राज्यपाल पटेल ने कहा- परिवार एवं समाज के उत्थान के लिए बालिका शिक्षा है जरूरी

भोपाल वर्तमान समय में मौसम कुछ ऐसा चल रहा है कि सुबह ठंड लगती है, दोपहर में तेज गर्मी एवं शाम होने तक बारिश होने लगती है। यह सब जलवायु परिवर्तन के कारण हो रहा है। जलवायु परिवर्तन के लिए हम मनुष्य ही दोषी हैं, क्योंकि हमने वनों को काटकर उन्हें समाप्त कर दिया है। प्रकृति ने हर मौसम के लिए चार माह का समय निर्धारित किया है, परन्तु मनुष्य ने अपने स्वार्थ के लिए वनों को समाप्त कर प्रकृति के चक्र में अवरोध उत्पन्न किया है। वर्तमान में मौसम का जो स्वरूप है उसके लिए यह आवश्यक है कि हम सभी अधिक से अधिक पेड़ लगाकर प्रकृति का पुनः श्रृंगार करें। राज्यपाल श्री पटेल ने उक्त बातें रविवार को बड़वानी जिले की राजपुर तहसील के ग्राम पंचायत इंदरपुर के ग्राम लोटनदेव में गुजराती चारण समाज न्यास द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है, परन्तु मनुष्य ने तो सिर्फ लिया ही लिया है। प्रकृति में मनुष्य की हर राशि, नक्षत्र के हिसाब से भी पेड़ निर्धारित हैं। अगर हर व्यक्ति वर्षाकाल में मात्र दो ही पेड़ लगाकर उन्हें बड़ा करे तो जलवायु परिवर्तन की स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सकता है, अन्यथा इसी तरह वनों का दोहन होता रहा तो आने वाले समय में जलवायु परिवर्तन की भयावह स्थिति हमारे समक्ष होगी और हम उसका सामना भी नहीं कर पायेंगे। बालिका शिक्षा पर दिया जोर राज्यपाल श्री पटेल ने अपने उद्बोधन में बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि परिवार एवं समाज के उत्थान के लिए सभी लोग अपनी बेटियों को अनिवार्य रूप से शिक्षित करें क्योंकि बेटी जब शिक्षित होगी तो वह अपने मायके एवं ससुराल दोनों का नाम रोशन करेगी। शिक्षा के कारण उसकी शादी अच्छे परिवार में होगी, जहां वह अपने बच्चों को भी शिक्षा देकर उनका भी जीवन संवारेगी। शिक्षित माता ही बच्चों में वे सभी संस्कारों को डाल सकती है जो आगे चलकर समाज और देश की उन्नति के लिए आवश्यक है, एक शिक्षित मां 100 शिक्षकों के बराबर है । आवड़ माता जी का किया पूजन अर्चन ग्राम लोटनदेव पहुंचकर महामहिम राज्यपाल श्री पटेल ने सबसे पहले ग्राम में स्थित श्री आवड़ माताजी के मंदिर में पहुंचकर माताजी का पूजन अर्चन कर ग्रामवासियों के सुख एवं समृद्धि की कामना की। साथ ही मंदिर में उनके स्वागत में खड़ी चारण समुदाय की बालिकाओं के सिर पर हाथ रखकर उन्हे आर्शीवाद भी दिया। साथ ही महामहिम राज्यपाल ने मंदिर के समीप ही त्रिवेणी (पीपल, बरगद, नीम) पौधों का भी रोपण किया। चारण समुदाय ने पारंपरिक पगड़ी, जैकेट एवं तीर कमान भेंटकर किया स्वागत कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर महामहिम राज्यपाल श्री पटेल का स्वागत चारण समुदाय की पारंपरिक पगड़ी एवं जैकेट पहनाकर ग्राम के श्री हुकुमनाथा चारण , भूरारामजी चारण, जीवाजी चारण एवं शिवाजी चारण ने किया। इस दौरान ग्राम के सरपंच एवं उप सरपंच ने महामहिम राज्यपाल को स्मृति स्वरूप तीर कमान भी भेंट किया। शहीद की पत्नी को किया सम्मानित कार्यक्रम के दौरान महामहिम राज्यपाल श्री पटेल, चारण समुदाय के अध्यक्ष श्री वल्लभ भाई पटेल एवं श्री हीरालाल पाटीदार ने ग्राम नरावला के शहीद श्री नायक बघेल की धर्मपत्नी श्रीमती संतोषी बघेल को पटेल मोटर्स की तरफ से चेक एवं साड़ी देकर सम्मानित किया। कक्षा 10वीं एवं 12वीं में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में स्थान पाने वाली बालिकाओं को किया सम्मानित कार्यक्रम के दौरान महामहिम राज्यपाल श्री पटेल ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में अपना स्थान बनाने वाली जिले की कक्षा 12वीं की छात्रा सुश्री राधिका सोनी एवं 10वी की छात्रा लीना यादव को प्रशस्ति पत्र एवं चेक देकर सम्मानित किया। टीबी मरीजों को किया पोषण आहार किट का वितरण कार्यक्रम के दौरान महामहिम राज्यपाल श्री पटेल ने अतिथियों के साथ सुशीला देवी उमरावसिंह पटेल सेवा संस्थान खरगोन-बड़वानी के सौजन्य से 2 टीबी मरीजों को प्रतीकात्मक रूप से पोषण आहार का किट का वितरण किया। साथ ही एक सिकलसेल पॉजिटिव बालक को दिव्यांगता प्रमाण पत्र का वितरण किया। 50 करोड़ की लागत से क्षेत्र में बनेगा विशेष स्वास्थ्य केन्द्र कार्यक्रम के दौरान चारण समुदाय के अध्यक्ष श्री वल्लभ भाई पटेल ने संबोधित करते हुए कहा कि वे हमेशा से ही अपने क्षेत्र एवं समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं। उन्हें हमेशा ही अपने समाज के युवा वर्ग की फिक्र रहती है, उनका हमेशा से ही यही फोकस रहता था कि उनके समाज का युवा कही भटक न जाये। इसे ध्यान में रखते हुए श्री वल्लभ भाई एवं कार्यक्रम के विशेष अतिथि श्री हीरालाल पाटीदार ने मंच से यह घोषणा की, कि 50 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्र में एक विशेष स्वास्थ्य केन्द्र बनेगा जो कि आधुनिक चिकित्सा सेवाओं से संबंद्ध रहेगा। साथ ही समाज के युवा वर्ग के लिए एक स्किल डेवलपमेंट केन्द्र खोला जायेगा। यहाँ पर उन्हें शिक्षित कर एवं हुनर सिखाकर रोजगार भी दिया जायेगा। इन्द्रपुर से लोटनदेव मार्ग निर्माण में भी सरकार को उनके द्वारा विशेष सहयोग दिया जायेगा। लोकसभा सांसद श्री गजेन्द्र सिंह पटेल ने भी कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, पेयजल एवं सड़क हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी देकर जन समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन दिया। साथ ही क्षेत्र में किये जा रहे सिकल सेल एनीमिया एवं टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत किये जा रहे सराहनीय कार्यों का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में स्थानीय जन-प्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।   recent visitors 87

शशि थरूर के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने न्यूयॉर्क में आतंकवाद से लड़ने के भारतीय संकल्प को दोहराया

न्यूयॉर्क कांग्रेस नेता शशि थरूर के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने न्यूयॉर्क में प्रमुख थिंक टैंक, अकादमिक नेताओं और मीडिया के समक्ष अपनी बात रखी। इस बातचीत में प्रतिनिधिमंडल ने दृढ़ता के साथ भारत के आतंकवाद से लड़ने के संकल्प को रेखांकित किया। इसकी पुष्टि न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर की। वाणिज्य दूतावास के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, "शशि थरूर के नेतृत्व में राजनयिक आउटरीच यात्रा के दौरान न्यूयॉर्क पहुंचे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से लड़ने के लिए भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया।" भारतीय प्रतिनिधियों ने "आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता और एकीकृत राष्ट्रीय संकल्प का दृढ़ संदेश दिया और आतंकवाद का मुकाबला करने, इसके नेटवर्क को समाप्त करने और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय तंत्र की वकालत की।" इसके साथ ही भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 9/11 के आतंकवादी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रतिनिधिमंडल के बयान में कहा गया है कि, "एकजुटता के प्रतीक रूप में 'राष्ट्रीय सितंबर 11 स्मारक और संग्रहालय' का दौरा किया गया और 9/11 हमलों में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। भारत वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से पीड़ितों के साथ एकजुट है। यह यात्रा 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत की व्यापक कूटनीतिक वैश्विक पहुंच का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आतंकवाद से उत्पन्न जटिल और उभरते खतरों से निपटने के लिए प्रमुख अंतरराष्ट्रीय देशों के बीच आम सहमति बनाना है। शशि थरूर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में शांभवी चौधरी (लोक जनशक्ति पार्टी), सरफराज अहमद (झारखंड मुक्ति मोर्चा), जीएम हरीश बलयागी (तेलुगु देशम पार्टी), शशांक मणि त्रिपाठी (भाजपा), तेजस्वी सूर्या (भाजपा), भुवनेश्वर के लता (भाजपा), मिलिंद देवरा (शिवसेना) और अमेरिका में पूर्व भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू शामिल हैं। recent visitors 62

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की आशा व्यक्त, नारी सशक्तिकरण मिशन’ से प्रदेश की नारी शक्ति आत्मनिर्भर बनेगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नारी सशक्तिकरण के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में जुटा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमने पुण्य-श्लोका लोकमाता अहिल्यबाई होल्कर के 300वें जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के गरीब, युवा, किसान और नारी (GYAN) पर ध्यान के ध्येय मंत्र पर चलते हुए लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम से महिला सशक्तिकरण के मिशन को लॉन्च किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मंत्र में शामिल चौथे स्तंभ नारी के समग्र विकास के लिए ‘देवी अहिल्याबाई नारी सशक्तिकरण मिशन’ बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की है कि इस मिशन’ से प्रदेश की नारी शक्ति आत्मनिर्भर बनेगी। मिशन के क्रियान्वयन से आने वाले वर्षों में महिलाओं की स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा और वह राज्य की सामाजिक और आर्थिक प्रगति को भी गतिशील बनाएंगी। नारी सशक्तिकरण से ही प्रदेश और देश आज सशक्त और समृद्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि महिलाओं को अधिकार देने से समाज में सकारात्मक बदलाव आते हैं इसीलिये भारत में अनादिकाल से ही मातृ-शक्ति के सम्मान की परंपरा है। सनातन संस्कृति में शक्ति, धन आदि सभी महत्वपूर्ण मानवीय उत्थान के कारकों को देवियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में राज्य में क्रांतिकारी योजनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि महिलाओं को अधिकार और अवसर देना सामाजिक दायित्व के साथ ही देश को सशक्त और समृद्ध बनाने का मूल आधार है। नारी सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की योजनाएं राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल बन गई हैं। इसी उद्देश्य से बने ‘देवी अहिल्याबाई नारी सशक्तिकरण मिशन’ के लक्ष्यों में जन्म के समय लिंगानुपात में 5 प्रति हज़ार की वृद्धि, बालिका शिक्षा में 5% की वृद्धि, मातृ मृत्यु दर में 10 प्रति हजार की कमी, महिला अपराधों में 5 प्रतिशत की कमी, बाल विवाह रोकने और श्रम-बल भागीदारी दर में महिलाओं की भागीदारी में 3 प्रतिशत तक वृद्धि करना प्रमुख हैं। महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष फोकस प्रदेश के सभी जिलों में वन स्टॉप सेंटर स्थापित किए गए हैं। इनसे अब तक 1.27 लाख से अधिक संकटग्रस्त महिलाओं को मदद मिली है। अब तक 1.57 लाख से अधिक महिलाओं को महिला हेल्पलाइन नं. 181 से सहायता मिली है। इस सेवा में सहायता, पुलिस और बाल हेल्पलाइन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 6.3 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना’ योजना में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना में 11 हजार बालिकाओं को प्रतियोगी प्रशिक्षण और 2.6 लाख से अधिक को प्रतिभागी संवेदनशीलता अभियानों में शामिल किया गया है। महिला श्रमिकों को फैक्ट्रियों में 24×7 कार्य की अनुमति— सुरक्षा, सुविधा और समान अवसर सुनिश्चित कराए जाने के उद्देश्य से वूमेन एटरप्रन्योर के लिए डेडिकेटेड इंडस्ट्री पार्क की स्थापना की गई है। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं के लिए सुरक्षा-सुलभ आवासीय सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। विशेष रूप से लॉजिस्टिक्स,टेक्सटाइल और मैन्यूफैक्चरिंग जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कामकाजी महिला हॉस्टल्स का निर्माण किया जा रहा है। आर्थिक सशक्तिकरण की योजनाएं मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 1.27 करोड़ महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,552 करोड़ की सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना में अब तक 50 लाख से अधिक बालिकाएं पंजीकृत हुई हैं। इन्हें डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। महिला वित्त एवं विकास निगम से 30 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों को अब तक ₹648 लाख से अधिक का ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया गया है। प्रदेश भर में 169 दीदी कैफे और 219 ई-एक्सप्रेस वाहनों से महिलाओं के लिए आजीविका संवर्धन का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के अंतर्गत महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से परिवार की महिला सदस्यों के नाम से पंजीकरण को प्रोत्साहित किया जाता है। योजना अंतर्गत प्रदेश में अब तक 729162 से अधिक आवास परिवार की महिला सदस्यों के नाम से स्वीकृत किये गए हैं। इसके साथ ही 1956988 से अधिक आवास परिवार के पुरुषों के साथ संयुक्त रूप से पंजीकृत कराए गए हैं। इस तरह परिवार की महिला सदस्यों को अब तक 49.08 लाख आवासों में 26.86 लाख (54.72%) आवास अवंटित किये गए हैं। स्वरोजगार और कौशल विकास दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में 54 हजार से अधिक युवतियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आरसेटी के माध्यम से 2.8 लाख से अधिक ग्रामीण युवतियों को स्वरोजगार प्रशिक्षण दिलाया गया है। एमएसएमई नीति 2025 में महिला उद्यमियों को 50% तक पूंजी अनुदान का प्रावधान किया गया है। अब तक 2.8 लाख से अधिक महिला उद्यमों की स्थापना कराई गई है, सभी को पूंजी अनुदान उपलब्ध कराया गया है। मध्यप्रदेश उद्योग संवर्धन नीति-2025 के अंतर्गत राज्य महिलाओं के रोजगार को प्राथमिकता दे रहा है। परिधान और अन्य श्रम-प्रधान उद्योग इकाइयों के महिला कार्यबल पर आधाररत होने पर विशेष सहायता के रूप में प्रति कर्मचारी ₹5,000 तक मासिक रोजगार सृजन सहायता प्रदान की जाती है। ऐसे महिला श्रमिक आधारित उद्योगों को आकर्षित करने के लिए, परिधान, फुटवियर, खिलौने और एसेसरीजी जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए 200% तक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।   recent visitors 56

दिल्ली एयरपोर्ट पर दिखा तूफान का कहर, टर्मिनल-1 की छत का हिस्सा टूटकर गिरा, यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बना

नई दिल्ली दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) के टर्मिनल-1 पर अचानक एक हादसा हो गया। तेज बारिश और आंधी के कारण टर्मिनल के बाहर छत का एक हिस्सा यानी ओवरहैंग नीचे गिर गया। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें देखा जा सकता है कि ओवरहैंग का एक बड़ा टुकड़ा फुटपाथ पर गिरा पड़ा है और चारों ओर पानी ही पानी भरा है। हालांकि इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है लेकिन इससे यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल जरूर बन गया। तेज आंधी और बारिश के कारण हवाई यातायात पर भी असर पड़ा। दिल्ली एयरपोर्ट से जारी बयान के अनुसार, 24 मई की रात हुई भारी बारिश और तेज हवा की वजह से कुल 49 फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया। इनमें से 17 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें थीं। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि मौसम की मार से प्रभावित ऑपरेशनों को सामान्य करने के लिए तुरंत कार्रवाई की गई और ग्राउंड स्टाफ ने सक्रिय भूमिका निभाई। 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, 81.2 मिमी बारिश भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शनिवार रात 11:30 बजे से रविवार सुबह 5:30 बजे तक राजधानी में 81.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। हवाओं की रफ्तार 82 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे पेड़ और अस्थायी ढांचे गिर गए। दिल्ली एयरपोर्ट के मुताबिक, यह बारिश अचानक और बहुत तीव्र थी जो महज 30 से 45 मिनट के भीतर हुई। तेज बारिश के कारण टर्मिनल-1 अराइवल फोरकोर्ट पर लगे बाहरी तन्यता कपड़े (टेंशन फैब्रिक स्ट्रक्चर) का एक हिस्सा दबाव के कारण ढह गया, जिससे पानी फैलाने में मदद मिल सकी। एयरपोर्ट प्रशासन ने साफ किया है कि टर्मिनल के अन्य हिस्सों पर कोई नुकसान नहीं हुआ है। जलभराव और ट्रैफिक ने शहर को रोका तेज बारिश के बाद दिल्ली के कई हिस्सों में भीषण जलभराव देखने को मिला। सड़कें पानी में डूबी हुई थीं और कई जगहों पर वाहन धीमे चलते नजर आए। मिंटो रोड जैसे इलाकों से तस्वीरें आईं जिनमें एक कार पानी में डूबी नजर आ रही थी। ट्रैफिक पुलिस को कई स्थानों पर यातायात डायवर्ट करना पड़ा और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। तेज आंधी और बारिश के बाद राजधानी के कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति भी बाधित हुई। कुछ जगहों पर घंटों तक लाइट नहीं आई। अधिकारियों ने बताया कि बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने और तकनीकी खराबी के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई, जिसे जल्दी ठीक कर लिया गया। पहले भी आया था मौसम का झटका इससे पहले बुधवार को भी दिल्ली के ऊपर बादलों का एक घना समूह मंडराया था और तेज धूल भरी आंधी के साथ-साथ हल्की बारिश भी हुई थी। हवाओं की रफ्तार तब भी 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई थी जिससे कुछ इलाकों में पेड़ गिरे और बिजली गुल हो गई थी। दिल्ली एयरपोर्ट ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में टर्मिनल स्ट्रक्चर ने सामान्य प्रक्रिया के तहत पानी के दबाव को सहा और जहां भी आवश्यकता पड़ी, वहां क्षति को रोकने के लिए बनावट ने खुद को समायोजित किया। साथ ही, टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एयरपोर्ट पर सामान्य स्थिति बहाल कर दी ताकि यात्रियों को अधिक परेशानी न हो। recent visitors 79

विदिशा में जल गंगा संवर्धन अभियान में किसानों को पानी के महत्व के बारे में बताया जा रहा

भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरचनाओं का निर्माण, पुरानी जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, ट्यूबवैल, कुओं एवं हैंडपंप जैसी जल संरचनाओं के आसपास रिचार्ज संरचनाओं के निर्माण और तालाबों का गहरीकरण जैसे जल संवर्धन कार्यों से मध्यप्रदेश में करोड़ों लीटर वर्षा जल सीधे भूगर्भ में सहेजा जा सकेगा। उद्यानिकी फसलों के लिये जल-संचयन पर जोर विदिशा में जल गंगा संवर्धन अभियान में किसानों को पानी के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। उद्यानिकी और कृषि विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में संगोष्ठी का आयोजन कर ग्रामीणों को ऐसी तकनीकों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जहाँ किसान उद्यानिकी फसलों को पानी के सदुपयोग के बाद अच्छे तरीके से ले सकते हैं। किसानों को जल संरचनाओं के महत्व, सूक्ष्म सिंचाई में ड्रिप और स्प्रिंकलर के प्रयोग के बारे में बताया जा रहा है। किसानों को यह बताया गया कि ड्रिप एरीगेशन से उद्यानिकी फसलों में 60 से 70 प्रतिशत पानी की बचत की जा सकती है। सिंचाई की यह पद्धति घुलनशील होती है, जो जमीन को पोषक तत्वों को पौधों की जड़ों तक पहुँचाती है। कल्याणी नदी में श्रमदान सीहोर जिले के ग्राम बरखेड़ादेवा और रसूलपुरा में कल्याणी नदी में श्रमदान किया गया। ग्रामीणों ने नदी के आसपास की सफाई की। ग्रामवासियों को जल संरक्षण की शपथ दिलायी गयी। जिले में जल संरक्षण की अनेक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। जिले में दीवार-लेखन, जागरूकता रैली, पोस्टर-बैनर, रंगोली, ग्रामसभा, कलश-यात्रा हो रही हैं। अनेक ग्रामों में कूप मरम्मत, तालाब जीर्णोद्धार, डेम की साफ-सफाई सहित अनेक कार्य किये जा रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान का प्रमुख उद्देश्य जन-भागीदारी से जल संरक्षण तथा संवर्धन सुनिश्चित करना है। जन-भागीदारी से जल-स्रोतों को प्रदूषण मुक्त करने के लिये मिलकर काम किया जा रहा है। जिले में आगामी वर्षा मौसम को ध्यान में रखते हुए पौध-रोपण के कार्य किये जा रहे हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान बुरहानपुर जिले में ग्राम सीवल, बाकड़ी, मांडवा में चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को जल संवर्धन अभियान और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के बारे में जानकारी दी गयी। जिला पंचायत सीईओ सुश्री लता शरणागत ने ग्रामीणों को धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इस योजना का लाभ उठाने के लिये आगे आने के लिये कहा। चौपाल में ग्रामीणों को अपने खेत के छोटे से हिस्से में तालाब निर्माण करने की सलाह दी। इसी के साथ कपिलधारा कुएँ के निर्माण के बारे में बताया गया। चौपाल में ग्रामीणों को पानी की बचत की शपथ दिलायी गयी। ग्रामीणों से कहा गया कि आगामी वर्षा के मौसम को ध्यान में रखते हुए गाँव में फलदार पौधे लगाने के लिये अभी से सामूहिक तैयारी करें। जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रमदान सतना जिले में जल संरचनाओं के पुनर्जीवीकरण के लिये रामपुर बघेलान नगर परिषद में नर नदी के घाट पर श्रमदान किया गया। श्रमदान के बाद नागरिकों को जल संरचनाओं की स्वच्छता के लिये शपथ दिलायी गयी। श्रमदान में अनेक जन-प्रतिनिधि शामिल हुए। नगर परिषद कोठी के वार्ड क्रमांक-9 में खटोला स्थित वृंदावन आश्रम कुंड की सफाई की गयी। जिले में 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलेगा। सभी जल-स्रोतों को चिन्हित कर लिया गया है। जिले में पौध-रोपण की कार्य-योजना भी तैयार की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं ने जल यात्रा के माध्यम से जन-जागरूकता लाने के भी प्रयास किये हैं। नागरिकों को अच्छे भविष्य के लिये पानी की बचत की समझाइश दी जा रही है। ग्रामीणों के बीच जल संरक्षण संवाद छिंदवाड़ा जिले में जल संरक्षण संवर्धन अभियान में निरंतर गतिविधियाँ हो रही हैं। कन्हान वन ग्राम में पानी बचाने के लिये वनवासियों के बीच बैठक की गयी। वनवासियों से वर्षा जल का संचयन करने की समझाइश दी गयी। ग्राम पीपरढार में स्कूल के सामने वाले हैण्ड-पम्प की साफ-सफाई का कार्य किया गया। पानी के निस्तार के लिये गाद निकाल कर नाली बनायी गयी। ग्राम देव नदी में ग्रामीणों के बीच जल संरक्षण संवाद कार्यक्रम हुआ। विकासखण्ड बिछुआ के देव नदी गांव में किसान के खेत में खेत-तालाब के लिये श्रमदान किया गया। ग्राम पिपरियाकला में जल संरक्षण के अंतर्गत जल संगोष्ठी हुई। ग्रामीणों ने श्रमदान कर पोखर तालाब में सफाई कार्य किया। जिले में यह अभियान 30 जून तक निरंतर चलेगा। जल संवाद कार्यक्रम में “जल है तो कल है’’ जैसे नारे के बारे में युवाओं में जोश एवं उत्साह भरा जा रहा है।   recent visitors 102

PM मोदी ने खुद हस्तक्षेप करते हुए बीजेपी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया- वाणी पर रखें संयम, अनावश्यक बयानबाजी से बचें

नई दिल्ली 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर चल रही बयानबाजी ने सियासी गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद हस्तक्षेप करते हुए बीजेपी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अपनी वाणी पर संयम रखें और गैरजरूरी बयान देने से बचें। उन्होंने कहा कि कुछ भी, कहीं भी बोलना पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। एनडीए के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की हालिया बैठक में पीएम मोदी ने यह संदेश सीधे तौर पर नेताओं को दिया। उनका कहना था कि सेना के पराक्रम और सरकार की रणनीति की आड़ में किसी भी तरह की गैर-जिम्मेदार टिप्पणी न की जाए। एनडीए बैठक में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की प्रशंसा, पर नसीहत भी बैठक के दौरान शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक प्रस्ताव रखा, जिसमें 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारतीयों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला बताया गया। प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की गई और कहा गया कि उन्होंने हमेशा सशस्त्र बलों का समर्थन किया है। साथ ही 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। लेकिन इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया कि कोई भी नेता इस ऑपरेशन पर अनावश्यक और भड़काऊ बयान न दे। उन्होंने यह बात शायद हरियाणा और मध्यप्रदेश के नेताओं के हालिया बयानों के चलते कही। कौन-कौन से बयान बने विवाद की वजह? हरियाणा के बीजेपी सांसद रामचंद्र जांगड़ा और मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा एवं मंत्री विजय शाह के बयान विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। रामचंद्र जांगड़ा के एक बयान को लेकर आरोप है कि उन्होंने शहीदों और उनकी पत्नियों पर अमर्यादित टिप्पणी की। वहीं जगदीश देवड़ा ने सेना की कार्रवाई को लेकर बयान देकर पार्टी को मुश्किल में डाल दिया। विजय शाह का एक बयान सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल हुआ, जिसमें उन्होंने एक शहीद कर्नल की पत्नी पर अनुचित टिप्पणी की थी। कांग्रेस का वार: माफी मांगें प्रधानमंत्री कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और दोषी नेताओं को पार्टी से बाहर करने की मांग की है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तीखा हमला करते हुए कहा कि बीजेपी नेताओं में शहीदों और सेना के खिलाफ बयानबाजी की होड़ लग गई है। खरगे ने कहा, "मोदी जी कहते हैं कि उनकी रगों में सिंदूर है। अगर ऐसा है तो उन्हें महिलाओं के सम्मान के लिए इन नेताओं को पार्टी से बाहर करना चाहिए।" कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि बीजेपी अब इतनी असंवेदनशील हो चुकी है कि सुरक्षा चूक को नजरअंदाज कर रही है और शहीदों के परिवारों पर उंगली उठा रही है। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व अब तक चुप क्यों हैं? क्या इसे मौन स्वीकृति माना जाए?   पीएम मोदी की चुप्पी अब नहीं चलेगी: विपक्ष विपक्षी दलों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी नेतृत्व की चुप्पी, इन विवादित बयानों को अप्रत्यक्ष समर्थन जैसा है। ऐसे में प्रधानमंत्री का सार्वजनिक रूप से बोलना जरूरी हो गया था। पीएम मोदी का बयान इस दिशा में एक जरूरी पहल है, लेकिन विपक्ष अब भी कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ा है।   recent visitors 64

कॉलेज छात्रा से छेड़छाड़, अभद्रता और जबरन मोटरसाइकिल में बैठाने की कोशिश करने वाले आरोपी गिरफ्तार

डिंडौरी आदिवासी बहुल क्षेत्र के समनापुर थाना अंतर्गत एक शासकीय महाविद्यालय में पढ़ने वाली बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा से छेड़छाड़, अभद्रता और जबरन मोटरसाइकिल में बैठाने की कोशिश करने वाले आरोपी शहीद खान को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 21 मई 2025 को उस समय हुई जब छात्रा परीक्षा देने कॉलेज पहुंची थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता ग्राम अमरपुर निवासी शहीद खान की ऑनलाइन सेवा केंद्र में कॉलेज से संबंधित कार्यों के लिए जाती थी। इसी दौरान आरोपी ने छात्रा से संपर्क बढ़ाने की कोशिश की और बार-बार उसके मोबाइल नंबर पर कॉल व व्हाट्सएप संदेश भेजने शुरू कर दिए। जब छात्रा ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसे गालियां देना शुरू कर दिया और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। घटना के दिन शहीद खान कॉलेज के सामने पहुंचा और छात्रा को जबरन रोककर उसके साथ बदसलूकी की। उसने लड़की का हाथ पकड़ते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जबरदस्ती उसे अपनी मोटरसाइकिल में बैठाने का प्रयास किया। पीड़िता किसी तरह वहां से भागकर कॉलेज स्टाफ की मदद से सुरक्षित स्थान पर पहुंची और तत्परता से थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता की शिकायत पर समनापुर थाना पुलिस ने एफआईआर क्रमांक 202/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 354, 354(घ), 294, 506 और 509 में मामला दर्ज किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल एक संयुक्त टीम गठित की गई। समनापुर थाना व संबंधित चौकी के पुलिसकर्मियों ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी शहीद खान (35 वर्ष), पिता रशीद खान, निवासी ग्राम अमरपुर को उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और एक रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिससे छात्रा को लगातार परेशान किया जा रहा था। आरोपी को विधिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला सुरक्षा को लेकर ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और पीड़िताओं को पूर्ण संरक्षण व न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।   recent visitors 61