भपात), पॉक्सो एक्ट, और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। टीआई प्रशांत मिश्रा ने पुष्टि की कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है। दुर्ग पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने बताया कि अन्य आरोपों की जांच जारी है। सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने कहा कि पीड़िता के साथ 8-10 साल तक शोषण हुआ। आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पीड़िता ने कोर्ट से फांसी की सजा की मांग की है, जिससे ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों। recent visitors 94

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया- BSNL ने वित्त वर्ष 2025 में पहली बार लगातार दो तिमाही में कमाया मुनाफा

नई दिल्ली भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने मंगलवार को जनवरी-मार्च तिमाही के लिए 280 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया। दूरसंचार कंपनी 2024-25 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में पहली बार घाटे से बाहर निकली है। यह कंपनी के मुनाफे की लगातार दूसरी तिमाही रही।केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मीडिया से बात करते हुए भारत की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल के लिए इसे एक बहुत बड़ा दिन बताया। उन्होंने कहा, "बीएसएनएल ने पहली बार 18 वर्षों में दो तिमाहियों में नेट प्रॉफिट दर्ज किया है । कंपनी ने अक्टूबर-दिसंबर 2024 में 262 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट बनाया और जनवरी-मार्च में 280 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट बनाया।" बीएसएनएल को पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 849 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। पूरे वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी का घाटा अब 58 प्रतिशत घटकर 2,247 करोड़ रुपए रह गया है, जो वित्त वर्ष 2024 में 5,370 करोड़ रुपए था। सरकारी स्वामित्व वाली दूरसंचार कंपनी की कुल आय 2024-25 के दौरान 10 प्रतिशत बढ़कर 23,427 करोड़ रुपए हो गई, जो 2023-24 में 21,302 करोड़ रुपए थी। स्पेक्ट्रम आवंटन और पूंजी निवेश सहित रणनीतिक पहलों के माध्यम से सरकार के समर्थन ने कंपनी के संचालन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कंपनी ने 2024-25 में 5,396 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए दर्ज किया, जो 2023-24 में 2,164 करोड़ रुपए था। कंपनी का मार्जिन वित्त वर्ष 2024 में 10.15 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 23.01 प्रतिशत हो गया। बीएसएनएल ने वित्त वर्ष के दौरान व्यय लागत में 3 प्रतिशत की कटौती की है, जो कि 2023-24 में 26,673 करोड़ रुपए से घटकर 25,841 करोड़ रुपए हो गया है। कंपनी 4जी रोलआउट और फाइबर-ऑप्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के साथ अपने नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रहा है। बीएसएनएल ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत किया है और नेटवर्क में निर्बाध इंटरनेट एक्सेस के लिए राष्ट्रीय वाईफाई रोमिंग के साथ ग्राहक-केंद्रित डिजिटल इनोवेशन की शुरुआत की है। बीएसएनएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ए. रॉबर्ट जे. रवि ने कहा, "यह शानदार तेजी पेशेवर प्रबंधन, सरकारी समर्थन और शीर्ष और निचले स्तर पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने का प्रमाण है। बीएसएनएल को न केवल पुनर्जीवित किया जा रहा है, बल्कि इसे फिर से परिभाषित किया जा रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "अनुशासित लागत नियंत्रण और 4जी/5जी की स्थापना के साथ हम विकास की इस गति को बनाए रखेंगे। साथ ही हर भारतीय को सस्ती, उच्च गुणवत्ता वाली कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा अंतिम लक्ष्य केवल मुनाफा कमाना तक सीमित नहीं रहेगा। हम सार्वजनिक सेवा में दूरसंचार उत्कृष्टता को फिर से परिभाषित करेंगे। जब हम लगातार सही चीजें करते हैं, उत्कृष्ट सेवा प्रदान करते हैं, वंचितों तक पहुंचते हैं, समावेशिता के लिए इनोवेशन करते हैं तो मुनाफा स्वाभाविक रूप से आएगा।" recent visitors 89

अब भारत आतंकवाद के खात्मे को एक लक्ष्य मानता है, पाकिस्तान सेना मौजूदा समय में आईसीयू में है : तरुण चुघ

नई दिल्ली भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान सेना मौजूदा समय में आईसीयू में है। तरुण चुघ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गुजरात के गांधीनगर में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से यह साफ है कि अब भारत आतंकवाद के खात्मे को एक लक्ष्य मानता है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के गांधीनगर में अपने संबोधन में पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को महज 20 मिनट में ध्वस्त कर दिया। इसे हमने वीडियो में भी कैद कर लिया, ताकि अगर कोई सबूत मांगे, तो उसे दिखा सकें। पाकिस्तान इस बात को जानता है कि वह हमसे जीत नहीं सकता, इसलिए वह सीमापार से आतंकवादी भेजकर यहां पर माहौल को अव्यवस्थित करना चाहता है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। भाजपा नेता तरुण चुघ ने प्रधानमंत्री के इस संबोधन को 140 करोड़ देशवासियों की आवाज बताया। कहा कि आज की तारीख में देशवासी नहीं चाहते हैं कि कोई भी आतंकवादी अपना फन उठाए। पाकिस्तान को हर हमले की कीमत चुकानी होगी। साथ ही, तरुण चुघ ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को 'बारात' कहने पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिवसेना (यूबीटी) के नेता सेना की बहादुरी पर सवाल उठा रहे हैं और सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के संबंध में विवादित टिप्पणी कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' की तारीफ की। बोले, अगर बाला साहेब ठाकरे जिंदा होते, तो प्रधानमंत्री मोदी को गले लगाते। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) पर हिंदुत्व की विचारधारा से समझौता किए जाने की निंदा की। कहा कि पहले जो नेता हिंदुत्व की बातें किया करते थे, अब वह पार्टी हनुमान चालीसा पढ़ने वालों को जेल भेज रही है। अब इन लोगों को आपत्ति हो रही है कि आखिर कोई कैसे हनुमान चालीसा पढ़ सकता है। अब यह पार्टी मुस्लिम लीग की विचारधारा पर चल रही है, जिसे हिंदू और हिंदुत्व से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बारे में अलग-अलग देशों में पहुंचे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को ‘बारात’ कहा था। उन्होंने कहा था कि इस बारात को भेजने की कोई ज़रूरत नहीं थी। प्रधानमंत्री कमजोर हैं। भाजपा ने ऑपरेशन सिंदूर का राजनीतिकरण कर दिया है। उन्हें हर चीज में राजनीति करने की आदत है। इंडिया ब्लॉक को इस 'बारात' का बहिष्कार करना चाहिए। इसके अलावा, शिवसेना (यूबीटी) के संपादकीय में 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को आड़े हाथों लिए जाने पर तरुण चुघ ने कहा, "शिवसेना की विरासत मौजूदा समय में उन लोगों के हाथों में है, जो आतंकवाद के मारे जाने पर दुख जाहिर करते हैं और वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों की मौत पर तंज कसते हैं। यह 'सामना' नहीं, बल्कि शर्म का दस्तावेज है। उद्धव ठाकरे के लोग 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर भी राजनीति कर रहे हैं। यह शर्मनाक है। ऐसे लोगों से आत्मबल की अपेक्षा नहीं की जा सकती है।" इसके अलावा, भाजपा नेता तरुण चुघ ने झारखंड के पलामू में नक्सली कमांडर के मारे जाने पर कहा कि भारत के खिलाफ काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त लोगों को हम बिल्कुल भी नहीं बख्शेंगे। बता दें कि झारखंड के पलामू में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोध अभियान के तहत नक्सलियों के टॉप कमांडर तुलसी भुइयां को मार गिराया है। recent visitors 92