योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिया स्पष्ट संदेश: सभी पंचायतों में आयोजित होगी तिरंगा यात्रा कमिश्नर और कलेक्टर करें नियमित प्रवास; राजस्व न्यायालय का समयबद्ध और नियमित संचालन करें सुनिश्चित-मुख्यमंत्री साय योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है – मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार अंतर्गत राजनांदगांव जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में  अधिकारियों को विकास और जनसेवा के लिए नियमित भ्रमण एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवास तथा राजस्व न्यायालयों के समयबद्ध संचालन के संबंध में कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा जब अधिकारी जमीनी हकीकत से जुड़े रहेंगे और जनता की समस्याओं का निराकरण सीधे उनकी उपस्थिति में किया जाएगा। इसके लिए सभी कमिश्नर, कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपने अधीन जिलों और ब्लॉकों में नियमित भ्रमण और प्रवास करें तथा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों की भौतिक निगरानी सुनिश्चित करते हुए जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करें। मुख्यमंत्री साय ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व न्यायालय का नियमित संचालन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही प्रत्येक अधिकारी पूर्वनिर्धारित न्यायालय कैलेंडर के अनुसार ही कार्य करें। केवल अत्यंत विशेष परिस्थितियों में ही न्यायालय की तिथि रद्द की जाए। इससे न केवल आमजन को समय पर न्याय मिलेगा बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी पारदर्शिता आएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुशासन की रीढ़ यही है कि अधिकारी जनसम्पर्क बनाए रखें, जनता के बीच उपस्थित रहें, और उनकी समस्याओं को त्वरित रूप से हल करें। यह न केवल विश्वास की भावना को मजबूत करेगा, बल्कि शासन की विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के जिला पंचायत भवन के सभाकक्ष में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने बैठक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो तथा हर पात्र हितग्राही तक लाभ समय पर पहुँचे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हो ताकि आमजन को योजनाओं की जानकारी समय रहते मिले और वे उसका लाभ उठा सकें। राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु नियमित शिविरों का आयोजन हो। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित सभी आवासीय योजनाओं की लंबित मांगों का शतप्रतिशत  निराकरण किया जाए। साथ ही जिलों में शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय एवं पारदर्शिता बनाए रखते हुए समयबद्ध कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य है कि शासन और प्रशासन की पहुंच गांव, गरीब और अंतिम पंक्ति के नागरिक तक सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत दी गई अधिकांश घोषणाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। उन्होंने सभी जिलों में अधिकारियों द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों की सराहना की और कहा कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासन को समर्पित होकर और समन्वय स्थापित कर कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि आने वाले खरीफ सीजन को देखते हुए सभी जिलों में कृषकों की आवश्यकताओं के अनुरूप पूर्व तैयारी सुनिश्चित कर लें। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से शिविर लगाकर लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जिससे आम नागरिकों को समयबद्ध समाधान मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 1460 पंचायतों में अटल सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया है। इन केंद्रों के सुचारू संचालन से ग्रामीण नागरिकों को बैंक, दस्तावेज़ और डिजिटल सेवाओं के लिए अन्यत्र जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।मुख्यमंत्री ने इन केंद्रों के प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी और निर्देश दिए कि इनसे जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले। मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि सभी पंचायतों में तिरंगा यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जो राष्ट्रीय चेतना और नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से इस यात्रा में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। शासन-प्रशासन के प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को समन्वय, तत्परता और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए विकास यात्रा को गति देनी होगी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा, सांसद संतोष पांडेय, महापौर मधुसूदन यादव, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 42

CM साय ने कहा सुशासन तिहार सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतिबिंब

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान न्यायिक व्यवस्था को जनहितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि "दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों को समय पर और सुलभ न्याय दिलाने के लिए न्यायालयों में ऑनलाइन गवाही की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक का उपयोग कर न्यायिक प्रक्रिया को सहज और तेज़ किया जा सकता है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था विशेष रूप से आदिवासी अंचलों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी जहाँ आवागमन की कठिनाइयों के चलते लोग न्यायालय तक नहीं पहुंच पाते। बैठक में जिले के प्रभारी  मंत्री श्री केदार कश्यप , विधायक श्री चैत राम अट्टामी, पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह आयुक्त जनसंपर्क डॉ. श्री रवि मित्तल, संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह, दोनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं  वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि "सुशासन तिहार" सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतिबिंब है। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार 2025 तीन चरणों में चलाया जा रहा है, और तीसरे चरण में वे स्वयं जिलों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में हमने मोदी की गारंटी के वादों को प्राथमिकता से लागू किया है, जिससे आमजन में सरकार के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावशाली कार्रवाई हुई है। उन्होंने मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का संकल्प दोहराते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के लिए रहवास, पुनर्वास, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार की पूरी व्यवस्था की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि एनएमडीसी और निजी क्षेत्र की भागीदारी से प्लेसमेंट कैंप आयोजित किए जाएं ताकि ये युवा मुख्यधारा में आत्मविश्वास से लौट सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय अंचलों में स्थानीय संसाधनों के अनुरूप रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं। उन्होंने 1460 पंचायतों में शुरू हुए अटल सेवा केंद्रों की जानकारी देते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग जैसी सेवाएं गांव में ही मिलेंगी। मुख्यमंत्री  ने  कहा कि जनजातीय बाहुल्य बस्तर क्षेत्र खनिज एवं वनोपज संपदा से समृद्व है। यहां के रहवासियों की आय संवृद्धि और उन्हें विकास की मुख्यधारा से सकारात्मक प्रयास कर रहे हैं। बस्तर के समग्र विकास को सुनिश्चित कर बस्तर ही नहीं समूचे छत्तीसगढ़ और देश को मार्च 2026 तक बस्तर से माओवाद का समूल उन्मूलन करेंगे। उन्होंने वनोपज संग्रहण , प्रसंस्करण और खेती को जनजातीय समुदाय के समृद्धि के जरूरी निरूपित करते हुए खेती-किसानी को बढ़ावा देने सहित सिंचाई के साधनों के विकास और कृषि के आनुषांगिक गतिविधियों मछलीपालन, पशुपालन, बकरापालन, सूकरपालन और दुग्ध उत्पादन के लिए बेहतर प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। वहीं बस्तर में पर्यटन सुविधाओं के विकास पर फोकस कर इसके जरिए रोजगार को बढ़ावा देने कहा।  मुख्यमंत्री ने बस्तर के ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र के जरिए आम जनता को ज्यादा से ज्यादा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने नियद नेल्लानार योजनांतर्गत सम्बन्धित क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया तथा अन्य विकास कार्यों को टीम भावना के आगे बढ़ाते हुए जन सेवा में जुटे रहने के निर्देश दिए। वहीं शासन की सभी योजनाओं का कारगर क्रियान्वयन किए जाने तथा व्यक्तिमूलक योजनाओं से प्रत्येक पात्र व्यक्तियों को सेचुरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बीजापुर के कलेक्टर ने जानकारी दी कि समर कैम्प और बाल शिक्षा मित्र कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाई जा रही है। दंतेवाड़ा जिले में परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार (हाई स्कूल में 10% और हायर सेकेंडरी में 4% वृद्धि) पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत राइस मिल लगाने के लिए दी गई रियायतों की जानकारी दी और स्थानीय युवाओं को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने ऊंची भूमि में मक्का की खेती को प्रोत्साहित करने की बात कही ताकि कृषक आय में वृद्धि हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना की जानकारी देते हुए कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग के अंदरूनी गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बीजापुर और दंतेवाड़ा कलेक्टर को रूट चिन्हांकन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से आग्रह किया कि टीम भावना से कार्य करें और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बैठक में डीजीपी श्री अरुण देव गौतम ने भी समन्वयपूर्ण कार्यशैली पर बल दिया। recent visitors 40

तिरंगा यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, नागरिकों ने दिया एकजुटता और देशभक्ति का संदेश

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा की जब भी बात आएगी हम सभी एक हैं। देश के, अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपनी सेना के साथ हैं। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा में सभी वर्गों के लोग, सेवानिवृत्त सैनिक, समाज सेवी संगठन, आम नागरिक, महिला एवं पुरुष, बच्चों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर एकजुटता, देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय सेना ने आपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में 9 आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह धराशायी कर दिया। हम सभी अपनी सेना के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हैं। आज का भारत नया भारत है, जो किसी भी दुस्साहस का मुंह तोड़ जवाब देने में सक्षम है। हमें सर झुकाने की जरूरत नहीं होगी, हमारा डंका पूरी दुनिया में बजेगा। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी की कुशल कूटनीति के कारण पूरे विश्व में देश का सम्मान बढ़ा है और पाकिस्तान का आतंकवाद को शह देने का चेहरा उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी स्थगित हुआ है बंद नहीं हुआ है। उन्होंने कह की आज के इस दौर में हमें अफवाहों से सचेत रहने की जरूरत है। हमें हमारी सेना एवं नेतृत्व में पूर्ण विश्वास है उनके हाथों में देश सुरक्षित है। लोकसभा सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से आज हम एकजुटता का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एक नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत का नया पैमाना तय किया जा रहा है जिसमें देश के दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है। हमारे सैनिकाें पर हमें पूरा विश्वास है उनके शौर्य और पराक्रम से हमारा देश सुरक्षित है। पहलगाम आतंकवादी हमला का जवाब ऑपरेशन सिंदूर हमारे अभिमान का प्रतीक है एवं माता बहनों की उजड़ी मांग के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम के संयोजक एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम संजय श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए देश के 140 करोड़ नागरिक एकजुट हैं, हम सभी सेना के जवानों के साथ खड़े हैं। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और देश की आन, बान और शान, भारतीय सैनिकों के साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हुए आज निकली गई तिरंगा यात्रा में लगभग 10 हजार लोग शामिल हुए। तिरंगा यात्रा मरीन ड्राइव से नगर घड़ी चौक तक निकाली गई। जिसमें सभी धर्म, जाति, संप्रदाय और सभी वर्गों के लोग भारत माता की जय के गगनभेदी नारों के साथ हाथ में तिरंगा थामे शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मामले तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा सहित विधायकगण, महापौर श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित थीं। recent visitors 42

प्रधानमंत्री जी की पहल से हम पिछड़ी जनजातियों के भाग्य खुल गए , हर प्रकार की सरकारी सुविधाओं के साथ पक्का आवास भी मिलने लगा

रायपुर : धन्यवाद उन सभी का, जिन्होंने हमारी सुध ली रायपुर हम लोग पहाड़ी कोरवा है बाबू,  जंगल से जुड़े हैं, जो कुछ है हमारा सबकुछ जंगल ही है, हमारे पुरखे ही नहीं, हम लोग का जीवन संघर्षों के साथ ही बीता है किसी ने आँसू तक नहीं पोछा…किसी ने हमारी सुध नहीं ली, आज हमें साफ पानी..गाँव तक सड़क..गाँव में स्कूल…बीमारी से इलाज के लिए आयुषमान कार्ड और पक्का मकान दिया जा रहा है..हमें पैरों में खड़ा करने के साथ ही..हमारे पांव पखारे जा रहे हैं। यह हमारा सौभाग्य है। धन्यवाद उन सभी लोगों का, जिन्होंने हमारी सुध ली और हमें सम्मान दे रहे हैं। यह कहना है विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार की पहाड़ी कोरवा फूलो बाई और शनी राम कोरवा का। ये पहाड़ी कोरवा परिवार प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत आशियाना मिलने के बाद गृह प्रवेश से पहले केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों पाँव पखारने के पश्चात अभिभूत और खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री  श्री शिवराज सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा अन्य अतिथियों ने आज अम्बिकापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के पाँव को पखारकर गृह प्रवेश कराया। इस मौके पर प्रदेश के 51 हजार हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी। जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंडरापाठ की रहने वाली फूलो बाई बताती है कि उनका जीवन संघर्षों से गुजरा। दो साल पहले पति के मौत के बाद उनकी मुश्किलें और भी बढ़ गई थीं। उनका कहना था कि पति जब तक जीवित थे तब तक उनको पूरा भरोसा था कि पक्का मकान एक दिन बना लेंगे, लेकिन असमय उनकी मौत ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों की सुध ली है। प्रधानमंत्री जी की पहल से हम पिछड़ी जनजातियों के भाग्य खुल गए हैं। हर प्रकार की सरकारी सुविधाओं के साथ पक्का आवास भी मिलने लगा है। ग्राम ढेलवाडाँड़-बोकाई पंचायत जिला सरगुजा के पहाड़ी कोरवा शनी राम ने बताया कि जंगलों के आसपास रहते हमारी कई पीढ़ियां बीत गई। हमारी पीढ़ियों ने पानी भी ढोढ़ी का पीया। घास-फूस के घर में रहे और आंधी-तूफान, बारिश के दिनों में डर के साये में जैसे-तैसे जिंदगी काटी। हमने तो कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन हमारी जिंदगी के कठिन दिन बहुरेंगे। अब पीएम जनमन से हमारे पक्के मकान बन गए। नल कनेक्शन, बिजली कनेक्शन मिल रहा। इलाज के लिए कार्ड बन रहा है। गाँव तक पक्की सड़क बन रही है। हमारे पांव पखार कर सम्मान दिया गया वह एक सुखद अनुभूति है, यह हमारे आने वाली पीढ़ी की तकदीर बदलने की शुरूआत है, इसके लिए हम जितना भी आभार जताए..कम ही है। recent visitors 39

केंद्रीय मंत्री चौहान कहा कि इन उत्पादों में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि हमारे जनजातीय समुदाय का परिश्रम और गौरव झलकता

रायपुर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और स्वावलंबन की भावना से ओतप्रोत "जशप्योर" ब्रांड के उत्पादों की सराहना की।  केंद्रीय मंत्री चौहान ने "जशप्योर" के उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 'जशप्योर' न केवल एक ब्रांड है, यह छत्तीसगढ़ी माटी की महक, आदिवासी बहनों की मेहनत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का प्रतीक बन चुका है। उल्लेखनीय है कि मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें जशपुर जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार की गई जशप्योर ब्रांड की खाद्य पदार्थों से सुसज्जित विशेष परंपरागत टोकरी भेंट की।छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुके "जशप्योर" ब्रांड की यह टोकरी केवल उपहार नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भरता, परिश्रम और स्वदेशी कौशल का एक जीवंत प्रतीक थी। छींद कांसा की हस्तनिर्मित टोकरी में सजाए गए उत्पादों में डेकी, कुटा, जवां फूल चावल, टाऊ पास्ता, महुआ कुकीज, रागी, मखाना लड्डू, महुआ गोंद लड्डू, महुआ च्यवनप्राश, ग्रीन टी, शहद और हर्बल सिरप जैसे विविध उत्पाद शामिल थे।  केंद्रीय मंत्री चौहान ने उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई और प्रत्येक वस्तु की जानकारी बड़े उत्साह से ली। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि हमारे जनजातीय समुदाय का परिश्रम और गौरव झलकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को आत्मसात करते हुए, ऐसे लोकल ब्रांड्स को सशक्त बना रही है जो न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवंत बनाए रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की स्व सहायता समूहों की महिलाएं केवल उत्पाद नहीं बना रहीं, बल्कि आत्मनिर्भर  छत्तीसगढ़ की नींव गढ़ रही हैं। recent visitors 25

पीपरछेड़ी सिंचाई परियोजना से 10 से अधिक गांवों के 5,000 किसान होंगे लाभान्वित, सीएम ने कहा- क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के किसानों को बड़ी सौगात मिली है। जिले के सुदूर वनांचल मड़ेली को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ी घोषणा की है। शुक्रवार को सीएम साय ने ऐतिहासिक घोषणा करते हुए 45 वर्षों से अधूरी पड़ी पीपरछेड़ी सिंचाई परियोजना को पूरा करने को कहा। सीएम ने कहा कि यह घोषणा न केवल एक अधूरे वादे की पूर्णता है, बल्कि क्षेत्र के हजारों किसानों के सपनों की भी पुनर्स्थापना है। 1977 में प्रारंभ हुई इस योजना को घुनघुट्टी नाला पर बांध बनाकर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन 1980 में वन अधिनियम लागू होने के कारण वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृति न मिलने से कार्य अधर में लटक गया। इसके बाद की कई सरकारों ने इस ओर गंभीर पहल नहीं की, और किसानों की आशाएं धीरे-धीरे धुंधली पड़ती गईं। जिस कारण किसानों को सिंचाई के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सीएम की घोषणा पर खुश हुए लोग अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मुद्दे को प्राथमिकता में लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पर्यावरणीय स्वीकृति देकर वर्षों पुरानी इस परियोजना को जीवनदान दिया। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार समाधान शिविर में इस बहुप्रतीक्षित स्वीकृति की घोषणा की, जिसे सुनकर उपस्थित जनसमूह ने खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने सीएम की इस घोषणा पर जमकर ताली बजाई। विकास की नई धारा बहेगी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि किसानों के संघर्ष, प्रतीक्षा और उम्मीद की जीत है। यह सुशासन तिहार का असली अर्थ है लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना। इस निर्णय से न केवल क्षेत्र के किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी, बल्कि फसल उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा, जिससे क्षेत्र में समग्र विकास की नई धारा बहेगी। बता दें कि सुशासन तिहार के मौके पर सीएम साय औचक निरीक्षण कर रहे हैं। recent visitors 42

CM साय ने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर क्षेत्र छत्तीसगढ़ का सबसे विकसित क्षेत्र और पर्यटन केंद्र बनेगा

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के जंगलों में बुधवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए है. तेलंगाना की सीमा से लगे जंगली इलाकों में सुरक्षा बल ऑपरेशन संकल्प के तहत नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं. इसी दौरान कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के जंगल में बुधवार की सुबह मुठभेड़ शुरू हुई. अब तक 22 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं. इलाके में तलाशी अभियान जारी है. मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मुठभेड़ के साथ ही 21 अप्रैल से ऑपरेशन संकल्प के तहत मारे गए नक्सलियों की संख्या 26 हो गई है. ऑपरेशन संकल्प, बस्तर क्षेत्र में शुरू की गई सबसे बड़ी आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों में से एक है, जिसमें जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), राज्य पुलिस की सभी इकाइयों, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और कोबरा कमांडो सहित करीब 24 हजार सुरक्षाकर्मी शामिल हैं. माओवादियों के सबसे मजबूत संगठन बटालियन नंबर 1, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी और माओवादियों की तेलंगाना राज्य समिति के वरिष्ठ कैडरों की मौजूदगी के बारे में इनपुट के आधार पर ऑपरेशन शुरू किया गया था. 24 अप्रैल को माओवादियों की पीएलजीए बटालियन नंबर 1 से जुड़ी 3 नक्सली महिलाओं को कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर मार गिराया गया था. उन पर 8-8 लाख रुपए का इनाम था. वहां से हथियारों, विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ था. 5 मई को भी मुठभेड़ में एक महिला नक्सली मारी गई थी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा यह इलाका माओवादी बटालियन नंबर 1 का बेस माना जाता है. उन्होंने कहा, "सूचनाओं से पता चलता है कि इस ऑपरेशन के दौरान कई वरिष्ठ स्तर के माओवादी कैडर मारे गए या गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उनके साथी उन्हें जंगल के अंदर खींचने में कामयाब रहे." इस ऑपरेशन के दौरान तक सैकड़ों नक्सली ठिकाने नष्ट किए जा चुके हैं. कोबरा यूनिट के एक अधिकारी समेत कम से कम छह सुरक्षाकर्मी प्रेशर आईईडी विस्फोटों की अलग-अलग घटनाओं में घायल हुए हैं. सभी घायल जवान खतरे से बाहर हैं. उनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है. ताजा कार्रवाई के साथ ही इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में 168 नक्सली मारे गए हैं. इनमें से 151 बस्तर संभाग में मारे गए, जिसमें बीजापुर समेत सात जिले शामिल हैं. 31 मई नक्सलियों को खत्म करने की डेडलाइन है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा था कि राज्य के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नक्सलवाद का खात्मा जरूरी है. उन्होंने नक्सल विरोधी अभियान की स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह टिप्पणी की थी. बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है. यह अभियान 21 अप्रैल को राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर बीजापुर (छत्तीसगढ़) और मुलुगु (तेलंगाना) जिलों से लगी अंतर-राज्यीय सीमा के दोनों ओर लगभग 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले कर्रेगुट्टा और दुर्गमगुट्टा पहाड़ियों के दुर्गम भूभाग और घने जंगलों में शुरू किया गया. यह अभियान अपने चरम अवस्था पर है.  नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर क्षेत्र छत्तीसगढ़ का सबसे विकसित क्षेत्र और पर्यटन केंद्र बनेगा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भविष्यवाणी की कि नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र अगले 10 वर्षों में छत्तीसगढ़ के मुकुट का मणि होगा और यह पर्यटन केंद्र तथा प्रदेश का सबसे विकसित क्षेत्र बन जाएगा. उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ चल रही मुहिम रंग ला रही है और विश्वास जताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा तय की गई समयसीमा मार्च 2026 तक इस समस्या का खत्म कर दिया जाएगा. बस्तर पूर्व में एक अलग जिला था लेकिन अब यह दक्षिणी छत्तीसगढ़ के सात जिलों का एक संभाग है, जिसकी सीमाएं तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र से लगी हैं. साय ने कहा कि सभी राज्यों के सुरक्षा बलों ने मिलकर संयुक्त कार्य बल बनाया है जो नक्सलियों पर लगाम कसने के लिए मिलकर काम कर रहा है. यहां ध्यान केंद्रीत करेगी सरकार साय 16 महीने पुरानी सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हिंसा करने वालों पर कठोरता और मुख्यधारा में आने वालों को प्रोत्साहन देने की नीति के साथ सरकार नक्सलवाद का सफाया करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल के सफाए के बाद सरकार लघु वनोपज प्रसंस्करण उद्योगों, पशुपालन और पर्यटन के विकास के माध्यम से संसाधन संपन्न क्षेत्र के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी. बस्तर एक हरा-भरा वन क्षेत्र है, जो चित्रकोट जलप्रपात के लिए प्रसिद्ध है, जिसे देश का सबसे सुंदर और चौड़ा जलप्रपात कहा जाता है. इसे अक्सर एशिया का नियाग्रा कहा जाता है. मुख्यमंत्री ने ‘पीटीआई वीडियो' को दिए साक्षात्कार में कहा कि बस्तर के अधिकांश हिस्से नक्सलियों से मुक्त हैं, नक्सली केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में केंद्रित हैं, लेकिन इसकी वजह से पूरे राज्य की छवि खराब है. साय ने हालांकि, स्पष्ट किया कि बस्तर क्षेत्र में कोई जबरन औद्योगिकीकरण नहीं किया जाएगा और यह कार्य स्थानीय लोगों से परामर्श करने और उन्हें विश्वास में लेने के बाद किया जाएगा. नक्सलवाद छत्तीसगढ़ पर धब्बा उन्होंने कहा, ‘‘नक्सलवाद छत्तीसगढ़ पर एक धब्बा है और एक बार यह मिट जाए तो राज्य की सुंदरता उभर कर सामने आएगी. यह राज्य जंगलों, झरनों, गुफाओं तथा खनिज संसाधनों के मामले में समृद्ध है. यहां लौह अयस्क, बॉक्साइट, कोयला, टिन, सोना और लिथियम के भंडार हैं.'' छत्तीसगढ़ में अपने 15 साल के लंबे शासन (2003 से 2018 तक रमन सिंह के नेतृत्व में) के दौरान, तत्कालीन भाजपा सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी, एक ऐसी लड़ाई जो केंद्र सरकार के पूर्ण समर्थन के साथ साय सरकार में तेज हो गई है. गृह मंत्री शाह ने मार्च 2026 तक नक्सवाद को देश से खत्म करने का संकल्प लिया है. ‘बस्तर में होगी शांति…' भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता साय ने कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि गृहमंत्री का संकल्प पूरा होगा और बस्तर में शांति कायम होगी.'' साय चार बार सांसद रह चुके हैं और 2014 से 2019 तक पहली मोदी सरकार में उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री की भी जिम्मेदारी निभाई थी. उन्होंने कहा कि नक्सलवाद … Read more