Tuesday, July 7, 2026 4:01 am

अयोध्या में एक 12 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म का मुद्दा सदन में उठा, योगी ने कहा- आरोपी सपा सांसद के साथ रहता है

लखनऊ यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र बृहस्पतिवार को विधान परिषद में प्रश्न प्रहर के साथ सदन की कार्यवाही प्रारंभ हुई। कार्यवाही के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा भी किया। वहीं, इस दौरान सदन नेता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में एक 12 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म का मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन पर सपा को आड़े होथों लेते हुए कहा कि अयोध्या में एक 12 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना हुई। समाजवादी पार्टी का नेता मोईन खान इस कृत्य में शामिल पाया गय। अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद के साथ रहता है, उठता है खाता पीता है, उनके टीम का मेम्बर है, अब क्या इस पर कोई न बोले। समाजवादी पार्टी ने उसपर कोई कार्रवाई नही की, इस घटना को क्या हल्केपन से छोड़ देने की बात है? आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि कल फैज़ाबाद सांसद अवधेश प्रसाद का जन्मदिन था, इससे पहले एक दिन पहले ही सपा अध्यक्ष ने संसद में कहा था "हम अयोध्या जीते हैं और अब हम अयोध्या को विश्व का सबसे शानदार शहर बनाएंगे। आप नहीं कर सके। हमारी सरकार आएगी हम करके बताएंगे।" अयोध्या को विश्व का सबसे शानदार शहर बनाने की मुहिम कल से शुरू भी कर दी है। अयोध्या के राजा अवधेश  के जन्मदिन पर अयोध्या की जनता को तोहफा दिया है। जानिए क्या है पूरा मामला ? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना अयोध्या के थाना क्षेत्र पूराकलंदर की है। यहाँ के चौकी क्षेत्र भदरसा में समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान की बेकरी की दुकान है। जहां पर कुछ महिने पहले पीड़िता अपने मां के साथ मजदूरी कर वापस आ रही थी। रास्ते में मोईद की दुकान में कुछ समान लेने के लिए इसी दौरान दुकान में काम करने वाला  राजू और उसके मालिक मोईद ने पीड़िता से बारी-बारी सामूहिक दुष्कर्म किया। इसी दौरान आरोपितों द्वारा रेप का वीडियो भी बना लिया गया। किसी को बताने पर वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी गई। बाद में इसी वीडियो से डरा-धमका कर पीड़िता से 2 महीने तक दोनों आरोपितों ने गैंगरेप किया। इस वजह से पीड़िता गर्भवती हो गई। लड़की के पेट में दर्द होने पर माँ को शक हुआ। जब यह बात लड़की की माँ को पता चली तो उसने पूरी वजह पूछी। पीड़िता ने सारी बात अपनी माँ को बता दी। आखिरकार मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई गई। इस घटना की जानकारी जैसे लोगों हुई तो मौके पर हिन्दू संगठन के तमाम लोग इकट्ठा होने शुरू हो गए।  भाजपा और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ निषाद पार्टी के सदस्य भी थाने पर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। मौके पर पुलिस फोर्स पहुँची और नाराज लोगों को समझा कर शाँत करवाया। । पीड़िता की मां को मिल रही थी धमकी वहीं, इस घटना को लेकर पीड़िता मां ने कहा है कि " हम लोग थोड़ा डरे हुए हैं, आरोपियों के द्वारा धमकी दी जा रही थी कि केस वापस ले लो नहीं तो जान से मार देंगे। लेकिन मैं किसी भी किमत पर केस वापस नहीं लूंगी क्योंकि उन्होंने मेरी बेटी की जिंदगी खराब कर दी है। recent visitors 111

खालिस्तान जनमत संग्रह अपने चौथे साल में है और कनाडा इस अलगाववादी गतिविधि का मुख्य केंद्र बन गया

टोरंटो कनाडा (Canada)  में खालिस्तानी कट्टरपंथी भारत विरोधी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो की नाक तले  खालिस्तानी भारत विरोधी गतिविधियां चला रहे हैं। इसी क्रम में वहां खालिस्तान पर जनमत संग्रह किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए कनाडा अल्बर्टा स्थित कैलगरी में एक नगर पालिका के परिसर में  जनमत संग्रह किया गया जिसमें लोगों की राय जानने के लिए SFJ ने एक प्रश्न रखा था, जो कि “क्या भारत शासित पंजाब को एक स्वतंत्र देश होना चाहिए?”। वोटिंग के लिए ‘हां’या ‘ना’ विकल्प दिया गया था। जानकारी के अनुसार खालिस्तान जनमत संग्रह अपने चौथे साल में है और कनाडा इस अलगाववादी गतिविधि का मुख्य केंद्र बन गया है। SFJ (सिख्स फॉर जस्टिस) द्वारा आयोजित यह हालिया जनमत संग्रह रविवार को कैलगरी, अल्बर्टा में म्युनिसिपल प्लाजा में हुआ, जो कि एक सरकारी सुविधा केंद्र है। जनमत संग्रह पहले ही ब्रैम्पटन, ग्रेटर टोरंटो एरिया (GTA) में दो बार, सुर्रे, ब्रिटिश कोलंबिया, और अब कैलगरी में हो चुका है। अगले साल 2025 की गर्मियों में मॉन्ट्रियल, मिसिसॉगा, एडमॉन्टन और एबॉट्सफोर्ड में भी जनमत संग्रह की योजना है। कैलगरी में आयोजित इस जनमत संग्रह में 'किल इंडिया' जैसे भड़काऊ नारे भी लगे, जिनकी कनाडाई राजनेताओं या मीडिया द्वारा कोई आलोचना नहीं की गई। SFJ के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू ने अपने भाषण में कहा कि अगर कनाडा सरकार भारतीय राजनयिकों के खिलाफ न्याय नहीं करती, तो वे 'खालसा न्याय' का सामना करेंगे। इंडो-कनाडाई समूहों से इस आयोजन पर तीखी प्रतिक्रिया आई है। कोएलिशन ऑफ हिंदूज़ ऑफ नॉर्थ अमेरिका (COHNA) के कनाडाई चैप्टर ने कहा कि परमजीत सिंह पन्नू के पोस्टर कई शहरों में लगे थे और सिटी हॉल के बाहर कई दिनों तक प्रदर्शन किए गए थे। मेयर ऑफिस को यह भी जानकारी दी गई थी कि यह आयोजन प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के सदस्यों को शामिल नहीं करेगा।SFJ ने यह भी कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के 18 सितंबर को भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा को निष्कासित करने के फैसले के बाद वे और अधिक "सशक्त" महसूस कर रहे हैं। SFJ ने दावा किया है कि उनकी गतिविधियों को लेकर "विश्वसनीय आरोप" हैं कि भारतीय एजेंट हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल हैं, जिनकी जून 18 को सुर्रे गुरुद्वारे के बाहर अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस जनमत संग्रह ने कनाडा में बढ़ती चिंताओं को जन्म दिया है। कनाडा में सबसे भयंकर आतंकवादी घटना के लिए जिम्मेदार माने जाने वाले 1985 के एयर इंडिया बॉम्बिंग की मास्टरमाइंड की छवि को SFJ के पोस्टर में प्रदर्शित किया गया, जिसमें 329 लोगों की जान गई थी। यह कनाडा के इतिहास में अब तक की सबसे घातक आतंकवादी घटना है। SFJ का अगला जनमत संग्रह न्यूज़ीलैंड में इस साल के अंत में आयोजित होने की उम्मीद है। इसके अलावा, SFJ ने यूनाइटेड किंगडम, स्विट्जरलैंड, इटली और संयुक्त राज्य अमेरिका में भी जनमत संग्रह आयोजित किए हैं, लेकिन सबसे अधिक विवादास्पद और सक्रियता का केंद्र कनाडा ही बना हुआ है।   recent visitors 129

अबू सलेम को बीती रात नासिक सेंट्रल जेल से किसी अन्य शहर में शिफ्ट किया गया

 नासिक गैंगस्टर अबू सलेम को बीती रात नासिक सेंट्रल जेल से किसी अन्य शहर में शिफ्ट किया गया है। शिफ्टिंग के समय नासिक सेंट्रल जेल से नासिक रेलवे स्टेशन परिसर में भारी पुलिस बंदोबस्त रखा गया। अबू सलेम को इससे पहले नवी मुंबई के तलोजा जेल में रखा गया था। जिस सेल में अबू सलेम को रखा गया था, उसकी मरम्मत होनी थी, इसलिए जेल प्रशासन अबू सलेम को अन्य जेल में शिफ्ट करना चाहता था। अबू सलेम ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर शिफ्टिंग का विरोध किया था।  हाई कोर्ट ने अबू सलेम की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद अबू सलेम को जेल प्रशासन ने एक माह पहले ही नासिक सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया था और उसे अंडा सेल में रखा गया था। यहां से गुरुवार को तड़के 2ः30 बजे अबू सलेम को नासिक सेंट्रल जेल से निकालकर किसी अन्य शहर में शिफ्ट किया गया है। इस मामले में सुरक्षा कारणों से बेहद गोपनीयता बरती जा रही है। बताया जा रहा है कि आज उस शहर में अबू सलेम के विरुद्ध महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई होने वाली है।       recent visitors 210

नेशनल मेडिकल कमीशन ने इन कॉलेजों को 50-50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश की अनुमति दी

भोपाल प्रदेश में तीन नए मेडिकल कालेजों में इसी सत्र से एमबीबीएस में प्रवेश शुरू हो जाएगा। इनमें सिवनी, नीमच और मंदसौर सम्मिलित हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने इन कॉलेजों को 50-50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश की अनुमति दे दी है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अब इन कॉलेजों में सौ-सौ सीटों की अनुमति देने के लिए एनएमसी में अपील करेगा। आयुक्त चिकित्सा शिक्षा तरुण पिथौड़े ने कहा कि आशा है कि अपील के बाद सीटें बढ़ जाएंगी। बता दें, पहले तीनों जगह 150 सीटें प्रति कॉलेज प्रवेश के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने एनएमसी को आवेदन किया था। मापदंड पूरा नहीं होने पर सौ सीट के लिए प्रयास किया गया। इसके बाद भी फैकल्टी की कमी रह गई तो 50 सीटों के लिए आवेदन किया। ये कॉलेज केंद्र सरकार के सहयोग से स्थापित किए जा रहे हैं। स्थापना खर्च में 60 प्रतिशत राशि केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा लगाई जा रही है। वर्ष 2018 में इन्हें खोलने का निर्णय लिया गया था पर प्रारंभ करने में छह वर्ष लग गए। इन तीन नए कॉलेजों के साथ ही प्रदेश में अब 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज हो गए हैं। इनमें एमबीबीएस सीटों की संख्या 2425 हो गई है। स्नातकोत्तर (एमडी-एमएस) की 1262 सीटें हैं। अगले वर्ष पांच और मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी है। recent visitors 106

रेड अलर्ट का इंतजार न करें, वायनाड त्रासदी पर मौसम विभाग की सफाई, आईएमडी ने दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली भीषण भूस्खलन के कारण केरल के वायनाड में बनी भयावह स्थिति के बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को बड़ा बयान दिया। मौसम विभाग ने कहा कि राज्यों को ऑरेंज अलर्ट जारी होने पर ही एक्शन ले लेना चाहिए। इसने कहा कि राज्यों को रेड अलर्ट जारी होने का इंतजार नहीं करना चाहिए। आईएमडी ने मीडिया ब्रीफिंग में संकेत दिया कि भूस्खलन प्रभावित वायनाड में पहले से ही अलर्ट जारी होने के कारण राहत उपाय तेजी से किए जा सकते थे। मौसम विभाग ने कहा, "केरल में 29 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था और 30 जुलाई को रेड अलर्ट जारी किया गया था।" उन्होंने आगे कहा, "जब ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था, तब ही हमें कार्रवाई करनी चाहिए थी, किसी भी तरह की कार्रवाई करने के लिए रेड अलर्ट जारी करने का इंतजार नहीं करना चाहिए।" भारत के दक्षिणी राज्य में आई आपदा में मंगलवार से अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि केरल सरकार ने भारी बारिश के कारण वायनाड में संभावित प्राकृतिक आपदा के बारे में केंद्र की चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया। मंगलवार सुबह (30 जुलाई) को वायनाड जिले में भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन में 150 से अधिक लोगों की मौत हो गई। शाह के दावे का जवाब देते हुए, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बुधवार को कहा कि आईएमडी ने भूस्खलन से पहले जिले में केवल एक आरेंज अलर्ट जारी किया था। उन्होंने कहा कि जिले में 572 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई, जो आईएमडी द्वारा की गई भविष्यवाणी से काफी अधिक है। भारतीय सेना ने अपने प्रयासों को बढ़ाते हुए प्रभावित क्षेत्रों से कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। सेना के मद्रास सैपर्स के सदस्यों ने रातों-रात एक अस्थायी 100-फुट पुल बनाया और लोगों को बाहर निकाला। इससे और फंसे हुए लोगों को निकालने में तेजी आएगी और बचाव प्रयासों को और भी ज्यादा मदद मिलेगी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने बृहस्पतिवार को कहा कि विभाग ने देश के पश्चिमी तटीय क्षेत्र में नियमित आधार पर अच्छी खासी वर्षा गतिविधि को लेकर पूर्वानुमान जारी किया था और 30 जुलाई की सुबह केरल के लिए रेड अलर्ट जारी किया था। आईएमडी प्रमुख ने एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि मौसम विभाग ने 18 जुलाई और 25 जुलाई को भारत के पश्चिमी तटीय क्षेत्र में अच्छी खासी वर्षा गतिविधि के लिए एक विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया था। महापात्र ने कहा, "25 जुलाई को जारी दीर्घकालिक पूर्वानुमान में 25 जुलाई से एक अगस्त तक पश्चिमी तटीय क्षेत्र और देश के मध्य भागों में अच्छी खासी बारिश की गतिविधि का संकेत दिया गया था। हमने 25 जुलाई को एक येलो अलर्ट जारी किया था, जो 29 जुलाई तक जारी रहा, जब हमने आरेंज अलर्ट जारी किया। 30 जुलाई की सुबह एक रेड अलर्ट जारी किया गया था, जो दर्शाता है कि 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है।" आईएमडी प्रमुख ने कहा कि आरेंज अलर्ट का मतलब है "कार्रवाई के लिए तैयार रहें और किसी को रेड अलर्ट का इंतजार नहीं करना चाहिए।" ेउन्होंने कहा कि इसी तरह, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए चेतावनी दी गई थी।   recent visitors 112

मेरठ में कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा

लखनऊ/मेरठ पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ में गुरुवार को कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। डीएम और एसएसपी ने हेलीकॉप्टर से शिव भक्तों पर फूल बरसाए। मेरठ के ऐतिहासिक औघड़नाथ मंदिर, दिल्ली देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग, पल्लवपुरम, सिवाय टोल प्लाजा पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा देखकर कांवड़िए गदगद हो गए। पुष्प वर्षा से खुश शिव भक्तों ने भगवान भोलेनाथ और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए नारे भी लगाए। उल्लेखनीय है कि मेरठ में एक दिन पहले भी बुलडोजर से पुष्प वर्षा की गई थी। इसके बाद अब हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई है। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की माने तो कांवड़ियों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। साथ ही सुरक्षा के भी चाक चौबंद बंदोबस्त किए गए हैं। पुष्प वर्षा से खुश कांवड़ियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देते हुए कहा कि समूचे कांवड़ मार्ग में बहुत अच्छी व्यवस्थाएं की गईं हैं। पुष्प वर्षा के साथ किया गया हवाई सर्वे कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी विपिन ताड़ा की ओर से की गई। हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन से उड़ा और फिर बाबा औघड़नाथ मंदिर पल्लवपुरम, बागपत फ्लाईओवर, सिवाया टोल, दौराला, सकौती सहित पूरे एनएच58 मार्ग पर कांवड़ियों पर फूल बरसाए गए। हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा के दौरान कावड़ मार्ग का हवाई सर्वेक्षण भी किया गया है। recent visitors 132

रोडवेज बस ने कांवड़ियों को मारी टक्कर, एक मौत, एक गंभीर घायल, ग्रामीणों ने किया हाईवे जाम

अलवर जिले के मालाखेड़ा में एक दर्दनाक हादसे में रोडवेज बस ने दो कांवड़ियों को टक्कर मार दी, जिसमें एक की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। गुस्साए ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हाईवे जाम कर दिया। यह घटना बुधवार सुबह करीब चार बजे अलवर-करौली मेगा हाईवे पर पूजा होटल के पास हुई। मालाखेड़ा के बरखेड़ा गांव के रहने वाले दो कांवड़िये, मुरारी लाल चौधरी और राजवीर, शिव कांवड़ शिविर से सोच के लिए जा रहे थे। तभी अलवर की ओर से तेज रफ्तार से आ रही रोडवेज बस ने उन्हें टक्कर मार दी। एक की मौत दूसरा गंभीर घायल इस हादसे में मुरारी लाल चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राजवीर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें अलवर रेफर कर दिया गया। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए और हाईवे पर जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि पुलिस और प्रशासन समय पर मदद के लिए नहीं पहुंचे। दोषी बस ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग हादसे के बाद वहां मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने कहा कि 'पुलिस और प्रशासन के अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सोए रहते है। सुरक्षा के कोई इंतजाम नही है। एक्सिडेंट की सूचना के बाद भी कोई पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नही पहुंचा। जाम लगाने के बाद एसडीएम और थानाधिकारी पहुंचे है।' ग्रामीणों ने मृतक कांवड़िये के परिजनों को मुआवजा और दोषी बस ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जाम और प्रदर्शन के लगभग 5 घंटे बाद, एसडीएम और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और गुस्साए ग्रामीणों को शांत कराया। इस घटना से इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है। recent visitors 109