Wednesday, July 8, 2026 5:12 am

राजस्व महा अभियान में लापवाही और उदासीनता बरतने वाले अधिकारी होंगे दण्डित

राजस्व महा अभियान में लापवाही और उदासीनता बरतने वाले अधिकारी होंगे दण्डित अब तक 9 लाख 61 हजार प्रकरणों का निराकरण भोपाल लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये प्रदेश में चल रहे राजस्व महा अभियान 2.0 में अब तक 9 लाख 61 हजार 245 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। इनमें 85 हजार 147 नामांतरण 10 हजार 752 बंटवारा 4 हजार 970 अभिलेख दुरूस्ती और 8 लाख 60 हजार 376 नक्सा तरमीम के प्रकरण शामिल है। महा अभियान की राज्य, संभाग, जिला और तहसील स्तर पर रोजाना समीक्षा की जा रही है। समीक्षा के दौरान राजस्व अधिकारियों की सक्रिया पर भी नजर रखी जा रही है। महा अभियान में उदासीनता लापरवाही बरतने वाले राजस्व अधिकारियों को दण्डित किया जायेंगा। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत भी किया जायेगा। राजस्व महा अभियान 2.0 में 18 जुलाई से एक अगस्त तक सिंगरौली और रायसेन जिलों में कुल लंबित नामांतरण प्रकरणों में से 99 प्रतिशत से अधिक का और बैतूल, बड़वानी, दतिया, नर्मदापुरम, मण्डला, हरदा, सीहोर, सिवनी, जबलपुर, कटनी, देवास, नीमच, बालाघाट, मुरैना, डिण्डौरी एवं इंदौर जिले में कुल लंबित नामांतरण प्रकरणों में से 90 प्रतिशत से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया है। बंटवारा प्रकरणों में अलीराजपुर, दतिया, रायसेन और हरदा जिले ने कुल लंबित प्रकरणों में से 100 प्रतिशत प्रकरणों का निराकरण किया है। सिंगरौली में 99 प्रतिशत से अधिक भिण्ड, नर्मदापुरम, मण्डला, बड़वानी, भोपाल, कटनी, आगर-मालवा, मुरैना, सिवनी, जबलपुर, खरगौन, बुरहानपुर, शाजापुर, नीमच, डिण्डौरी, झाबुआ और बैतूल जिलों में कुल लंबित प्रकरणों में से 90 प्रतिशत से अधिक का निराकरण किया गया है। अभिलेख दुरूस्ती के मामलों में हरदा, शाजापुर और श्योपुर में कुल लंबित प्रकरणों में से 100 प्रतिशत का निराकरण किया गया है। नर्मदापुरम, सीहोर, मण्डला विदिशा, आगर-मालवा, नरसिंहपुर, छिन्दवाड़ा, मंदसौर, मैहर, जिलों में बंटवारे के कुल लंबित प्रकरणों में से 90 प्रतिशत प्रकरणों से अधिक का निराकरण किया गया है। राजस्व न्यायालयों में समय सीमा पार लंबित नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दूरूस्ती के लंबित 100 प्रतिशत प्रकरणों का निराकरण इसके साथ ही नक्शें पर तरमीम उठाना, खसरे की समग्र/आधार से लिंकिंग समग्र का आधार से ई-केवाईसी नवीन एवं ऑफलाइन/ नम्बर से उतरे राजस्व प्रकरणों को आरसीएमएस पर दर्ज कराना, स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि के सर्वेक्षण के कार्य को पूरा करना, फार्म रजिस्ट्री का क्रियान्वयन, पीएम किसान सेचुरेशन, आदेशों का राजस्व अभिलेख में अमल और डिजीटल क्रॉप सर्वेक्षण शामिल है।   recent visitors 80

हमारी सरकार ने बिजली के क्षेत्र में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने एमओयू किया- हीरालाल नागर

जयपुर राजस्थान के ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने प्रदेश में बिजली संकट के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि हमारी सरकार ने बिजली के क्षेत्र में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केन्द्रीय उपक्रमों के साथ समझौता (एमओयू) किया हैं और दूरदर्शी सोच के साथ उठाये गए इस कदम से आने वाले समय में राजस्थान में बिजली की कोई कमी नहीं रहेगी। नागर  विधानसभा में राज्य में बिजली की स्थिति पर चर्चा के बाद अपना जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कुप्रबंधन के कारण प्रदेश को बिजली संकट से जूझना पड़ा। पूर्ववर्ती सरकार के समय बिजली के उत्पादन, प्रसारण एवं वितरण तीनों ही क्षेत्रों की उपेक्षा हुई। नागर ने बताया कि आवंटित कोल ब्लॉक से कोयले का खनन शुरू नहीं करवा पाने के कारण महंगा कोयला अन्य स्रोतों से खरीदा गया। जो कोयला 4000 रूपये प्रति टन आता है उसे आयातित कोयला के रूप में 18 हजार प्रति टन की दर से पिछली सरकार ने खरीदा जिससे फ्यूल सरचार्ज का बोझ आम जनता पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय राज्य के थर्मल बिजलीघर अपनी स्थापित क्षमता 7 हजार 580 मेगावाट के मात्र 50 प्रतिशत पर ही उत्पादन करते रहे। हमने पीएलएफ बढ़ाया है, जनरेशन प्लांट ठीक किये हैं तथा समय पर कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित कर उत्पादन क्षमता में वृद्धि की है। नागर ने कहा कि वर्ष 2023 में रबी सीजन की मांग को पूरा करने के लिए पूर्ववर्ती सरकार ने अन्य राज्यों से बैंकिंग के जरिए बिजली उधार ली। हमारी सरकार को इस विषम परिस्थिति में भी इस कर्ज को स्वयं के राज्य की बिजली काटकर लौटाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार ने 35 हजार 234 लाख यूनिट उधार ली जो अब लौटानी पड़ रही है। जुलाई तक लगभग 24 हजार लाख यूनिट लौटाई जा चुकी है और आगामी दो माह में लगभग 11 हजार लाख यूनिट बिजली और लौटाई जानी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूर्ववर्ती सरकार की तरह बिजली के लिए बैंकिंग जैसा कोई कदम नहीं उठायेगी और अच्छे प्रबंधन के जरिए प्रदेश में बिजली संकट से लोगों को राहत प्रदान की जायेगी। नागर ने बताया कि औसत बिजली कटौती वर्ष 2022 के मुकाबले वर्ष 2024 में काफी कम रही है। उन्होंने कहा कि हम वर्ष 2027 तक किसानों को दो ब्लॉक में दिन में बिजली देंगे। कृषि कनेक्शनों को लेकर हमारी सरकार ने 1.50 लाख कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि सभी कृषि कनेक्शन आगामी दो वर्ष में दिन में शिफ्ट किये जाएंगे तथा सोलर से जोड़े जाएंगे। उन्होंने बताया कि 1000 मेगावाट के सोलर संयंत्र सरकारी कार्यालयों पर लगाये जाएंगे, इसकी बिड जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया हमारी सरकार ने सोलर जनरेशन बढ़ाने के लिए बजट में व्यापक घोषणाएं की है, जिससे डिस्कॉम्स बिजली खरीद की लागत को न्यूनतम रखते हुए उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध करवाने की स्थिति में होंगे। उन्होंने बताया कि हाल में आरडीएसएस योजना में 7896 करोड़ रुपये की स्वीकृति केन्द्र सरकार से प्राप्त हो चुकी है जिसमें फीडरों का सेग्रीगेशन होगा। नागर ने कहा कि हमारी सरकार ने दूरदर्शी सोच के साथ बिजली उत्पादन, प्रसारण एवं वितरण तीनों ही आयामों में बडे लक्ष्य तय किये हैं। शक्ति पॉलिसी के तहत 3200 मेगावाट थर्मल प्लांट एवं 8000 मेगावाट सोलर प्लांट की ब्लेंडिंग कर कुल 11 हजार 200 मेगावाट के प्लांट की टैरिफ आधारित निविदा जिसकी लागत 64 हजार करोड़ रूपये है, प्रकियाधीन है। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए उत्पादन निगम एवं एनटीपीसी/एनजीईएल, कोल इंडिया, नेवेली लिग्नाईट जैसे केन्द्रीय उपक्रमों के साथ संयुक्त उपक्रम के माध्यम से 3325 मेगावाट कोयला एवं 28 हजार 500 मेगावाट अक्षय ऊर्जा के एमओयू किये गये हैं। इनकी लागत एक लाख 50 हजार करोड़ रूपये है। साथ ही पीएम कुसुम योजना कॉम्पोनेन्ट-सी के तहत लगभग 4400 मेगावाट के आदेश जारी कर दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि हमने 112 नए जीएसएस का काम हाथ में लिया है। इनमें से 48 प्रगतिरत हैं, 22 के कार्यादेश जारी हो चुके हैं, चार निविदा प्रकिया में हैं तथा 38 की निविदा प्रकिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी महीनों के लिए 1000 मेगावाट की शॉर्ट टर्म निविदा प्रकिया में है। हमारा प्रयास उपभोक्ता को समय पर सही गुणवत्ता की बिजली उपलब्ध कराने का है।   recent visitors 104

बागपत में डबल मर्डर, ट्यूबवैल पर दो पक्षों में खूनी संघर्ष में गई जीजा-साले की जान

बागपत उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहां दो गुटों में खूनी संघर्ष हुआ। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के जीजा-साले की गोली मारकर हत्या कर दी। देर रात हुई दो हत्याओं से हड़कंप मच गया। घटना के बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, बागपत के चांदीनगर इलाके के मंसूरपुर के जंगल में यह वारदात हुई। गाजियाबाद के मुरादनगर के नवीपुर का कुलदीप अपने जीजा मंसूरपुर निवासी कवींद्र के पास गया था। रात में इनके पास ट्यूबवैल पर खैला गांव के कई युवक थे। वहां विवाद होने पर खैला के युवकों ने कुलदीप और कवींद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। कवींद्र को करीब 14 गोली लगी हैं और कुलदीप को 2-3 गोली लगी हैं। पुलिस ने दो हत्यारोपियों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस मान रही कि आपसी संघर्ष में यह हत्याकांड हुआ है। मृतक का आपराधिक इतिहास  है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच में जुट गई है। मृतक के  परिजनों ने आरोपियों के घर पर बुल्डोजर चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो। ऐसा कृत्य करने वालों को फांसी की सजा होनी चाहिए। खैला के जंगल में हिस्ट्रीशीटर कविंद्र उर्फ बिट्टू और उसके साले की गोलियों से भूनकर हत्या की गई है। परिजनों  का आरोप है साथियों ने ही घर से बुलाकर घटना को अंजाम दिया है। वहीं एक आरोपी भी गोली के छर्रे लगने से घायल हुआ, जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है। आईजी और एसपी भी घटनास्थल पर पहुंचे। खैला-मंसूरपुर के जंगल में एक नलकूप के पास दो युवकों के शव गोली लगे करीब 15 मीटर की दूरी पर शुक्रवार रात पड़े मिले। इनमें से एक युवक के पास से बंद मोबाइल मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल कर दोनों युवकों के शव को कब्जे में लिया।  उनकी पहचान हिस्ट्रीशीटर कविंद्र उर्फ बिट्टू निवासी ग्राम मंसूरपुर व उसके साले कुलदीप निवासी ग्राम नवीपुर गाज़ियाबाद के रूप में  हुई। वहीं खैला गांव के एक व्यक्ति ने खुद को पुलिस को गोली लगने की सूचना दी। पुलिस को उसके शरीर में छर्रे लगे मिले। पुलिस ने  हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। कुलदीप के भाई एडवोकेट संदीप चौधरी ने बताया कि जिस व्यक्ति ने पुलिस को गोली लगने की जानकारी दी है, उसने ही अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात अंजाम दिया है। वह व्यक्ति कविंद्र का साथी था। कविंद्र व कुलदीप को घर से बुलाकर घटना को अंजाम दिया है। एसपी अर्पित विजयवर्गीय  का कहना है हर बिंदु पर जांच की जा रही है। घटना का जल्द खुलासा किया जाएगा।   recent visitors 80

अयोध्या सांसद बोले सच्चाई का पता लगाकर करें कार्रवाई, अखिलेश की मांग भी दोहराई

अयोध्या सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बाद अब फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद ने भी अयोध्या रेप केस में डीएनए टेस्ट की मांग की है. उन्होंने कहा कि किसी निर्दोष को न फंसाया जाए. डीएनए टेस्ट करा लिया जाए. समाजवादी पार्टी पीड़िता और उसके परिवार के साथ पूरी मुस्तैदी के साथ खड़ी है. बीजेपी की तरफ से उठाए गए तस्वीर के मुद्दे पर अवधेश प्रसाद ने कहा, 'रोज कम से कम 500 लोग मेरे साथ फोटो खिंचवाते हैं. हम फोटो को कैसे नकार सकते हैं.' अयोध्या रेप केस के मुख्य आरोपी मोइद खान पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, 'जहां तक इस घटना का सवाल है यह घटना बहुत ही दर्दनाक और शर्मनाक है. इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए शब्द कम पड़ जाएंगे. इस घटना से संबंधित जो भी लोग हैं उनकी विवेचना की जाए, सत्य का पता लगाया जाए और जो भी दोषी हों उनके खिलाफ सख्ती के साथ कार्रवाई होनी चाहिए. इस दिशा में पुलिस को भी चाहिए कि किसी भी दबाव में न आकर दूध का दूध और पानी का पानी अलग करें.' 'मामले को और स्पष्ट करने के लिए डीएनए टेस्ट करा लिया जाए' उन्होंने कहा, 'जहां तक पीड़िता का सवाल है, हम और हमारी पार्टी पूरी तरह से उसके साथ खड़े हैं. आज अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि भारतीय जनता पार्टी इस पर राजनीति कर रही है. मेरा विनम्रतापूर्वक ऐसे लोगों से निवेदन है कि ये राजनीति का मौका नहीं है, संवेदना का है. दर्दनाक घटना हुई है, उसे न्याय दिलाने के लिए लगें और जो भी दोषी है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए. निर्दोष को फंसाया न जाए. इसे और स्पष्ट करने के लिए डीएनए टेस्ट करा लिया जाए.' 'अपराधी की कोई जाति नहीं होती' अवधेश प्रसाद ने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी के पास कोई काम नहीं है. आज देश के सामने बड़े-बड़े सवाल हैं. महंगाई का, रोजगार का. अभी लखनऊ में एक मोटरसाइकिल से एक आदमी एक महिला को लेकर जा रहा था. बहुत पानी भरा था. वे गिर गए और चिल्ला रहे थे.. बचाओ-बचाओ और कुछ लोग उन पर पानी उछाल रहे थे. कम से कम 15-20 लोग थे. हमारे मुख्यमंत्री ने सिर्फ दो नाम लिए. एक यादव का और एक मुस्लिम का. उसमें 15-16 ऐसे लोग हैं जो हर जाति के हैं.' सपा सांसद ने कहा, 'अपराधी की कोई जाति नहीं होती है. मेरी 45 साल की राजनीति है. मैंने कभी भी, जिसका अपराध से कोई भी रिश्ता रहा हो, उसे अपने पास भटकने नहीं दिया. उससे किसी भी प्रकार की सहायता नहीं ली.' 'फोटो को कोई नकार नहीं सकता' उन्होंने कहा, 'जहां तक तस्वीर का सवाल है हम लोग राजनीति करते हैं. चुनाव के दौरान लाखों लोगों ने हमारे साथ फोटो खिंचवाई. लड़के हमारे साथ सेल्फी लेते हैं. मैं जब से दिल्ली में हूं रोज कम से कम 500 लोग मेरे साथ फोटो खिंचवाते हैं. कोई महाराष्ट्र का है, कोई राजस्थान का है, कोई मुरादाबाद का है, कोई बिहार का. 31 को हमारा जन्मदिवस था. तमाम लोग आए, फोटो खिंचवाए. कुछ लोग कहते हैं कि हमारे सिर पर हाथ रख दीजिए, कंधे पर हाथ रख दीजिए. फोटो को कोई नकार नहीं सकता है. हम फोटो को कैसे मना कर सकते हैं. बीजेपी को इस तरह की राजनीति नहीं करनी चाहिए, उसे पीड़िता के साथ न्याय करना चाहिए.'    अखिलेश यादव ने भी की डीएनए टेस्ट की मांग इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अयोध्या रेप केस पर कहा था कि जिन पर भी आरोप लगा है, उसका डीएनए टेस्ट होना चाहिए और इंसाफ किया जाना चाहिए. सपा प्रमुख ने कहा कि इस केस में सिर्फ आरोप लगाकर सियासत नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि जो भी दोषी है उसे कानून के हिसाब से पूरी सजा दी जाए. वहीं बीएसपी चीफ मायावती ने अखिलेश यादव को घेरते हुए पूछा, 'सपा सरकार में ऐसे कितने टेस्ट हुए हैं?' मुख्य आरोपी पर बुलडोजर एक्शन शुरू मुख्य आरोपी सपा नेता मोइद खान की बेकरी पर अब बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है. अयोध्या स्थित मोइद खान की बेकरी पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया है. शुक्रवार को ही राजस्व विभाग ने आरोपी की संपत्ति की पैमाइश की थी. मोइद खान पर तालाब और कब्रिस्तान के साथ कई सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने का भी आरोप है. पीड़ित नाबालिग लड़की की मां ने शुक्रवार (2 अगस्त) को लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. इस दौरान सीएम ने सपा नेता मोइद खान समेत अन्य आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया. इसके बाद अब थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी पर भी एक्शन हुआ है और आरोपी की संपत्ति की जांच शुरू कर दी गई है. क्या है पूरा मामला? अयोध्या में एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित रूप से दुष्कर्म की घटना सामने आई. बताया जा रहा है कि इस मामले में समाजवादी पार्टी के नेता मोइद खान भी शामिल हैं. उन्हें कई बार अयोध्या के सांसद के साथ देखा गया है. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. हालांकि, आरोप लग रहा है कि यह मामला गैंगरेप का है, जिसका वीडियो भी सपा नेता ने बनाया था. रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि मोइद खान ने पहले लड़की का रेप किया और फिर घटना को रिकॉर्ड कर लिया. इतना ही नहीं मिली जानकारी में दावा किया गया है कि आरोपी मोइद खान के साथ राजू खान नाम का उनका एक साथी भी साथ है. आरोप के मुताबिक, दोनों ने पीड़िता के साथ ढाई महीने तक सामूहिक बलात्कार करते रहे, मामले का पता तब चला जब वह गर्भवती हो गई. योध्या में नाबालिग से गैंगरेप के मामले में योगी सरकार ने सख्ती दिखाई है। थानेदार और चौकी प्रभारी के निलंबन के बाद अब रेप केस का आरोपी सपा नेता की बेकरी पर बुलडोजर चला है। अधिकारियों की मौजूदगी में सपा नेता की बेकरी को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। अयोध्या में हुई इस कार्रवाई के बाद से अपराधियों में दहशत फैल गई है। शुक्रवार को दुष्कर्म पीड़ित बच्ची की मां ने मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। शनिवार सुबह … Read more

चंडीगढ़ कोर्ट में अंधाधुंध फायरिंग से सनसनी फैली, निलंबित AIG मलविंदर सिंह ने IRS दामाद को गोलियों से भूना

चंडीगढ़ चंडीगढ़ जिला कोर्ट में शनिवार को अंधाधुंध फायरिंग से सनसनी फैल गई। यहां पंजाब पुलिस के निलंबित एआईजी मलविंदर सिंह सिद्धू ने अपने दामाद हरप्रीत सिंह पर चार गोलियां चला दी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। दोनों परिवारों के बीच घरेलू विवाद चल रहा था। इसी मामले में दोनों पक्ष शनिवार को चंडीगढ़ फैमिली कोर्ट में पहुंचे थे। मृतक हरप्रीत सिंह कृषि विभाग में आईआरएस थे। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। पत्नी के साथ चल रहा था विवाद हरप्रीत का काफी समय से पत्नी के साथ विवाद चल रहा था। उनके बीच तलाक से पहले समझौते का मामला चंडीगढ़ जिला अदालत के मध्यस्थता केंद्र में चल रहा था। हरप्रीत की पत्नी इस समय विदेश में है और उसकी जगह उसके पिता मलविंदर सिंह सिद्धू अध्यक्षता केंद्र में सुनवाई के लिए पहुंचे। शनिवार को उनके मामले की तीसरी सुनवाई थी। जैसे ही हरप्रीत मध्यस्थता केंद्र में पहुंचे तभी सिद्धू ने बाथरूम जाने का बहाना बनाया और हरप्रीत को साथ चलने को बोला। जैसे ही वे दोनों मध्यस्ता केंद्र के कमरे से बाहर निकले तभी सिद्धू ने हरप्रीत पर ताबड़तोड़ चार गोलियां चला दी। एक गोली हरप्रीत के पांव में लगी जबकि एक उनके पेट में लगी। ताबड़तोड़ फायरिंग से अदालत के कर्मचारियों ने इधर-उधर भागना शुरू कर दिया। कुछ कर्मचारियों ने सिद्धू को पकड़ लिया और एक कमरे में बंद कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। हरप्रीत को जब अस्पताल ले जाने लगे तो रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी मलविंदर सिंह सिद्धू को गिरफ्तार कर लिया है। धोखाधड़ी और रिश्वत लेने के आरोप में हो चुके गिरफ्तार पंजाब पुलिस के पूर्व एआईजी मालविंदर सिंह सिद्धू का विवादों से पुराना नाता रहा है। अक्टूबर 2023 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मालविंदर सिंह सिद्धू और उसके दो साथियों के खिलाफ जबरन वसूली, धोखाधड़ी और रिश्वत लेने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। मालविंदर सिंह सिद्धू को 25 अक्टूबर 2023 को मोहाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मालविंदर पूछताछ में शामिल होने के लिए मोहाली स्थित विजिलेंस कार्यालय पहुंचे थे। पूछताछ के दौरान विजिलेंस के अधिकारियों से उलझ पड़े थे और डीएसपी पर हमला कर दिया था। विजिलेंस के डीएसपी वरिंदर सिंह ने उनके खिलाफ मोहाली पुलिस को शिकायत दी थी। recent visitors 107

ईमानदारी से कहूं तो मुझे लगता है कि हमारे बल्लेबाज अच्छे गेंदबाज भी हैं- साईराज बहुतुले

कोलंबो गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने संकेत दिया कि भारत अपने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को गेंदबाजी का मौका देना जारी रखेगा क्योंकि इससे वह विरोधी टीमों के बल्लेबाजों को चौंका सकता है। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ टाई छूटे पहले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में शुभमन गिल को गेंदबाजी करने का मौका दिया था। इस सलामी बल्लेबाज ने एक ओवर किया जिसमें उन्होंने 14 रन दिए लेकिन बहुतुले का मानना है कि आगे बढ़ने का यही तरीका है। उन्होंने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो मुझे लगता है कि हमारे बल्लेबाज अच्छे गेंदबाज भी हैं। आप जानते हैं कि उनका मुख्य कौशल बल्लेबाजी है, इसलिए कई बार वे अपनी गेंदबाजी पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। लेकिन उनके पास गेंदबाजी करने का कौशल भी है।’’ श्रीलंका ने भी यह रणनीति अपनाई। उसके कप्तान और मुख्य बल्लेबाज चरित असलांका ने 8.5 ओवर फेंके और 30 रन देकर तीन विकेट लिए, जिसमें शिवम दुबे और अर्शदीप सिंह के लगातार गेंद पर लिए गए विकेट भी शामिल हैं जिससे उनकी टीम मैच को टाई करने में सफल रही। बहुतुले ने इस संदर्भ में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, ‘‘आपने टी20 श्रृंखला में देखा होगा। उसमें रिंकू सिंह और सूर्यकुमार यादव ने गेंदबाजी की थी। इसी तरह से यहां शुभमन को मौका दिया गया। आने वाले दिनों में इस खेल में ऑलराउंडर का महत्व बढ़ने वाला है।’’ बहुतुले ने कहा, ‘‘ऐसे में अगर शीर्ष क्रम से एक या दो (बल्लेबाज) गेंदबाजी कर सकते हैं तो इससे निश्चित रूप से टीम को मदद मिलेगी। यह पिच की स्थिति और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, अगर कोई बल्लेबाज गेंदबाजी कर सकता है तो यह विपक्षी टीम के लिए चौकाने वाली बात होगी। इसलिए भविष्य में बल्लेबाजों के लिए भी गेंदबाजी करने के पर्याप्त मौके होंगे।’’ बहुतुले ने कहा कि भारतीय बल्लेबाजों को बीच के ओवरों में साझेदारी निभाने की जरूरत थी। उन्होंने कहा, ‘‘वनडे में टाई होना हमेशा रोमांचक होता है। हमें एक रन लेकर मैच ख़त्म कर देना चाहिए था। फिर भी मेरा मानना है कि हमने वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की। बल्लेबाजी में हमने टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन किया। हमें कुछ साझेदारियां निभानी चाहिए थी जिससे विकेट गिरने के बावजूद हम लक्ष्य तक पहुंच सकते थे।’ बहुतुले ने स्वीकार किया कि श्रीलंका के स्पिनरों पिच से मिल रही मदद का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने कहा,, ‘‘मुझे लगता है कि उनके स्पिनरों ने पिच की प्रकृति के हिसाब से अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल किया। हमने साझेदारी निभाने की पूरी कोशिश की और शिवम (दुबे) ने भी अच्छी बल्लेबाजी की और योगदान दिया। लेकिन हां हम उस एक रन को बनाने का एक अतिरिक्त प्रयास कर सकते थे।’’   recent visitors 79

पेरिस ओलंपिक पुरुष फुटबॉल : फ्रांस ने अर्जेंटीना को हराकर सेमीफाइनल के लिए किया क्वालीफाई

पेरिस जीन-फिलिप माटेता के एकमात्र गोल की बदौलत फ्रांस ने शनिवार (भारतीय समयानुसार) को अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर पेरिस 2024 ओलंपिक में पुरुष फुटबॉल प्रतियोगिता के सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। जीन-फिलिप माटेटा ने मैच के पांचवें मिनट में ही हेडर के जरिये गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी थी, जो मैच के अंत समय तक बरकरार रहा। हालांकि मैच के 83वें मिनट में माइकल ओलिस ने शानदार गोल किया, जिसे फाउल करार दे दिया गया।। गेंद दाएं फ्लैंक से बॉक्स के अंदर ओलिस के पास पहुंची। उन्होंने शॉट मारा, जो डिफेंडर से टकराकर गोल में चला गया। लेकिन इस गोल को फाउल मानते हुए इसे अस्वीकार कर दिया गया। बावजूद, इसके मेजबान देश ने मैच के अंतिम दस मिनट तक धैर्य बनाए रखा और बढ़त सुनिश्चित की। मैच जीतने के बाद फ्रांस के सेंटर-बैक लोइक बेडे ने कहा, यह एक महत्वपूर्ण मैच था और हम विजेता बनकर उभरे। बता दें कि मैच के दौरान दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच काफी नोकझोक भी हुई और मैच समाप्त होने पर यह लड़ाई में बदल गई, हालांकि मैच रेफरी और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद सबकुछ सामान्य हो गया। फ्रांस का सामना 5 अगस्त को सेमीफाइनल में मिस्र से होगा, जबकि स्पेन का सामना अंतिम चार के अन्य मैच में मोरक्को से होगा।       recent visitors 90