Wednesday, July 8, 2026 6:15 am

रतलाम में मिला अवैध मदरसे, बच्चियों को बेहद खराब हालात में रखा जा रहा था

रतलाम   बगैर मान्यता लिए चल रहे अवैध मदरसे में धार्मिक व स्कूली शिक्षा के नाम पर प्रदेश के कई जिलों से लाई गई बच्चियों को बेहद खराब हालात में रखा जा रहा है। यह गड़बड़ी तब उजागर हुई जब मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य डॉ. निवेदिता शर्मा ने खाचरौद रोड स्थित दारुल उलूम आयशा सिद्धीका लिलबिनात का निरीक्षण किया। यहां खुले फर्श पर करीब 30 से 35 बच्चियां सोती पाई गई। कमरे में बच्चों की सुविधा के लिए कोई इंतजाम नहीं मिले। करीब पांच वर्षीय एक बच्ची तो तेज बुखार से ग्रस्त मिली। इस पर डॉ. निवेदिता ने जमकर नाराजगी जाहिर की व कार्रवाई के निर्देश दिए। रतलाम जिले में अवैध मदरसों में धार्मिक शिक्षा के नाम पर बच्चों को रखे जाने के मामले पहले भी सामने आए हैं। निरीक्षण के दौरान पता चला कि यह मदरसा महाराष्ट्र के ‘जामिया इस्‍लामिया इशाअतुल उलूम अक्‍कलकुआ’ से संबंधित है। दल ने वहां पाया कि मदरसे में करीब 100 बच्चियों को रखा गया है, जिनमें से आधे से अधिक का नाम किसी अन्य शासकीय स्कूल में दर्ज है। मदरसे परिसर में ही 10वीं कक्षा तक का स्कूल भी संचालित है, जिसकी सोसायटी का पंजीयन वर्ष 2012 में हुआ था, लेकिन मान्यता 2019 में ली गई। मदरसे के अंदर साफ सफाई की कमी दिखी, इसके साथ ही दो बच्चियां ऐसी भी मिली जिनके माता-पिता नहीं है। ये बच्चे मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में भी पंजीकृत नहीं पाए गए। हर जगह कैमरा, डरी सहमी दिखी बच्चियां निरीक्षण के दौरान बच्चियों के कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगे होने पर डॉ. शर्मा ने कहा कि बच्चियों की निजता का ध्यान भी नहीं रखा जा रहा है। सभी डरी सहमी सी दिखाई दी। मध्य प्रदेश के भोपाल, धार, बड़वानी, रतलाम, झाबुआ, इंदौर व कुछ बच्चे राजस्थान के भी थे। आयोग ने अब सभी बच्चियों की जानकारी मांगी है। गंभीर बात यह है कि मदरसे में कोई भी महिला कर्मचारी नहीं मिली। अधिकांश जगह कमरों में अंधेरा ही था। निरीक्षण के दौरान संचालकों ने मान्यता के दस्तावेज नहीं दिखाए और बाद में माना कि उनके द्वारा मान्यता नहीं ली गई है। दरअसल मप्र मदरसा बोर्ड भी आवासीय मदरसे को मान्यता नहीं देता है। मान्यता नहीं होने पर मदरसा संचालन के लिए शासन से कोई अनुदान मिलना भी संभव नहीं है। ऐसे में संचालन को लेकर आय-व्यय की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। मदरसे में कार्यरत कर्मचारियों की सूची, पुलिस वैरिफिकेशन की जानकारी नहीं मिली। recent visitors 88

दीपिका कुमारी क्वार्टर फाइनल में हारीं, कोरिया की नाम सु-ह्योन से करीबी मुकाबले में मिली शिकस्‍त

 पेरिस  पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत को एक और निराशा हाथ लगी है। तीरंदाज दीपिका कुमारी को क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। कोरिया की नाम सु-ह्योन ने उन्‍हें 6-4 से हराया। इस हार के साथ ही पेरिस ओलंपिक में उनका सफर समाप्‍त हो गया है। दीपिका ने पहला सेट अपने नाम किया। इसके बाद दूसरे सेट में उन्‍हें हार का मुंह देखना पड़ा। तीसरे सेट में दीपिका ने एक बाद फिर वापसी की। इसके वह लगातार 2 सेट हारकर सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गईं।   तीरंदाजी में खत्म नहीं हो सका सूखा तीरंदाजी को ओलंपिक में 1988 में शामिल किया गया था और तब से भारतीय तीरंदाज लगभग हर ओलंपिक खेल में हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन अभी तक पोडियम तक पहुंचने में नाकाम रहे हैं. कहने का अर्थ यह है कि भारत ओलंपिक  के तीरंदाजी इवेंट्स में अब तक एक भी मेडल नहीं जीत पाया है. दीपिका हारीं भारतीय तीरंदाज दीपिका कुमारी वूमेन्स सिंगल्स में अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला 4-6 से हार गई हैं. कोरिया की नाम सु-ह्योन ने पांचवां सेट जीतकर मैच अपने नाम कर लिया. दीपिका की हार के साथ ही तीरंदाजी में भारतीय चुनौती समाप्त हो गईं. भारत ओलंपिक की तीरंदाजी इवेंट्स में अब तक एक भी पदक नहीं जीत सका है. recent visitors 96

बुरी नजर से बचने के कारनामे की चर्चा, छत्तीसगढ़-कांकेर में CMHO ने दफ्तर में बंधवाया ताबीज

कांकेर. कांकेर में झाड़फूंक कराने के बजाए अस्पतालों में उपचार करा स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए लोगों को सलाह देने वाला स्वास्थ्य विभाग यदि स्वयं झाड़ फूंक करवाने लगे तो इसे क्या कहा जा सकता है। जी हां ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने मनमानी करते हुए सीएमएचओ कार्यालय में ही किसी बाबा से ताबीज बंधवा डाला। सवाल यह है कि यदि झाड़ फूंक तंत्र मंत्र से बीमारियों का उपचार होने लगे तो कराड़ों रूपये खर्च कर अस्पताल बनवाने की क्या आवश्यकता है। जिले के अंदरूनी इलाकों में आज भी स्वारस्थ्य सेवाओं का बेहद अभाव है। अस्पतालों में जो डॉक्टर व स्टाफ तैनात हैं वे भी मरीजों का उपचार नहीं करते ऐसे में लोगों का झाड़ फूंक का सहारा लेना भी मजबूरी है। बता दें कि तीन दिनों पूर्व ही कोयलीबेड़ा अस्पताल में उपचार के अभाव में एक बालक की मौत हो गयी। परिजन जब बच्चे को उपचार कराने अस्पताल ले गये तो वहां पदस्थ एकमात्र डॉक्टर भी नशे से धुत्त मिला था। अंदरूनी क्षेत्रों में चिकित्सा स्टाफ की लापरवाही के ऐसे ढेरों मामले सामने आ चुके हैं। जिले को मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली है, लेकिन आज भी जिला अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज रेफर सेंटर के नाम से ही जाना जाता है, क्योंकि ट्रामा केयर आईसीयू जैसे महत्वपूर्ण सेवाएं अभी तक अधर में हैं। जिले के स्वास्थ्य विभाग में सबसे बड़े अधिकारी सीएमएचओ डॉ अविनाश खरे ने चेंबर के सामने ही तंत्र साधना में उपयोग किये जाने वाले धागे के साथ ताबीज भी बंधवाया है। सीएमएचो डॉ खरे जिले में पदस्थापना के साथ ही विवादों को लेकर सुर्खियों में हैं। आम लोगों को बीमारियों के उपचार के लिए तंत्र मंत्र करवाते तो देखा व सुना जाता रहा है,लेकिन स्वास्थ्य विभाग का सबसे बड़ा अधिकारी ही यदि अंधश्रद्धा को बढ़ावा देते देखा जा रहा है। यहां तंत्र-मंत्र वाले धागे के साथ ताबीज तीन दिनों पहले से बंधा देखा जा रहा है। सीएमएचओ डॉ खरे से इस संबंध में जानकारी चाही गयी तो उन्होंने स्वयं किसी भी तरह के तंत्र मंत्र वाले धागे या ताबीज बांधने की बात से साफ इंकार कर दिया। सीएमएचओ दफ्तर में सीसीटीवी कैमरा भी लगा है, जिससे यहां ताबीज बांधने की घटना को देखा जा सकता है।मैं स्वयं एक चिकित्सक होने के कारण टोने-टोटके पर विश्वास नहीं करता। यदि किसी ने कार्यालय के सामने कोई ताबीज बांधा है तो उसे निकलवाया जायेगा। recent visitors 95

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा आदिकाल से भारत का अपना विशेष चरित्र और आदर्श संस्कृति रही है, इसलिए भारत विश्व गुरु कहलाया

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रयासों में राज्य सरकार करेगी पूर्ण सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीवन में शिक्षा का अधिकार सर्वोपरि-शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा आदिकाल से भारत का अपना विशेष चरित्र और आदर्श संस्कृति रही है, इसलिए भारत विश्व गुरु कहलाया राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की कार्यशाला में 6 राज्यों ने की भागीदारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आदिकाल से भारत का अपना विशेष चरित्र और आदर्श संस्कृति रही है, इसलिए भारत विश्व गुरु कहलाया। "जियो और जीने दो" के सिद्धांत के साथ सभी के कल्याण की कामना हम करते हैं। हमारी व्यवस्था में गुरु की भूमिका अंधकार से प्रकाश की ओर ले जानी वाली रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवन में शिक्षा का स्थान सर्वोपरि है। किसी भी पद और हैसियत से अधिक महत्व शिक्षा का है। भगवान श्रीकृष्ण ने मध्यप्रदेश की धरती पर शिक्षा ग्रहण की और महाभारत के युद्ध के समय वे स्वयं अपनी आत्मा से शास्त्रार्थ करते रहे। गीता के विविध पक्ष हैं। गुरुकुल में प्राप्त शिक्षा से सेनाओं का अपना अनुशासन भी देखने को मिला था। जीवन और मृत्यु अटल है। इसके मध्य का समय मुस्कान और उत्साह के साथ सार्थक जीवन जीने का होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज भोपाल के आनंद नगर स्थित टीआईटी एक्सीलेंस कॉलेज में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित कार्यशाला में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयोग द्वारा महत्वपूर्ण विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई है। राज्य सरकार राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रयासों में पूर्ण सहयोग करेगी। यह प्रयास होगा कि कोई बच्चा स्कूल जाना बंद न करे। किन्हीं परिस्थितियों में ड्राप आउट के लिए विवश का शिकार न बने। शिक्षा ग्रहण करना प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परीक्षाओं के पहले विद्यार्थियों से संवाद कर उनका आत्म-विश्वास बढ़ाते हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा के महत्व में वृद्धि की है। अनेक सुविधाएं विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी भारत में नई शिक्षा नीति लेकर आए। आज अनेक क्षेत्रों में भारत विश्व में अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूक्रेन युद्ध के समय प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर भारतीय विद्यार्थियों की रक्षा के लिए उठाए गए कदम का स्मरण भी किया। अध्यक्ष राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग प्रियंक कानूनगो ने कहा कि शिक्षा पूरी पीढ़ी को बदलने का कार्य करती है। विपरीत परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को मुख्यधारा में लाना महत्वपूर्ण है। अभिभावकों द्वारा रोजगार के लिए अन्य राज्यों में जाने पर बच्चों की शिक्षा में बाधा उत्पन्न होती थी। अब अन्य राज्यों में भी हिन्दी में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाती हैं। किसी बच्चे के 30 दिन विद्यालय में अनुपस्थित रहने पर इसका कारण ज्ञात कर समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। कानूनगो ने कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। अतिथियों को पौधे भेंट किए गये। श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि प्रदेश में मजदूरों के हितों का प्राथमिकता के साथ ध्यान रखा जा रहा है। प्रदेश में संचालित आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले वंचित वर्गों के बच्चों को पढ़ाई के लिए सभी संसाधन उपलब्ध कराये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश ऐसा राज्य बनेगा, जहां कोई भी बाल श्रमिक नहीं रहेगा। इसके लिए शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी सभी सरकारी एजेंसी, स्वयंसेवी संगठन और इस विषय के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। श्रम मंत्री पटेल ने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि वंचित वर्ग और श्रमिकों के बच्चे जो बीच में शाला जाना बंद कर देते हैं उनको पुन: शाला पहुंचाएँ। इस कार्यशाला के माध्यम से 6 राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, दादर नगर हवेली-दमन-दीव, गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा के प्रतिभागी शामिल हुए हैं। कार्यशाला में विषय-विशेषज्ञ और शिक्षा के क्षेत्र के विद्वानों द्वारा शाला त्यागी बच्चों की स्थिति पर चर्चा की गई। साथ ही प्रदेश में स्कूलों से बच्चों के ड्रॉप आउट की प्रवृत्ति को कम करने के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला में अन्य संस्थाओं की भी भागीदारी रही और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। अध्यक्ष मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग द्रविन्द्र मोरे और राष्ट्रीय बाल आयोग की सदस्य सचिव रूपाली बैनर्जी, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, श्रम आयुक्त धनराजू एस. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।   recent visitors 149

करीब आधा दर्जन हथियारबंद नकाबपोशों ने सनसनीखेज डकैती को दिया अंदाज

छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा के जिले के सौंसर थाना क्षेत्र स्थित सिविल लाइन में करीब आधा दर्जन हथियारबंद नकाबपोशों ने सनसनीखेज अंदाज में डकैती की घटना को अंजाम दिया। शनिवार की अलसुबह करीब साढ़े तीन बजे हुई इस वारदात में डकैत करीब 18 लाख रुपये का सामान ले गए। इस घटना के चलते क्षेत्र में हड़कंप व्याप्त है। पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है। परिवार के लोगों को डरा-धमकाकर अंजाम दिया सिविल लाइन निवासी राजेन्द्र सावल के घर शनिवार की अलसुबह करीब साढ़े तीन बजे पांच-छह नकाबपोश ग्रिल काटकर अंदर घुसे। इसके बाद आरोपितों ने परिवार के लोगों को डरा-धमकाकर लाखों की डकैती को अंजाम दिया। आरोपितों ने 25 तोला सोना, करीब एक किलो चांदी के आभूषणों सहित 25 हजार रुपये नकद आलमारी के लाकर से निकाले और फुर्र हो गए। सभी आरोपित हथियारों से लेस थे, जिनका संबंध चड्डी-बनियान गिरोह से होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। धमकाकर ली आलमारी की चाबी राजेंद्र सांवल ने पुलिस को बताया कि डकैतों ने उन्हें घर की लाइट नहीं जलाने दी। अधिकतर के हाथ में डंडा था। एक ने कनपटी पर बंदूक जैसी कोई चीज रख दी थी, जिसकी वजह से घबरा कर उनकी पत्नी कल्पना ने आरोपितों को आलमारी की चाबी दे दी। गनीमत रही कि डकैतों ने सांवल परिवार के सदस्यों को किसी प्रकार से चोट नहीं पहुंचाई। दो बाइक चुराईं, तीसरी बाइक से पेट्रोल निकाला इन डकैतों द्वारा सावल परिवार में वारदात को अंजाम देने के बाद घर के बाहर से दो अन्य लोगों के यहां बाइक लेकर भागने की जानकारी भी प्रकाश में आई है। यह भी पता चला है कि चुराई गई बाइकों में पेट्रोल कम होने की वजह से आरोपितों ने तीसरी बाइक से पेट्रोल निकालकर दोनों बाइकों में डाला और फिर भाग खड़े हुए। घर के सारे मोबाइल भी ले गए हथियारबंद आरोपितों ने घटना के अंजाम देने के बाद घर के लोगों के सभी मोबाइल भी छीन लिए ताकि वो उनके जाने के फौरन बाद पुलिस को काल न कर सकें। इसकी वजह से राजेंद्र सांवल को एफआइआर के लिए पहले सौंसर थाने जाना पड़ा। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज सोनी, एसडीओपी धर्मवीर नागर व पुलिस टीम मौके पर पहुंचे और मामले की पड़ताल शुरू की गई। recent visitors 78

मध्यप्रदेश में राशन की दुकानों पर बंटने वाले सामान में ज्वार, बाजरा, रागी शामिल किया जाए, MP के सीएम मोहन यादव बोले

भोपाल  मध्य प्रदेश में गरीबी रेखा के अंतर्गत आने वाले हितग्राहियों को राशन वितरण में अब श्रीअन्न के तहत राज्य में उत्पन्न होने वाले ज्वार, बाजरा और रागी भी दी जाएगी। इसके लिए स्थानीय किसानों से अनाज लेने और प्रक्रिया में स्व-सहायता समूहों को जोड़ने पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत जिन्हें पर्ची जारी की गई है, वह योजना के लिए पात्र हैं या नहीं इसका भी सर्वे कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा सहित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिनियम, फोर्टिफाईड चावल, शक्कर एवं नमक वितरण अनुसूचित जाति जनजाति विद्यार्थियों को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने, वन-नेशन-वन राशन कार्ड, प्रधानमंत्री राशन आपके ग्राम योजना, मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, महिलाओं को 450 रुपये में गैस रिफिल उपलब्ध कराना, प्रधानमंत्री जनमन मिशन, गेहूं उपार्जन की स्थिति और लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए जारी गतिविधियों पर प्रस्तुतिकरण के साथ चर्चा भी हुई। राज्य स्तर पर गठित होगा गैस कारपोरेशन मुख्यमंत्री ने कहा कि नापतौल विभाग के अमले की यूनिफार्म तय की जाए। अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना आदि में इस संबंध में जारी व्यवस्था के आधार पर प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने पाइप लाइन द्वारा रसोई गैस उपलब्ध कराने संबंधी गतिविधि के लिए राज्य स्तर पर गैस कारपोरेशन गठित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में भी गैस उपयोग की संभावना है, अत: इसकी आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनाई जाए। अन्य राज्यों में इस संबंध में लागू व्यवस्था का भी अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए नीति बनाई जाए। साथ ही भू-जल भंडारण के संरक्षण और बिजली की बचत के दृष्टिगत बिना मौसम की धान व मूंग के उत्पादन को हतोत्साहित किया जाए। इसके लिए किसानों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से किसान सम्मेलन और कृषि विशेषज्ञों के साथ परिचर्चाएं भी की जाएं। recent visitors 93

भोपाल आने के एक दिन बाद युवक ने लगाई फांसी

भोपाल पुराने शहर के मंगलवारा थाना क्षेत्र के एक होटल में ठहरे युवक ने कमरे में फांसी लगा ली। वह बीना स्थित पावर ग्रिड का कर्मचारी था। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इस वजह से अभी खुदकुशी की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। युवक इलाज कराने के लिए भोपाल आया था। आने से पहले चचेरे भाई को दी थी सूचना मंगलवारा थाना पुलिस के मुताबिक खिमलासा रोड, बीना निवासी 43 वर्षीय प्रदीप भावसार बीना स्थित पावर ग्रिड में काम करता था। प्रदीप का चचेरा भाई पंकज भोपाल में रहता है। प्रदीप ने पंकज को फोन कर बताया था कि वह अपने स्वास्थ्य की जांच कराने गुरुवार को भोपाल आएगा। बुधवार रात प्रदीप भोपाल आकर मंगलवारा में छावनी रोड स्थित इंडिको होटल के कमरा नंबर-105 में रुक गया था। सुबह वह अपना चेकअप कराने के लिए शाहपुरा के एक निजी अस्पताल गया था। जांच कराने के बाद वापस होटल में आ गया था। बेडशीट का फंदा बनाकर लटका गुरुवार शाम चार बजे पंकज ने प्रदीप को दो-तीन बार फोन लगाया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इस पर पंकज होटल पहुंचा। काफी आवाज देने पर भी प्रदीप ने कमरे का दरवाजा नहीं खोला, तो होटल के स्टाफ की मदद से दरवाजा खुलवाया। अंदर प्रदीप फांसी पर लटका हुआ था। उसने पलंग पर बिछी चादर को पंखे से बांधकर फांसी लगा ली थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। recent visitors 84