MY SECRET NEWS

मुस्लिम समाज के हित में है वक्फ संशोधन कानून: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने वक्फ सुधार जनजागरण कार्यक्रम को किया संबोधित: कहा – सभी सम्मिलित प्रयास कर वक्फ संशोधन कानून की भ्रांतियों को करें दूर

रायपुर
वक्फ संशोधन कानून मुस्लिम समाज के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके हित में है। हम सभी का सम्मिलित प्रयास और उद्देश्य होना चाहिए कि वक्फ कानून को लेकर समाज में किसी भी प्रकार का भ्रम न फैले। सभी को वास्तविकता को समझना चाहिए और दूसरों को भी इसकी जानकारी देनी चाहिए। वक्फ संशोधन कानून को लेकर देशभर में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है, और इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित वक्फ सुधार जनजागरण कार्यक्रम में यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम  मुस्लिम समुदाय के हितों की रक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड का गठन बहुत ही पुनीत उद्देश्य के साथ किया गया था, ताकि मुस्लिम समाज, विशेषकर गरीब वर्ग और पसमांदा मुसलमानों को लाभ मिल सके। लेकिन विगत वर्षों में कुछ रसूखदार लोगों ने इस कानून का लाभ उठाकर अपना स्वार्थ सिद्ध किए, जिससे गरीब मुसलमान अपने अधिकारों से वंचित रह गए।

श्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत’ का जो लक्ष्य रखा है, उसे प्राप्त करने में सभी देशवासियों की भूमिका आवश्यक है। यदि कोई भी वर्ग पीछे छूटता है, तो हम अपना संकल्प पूर्ण नहीं कर पाएंगे।

आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि हमारी सरकार सभी के हितों की चिंता करती है। वक्फ कानूनों में हुए संशोधनों का उद्देश्य मुस्लिम समाज को सशक्त बनाना है। अब वक्फ संपत्तियों की आमदनी का एक-एक पाई का लेखा-जोखा रखा जाएगा और यह राशि समाज के लोगों की भलाई, उनकी शिक्षा और जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में उपयोग की जाएगी।

इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, वक्फ बोर्ड के सीईओ डॉ. एस. एफ. फारूकी एवं मुस्लिम समाज के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

Loading spinner
यूजफुल टूल्स
QR Code Generator

QR Code Generator

Age Calculator

Age Calculator

Word & Character Counter

Characters: 0

Words: 0

Paragraphs: 0