Tuesday, July 7, 2026 8:57 am

‘IAS’ का फॉर्म अब आधार के बिना नहीं भर सकेंगे, UPSC चेयरमैन का बड़ा बयान

चेन्नई  राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों की स्थायी समिति की बैठक शनिवार 24 मई को चेन्नई के सरकारी गेस्ट हाउस में शुरू हुई. संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अजय कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में हरियाणा, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के राज्य लोक सेवा आयोगों के अध्यक्षों ने भाग लिया. यह बैठक दो दिनों तक चलेगी. पहले दिन सरकारी कर्मचारियों की चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने, आपस में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने, चयन प्रक्रियाओं में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने तथा चयन संबंधी मामलों के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई. दूसरे दिन भी परीक्षा से संबंधित आनेवाली परेशानियों पर चर्चा की जाएगी.     मीडिया को संबोधित करते हुए संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा, "यूपीएससी देशभर में परीक्षाएं आयोजित करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. राज्य स्तर की परीक्षाएं भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं. हम लगातार सलाह देते रहे हैं कि ऐसी परीक्षाएं पारदर्शी होनी चाहिए. आने वाले समय में हम यूपीएससी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय आधार को अनिवार्य बनाने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहे हैं." संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि दो दिवसीय स्थायी समिति की इस बैठक में सरकारी सेवा परीक्षाओं के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विभिन्न चर्चाएं होंगी. तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (टीएनपीएससी) के अध्यक्ष एस के प्रभाकर ने कहा, "इस बैठक में हम परीक्षा आयोजित करने के तरीकों, इसमें आने वाली कठिनाइयों, सुधार पद्धति और पारदर्शिता के साथ परीक्षा आयोजित करने की पद्धति सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे." टीएनपीएससी के अध्यक्ष ने कहा, इसके अलावा परीक्षाओं में ओएमआर शीट को बेहतर बनाने, ओएमआर शीट में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने, सुरक्षा सुविधाएं जोड़ने और उत्तर पुस्तिकाओं को सही करने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं. दूसरे राज्यों में परीक्षा देते समय तमिलनाडु के छात्रों को होने वाली कठिनाइयों पर भी चर्चा की जाएगी. recent visitors 61

UPSC में भोपाल से रोमिल द्विवेदी की 27वीं रैंक और क्षितिज आदित्य शर्मा की 58वीं रैंक आई

भोपाल संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट मंगलवार को दोपहर में घोषित कर दिया गया। टॉपर्स की लिस्ट भी जारी हो गई है। प्रयागराज की शक्ति दुबे ने देशभर में पहली रैंक हासिल की है। वहीं मध्यप्रदेश के अभ्यर्थियों ने भी टापर्स की लिस्ट में जगह बनाई है। राजधानी भोपाल से रोमिल द्विवेदी की 27वीं रैंक और क्षितिज आदित्य शर्मा की 58वीं रैंक आई है। जबकि इंदौर के योगेश राजपूत ने भी 540वीं रैंक हासिल कर ली।  मंगलवार को जारी हुआ सिविल सेवा परीक्षा 2024 का रिजल्ट यूपीएससी की आफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर अपलोड कर दिया गया है। अभ्यर्थी अपने नाम और रोल नंबर के साथ रिजल्ट देख सकते हैं। इस साल 1009 अभ्यर्थियों का चयन सिविस सेवा में हुआ है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट मंगलवार को जारी हुआ है। इसमें भोपाल के रोमिल द्विवेदी को 27वीं रैंक मिली है। रोमिल सहकारिता विभाग के डिप्टी कमिश्नर केके द्विवेदी के बेटे हैं। पिछले साल इनका सिलेक्शन ऑल इंडिया रेवेन्यू सर्विस में हुआ था। वहीं भोपाल के क्षितिज आदित्य शर्मा को 58वां स्थान मिला है। इसी तरह इंदौर के योगेश राजपूत को रिजल्ट में 540वीं रैंक मिली है। IRS छोड़ क्षितिज बनेंगे IAS आफिसर भोपाल के क्षितिज आदित्य शर्मा ने 58वीं रैंक के साथ टॉपर्स की लिस्ट में जगह बनाई है। क्षितिज आदित्य शर्मा के शानदार प्रदर्शन से उनके घर खुशी का माहौल है। इससे पहले भी क्षितिज का चयन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में हो गया था, लेकिन मन में आईएएश आफिसर बनने की चाह के कारण उन्होंने दोबारा से यह परीक्षा दी थी। IAS और IPS के लिए 300 पद सिविल सेवा परीक्षा के लिए 180 पद भरे जाएंगे। इनमें 73 अनारक्षित, 24 एससी, 13 एसटी, 52 ओबीसी और 18 EWS श्रेणी के लिए आरक्षित हैं। जबकि पुलिस सेवा (IPS) के लिए 150 पद रखे गए हैं। इनमें 60 अनारक्षित, 23 एससी, 10 एसटी, 42 ओबीसी और 15 EWS श्रेणी के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इंदौर के योगेश का इंडियन पोस्टल सर्विस में हुआ था चयन इंदौर के योगेश राजपूत को 540वीं रैंक मिली है। यह योगेश का चौथा अटेम्ट था। इससे पहले उनका चयन इंडियन पोस्टल सर्विस के लिए हो चुका था, लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं थे। पिछले सप्ताह ही योगेश का इंटरव्यू हुआ है। UPSC ने सिविल सर्विस एग्जाम 2024 का फाइनल रिजल्ट मंगलवार को जारी किया। मध्य प्रदेश के रोमिल द्विवेदी को 27वीं रैंक मिली है। रोमिल सहकारिता विभाग के जॉइंट कमिश्नर केके द्विवेदी के बेटे हैं। पिछले साल इनका सिलेक्शन ऑल इंडिया रेलवे सर्विस में हुआ था। वहीं, इटारसी के गरीबी लाइन निवासी मोनू शर्मा ने 359 वी रैंक हासिल की है। भोपाल के क्षितिज आदित्य शर्मा को 58वां स्थान मिला है। इसी तरह इंदौर के योगेश राजपूत को रिजल्ट में 540वीं रैंक मिली है। 2 साल पहले रोमिल को 364वीं रैंक मिली थी रोमिल द्विवेदी मूल रूप से रीवा के आनंद नगर बोदाबाग के रहने वाले हैं। दो साल पहले उन्हें UPSC में 364वीं रैंक मिली थी। उनका चयन IRS के लिए हुआ था। जबकि इससे पहले रोमिल मुंबई स्थित एक्सिस बैंक में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट रह चुके हैं। जवा तहसील के पुरैना गांव में 21 मार्च 1995 को जन्मे रोमिल द्विवेदी के पिता केके द्विवेदी जॉइंट कमिश्नर सहकारिता भोपाल में पदस्थ हैं। बड़े भाई वन विभाग में हैं। वहीं चाचा प्रकाश द्विवेदी राज्य वित्त सेवा के अधिकारी है। रोमिल अपने चाचा से इंस्पायर होकर ही UPSC की तैयारी कर रहे थे। रोमिल के पिता केके द्विवेदी ने बताया कि उनके बेटे ने बगैर किसी कोचिंग के खुद तैयारी करते हुए यह सफलता हासिल की है। यह हैं यूपीएससी के टॉपर शक्ति दुबे हर्षिता गोयल डोंगरे अर्चित पराग शाह मार्गी चिराग आकाश गर्ग कोमल पुनिया आयुषी बंसल राज कृष्ण झा आदित्य विक्रम अग्रवाल मयंक त्रिपाठी recent visitors 29

प्रयागराज की बिटिया शक्ति दूबे बनीं UPSC टॉपर, IAS बनकर करेंगी देश की सेवा

 नईदिल्ली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने आज, 22 अप्रैल को बहुप्रतीक्षित सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2024 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं. जो उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अब अपना परिणाम UPSC की आधिकारिक वेबसाइट [upsc.gov.in] पर देख सकते हैं. इस बार सीएसई परीक्षा में पहला स्थान प्रयागराज की रहने वाली शक्ति दुबे ने हासिल किया है. वहीं, दूसरे स्थान पर हर्षिता गोयल रही हैं. तीसरे स्थान पर Donre Archit Parag, चौथे स्थान पर Shah Margi Chirag रहे हैं. पांचवें स्थान पर आकाश गर्ग, छठे स्थान पर कोमल पूनिया, सातवां स्थान आयूषी बंसल का है. आप नीचे देख सकते हैं कि इस बार कौन-कौन टॉपर्स रहे हैं… UPSC ने यह फाइनल रिजल्ट पीडीएफ फॉर्मेट में जारी किया है, जिसमें उन उम्मीदवारों के नाम और रोल नंबर शामिल हैं, जिन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित सेवाओं में नियुक्ति के लिए चुना गया है. यह सूची आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है. कुल 1009 कैंडिडेट्स ने पास किया UPSC संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2024 में कुल 1,009 उम्मीदवारों को नियुक्ति के लिए चुना गया है. इन उम्मीदवारों की नियुक्ति भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और अन्य केंद्रीय सेवाओं (ग्रुप A और B) के पदों पर की जाएगी. चयनित उम्मीदवारों में विभिन्न वर्गों के अभ्यर्थी शामिल हैं, जिनमें 335 सामान्य वर्ग, 109 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), 318 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), 160 अनुसूचित जाति (SC) और 87 अनुसूचित जनजाति (ST) से हैं. दिव्यांग श्रेणी से 45 उम्मीदवारों का चयन इस बार दिव्यांग श्रेणी (PwBD) के तहत भी कुल 45 उम्मीदवारों का चयन हुआ है, जिनमें 12 PwBD-1 (दृष्टिबाधित), 8 PwBD-2 (श्रवण बाधित), 16 PwBD-3 (चलने-फिरने में असमर्थता) और 9 PwBD-5 (अन्य दिव्यांगता) के अंतर्गत आते हैं. UPSC की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में भाग लेते हैं, लेकिन चयन कुछ हजारों का ही होता है.   यह परीक्षा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय राजस्व सेवा (IRS) और अन्य ग्रुप A और B सेवाओं में चयन के लिए आयोजित की जाती है.    प्रयागराज की बिटिया शक्ति दुबे की UPSC टॉपर बनने की कहानी प्रयागराज की रहने वालीं शक्ति दुबे ने ऑल इंडिया टॉप किया है। दूसरे नंबर पर हर्षिता गोयल हैं। तीसरा स्‍थान डोंगरे अर्चित पराग का है। यूपीएससी की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में हर साल देश भर से लाखों अभ्‍यर्थी हिस्‍सा लेते हैं। मुख्‍य परीक्षा में सफल होने वाले लगभग 2845 उम्‍मीदवारों को इंटरव्‍यू के लिए बुलाया गया था। शक्ति दुबे ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से बायोकैमेस्‍ट्री में एमएससी की है। 2018 में पोस्‍ट ग्रेजुएट होने के बाद शक्ति दुबे ने सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। सात सालों की 'तपस्‍या' के बाद उन्‍होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर ली है। उनकी सफलता पर घरवालों की खुशी का ठिकाना नहीं है। शक्ति दुबे ने अपनी सफलता का श्रेय घरवालों को दिया है। शक्ति दुबे ने वैकल्पिक विषय के रूप में राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध के साथ परीक्षा पास की है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में बीएससी किया है। recent visitors 42

मध्य प्रदेश के अगले डीजीपी के लिए कैलाश मकवाना का नाम आगे, आखिरी फैसला मुख्यमंत्री ही करेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के चयन को लेकर आज, गुरुवार को दिल्ली में बैठक हुई। शाम 4:30 बजे DGP के लिए तीन नामों के पैनल पर पीएससी ने मोहर लगा दी है। इस तीन आईपीएस अफसरों में अरविंद कुमार (DG होमगार्ड), कैलाश मकवाना (पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन) और 1999 बैच के अजय शर्मा (DG EOW)  हैं। 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं सुधीर कुमार   यूपीएससी के चेयरमैन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दो जॉइंट सेक्रेटरी के अलावा एमपी के मुख्य सचिव अनुराग जैन और मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में भेजे गए 9 आईपीएस अधिकारियों में से तीन नामों के पैनल पर मोहर लगी। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव इनमें से एक नाम पर मोहर लगाएंगे। आपको बता दें कि सुधीर कुमार सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। ये तीन नाम तय किए नए DGP के पद के लिए यूपीएससी ने तीन नामों के पैनल पर मोहर लगाई है। ये तीन नाम 1988 बैच के आईपीएस अफसर अरविंद कुमार (DG होमगार्ड), कैलाश मकवाना (पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन) और 1999 बैच के अजय शर्मा (DG EOW)  हैं। डीजी-आईजी कांफ्रेंस और महत्वपूर्ण निर्णय बता दें कि 28 से 30 नवंबर तक ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में डीजी-आईजी कान्फ्रेंस भी आयोजित होगी। इस कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल उपस्थित रहेंगे। इस दौरान मौजूदा DGP सुधीर कुमार सक्सेना सेवानिवृत्त होंगे। माना जा रहा है कि OSD के रूप में कार्यरत अधिकारी इस कांफ्रेंस में प्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश जाएंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने कार्यकाल की पहली विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। 24 से 30 नवंबर तक उनका ब्रिटेन और जर्मनी का दौरा प्रस्तावित है। 23 नवंबर को पुलिस मुख्यालय (PHQ) में OSD (Officer on Special Duty) कौन होगा, इसकी घोषणा करके ही मुख्यमंत्री जाएंगे, ताकि 30 नवंबर को वर्तमान DGP सुधीर कुमार सक्सेना की विदाई और नए DGP की कुर्सी संभालने की रस्म पूरी हो सके। अब MP DGP की रेस में सबसे आगे हैं IPS कैलाश मकवाना मध्य प्रदेश के ईमानदार पुलिस अफसरों में शुमार भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी कैलाश मकवाना मध्य प्रदेश पुलिस के नए मुखिया यानि डीजीपी बनने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने मध्य प्रदेश के नए डीजीपी पद के लिए तीन आईपीएस अफसरों के पैनल पर अपनी मुहर लगा दी है, जिसमें कैलाश मकवाना का नाम शामिल है। अन्य दो नामों में डीजी होमगार्ड अरविंद कुमार, ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा का नाम है। सीएम पर टिकी है निगाहें पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन कैलाश मकवाना और ईओडब्ल्यू के अजय शर्मा के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा दिख रही है। अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर टिक गई हैं, नए डीजीपी के नाम का ऐलान वे ही करेंगे। तीन नाम हुए हैं फाइनल मध्य प्रदेश सरकार ने नए डीजीपी के लिए 9 वरिष्ठ अधिकारियों के नामों का पैनल यूपीएससी को भेजा था। 21 नवंबर को देर शाम यूपीएससी दिल्ली में बैठक हुई, जिसमें 9 में से 3 नाम फाइनल किए गए। मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। इसके बाद 1 दिसंबर को नए डीजीपी कार्य करना शुरू कर देंगे। रेस में कैलाश मकवाना सबसे आगे कैलाश मकवाना का नाम सबसे उपर इसलिए दिख रहा है क्योंकि फरवरी 2024 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनकी बिगड़ी सीआर को सुधारा था। बताया जाता है कि उन्हें तब 10 में 10 अंक दिए गए। इससे पहले सीआर खराब होने की स्थिति में वह डीजीपी की दावेदारी से बाहर हो रहे थे। साढ़े तीन साल में हुआ था सात बार तबादला मकवाना ने अपनी एसीआर( गोपनीय चरित्रावली) सुधरवाने के लिए मप्र शासन से 9 महीने पहले अपील की थी। उन्होंने रिप्रेजेंटेशन भेजते हुए सरकार से कहा था कि लोकायुक्त संगठन में डीजी रहने के 6 महीने के दौरान उनकी एसीआर खराब कर दी गई। कमल नाथ सरकार में महज एक साल में उनका तीन बार तबादला किया गया था। साढ़े 3 साल में उनका 7 बार तबादला किया गया था। लोकायुक्त का बनाया गया था महानिदेशक मकवाना को वर्ष 2022 में विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त में महानिदेशक बनाया गया था। वे यहां इमानदारी से काम कर रहे थे, भी उन्होंने महाकाल लोक की एक फाइल खोल ली। इसके बाद तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें हटाकर मप्र पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन में चेयरमैन बना दिया था। तब शिवराज के ओएसडी योगेश चौधरी को एडीजी विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त पदस्थ किया गया था। तब उनकी सीआर कम कर दी गई थी। क्या है महाकाल कॉरिडोर 'घोटाला' उज्जैन के महाकाल लोक कॉरिडोर के प्रथम चरण के कामों में भ्रष्टाचार की शिकायत लोकायुक्त तक पहुंची थी। लोकायुक्त संगठन में कांग्रेस विधायक महेश परमार ने शिकायत की है कि तीन आईएएस अफसरों के अलावा 15 अफसरों को नोटिस देकर जवाब मांगा था। लोकायुक्त के नोटिस में तीन आईएएस उज्जैन कलेक्टर और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अध्यक्ष आशीष सिंह, स्मार्ट सिटी उज्जैन के तत्कालीन कार्यपालक निदेशक क्षितिज सिंघल और तत्कालीन नगर निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता शामिल थे। शिकायर्ताओं ने आरोप लगाया था कि ठेकेदार को करोड़ों का लाभ पहुंचाने के लिए एसओआर की दरें और आइटम को बदला गया है। recent visitors 190

कई सिविल सेवा उम्मीदवार आईएएस अधिकारी बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए विषम हालात में रहते हैं, संघर्ष की कहानी

नई दिल्ली छोटे-छोटे, खिड़की रहित कमरों में पेइंग गेस्ट के तौर पर रहने वाले, सिविल सेवा अभ्यर्थियों की आंखों में पलता यह सपना उन्हें राहत देता है कि एक दिन उनका भी आएगा जब वे अफसर बन जाएंगे और अपनी पसंदीदा जिंदगी जिएंगे। ओल्ड राजेंद्र नगर के एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में अचानक पानी भरने से तीन सिविल सेवा अभ्यर्थियों की मौत की घटना ने उन खराब परिस्थितियों को उजागर किया है जिसमें कई सिविल सेवा उम्मीदवार आईएएस अधिकारी बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए विषम हालात में रहते हैं। ओल्ड राजेंद्र नगर हो या मुखर्जी नगर, दिल्ली के विभिन्न कोचिंग केंद्र की कहानी एक जैसी ही है। पिछले डेढ़ साल से राजेंद्र नगर में ग्राउंड फ्लोर पर एक कमरे में रह रहे उत्तर प्रदेश के एक सिविल सेवा अभ्यर्थी ने कहा, ‘‘राजेंद्र नगर और मुखर्जी नगर में लगभग हर मकान के मालिक ने अपने घर को पेइंग गेस्ट आवास में बदल दिया है।'' मुखर्जी नगर में एक कोचिंग सेंटर में कक्षाएं लेने वाले 28 वर्षीय यूपीएससी अभ्यर्थी ने कहा कि छात्रों की संख्या बहुत ज्यादा है और जगह कम है इसलिए गरीब परिवारों के लोगों के पास रहने के लिए बहुत कम विकल्प हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अच्छे पैसे कमाने के लिए पीजी के मालिक एक बड़े कमरे को पर्दे से अलग अलग हिस्से में बांट देते हैं। ऐसे कमरों में करीब पांच से छह छात्र रहते हैं।'' आम तौर पर इन हालात में छात्र सोचते हैं ‘‘अभी झेल लो, एक बार नौकरी लग गई, तो आगे पीछे नौकर-चाकर होंगे।'' शहर के दो कोचिंग केंद्रों में रहने वाले कई सिविल सेवा अभ्यर्थियों का कहना है कि वे बिना खिड़की वाले बेसमेंट में रहते हैं, जो हर बार भारी बारिश होने पर पानी से भर जाते हैं। उनका कहना है कि ऐसे कमरों की कीमत ग्राउंड फ्लोर या ऊपरी मंजिलों के कमरों की तुलना में आधी है। एक अन्य सिविल सेवा अभ्यर्थी ने कहा ‘‘अगर कोई ग्राउंड या ऊपरी मंजिलों पर रहना चाहता है, तो उसे कम से कम 25,000 से 30,000 रुपये प्रति माह खर्च करने होंगे। जो लोग बेसमेंट में रह रहे हैं, उन्हें लगभग 15,000 से 20,000 रुपये प्रति माह देने पड़ रहे हैं। खतरा तो है लेकिन पैसे बच जाते हैं।'' ओल्ड राजेंद्र नगर में एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में बारिश के कारण पानी भर जाने से सिविल सेवा के तीन अभ्यर्थियों की मौत की घटना बाद छात्रों ने कहा कि वे ऐसे बेसमेंट में रहकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। इसके बावजूद वे संघर्ष का महिमामंडन करते हैं। एक छात्र ने कहा, ‘‘यह सिविल सेवाओं का आकर्षण है कि ऐसी समस्याओं को नजर अंदाज कर दिया जाता है।'' न केवल पीजी में भीड़ है बल्कि कक्षाओं का भी यही हाल है। उचित सुविधाएं नहीं होने के बावजूद छात्रों की संख्या बढ़ती ही जाती है। कक्षा में 100 छात्र होने पर भी मालिक 120 से 125 से अधिक छात्रों को समायोजित करने का प्रयास करते हैं। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्र ने कहा, ‘‘जो लोग बैठने या कक्षा में आने में असमर्थ हैं, उन्हें रिकॉर्ड की गई वीडियो सामग्री दी जाती है जिसका वे बेसमेंट की लाइब्रेरी में बैठ कर अध्ययन करते हैं।'' बेसमेंट को पीजी के रूप में किराए पर देना गैरकानूनी है, क्योंकि दिल्ली के मास्टर प्लान (एमपीडी) 2021 में ऐसी जगहों का केवल भंडारण, पार्किंग और उपयोगिता क्षेत्रों के तौर पर उपयोग करने की अनुमति है। असम के एक अन्य आईएएस अभ्यर्थी ने कहा, ‘‘अचानक सरकार सख्त हो गई है, लेकिन यह सिर्फ़ कुछ समय की बात है क्योंकि एक घटना घटी है। हकीकत में कुछ भी लागू नहीं किया जाएगा। समस्या ऐसी ही रहेगी। यह स्थिति सिर्फ़ राजेंद्र नगर के कोचिंग संस्थान तक सीमित नहीं है। सभी की समस्या एक जैसी है।''   recent visitors 193