प्राकृतिक संसाधनों, मानव श्रम का आदर करना सीखना होगा – ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने कहा है कि अब मूल की ओर लौटने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज और प्रकृति से जो लिया हैं उसे वापस लौटाने की जिम्मेदारी भी हमारी है। प्राकृतिक संसाधनों और मानव श्रम का आदर करना सीखना होगा। श्री पटेल आज यहां ट्रांसफार्मिग रूरल इंडिया – टीआरआई की पहल पर आयोजित समृद्ध ग्रामीण मध्यप्रदेश पर एक दिवसीय विचार संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। श्री पटेल ने कहा कि आजीविका के संसाधनों, प्राकृतिक संसाधनों पर जैविक दबाव बढ़ रहा है। उन्होने कहा कि जल के प्रति अत्यंत सचेत रहने का समय है। जल जीवनदायी तत्व है। जीवन बचाने के लिये इसे बचाना जरूरी है। इसे रिसायकल करने की प्रक्रिया से अलग हटते हुए पुन: उपयोग को बढ़ावा देना होगा। श्री पटेल ने कहा कि स्वसहायता समूहों से जुड़ी मातृशक्त‍ि मिलेट उत्पादन और मिलेट से बने खादय पदार्थो को बनाने से जुडी हैं। उन्होने कहा कि स्वसहायता समूहों की सामाजिक सुरक्षा पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि मिलेट को श्रीअन्न के रूप में बढ़ावा देकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया भर में इसकी मार्केटिंग कर दी है। यह स्वास्थ्य बढ़ाने, भुखमरी हटाने और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने वाली उपज साबित हुई है। श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में खादय प्रसंस्करण की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होने कहा कि भारत देश में खान-पान के तौर तरीके हर पचास-सौ किलोमीटर पर बदल जाते हैं। इसलिये खादय प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं है। श्री पटेल ने कहा कि दिन-प्रतिदिन आवश्यकताएं बढती जाती हैं और साथ ही संसाधनों पर भी दबाव बढ़ता जाता है। इस अवसर पर मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल के संचालक श्री के.के. शुक्ला, टीआरआई की स्टेट लीड अलीवा दास और सीनियर समन्वयक श्री राजेश सिंह और वरिष्ठ परामर्शदाता टीआरआई श्री शहजाद खान उपस्थित थे।   recent visitors 130

हत्या के मामले में सात लोग दोषी करार, राजस्थान-सिरोही में छह आरोपियों को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना

सिरोही. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या 2 आबूरोड की न्यायाधीश ग्रीष्मा शर्मा द्वारा सवा चार साल पहले मावल गांव में हुई 1 व्यक्ति की हत्या के मामले में 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं 20-20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इस मामले में 1 आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया है। गौरतलब है कि इस मामले में आबूरोड रीको पुलिस द्वारा 12 अप्रैल 2020 को मामला दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा इसमें 7 आरोपियों में से 6 आरोपियों को हत्या का दोषी माना गया हैं। अपने निर्णय में दोषियों को आजीवन कारावास तथा 20-20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है तथा 1 आरोपी को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया गया हैं। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने प्रकरण को साबित करने के लिए 10 गवाह करवाकर 54 दस्तावेजों को प्रदर्शित करवाया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ग्रीष्मा शर्मा द्वारा अभियोजन की ओर से प्रस्तुत तर्कों से सहमति जताते हुए 6 आरोपियों को दोषी करार दिया गया जबकि, वीर पुत्र रतन को संजय का लाभ देकर दोष मुक्त कर दिया गया। 12 अप्रैल 2020 को घर पर सो रहे व्यक्ति की लाठियों से पीटकर की थी हत्या पुलिस के अनुसार 12 अप्रैल 2020 की शाम 7:30 बजे मावल निवासी प्रार्थी पुखराज पुत्र कान्हाजी भील रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि शाम 5 बजे उसके चाचा के घर पर सो रहे थे तब वह उसके चाचा भंवरजी एवं उनका लड़का महेंद्र सब घर पर ही थे। उसी दौरान उनकी जाति के दिनेश पुत्र थावर, वीर पुत्र रत्न, दिनेश पुत्र मूल, ललित पुत्र थावरा, प्रकाश पुत्र थावरा एवं विक्रम पुत्र थावरा आदि लकड़ी लेकर आए और आते ही उसके चाचा भंवर का दिनेश पुत्र थावरा वीर पुत्र रत्न भील ने जोर से गला दबाया। इससे चाचा बेहोश हो गए बीच बचाव में महेंद्र के सर में लकड़ी की चोट मारी उनके जोर से चिल्लाने पर सभी आरोपी वहां से भाग गए। इलाज के दौरान चाचा भंवरलाल की मौत हो गई। recent visitors 131

रेल मंत्री ने सभी सांसदों से रेलवे का राजनीतिकरण न करने की अपील की और कहा कि यह संस्था भारत की जीवन रेखा

नई दिल्ली रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष पर जमकर हमला बोला। रेल मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हम रील नहीं बनाते, हम कड़ी मेहनत करते हैं, न कि आप लोग जो दिखावे के लिए रील बनाते हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में संशोधन लाकर लोको पायलट की कार्य स्थितियों में सुधार किया है। अश्विनी वैष्णव ने कहाकि लोको पायलटों के औसत कार्य और आराम का समय 2005 में बनाए गए एक नियम द्वारा तय किया जाता है। 2016 में नियमों में संशोधन किया गया और लोको पायलटों को अधिक सुविधाएं दी गईं। सभी रनिंग रूम- 558 को वातानुकूलित बनाया गया। लोको कैब बहुत अधिक कंपन करते हैं, गर्म होते हैं और इसलिए 7,000 से अधिक लोको कैब वातानुकूलित हैं। यह उन लोगों के समय में शून्य था जो आज रील बनाकर सहानुभूति दिखाते हैं। मंत्री ने कहा केंद्रीय मंत्री कांग्रेस द्वारा 9 जुलाई की एक पोस्ट का जिक्र कर रहे थे, जिसमें उन्होंने लोको-पायलटों के साथ बातचीत करते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी का एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें दावा किया गया था कि पायलटों का जीवन दयनीय स्थिति में है। कांग्रेस ने अपने पोस्ट में कहा था, "हमारे देश के लोको पायलट बहुत ही दयनीय परिस्थितियों में करोड़ों भारतीयों की यात्रा और जीवन की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। उन्हें न तो इंजन के अंदर पर्याप्त आराम मिल रहा है और न ही कोई बुनियादी सुविधा। भारतीय रेलवे के साथ-साथ करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा के लिए उनके जीवन में बदलाव जरूरी है।" अपने भाषण में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सभी सांसदों से रेलवे का राजनीतिकरण न करने की अपील की और कहा कि यह संस्था भारत की जीवन रेखा है। लोकसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा, "रेलवे भारत की जीवन रेखा है, भारतीय अर्थव्यवस्था भारतीय रेलवे पर निर्भर है। रेलवे इस देश के आम आदमी के लिए एक सेवा है।" उन्होंने कहा, "मैं इस सदन से रेलवे की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने, आधुनिक बनाने और सुधारने तथा इन मुद्दों का राजनीतिकरण न करने पर ध्यान देने का अनुरोध करता हूं।" उन्होंने आगे कहा, "मैं संसद के उन सदस्यों का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने रेलवे के विकास के लिए रचनात्मक सुझाव दिए। मैं विपक्ष और सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों का भी आभार व्यक्त करना चाहता हूं जिन्होंने सरकार के प्रयासों की सराहना की।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को उनके मार्गदर्शन और रेलवे के वित्तीय मुद्दों के समाधान के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री मोदी को उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को रेलवे की सबसे बड़ी समस्या, जो निवेश की कमी है, को संबोधित करने के लिए भी धन्यवाद देता हूं, प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर उन्होंने रेलवे के लिए बजट में रिकॉर्ड आवंटन करके इस मुद्दे को हल किया है। मैं रेलवे के उन 12 लाख कर्मचारियों, रेलवे परिवार का भी आभार व्यक्त करता हूं जो हर दिन 20 हजार से अधिक ट्रेनों का संचालन करते हैं।" recent visitors 128

बस्तर संभाग को मिले 11 विशेषज्ञ चिकित्सक, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की पहल

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अनुशंसा पर बस्तर संभाग में 11 विशेषज्ञ चिकित्सकों (एनएचएम संविदा)  की नियुक्ति की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से इन विशेषज्ञ चिकित्सको का पोस्टिंग आदेश भी जारी हो गया है। इन चिकित्सकों के मिल जाने से संभाग में त्वरित एवं बेहतर उपचार की बड़ी सुविधा मिलेगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा जारी किये गए आदेश में डॉ. मेनका खरे,  एम.डी. मेडिसिन को  जिला अस्पताल, जिला – बस्तर , डॉ. गौरीसेट्टी श्रव्या, शिशुरोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला – बस्तर , डॉ. पाड़ीशाला हरिश कुमार, एम.डी. मेडिसिन को जिला अस्पताल, जिला – बीजापुर , डॉ. लीना पुराइन, स्त्रीरोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला – बीजापुर , डॉ. कृष्णा कुमार मरकाम, निश्चेतना विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला – नारायणपुर में पदस्थ किया गया है। इसी प्रकार  डॉ. लक्ष्मी नारायण वर्मा, नेत्ररोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला – नारायणपुर , डॉ. जयश्री साहू, शिशुरोग विशेषज्ञ को  जिला अस्पताल (एस.एन.सी.यू.), जिला – नारायणपुर, डॉ. मनोज कुमार, अस्थिरोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला – नारायणपुर,डॉ. परिणीता रायस्त, स्त्रीरोग विशेषज्ञ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छिन्दनार, जिला – सुकमा ,डॉ. निरंजन एस काडलूर, शल्यकिया विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला – सुकमा , डॉ. सुरज नारायण हटकर, निश्चेतना विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला – सुकमा  में पदस्थ किया गया है। recent visitors 103

मिशन वात्सल्य कार्यक्रमः छात्राओं को दी गुड टच-बेड टच की जानकारी, मंत्री टेटवाल बोले- ऐसे मामलों में सरकार गंभीर

भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल राजगढ़ जिले के पचोर में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल में मिशन वात्सल्य कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार बेहद गंभीर है। किसी के साथ भी इस तरह की घटना हो तो, तत्काल पुलिस थाने में शिकायत करें। उन्होंने कहा कि पीड़ित बच्चों के नाम को गोपनीय रखकर कार्रवाई की जाती है। श्री टेटवाल ने इस अवसर पर भारतीय वीरांगनाओं के कई उदाहरण देते हुए कहा कि उनको आदर्श मानकर अपने स्वयं की रक्षा करें। डीपीओ महिला बाल विकास ने गुड टच-बेड टच के विषय में विस्तार से जानकारी दी। महिला बाल विकास अधिकारी श्रीमती सुनीता यादव ने कहा कि सरकार ने बच्चों एवं महिलाओं के पोषण की चिन्ता की है। उन्होंने बताया कि राजगढ़ जिले में 1.5 लाख बच्चे और 30 हजार गर्भवती महिलाएँ हैं, जिनका पोषण सरकार कर रही है। श्रीमती यादव ने लैंगिक अपराध एक गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि हम शारीरिक पोषण तो करते हैं। पर मानसिक पोषण भी किया जाए। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस विषय पर चिंता की हैं। वर्ष 2012 में निर्भया कांड के बाद शासन ने वन स्टॉप सेंटर बनाए है। हम एक ही छत के नीचे 24 घंटे बच्चियों को सुविधा उपलब्ध कराते है। वहीं महिला बाल विकास अधिकारी सुनीता यादव ने कहा कि सरकार ने बच्चों एवं महिलाओं की पोषण की चिंता की है। हमारे जिले में 1.5 लाख बच्चे और 30 हजार गर्भवती महिलाएं हैं, जिनका पोषण सरकार करती है। लेकिन लैंगिक अपराध एक गंभीर विषय है। हम शारीरिक पोषण तो करते हैं, मानसिक पोषण भी किया जाये। पाक्सो की जानकारी से संबंधित फिल्म दिखाई लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) 2012 पर आयोजित इस कार्यशाला में प्रोजेक्टर के माध्यम से बाल अधिकारों से अवगत करवाया गया। वहीं छेड़छाड़, गलत तरीके से छूना, गलत और अपशब्द बोलने, हिंसा, शोषण, मानसिक शारीरिक, ताने मारने, मानसिक तनाव, साइबर अपराध, नशा करना, कम उम्र में शादी, बाल श्रम आदि विषय के संबंध में बच्चों को कानूनों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में स्थानीय जन-प्रतिनिधि एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।   recent visitors 106

स्वस्थ बच्चे शक्तिशाली और समृद्ध भारत का करेंगे निर्माण: खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ विकासखंड के ग्राम खैजरामाफी की पी.एम.श्री. शासकीय हाई स्कूल में बच्चों के स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने शिविर में बच्चों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बच्चे ही शक्तिशाली समृद्धि भारत का निर्माण करेंगे। श्री राजपूत ने कहा कि हमारे जीवन में सबसे अमूल्य होते हैं हमारे बच्चे। बच्चे आगे बढ़ेंगे तो घर परिवार आगे बढ़ेगा। स्वस्थ, शिक्षित बच्चे हमारा नाम रोशन करेंगे। इसके लिए सबसे अधिक आवश्यक शिक्षा और स्वास्थ्य है। बच्चों के स्वास्थ्य के लिए आपके ग्राम में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। श्री राजपूत ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सपना है कि बच्चे शिक्षित हों और स्वस्थ्य हों जिसको लेकर लगातार शिक्षा के क्षेत्र में कार्य किये जा रहे हैं। ग्राम खैजरामाफी में बनने वाली लैब से सैकड़ों बच्चों को लाभ मिलेगा। यह अत्याधुनिक लैब है। जल्द ही स्मार्ट क्लास शुरू की जायेंगी। श्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की कोई कमी नहीं हैं। यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में शहरों जैसी व्यवस्थायें की जा रही हैं। सभी ग्रामों में पक्की सड़कें, शिक्षा के लिए स्कूल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, आंगनबाड़ी आदि बनाई गई हैं। मंत्री श्री राजपूत ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत हितग्राहियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। लैब सहित विकास कार्यों का किया भूमिपूजन मंत्री श्री राजपूत द्वारा ग्राम खैजरामाफी के पी.एम.श्री. हाई स्कूल में बच्चों के लिए 16 लाख 30 हजार रूपये के अत्याधुनिक अटल ट्रिकलिंक लैब तथा अतिरिक्त कक्ष, सीसी रोड, आंगनबाड़ी भवन का भूमि-पूजन किया गया। बच्चों के बनाये गए स्वास्थ्य कार्ड ग्राम खैजरामाफी में लगाये गये स्वास्थ्य शिविर में शहर से सभी रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक पहुंचे थे, जिन्होंने बच्चों की जांच की। बच्चों की जांच के लिए कार्ड की व्यवस्था की गई है। इस कार्ड में बच्चों के स्वास्थ्य की पूरी जानकारी ब्लड ग्रुप सहित रहेगी। चिकित्सकों ने स्कूल के सभी बच्चों की जांच की तथा उन्हें निःशुल्क दवा वितरण किया। बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों को लेकर बचाव तथा बीमारियों के लक्षण के बारे में जानकारी दी। recent visitors 113

वर्ष 2030 तक जीरो हंगर प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास हैं : महिला-बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया

भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि हम 'सुपोषित मध्य प्रदेश' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण मध्यप्रदेश को प्रगति-पथ पर ले जाने के लिए हमें विकास विभागों, विषय विशेषज्ञों, संस्थाओं और महिला समूहों को एक साथ आना होगा, तभी समृद्धशाली ग्रामीण मध्यप्रदेश के सपने को साकार किया जा सकता है। हम वर्ष 2030 तक 'जीरो हंगर' या पोषित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये प्रतिबद्ध है। मंत्री सुश्री भूरिया मैनिट में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया द्वारा आयोजित इंडिया रूरल कॉलोक्वी कार्यक्रम में शामिल हुई। उन्होंने 'समृद्धशाली ग्रामीण मध्यप्रदेश' के निर्माण में पोषण और स्वास्थ्य की भूमिका विषय पर अपने विचार व्यक्त किये। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में महिला बाल विकास विभाग द्वारा पोषण को जन-आन्दोलन बनांने के लिए समुदाय और समाज को अपने साथ निरंतर जोड़ रहा है। मध्‍यप्रदेश ने समुदाय को कुपोषण दूर करने से जोड़ने के लिये न केवल पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को पोषण शिक्षा और प्रबंधन सिखाने का प्रयास किया जा रहा है बल्कि समुदाय आधारित पोषण अभियान और इससे संबंधित कार्यक्रमों का संचालन भी निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग ने वर्ष 2020 में पोषण नीति का निर्माण कर अपने लिए बड़े और दूरगामी लक्ष्य भी निर्धारित किये हैं, जिसमें हर व्यक्ति, विशेषकर बच्चे, किशोर-किशोरी और महिलाएं बेहतर पोषण और स्वास्थ्य स्थिति प्राप्त कर सकें। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि ‘सुपोषित मध्य प्रदेश’ की दिशा में राज्य में कई नवाचारों, सामुदायिक कार्यक्रमों और लोगों को जोड़कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की जा रही है। विश्व स्तनपान सप्ताह, महिला सशक्तिकरण के लिए 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान, महिला हेल्पलाइन 181, बच्चों के लिए हेल्पलाइन 1098, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ और इन सबसे बढ़कर महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए 'लाड़ली बहना' के माध्यम से पूरे देश में महिला और बाल विकास ने अलख जगा दी है। प्रदेश में हम इस बार 'पोषण भी और पढाई भी' की नई संकल्‍पना के साथ कार्य प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ पोषण को भी अहम माना गया है। 'प्रधानमंत्री जन-मन योजना' में हम विशेष आदिवासी क्षेत्रों में आंगनवाड़ी भवनों को बनाकर वहॉ के बच्‍चों का पोषण स्‍तर सुधार रहे हैं। प्रदेश में लगभग 500 करोड़ की लागत से आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। महिला-बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रदेश के इन्हीं नवाचारो से राष्ट्रिय स्तर के पारिवारिक सर्वेक्षण NFHS-4 से NFHS-5 के 4 वर्षों के बीच में मध्य प्रदेश में बच्चों की पोषण स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब कम वजन वाले बच्चों का प्रतिशत 43% से घटकर 33% हो गया है वही वेस्टेड (Wasted) बच्चों का प्रतिशत 26% से घटकर 19% हो गया है। मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि इस योजना के माध्यम से अब प्रत्येक गांव और पंचायतों तक की पोषण पैरामीटर्स पर मोनिटरिंग की जा रही है। हमारा प्रयास है की प्रत्येक गांव में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण आंगनवाड़ी केंद्र की उपलब्धता और सेवाए सुनिश्चित हो, ताकि पोषण एक जन अभियान का रूप ले सके। विभाग अन्य सभी विभागों के साथ मिलकर स्वास्थ्य, पोषण और उसके कारको जैसे आजीविका, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा आदि पर भी कार्य कर रहा है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि आप सभी इस जन-अभियान में शामिल हो ताकि 'कोई भी पीछे न छूटे' और सभी पोषित और स्वस्थ्य हो। उन्होंने कहा कि इस मंथन से जो अमृत निकलेगा वह सुपोषित और स्‍वस्‍थ्‍य मध्‍यप्रदेश बनाने की दिशा में महत्‍वपूर्ण साबित होगा। हम सब मिलकर ‘सुपोषित मध्यप्रदेश’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि मध्यप्रदेश का हर नागरिक, स्वस्थ और पोषण युक्त जीवन जी सके। कार्यक्रम में रमन मैग्सेसे अवॉर्ड व वॉटर मैन श्री राजेन्द्र सिंह जी, मैनिट के डायरेक्टर श्री केके शुक्ला, पूर्व मुख्य सचिव श्री आर परशुराम, विषय विशेषज्ञ, स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि व स्टूडेंट्स उपस्थित थे।   recent visitors 137