रीवा-भोपाल सावन स्पेशल सुपरफास्ट की शुरुआत 17 अगस्त, जबलपुर होकर चलेगी नई ट्रेन, जानें टाइम-टेबल

भोपाल  भाई-बहन के स्नेह पर्व रक्षाबंधन में बड़ी संख्या में लोग अपने घर आते हैं। ट्रेन में चढ़ने-उतरने की भारी आपाधापी रहती है। ऐसे में यात्रियों की सुविधा के लिए रेल प्रबंधन स्पेशल ट्रेनें चलाने जा रहा है। इसी सिलसिले में 17 अगस्त को रीवा-रानी कमलापति के मध्य एक-एक ट्रिप सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। यह ट्रेन भोपाल रेल मंडल के बीना, विदिशा स्टेशन पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी। इस ट्रेन में कुल 22 डिब्बे होंगे। यह रहेगा ट्रेन का शेड्यूल ट्रेन संख्या 02190 रीवा-रानी कमलापति सुपरफास्ट रक्षाबंधन स्पेशल 17 अगस्त शनिवार को रीवा स्टेशन से 12:30 बजे प्रस्थान कर, मार्ग के अन्य स्टेशन से होते हुए शाम 6:45 बजे बीना, 7:50 बजे विदिशा और 9:15 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार ट्रेन 02189 रानी कमलापति- रीवा सुपरफास्ट रक्षाबंधन स्पेशल 17 अगस्त शनिवार को रानी कमलापति स्टेशन से 10:15 बजे प्रस्थान कर, 11:08 बजे विदिशा, अगले दिन 12.20 बजे बीना पहुंचकर, मार्ग के अन्य स्टेशन से होते हुए सुबह 07:20 बजे रीवा स्टेशन पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर होगा ठहराव यह स्पेशल ट्रेन सफर के दौरान दोनों दिशाओं में सतना, मैहर, कटनी, मुडवारा, दमोह, सागर, बीना और विदिशा स्टेशनों पर ठहराव लेकर चलेगी। यह रहेगी कोच की स्थित इस ट्रेन में 01 वातानुकूलित प्रथम श्रेणी, 02 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी, 04 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी, 11 शयनयान श्रेणी, 02 सामान्य श्रेणी, 01 जनरेटर कार और 01 एसएलआरडी सहित कुल 22 डिब्बे होंगे। नई ट्रेन का टाइम-टेबल ट्रेन नंबर 22145 भोपाल-रीवा सुपरफास्ट द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस भोपाल से प्रत्येक शुक्रवार और रविवार रात्रि 23:00 बजे प्रस्थान कर रानी कमलापति 23:13 बजे, नर्मदापुरम अगले दिन मध्य रात्रि 00:13 बजे, इटारसी 00:55 बजे, पिपरिया 02:02 बजे, गाडरवारा 02:38 बजे, नरसिंहपुर 03:12 बजे, जबलपुर 04:45 बजे, कटनी 06:05 बजे, मैहर 06:53 बजे, सतना 07:40 बजे और सुबह 09:15 बजे रीवा पहुंचेगी. इसी प्रकार, ट्रेन संख्या 22146 रीवा-भोपाल सुपरफास्ट द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस 3 अगस्त से रीवा से प्रत्येक शनिवार और सोमवार रात्रि 22:30 बजे प्रस्थान कर सतना 23:25 बजे, मैहर 23:53 बजे, कटनी अगले दिन मध्य रात्रि 00:50 बजे, जबलपुर 02:10 बजे, नरसिंहपुर 03:28 बजे, गाडरवारा 03:58 बजे, पिपरिया 04:33 बजे, इटारसी 05:50 बजे, नर्मदापुरम 06:18 बजे, रानी कमलापति 07:28 बजे और सुबह 08:05 बजे भोपाल स्टेशन पहुंचेगी. recent visitors 223

वन विभाग उस ट्रेन को ‘जब्त’ करने वाली है, जिसकी टक्कर से रेलवे ट्रैक पर तीन बाघ शावकों की मौत हुई थी

भोपाल मध्य प्रदेश वन विभाग उस ट्रेन को 'जब्त' करने पर विचार कर रहा है, जिसकी टक्कर से मिडघाट-बुधनी रेलवे ट्रैक पर तीन बाघ शावकों की मौत हुई थी। रातापानी वन्यजीव अभयारण्य से होकर गुजरने वाली इस ट्रेन की चपेट में 3 बाघ शावक आए थे, जिनमें से एक की मौके पर मौत हुई और बचे 2 शावक रेस्क्यू के लगभग 15 दिन बाद दम तोड़ गए थे। उच्च अधिकारियों पर दबाव सूत्रों के अनुसार, 'टाइगर स्टेट' एमपी में वन अधिकारी निर्णायक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों पर दबाव डाल रहे हैं। इसके लिए असम सरकार के फैसले का उदाहरण लिया जा रहा है, जिसने एक रेलवे इंजन को 'जब्त' कर लिया था, जिससे अक्टूबर 2020 में एक हाथी और उसके बच्चे की मौत हो गई थी। त्रासदी से सबक तीन शावकों की मौत ने मप्र के वन अधिकारियों को सदमे में डाल दिया है। उनका मानना है कि यह त्रासदी पूरी तरह से टाली जा सकती थी। तीनों शावक 14 जुलाई की रात को ट्रेन की चपेट में आ गए थे। एक की मौके पर मौत हो गई, जबकि उसके दो भाई-बहन एक पखवाड़े तक तड़पते रहे और फिर उनकी भी मौत हो गई। वन विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि 'हमें उस ट्रेन के इंजन को जब्त कर लेना चाहिए जिसने इन शावकों को तब टक्कर मारी जब वे अपनी मां के पीछे चल रहे थे। यह एक ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। अगर असम वन विभाग एक जंगली हाथी और बछड़े की मौत के लिए इंजन 'जब्त' कर सकता है, तो हम अपने बाघ शावकों के लिए ऐसा क्यों नहीं कर सकते?' ट्रेन की पहचान और जिम्मेदारी वन अधिकारी ट्रेन की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। एक अन्य आईएफएस अधिकारी ने कहा 'पटरियां जंगल से होकर गुजरती हैं और यह हमेशा वन भूमि रहेगी। शमन उपाय करना और तीसरी लाइन के लिए पर्यावरण मंजूरी के दौरान दी गई शर्तों का अनुपालन करना रेलवे की जिम्मेदारी है।' पिछले हादसे सीहोर और रायसेन जिलों में बरखेड़ा और बुधनी के बीच 20 किलोमीटर लंबे इस रेलवे खंड पर ट्रेनों की चपेट में आने से इन तीन शावकों सहित आठ बाघों की मौत हो गई है। 2015 के बाद से ट्रेन दुर्घटनाओं में 14 तेंदुए और एक भालू भी मारे गए हैं। एमपी के वनवासियों का कहना है कि तीन शावकों की मौत एक महत्वपूर्ण बिंदु है। वे असम सरकार की कार्रवाई का हवाला देते हैं, जहां उसका वन विभाग गुवाहाटी में बामुनिमैदान रेलवे यार्ड में गया और 27 सितंबर, 2020 को एक हाथी और उसके बच्चे को कुचलने और एक किलोमीटर तक घसीटे जाने के बाद दर्ज किए गए मामले के खिलाफ लोकोमोटिव को 'जब्त' कर लिया। उस घटना में रेलवे ने पायलट और सह-पायलट को निलंबित कर दिया था। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई एक डिप्टी रेंजर ने कहा, 'हाथियों की तरह, बाघ भी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत अनुसूची -1 जानवर हैं। हमारे अधिकारी और फील्ड कर्मचारी उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना खून बहाते हैं। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि आज हम बाघों में नंबर 1 हैं। बाघों की हत्या के लिए कार्रवाई नहीं करने से वनवासियों का मनोबल गिरेगा।' उन्होंने कहा, ट्रेन पायलट अक्सर इस पैच के माध्यम से 20 किमी प्रति घंटे की गति सीमा को पार कर जाते हैं, उन्होंने कहा: 'बाकी बाघों को बचाने के लिए ओवर स्पीडिंग की जांच की जानी चाहिए।' समिति का गठन वन अधिकारियों ने बाघ गलियारों में गति पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे को लिखा था लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने लोको पायलटों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि 'उन्हें मामला दर्ज करना चाहिए और शावकों की मौत की जांच करनी चाहिए। मुझे नहीं पता कि वन विभाग इस पर धीमी गति से क्यों चल रहा है।' वन विभाग ने पश्चिम मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक को पत्र लिखकर यह जांच करने का आग्रह किया है कि बरखेड़ा और बुधनी के बीच तीसरी रेलवे लाइन के निर्माण के लिए लगाई गई शर्तों का पालन किया जा रहा है या नहीं। दुबे कहते हैं, 'उन्हें डीआरएम को एक नोटिस भेजना चाहिए और उस भयानक रात से गुजरने वाली ट्रेनों का विवरण मांगना चाहिए।' वन विभाग ने अनुपालन की निगरानी के लिए एक समिति का गठन किया है। सूत्रों ने कहा कि इसमें रेलवे अधिकारियों को भी शामिल किया जाना है, लेकिन रेलवे ने अभी तक पैनल के लिए कोई नाम नहीं दिया है। वन अधिकारी क्षेत्र के दौरे की तारीख तय करने के लिए रेलवे प्रतिनिधि का इंतजार कर रहे हैं। recent visitors 117

सहारनपुर रेलवे स्टेशन के पास यात्री ट्रेन के पहिये पटरी से उतरे, मौके पर पहुंचे रेलवे अधिकारी

 सहारनपुर सहारनपुर रेलवे स्टेशन के नजदीक अंबाला की तरफ शारदा नगर पुल के नीचे एक यात्री ट्रेन के पहिये पटरी से उतर गए। घटना का पता लगते ही रेलवे अधिकारियों में खलबली मच गई। मौके पर अफसर पहुंचे और तकनीकी टीम को बुलाकर पहियों को पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है। वहीं सांसद इमरान मसूद भी मौके पर पहुंचे। ट्रेन नंबर 01619 दिल्ली सहारनपुर एक्सप्रेस रविवार सुबह स्टेशन पर करीब 11 बजे पहुंची। इसके बाद ट्रेन को वाशिंग लाइन ले जाया जा रहा था। शारदा नगर पुल के नीचे लाइन पर ट्रेन को शंटिंग किया गया। इससे ट्रेन के एक कोच के दो से तीन पहिये पटरी से उतर गए। चालक की जानकारी कंट्रोल रूम में दी गई तो अधिकारियों में खलबली मच गई। अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। मौके पर तकनीकी टीम भी दौड़ी। टीम पहियों को पटरी पर लाने में जुट गई। सांसद इमरान मसूद ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पहिये पटरी उतरने से ट्रेनों के संचालन पर कोई असर नहीं हुआ है। कब और कैसे हुआ हादसा? पटरी से उतरने की घटना तब हुई जब ट्रेन एक पॉइंट पर जा रही थी, जो ट्रैक का एक गतिशील खंड है जिसका उपयोग विभिन्न रेल लाइनों के बीच ट्रेनों को बदलने के लिए किया जाता है। सौभाग्य से, उस समय ट्रेन खाली थी, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। अंबाला डिवीजन में वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) कार्यालय ने घटना की पुष्टि की, यह देखते हुए कि यार्ड को खाली करने और सामान्य परिचालन बहाल करने के प्रयास चल रहे हैं। ट्रेन डेढ़ घंटे से अधिक देरी से दोपहर 12:26 बजे सहारनपुर जंक्शन पर पहुंची थी। रेलवे कर्मचारी फिलहाल पटरी से उतरे दोनों डिब्बों को वापस पटरी पर लाने का काम कर रहे हैं। यह घटना पिछले 18 दिनों के भीतर देश में ट्रेन के पटरी से उतरने की 10वीं घटना है। विशाखापट्टनम रेल हादसा दूसरी तरफ, आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम रेलवे स्टेशन पर रविवार को एक ट्रेन में आग लगने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, कोरबा से विशाखापट्टनम होते हुए तिरुमाला जा रही ट्रेन विशाखापट्टनम रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर खड़ी थी। इस दौरान एसी बोगी एम1, बी7, बी6 बोगियों में अचानक आग लग गई। शुरुआती जांच में पता चला है कि बी7 बोगी के शौचालय में हुए शॉर्ट सर्किट से आग भड़की। ट्रेन के एसी बोगी की एम1, बी7, बी6 बोगियों में आग लगने की जानकारी मिलते ही रेलवे स्टेशन पर हड़कंप मच गया। ट्रेन धू-धू कर जलती दिखी। मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की। हादसे के वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि ट्रेन के कोच से बड़ी-बड़ी लपटें निकल रही है। इस दौरान पूरे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। recent visitors 122