4 जून तक मध्य भारत में भी शुरू हो जाएगी झमाझम बारिश, 26-27 मई के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना में अलर्ट

नई दिल्ली दक्षिण पश्चिम मानसून शनिवार को केरल पहुंच गया। 16 साल में यह पहला मौका है जब मानसून ने 8 दिन पहले दस्तक दी है। आमतौर पर 1 जून से केरल में मानसून की बारिश शुरू होती है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सब कुछ ठीक रहा तो 4 जून से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात सहित मध्य भारत के बड़े हिस्से में भी बारिश शुरू हो जाएगी। पिछली बार केरल में मानसून इतनी जल्दी 2009 और 2001 में आया था, जब 23 मई से बारिश शुरू हो गई थी। केरल में मानसून के आगमन से पहले अनुकूल परिस्थितियां विकसित हो गई थीं। पिछले दो दिनों में केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। इसका कारण निम्न दबाव का क्षेत्र और आगे बढ़ रहा मानसून सिस्टम है। आईएमडी ने मुताबिक, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश के साथ ही दक्षिण, मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों में 22 से 27 मई के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 29 मई से 4 जून के दौरान मानसून के दक्षिण प्रायद्वीपीय और पूर्वोत्तर भारत के शेष हिस्सों के साथ ही पूर्व और मध्य भारत के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ जाएगा। इस दौरान देश के अन्य हिस्सों मे प्री-मानसून बारिश जारी रहेगी। इस तरह आगे बढ़ेगा मानसून मौसम विभाग के अनुसार, 28 मई तक मानसूनी हवा को सही तरीके से साथ आगे बढ़ाने के सिस्टम बन रहे हैं। अरब सागर में कोंकण-गोवा तट पर एक कम दबाव का क्षेत्र बन रह है। वहीं तेलंगाना और मध्य प्रदेश में कम दबाव के बीच चलने वाली दो ट्रफ भी मानसून को आगे बढ़ने में मदद करेगी। पंजाब और असम में चक्रवाती तूफान की स्थिति भी मानसून की मदद करेगी। शनिवार तक अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र उत्तर की ओर बढ़ने लगेगा। आईएमडी के अधिकारियों ने कहा कि इससे मानसूनी हवाएं मजबूत हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के चक्रवात में बदलने की संभावना कम है। recent visitors 65

राज्य में ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी को ऐतिहासिक रूप से 99.47 % के उच्चतम स्तर तक पहुँचाने में सफलता प्राप्त हुई

प्रदेश में पारेषण उपलब्धता का नया कीर्तिमान 98 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले हासिल किया 99.47 प्रतिशत मध्यप्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग पारेषण उपलब्धता बढ़कर 99.47 प्रतिशत तक हो गई राज्य में ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी को ऐतिहासिक रूप से  99.47 % के उच्चतम स्तर तक पहुँचाने में सफलता प्राप्त हुई भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश के विद्युत क्षेत्र में ट्रांसमिशन नेटवर्क (पारेषण प्रणाली) की अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इसके फलस्वरूप राज्य में पारेषण उपलब्धता (ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी) को ऐतिहासिक रूप से  99.47 प्रतिशत के उच्चतम स्तर तक पहुँचाने में सफलता प्राप्त हुई है। ऊर्जा मंत्री तोमर ने जानकारी दी है कि मध्यप्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2024-25 के लिये निर्धारित 98 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले इस वित्तीय वर्ष में पारेषण उपलब्धता (ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी) बढ़कर 99.47 प्रतिशत तक हो गई है।  वर्ष 2023-24 में पारेषण उपलब्धता (ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी) 99.42 प्रतिशत के मुकाबले यह उल्लेखनीय सुधार है, जो राज्य विद्युत कंपनियों की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रदेश के विद्युत क्षेत्र की यह सफलता राज्य के लिए गर्व की बात है, इस उपलब्धि के लिये उन्होंने विद्युत कार्मिकों को बधाई दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह उपलब्धि न केवल मध्यप्रदेश में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी, बल्कि उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी सहायक सिद्ध होगी। विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता होगी बेहतर तोमर ने  कहा है कि एम.पी. ट्रांसको द्वारा किए गए नवाचारों, उन्नत तकनीकी समाधानों जैसे स्काडा प्रणाली, विद्युत ग्रिडों की निगरानी और समय-समय पर रख-रखाव के चलते यह सफलता संभव हो पाई है। कंपनी द्वारा विद्युत नेटवर्क के आधुनिकीकरण और क्षमतावर्धन की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पारेषण उपलब्धता अधिक होने के फायदे किसी भी ट्रांसमिशन सिस्टम में ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी (पारेषण उपलब्धता) अधिकतम होने से विद्युत आपूर्ति में बाधाएँ कम होती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को निरंतर बिजली मिलती है। इससे औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि होती है और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है। यह प्रणाली की विश्वसनीयता और दक्षता को भी सुनिश्चित करता है। साथ ही आपात स्थितियों में शीघ्र बिजली आपूर्ति संभव होती है।   recent visitors 52

भारत कभी भी परमाणु धमकियों के आगे नहीं झुकेगा, एस. जयशंकर ने जर्मनी की यात्रा के दौरान एक कड़ा दिया संदेश

नई दिल्‍ली कांग्रेस ने शनिवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर का पूरा समर्थन किया, जिन्होंने जर्मनी की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि 'भारत कभी भी परमाणु धमकियों के आगे नहीं झुकेगा' और 'पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय आधार पर मुद्दों को सुलझाएगा।' जयशंकर के 'दृढ़ कूटनीतिक लहजे' की पार्टी लाइन से ऊपर उठकर कांग्रेस के नेता संदीप दीक्षित ने तारीफ की है। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने बातचीत में बयान का स्वागत करते हुए कहा, “बिल्कुल सही। हम हमेशा से यह अधिकार रखते आए हैं, और मैं यह भी उम्मीद करता हूं कि जब हम जर्मनी जैसे देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं, तो हम पाकिस्तान के खिलाफ भी उनका समर्थन मांगें। पाकिस्तान क्या करता है, उसकी अर्थव्यवस्था कैसी है, यह उनकी चिंता है। हमने हमेशा कहा है कि हम अपने सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि पिछले 30-35 सालों से पाकिस्तान ने जिस तरह से आतंकवाद को बढ़ावा दिया है, वह पूरी तरह से आपराधिक कृत्य है, मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने कहा, “इन देशों को भी पाकिस्तान को एक 'धूर्त राष्ट्र' के रूप में पहचानना चाहिए और उसके अनुसार काम करना चाहिए।” इंडिगो विमान की आपातकालीन लैंडिंग की इजाजत न दिए जाने की भी कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने निंदा की। उन्होंने कहा, "अगर देश को ऐसी जरूरत थी तो कोई भी देश हो, उसको सामने आना चाहिए। लड़ाइयां सरकारों से होती हैं। मानवता को आगे रखना चाहिए। कई बार ऐसा हुआ है कि इमरजेंसी लैंडिंग हुई है, कई बार ऐसे देशों में लैंडिंग हुई है जिनसे कोई संबंध नहीं हैं। लड़ाई आपकी देश और फौज से होती है, सरकार से होती है। अगर पाकिस्तान ने ऐसा किया है तो वह निंदनीय है।" बता दें, 21 मई को मौसम खराब के कारण दिल्ली से श्रीनगर जा रहे विमान ने इमरजेंसी लैंडिंग के लिए पाकिस्तान के एटीएस से बात की थी लेकिन उन्होंने हवाई जहाज को अपने क्षेत्र में उतरने की इजाजत नहीं दी। दीक्षित ने तिरंगा यात्रा के सवाल पर कहा कि भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम के लिए तिरंगा यात्राओं को निकाला जाना बहुत अच्छी बात है। इसमें लोगों में एक अच्छा संदेश जाता है। वहीं, नीति आयोग की बैठक के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कोई न कोई थीम देते रहते हैं, इसमें मुझे कोई बहुत बड़ी चीज दिखती नहीं है, उस थीम का होता क्या है यह पता नहीं चलता। आत्मनिर्भर भारत दिया, हमारे एक्सपोर्ट के घाटे बढ़ते जा रहे हैं। आपने स्किल इंडिया की बात की, नौकरी किसी को मिल नहीं रही है, आपने ऐसे तमाम 50 चीज की इन स्लोगन का क्या मतलब होता है जो आगे हम यह कहानी कितने दिन तक सुनते रहेंगे। recent visitors 65

सांसद प्रियंका चतुर्वेदी पाकिस्तान पर हमलावर रहीं, कहा-पाकिस्तान के घर में घुसकर आतंकी मॉडल को खत्म करेंगे

नई दिल्ली आतंकवाद को संरक्षण देने पर पाकिस्तान को शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अगर भारत में आतंकवाद फैलाने की कोशिश करेगा तो हम पाकिस्तान के घरों में घुसकर उसके आतंकी मॉडल को खत्म करेंगे। अपनी सेना पर हमें गर्व है जिन्होंने पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में विदेश जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में प्रियंका चतुर्वेदी भी शामिल हैं। शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सांसद पाकिस्तान पर हमलावर रहीं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पाकिस्तान ने लगातार भारत में अपने 'आतंकिस्तान' मॉडल को आगे बढ़ाया है और उस ढांचे के तहत आतंकी हमलों को अंजाम दिया है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका ये कृत्य केवल भारत तक ही सीमित नहीं है; यहां तक कि दुनिया भर में होने वाले आतंकी हमलों की जड़ें अक्सर पाकिस्तान से जुड़ी पाई जाती हैं, चाहे वह ओसामा बिन लादेन हो या हाफिज सईद। हमें दुनिया के सामने जाकर यह स्पष्ट करने की जरूरत है। भले ही हम विपक्ष में हैं, लेकिन आतंकवाद के प्रति हम एकजुट हैं और आतंक तो हमें कतई बर्दाश्त नहीं है। पाकिस्तान की आतंकी सोच की वजह से भारत को ऐसे पड़ोसी होने के दुष्परिणाम भुगतने पड़े हैं। अब समय आ गया है कि हम ग्लोबल अलायंस बनाएं और इसके जरिए आतंकवाद के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति को रेखांकित करे। जो भी देश आतंकी को पालता है उस देश को विश्व स्तर पर बेनकाब करने की जरूरत है। हम लोग इसी संदेश को लेकर विदेश जा रहे हैं। बीते 3 से 4 दशकों से हम पाकिस्तान पोषित आतंक को झेल रहे हैं। अब जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पाकिस्तान बार-बार परमाणु की धमकी देता है और इसकी आड़ में आतंक फैला रहा है, पूरी दुनिया में उसका यह चेहरा भी बेनकाब होना चाहिए। नीति आयोग की बैठक पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में इस बैठक में उम्मीद है कि देश के सामने जो चुनौतियां हैं उस पर विचार किया जाएगा। recent visitors 73

राज्य सरकार की तरफ से निवेश के दावे किए जाने को खोखला बताया: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

जयपुर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार की तरफ से निवेश के दावे किए जाने को शनिवार को खोखला बताया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री जी यह सब अपने मन से नहीं कह रहे हैं, बल्कि उनसे कहलवाया जा रहा है। वह जो कुछ भी बोल रहे हैं, उसकी सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने प्रदेश में लोगों को हो रही पेयजल समस्या का भी जिक्र किया। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन, सरकार का दोहरा पैमाना देखिए कि एक तरफ जहां ये लोग सार्वजनिक मंचों पर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ आम जनता को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? उन्होंने मनरेगा श्रमिकों पर कहा कि मौजूदा समय में उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन, प्रशासन की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रशासन को चाहिए कि श्रमिकों से एक घंटा कम काम कराया जाए। हमारे श्रमिकों के ऊपर काम का अत्यधिक बोझ डाला जा रहा है, जिससे उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक सोची-समझी साजिश के तहत हमारी पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। उन पर राजनीतिक हमले करके हमारे हौसले को पस्त करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हमारा हौसला पस्त नहीं होगा। उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की कार्रवाई को भाजपा की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि आज से 90 साल पहले हमने इस अखबार को शुरू किया था। इसके बाद यह किसी कारणवश बंद हो गया, लेकिन अब हम इसे फिर से शुरू करने जा रहे हैं। जिससे भाजपा परेशान हो चुकी है। भाजपा को इस बात का डर है कि अगर नेशनल हेराल्ड को फिर से शुरू किया गया, तो कांग्रेस खुलकर अपने विचार प्रकट करेगी, जिससे उन्हें समस्या होगी। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संबंध में राहुल गांधी के सवालों की आलोचना किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं। अगर वे सवाल नहीं करेंगे तो कौन करेगा? अगर वे सवाल नहीं करेंगे, तो कल को जनता पूछेगी कि आप तो विपक्ष के नेता थे, लेकिन आपने आज तक कोई सवाल ही नहीं किया। आपने अपनी भूमिका का निर्वहन ढंग से किया ही नहीं। उन्होंने कहा कि आप इतिहास देख लीजिए। अमेरिका ने कभी हमारा साथ नहीं दिया। जब कारगिल युद्ध हुआ था, तब भी उसने हमारा साथ नहीं दिया था। ऐसी स्थिति में भारत को हिम्मत दिखानी चाहिए और उसे अमेरिका को दो टूक जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आखिर किस हैसियत से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सीजफायर का ऐलान करते हैं। सीजफायर का ऐलान भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी सहमति से होना चाहिए था। लेकिन, ऐसा हुआ नहीं, अमेरिका ने इस मामले में दखल दे दिया। recent visitors 70

बीएसएफ और भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेजने के आरोप में सहदेव सिंह को किया अरेस्ट

कच्छ देश से गद्दारी करने वालों की लिस्ट में अब गुजरात के सहदेव सिंह गोहिल का नाम भी शामिल हो गया है। उस पर बीएसएफ और भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेजने का आरोप है। गुजरात एटीएस एसपी के सिद्धार्थ ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि गुजरात एटीएस ने कच्छ के एक मल्टीपर्पस स्वास्थ्य कार्यकर्ता सहदेव सिंह गोहिल को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा, हमें सूचना मिली थी कि वह बीएसएफ और आईएएफ से जुड़ी जानकारी एक पाकिस्तानी एजेंट के साथ शेयर कर रहा है। सहदेव सिंह गोहिल कच्छ के एक मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर है। एटीएस के अनुसार, गोहिल को 1 मई को प्रारंभिक जांच के लिए बुलाया गया था, जहां पता चला कि वह जून-जुलाई 2023 में व्हाट्सएप पर अदिति भारद्वाज नाम की महिला के संपर्क में आया था। उससे बातचीत के बाद उसे पता चला कि वह एक पाकिस्तानी एजेंट है। उसने बीएसएफ और आईएएफ की निर्माणाधीन या नई बनी जगहों की तस्वीरें और वीडियो मांगे। जिसके बाद उसने व्हाट्सएप के जरिए तस्वीरें और वीडियो शेयर करना शुरू कर दिया। 40 हजार रुपए के लिए की जासूसी? के सिद्धार्थ ने कहा, साल 2025 की शुरुआत में गोहिल ने अपने आधारकार्ड का इस्तेमाल कर एक सिम कार्ड खरीदा था और अदिति भारद्वाज के इस्तेमाल के लिए उस नंबर पर व्हाट्सएप अकाउंट भी खोला। इसके बाद इस नंबर से बीएसएफ और आईएएफ के बुनियादी ढांचे से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए गए, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तानी एजेंट कर रहे थे। एटीएस ने यह भी पुष्टि की कि गोहिल को एक अज्ञात शख्स ने 40,000 रुपये दिए थे। माना जा रहा है ये शख्स भी जासूसी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। सिद्धार्थ ने आगे कहा, गोहिल का फोन एफएसएल को भेजा गया था। अदिति भारद्वाज के नाम से व्हाट्सएप नंबर पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे थे। गोहिल और पाकिस्तानी एजेंट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61 और 148 के तहत मामला दर्ज किया गया है।   recent visitors 59

मेडिकल टीम ने मोहम्मद शमी को अनफिट घोषित कर दिया, जिस वजह से उनका चयन नहीं हुआ: अजीत अगरकर

नई दिल्ली मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने आज यानी शनिवार, 24 मई को भारत के इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। टीम के ऐलान के साथ उन्होंने नए कप्तान को लेकर भी घोषणा की। इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के कुल 18 खिलाड़ियों का चयन हुआ है और इस टीम की कमान युवा शुभमन गिल को सौंपी गई है। वहीं उप-कप्तान ऋषभ पंत को बनाया गया है। भारतीय स्क्वॉड में 2017 के बाद पहली बार करुण नायर की वापसी हुई है। वहीं साई सुदर्शन, अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों को जगह मिली है। हालांकि टीम में मोहम्मद शमी का चयन नहीं हुआ है। अजीत अगरकर ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शमी को ना चुनने से लेकर कोहली के रिटायरमेंट को लेकर बात की है। आईए जानते हैं- इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय स्क्वॉड- शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, नीतिश कुमार रेड्डू, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल, वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाशदीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव क्यों नहीं हुआ मोहम्मद शमी का चयन? अजीत अगरकर ने पुष्टि की है कि मेडिकल टीम ने मोहम्मद शमी को अनफिट घोषित कर दिया , जिस वजह से उनका चयन नहीं हुआ है।। उन्होंने कहा कि चयन समिति उन्हें टीम में शामिल करना चाहती थी, लेकिन मेडिकल टीम से मिले फीडबैक के बाद उन्हें अपने फैसले को बदलना पड़ा। बता दें, शमी ने WTC फाइनल 2023 के रूप में भारत के लिए आखिरी टेस्ट मैच खेला था। विराट कोहली ने रिटायरमेंट के लिए अप्रैल में किया था संपर्क अजीत अगरकर ने खुलासा किया कि विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने को लेकर अप्रैल में ही उनसे संपर्क किया था। उन्होंने कहा था कि वह लंबे प्रारूप से संन्यास लेना चाहते हैं। अगरकर ने कहा कि वह कोहली के फैसले का सम्मान करते हैं क्योंकि वह टेस्ट से दूर रहना चाहते थे। जसप्रीत बुमराह नहीं खेलेंगे सभी 5 टेस्ट जसप्रीत बुमराह पांचों टेस्ट नहीं खेलेंगे, अजीत अगरकर ने पुष्टि की। मुख्य चयनकर्ता का कहना है कि केवल समय ही बताएगा कि बुमराह चार या तीन कितने टेस्ट खेलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि फिजियो और पूरा मैनेजमेंट बुमराह के कार्यभार को सावधानीपूर्वक प्रबंधित करेगा। रिटायरमेंट पर्सनल फैसला अजीत अगरकर गौतम गंभीर की बात दोहराते हुए कहा, "संन्यास लेना व्यक्तिगत निर्णय है।" रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास के बारे में बात करते हुए अगरकर ने कहा, "वे टेस्ट क्रिकेट में हमारे लिए बड़े खिलाड़ी थे। उनकी जगह लेना बहुत बड़ी बात है।" recent visitors 65