नवा रायपुर में पूजा- अर्चना कर किया गृहप्रवेश, छत्तीसगढ़ के सीएम साय नए आवास पर पहुंचे

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवरात्रि के पावन अवसर पर विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना कर नवा रायपुर में नवनिर्मित नए मुख्यमंत्री निवास में गृहप्रवेश किया। मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ मंत्रोच्चार और शंख ध्वनि के बीच पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपनी माता जसमनी देवी से आशीर्वाद ग्रहण कर गृह प्रवेश किया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका उनकी धर्मपत्नी रानी डेका काकोटी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस सहित अनेक विधायक और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। recent visitors 73

सरस्वती सायकिल योजना में किया वितरण, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छात्राओं को दी सायकिलें

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आरंग में छात्रावास लोकार्पण के अवसर पर छात्राओं को सरस्वती सायकिल योजना के तहत सायकिल का वितरण किया। मुख्यमंत्री साय के पहुंचने पर छात्राओं ने सायकिल की घंटी बजाकर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को तिलक लगाकर मिठाई खिलाया।सरस्वती सायकिल योजना के तहत साइकिल पाने वाली आरंग की छात्राओं के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। सीएम साय ने छात्रा विनिता लोधी से पूछा कि बड़े होकर पढ़-लिखकर क्या बनना चाहोगी, छात्रा ने तत्काल कहा कि पुलिस बनकर जनता की सेवा करूंगी। सीएम ने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला की 9 वीं कक्षा में अध्ययनरत बालिकाएं योगिता गडरिया, गायत्री निषाद, स्निग्धा निषाद, विनेश्वरी प्रजापति, निशा पाटले, इशा साहू देवकी साहू समेत कई छात्राओं को साइकिल दिया। छात्राएं बताती है कि एक किलोमीटर से अधिक दूरी तक पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता था, लेकिन सायकिल मिलने से अब पैदल चलना नहीं पड़ेगा। बहुत कम समय में ही स्कूल और स्कूल से घर पहुंच जाएंगे। इस योजना का लाभ पाने वाली छात्राएं कहती है कि छत्तीसगढ़ सरकार की सरस्वती साइकिल योजना स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए काफी अच्छी योजनाएं है। इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बहुत-बहुत धन्यवाद करते है। इस मौके पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास मंत्री रामविचार नेताम व विधायक खुशवंत साहेब, कमिश्नर महादेव कावरे, कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह भी उपस्थित थे।   सीएम की घोषणा… छत्तीसगढ़ में फिर शुरू होगी चरण पादुका और सरस्वती साइकिल योजना रमन सिंह सरकार की जिन योजनाओं को भूपेश बघेल की सरकार में बंद किया गया था उन्हें फिर से शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दो पुरानी योजनाओं को फिर से शुरू करने की घोषणा की है। दरअसल, 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी थी। उसके बाद भूपेश बघेल ने रमन सिंह के कार्यकाल की कई योजनाओं को बंद कर दिया था। छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही चरण पादुका वितरण योजना और सरस्वती सायकल योजना फिर से शुरू करने वाली है। गुरुवार को जगदलपुर में कृषि महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री यहां जिला स्तरीय महिला सम्मेलन में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान साय ने रिमोट का बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की 6वीं किश्त की राशि 70 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में भेजी। चरण पादुका वितरण योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ में नवंबर 2005 में तत्कालीन रमन सिंह सरकार ने की थी। इस योजना के तहत तेंदुपत्ता इकट्ठा करने वाले आदिवासियों को राज्य सरकार की तरफ से हर साल एक जोड़ी जूते दिए जाते हैं। पहले इस योजना में पुरुष शामिल थे। 2008 में इसमें महिलाओं को भी शामिल किया गया। पहले इस योजना के तहत जूते दिए जाते थे बाद में 2013 से जूते की जगह चप्पल मिलने लगी थी। सरस्वती साइकल योजना की शुरुआत 2011 में तत्कालीन रमन सिंह की सरकार ने किया था। इस योजना के तहत सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 9वीं क्लास की छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल दी जाती है। साइकिल देने का मकसद था कि स्कूल दूर होने पर भी छात्राएं अपनी पढ़ाई जारी रखें। सुविधाओं के आभाव में वह पढ़ाई नहीं बंद करें। recent visitors 93

535 संविदा चिकित्सा अधिकारी नियुक्त, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हरेली त्योहार पर दी सौगात

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर हरेली तिहार के दिन राज्य के लोगों को एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री की पहल पर राज्य में 535 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गयी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। इन चिकित्सकों की नियुक्ति से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और दूरस्थ क्षेत्रों के  लोगों को भी  बेहतर और गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा चिकित्सा स्नातक एमबीबीएस पाठ्यक्रम 2018 बैच के चिकित्सा स्नातकों को निष्पादित अनुबंध अनुसार दो वर्ष की संविदा सेवा का अवसर दिया गया है। इन चिकित्सा अधिकारियों में बालोद जिले में  22, बेमेतरा  में 10, धमतरी में 6, दुर्ग में  55, गरियाबंद में  6, कबीरधाम में 20, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 8, महासमुंद में 34 चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना की गयी है। इसी प्रकार  मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी  जिले में 3, रायपुर में  42, राजनांदगांव में 22, बलौदाबाजार-भाटापारा में 3, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 15, बिलासपुर में 22, जांजगीर-चांपा में 12, गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही में 4, कोरबा में 32, मुंगेली में 3, रायगढ़ में  42, सक्ती में 1 स्नातक चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति की गयी है। इसी प्रकार बस्तर में 17, बीजापुर में  5, दंतेवाड़ा में  13, कांकेर में 19, कोण्डागांव में 7, नारायणपुर में 1, सुकमा में 11, बलरामपुर में 19, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 16, जशपुर में 21, कोरिया में 6, सूरजपुर में 6 तथा सरगुजा जिले में 32 स्नातक चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति की गयी है । recent visitors 116