छत्तीसगढ़ के बजट का आकार बढ़कर हुआ 1 लाख: 55 हजार 580 करोड़ रूपए

 छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25वें वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाएगी सरकार : अधोसंरचना विकास के लिए रहेगा समर्पित वर्ष 2024-25 के लिए 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पारित छत्तीसगढ़ के बजट का आकार बढ़कर हुआ 1 लाख:  55 हजार 580 करोड़ रूपए राज्य में 30 हजार करोड़ रूपए के सड़क निर्माण का कार्य आगे बढ़ रहा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार का द्वितीय अनुपूरक बजट विधानसभा में पारित हुआ। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए प्रस्तुत किए गए 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट आज विधानसभा में पारित किया गया। आज पारित हुए अनुपूरक बजट को मिलाकर चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य के बजट का आकार कुल 01 लाख 55 हजार 580 करोड़ रूपए का हो गया है। इसमें मुख्य बजट के रूप में पारित 1 लाख 47 हजार 446 करोड़, प्रथम अनुपूरक बजट में 7 हजार 329 करोड़ रूपए और द्वितीय अनुपूरक बजट का 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए शामिल है।     वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता मोदी की गारंटी पर भरोसा करती है। सरकार बनने के 12 दिनों बाद ही मोदी की गारंटी के अनुरूप सरकार ने 12 लाख से अधिक किसानों को दो साल के बकाया बोनस राशि 3716 करोड़ रूपए का भुगतान किया। शपथ ग्रहण के अगले ही दिन कैबिनेट की बैठक में राज्य के 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय को अमल में लाते हुए 8 लाख हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए पहली किस्त जारी की जा चुकी है। चौधरी ने कहा कि वर्ष 2003 में छत्तीसगढ़ में 5 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी होती थी। हमारी सरकार ने खरीफ वर्ष 2023 में रिकार्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से किसानों को 13 हजार 320 करोड़ रूपए भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक मजदूर योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को राशि का भुगतान सरकार जल्द करेगी।     वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के जवाब में कहा कि हम लोग सरकार बनने के तीसरे महीने से ही महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दे रहे हैं। यह योजना राज्य की महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगी। इस योजना की लाभार्थी महिलाओं को ग्रामीण विकास बैंक द्वारा महतारी सशक्तीकरण योजना के माध्यम से 9 प्रतिशत ब्याज पर 25 हजार रूपए का लोन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वनांचलों में तेन्दूपत्ता संग्राहकों का मानदेय 4000 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए किया गया है। राज्य के साढ़े 12 लाख परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत बीमा का लाभ मिल रहा है। उनके लिए चरण पादुका योजना दोबारा शुरू कर रहे हैं।     मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य शासन तेज आर्थिक और सुधारवादी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ स्थापना के 25वें वर्ष को अटल निर्माण वर्ष के रूप मनाया जाएगा। इसके तहत अधोसंरचना विकास के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। सड़क, पुल, अस्पतालों और रेल लाईनों में पूंजीगत व्यय के लिए पर्याप्त राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में 30 हजार करोड़ रूपए के सड़कों का काम आगे बढ़ रहा है। इनमें 4 राष्ट्रीय राजमार्गों को फोरलेन करने के साथ ही रायपुर के सरोना चौक, तेलीबांधा चौक और धनेली में फ्लाई ओवर के निर्माण शामिल है। चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के अधोसंरचना की मजबूती के लिए भी हम पर्याप्त राशि दे रहे हैं। गीदम, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और मनेन्द्रगढ़ में 4 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 1280 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है। रायपुर मेडिकल कॉलेज के लिए 232 करोड़, सिम्स बिलासपुर के लिए 700 करोड़ और अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज के लिए 109 करोड़ रूपए मंजूर किए गए हैं।     अनुपूरक बजट पर चर्चा का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि हम वित्तीय अनुशासन के साथ सुधारवादी बजट लेकर आए हैं। द्वितीय अनुपूरक बजट में प्रावधानित 806 करोड़ रूपए में से 508 करोड़ रूपए पूंजीगत व्यय के लिए और 298 करोड़ रूपए राजस्व व्यय के लिए है। इसमें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 250 करोड़ रूपए, नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए 200 करोड़ रूपए और मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के लिए 100 करोड़ रूपए का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।     वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि द्वितीय अनुपूरक बजट मेें घरेलू विमान सेवा (उड़ान योजना) के लिए 25 करोड़ रूपए, हस्तशिल्प उत्पादों को राजधानी रायपुर में एक जगह उपलब्ध कराने के लिए बनाए जा रहे यूनिटी मॉल के 19 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। बजट में चित्रोत्पला फिल्म सिटी, बस्तर ओलंपिक, नियद नेल्लानार, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, पीएम जनमन योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाओं के लिए भी प्रमुखता से प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के युवाओं को जॉब-सीकर्स (JOB-SEEKER) से जॉब-क्रिएटर्स (JOB-CREATERS)  बनाने और सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम के लिए नई औद्योगिक नीति में जोर दिया गया है। recent visitors 46

छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रकाशित तीन किताबों का आज विमोचन किया गया

रायपुर  छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रकाशित तीन किताबों का आज विमोचन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विधानसभा परिसर स्थित अध्यक्ष के कक्ष में षष्‍ठ्म विधानसभा के  सदस्यों की परिचयात्मक जानकारियों पर केन्द्रित प्रकाशन ‘‘सदस्य परिचय षष्‍ठ्म विधानसभा’’, ‘‘छत्तीसगढ़ विधानसभा एक परिचय’’ एवं  विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के अध्यक्षीय कार्यकाल के ‘‘प्रथम वर्ष’’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय, पूर्व विधानसभा धरमलाल कौशिक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायकगण एवं विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा भी उपस्थित थे । ‘‘सदस्य परिचय षष्‍ठ्म विधानसभा’’ पुस्तक में छत्तीसगढ विधानसभा के प्रत्येक सदस्य के जीवन परिचय के अंत में उनके निर्वाचन के परिणाम का विवरण निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर सम्मिलित किया गया है। छत्तीसगढ़ विधान सभा की संसदीय कार्यप्रणाली का जन-जन तक प्रसार हो और विधान सभा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका एवं संपादित होने वाले कार्यों से जनता को अवगत कराने हेतु "छत्तीसगढ़ विधानसभा एक परिचय" (संक्षेप में) का प्रकाशन किया गया है। पुस्तक के अंत में सदस्यों के संबंध में विभिन्न विश्लेषणात्मक विवरण भी दिये गये हैं । इस अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि 14 दिसम्बर, 2024 से विधानसभा की स्थापना दिवस का रजत जयंती वर्ष आरंभ हो गया है। विगत 24 वर्षों में छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन के लिए उच्च मानकों को स्पर्श किया है। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि है कि षष्ठ्म विधानसभा के शेष कार्यकाल में छत्तीसगढ़ विधानसभा का वर्तमान सदन संसदीय नवाचारों को आत्मसात करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती देने के अपने गुरुत्तर संसदीय दायित्वों का सफलता पूर्वक निर्वहन करने में सफल होगा। recent visitors 58

प्रधानमंत्री आवास योजना: वित्त विभाग ने जारी की 2560 करोड़ की राशि

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने संकल्प पत्र में ‘मोदी की गारंटी‘ के अंतर्गत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत पक्के आवास प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय पर मुहर लगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को पक्के मकान देने के अपने वादे को निभाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त विभाग ने केंद्र और राज्यांश मिलाकर 2,560 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों को अंतरित करने के लिए जारी कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि हमारा लक्ष्य राज्य के सभी आवासहीन परिवारों को इस योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराना है। यह पहल केवल आवासीय सुविधा ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक उत्थान का भी एक साधन है। अब तक 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारी वित्त विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। पहली किश्त केंद्रांश 1,550.30 करोड़ रुपये, राज्यांश 1,033.70 करोड़ रुपये कुल 2,584 करोड़ रुपये और दूसरी किश्त केंद्रांश 1,535.40 करोड़ रुपये, राज्यांश 1,024.60 करोड़ रुपये कुल 2,560 करोड़ रुपये जारी की जा चुकी है। लाभार्थियों को राशि सीधे उनके खाते में शीघ्र पहुंचाई जाएगी, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में योजना के तहत तीसरी किश्त की राशि भारत सरकार से प्राप्त करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उनके आवास का निर्माण शीघ्र पूर्ण हो सके। recent visitors 55

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा बाबा गुरुघासीदास जी एक महान संत थे, उन्होंने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बाबा गुरुघासीदास जी एक महान संत थे। उन्होंने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया। आज उनका यह संदेश मानव को एक दूसरे से जोड़ने का काम कर रहा है। साय आज सतनामी कल्याण समिति कोरबा के द्वारा तीन दिवसीय गुरु घासीदास जयंती समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर लगभग 90 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया और सतनामी समाज को रियायती दर पर जमीन आबंटन करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने सभी को गुरु पर्व की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार बाबा गुरु घासीदास के आशीर्वाद से हम सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाएंगे। उन्होंने समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने, एकजुट रहने और छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए विकास की राह में आगे बढ़ने की बात कही। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, समाज के अध्यक्ष यू आर महिलांगे सहित अन्य समाज के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आज बाबा गुरुघासी दास की जयंती में जगह-जगह कार्यक्रम में शामिल होने का पुण्य अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सबको साथ लेकर आगे चलते हैं। उनका नारा “सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास“ है जिसे छत्तीसगढ़ की सरकार ने भी अपनाया है और इसी दिशा में सभी समाज को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास की तपोभूमि गिरौदपुरी से लेकर अन्य स्थानों को विकसित करने का कार्य पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में किया गया। उन्होंने कहा कि एक साल के कार्यकाल में जो भी वादा था उसे पूरा किया गया है। पीएम आवास का निर्माण, 3100 में धान खरीदी, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान, 5500 प्रति मानक बोरा तेंदूपत्ता की पारिश्रमिक, 70 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने एक हजार रुपये और पीएससी में गड़बड़ी की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने दिल्ली में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए ट्राइबल हॉस्टल जानकारी देते हुए कहा कि समाज को शिक्षा के क्षेत्र में और आगे बढ़ना होगा। हमारी नई शिक्षा नीति, उद्योग नीति गरीबों, युवाओं, अनुसूचित जाति, जनजाति, अग्निवीरो, दिव्यांगजनो के लिए फायदेमंद है। समाज उद्यम के क्षेत्र में भी आगे बढ़े और शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं।  खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम मंत्री दयालदास बघेल ने सामाजिक बन्धुओं से बाबा गुरु घासीदास जी ने संदेशों को अपनाने का आव्हान किया। उन्होंने समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर उद्योग-धंधे की ओर आगे बढ़ने की अपील की। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सभी लोगों को गुरू पर्व की बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य का विकास किया जा रहा है। यहाँ डोम निर्माण के लिए भी राशि जारी की गई है। आने वाले दिनों में भव्य डोम नजर आएगा। चांदी का मुकुट पहनाकर किया अभिनन्दन समारोह में मुख्यमंत्री साय और अन्य अतिथियों ने आरती और जैतखाम की पूजा कर ध्वजारोहण में शामिल हुए। सतनामी समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गर्मजोशी से गजमाला पहनाकर स्वागत और चाँदी का मुकुट पहनाकर अभिनन्दन किया। बाबा गुरु घासीदास के तैलचित्र सहित गुलाब के फूल भेंट किए गए। मुख्यमंत्री साय ने सालिक निर्मल दिवाकर के पुस्तक ‘‘माँ की चाहत‘‘ का विमोचन भी किया। recent visitors 121

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर इंडोर स्टेडियम में आयोजित कवि सम्मेलन में शामिल हुए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर इंडोर स्टेडियम में आयोजित कवि सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कवि सम्मेलन 5.0 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित विधायकगण और श्रोतागण मौजूद रहे।       मुख्यमंत्री साय ने परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा के जयंती पर्व की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने सभी मूर्धन्य कवियों का छत्तीसगढ़ की माटी में स्वागत और अभिनंदन किया। साय ने कहा कि बड़े ही शुभ दिन पर यह आयोजन हो रहा है। बाबा गुरु घासीदास का आशीर्वाद प्रदेश वासियों को मिले, उन्होंने यह कामना की।         मुख्यमंत्री ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि और गीतकार केदार परिहार को छत्तीसगढ़ रत्न से सम्मानित किया। कवि सम्मेलन में पद्म डॉ. सुरेंद्र दुबे, पद्म डॉ. सुनील जोगी, डॉ. हरिओम पवार, सुअनामिका जैन अंबर,  डॉ. अनिल चौबे, स्वयं श्रीवास्तव और रमेश विश्वहार अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह लिया। recent visitors 139

स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए ऐतिहासिक कदम: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 का हुआ सरलीकरण 30 बिस्तर तक के चिकित्सा संस्थानों को बड़ी राहत , फायर एनओसी और बायोमेडिकल वेस्ट के अनापत्ति प्रमाणपत्र की बाध्यता से छूट स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए ऐतिहासिक कदम: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 में संशोधन करते हुए चिकित्सा संस्थानों को बड़ी राहत देते हुए नई अधिसूचना जारी की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस बदलाव को स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया है।  इस अधिसूचना के तहत 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 के तहत रजिस्ट्रेशन करवाने हेतु नियमों को लचीला बना दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार अब प्रदेश में सभी क्लिनिक को आवेदन के साथ निर्धारित मापदंडों का पालन करने हेतु शपथ पत्र देने पर स्वत लाइसेंस दे दिया जाएगा, जिसे वे  ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। इनमें से 10 प्रतिशत संस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा और यदि कोई कमी पाई गई तो एक माह के भीतर उक्त कमियों को दूर करना  होगा। 1 से 10 बिस्तर तक के अस्पतालों को आवेदन के साथ मापदंडों का पालन करने हेतु शपथपत्र देने पर लाइसेंस प्रदान कर दिया जाएगा तथा 3 महीने के अंदर उन्हें मापदंडों को पूरा करना होगा। 11 से 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को नियमों के तहत आवेदन करना होगा तथा चिकित्सा अधिकारी के द्वारा उनका 3 महीने के अंदर उनका निरीक्षण कर लाइसेंस जारी किया जाएगा । यदि 3 महीने के अंदर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है तो ऐसी संस्थाएं स्वत पंजीकृत मानी जाएगी तथा ऑनलाइन लाइसेंस की प्रति डाउनलोड कर सकेंगी। 30 बिस्तर से अधिक अस्पतालों को लाइसेंस प्राप्त करने हेतु सभी नियमों का पूर्ववर्त पालन करना होगा परंतु उन्हें फायर एनओसी और बायोमेडिकल वेस्ट के अनापत्ति प्रमाणपत्र की बाध्यता से छूट दी गई है । इसके  लिए उन्हें अलग से नियमों का पालन करना होगा। नियमों की सरलीकरण से क्लीनिक 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को अब पंजीयन कराने में काफी आसानी होगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और राज्य के लोगों को पहले से अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। recent visitors 74

जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य – मुख्यमंत्री साय

डबल इंजन की सरकार में मिल रहा डबल फायदा: केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष को मनाया जाएगा अटल निर्माण वर्ष के रूप में 3 दिसंबर से 13 दिसंबर तक हर वर्ष मनाया जाएगा ’जनादेश परब’ जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य – मुख्यमंत्री साय   केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने 1124 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्याें का किया लोकार्पण और शिलान्यास रायपुर देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय की नेतृत्व वाली सरकार जनता की सेवा के लिए तत्पर होकर काम कर रही है। इसी का परिणाम है कि पूरे देश और प्रदेश में उत्तरोत्तर विकास हो रहा हैै। डबल इंजन की सरकार होने की वजह से लोगों को डबल लाभ हो रहा है। आज भारत विश्व की पांचवी बड़ी आर्थिक शक्ति है। अगले पांच सालों में हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेंगे। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने आज रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित जनादेश परब कार्यक्रम में लोगों को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कार्यक्रम में 1124 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्याें का लोकार्पण और शिलान्यास किया।   केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने जनादेश परब में छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्वप्रेरणा से लोकहित में पूरी जवाबदेही के साथ काम कर रही है। सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के 18 लाख से अधिक जरूरतमंदों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति दी गई। मोदी की गारंटी के अनुरूप यहां किसानों से 3100 प्रति क्विंटल में धान खरीदी की जा रही है। किसानों को उनके हक का 3716 करोड़ रूपए धान के बकाया दो साल के बोनस का भुगतान भी किया गया है। केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनादेश परब में घोषणा की कि अब से हर साल 3 दिसंबर से 13 दिसंबर तक ’जनादेश परब’ के रूप में मनाया जाएगा। आने वाले वर्ष में छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। राज्य निर्माता भारत रत्न अटलजी का यह शताब्दी वर्ष भी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की। साय ने कहा कि अटलजी ने प्रधानमंत्री के रूप में देश में सड़कों का जाल बिछाया। उसी से प्रेरणा लेकर हम अपने रजत जयंती वर्ष में अधोसंरचना विकास को  प्राथमिकता में रखेंगे। उसके बाद के तीन वर्षों में भी हम अलग-अलग थीम पर काम करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने जनादेश परब को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछले साल किसान भाइयों के खाते में आपकी डबल इंजिन की सरकार ने 49 हजार करोड़ रुपए डाले हैं। हमने अपने शुरूआती तीन महीनों में ही प्राथमिकता के साथ महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदेश की माताओं-बहनों को देना आरंभ किया। 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की अब तक 10 किश्तों में 6,530 करोड़ रुपए की राशि भेजी जा चुकी है। पहली तारीख को हम यह राशि भेज देते हैं और जैसे ही माताओं-बहनों के खाते में राशि आती है उनका चेहरा गर्व से खिल जाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य हैं। हमने प्रशासन के हर स्तर पर सुशासन को सुनिश्चित किया है। हमने सुशासन के मूल्यों को सिस्टम में शामिल करने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया। सुशासन के लिए पारदर्शिता सबसे आवश्यक है और इसके लिए डिजिटल गवर्नेंस शुरू कराया है। लालफीताशाही को दूर करने हमने ई-आफिस प्रणाली आरंभ की है। इसमें डिजिटल माध्यम में नोटशीट आगे बढ़ती है। इससे समय-सीमा भी तय होती है और जवाबदेही भी तय हो जाती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा के विकास के बगैर छत्तीसगढ़ के विकास के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। हमने वनोपज संग्राहकों की आय बढ़ाने के लिए काम किया है। तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि हमने 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी। जनजातीय गौरव दिवस के दिन हमने राज्य के बैगा, गुनिया, सिरहा आदि को पांच-पांच हजार रुपए सम्मान निधि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बस्तर में पर्यटन कॉरिडोर का निर्माण हम कर रहे हैं। कांगेर घाटी के गांव धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन ने दुनिया के 20 चुनिंदा गांवों में शामिल किया है। बस्तर और छत्तीसगढ़ विश्व पर्यटन के मानचित्र में आ गए हैं। सरगुज़ा संभाग भी विश्व के पर्यटन नक्शे में स्थान बना रहा है। अभी-अभी जशपुर के मधेश्वर पहाड़ शिवलिंग को विश्व में सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। उन्होंने  कहा कि गुरु घासीदास तमोर पिंगला को हमने देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाया है। इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। सरगुजा और बस्तर में एयर कनेक्टिविटी आरंभ होने से इन क्षेत्रों में तेजी से विकास के साथ ही यहां अब देश-विदेश से पर्यटकों के पहुंचने की राह खुल गई है। मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सभी स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आगामी दो सालों में प्रदेश का सड़क नेटवर्क विकसित देशों की तरह हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सबसे बड़ी सफलता माओवादी मोर्चे पर मिली है। एक साल पहले किसी के लिए यह सोचना भी कठिन था कि माओवाद के नासूर को नष्ट किया जा सकता है। एक साल में 2 सौ से अधिक माओवादियों को मार गिराया। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से माओवाद की जड़ से मुक्त हुए गांवों में पुनः विकास की रोशनी पहुंची है। हमने नई उद्योग नीति तैयार की है, जिसमें अगले पांच सालों में ढाई लाख करोड़ रुपए के निवेश के माध्यम से पांच लाख रोजगार सृजित करेंगे। हमने शासकीय सेवाओं में हजारों पदों में भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री नड्डा को बस्तर के कलाकारों द्वारा बेल मेटल से निर्मित अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। कार्यक्रम में पद्मसे … Read more