भारतीय संस्कृति की अनंत शक्ति और सनातन परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक :मुख्यमंत्री साय

रायपुर महाकुंभ 2025 के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीर्थराज प्रयाग के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की। उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायकगण एवं उनके परिवारजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाकुंभ को सनातन धर्म की दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा का महापर्व बताते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति की अनंत शक्ति और सनातन परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 144 वर्षों बाद आयोजित यह विराट महाकुंभ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत की सनातन लोकतांत्रिक परंपराओं को जानने, समझने और आत्मसात करने का अनुपम अवसर भी है। मुख्यमंत्री साय रायपुर से प्रयागराज के लिए रवाना हुए, जहां पहुंचने के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट से मंत्रिमंडल के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ 5 इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से संगम तट के लिए प्रस्थान किया। अरेल घाट पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री साय एवं अन्य गणमान्यजन मोटर बोट से त्रिवेणी संगम पहुंचे और धार्मिक विधि-विधान के अनुसार माँ गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाई और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महाकुंभ भारतीय संस्कृति की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, और इसी परंपरा के अनुरूप छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी यहां स्थापित करने का संकल्प लिया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारतीय आस्था, परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि गंगा, यमुना और सरस्वती का यह त्रिवेणी संगम केवल जल का मिलन नहीं, बल्कि अध्यात्म, परंपरा और संस्कृति का महासंगम है। प्रयागराज महाकुंभ न केवल भारत के लिए, बल्कि समूची मानवता के लिए आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारी आध्यात्मिक जड़ों को सुदृढ़ करने और सनातन संस्कृति के दिव्य स्वरूप को विश्वभर में प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री साय ने उत्तर प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की व्यवस्थाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं ने भी इस दिव्य आयोजन और उसकी व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से सराहना की है। मुख्यमंत्री साय ने सनातन संस्कृति के संवर्धन में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसे हमें भावी पीढ़ियों तक संरक्षित रखना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़वासियों और समस्त देशवासियों को महाकुंभ की शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, समृद्धि और आरोग्य की कामना की। उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारतीय सभ्यता के मूल सिद्धांत—धर्म, करुणा, और आध्यात्मिकता—का उत्सव है, जो समाज को नई दिशा देता है और आध्यात्मिक चेतना को जाग्रत करता है। recent visitors 29

सीएम के साथ महाकुंभ स्नान के लिए गए कांग्रेस के सात विधायक, संगम में लगाई डुबकी, सियासी अटकलें तेज

महाकुंभ. छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने पूरे मंत्रिमंडल, सांसद और विधायकों के साथ प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे हैं. सभी संगम में पहुंच चुके हैं. सीएम साय ने सभी के साथ डुबकी लगाई. सभी लोग क्रूज में सवार होकर संगम में पहुंचे. बता दें कि महाकुंभ में स्नान करने राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कैबिनेट के मंत्री, बीजेपी के विधायक, सांसद और कांग्रेस के 6 विधायक आज प्रयागराज पहुंचे हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा आज छत्तीसगढ़ का मंत्रिमंडल, विधानसभा अध्यक्ष, कांग्रेस के भी विधायक सभी प्रयागराज जा रहे हैं. संगम में स्नान कर सभी पुण्य के भागी बनेंगे. मां गंगा से छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए कामना करेंगे. सीएम विष्णुदेव साय के साथ कांग्रेस के 7 विधायक भी रवाना हुए हैं। कांग्रेस विधायकों के सीएम साय के साथ महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज जाने से सियासत तेज हो गई है। हालांकि छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने साफ किया था कि जो विधायक कुंभ स्नान के लिए जाना चाहते हैं वह जा सकते हैं क्योंकि यह राजनीति का विषय नहीं आस्था का विषय है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय ने प्रयागराज जाने को लेकर कहा, प्रयागराज की भूमि काे वंदन करने जा रहे हैं. नई ऊर्जा के साथ छत्तीसगढ़ वापस आएंगे और नए विश्वास के साथ अपने आस्था को आगे बढ़ाएंगे. मां गंगा से सीएम साहब के लिए उत्तम स्वास्थ्य की कामना करेंगे. छत्तीसगढ़ की जनता से मुख्यमंत्री रात के दो बजे तक मिलते रहते हैं, छत्तीसगढ़ की जनता से उनका मिलना कायम रहे, सीएम की एनर्जी बनी रहे, यही प्रार्थना करेंगे. कौन-कौन से कांग्रेस विधायक हुए रवाना सीएम साय और बीजेपी विधायकों के अलावा कांग्रेस के 7 विधायक भी महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज रवाना हुए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, राघवेंद्र सिंह ,बालेश्वर साहू, व्यास कश्यप, संदीप साहू, विद्यावती सिदार, इंद्र साहू और राजकुमार यादव सीएम के साथ एक ही प्लेन में गंगा स्नान के लिए प्रयागराज के लिए रवाना हुए हैं। क्या कहा सीएम ने प्रयागराज रवाना होने से पहले सीएम विष्णुदेव साय ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा की। सीएम सय ने कहा- आज प्रयागराज महाकुंभ के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान का लाभ प्राप्त होगा। इस पुनीत अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करूंगा। recent visitors 48

मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन का किया निरीक्षण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 13 फरवरी को महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज रवाना होंगे। इस दौरान वे त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण के लिए प्रार्थना करेंगे। निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रातः 8:25 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर से प्रयागराज के लिए प्रस्थान करेंगे और सुबह 9:40 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। इसके बाद 11:15 बजे अरेल घाट और 11:30 बजे त्रिवेणी संगम पहुंचकर कुंभ स्नान एवं पूजन-अर्चन करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 1:50 बजे प्रयागराज स्थित छत्तीसगढ़ पवेलियन पहुंचेंगे, जहां वे राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और श्रद्धालुओं से संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री साय शाम 4:50 बजे प्रयागराज से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे और शाम 6:05 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर पहुंचेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ से कुंभ जाने वाले  श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज में छत्तीसगढ़ पवेलियन में निःशुल्क आवास, भोजन, चिकित्सा सुविधा और परिवहन की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने आज प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन (मंडप) का दौरा किया और छत्तीसगढ़ से कुंभ स्नान हेतु जाने वाले श्रद्धालुओं को उपलब्ध  कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल और संचालक अजय अग्रवाल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने रायपुर के रावणभाठा से आए बच्चों, आर्यन और टकेश्वर से मुलाकात की और महाकुंभ में उनके अनुभवों के बारे में जाना। बच्चों ने भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता की प्रशंसा की। उन्होंने कांकेर से आए श्रद्धालुओं से भी चर्चा की, जिन्होंने सुविधाओं को उत्तम बताते हुए मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 13 फरवरी (गुरुवार) को महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचेंगे। इस दौरान राज्य के मंत्रीगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उनके साथ रहेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेणी संगम में स्नान के बाद छत्तीसगढ़ पवेलियन पहुंचकर छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं से संवाद करेंगे और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। *छत्तीसगढ़ पवेलियन: श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं* मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन (मंडप) तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करना है, जिससे वे धार्मिक यात्रा को आत्मिक शांति और भक्ति भाव के साथ पूरा कर सकें। यहां राज्य से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग ठहरने की सुविधा उपलब्ध है। recent visitors 47

महाकुंभ में छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए विशेष सेवा केंद्र स्थापित किया

रायपुर प्रयागराज महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की आस्था का विराट संगम देखने को मिल रहा है। 13 जनवरी से प्रारंभ हुए इस महापर्व में अब तक करोड़ों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान कर चुके हैं। यह दिव्य आयोजन 26 फरवरी 2025 तक जारी रहेगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए विशेष सेवा केंद्र स्थापित किया है, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन (मंडप) की स्थापना की गई है, जहां राज्य से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क ठहरने और भोजन की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। इस पवेलियन में अब तक 25 हजार से अधिक श्रद्धालु ठहरकर इसका लाभ उठा चुके हैं। छत्तीसगढ़ पवेलियन श्रद्धालुओं के लिए सेवा, सुविधा और आस्था का केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि और संवेदनशीलता से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु बिना किसी कठिनाई के महाकुंभ के दिव्य माहौल का आनंद ले रहे हैं। श्रद्धालुओं ने सराहा छत्तीसगढ़ सरकार की सेवा भावना बिलासपुर से अपने परिवार के साथ प्रयागराज आए आशीष सिंह ने छत्तीसगढ़ पवेलियन में ठहरने के बाद अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाएं अत्यंत सराहनीय हैं। स्वच्छता, सुरक्षा, समय पर नाश्ता और भोजन, मोबाइल चार्जिंग सुविधा, गर्म कंबल, गद्दे और बिस्तर जैसी सुविधाओं ने उनकी यात्रा को सुखद और आरामदायक बना दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस सेवा के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रही है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोककला का विशेष आकर्षण छत्तीसगढ़ पवेलियन केवल श्रद्धालुओं के ठहरने का स्थान नहीं है, बल्कि यह राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी परिचायक है। यहां विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, लोकगीत और संगीत की शानदार प्रस्तुतियाँ श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी भी यहां लगाई गई है, जिससे श्रद्धालु इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर लाभ उठा सकें। महाकुंभ: आस्था और सेवा का महापर्व महाकुंभ हिंदू धर्म में आस्था का सबसे बड़ा और पवित्र आयोजन है, जिसे स्नान, सेवा और आध्यात्मिक शुद्धि का महोत्सव कहा जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क ठहरने और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराना, उनके लिए एक बड़ी राहत और सहूलियत का कार्य है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस संवेदनशील और दूरदर्शी प्रयास से छत्तीसगढ़ के हजारों श्रद्धालु महाकुंभ के आयोजन का लाभ ले रहे हैं। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी नीतियों को दर्शाती है, बल्कि राज्य की आस्था और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता को भी उजागर करती है। 5459/ recent visitors 59

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम गहिरा से उनका गहरा आत्मीय संबंध रहा है, यह पूज्य संत गहिरा गुरु जी की जन्मस्थली और एक पवित्र धाम

रायपुर ग्राम गहिरा में विष्णु महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय: सामूहिक विवाह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वादग्राम गहिरा में विष्णु महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय: सामूहिक विवाह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र स्थित ग्राम गहिरा के संत गहिरा गुरु आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने परम पूज्य गहिरा गुरु जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया और विष्णु महायज्ञ में सम्मिलित होकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने संत गहिरा गुरु जी के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम गहिरा से उनका गहरा आत्मीय संबंध रहा है, यह पूज्य संत गहिरा गुरु जी की जन्मस्थली और एक पवित्र धाम है। उन्होंने स्मरण किया कि पहली बार रायगढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद बनने का सौभाग्य भी उन्हें इसी पवित्र भूमि के आशीर्वाद से प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में सांसदों को अपने क्षेत्र के किसी एक गांव को गोद लेकर विकास कार्य करने के लिए कहा गया था, तब उन्होंने ग्राम गहिरा को चुना और यहां विकास कार्य किए, हालांकि कुछ कार्य अधूरे रह गए थे। मुख्यमंत्री के रूप में पुनः ग्राम गहिरा आने पर उन्होंने कहा कि शायद यह उन्हीं अधूरे कार्यों को पूरा करने का अवसर है। मुख्यमंत्री साय ने गहिरा गुरु संत समाज द्वारा सनातन धर्म और सामाजिक उत्थान में किए जा रहे योगदान की सराहना करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब जनजातीय समुदाय में धर्मांतरण, सामाजिक बुराइयाँ और व्यसन बढ़ रहे थे, तब संत गहिरा गुरु जी ने समाज सुधार का बीड़ा उठाया, गांव-गांव में यज्ञ कराए, रामचरितमानस के पाठ करवाए और समाज को आध्यात्मिक रूप से जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज यह संस्था पूरे प्रदेश में सनातन धर्म को सुदृढ़ करने, समाज को जागरूक करने और संस्कृत की शिक्षा को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस बात की भी प्रशंसा की कि संस्था के माध्यम से जनजातीय समुदाय के बच्चे संस्कृत में अध्ययन कर रहे हैं और सनातन संस्कृति के संवर्धन में एक सराहनीय पहल करते हुए विद्यालय व महाविद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया था, जिसके प्रमाण आज भी प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर विद्यमान हैं। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ के लिए प्रदेशवासियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के ठहरने की संपूर्ण व्यवस्था छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में सतत विकास और सुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे प्रत्येक नागरिक को समृद्धि और सुशासन का लाभ मिले। मुख्यमंत्री साय ग्राम गहिरा में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए और नवविवाहित जोड़ों से परिचय प्राप्त कर उन्हें मंगलमय दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में संत गहिरा गुरु जी के आशीर्वाद से सुशासन और विकास का कार्य निरंतर जारी है। हमारी सरकार राज्य की संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने के लिए दृढ़संकल्पित हैं। इस अवसर पर संत समाज संस्था अध्यक्ष बबरूवाहन महाराज, सचिव खीरेंद्र महाराज, रवि भगत, शान्ता भगत, मनोज सतपती, भास्कर बेहरा,  मधुकर सिंघानिया एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे। recent visitors 48

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  शाम यहां उनके निवास कार्यालय में महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय सांकरा, पाटन दुर्ग के कुलपति प्रोफेसर रवि आर.सक्सेना ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कुलपति प्रोफेसर सक्सेना से चर्चा के दौरान प्रदेश में,  विकासखंडवार उपजाए जाने वाले विशिष्ट फलों और सब्जियों की खेती को प्रोत्साहित करने, खेती की अत्याधुनिक तकनीकी और अनुसंधान कार्यों को किसानों तक पहुंचाने की जरूरत पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने तथा क्षमता विकास के लिए स्किल डेवलपमेंट के कोर्स प्रारंभ करने की पहल विश्वविद्यालय द्वारा की जानी चाहिए, जिससे अधिक से अधिक संख्या में किसान और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें। recent visitors 41

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित हुए अधिकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ बहुत सुंदर प्रदेश है और नैसर्गिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध जैव विविधता इसे खास पहचान देती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज से आए 18 सैन्य और सिविल सर्विस के अधिकारियों के दल ने छत्तीसगढ़ भ्रमण उपरांत उनसे मुलाकात कर अपने अनुभवों को साझा करते हुए यह बातें कही। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता के साथ सभी सैन्य अधिकारियों से उनके छत्तीसगढ़ भ्रमण को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए प्रदेश की भौगोलिक विशेषताओं, सांस्कृतिक धरोहर और विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी अद्वितीय है। प्रदेश का 44 प्रतिशत भूभाग वनाच्छादित है, और आदिवासी समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा हमारी धरोहर का अभिन्न अंग हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौंदर्य अनुपम है। आपने जो यात्रा की है, वह सिर्फ प्राकृतिक दृश्यों का अनुभव नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति और इतिहास से जुड़ा हुआ सफर भी है। यह अनुभव सदैव आपकी स्मृतियों में अंकित रहेगा। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि नक्सल उन्मूलन की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। हम न केवल सुरक्षा दृष्टिकोण से बल्कि शिक्षा, बुनियादी ढांचे और आर्थिक अवसरों के माध्यम से भी इस समस्या का समाधान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में हमने औद्योगिक और शहरी विकास के साथ-साथ ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के उत्थान पर भी समान रूप से ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता, नवाचार और उत्कृष्ट शासन प्रणाली का उदाहरण बने। आपका यह भ्रमण हमारे प्रयासों को एक राष्ट्रीय और वैश्विक दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान करता है। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने अपने प्रवास के दौरान आईआईएम रायपुर, इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर, ग्रीन फील्ड सिटी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का अवलोकन किया। इसके अलावा उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से कानून व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन अभियान के संबंध में चर्चा की। अधिकारियों ने सिरपुर, एजुकेशन सिटी दंतेवाड़ा, कांकेर वुड आर्ट सेंटर, जंगल वारफेयर कॉलेज, कोंडागांव के टाटामारी और शिल्पग्राम, बादल एकेडमी और चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण किया। दल का नेतृत्व कर रहे एडमिरल संदीप सिंह संधु ने बताया कि नेशनल डिफेंस कॉलेज के द्वारा प्रति वर्ष एक वर्षीय कोर्स संचालित किया जाता है, जिसमें सेना, सिविल सेवा और अंतरराष्ट्रीय रक्षा अधिकारियों को रणनीतिक विषयों पर प्रशिक्षित किया जाता है। इस वर्ष 124 अधिकारी इस कोर्स में शामिल हैं, जिनमें 13 भारतीय और 5 अन्य देशों के अधिकारी छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक ढांचे को समझने के लिए भ्रमण पर आए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद झा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी. दयानंद और डॉ. बसवराजू एस उपस्थित रहे। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों में ब्रिगेडियर अमितोज सिंह, संदीप कुमार मिश्रा, कोमोडोर कार्तिक मूर्ति, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध सिंह कंवर, एयर कोमोडोर शेखर यादव, ब्रिगेडियर गुरप्रीत सिंह मान, ब्रिगेडियर रजनीश मोहन, कैप्टन एम. व्ही. ओरपे सहित श्रीलंका, मोरक्को, नाइजीरिया, नेपाल और यूएई के अधिकारी शामिल थे। recent visitors 51