आसवनियों, बॉटलिंग इकाईयों, होटल, बार, क्लब की नियमित सघन जांच सुनिश्चित की जाए:मुख्यमंत्री

 अवैध मदिरा के विनिर्माण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए करें कड़ी कार्रवाई: मुख्यमंत्री साय सीमावर्ती जिलों में स्थापित आबकारी चेक पोस्ट को रखें क्रियाशील-मुख्यमंत्री आसवनियों, बॉटलिंग इकाईयों, होटल, बार, क्लब की नियमित सघन जांच सुनिश्चित की जाए:मुख्यमंत्री महुआ संग्राहकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से अन्य राज्यों की महुआ नीति का अध्ययन करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग के कार्यों की समीक्षा की रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अवैध मदिरा के विनिर्माण, धारण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस विभाग के समन्वय से कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश आबकारी विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सीमावर्ती जिलों में स्थापित आबकारी चेक पोस्ट को क्रियाशील रखें। राज्य में स्थित आसवनियों, बॉटलिंग इकाईयों, होटल, बार, क्लब की नियमित सघन जांच सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आबकारी विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में देशी मदिरा की नवीन बॉटलिंग इकाई हेतु प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार त्वरित कार्यवाही की जाए तथा छत्तीसगढ़ के बाहर निर्मित मदिरा की विनिर्माण इकाईयों को छत्तीसगढ़ में स्वयं के विनिर्माण संयंत्र लगाये जाने के लिये प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए उन्हें कार्य अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग के रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने महुआ संग्राहक वनवासियों को आय के बेहतर साधन उपलब्ध हो सकें, इस उद्देश्य से अन्य राज्यों में प्रचलित महुआ नीति का अध्ययन करने के निर्देश दिये गये। विभाग द्वारा मदिरा दुकानों में कार्यरत कार्मिकों की उपस्थिति के संबंध में लागू आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) की मुख्यमंत्री ने सराहना की।  इसी तरह देशी-विदेशी मदिरा के उपभोक्ताओं को उनकी पसंद अनुरूप मदिरा उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करने हेतु प्रारंभ किये गये ‘मनपसंद ऐप’ में उपयोगकर्ता के डाटा की गोपनीयता बनाए रखने एवं ऐप में प्राप्त सुझाव एवं शिकायत पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश बैठक में दिये गये। मदिरा दुकानों में आवश्यक साफ-सफाई रखने, मदिरा के ब्राण्ड-लेबल का समुचित प्रदर्शन किये जाने तथा निर्धारित पंजियों का अद्यतन संधारण सुनिश्चित किये जाने के निर्देश भी बैठक में दिये गये। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बसंल, राहुल भगत, पी. दयानंद और बसवराजू एस., सचिव सह आयुक्त आबकारी सुआर. संगीता, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्याम लाल धावड़े, विशेष सचिव (आबकारी) देवेन्द्र सिंह भारद्वाज तथा  अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 63

12 से 26 फरवरी तक आयोजित होगा राजिम कुंभ कल्प, अध्यात्म और संस्कृति का भव्य आयोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रयाग के रूप में प्रसिद्ध  राजिम में 12 फरवरी से 26 फरवरी 2025 तक कुंभ कल्प का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष यह अद्भुत धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन 52 एकड़ के नए प्रस्तावित मेला स्थल में संपन्न होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन स्थित बैठक कक्ष में आज राजिम कुंभ कल्प के तैयारियों के संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने शाही स्नान, गंगा आरती, संत समागम समेत कुंभ कल्प के प्रमुख आयोजनों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प 2025 धर्म, आस्था और संस्कृति का अद्भुत समागम होगा और यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और  संस्कृति को प्रदर्शित करने का भी सुंदर माध्यम है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रद्धालुओं को यहां अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त हो और यह आयोजन हमारी गौरवशाली विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाएं।          मुख्यमंत्री साय  ने राजिम कुंभ कल्प के आयोजन में शामिल समस्त विभागों और प्रशासनिक अमले को आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्था, सुरक्षा संबंधी उपाय और स्वच्छता के लिए विशेष ध्यान देने को कहा। साय ने कहा कि "हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस आयोजन को सफल बनाएं और  छत्तीसगढ़ की पहचान के रूप में इसे स्थापित करें। उन्होंने 12 फरवरी को आयोजित माघी पुन्नी स्नान, 21 फरवरी जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम और 26 फरवरी को होने वाले शाही स्नान की तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा।          मुख्यमंत्री साय को अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने राजिम कुंभ कल्प 2025 के आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से आयोजन स्थल में विभिन्न गतिविधियों के लिए निर्धारित स्थानों के बारे में बताया। कुंभ कल्प में नागरिक सुविधाओं, साधु संतों के आवागमन, शाही स्नान और गंगा आरती को लेकर विभाग के तैयारियों के बारे में जानकारी दी।             उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजिम कुंभ कल्प का शुभारंभ होगा और 26 फरवरी महाशिवरात्रि को इसका समापन होगा। राजिम कुंभ कल्प पैरी, महानदी और सोंढूर नदी के संगम पर आयोजित होगा। श्रद्धालु इन पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।             राजिम कुंभ कल्प के संपूर्ण आयोजन के लिए पर्यटन विभाग को नोडल बनाया गया है। 15 दिनों तक चलने वाले इस कुंभ कल्प में पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी साधु संतों का विराट समागम होगा। माघी पुन्नी स्नान, शाही स्नान, जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम विशेष रूप से आयोजित होगा। प्रतिदिन सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन, मेला, मड़ई, मीना बाजार और विभागीय प्रदर्शनी भी कुंभ कल्प का विशेष आकर्षण के रूप में शामिल हैं।           बैठक में विधायक रोहित साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव धर्मस्व अन्बलगन पी., संचालक संस्कृति विवेक आचार्य, आईजी रायपुर अमरेश मिश्रा, कलेक्टर गरियाबंद दीपक अग्रवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 61

मुख्यमंत्री ने संस्था के विकास हेतु 50 लाख रुपए देने की घोषणा की

रायपुर कोई भी देश तभी मजबूत रह सकता है जब उसकी बुनियाद मजबूत हो। हमारे देश की बुनियाद हमारी सनातन परंपराओं में है। सनातन परंपरा हमें वसुधैव कुटुम्बकं की सीख देती है और देशभक्ति का पाठ पढ़ाती है। अपने देश और राज्य की तरक्की के लिए बहुत जरूरी है कि हम अपनी युवा पीढ़ी को भी सनातन परंपरा के वही संस्कार प्रदान करें जो हमें अपने शिक्षकों और अभिभावकों से मिले हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर के समीप ग्राम कंगोली में वेदमाता गायत्री महाविद्यालय के भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गायत्री मंत्र हमारी सनातन परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण मंत्र है। यह मंत्र हमें सन्मार्ग की ओर चलने के लिए प्रेरित करता है। विद्या भारती संस्थान में विद्यार्थियों को श्रेष्ठ शिक्षा के साथ-साथ देशभक्ति के संस्कार भी दिए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री साय ने  कहा कि मानव जीवन में शिक्षा का विशेष महत्व है और इसी ध्येय के साथ प्रदेश सरकार शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास पर भी जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम जैसी उच्च स्तरीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान उपलब्ध हैं। इसके अलावा राज्य में 341 पीएम स्कूल स्थापित किए गए हैं जहां गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही प्रदेश के विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं और अनुकूल वातावरण प्रदान करने नालंदा परिसर भी बड़े शहरों में स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति और दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी के लिए बनाए गए यूथ हॉस्टल के संबंध में भी जानकारी दी। कार्यक्रम को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री साय ने विद्याभारती संस्था के विकास के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की। इस अवसर पर लोकसभा क्षेत्र कांकेर के सांसद भोजराज नाग ने विद्याभारती संस्था के प्रदेश में स्थित विभिन्न संस्थाओं के विकास के लिए सांसद निधि से हर वर्ष एक करोड़ रूपए दिए जाने तथा जगदलपुर विधायक किरणदेव सिंह ने जगदलपुर स्थित संस्था के विकास के लिए 10 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदाय करने की घोषणा की। कार्यक्रम में संस्था प्रमुख राजबहादुर सिंह राणा, संस्थान के महामंत्री नरेन्द्र तनेजा एवं रामदत्त चक्रधर ने संस्था के उद्देश्यों और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री साय ने सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित यज्ञ में सम्मिलित होकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधानपूर्वक आहुति दी और बस्तर सहित प्रदेशवासियों की प्रगति व खुशहाली के लिए कामना की। उन्होंने प्रांगण में सागौन के पौधे रोपे। इस अवसर पर दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विद्यालय के आचार्यगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे। recent visitors 63

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जगदलपुर में 356 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास

रायपुर बस्तर की मूल पहचान उसके सुंदर प्राकृतिक परिवेश, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और शांत वातावरण से रही है। हमने एक साल में बस्तर की मूल पहचान वापस देने का महती कार्य किया है।आज बस्तर की प्रशंसा केवल भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में हो रही है। संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन ने ग्राम धुड़मारास को विश्व के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में सम्मिलित किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जगदलपुर के पीजी कॉलेज हॉस्टल मैदान में आयोजित विकास कार्यो के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने इस मौके पर 356 करोड़ 44 लाख रूपए लागत के 288 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन और विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को एक करोड़ 55 लाख रूपए से अधिक की राशि का चेक और सामग्री का वितरण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल की तरक्की और उन्नति के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। बस्तर अंचल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी बुनियादी सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बस्तर में हम विश्वास के साथ विकास करना चाहते हैं, जिसमें हमें सफलता मिल रही है। छत्तीसगढ़ की जनता से मोदी की गारंटी के रूप में हमने जो वादा किया था वह हर वादा हम निभा रहे हैं। सरकार बनने के एक साल के भीतर ही मोदी की गारंटी में से अधिकांश को हमने पूरा किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के संवेदनशील इलाके के लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार द्वारा केंद्र सरकार से किए गए अनुरोध पर इन क्षेत्रों के लिए पृथक से 15 हजार प्रधानमंत्री आवास भी स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 18 लाख पीएम आवास स्वीकृति की गारंटी दी थी उसे पूरा करते हुए हमारी सरकार की शपथ के दूसरे ही दिन हमने आवासहीन हितग्राहियों को आवास की स्वीकृति दी। स्वीकृत पीएम आवास अब बनते जा रहे हैं और लाभान्वित परिवारों का गृह प्रवेश भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि 07 जनवरी को देश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ आ रहे हैं, इस दिन भी प्रदेश में आवासहीन हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने नक्सल प्रभावित और पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए नियद नेल्ला नार योजना की शुरुआत की, जिसमें सुरक्षा कैम्पों के 5 किलोमीटर की परिधि में स्थित गांवों में सरकार की 17 विभागों के 53 कल्याणकारी योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के तहत मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से सुनिश्चित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी लागू कर दी है, आज प्रदेश के स्कूलों में 18 स्थानीय भाषा में पढ़ाई हो रही है। बस्तर में बच्चे हल्बी एवं गोंडी बोली में पढ़ाई कर रहे हैं। डॉक्टर बनने की इच्छा रखने वाले हमारे युवाओं की हित में हमने एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी माध्यम में करवाने का निर्णय लिया है। पीएम स्कूल योजना में 341 स्कूलों में आधुनिक शिक्षा के अनुकूल व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर और गांवों का विकास अनवरत हो रहा है। पूरे प्रदेश में एक साल के अन्दर शहरी क्षेत्र के विकास के लिए 07 हजार करोड़ रूपए जारी किया जा चुका है। नगर पंचायत बस्तर में पेयजल आपूर्ति हेतु 50 करोड़ रूपए की घोषणा उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए नगर पंचायत बस्तर में अमृत मिशन योजनांतर्गत घर-घर शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लिए 50 करोड़ रूपए देने की घोषणा की। वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री साय की डबल इंजन की सरकार है, जिससे विकास की गति तेज हुई है। कार्यक्रम को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव और बस्तर सांसद महेश कश्यप ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर लोकसभा क्षेत्र कांकेर भोजराज नाग, विधायक द्वय विनायक गोयल एवं चैतराम अटामी सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधी और गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे। recent visitors 52

बस्तर की अपनी चुनौतियां है और इस चुनौती भरे माहौल में पत्रकारिता करना भी चुनौतीपूर्ण कार्य : मुख्यमंत्री

रायपुर इस वर्ष जब मैं नये साल में अखबार पढ़ रहा था तो समाचारपत्रों के मुख्य पृष्ठ में बस्तर सुर्खियों में था। यह सुर्खियां किसी माओवादी हिंसा को लेकर नहीं थी, यह सुर्खियां बस्तर में पहुंचे विकास के उजाले को लेकर थी। बस्तर से माओवादी आतंक अब सिमट गया है। बस्तर की पहचान अब बदल गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर जिला पत्रकार संघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि बस्तर की अपनी चुनौतियां है और इस चुनौती भरे माहौल में पत्रकारिता करना भी चुनौतीपूर्ण कार्य है। बस्तर में आम जनता के उम्मीदों, विचारों और समस्याओं का आइना बनकर शासन-प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करने के आप सभी के प्रयासों को नमन है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता के उच्च आदर्शों का पालन कर सरकार के अच्छे काम की जानकारी जनता को दें तथा कमियों को भी बताएं। वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित करने में बस्तर के पत्रकारों कीे महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने बस्तर जिला पत्रकार संघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और पदाधिकारियों को नये दायित्व के निर्वहन के साथ ही नववर्ष के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में बस्तर जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर खेल मंत्री टंकराम वर्मा सहित बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित थे। recent visitors 52

यूनिटी मॉल से स्थानीय उत्पादों और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

यूनिटी मॉल परियोजना के लिए केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को दी 200 करोड़ रूपए की स्वीकृति राष्ट्रीय एकता को मिलेगी मजबूती और विभिन्न राज्यों के बीच बढ़ेगा आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदानप्रदान – मुख्यमंत्री यूनिटी मॉल से स्थानीय उत्पादों और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राज्य में ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) मॉडल को प्रोत्साहित करने एवं स्थानीय उत्पादों के विक्रय को बढ़ावा देने के लिए यूनिटी मॉल की स्थापना की जा रही है।  यूनिटी मॉल की स्थापना से स्थानीय हस्तशिल्पियों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मॉल में उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय होने से हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य के छोटे उद्यमियों, शिल्पकारों एवं बुनकरों को लाभ मिलेगा। यह स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन एवं विक्रय के लिए ‘‘वन स्टॉप मार्केट प्लेस’’ के रूप में कार्य करेगा।     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यूनिटी मॉल राज्य के गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं, और नारी शक्ति के विकास के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा। साथ ही यह मेक इन इंडिया और राष्ट्रीय एकता को भी प्रोत्साहित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश वासियों के विकास के साथ राष्ट्रीय एकीकरण एवं मेक इन इण्डिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अपनी प्राथमिकता मानती है। राज्य में स्थापित किये जाने वाले यूनिटी मॉल में अन्य सभी राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानीय उत्पादों का भी प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा। इससे राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलेगी और विभिन्न राज्यों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा।            मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हस्तशिल्पियों, बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय स्तर पर नवीन रोजगार सृजन करने स्वस्थ इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के इस रिफॉर्म के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है। राज्य में यूनिटी मॉल की स्थापना के लिए केंद्र सरकार ने 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिसमें से 100 करोड़ रुपये राज्य को कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) के तहत अग्रिम रूप में प्रदान किए गए हैं।     वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि यूनिटी मॉल में स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों के साथ-साथ फूडकोर्ट्स में स्थानीय व्यंजनों को भी विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जायेगा। यूनिटी मॉल के माध्यम से प्रत्येक जिले के विशेष उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की योजना है। यूनिटी मॉल की स्थापना का दायित्व रायपुर विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है। यूनिटी मॉल से न केवल राज्य के स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास छत्तीसगढ़ में एक सशक्त और स्थायी इकोसिस्टम का निर्माण करेेगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और शहरी बाजारों तक उत्पादों की पहुंच में मददगार होगा। recent visitors 68

CM साय आज बस्तर प्रवास पर कुल 356 करोड़ 44 लाख रूपए से अधिक लागत के 228 विकास कार्यों की सौगात बस्तरवासियों को देंगे

रायपुर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरूवार 02 जनवरी को अपने एक दिवसीय बस्तर जिले के प्रवास पर कुल 356 करोड़ 44 लाख रूपए से अधिक लागत के 228 विकास कार्यों की सौगात बस्तरवासियों को देंगे। जिसके तहत विधानसभा क्षेत्र नारायणपुर-84 के अन्तर्गत 13 विकास कार्यों सहित विधानसभा क्षेत्र बस्तर-85 के 20, विधानसभा क्षेत्र जगदलपुर-86 के 47 तथा विधानसभा क्षेत्र चित्रकोट-87 के अन्तर्गत 19 कुल 188 करोड़ 40 लाख रूपए की लागत के 99 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। वहीं विधानसभा क्षेत्र नारायणपुर-84 के अन्तर्गत 10 विकास कार्याे सहित विधानसभा क्षेत्र बस्तर-85 के 20, विधानसभा क्षेत्र जगदलपुर-86 के 52 तथा विधानसभा क्षेत्र चित्रकोट-87 के अन्तर्गत 47 कुल 168 करोड़ 04 लाख रूपए की लागत के 129 विकास कार्यों भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री साय द्वारा विधानसभा क्षेत्र नारायणपुर के अन्तर्गत 05 करोड़ 68 लाख रूपए  की लागत से ग्राम फरसागुड़ा से पखनाकोंगेरा मार्ग में निर्मित वृहद पुल सहित 05 करोड़ 47 लाख रूपए की लागत से निर्मित ग्राम सोरगांव से जामगांव मार्ग पुल-पुलिया सहित कुल 24 करोड़ 15 लाख रूपए की लागत से 13 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। वहीं विधानसभा क्षेत्र बस्तर के अन्तर्गत 06 करोड़ 08 लाख रूपए की लागत से निर्मित ग्राम छोटेदेवड़ा-आवराभाटा से जैतगिरी-पाहुरबेल मार्ग, 04 करोड ़39 लाख रूपए की लागत से निर्मित भैंसगांव-ठोटीपारा से अलवाही मार्ग, 03 करोड रूपए की लागत से निर्मित बोदरा से चीड़ीघाट मार्ग, 02 करोड़ 56 लाख रूपए की लागत से निर्मित देउरगांव मोंगरापाल मार्ग सहित कुल 45 करोड़ 41 लाख रूपए की लागत से 20 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इसी तरह विधानसभा क्षेत्र जगदलपुर के अन्तर्गत 42 करोड़ 81 लाख रूपए की लागत से निर्मित जगदलपुर बायपास मार्ग तथा 03 करोड़ 03 लाख रूपए की लागत से निर्मित रेट्रोफिटिंग जल प्रदाय योजना नेतानार, 03 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित परपा में आजीविका संवर्धन एवं प्रशिक्षण केन्द्र भवन सहित कुल 80 करोड 14 लाख रूपए की लागत के 47 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। वहीं विधानसभा क्षेत्र चित्रकोट के अन्तर्गत 12 करोड़ 91 लाख रूपए की लागत से निर्मित तोकापाल से करंजी मार्ग, 06 करोड़ 21 लाख रूपए से निर्मित लालागुड़ा-रावतपारा से पुजारीपारा मार्ग, 04 करोड़ 18 लाख रूपए की लागत से बडे़ धाराउर-पारापुर मार्ग में नानी बहार नाला पर उच्च स्तरीय पुल सहित कुल 38 करोड़ 68 लाख रूपए से अधिक लागत के 19 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री साय अपने बस्तर प्रवास के दौरान विधानसभा क्षेत्र नारायणपुर के अन्तर्गत 02 करोड़ 97 लाख रूपए विश्रामपुरी जलाशय बांध में नवीन स्लूस वेस्ट वियर कार्य एवं नहर लाईनिंग एवं स्ट्रक्चर निर्माण कार्य, 02 करोड़ 95 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली तुरपुरा जलाशय बांध में नवीन स्लूस वेस्ट वियर कार्य एवं नहर लाईनिंग एवं स्ट्रक्चर निर्माण, 02 करोड़ 68 लाख की लागत से निर्मित की जाने वाली कुम्हली एनिकट कम काजवे जीर्णोंद्धार कार्य तथा 02 करोड़ 27 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली अमलीगुड़ा एनिकट कम काजवे जीर्णोंद्धार कार्य सहित कुल 13 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली 10 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। वहीं विधानसभा क्षेत्र बस्तर के अंतर्गत 05 करोड़ 16 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली बागमोलाई-02 स्टापडेम सह पुलिया निर्माण कायर्, 02 करोड़ 29 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली कुम्हडाकोट -बेलगुड़ा से मोंगरापाल सड़क निर्माण कार्य तथा एक करोड़ 91 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास भवन बस्तर सहित कुल 17 करोड़ 53 लाख रूपए से अधिक लागत से निर्मित की जाने वाली 20 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इसी तरह विधानसभा क्षेत्र जगदलपुर के अंतर्गत 31 करोड़ 62 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली जगदलपुर से चित्रकोट मार्ग चौड़ीकरण कार्य, 02 करोड़ 97 लाख रूपए से गणेश बाहर नाला में स्टापडेम का काजवे निर्माण कार्य ग्राम ताईपदर, 02 करोड़ 93 लाख रूपए से सिचाई कालोनी बोधघाट एवं मण्डी कालोनी व निर्मल कालोनी जगदलपुर में सड़क एवं अहाता निर्माण कार्य सहित कुल 68 करोड़ 80 लाख रूपए से निर्मित की जाने वाली 52 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। वहीं चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 04 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली मुनगाबहार व्यपवर्तन योजना नहर निर्माण कार्य, 03 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली पैदापारा मण्डवा स्टापडेम सह पुलिया निर्माण, 02 करोड़ 98 लाख रूपए की लागत से हर्राकोडेर-पिच्चीकोडेर से अमलीधार मार्ग में स्पॉन स्लैब कलर्वट निर्माण सहित कुल 68 करोड़ 42 लाख रूपए से अधिक की लागत से निर्मित की जाने वाली 47 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।   recent visitors 54