जनदर्शन कार्यक्रम में किया वितरण, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीन दिव्यांगों को दीं ई-ट्राई साइकिल

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान तीन दिव्यांगों को बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्राई साइकिल प्रदान की। इस अवसर पर दिव्यांग कोमल लहरे, सना परवीन, और ठगिया साहू ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त किया। रायपुर जिले के चौरसिया कॉलोनी की 18 वर्षीय सना परवीन, ग्राम सेरीखेड़ी की निवासी कोमल लहरे, और धमतरी जिले के ग्राम कचना के निवासी ठगिया साहू को पहले आने-जाने के लिए अपने परिजनों या किसी अन्य व्यक्ति का सहारा लेना पड़ता था। मोटराइज्ड ट्राई साइकिल मिलने के बाद अब उन्हें गांव के भीतर और बाहर आने-जाने में और अपने कामों को पूरा करने में सुविधा होगी। दिव्यांग कोमल लहरे ने बताया कि उनके पास पहले एक ट्राई साइकिल थी, जो अब खराब हो चुकी है। आज जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा बैटरी चलित ट्राई साइकिल मिलने से अब उन्हें अपने व्यवसाय के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का मौका मिलेगा। वे ग्राम सेरीखेड़ी में आलू-प्याज बेचकर अपना जीवनयापन करते हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले तीनों व्यक्तियों को ऑटोमेटिक ट्राई साइकिल प्रदान की गई है, ताकि वे अपने रोजमर्रा के कार्यों को सरलता से कर सकें और स्व-रोजगार के माध्यम से अपना जीवनयापन कर सकें। recent visitors 95

सीएम मान को पंजाब में तिरंगा नहीं फहराना चाहिए क्योंकि पंजाब भारत का हिस्सा नहीं: खालिस्तानी समर्थक पन्नू

चंडीगढ़ सिख फॉर जस्टिस के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को धमकी दी है। खालिस्तानी समर्थक पन्नू ने कहा कि सीएम भगवंत मान को पंजाब में तिरंगा नहीं फहराना चाहिए क्योंकि पंजाब भारत का हिस्सा नहीं है। भारत के तिरंगे के नेतृत्व में सिखों के साथ नस्लकुशी हुई और आज पंजाब के किसानों के साथ बेइन्साफी हो रही है। पंजाब के लोगों को उकसाने वाले आतंकी पन्नू ने वीडियो जारी कर कहा कि 15 अगस्त सिख पंथ और पंजाब की आजादी का दिवस नहीं है। भगवंत मान जालंधर में तिरंगा फहरा रहे हैं। इस तिरंगे के नीचे हमारे सिखों की नस्लकुशी हुई है। हमारे राज्य के सिख किसानों की खुदकुशी की जिम्मेदार भगंवत मान की सरकार है। जो तिरंगा फहराने से रोकेगा, एक करोड़ दूंगा आतंकी पन्नू ने कहा कि 15 अगस्त को भगवंत मान को तिरंगा फहराने से रोका जाएगा। जो ऐसा करेगा, सिख फार जस्टिस 1 करोड रुपए उसे देगा, जो मुख्यमंत्री भगवंत मान को तिरंगा चढ़ाने से रोकेगा।भगवंत मान ही पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह है। ये 15 अगस्त पंजाब और सिख पंथ की आजादी का दिवस नहीं है। पंजाब को भारत से अलग करने की साजिश आतंकी पन्नू बार बार भारत के खिलाफ जहर उगलता रहता है और खलिस्तान का समर्थन करता है। पन्नू बीते साल कनाडा में मारे गए आतंकी हरदीप सिंह निज्जर का साथी है। निज्जर की हत्या के बाद से ही पन्नू लगातार देश विरोधी बयान देता है और देश के विभिन्न शहरों में आतंकवाद के समर्थन में नारे लिखवाता है। गौरतलब है कि पंजाब को भारत से अलग करने के लिए पन्नू ने रेफरेंडेम 2020 भी शुरू कर रखा है। जिसमें वे सिखों को उकसा वोटिंग करवा रहा है। भारत सरकार ने 2019 में आतंकी गतिविधियां चलाने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत पन्नू के संगठन सिख फॉर जस्टिस पर बैन लगा दिया था। केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2020 को पन्नू को आतंकी घोषित किया था। recent visitors 90

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- मध्यप्रदेश और कर्नाटक का भाई-भाई का संबंध : निवेश के लिए आमंत्रित हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गूगल क्लाउड ने कुशल कार्यबल को बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश में स्टार्टअप हब और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का प्रस्ताव दिया है। तेजस विमान के निर्माता हिन्दुस्तान ऐरोनाटिक्स लिमिटेड से मध्यप्रदेश में रक्षा संबंधी उद्योग स्थापना के संबंध में चर्चा हुई है, जिसके सकारात्मक परिणाम आने की संभावना है। इसी प्रकार एन वीडिया ने मध्यप्रदेश को 'भारत की इंटेलिजेंस राजधानी' के रूप में स्थापित करने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार करने का सुझाव दिया है। बेंगलुरू में इन्वेस्ट मध्यप्रदेश सत्र के अंतर्गत इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूनिटिज इन मध्यप्रदेश के इंटरेक्टिव सत्र में प्रदेश में लगभग 3200 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, इससे लगभग रोजगार के 7 हजार अवसर सृजित होंगे। यह दौरा निवेश की दृष्टि से सकारात्मक रहा। मध्यप्रदेश और कर्नाटक का भाई-भाई का संबंध है, दोनों राज्यों में एक सा वातावरण है। कर्नाटक में व्यापार, व्यवसाय और उद्योग संचालकों को अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए और स्थान मिले, इसी उद्देश्य से इन्वेस्ट मध्यप्रदेश कार्यक्रम कर्नाटक में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेंगलुरू में हुए इन्वेस्ट मध्यप्रदेश के इंटरेक्टिव सत्र के बाद पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। मध्यप्रदेश और कर्नाटक के संबंध समय के साथ अधिक समृद्ध व प्रगाढ़ होंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेंगलुरू में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के सकारात्मक परिणाम, 28 अगस्त को ग्वालियर में होने वाली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में दिखेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश आमंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने अलग-अलग राज्यों में जाकर वहाँ के उद्यमियों और उद्योगपतियों से चर्चा की योजना बनाई थी। इस दिशा में ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं। आशा है कर्नाटक के साथ बने संबंध समय के साथ अधिक समृद्ध व प्रगाढ़ होंगे। इन्वेस्ट मध्यप्रदेश में कर्नाटक सहित अन्य राज्यों के 500 से अधिक प्रतिभागियों ने की भागीदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आईटी कंपनियों की ख्यातिनाम संस्था नैसकॉम और स्पेस टेक्नोलॉजी सेक्टर के प्रतिनिधियों तथा इन्फोसिस, काग्निज़ेंट, टीसीएस, हैपियस माइन्स और सैप इत्यादि के साथ प्रदेश में आईटी के विकास और उनके भविष्य की योजनाओं के संबंध में चर्चा हुई, जिसके सकारात्मक परिणाम आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में कर्नाटक सहित आसपास के राज्यों के 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भागीदारी की। लैप इंडिया, रिलायंस कंज्यूमर, डीएचएल ग्लोबल, टेक महिंद्रा, माइक्रोसॉफ्ट, केनेस टेक्नोलॉजी, किर्लोस्कर सिस्टम्स सहित 30 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों से वन-टू-वन मीटिंग की गई। ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड सहित कई देशों के प्रतिनिधि हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इन्वेस्ट मध्यप्रदेश में ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड, इटली और फ्रांस के महावाणिज्यकों के साथ-साथ ब्रिटेन के उप उच्चायुक्त और फिनलैंड, पोलैंड, कंबोडिया, मोरक्को, पेरू, ट्यूनीशिया, नामीबिया, स्पेन के मानद वाणिज्यिक दूत शामिल हुए। इसके साथ ही कार्यक्रम में नैसकॉम, कनफ़ेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज, आइएसा, एक्लिना, टाई, सीआईएमआई, कसिआ, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन, एपेरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल और फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदेश में निवेश के लिए प्रस्तुतिकरण, राउंट टेबल मीटिंग के साथ अनुभवों का हुआ आदान-प्रदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में निवेश के लिए वातावरण बनाने के उद्देश्य से कार्यक्रम में राज्य शासन की ओर से औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, साइंस एवं टेक्नोलॉजी, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश में विद्यमान संभावनाओं, सुविधाओं और प्रोत्साहन व सहयोग नीतियों पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा आईटी सेक्टर में इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स सेमीकंडक्टर एसोसिएशन, टाई ग्लोबल, इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया और एसोसिएशन ऑफ जियो स्पेशियल इंडस्ट्रीज के साथ एम.ओ.यू. संपादित किए गए। इन्वेस्ट मध्यप्रदेश के अंतर्गत स्पेस टेक्नोलॉजी सेक्टर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, आईटी-आईटीईएस व ईएसडीएम सेक्टर तथा एपेरल इंडस्ट्री के साथ राउंड टेबल बैठकें की गईं। कार्यक्रम में मनिपाल ग्रुप के श्री मोहनदास पाई, लैप इंडिया के चीफ ऑपरेशन ऑफीसर श्री शिव वेंकटरामानी और इन्फ़ोबीन्स के एमडी श्री सिद्धार्थ सेठी ने अपने अनुभव साझा किए।   recent visitors 61

जीसीसी के लिए संवाद का क्रम लगातार रहेगा जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) को स्थापित एवं विकसित करने के लिए हर संभव मदद और सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैंगलुरू में इन्वेस्ट मध्यप्रदेश रोड-शो के दौरान जीसीसी पर राउंडटेबल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों और इन्वेस्टर्स को आश्वस्त किया कि बैंगलुरू जैसे टियर-1 शहर की सभी आवश्यकताएं एवं अनुकूलता प्रदेश के विभिन्न शहरों में विकसित की जाएगी। जीसीसी एवं उसके लिए आवश्यक सभी क्षेत्रों में समान रूप में अधोसंरचना और सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे कि प्रदेश के जीसीसी को स्थापित होने के लिए अनुकूल ईको-सिस्टम मिल सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीसीसी को प्रदेश में स्थापित करने के लिए उद्योगपतियों से लगातार संवाद का क्रम जारी रहेगा। राउंड-टेबल मीटिंग में जीसीसी की स्थापना, अनुकूलता, संभावना और निवेश पर विस्तृत चर्चा की गई। बैंगलुरू एवं देशभर से प्रसिद्ध जीसीसी कंपनी के प्रतिनिधियों ने जीसीसी के लिए आवश्यक टैलेंट बिल्डिंग, अधोसंरचना, निवेश, इको सिस्टम, कोलेब्रशन, कनेक्टिविटी, रोजगार के अवसर विकसित करने संबंधी विचार रखे और आवश्यक सुझाव दिए। मीटिंग में विभिन्न उद्योगपतियों सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहें।   recent visitors 66

जर्जर मकानों को चिन्हित कर इनके रहवासियों को पुनर्विस्थापित किया जाये, जर्जर मकानों को गिराने की कार्यवाही भी की जाये: कृष्णा गौर

भोपाल जर्जर मकानों को चिन्हित कर इनके रहवासियों को पुनर्विस्थापित (आवास की वैकल्पिक व्यवस्था) किया जाये। जर्जर मकानों को गिराने की कार्यवाही भी की जाये। उक्त निर्देश पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने अधिकारियों को दिए। श्रीमती गौर गुरूवार को निवास कार्यालय पर एसडीएम गोविंदपुरा, तहसीलदार गोविंदपुरा, हाउसिंग बोर्ड, नगर निगम, वीडीए, एमपीईबी और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रही थीं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने एसडीएम श्री रवि श्रीवास्तव से कहा कि वह अधिकारियों के दल के साथ गोविंदपुरा क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों के पुराने मकानों का सर्वें कर जर्जर मकानों को चिन्हित करें। चिन्हाकन के बाद इन मकानों में रहने वाले रहवासियों को पुनर्विस्थापित कर जर्जर मकानों को तकनीकी परीक्षण के आधार पर  गिराने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वर्षा काल में जर्जर मकानों के क्षतिग्रत होने से होने वाले नुकसान की अशांका को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई प्राथमिकता के साथ की जाये।   recent visitors 94

मुख्यमंत्री जनदर्शन में लोगों को बताई सरकारी योजनाएं, छत्तीसगढ़-रायपुर में लोगों को दी ’जनमन’ पुस्तिका

रायपुर. मुख्यमंत्री जनदर्शन में आज जनसंपर्क विभाग के द्वारा प्रकाशित की जाने वाली ’जनमन’ पुस्तिका का वितरण लोगों को किया गया। यह पुस्तिका राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों और उपलब्धियों की जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। जनमन पुस्तिका के वितरण का उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों को सरकार की योजनाओं की जानकारी से अवगत कराना है जिससे अधिक से अधिक लोग इसे पढ़कर योजनाओं का लाभ उठा सकें। जनदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे, जहां उन्हें इस पुस्तिका की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक लोगों के लिए बहुत ही लाभदायक है। यह पुस्तिका आम नागरिकों को सरकार के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राज्य सरकार हमेशा से ही जनता के हितों के प्रति प्रतिबद्ध रही है और इस प्रकार की पुस्तिका से लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है। जनमन पुस्तिका में राज्य सरकार की 6 माह की उपलब्धियां के बारे में जानकारी दी गई है। जिसके तहत किसानों को बोनस के जरिए आर्थिक लाभ, श्री राम लला दर्शन योजना, 3100 रूपये प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, तेंदूपत्ता संग्रहण दर 5500 रुपये, उद्यम क्रांति योजना के जरिए युवाओं को रोजगार से जोड़ना, अधोसंरचना और कनेक्टिविटी पर जोर, गरीबों के लिए मुफ्त राशन, रायपुर में आईटी हब बनाने का काम शुरू करने इत्यादि की जानकारी मिल रही है। साथ ही राज्य राजधानी क्षेत्र के विकास, राजिम कुंभ कल्प की पुनः शुरुआत, शहीद वीर नारायण स्वास्थ्य योजना, आईआईटी की तर्ज पर छत्तीसगढ़ प्रौद्योगिकी संस्थान, आर्थिक विकास की गति को तेज करने आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर सहित अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों का भी समावेश इस पुस्तिका में है। recent visitors 71

लोकसभा में अखिलेश यादव पर भड़के अमित शाह, अध्यक्ष के अधिकार सिर्फ अखिलेश जी विपक्ष का नहीं, हम सब का है

नई दिल्ली संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को लोकसभा में 'वक्फ (संशोधन) विधेयक-2024' पेश किया। इस दौरान सदन में विपक्षी पार्टियों ने एक सुर में इस बिल का विरोध करते हुए हंगामा किया। सदन की कार्यवाही के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। इस दौरान अमित शाह सपा मुखिया पर भी भड़कते हुए नजर आए। अखिलेश यादव ने वक्फ (संशोधन) विधेयक का विरोध करते हुए बोला, ''यह विधेयक बहुत सोची-समझी राजनीति के तहत हो रहा है। अगर आप एक जिलाधिकारी को सब ताकत दे देंगे, आपको पता है कि एक जगह पर जिलाधिकारी ने क्या किया था, उसकी वजह से आज और आने वाली पीढ़ी तक को सामना करना पड़ा। सच्चाई ये है कि भाजपा अपने हताश, निराश और चंद कट्टर समर्थकों के तुष्टिकरण के लिए ये बिल लाने का काम कर रही है। आज तो आपके हमारे अधिकार कट रहे हैं, याद कीजिए मैंने आपसे कहा था कि, आप लोकतंत्र के न्यायधीश हैं, मैंने सुना है इस लॉबी में कि कुछ अधिकार आपके भी छीनने जा रहे हैं। हम लोगों को आपके लिए (स्पीकर) लड़ना पड़ेगा। मैं इस बिल का विरोध करता हूं।" अखिलेश यादव के इस जवाब पर गृह मंत्री अमित शाह ने भड़कते हुए कहा, "अध्यक्ष के अधिकार सिर्फ अखिलेश जी विपक्ष का नहीं, हम सब का है। आप (अखिलेश) इस तरह की गोलमोल बातें नहीं कर सकते हैं। आप अध्यक्ष के अधिकार के सरंक्षक नहीं हो।" वहीं, वक्फ संशोधन बिल को लेकर यूपी में भी सियासत तेज हो गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''केंद्र व यूपी सरकार द्वारा मस्जिद, मदरसा, वक्फ आदि मामलों में जबरदस्ती की दखलंदाजी तथा मंदिर व मठ जैसे धार्मिक मामलों में अति-दिलचस्पी लेना संविधान व उसकी धर्मनिरपेक्षता के सिद्धान्त के विपरीत अर्थात ऐसी संकीर्ण व स्वार्थ की राजनीति क्या जरूरी? सरकार राष्ट्रधर्म निभाए। मंदिर-मस्जिद, जाति, धर्म व साम्प्रदायिक उन्माद आदि की आड़ में कांग्रेस व भाजपा आदि ने बहुत राजनीति कर ली और उसका चुनावी लाभ भी काफी उठा लिया, किन्तु अब देश में खत्म हो रहा आरक्षण व गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, पिछड़ापन आदि पर ध्यान केंद्रित करके सच्ची देशभक्ति साबित करने का समय।'' उन्होंने आगे लिखा, ''आज संसद में पेश वक्फ (संशोधन) विधेयक पर जिस प्रकार से इसको लेकर संदेह, आशंकाएं व आपत्तियां सामने आई हैं, उसके मद्देनजर इस बिल को बेहतर विचार के लिए सदन की स्थायी (स्टैंडिंग) समिति को भेजना उचित। ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार अगर जल्दबाजी न करे तो बेहतर।'' recent visitors 71