तंबाकू का सेवन मुंह के कैंसर सहित अनेक जानलेवा बीमारियों का मुख्य कारण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा से वर्चुअल माध्यम से राज्यभर के स्वास्थ्य अमले को तंबाकू नियंत्रण की शपथ दिलाई। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अपने संदेश में कहा कि तंबाकू का सेवन मुंह के कैंसर सहित अनेक जानलेवा बीमारियों का मुख्य कारण है। तंबाकू नियंत्रण के परिप्रेक्ष्य में पूरे राज्य में जनजागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें आज की पीढ़ी को नशे की प्रवृत्तियों से बचाकर स्वस्थ और समर्थ राष्ट्र की नींव रखनी है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे तंबाकू और नशे के अन्य रूपों के दुष्प्रभावों के प्रति समुदाय को जागरूक करें, ताकि यह सामाजिक रूप से अस्वीकार्य बने। उन्होंने कहा कि यह केवल स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा और समृद्धि का सवाल है। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य अमले को यह शपथ भी दिलाई कि वे न केवल स्वयं तंबाकू और नशे से दूर रहेंगे, बल्कि समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।   recent visitors 81

Corona का खतरा फिर लौट आया: देश में फिलहाल 254 एक्टिव केस दर्ज किए गए, तेजी से बढ़े नए केस, सतर्क रहने की अपील

नई दिल्ली कुछ वक्त की राहत के बाद एक बार फिर कोरोना वायरस का डर लौट आया है। खासतौर पर एशियाई देशों में कोविड के मामलों में तेजी देखी जा रही है और अब इसका असर भारत में भी दिखने लगा है। हाल ही में सामने आई हेल्थ रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में फिलहाल 254 एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में बढ़ोत्तरी ने स्वास्थ्य विभाग को एक बार फिर अलर्ट मोड पर ला दिया है। दिल्ली-गुरुग्राम और फरीदाबाद में मिले नए संक्रमित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी दिल्ली-NCR में भी कोरोना की आहट सुनाई देने लगी है। 22 मई को गुरुग्राम में तीन एक्टिव केस पाए गए हैं, जिनमें से एक 31 वर्षीय महिला हाल ही में मुंबई से लौटी थी। बाकी दो संक्रमितों में एक बुजुर्ग और एक 28 वर्षीय युवक फरीदाबाद से है। फरीदाबाद का युवक एक प्राइवेट कंपनी में सुरक्षा गार्ड के तौर पर कार्यरत है और उसकी कोई यात्रा की जानकारी नहीं मिली है। सभी संक्रमितों को आइसोलेट कर दिया गया है।   फरीदाबाद में मिले मरीज में कोरोना का नई वेरिएंट JN.1 पाया गया है। इस युवक को लक्षण महसूस होने पर पास के क्लीनिक में दिखाया गया और फिर जांच के लिए सफदरजंग अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।  स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई सतर्कता स्वास्थ्य विभाग ने सभी नए मामलों की ट्रैवल और मेडिकल हिस्ट्री खंगालनी शुरू कर दी है। इसके साथ ही उन लोगों पर भी नजर रखी जा रही है जो हाल ही में उन जगहों से लौटे हैं जहां कोविड फिर से सक्रिय हो चुका है। हालात अभी नियंत्रण में हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग किसी भी ढिलाई के मूड में नहीं है।  लक्षणों को हल्के में न लें डॉक्टरों और हेल्थ डिपार्टमेंट की सख्त हिदायत है कि अगर किसी को सर्दी, खांसी, बुखार, बदन दर्द या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत जांच करवाएं और खुद को आइसोलेट करें। ऐसे मामलों में देरी और लापरवाही दूसरों के लिए खतरा बन सकती है।  क्या रखें सावधानियां?     भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहें     मास्क का इस्तेमाल करें, खासकर सार्वजनिक स्थानों पर     हाथों की सफाई का ध्यान रखें     स्वस्थ खानपान अपनाएं     हल्के लक्षण दिखें तो टेस्ट जरूर कराएं   recent visitors 71

जर्मन विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने बर्लिन में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता की

नई दिल्ली जर्मनी ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की कार्रवाई का मजबूती से समर्थन किया है। जर्मन विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने शुक्रवार को बर्लिन में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। वाडेफुल ने कहा, '22 अप्रैल को भारत पर हुए क्रूर आतंकी हमले से हम स्तब्ध थे। हम इस नागरिकों पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। हमारी गहरी संवेदनाएं सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। दोनों पक्षों से सैन्य कार्रवाई के बाद भारत को निश्चित रूप से आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने का अधिकार है। अब युद्धविराम लागू हो गया है, इसे हम बहुत सराहते हैं।' विदेश मंत्री वाडेफुल ने कहा कि जर्मनी और भारत वर्षों से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में समर्थन को बढ़ावा दे रहे हैं। हम इसे और गहरा करने का इरादा रखते हैं। उन्होंने कहा, 'जर्मनी आतंकवाद के खिलाफ किसी भी लड़ाई का समर्थन करेगा। आतंकवाद को विश्व में कहीं भी स्थान नहीं होना चाहिए। इसीलिए हम हर उस व्यक्ति का समर्थन करेंगे जो आतंकवाद से लड़ रहा है। हम इस बात की बहुत सराहना करते हैं कि युद्धविराम हो गया है। हमें उम्मीद है कि जल्द ही इसका समाधान निकलेगा।' भारत ने विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि जर्मन सरकार ने यह समझ व्यक्त की है कि प्रत्येक देश को आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने का अधिकार है। परमाणु ब्लैकमेल को लेकर क्या बोले जयशंकर एस जयशंकर ने कहा है कि भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और परमाणु ब्लैकमेल के आगे कभी नहीं झुकेगा। जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल के साथ शुक्रवार को उन्होंने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन किया। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘भारत पाकिस्तान के साथ पूरी तरह से द्विपक्षीय तरीके से निपटेगा और इस संबंध में किसी को कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।' विदेश मंत्री जयशंकर वर्तमान में तीन देशों की यूरोप यात्रा के तहत जर्मनी में हैं। जयशंकर ने कहा, ‘मैं पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया के तुरंत बाद बर्लिन आया था। मैं आपको वह बताना चाहता हूं जो मैंने उस संदर्भ में वेडफुल को बताया। भारत आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत कभी भी परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा।’ उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ पूरी तरह से द्विपक्षीय तरीके से निपटेगा। इस संबंध में किसी को कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत जर्मनी की इस समझ को महत्व देता है कि हर देश को आतंकवाद के खिलाफ खुद का बचाव करने का अधिकार है।   recent visitors 60

मंत्री सारंग ने कहा- नाथू बरखेड़ा में अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को अत्याधुनिक बनाने के लिये बारीकी से गुणवत्ता पर ध्यान दें

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि नाथू बरखेड़ा में अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को अत्याधुनिक बनाने के लिये बारीकी से गुणवत्ता पर ध्यान दें। उन्होंने पार्किंग, कैफेटेरिया, वॉटर सप्लाई, रिंग रोड, फायर सेफ्टी, वॉटर हार्वेस्टिंग आदि की सुव्यवस्थित प्लानिंग करने के निर्देश दिये। उन्होंने प्लान में अस्थाई पार्किंग और सोलर प्लांट को भी शामिल करने को कहा। मंत्री श्री सारंग शुक्रवार को टी.टी. नगर खेल स्टेडियम में नाथू बरखेड़ा अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। आवागमन के लिये मल्टीपल गेट बनाएं मंत्री श्री सारंग ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मल्टीपल गेट बनाने को भी कहा, जिससे आवागमन में आसानी हो। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में एक ही थीम पर साइनेज की व्यवस्था हो, इसके लिये एक ही कलर और एक ही फॉन्ट का उपयोग हो। मंत्री श्री सारंग ने ऑफिस स्पेस के लिये प्रॉपर व्यवस्था करने को भी कहा। मंत्री श्री सारंग ने पार्किंग तक पहुंच रोड बनाने और कनेक्टिविटी देने के निर्देश दिये। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण मंत्री श्री सारंग ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मापदण्डानुसार निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्यों को तेजी व गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जा रहा है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स मंत्री श्री सारंग ने एथलेटिक्स स्टेडियम, लाइटिंग सिस्टम, प्रैक्टिस हॉकी फील्ड, वार्म-अप ट्रैक, पार्किंग, फुटबॉल फील्ड, वॉटर एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य निर्माण कार्यों को तेज गति से करने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रोजेक्ट की कंस्ट्रक्शन डिटेल्स का प्रस्तुतिकरण भी देखा और तकनीकी पहलुओं पर अधिकारियों से चर्चा की। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इस सर्व-सुविधायुक्त स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के तैयार होने से मध्यप्रदेश में खेलों के लिए एक नया आयाम स्थापित होगा। यहाँ के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण से लेकर प्रतियोगिताओं तक की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मजबूती मिलेगी। बैठक में खेल संचालक श्री राकेश कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव, उप सचिव श्री अजय श्रीवास्तव सहित इंजीनियर्स, प्रोजेक्ट मैनेजर और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 77

उप राष्ट्रपति धनखड़ के 26 मई को नरसिंहपुर प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियों का मंत्री पटेल ने लिया जायजा

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को नरसिंहपुर कृषि उपज मंडी के पास होने वाले कृषि उद्योग समागम के कार्यक्रम स्थल पर तैयारियों का जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ 26 मई को कृषि उद्योग समागम में शामिल होंगे। इस दौरान उन्होंने हेलीपैड स्थल, पौधरोपण स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, ग्रीन रूम, मंच, इन्वेस्टर्स मीट, बैठक व्यवस्था आदि का मुआयना किया। उन्होंने आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये। नरसिंहपुर में 26 मई को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़, राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में कृषि उद्योग समागम का आयोजन होगा। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री पटेल ने कहा कि एशिया महाद्वीप की सबसे ज्यादा उपजाऊ जमीन नरसिंहपुर जिले में है और यहां खेती भी अच्छी होती है। उन्होंने कहा कि हमारा अगला कदम प्रोसेसिंग की तरफ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तीन दिवसीय कृषि उद्योग समागम के आयोजन के लिए नरसिंहपुर जिले को चुना, मैं उनका आभारी हूं। इस मेले में किसान भाईयों को उन्नत खेती करने के तरीके, नई तकनीक एवं मार्गदर्शन दिया जायेगा। 26 से 28 मई तक समागम के तीन दिवसों में इन्वेस्टर्स और जो अतिथि होंगे और आपस में बातचीत करेंगे। इस अवसर पर विधायक श्री महेन्द्र नागेश, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, सहित अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 74

उत्तर प्रदेश में कैच द रेन कार्यक्रम के तहत अमृत वर्षा की बूंद बूंद को सहेज कर भूजल स्तर में सुधार की

लखनऊ भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने इस साल मानसून औसत से अधिक रहने के आसार जताए हैं। इसे देखते हुये घनी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में कैच द रेन कार्यक्रम के तहत अमृत वर्षा की बूंद बूंद को सहेज कर भूजल स्तर में सुधार की तैयारी कर ली गयी है। केरल और पश्चिमी बंगाल में हो रही मानसून की सक्रियता से यह भी पूर्वानुमान है कि इस बार यह समय से पहले या समय से आकर पूरे देश को तर करेगा। उल्लेखनीय है कि जुलाई से लेकर सितंबर तक के मानसून के सीजन में कुल बारिश के औसत का 70 से 80 फीसदी प्राप्त होता है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्ययालय गोरखपुर के पर्यावरण विभाग के अध्यक्ष रहे प्रोफेसर डॉक्टर दिनेश कुमार सिंह के अनुसार, बारिश लिहाज से भारत इंद्र देव से मिलने वाले इस प्रसाद के लिहाज से दुनियां के कई देशों से संपन्न है। यहां चार महीने के दौरान करीब 870 मिलीमीटर बारिश होती है। उत्तर प्रदेश खासकर तराई के एक बड़े इलाके में तो इससे भी अधिक। मसलन अपने देश में पानी की नहीं इसके प्रबंधन की कमी है। हाल ही में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पूरी ने भी इस बात को स्वीकार किया। उनके मुताबिक भारत में जल संकट जल संसाधनों की कमी के नहीं उपलब्ध पानी के कुप्रबंधन के कारण है। डबल इंजन की सरकार (मोदी और योगी) का फोकस इसीलिए बारिश के हर बूंद को सहेजने का है। 2019 अटल भूजल योजना के तहत 'कैच द रेन' का कार्यक्रम इसके लिए ही चलाया गया था। फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निजी रुचि के कारण उत्तर प्रदेश जल संरक्षण के मामले में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है। खेत, तालाब, अमृत सरोवर, लुप्त प्राय हो रही नदियों का पुरुद्धार, नदियों के किनारे बहुउद्देशीय तालाब खासकर गंगा नदी के किनारों पर और केन बेतवा लिंक जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं इसका जरिया बन रही हैं। सरकार ने हाल ही में शहरों में बनने वाले आवासीय इकाइयों के लिए जल संरक्षण अनिवार्य कर दिया है। योगी सरकार शहरी स्थानीय निकायों से यह सुनश्चिति करने के लिए कहती है कि सभी भवन नर्मिाण अनुमतियों में वर्षा जल संचयन संरचनाएं शामिल हों। बता दें कि तृतीय राष्ट्रीय जल पुरस्कार में उत्तर प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। इसी क्रम में खेत तालाब योजना की सफलता को देखते हुए योगी सरकार ने इस योजना के तहत 8500 तालाब के निर्माण का लक्ष्य रखा है। सरकार को उम्मीद है कि इससे अधिकतम समय तक पानी की उपलब्धता के नाते कुल उत्पादन में लगभग 12 फीसद से अधिक की वृद्धि होगी। विशेषकर धान और मक्का के क्षेत्रफल और उपज में। इसी मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 2023 में अमृत सरोवर योजना शुरू गई थी। योगी सरकार ने इस योजना के तहत हर जिले में 75 तालाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा था। फिलहाल इस योजना में उत्तर प्रदेश नंबर एक है। ग्लोबल वार्मिंग से परेशानी ग्लोबल वार्मिंग की वजह से मौसम की अप्रत्याशिता बढ़ी है। कम दिन में अधिक बारिश, उसके बाद सूखे का लंबा दौर हाल के कुछ दशकों में आम बात हो गई है। इससे एक साथ बारी बारी से बाढ़ और सूखे दोनों का सामना करना होता है। एक साथ दोनों संकटों के कारण सरकार द्वारा अधिक संसाधन खर्च करने बाद भी फसलों की पैदावार अच्छी न होने से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। प्रोफेसर डॉक्टर दिनेश कुमार सिंह के अनुसार, पानी की कमी के कारण जिन आठ देशों के फसल उत्पादन में सर्वाधिक गिरावट (28.8 प्रतिशत) संभव है, उसमें भारत सर्वाधिक है। स्वाभाविक है कि उत्तर प्रदेश इससे सर्वाधिक प्रभावित होगा। बाकी देश जिनके उत्पादन में गिरावट संभव है वे हैं मेक्सिको 25.7, ऑस्ट्रेलिया 15.6 संयुक्त राज्य अमेरिका आठ, रूस 6.2,अर्जेंटीना 2.2,दक्षिण पूर्वी एशियाई देश में 18 प्रतिशत हैं। बारिश की ये टेंडेंसी भी बदल रही है। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में करीब 77 वर्षों के दौरान औसत बारिश में 320 मिलीमीटर की कमी आई है। मसलन सालाना 4.2 मिलीमीटर की कमी। यह पहले के सालाना औसत 1068.4 मिलीमीटर से घटकर 800 से 900 मिलीमीटर तक आ गई है। शायद यही वजह है कि हर संभव तरीके से बुंदेलखंड में जल संरक्षण पर योगी सरकार का सर्वाधिक फोकस भी है। खेत तालाब योजना की शुरुआत भी यहीं से हुई थी। सिंचाई और जलसंरक्षण की छोटी बड़ी कई परियोजनाओं से बुंदेलखंड को आच्छादित किया जा रहा है। सिंचाई के दौरान अपेक्षाकृत दक्ष विधाओं ड्रिप एवं स्प्रिंकलर के उपयोग के लिए भी यहां के किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। केन बेतवा लिंक के पूरा होने पर यह इस लिहाज से मील का पत्थर साबित होगी।   recent visitors 69

पड़ोसी देश 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान उसके निर्माण में बीएसएफ की बड़ी भूमिका को नजरअंदाज न करे: अमित शाह

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पड़ोसी देश बांग्लादेश के रोज-रोज के नए पैंतरों पर स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि उसका जन्म कैसे हुआ है और उसके निर्माण में भारत के सीमा सुरक्षा बल (BSF) की क्या भूमिका थी। उन्होंने दो टूक लहजे में कहा कि पड़ोसी देश 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान उसके निर्माण में बीएसएफ की बड़ी भूमिका को नजरअंदाज न करे। बांग्लादेश के निर्माण में भारत के ऐतिहासिक सहयोग की याद दिलाते हुए शाह ने BSF की महत्वपूर्ण भागीदारी पर भी जोर दिया। शाह ने ये बातें 22वें सीमा सुरक्षा बल अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मारक व्याख्यान को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश को अपने निर्माण में बीएसएफ द्वारा निभाई गई बड़ी भूमिका को नहीं भूलना चाहिए।” इसके साथ ही शाह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों पर भारत की सैन्य कार्रवाई के विरोध में और आतंकवादियों के समर्थन में भारत पर जवाबी कार्रवाई करने से दुनिया भर में पाकिस्तान की पहचान आंतकवाद का समर्थन करने वाले देश की बन गयी है और वह पूरी तरह बेनकाब हो गया है। ऑपरेशन सिंदूर से बेनकाब हुआ पाकिस्तान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बार-बार दावा करता रहा है कि वह आतंकवाद को समर्थन नहीं देता है लेकिन ऑपरेशन सिन्दूर के बाद के घटनाक्रमों ने उसे दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिन्दूर में भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान में केवल नौ आतंकवादी अड्डों को तबाह किया था और सैन्य तथा असैनिक अड्डों को निशाना नहीं बनाया था लेकिन पाकिस्तान ने बौखलाहट में आकर भारतीय सैन्य ठिकानों और असैनिक ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की। आतंकवाद को प्रश्रय दे रहा पाकिस्तान गृह मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की नाकाम कोशिशों ने साबित कर दिया है कि वह आतंकवाद का समर्थन करता है और आतंकवादियों को शह दे रहा है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर के बाद के घटनाक्रम से पाकिस्तान का पूरी तरह पर्दाफाश हो गया है कि वह आतंकवाद को प्रश्रय दे रहा है। पूरी दुनिया ने देखा कि किस तरह पाकिस्तान सेना के अफसरों ने आतंकवादियों के जनाजों में नमाज पढ़ी। भारतीय सेनाओं की सराहना की जानी चाहिए: शाह उन्होंने कहा कि दूसरी ओर भारतीय सेनाओं की सराहना की जानी चाहिए कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान के केवल सैन्य अड्डों को ही निशाना बनाया और असैनिक क्षेत्रों में हमला नहीं किया। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने भी अपनी वीरता का परिचय देते हुए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। केंद्रीय गृह मंत्री ने बांग्लादेश के साथ लगती सीमा सहित अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा में बीएसएफ की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि पड़ोसी देश बांग्लादेश को अपने निर्माण में बीएसएफ की बड़ी भूमिका को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह देश के लिए जान कुर्बान करने के लिए तैयार रहने की भावना के साथ अपने कर्तव्य पथ पर 1965 से 2025 तक निडरता से चलते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 2,000 से अधिक सीमा प्रहरियों को पूरे देश की ओर से नमन करते हैं। बीएसएफ की स्थापना 1965 में हुई थी के एफ रुस्तमजी बीएसएफ के संस्थापक और पहले महानिदेशक थे। बीएसएफ दुनिया का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल है, जिसमें लगभग 2.75 लाख कर्मी हैं। ये कर्मी पश्चिम में पाकिस्तान और पूर्व में बांग्लादेश के साथ भारतीय सीमाओं की रक्षा करने की जिम्मेदारी उठाते हैं। बीएसएफ की स्थापना 1965 में हुई थी। recent visitors 74