उज्जैन व्यापार मेले में चार दिनों में 22,873 से अधिक वाहनों की बिक्री, टैक्स में मिल रही भारी छूट

उज्जैन  उज्जैन में विक्रमोत्सव व्यापार मेले में इस साल भी गाड़ियों की बिक्री ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं. अब तक 22,873 वाहन बिक चुके हैं, जिसमें उपभोक्ताओं को 100 करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व छूट मिली है. मेले का समापन 31 मार्च को होना है, लेकिन लोगों की मांग को देखते हुए इसकी तारीख आगे बढ़ाने के लिए आरटीओ को पत्र भेजा गया है. मेले की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हाथों हुआ था. 24 फरवरी से शुरू मेले में अब तक 22,873 वाहनों की हुई बिक्री उज्जैन में विक्रमोत्सव 2025 के तहत आयोजित व्यापार मेला इस साल भी जबरदस्त सफलता की ओर बढ़ रहा है. 24 फरवरी से शुरू हुए इस मेले में अब तक 22,873 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई है. इसमें 18,140 चार पहिया और 5,633 दोपहिया वाहन शामिल हैं. व्यापार मेले में मिल रही 50% की छूट के चलते लोग बड़ी संख्या में अन्य शहरों से भी उज्जैन आकर खरीदारी कर रहे हैं. कार रजिस्ट्रेशन पर मिल रही भारी छूट मेले में कार के रजिस्ट्रेशन शुल्क पर सीधे 50% की टैक्स छूट मिल रही है. पिछले साल (2024) मेले में 23,000 से अधिक वाहनों की बिक्री हुई थी. इस बार इलेक्ट्रिक गाड़ियों की अच्छी-खासी बुकिंग देखने को मिली है. उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह के अनुसार, "इस मेले में मर्सिडीज बेंज(Mercedes-Benz) जैसी लग्जरी गाड़ियां भी बिकी हैं, जिसमें एक कार की कीमत 3 करोड़ रुपये तक रही. जबकि चार बीएमडब्ल्यू (BMW) कारें 1.5 करोड़ रुपये की कीमत पर बेची गईं." कलेक्टर नीरज सिंह ने कहा "व्यापार मेले का समापन 31 मार्च को होना था, लेकिन लोगों के जबरदस्त उत्साह और बिक्री को देखते हुए इसे कुछ दिनों के लिए और बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है. इसके लिए परिवहन विभाग को पत्र लिखा गया है." पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दोपहिया वाहनों की बिक्री में हल्की गिरावट देखी गई है. 2024 में कुल 23,705 वाहनों की बिक्री हुई थी, जिससे 122.11 करोड़ रुपये की राजस्व छूट मिली थी. इस साल भी आंकड़े इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि मेले का विस्तार किया जाए, जिससे और अधिक लोग इस छूट का लाभ उठा सकें. अगर आप भी नए वाहन खरीदने की सोच रहे हैं, तो उज्जैन व्यापार मेले में जरूर जाएं और विशेष छूट का लाभ उठाएं. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 19

मुख्यमंत्री ने किया ‘विक्रमोत्सव कलश यात्रा’ का शुभारंभ, साहित्यिक, सांस्कृतिक और विज्ञान आधारित आयोजन होंगे

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर उज्जैन में ‘विक्रमोत्सव 2025’ की भव्य कलश यात्रा का शुभारंभ किया। ये उत्सव 26 फरवरी से 30 मार्च 2025 तक चलेगा जिसमें कई तरह के साहित्यिक, सांस्कृतिक और विज्ञान आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आज कलश यात्रा के शुभारंभ अवसर पर कई गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। विक्रमोत्सव महादेव के महोत्सव से जुड़ा एक विशेष आयोजन है जो इस बार सम्राट विक्रमादित्य के युग, भारत के गौरव, नवजागरण और भारतीय विद्या पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान कई साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। साथ ही ज्योतिष, विचार गोष्ठियां, इतिहास और विज्ञान से जुड़े आयोजन भी होंगे। साथ ही विक्रम व्यापार मेला भी लगेगा जिसमें लोक और जनजातीय संस्कृति पर आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने किया ‘विक्रमोत्सव कलश यात्रा’ का शुभारंभ सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज महाशिवरात्रि पर उज्जैन में 26 फरवरी से 30 मार्च 2025 तक आयोजित होने वाले ‘विक्रमोत्सव 2025’ में कलश यात्रा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ‘यह विक्रमोत्सव हमारी गौरवशाली संस्कृति एवं लोक कलाओं की जीवंतता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।’ विक्रमोत्सव के तहत उज्जैन सहित प्रदेश की अन्य जगहों पर भी सम्राट विक्रमादित्य, भारतीय ऋषि-वैज्ञानिक परंपरा और देवी अहिल्याबाई से जुड़ी प्रदर्शनियां लगाई जाएं। इसी के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी जानकारियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न आयोजन होंगे। साहित्यिक, सांस्कृतिक और विज्ञान आधारित आयोजन होंगे इस दौरान कई साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।विक्रमोत्सव में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा जिसमें भीली और गोंडी जैसी जनजातीय बोलियों के कवियों को भी आमंत्रित किया जाए।, शोधपरक पुस्तकों ग्रंथों का विमोचन होगा और विक्रम पंचांग का प्रकाशन भी किया जाएगा। साथ ही सम्राट विक्रमादित्य पर लिखे गए गीत, कविताओं और रचनाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, जाणता राजा नाटक की तरह ही सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित एक भव्य नाटक तैयार किया जाए और इसे प्रदेश के कई शहरों के साथ देशभर के प्रमुख नगरों में प्रस्तुत किया जाएगा। इसी के साथ, मुख्यमंत्री ने विक्रमोत्सव में होने वाले राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन में ड्रोन और रोबोटिक-शो के आयोजन के निर्देश दिए हैं। विज्ञान सम्मेलनों में इसरो सहित अन्य महत्वपूर्ण विज्ञान और शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया जाएगा। इस प्रकार विक्रमोत्सव संस्कृति, समाज और अर्थव्यवस्था से जुड़ी गतिविधियों को एक साथ जोड़कर विरासत से विकास की दिशा में एक अनूठा आयोजन होगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 45

26 फरवरी महाशिवरात्रि पर्व से आरंभ होगा विक्रमोत्सव-2025, मुख्यमंत्री ने किया विक्रमोत्सव कैलेंडर का विमोचन

भोपाल  मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व 26 फरवरी से विक्रमोत्सव-2025 की शुरुआत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व 26 फरवरी से विक्रमोत्सव-2025 का आरंभ होगा। सृष्टिकर्ता महादेव के महोत्सव से सृष्टि के आरंभ दिवस वर्ष प्रतिपदा 30 मार्च तक चलने वाला विक्रमोत्सव, सम्राट विक्रमादित्य के युग, भारत उत्कर्ष, नवजागरण और भारत विद्या पर केंद्रित रहेगा। इसके अंतर्गत साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही ज्योतिर्विज्ञान, विचार गोष्ठियाँ, इतिहास और विज्ञान समागम, विक्रम व्यापार मेला, लोक एवं जनजातीय संस्कृति पर आधारित गतिविधियाँ संचालित होंगी। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के ऐप के प्रवर्तन, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन, वस्त्रोद्योग, हथकरघा उपकरणों की प्रदर्शनी के साथ क्षेत्रीय, पौराणिक फिल्मों के महोत्सव और श्रीकृष्ण पर केन्द्रित विशेष फिल्मों का प्रदर्शन और प्रस्तुतियाँ भी विक्रमोत्सव का हिस्सा रहेंगे। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के साथ ही शोधपरक पुस्तकों, ग्रन्थों का लोकार्पण और विक्रम पंचांग का प्रकाशन भी होगा। सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को समाहित किए विरासत से विकास का यह विक्रमोत्सव अपने आप में अनूठा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में विक्रमोत्सव-2025 की आयोजन समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमोत्सव के कैलेंडर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव का आयोजन, सम्राट विक्रमादित्य के बहुआयामी व्यक्तित्व की गरिमा के अनुरूप हो। कार्यक्रम का प्रारंभ अत्यंत निकट है, अतः सभी विभाग, समन्वयपूर्वक निर्धारित समय से पहले ही सभी तैयारियां पूर्ण करना सुनिश्चित करें। आयोजन के सहभागी बनने वाले सभी विद्वतजन, कलाकारों और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों का स्वागत और व्यवस्था “अतिथि देवो भव:” के भाव से की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि महाशिवरात्रि पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार का कष्ट न हो और पर्व की व्यवस्थाएं भी प्रभावित नहीं हों।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव में उज्जैन के साथ अन्य स्थानों पर भी सम्राट विक्रमादित्य, भारतीय ऋषि वैज्ञानिक परंपरा, देवी अहिल्याबाई पर केंद्रित प्रदर्शनियां लगाई जाएं। भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पक्षों पर जन-जन में जानकारी के प्रसार के लिए गतिविधियों संचालित की जाए। उन्होंने प्रदेश की भीली, गोंडी जैसी जनजातीय बोलियां के कवियों को भी कवि सम्मेलन में शामिल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित गीत, कविता और रचनाओं को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव में होने वाले राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन में ड्रोन और रोबोटिक-शो जैसे आयोजन हों। उन्होंने महाकौशल, बुंदेलखंड, बघेलखंड क्षेत्र में भी विज्ञान सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान सम्मेलनों में इसरो सहित अन्य महत्वपूर्ण विज्ञान और शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों को भी आमंत्रित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम संवत के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि संवत, प्रवर्तन की प्रक्रिया सामर्थ्य और सुशासन पर आधारित है, सम्राट विक्रमादित्य के विविध पक्षों पर जन-जन को जानकारी देने के लिए गतिविधियां संचालित की जाना चाहिए। उन्होंने जाणता राजा के समान विकसित महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य की प्रस्तुतियां प्रदेश के विभिन्न शहरों के साथ देश के प्रमुख नगरों में करने के भी निर्देश दिए। विक्रमोत्सव में होने वाले विविध कार्यक्रम “विक्रमोत्सव का भव्य शुभारंभ महाशिवरात्रि के पावन पर्व से होगा। प्रदेश भर में महाशिवरात्रि मेलों का शुभारंभ होगा। उज्जैन में होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम में विंटेज कार, स्पोर्टस बाइक और जनजातीय कलाकारों की प्रस्तुति के साथ कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस अवसर पर 84 महादेव की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्राचीन भारतीय काल गणना पर आधारित “वैदिक घड़ी ऐप” का लोकार्पण होगा। कार्यक्रम में सिंहस्थ-2028 की रूपरेखा का निर्धारण किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत ताल वादक आनंदम शिवमणि एवं लोक गायक हंसराज रघुवंशी की सांगीतिक प्रस्तुति होगी। विक्रम व्यापार मेला के अंतर्गत वस्त्रोद्योग, हथकरघा, उपकरणों की प्रदर्शनी आयोजित होगी। आदि शिल्प के तहत जनजातीय शिल्प, पारम्परिक व्यंजन एवं जनजातीय परंपरागत चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। विक्रमोत्सव में 27 फरवरी से आर्ष भारतीय ऋषि वैज्ञानिक परंपरा, विक्रमकालीन मुद्रा एवं मुद्रांक, श्रीकृष्ण की 64 कलाएँ (मालवा की चितरावन शैली में), श्रीकृष्ण होली पर्व, चौरासी महादेव, जनजातीय प्रतिरूप, सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, प्राचीन भारतीय वाद्य यंत्र, देवी 108 स्वरूप और देवी अहित्या पर निर्मित स्थापत्य पर प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। साथ ही शैव परंपरा एवं वास्तु-विज्ञान, भारत में संवत परंपरा-वैशिष्ट्य एवं प्रमाण पर शोध संगोष्ठी होगी। वायलिन वादक अनुप्रिया देवेताले अपनी प्रस्तुति देंगी। एक से 3 मार्च 2025 तक वैचारिक समागम के अंतर्गत सम्राट विक्रमादित्य का न्याय विषय पर मंथन होगा। आठ मार्च को लोक रंजन में बोलियों का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा। विक्रमोत्सव में दस से 12 मार्च तक अंतर्राष्ट्रीय इतिहास समागम होगा। पन्द्रह से 16 मार्च तक संहिता ज्योतिष एवं वैशिष्ट्य एवं आचार्य वराह‌ मिहिर पर संगोष्ठी, 21 मार्च से महादेव शिल्पकला कार्यशाला तथा प्रतिदिन मांडना शिविर लगाए जाएंगे। इसी क्रम में 21 से 25 मार्च तक पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, आदि बिम्ब के अंतर्गत जनजातीय संस्कृतिक पर केंद्रित फिल्मों का प्रदर्शन होगा। साथ ही 21 से 29 मार्च तक विक्रम नाट्य समारोह, वेद अंताक्षरी, 22 मार्च को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, 26-28 मार्च को राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन और विज्ञान उत्सव होगा। नव सम्वत्सर 30 मार्च को सूर्योपासना, उज्जैनी गौरव दिवस, के साथ ही प्रकाशनों का लोकार्पण होगा। वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण समारोह होगा, लोक प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांगीतिक प्रस्तुति दी जाएगी तथा भव्य आतिशबाजी भी होगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक 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