शुक्रवार 09 अगस्त 2024 का राशिफल

मेष राशि- आज किसी महत्वपूर्ण फैसले को लेने में सफल रहेंगे। पुरानी बीमारी से मुक्ति मिलेगी। आज आप धन कमाने में सफल रहेंगे। घरेलू मोर्चे पर आप अच्छा करेंगे। लंबी ड्राइव से आपको मानसिक थकान दूर करने में मदद मिलने की संभावना है। संपत्ति से जुड़ा कोई अच्छा सौदा आपको मिल सकता है। शैक्षणिक मोर्चे पर आरामदायक समय की उम्मीद की जा सकती है। वृषभ राशि- आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। आर्थिक स्थिति में काफी सुधार होगा। काम के मोर्चे पर खुशी बनी रहेगी क्योंकि आप सहकर्मियों के साथ अच्छे से घुलमिल जाते हैं। परिवार का सहयोग तब मिलेगा जब आपको इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होगी। यात्रा के योग हैं। आज आपको संपत्ति लाभ भी हो सकता है। मिथुन राशि- वित्तीय मोर्चे पर आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। कामकाज अच्छा रहेगा। महिलाएं घर के कामों में बिजी रह सकती है। कुछ लोगों के घर में मेहमान आ सकते हैं। आज आपको घर या संपत्ति से उम्मीद से कम रिटर्न मिलने की संभावना है। घरेलू सुख बाधित रहेगा। कर्क राशि- बीमार लोग तेजी से ठीक हो जाएंगे। आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। प्रोफेशनल मोर्चे पर आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे, जिससे मनोबल हाई रहेगा। परिवार के साथ छुट्टियों पर जाना बेहद रोमांचक साबित होगा। आज हो सकता है कि कोई संपत्ति या विरासत आपके काम न आए। आपमें से कुछ लोगों के शैक्षणिक मोर्चे पर अच्छा सुधार होगा। सिंह राशि– आज आपको आय व व्यय के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है। खर्चों की अधिकता मन को परेशान कर सकती है। जो लोग पदोन्नति या आय में वृद्धि का इंतजार कर रहे थे, उन्हें सफलता मिल सकती है। आज आप कहीं ऐसी जगह पर घूमने जा सकते हैं, जहां पर जाने का आपने सपना देखा था। कन्या राशि- सेहत के मामलों में आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। आर्थिक रूप से चीजें जल्द ही बेहतर दिखने लगेंगी। पेशेवर मोर्चे पर उतार-चढ़ाव भरी स्थिति में आपको लचीला रहना पड़ सकता है। कोई दोस्त या रिश्तेदार आपको छोटी छुट्टियों के लिए बाहर जाने के लिए कह सकता है। आपको अच्छी कीमत पर नई संपत्ति खरीदने का अवसर मिलेगा। तुला राशि- आज सट्टेबाजी में धन लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि आर्थिक नुकसान हो सकता है। आज आप आर्थिक मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे, जिससे धन बचाने में सफल होंगे। किसी के साथ यात्रा पर जाने का मौका आपके हाथ आ सकता है। संपत्ति खरीदने या बेचने की सोच रहे लोगों के लिए आज का दिन अच्छा है। व्यापारियों को लाभ होगा। वृश्चिक राशि-आज आपको निवेश करने से पहले दो बार सोचना चाहिए। फिलहाल के लिए महत्वपूर्ण निर्णय रोक कर रखें। कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों के साथ अनबन होने के संकेत हैं। परिवार का साथ मिलेगा। आज आपको यात्रा नया अनुभव करा सकती है। धनु राशि- आप पहले से ज्यादा ऊर्जावान महसूस करेंगे। पहले किए गए निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। कार्यस्थल पर आपकी कोई गलती भारी पड़ सकती है। परिवार को समय देने से अपार खुशी मिलेगी। आप किसी करीबी के साथ छुट्टियों की योजना बना सकते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कठिन दौर से गुजर रहे लोग अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहेंगे। मकर राशि- आज पैसा आपके पास आएगा और आपकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगा। पर्सनल प्रॉब्लम को ठीक करने के लिए आज का दिन अच्छा है। पारिवारिक विवाद को सुलझाने का आपका प्रयास सफल होने की संभावना है। दोस्तों के साथ छुट्टियों पर जाने का यह एक बेहतरीन समय है। संपत्ति से जुड़े किसी मामले का फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। कुंभ राशि- आर्थिक रूप से सुरक्षित होने के लिए आप कुछ पॉजिटिव कदम उठा सकते हैं। कोई ऐसा व्यक्ति जिसके साथ आपकी अच्छी पटती है, काम में आपके साथ मिल सकता है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। पेशेवर मोर्चे की बात करें तो आज का दिन अच्छा रहने वाला है। मीन राशि- किसी अप्रत्याशित स्रोत से धन का आगमन हो सकता है। नौकरी पेशा करने वाले जातकों को तरक्की मिल सकती है। किसी संपत्ति के रूप में कोई नई चीज मिलने की संभावना है। शैक्षणिक मोर्चे पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ने वाली है। करियर में आप नई पहचान बनाने में सफल रहेंगे। recent visitors 80

अभी भी कल सुबह फैसला हो सकता है और IOC को विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल देना पड़ सकता है

नई दिल्ली भारत की रेस्लर विनेश फोगाट से जुड़ी एक बड़ी गुड न्यूज सामने आई है। पेरिस ओलंपिक 2024 में विनेश फोगाट को अभी भी सिल्वर मेडल मिल सकता है। कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट ने विनेश फोगाट के केस को एक्सेप्ट कर लिया है। ओवरवेट होने की वजह से विनेश फोगाट को डिस्क्वॉलिफाई कर दिया गया था। ऐसे में विनेश फोगाट ने दो मुद्दों की तरफ कोर्ट का ध्यान खींचा था। इसमें से एक मुद्दे पर कोर्ट का जवाब आ गया है, जबकि एक मुद्दा अभी भी सक्रिय है, जिस पर कल सुबह फैसला हो सकता है और इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी यानी IOC को विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल देना पड़ सकता है। दरअसल, विनेश फोगाट को सात अगस्त को वुमेंस फ्रीस्टाइल कुश्ती के 50 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में उतरना था। उनका सिल्वर मेडल पक्का था, क्योंकि वे एक ही दिन में प्री-क्वॉर्टर फाइनल, क्वॉर्टर फाइनल और सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में पहुंची थीं। हालांकि, फाइनल मैच की सुबह उनका वजन मापा गया तो उनका वजन 100 ग्राम से ज्यादा निकला और इस तरह उनको अयोग्य घोषित कर दिया दिया। वहीं, फाइनल में उस खिलाड़ी को एंट्री दे दी गई, जिसे विनेश ने सेमीफाइनल में हराया था। ओलंपिक मेडल से चूकने के बाद विनेश और उनके सपोर्ट स्टाफ ने अपनी आवाज उठाई। विनेश फोगाट एंड टीम ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट में अपना केस दायर किया, जो खेल से जुड़े मुद्दों की सुनवाई करता है। 7 अगस्त की रात करीब 8 बजे विनेश फोगाट ने दो मुद्दों को लेकर कोर्ट को मेल किया। स्पोर्ट्स तक की रिपोर्ट के मुताबिक, विनेश ने पहला मुद्दा ये उठाया कि अभी उनका वजन नापा जाए, क्योंकि फाइनल को शुरू होने में अभी भी (मेल लिखते समय) करीब चार घंटे का समय है। दूसरा मुद्दा ये था कि मैंने सेमीफाइनल तक जीता है और उस समय वजन भी ज्यादा नहीं था तो कम से कम सिल्वर मेडल मिलना चाहिए। इन दो मुद्दों में से एक जवाब कोर्ट ने दे दिया है और कहा था कि अब मैच तय हो चुके हैं तो इसमें कुछ नहीं हो सकता, लेकिन दूसरे मुद्दे पर जवाब 24 घंटे में मिलेगा यानी कल सुबह पेरिस के टाइम के अनुसार 8 बजे और भारत के टाइम के अनुसार करीब 11 बजे इस पर फैसला आ सकता है। अगर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट को लगता है कि विनेश फोगाट की बात सही है तो वह इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी को ये बोल सकते हैं कि विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल दिया जाए। भले ही ये संयुक्त मेडल हो, लेकिन वह सिल्वर मेडल की हकदार हैं। अगर ये फैसला विनेश के पक्ष में आता है तो उनको सिल्वर मेडल मिल सकता है। विनेश फोगाट ने अपने प्री-क्वॉर्टर फाइनल में जापान की यूई सुसाकी को हराया था, जोकि पिछले काफी समय से एक भी मुकाबला नहीं हारी थीं। recent visitors 96

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ा कदम उठाया है, विदेश मंत्री मालदीव के दौरे पर जाने वाले हैं, क्यों जा रहे विदेश मंत्री

नई दिल्ली भारत और मालदीव के बीच लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है। पिछले साल मोहम्मद मुइज्जू ने भारत के खिलाफ कैंपेन चलाकर मालदीव में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ा था और बाद में उनकी जीत भी हुई थी। इसके बाद उन्होंने अपने वादे को पूरा करने के लिए मालदीव से भारत के जवानों को अपने देश से वापस भेज दिया था, जिसके बाद नई दिल्ली और माले के बीच तनाव चरम पर पहुंच गए थे। हालांकि, जून महीने में एनडीए सरकार के शपथग्रहण समारोह के दौरान मोहम्मद मुइज्जू भारत आए थे, लेकिन तनाव पूरी तरह से अब भी खत्म नहीं हुआ है। इस बीच, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ा कदम उठाया है। विदेश मंत्री मालदीव के दौरे पर जाने वाले हैं। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर 9-11 अगस्त को मालदीव के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। जयशंकर का यह दौरा मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू के प्रधानमंत्री मोदी के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के दो महीने बाद हो रहा है। इससे पहले, एस जयशंकर ने इस साल की शुरुआत में जनवारी में मालदीव की यात्रा की थी। उल्लेखनीय है कि मालदीव का राष्ट्रपति बनने के बाद से ही मोहम्मद मुइज्जू चीन के समर्थक माने जाते हैं। जनवरी में ही उन्होंने भारत की बजाए चीन की यात्रा की थी। इस दौरान टूरिज्म समेत कई मुद्दों पर चीन और मालदीव के बीच समझौते हुए थे।   भारत ने मालदीव को दिया था बड़ा झटका भारत और मालदीव के बीच तनाव जब चरम पर था, तब टूरिज्म क्षेत्र में मालदीव को बड़ा झटका लगा था। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल की शुरुआत में लक्षद्वीप का दौरा किया था और वहां की कुछ तस्वीरें शेयर की थीं। इसके बाद, सोशल मीडिया पर कई यूजर्स भारतीय पर्यटकों से मालदीव की जगह लक्षद्वीप का दौरा करने की अपील करने लगे थे। इससे मालदीव जाने वालों की संख्या में बड़ी गिरावट आई थी। हर महीने मालदीव पहुंचने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या कम होने लगी थी, जिससे माले को तगड़ी आर्थिक चोट लगी। recent visitors 78

लोकसभा में अटका वक्फ बोर्ड बिल, अब ये बिल संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजा जाएगा

नई दिल्ली लोकसभा में पेश वक्फ बोर्ड बिल अटक गया है। अब ये बिल संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजा जाएगा। बिल के प्रावधानों पर विपक्षी दलों की आपत्ति के बाद अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में प्रस्ताव रखा कि इस बिल को ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी को भेज दिया जाए। इस पर स्पीकर ने कहा कि हां, जल्द ही कमेटी बनाऊंगा। लोकसभा अध्यक्ष बिरला अब दोनों सदनों के सदस्यों की एक संयुक्त संसदीय कमेटी बनाएंगे जो इस विधेयक के पहलुओं और सांसदों की आपत्तियों पर विचार करेगी और संसद को अपनी सिफारिश सौंपेगी। इससे पहले सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पुर:स्थापित करने का प्रस्ताव किया, जिसका विपक्ष ने जमकर विरोध किया और इसे सदन के सांविधिक अधिकार के परे और संविधान के मौलिक अधिकारों के विरुद्ध करार दिया। विपक्षी दलों के सांसदों ने संशोधन विधेयक को वापस लेने अथवा संयुक्त संसदीय समिति के विचार के लिए भेजने की मांग की। दोपहर एक बजे अध्यक्ष ओम बिरला की अनुमति से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विधेयक को पुर:स्थापित करने का प्रस्ताव रखा जिसका विरोध करते हुए विपक्ष ने नियम 72 के तहत इस प्रस्ताव पर चर्चा करवाने के मांग की। इसके बाद बिरला ने विपक्ष की भावना को देखते हुए नियम 72 के तहत उनके बात रखने की अनुमति दे दी। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, माकपा, भाकपा, वाईएसआर कांग्रेस आदि पार्टियों ने जहां विधेयक का विरोध किया, वहीं सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल जनता दल यूनाइटेड, तेलुगु देशम और शिवसेना ने इस विधेयक का समर्थन किया। शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि जो देश की व्यवस्थाओं को जाति एवं धर्म के आधार पर चलाना चाहते हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए। इस विधेयक का मकसद पारदर्शिता एवं जवाबदेही लाना है लेकिन संविधान पर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। जो लोग विरोध कर रहे हैं, उनकी सरकार ने जब महाराष्ट्र में शिर्डी, महालक्ष्मी मंदिरों में प्रशासक बैठाये थे, उन्हें संविधान एवं संघीय ढांचे की याद क्यों नहीं आयी। कांग्रेस सांसद और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह विधेयक संविधान विरोधी है और एक समुदाय के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि संविधान में हर समुदाय को अधिकार है कि वह अपनी धार्मिक, चैरिटेबल आधार पर चल अचल संपत्ति रखे। इस विधेयक में वक़्फ बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने की बात कही गई है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास में गैर हिन्दू हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार पर आक्रमण है और संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों पर हमला है। भारत की संस्कृति में सब एक दूसरे की आस्थाओं एवं धार्मिक विश्वासों का आदर करते हैं। लेकिन यह कदम उनमें विभाजन पैदा करेगा। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार फासीवाद की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियां सैकड़ों वर्ष पुरानी हैं। उन पर विवाद खड़ा किया जाएगा। यह विधेयक गलत मंशा से लाया गया है। यह विधेयक पारित नहीं हो सकता है। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने कहा कि यह विधेयक सोची समझी राजनीति से लाया गया है। जब वक्फ़ बोर्ड में सदस्यों को लोकतांत्रिक ढंग से चुने जाने की व्यवस्था है तो मनोनयन करने की जरूरत क्यों है। क्यों गैर बिरादरी का व्यक्ति बोर्ड में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि भाजपा हताश और निराश है और चंद कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए ये विधेयक लेकर आई है। इसके बाद यादव ने कहा कि ये विधेयक इसलिये लाया गया है कि ये अभी अभी हारे हैं। उन्होंने अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि अध्यक्ष का पद लोकतंत्र का न्यायालय होता है लेकिन अध्यक्ष के अधिकारों को भी काटा जा रहा है। इस पर गृह मंत्री अमित शाह भड़क गये। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के अधिकार पूरे सदन के अधिकार हैं और अखिलेश यादव उन अधिकारों के संरक्षक नहीं हैं। इस पर लोकसभा स्पीकर बिरला ने सदस्यों को हिदायत दी कि वे आसन या संसद की आंतरिक व्यवस्था पर व्यक्तिगत टिप्पणियां नां करें। तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंद्योपाध्याय और कल्याण बनर्जी ने कहा कि सदन काे इस बारे में कानून बनाने का अधिकार नहीं है। संविधान में यह राज्यों का विषय कहा गया है। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि सरकार को धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। बनर्जी ने कहा कि यह विधेयक संवैधानिक नैतिकता के भी खिलाफ है और मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के पहले भारत की हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की कोशिश की गयी थी जो कामयाब नहीं हो पायी। recent visitors 99

बबीता ने बताया- एक तरफ कांग्रेस, आप पार्टी जैसे दलों ने इसे साजिश करार दिया तो वहीं भाजपा ने इस पर दुख जताया

नई दिल्ली भारत की दिग्गज महिला पहलवान विनेश फोगाट को ओलंपिक के गोल्ड मेडल मुकाबले में बुधवार को करारा झटका लगा था। उन्हें महज 100 ग्राम वजन अधिक होने के चलते बाहर कर दिया गया था। इसे लेकर तरह-तरह के दावे भी शुरू हो गए थे और राजनीतिक आरोपों का दौर भी चला। एक तरफ कांग्रेस, आम आदमी पार्टी जैसे दलों ने इसे साजिश करार दिया तो वहीं भाजपा ने इस पर दुख जताया। खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर विनेश फोगाट को चैंपियनों का चैंपियन बताया था। वहीं कांग्रेस के भूपिंदर सिंह हुड्डा ने तो यहां तक कहा कि अगर हमारे पास एक राज्यसभा सीट होती तो विनेश तो भेज देते। इससे ज्यादा क्या सम्मान होगा। हुड्डा की इस बात का उनके सांसद बेटे दीपेंदर सिंह हुड्डा ने समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि मैं हरियाणा के सभी दलों से आग्रह करूंगा कि वे एकमत होकर इस पर गंभीरता से विचार करें। वहीं इस पोस्ट पर विनेश फोगाट की चचेरी बहन ने हुड्डा फैमिली पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आप लोग आपदा में राजनीतिक अवसर तलाश रहे हैं। बबीता फोगाट ने एक्स पर लिखा, 'आपदा में राजनीतिक अवसर ढूंढना कोई कांग्रेस से सीखे!एक ओर देश व विनेश ओलंपिक में अयोग्य घोषित होने के सदमे से उभर नहीं पा रहा है। दूसरी ओर दीपेंद्र जी आप और आपके पिता जी ने विनेश की हार के ऊपर राजनीति करना शुरू कर दिया है।' इसके आगे बबीता फोगाट लिखती हैं, 'विनेश चैंपियनों की चैंपियन है और कांग्रेस पार्टी राजनीति का चैंपियन जिन्हे खिलाड़ियों के दर्द से भी कोई फर्क नहीं पड़ता। यह बहुत ही शर्मनाक और चिंताजनक है।' बबीता फोगाट 2019 में भाजपा में शामिल हो गई थीं और उन्होंने विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें हार मिली थी। बबीता फोगाट के पिता महावीर सिंह फोगाट भी उनके साथ भाजपा में शामिल हुए थे। गौरतलब है कि विनेश फोगाट कुछ महीने पहले हुए पहलवानों के आंदोलन में शामिल थीं, जो कुश्ती महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ हुआ था। इसी के चलते उन्हें लेकर राजनीति भी होती रही है। recent visitors 87

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 अगस्त को उद्यमी सम्मेलन सह रक्षाबंधन कार्यक्रम में प्रदेश की महिला उद्यमियों से संवाद करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 अगस्त को उद्यमी सम्मेलन सह रक्षाबंधन कार्यक्रम में प्रदेश की महिला उद्यमियों से संवाद करेंगे। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होने वाले इस कार्यक्रम में प्रदेश की 500 से अधिक महिला उद्यमी बहनें शामिल होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ महिला उद्यमी अपने अनुभव भी साझा करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्यमियों को अनुदान भी वितरित करेंगे। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप भी कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण क्षेत्रीय टीवी न्यूज चैनल और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर किया जायेगा। सचिव एमएसएमई डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने बताया कि महिला सशक्तिकरण के राज्य सरकार के संकल्प को पूरा करने के लिये यह आयोजन किया जा रहा है। इसमें सफल महिला स्टार्ट-अप के साथ महिला संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा भी अपने अनुभव साझा किये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कई इकाइयों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी करेंगे। महिला उद्यमी सम्मेलन में मध्यप्रदेश एसोसिएशन ऑफ वूमेन इंटरप्राइजेज, फिक्की, सीआईआई का इंडियन वूमेन नेटवर्क, लघु उद्योग भारती, डिक्की, बी.आई.सी.बी.आई., पीएचडी चेंबर, बीएनआई और आईएम स्टार्ट-अप संगठन की महिला उद्यमी और पदाधिकारी शामिल होंगे।   recent visitors 78

उद्यमियों और उद्योगों को प्रोत्साहन-सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अपनी उद्यमशीलता, परिश्रम, व्यवस्थित कार्य पद्धति और मानव मूल्यों को समाहित करते हुए सबको साथ लेकर चलने की क्षमता के परिणाम स्वरुप ही, भारत विश्व में सदियों से सोने की चिड़िया के रूप में विख्यात रहा है। विश्व में हमारी यह पहचान भारत की उद्यमशीलता, बौद्धिकता, कल्पनाशीलता और व्यावसायिक निपुणता की परिचायक है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उपलब्ध संसाधनों और बौद्धिक क्षमता के बल पर देश को विश्व की पहली 5 अर्थव्यवस्थाओं में स्थान दिलाया है, यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व और विजन का परिणाम है। इस उपलब्धि में उद्योगपतियों का भी विशेष योगदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्ट मध्यप्रदेश : इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश के संवाद-सत्र को संबोधित कर रहे थे। "एडवांटेज एमपी" फिल्म का हुआ प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैंगलुरू में इन्वेस्ट मध्यप्रदेश के दूसरे दिन इन्टरैक्टिव सेशन का दीप प्रज्जवल और तुलसी के पौधे में जल अर्पित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर मणिपाल समूह के अध्यक्ष श्री मोहनदास पाई, ग्रीनको ग्रुप के अध्यक्ष श्री अनिल चलमाशेट्टी, लैप इंडिया के मुख्य परिचालन एवं प्रौद्योगिकी अधिकारी डॉ. शिववेंकट रमानी साथ थे। मध्य प्रदेश सीआईआई के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध संचालक इन्फ़ोबींस लिमिटेड श्री सिद्धार्थ सेठी ने मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण पर प्रकाश डाला। उद्योगपतियों को राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए निवेश की सुविधाओं की जानकारी देती फिल्म-"एडवांटेज-एमपी" का प्रदर्शन किया गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश, प्रगति पथ पर है अग्रसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते परिदृश्य में देश के सम्मुख अनुकूल अवसर होने के साथ चुनौतियां भी विद्यमान हैं। अपनी क्षमताओं के आधार पर यह विश्वास है कि हमारा भविष्य उज्ज्वल है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार बनी केन्द्र सरकार के मार्गदर्शन में देश प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर है। उचित मार्गदर्शन, अद्यतन तकनीक के उपयोग, आगे बढ़ने की इच्छा शक्ति, लगन और परिश्रम के साथ नवीन अनुसंधान की परंपरा के बल पर भारत औद्योगिक केंद्र के रूप में विश्व में अपना स्थान बना रहा है। देश में आरंभ नवीन स्टार्ट-अप भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सभी को प्रोत्साहन और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना भारत की रही है परंपरा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में पुरुषार्थ और पराक्रम की परंपरा रही है। शासन व्यवस्था द्वारा सभी को प्रोत्साहन और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की परंपरा के निर्वहन के प्रतीक स्वरूप ही विक्रम संवत की शुरूआत हुई। भारतीय परंपरा में शासन का स्वरूप सहायता प्रदान करने का रहा है, जो जिस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता है उसे मदद उपलब्ध कराने से ही उद्यमशीलता आरंभ होती है और व्यक्ति की क्षमता-दक्षता और परिश्रम का लाभ संपूर्ण समाज को मिलता है। भारत में विद्यमान इस व्यवस्था के परिणाम स्वरुप ही भारतीय संस्कृति का विश्व में सदैव मान- सम्मान रहा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जो उद्यमी और उद्योग जिस क्षेत्र में आगे बढ़ने के इच्छुक हैं, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप उपयुक्त सहायता व मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके परिणाम स्वरूप प्रदेश में सभी सेक्टरों में समान रूप से प्रगति हुई है। सरकार व्यापार-व्यवसाय के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के लिए तत्पर है। मध्यप्रदेश उद्योग और निवेश के लिए उद्योगपतियों को आमंत्रित कर रहा है। उद्योगपतियों द्वारा मध्यप्रदेश में किया गया निवेश निश्चित ही अधिकाधिक रिटर्न देगा। आईटी, ऊर्जा, पर्यटन, खाद्य प्र-संस्करण सहित सभी क्षेत्रों में है पर्याप्त संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वर्तमान में सरप्लस एनर्जी स्टेट के रूप में जाना जाता है, ऊर्जा उत्पादन में 23% नवकरणीय ऊर्जा का योगदान है। आईटी, ऊर्जा के साथ ही पर्यटन में भी पर्याप्त संभावनाएं हैं। धार्मिक, स्वास्थ्य, पर्यटन के साथ ही शिक्षा, एमएसएमई, खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में पर्याप्त संभावनाएं हैं। कृषि में मध्यप्रदेश का सर्वाधिक ग्रोथ रेट रहा है। देश में गेहूँ के सर्वाधिक उपार्जन के साथ ही मध्यप्रदेश दलहन उत्पादन में भी अग्रणी है। इसके साथ ही उद्यानिकी क्षेत्र में भी प्रदेश ने अल्प समय में बहुत अधिक प्रगति की है। प्रदेश में सभी क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने की पर्याप्त संभावनाएं हैं। देश की 4 बड़ी कंपनियों के साथ हुए एमओयू मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड और इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आईईएसए), टाई ग्लोबल, इलेक्ट्रॉनिक इंडस्टरीज एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (ईएलसीआईएनए)और एसोसिएशन ऑफजियो स्पेशियल इंडस्ट्रीज (एजीआई) के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर भी हुए।  recent visitors 98