जेएनयू ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अपना शैक्षणिक कैलेंडर किया जारी, रजिस्ट्रेशन 2 जुलाई से 8 जुलाई तक

नई दिल्ली जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अपना शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया है। जारी कैलेंडर में मानसून और शीतकालीन सेमेस्टर की तिथियों, परीक्षाओं और छुट्टियों का स्पष्ट विवरण दिया गया है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 2 जुलाई से 8 जुलाई तक चलेगी मानसून सेमेस्टर 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 2 जुलाई से 8 जुलाई तक चलेगी। सेमेस्टर की अवधि 9 जुलाई से 24 दिसंबर निर्धारित की गई है। 9 जुलाई से 9 दिसंबर तक कक्षाएं चलेंगी, जिसके बाद 10 दिसंबर से 18 दिसंबर तक सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। 30 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे परिणाम परीक्षा परिणाम 30 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे, जबकि 26 दिसंबर से 9 जनवरी तक छात्रों को शीतकालीन अवकाश मिलेगा। इसके बाद शुरू होने वाले शीतकालीन सेमेस्टर 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन 12 जनवरी से 17 जनवरी के बीच किए जाएंगे। यह सेमेस्टर 16 जनवरी से 26 मई तक चलेगा। शीतकालीन सेमेस्टर की परीक्षाएं 16 मई से 23 मई तक होंगी और परिणाम 10 जून को घोषित किया जाएगा। इसके बाद विश्वविद्यालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश 27 मई से 3 जुलाई तक रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रों और शिक्षकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित तिथियों के अनुसार शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए तैयार रहें, ताकि शैक्षणिक सत्र सुचारू रूप से संचालित हो सके। recent visitors 55

इस बार 65 प्रतिशत प्रशंसक देखना चाहते है आरसीबी की टीम सबसे पसंदीदा बनकर उभरी, नया विजेता चाहते है

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के करीब 65 प्रतिशत प्रशंसकों को इस साल नया ट्रॉफी विजेता मिलने की उम्मीद है जिसमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की टीम सबसे पसंदीदा बनकर उभरी है। यह आंकड़े एक सर्वेक्षण में सामने आए हैं। इस सर्वेक्षण को करने वाले ‘23 वॉट्स इनसाइट्स स्टूडियो' ने बताया कि किशोरों और युवाओं सहित 5,000 से अधिक क्रिकेट प्रशंसकों के बीच 5 मई तक किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक 12 प्रतिशत प्रशंसक दिल्ली कैपिटल्स को विजेता के रूप में देखना चाहते हैं जबकि सात प्रतिशत पंजाब किंग्स के पक्ष में हैं। इस सर्वेक्षण में भाग लेने वाले ज्यादातर लोग चाहते हैं कि दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी लीग में खेलना जारी रखे। धोनी के संन्यास से जुड़े सवाल पर 73 प्रतिशत क्रिकेट प्रशंसकों ने कहा कि वे चाहते हैं कि यह करिश्माई विकेटकीपर बल्लेबाज खेलना जारी रखें। इससे पता चलता है कि भारत के पूर्व कप्तान को देश भर के प्रशंसकों से अब भी मजबूत समर्थन मिल रहा है। लगभग 37.77 प्रतिशत लोगों का मानना है कि धोनी संघर्ष करने के बावजूद अहम खिलाड़ी हैं जबकि 35.13 प्रतिशत का कहना है कि वह चेन्नई सुपर किंग्स की आत्मा की तरह हैं। उभरते हुए खिलाड़ियों में राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी प्रशंसकों के चहेते खिलाड़ी बनते दिख रहे हैं। 31.4 प्रतिशत प्रशंसकों ने आईपीएल 2025 में पदार्पण करने वाले इस खिलाड़ी को सबसे प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटर माना है। उनके बाद मुंबई इंडियंस के अश्वनी कुमार के लिए 21 प्रतिशत प्रशंसकों ने मतदान किया। इस सर्वेक्षण में 78 प्रतिशत प्रशंसकों का मानना है कि ‘इंपैक्ट खिलाड़ी' नियम ने खेल को ज्यादा रणनीतिक और आकर्षक बनाया है जबकि 20 प्रतिशत का मानना है कि यह नियम हरफनमौला खिलाड़ियों के लिए अनुचित है। गुजरात टाइटन्स, आरसीबी और पंजाब किंग्स ने आईपीएल 2025 के प्लेऑफ में जगह बना ली है, जबकि मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स बचे हुए एक स्थान के लिए दावेदारी कर रहे हैं। recent visitors 40

पाकिस्तान खाद्य सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक हालात, खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 0.3 % रह गई

कराची पाकिस्तान अपने मुल्क में आतंकियों को पनाह देता है और यह बात पूरी दुनिया जानती है. ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया. इसस पहले पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को सस्पेंड कर दिया गया और पड़ोसी मुल्क के साथ कारोबार पूरी तरह से रोक दिया गया. ऐसे में पहले से ही खस्ताहाल मुल्क पाकिस्तान की हालत और भी बिगड़ गई है और वहां अकाल जैसे हालात बन गए हैं. भुखमरी जैसे हालात पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान खाद्य सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक हालात का सामना कर रहा है. दिसंबर 2024 तक खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 0.3 प्रतिशत रह गई, जो वर्ष की शुरुआत में दोहरे अंकों से कम थी, लेकिन गरीबी और बेरोजगारी, भोजन तक सबकी पहुंच में सबसे बड़ी बाधा बन रही है. साल 2022 की बाढ़ ने पाकिस्तान पर गहरे निशान छोड़े हैं. साल 2023 और 2024 में बेमौसम की घटनाओं ने आजीविका को खत्म कर दिया, खासकर ग्रामीण बलूचिस्तान, सिंध और खैबर पख्तूनख्वा में संकट ज्यादा गहरा है. इन क्षेत्रों में जलस्तर लगातार घटता जा रहा है, जिससे कृषि घाटा बढ़ रहा है और उसपर निर्भर किसान गहरे कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं. कुपोषण बना चिंता का विषय रिपोर्ट में  ताजा आकलन के मुताबिक बताया गया कि पाकिस्तान में 11 मिलियन लोग IPC फेस 3 संकट या उससे भी बदतर हालात में हैं, जबकि 2.2 मिलियन लोगों के सामने इमरजेंसी जैसी स्थिति है. सिंध और खैबर पख्तूनख्वा में कुपोषण का लगातार बढ़ना चिंताजनक है, जहां कम वजन वाले बच्चों की बड़ी संख्या जन्म लेती है और डायरिया और फेफड़ों से संबंधित इंफेक्शन बढ़ा है. इंडीग्रेटिड फूट सिक्योरिटी फेस क्लासिफिकेशन फेस-3 का मतलब है कि आजीविका को बचाने, खाद्य संकट दूर करने और कुपोषण से लड़ने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है. इन चुनौतियों को ज्यादा जटिल बनाने वाली बात है मानवीय आधार पर मिलने वाले वैश्विक निवेश का घटना, जिसने खाद्य सहायता कार्यक्रमों को कम कर दिया है. वैश्विक संस्थाओं से पाकिस्तान को मानवीय आधार पर मिलने वाली आर्थिक मदद कम हुई है, जिससे वहां खाद्य सुरक्षा, कुपोषण जैसे चुनौतियों से निपटने के लिए चल रहे कार्यक्रम कमजोड़ पड़े हैं. आतंकियों का मददगार PAK डॉन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए तत्काल नीतियों में बदलाव की जरूरत है. केंद्र और प्रांतों को अपना सोशल सिक्योरिटी नेटवर्क मजबूत करने की जरूरत है. साथ ही माताओं और बच्चों के लिए पोषण सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए और कृषि में ज्यादा निवेश करना चाहिए. निर्णायक कार्रवाई के बिना, पाकिस्तान पर भूख और गरीबी के पुराने चंगुल में फिर से फंसने का खतरा मंडरा रहा है. पाकिस्तान की सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा से ज्यादा खर्च आतंकियों पर कर रही है. हाल ही में शहबाज सरकार ने आतंकी मसूद अजहर को 14 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. जब तक वहां की सरकार आतंकियों को पालेगी और उनकी मदद करेगी तब तक आम नागरिकों के हितों की रक्षा होना बहुत मुश्किल है.   recent visitors 63

भारत ओआईसी देशों को सीमा पार आतंकवाद की समस्याओं को लेकर एक बार फिर जानकारी देगा, मित्र देशों से नहीं होगी कोई बात

नई दिल्ली भारतीय सांसदों की टीम अगले कुछ दिनों तक 33 देशों का दौरा करेगी। वहां के सांसदों, सरकार के प्रतिनिधियों, मीडिया और थिंक टैंकों व आम जनों से मिलकर ना सिर्फ पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के बारे में उन्हें जानकारी देगी, बल्कि पाकिस्तान के आतंकी चेहरे का भी पर्दाफाश करेगी। विदेश जाने वाली टीम में कौन-कौन होगा? इस टीम में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा विदेश मंत्रालय के कुछ पुराने व अनुभवी राजनयिक भी हैं। टीम कब से कब तक करेगी दौरा? सात हिस्सों में बंटी इस टीम का दौरा 23 मई से शुरू होगा और तीन जून, 2025 को समाप्त होगा। टीम कहां-कहां जाएगी? टीम कहां-कहां जाएगी, इसका फैसला करने के समय इस बात का ख्याल रखा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की मदद करने वाले किसी भी देश का दौरा नहीं किया जाए। यानी भारतीय टीम तुर्की, चीन, अजरबैजान नहीं जा रही। विदेश मंत्रालय की तरफ से जो जानकारी दी गई है, उससे यह भी पता चलता है कि उन देशों को खास तौर पर तवज्जो दी गई है, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के सदस्य हैं। देखा जाए तो यूएनएससी के पांच स्थाई सदस्यों में से चीन को छोड़कर अन्य चारों देश अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस का दौरा भारतीय प्रतिनिधिमंडल करेगा। इसी तरह से 10 अस्थाई सदस्यों में से पाकिस्तान और सोमालिया को छोड़कर मौजूदा अन्य आठ अस्थाई सदस्य देश अल्जीरिया, डेनमार्क, दक्षिण कोरिया, सिएरा लियोन, गुयाना, पनामा, स्लोवेनिया और ग्रीस की यात्रा पर भारतीय टीम जाएगी। बता दें कि पहलगाम हमले के बाद भी पीएम नरेंद्र मोदी ने चीन के अलावा यूएनएससी के अन्य स्थाई सदस्यों के प्रमुखों से टेलीफोन पर बात की थी। जबकि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 10 अस्थाई सदस्यों में पाकिस्तान को छोड़ कर अन्य नौ सदस्यों के विदेश मंत्रियों के साथ विमर्श किया था। इन सभी को भारत में सीमा पर आतंकवाद को बढ़ावा देने को लेकर पाक के समर्थन में चल रही गतिविधियों के बारे में बताया गया था। किन देशों में नहीं जाएगी टीम? विदेश मंत्रालय मानता है कि जिस तरह से तुर्की व चीन ने पूरे मामले में भारत के विचारों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है, उसे देखते हुए इन्हें अपने पक्ष के बारे में अब जानकारी देने का कोई मतलब नहीं है। बहरहाल, भारतीय दल इस्लामिक देशों के संगठन (ओआईसी ) के कई सदस्य देशों की यात्रा करने वाला है, जिनमें कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, मलेशिया, यूएई, कतर और मिस्र हैं। इनमें से कई देशों के साथ भारत के बेहद पारंपरिक रिश्ते है। बता दें कि जब पहलगाम हमला हुआ था, तब पीएम मोदी सऊदी अरब की यात्रा पर थे। सऊदी अरब पाकिस्तान का भी मित्र देश है, लेकिन तब सऊदी अरब ने ना सिर्फ इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की थी, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को मदद की पेशकश भी की थी। इसके बाद में ओआईसी की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ एक बयान भी जारी हुआ था। ऐसे में भारत ओआईसी देशों को सीमा पार आतंकवाद की समस्याओं को लेकर एक बार फिर जानकारी देगा। recent visitors 68

रिपोर्ट: भारत से तुर्की और अजरबैजान के लिए वीजा आवेदनों में 42 प्रतिशत की तीव्र गिरावट दर्ज की गई

नई दिल्ली भारत से तुर्की और अजरबैजान के लिए वीजा आवेदनों में 42 प्रतिशत की तीव्र गिरावट दर्ज की गई है। यह जानकारी मंगलवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई। हालिया भारत-पाक संघर्ष में दोनों ही देशों ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया, जिसके चलते भारतीयों की ओर से इस तरह की प्रतिक्रिया दी जा रही है। वीजा प्रॉसेसिंग प्लेटफॉर्म एटलिस से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, केवल 36 घंटों के भीतर, वीजा आवेदन प्रक्रिया को बीच में ही छोड़ने वाले यूजर्स की संख्या में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एटलिस के संस्थापक और सीईओ मोहक नाहटा ने कहा, "प्रतिक्रिया तीव्र और व्यवहारिक थी। लोगों को कुछ गंतव्यों से बचने के लिए कहने की आवश्यकता नहीं थी। वे सहज ज्ञान, जानकारी और विकल्पों तक पहुंच के आधार पर आगे बढ़े। यह मॉडर्न ट्रैवल को दिखाता है।" उन्होंने आगे कहा, "इसी भावना में हमने भारत के साथ खड़े होकर और राष्ट्रीय भावना के साथ एकजुटता दिखाते हुए तुर्की और अजरबैजान के लिए सभी मार्केटिंग प्रयासों को भी रोक दिया।" दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से आने वाले यात्रियों ने तुर्की जाने के लिए आवेदनों में 53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करवाई, जबकि इंदौर और जयपुर जैसे टियर 2 शहरों से आने वाले यात्रियों की रुचि अधिक मजबूत रही, जो केवल 20 प्रतिशत कम रही। अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार करने वाले यात्रियों की प्रकृति में भी बदलाव आया। पारिवारिक यात्राओं सहित ग्रुप वीजा रिक्वेस्ट में लगभग 49 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि सोलो और कपल रिक्वेस्ट में 27 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे पता चलता है कि ग्रुप ट्रैवलर्स, जो अक्सर पहले से योजना बनाते हैं और राजनीतिक भावनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, व्यक्तिगत यात्रियों की तुलना में अधिक निर्णायक रूप से प्रतिक्रिया करते हैं। एटलिस डेटा ने उम्र और इरादे के बारे में शुरुआती संकेत भी प्रकट किए। 25 से 34 वर्ष की आयु के यात्रियों के जल्दी से अपना रास्ता बदलने की संभावना सबसे अधिक थी, जिन्होंने तुर्की के लिए मिड-प्रोसेस एप्लिकेशन गिरावट में 70 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया। दिलचस्प बात यह है कि महिला यात्रियों के गंतव्य को पूरी तरह से बदलने की संभावना अधिक थी, जिसमें वियतनाम या थाईलैंड जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के लिए आवेदन फिर से शुरू करने की प्रवृत्ति 2.3 गुना अधिक थी। जब तुर्की और अजरबैजान का रुझान कम हुआ, तो वैकल्पिक गंतव्यों की लोकप्रियता में उछाल आया। आंकड़ों से पता चला कि इसके बाद के दिनों में वियतनाम, इंडोनेशिया और मिस्र के लिए आवेदनों में 31 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई। recent visitors 65

मंत्री छगन भुजबल ने कहा- मुझे जो भी विभाग कार्य करने के लिए दिया जाएगा, मुझे वह स्वीकार होगा

मुंबई महाराष्ट्र सरकार में मंगलवार को मंत्री पद की शपथ लेने के बाद एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने कहा कि मंत्री पद की शपथ ली है। मुझे कौन सा विभाग मिलेगा, इसके बारे में मैं कैसे कह सकता हूं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तय करेंगे कि मुझे कौन सा विभाग मिलेगा। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि मुख्यमंत्री की ओर से मुझे जो भी विभाग कार्य करने के लिए दिया जाएगा, मुझे वह स्वीकार होगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज के लिए मैं बीते 25 वर्षों से कार्य कर रहा हूं। पूर्व में मैंने जातिगत जनगणना की मांग को लेकर कई रैलियां की। मुझे खुशी इस बात की है कि केंद्र सरकार ने जातिगत जनगणना के लिए स्वीकृति दे दी है। देवेंद्र फडणवीस के मंत्रिमंडल का हिस्सा बनने के बाद भुजबल ने कहा, "मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ-साथ प्रफुल्ल पटेल का भी आभार व्यक्त करता हूं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी आभार व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के सभी लोगों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों, समता परिषद के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त करता हूं। मैं उन सभी का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अब तक मुझे प्यार और स्नेह दिया है।" भुजबल को खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग मिलने की उम्मीद है, उन्होंने इससे पहले इस विभाग की जिम्मेदारी उद्धव ठाकरे और फिर एकनाथ शिंदे (2019-24) के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों में संभाली थी। बता दें कि 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था, लेकिन भुजबल को मंत्री पद नहीं दिया था। इससे आहत भुजबल ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपनी नाराजगी खुले तौर पर जाहिर की थी और कहा था कि पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के ओबीसी मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने के बावजूद उनके बारे में विचार नहीं किया गया। recent visitors 62

लोकमाता देवी अहिल्याबाई को समर्पित मंत्रि-परिषद की बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में इंदौर के राजवाड़ा में हुई संपन्न

भोपाल लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के 300 वें जयंती वर्ष पर उनके आदर्शो और मूल्यों को समर्पित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक इंदौर में राजवाड़ा के दरबार हॉल में हुई। मंत्रि-परिषद ने 3 हजार 867 करोड़ रूपये की योजना और निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर प्रशिक्षण कार्यकम योजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दी। इसमें युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जायेगे। योजना में जरूरतमंद व्यक्ति बैंक ब्याज में एक हजार रुपए प्रतिवर्ष छूट के साथ पूरे जीवनकाल के लिए अधिकतम 10 हजार रूपये प्रति व्यक्ति ऋण के ब्याज पर छूट प्राप्त कर सकेगा। प्रतिवर्ष योजना पर लगभग 100 करोड़ रूपए का व्यय किया जायेगा। मध्यप्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम- 2025 की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने "मध्यप्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम-2025" को स्वीकृत करने का निर्णय लिया हैं। अधिनियम-2025 लागू होने के बाद "महानगर योजना समिति" एवं "महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण" का गठन किया जा सकेगा। साथ ही प्रदेश में "इंदौर-उज्जैन-देवास-धार" एवं "भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़)" के लिए महानगर योजना समिति एवं महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन राज्य सरकार द्वारा किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भारतीय संविधान में विहित प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों का क्षेत्रीय स्तर पर समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए "महानगर योजना समिति" एवं "महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण" गठित करने के लिए घोषणा की गई थी। महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा "महानगर क्षेत्र" के लिए विकास योजना प्रारूप तैयार कर महानगर योजना समिति से विकास योजना अनुमोदन हेतु राज्य सरकार को प्रेषित की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा महानगर क्षेत्र की विकास योजना को अनुमोदन प्रदान करने के बाद विकास योजना का क्रियान्वयन महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। महानगर क्षेत्र की विकास योजना में ऐसे क्षेत्र की भौगोलिक आवश्यकता अनुसार शैक्षणिक, औ‌द्योगिक, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में विकास हो सकेगा, जिससे कि रोजगार एवं आर्थिक विकास संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता मिशन कार्यक्रम की वित्तीय वर्ष-2028-29 तक निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता मिशन कार्यक्रम की वित्तीय वर्ष-2028-29 तक निरंतरता की स्वीकृति दी। इसमें आगामी 4 वित्तीय वर्षों 2025-26, 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के लिए राज्यांश राशि 167 करोड़ 74 लाख रूपये और निकाय अंशदान राशि 59 करोड़ 31 लाख रूपये, कुल राशि 227 करोड़ 5 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है। योजना में राशि का प्रयोग प्रदेश के नगरीय निकायों में सेप्टिक टैंक से निकलने वाले स्लज के परिवहन के लिए डी-स्लजिंग वाहन, सीवर लाईन की सफाई के लिए सफाई उपकरणों, ठोस अपशिष्ट के संग्रहण एवं परिवहन के लिए वाहन तथा नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई मित्रों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण एवं पीपीई किट के लिए अनुदान प्रदान कर तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जायेगा। राज्य स्तर पर संचालित नगरीय स्वच्छता की समस्त गतिविधियों को समेकित कर मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता कार्यक्रम का आरम्भ 28 अगस्त 2012 को किया गया था। प्रदेश के 04 औद्योगिक क्षेत्र में 249 करोड़ 66 लाख रूपये की लागत से वर्किंग वीमेन हॉस्टल के निर्माण की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में महिला श्रम शक्ति भागीदारी दर को बढ़ाने , बेहतर वातावरण प्रदान करने और महिलाओं के कामकाजी जीवन को आसान बनाने के लिए प्रदेश के 04 औद्योगिक क्षेत्र में 249 करोड़ 66 लाख रूपये की लागत से वर्किंग वीमेन हॉस्टल के निर्माण की स्वीकृति दी है। विक्रम उद्योगपुरी जिला उज्जैन, पीथमपुर सेक्टर-1 एवं 2 जिला धार, मालनपुर घिरौंगी (भिंड) एवं मंडीदीप (रायसेन) में कामकाजी महिला छात्रावासों अन्तर्गत कुल 26 हॉस्टलों और भवनों का निर्माण किया जायेगा। प्रत्येक में 222 बेड की क्षमता होगी। इस प्रकार कुल 5 हजार 572 बेड क्षमता के हॉस्टलों का निर्माण भारत सरकार के सहयोग से औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अन्तर्गत एमपीआईडीसी लि. द्वारा किया जायेगा। भारत सरकार द्वारा "स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेटस फॉर कैपिटल इंवेस्टमेंट 2024-25" स्कीम में वर्किंग वीमेन हॉस्टल के निर्माण किया जाना है। वर्किंग वीमेन हॉस्टल्स में आधुनिक सुविधाएं, पर्याप्त पार्किंग, फूड कोर्ट और मनोरंजन तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए स्थान उपलब्ध होगा। कामकाजी महिला छात्रावासों में महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और नौकरी के अवसरों की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जायेगी। रियायती दरों पर भोजन एवं न्यूनतम किराये पर बेड उपलब्ध कराया जायेगा। बुनियादी अधोसंरचनाओं जैसे-पार्किंग, रिक्रिएशनल रूम, पेन्ट्री, डायनिंग एरिया, कॉमन टॉयलेटस, कॉमर्शियल दुकानें इत्यादि सुविधाओं का निर्माण किया जायेगा। कार्यरत महिलाओं के बच्चों की उचित देखभाल के लिए झूला घर का भी प्रावधान किया गया है।   recent visitors 40