Wednesday, July 8, 2026 5:28 am

12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास में नगरीय निकायों की महिला जनप्रतिनिधियों का सम्मेलन और रक्षा बंधन कार्यक्रम आयोजन

भोपाल  रक्षाबंधन पर्व से पहले राज्य सरकार अलग-अलग महिलाओं के वर्ग का सम्मेलन कर रही है। इसी क्रम में 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास में नगरीय निकायों की महिला जनप्रतिनिधियों का सम्मेलन और रक्षा बंधन कार्यक्रम आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेशभर से सम्मेलन में आने वाली करीब तीन हजार महिला जनप्रतिनिधियों के संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री निवास में दोपहर 12 बजे होने वाले इस कार्यक्रम को देवी अहिल्या बाई होल्कर महिला जन-प्रतिनिधि सम्मेलन का नाम दिया गया है। सम्मेलन में ये होंगी शामिल सम्मेलन के माध्यम से समाज में महिला सम्मान और उनके योगदान को सराहने का संदेश दिया जाएगा। सम्मेलन में महिला उत्थान से संबंधित विषयों पर चर्चा भी की जाएगी। इसमें महिला महापौर, निकाय अध्यक्ष, सभापति एवं महिला पार्षदों की सहभागिता रहेगी। प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश के प्रत्येक नगरीय क्षेत्र की महिला जनप्रतिनिधि की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है। महिलाओं को दिए जाएंगे उपहार आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भरत यादव ने नगरीय निकायों के प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मेलन की व्यवस्था के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए है। कार्यक्रम स्थल पर भाई के नाम बहन की पाती संबंधी हस्ताक्षर काउंटर की व्यवस्था की गई है। इस दौरान अतिथियों को महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित प्रतीक चिह्न और उपहार दिए जाएंगे। महिला जन-प्रतिनिधियों के सम्मेलन में व्यवस्थित आवागमन और समुचित व्यवस्थाओं के लिए नगरीय निकायों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सम्मेलन की थीम देवी अहिल्या बाई होल्कर नगरीय महिला जनप्रतिनिधि सम्मेलन तथा रक्षाबंधन कार्यक्रम पर रखी गई है। सम्मेलन में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम-स्वनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्व-सहायता समूह के उत्पादों का प्रदर्शन और योजना की जानकारी दी जाएगी। बता दें कि पूर्व में यह कार्यक्रम में भोपाल के हंसध्वनि सभागार रविन्द्र भोपाल में होना प्रस्तावित था। अब यह सम्मेलन मुख्यमंत्री निवास में दोपहर 12 बजे से आयोजित किया जाएगा। recent visitors 66

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा में फर्स्टऑवर अर्थात गोल्डन ऑवर बहुत महत्वपूर्ण होता

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा में फर्स्टऑवर अर्थात गोल्डन ऑवर बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस अवधि में त्वरित और सटीक मेडिकल सहायता से कई लोगों को जीवन दान मिल सकता है। इसलिए दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक बेसिक लाइफ़ सपोर्ट की जागरूकता आवश्यक है। स्वास्थ्य कर्मियों को भी आपातकालीन चिकित्सा के नवीनतम प्रोटोकॉल्स से अपडेट करें। राज्यपाल पटेल इमरजेंसी मेडिसिन के 20वें राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को प्रभावी बनाने और चिकित्सा नवाचारों के लिए एम्स और आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कॉन्फ्रेंस में विद्वानों और विशेषज्ञों के मंथन से आपातकालीन चिकित्सा की बेहतरी के लिए जो समाधान और सुझाव रूपी अमृत निकला है, उसे समाज को ज्यादा से ज्यादा बांटने का प्रयास करें। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश के लिए हेल्थकेयर विशेष रूप से इमरजेंसी हेल्थकेयर एक चुनौती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इमरजेंसी हेल्थ केयर की चुनौतियों के समाधान का व्यापक स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। एडवांस लाइफ़ सपोर्ट, बेसिक लाइफ़ सपोर्ट, एम्बुलेंस आदि सेवाओं को बेहतर किया जा रहा है। प्रदेश सरकार भी आपातकालीन चिकित्सा सेवा के नये केंद्रों की स्थापना और अत्याधुनिक चिकित्सा सेवा की दिशा में कार्य कर रही है। साइक्लोथॉन जनजागरूकता का प्रभावी माध्यम राज्यपाल पटेल ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को जागरूक बनाने साइक्लोथॉन प्रभावी माध्यम है। उन्होंने एम्स भोपाल की इस पहल की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने आशा व्यक्त की कि साइक्लोथॉन का आयोजन आपातकालीन चिकित्सा के प्रति समाज में सकारात्मकता के प्रसार में सफल होगी। साथ ही इमरजेंसी मेडिसिन के क्षेत्र में एम इंडिया-2024 भी मील का पत्थर साबित होगा। सांसद भोपाल आलोक शर्मा ने बेसिक लाइफ सपोर्टपर आधारित आयोजन और जीवन रक्षा की जन-जागरूकता के प्रयासों के लिए एम्स भोपाल को बधाई दी। कार्यक्रम में राज्यपाल पटेल का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनन्दन किया गया। कार्यपालक निदेशक डॉ. अजय सिंह ने स्वागत भाषण दिया। डॉ. मोहम्मद युनुस ने कॉन्फ्रेंस और साइक्लोथॉन की रूप-रेखा की जानकारी दी। अध्यक्ष एम्स भोपाल डॉ. सुनील मलिक ने कॉन्फ्रेंस के विषय पर अपने विचार रखे। डॉ. भूपेश्वरी पटेल ने आभार व्यक्त किया। समारोह में प्रो. रजनीश जोशी, विद्वान चिकित्सक, साइक्लोथॉन प्रतिभागी उपस्थित रहे।   recent visitors 77

Kolkata Doctor Murder Case: कोलकाता हादसे के बाद पूरे देश में Doctors ने किया हड़ताल का ऐलान

कोलकाता कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में लेडी डॉक्टर से बलात्कार के बाद हत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. इस वारदात के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठन 'फेडरेशन ऑफ आल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन' ने 12 अगस्त से पूरे देश में हड़ताल का ऐलान किया है. उन्होंने सभी सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन से इस हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया है. इस दौरान ओपीडी, इलेक्टिव सर्जरी और लैब में कामकाज बंद रखने की बात कही गई है. आरडीए ने भी अपनी तरफ से डॉक्टरों को हड़ताल पर जाने का नोटिस दे दिया है. आरजी कर मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर भी पीड़िता के लिए इंसाफ की मांग करते हुए लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. अस्पताल में कामकाज बंद है. जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि पुलिस ने केवल एक आरोपी को पकड़ा है, जबकि इस जघन्य कांड में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं. उनका दावा है कि आरोपी संजय रॉय की गिरफ्तारी के पीछे किसी बड़ी बात को जानबूझकर छिपाने की कोशिश की जा रही है. अभी तक घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज को भी देखने नहीं दिया गया है. जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे अस्पताल में काम बंद रखेंगे. मेडिकल कॉलेज के सुपरिटेंडेंट को पद से हटाया इस खौफनाक कांड के बाद आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सुपरिटेंडेंट डॉक्टर संजय वशिष्ठ को स्वास्थ्य विभाग ने हटाने का आदेश दिया है. वो लंबे समय से वहां के प्रभारी थे. उनकी जगह अस्पताल की डीन बुलबुल मुखोपाध्याय को जिम्मेदारी सौंपी गई है. शुक्रवार को लेडी डॉक्टर का शव बरामद होने के बाद से ही सुपरिटेंडेंट को हटाने की मांग हो रही थी. लेकिन 48 घंटे बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनको हटाने का आदेश जारी किया. 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया आरोपी कोलकाता पुलिस ने शनिवार को एक आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया. उसे अदालत में पेश किया गया, जहां उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. आरोपी अब 23 अगस्त तक पुलिस की कस्टडी में रहेगा, जहां उससे इस केस के बारे में पूछताछ की जाएगी. आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64 (बलात्कार) और 103 (हत्या) के तहत केस दर्ज किया गया है. एक ब्लूटूथ ईयरबड के जरिए पुलिस उस तक पहुंच पाई. गिरफ्तार आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग आरोपी की गिरफ्तारी के बाद वेस्ट बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मौत की सजा की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि पीड़िता का परिवार सीबीआई जांच की मांग करता है, तो वो उसका समर्थन करेंगी. उनको इससे कोई आपत्ति नहीं हैं. उन्होंने कहा, "यदि उन्हें वेस्ट बंगाल सरकार पर भरोसा नहीं है, तो वे किसी भी जांच एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं. हमें कोई आपत्ति नहीं है. केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाने के निर्देश दिए गए हैं.'' राज्यपाल ने तत्काल कार्रवाई का दिया आदेश वेस्ट बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने राज्य सरकार से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है. उन्होंने इस मामले को भारत सरकार के सामने उठाने की बात भी कही है. लेडी डॉक्टर का शव शुक्रवार को उत्तरी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में मिला था. प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संकेत मिला है कि लेडी डॉक्टर की बेरहमी से हत्या से पहले उसका यौन शोषण किया गया था. आरोपी को अधिकतम सजा सुनिश्चित करेगी पुलिस कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल के अनुसार, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और नाइट ड्यूटी के दौरान मौजूद डॉक्टरों की गवाही के आधार पर आरोपी पर बलात्कार और हत्या का आरोप लगाया गया है. उन्होंने कहा, "यह एक जघन्य अपराध है. गिरफ्तार व्यक्ति परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर इसमें शामिल है, जिसमें रात्रि ड्यूटी के दौरान मौजूद अन्य डॉक्टरों के बयान भी शामिल हैं. पुलिस सुनिश्चित करेगी कि आरोपी को अधिकतम सजा मिले.'' IMA का अल्टीमेटम, देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी वेस्ट बंगाल के कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए एक लेडी डॉक्टर से दरिंदगी के मामले में चल रहे विरोध की आग दिल्ली पहुंच गई है. इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकाला. इसके साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने जांच पूरी करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. इसके साथ ही देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है. इस क्रूर हत्या से स्तब्ध है पूरा चिकित्सा समुदाय आईएमए ने कहा, "हम मांग करते हैं कि पुलिस अधिकारी 48 घंटे के भीतर और सटीकता से कार्रवाई करें, अन्यथा हमको देशव्यापी कार्रवाई शुरू करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा. एक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील जांच की जरूरत है. दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया जाता है. इसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगा. भारत का पूरा चिकित्सा समुदाय इस क्रूर हत्या से स्तब्ध है.''   recent visitors 80

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर दुनिया भर में विरोध प्रदर्शन

 टोरंटो पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए हजारों कनाडाई लोगों ने रविवार को डाउनटाउन टोरंटो में विरोध प्रदर्शन किया। हिंदू, ईसाई, बौद्ध और यहूदी मूल के कनाडाई लोग डाउनटाउन टोरंटो में एकत्र हुए। डाउनटाउन टोरंटो में आयोजित विरोध प्रदर्शन में लोग नारे लगाते देखे गए, "हमें न्याय चाहिए – बांग्लादेश बांग्लादेश।'' प्रदर्शनकारियों ने कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार से बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए ढाका सरकार पर दबाव डालने का आग्रह किया। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, प्रदर्शनकारियों में से एक ने अफसोस जताया कि उन्होंने टोरंटो में बांग्लादेशी मस्जिदों को भी ईमेल भेजे, लेकिन उन्होंने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा, "हमने टोरंटो में बांग्लादेशी मस्जिदों को भी ईमेल भेजे हैं। अभी तक, हमें उनसे कोई जवाब नहीं मिला है, शायद वे वीकेंड के कारण व्यस्त हों।" उन्होंने आगे कहा, "बांग्लादेश में जो कुछ भी हो रहा है, वह उनके ही भाइयों के साथ हो रहा है।'' बांग्लादेश (Bangladesh) में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की बढ़ती घटनाओं ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को हिला दिया है। हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है, जिसमें संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना, धार्मिक स्थलों पर हमले, और शारीरिक हिंसा शामिल है। इस हिंसा का विरोध करते हुए, ब्रिटेन (Britain) और अमेरिका (USA) में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं। लंदन में, प्रदर्शनकारियों ने हाउस ऑफ पार्लियामेंट के सामने जमा होकर, "सेव हिंदुस", 'हिंदू लाइफ मैटर्स' और "न्याय दो" जैसे स्लोगन लिखे हुए प्लेकार्ड लहराए। उन्होंने बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ ठोस कदम उठाने की मांग की। अमेरिका में भी, व्हाइट हाउस के सामने लोगों ने प्रदर्शन किया। वहां के प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की और अमेरिकी सरकार से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने की अपील की। इन प्रदर्शनों में विभिन्न समुदायों और धर्मों के लोगों ने भाग लिया, जो एकजुटता और मानवाधिकार की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठा रहे थे। इन प्रदर्शनों का मुख्य कारण बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा और अस्थिरता है। प्रदर्शनकारी ने आगे कहा कि समुदाय अभूतपूर्व संख्या में इकट्ठा हुआ है, जो एक अच्छा संकेत है। उन्होंने आगे कहा कि हमें खुशी होगी अगर वे भी एकजुटता से खड़े हों। समुदाय अभूतपूर्व संख्या में यहां है जो एक अच्छा संकेत है। जो निराशाजनक है वह कनाडाई राजनीति की भागीदारी है। ईमेल, ट्वीट और कॉल के बाद भी वे हमारी बात नहीं सुन रहे हैं। इसके अलावा, समुदाय के नेताओं ने हिंदुओं पर हमलों पर अपनी चिंता व्यक्त की। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक्स पर एक संदेश में बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और संरक्षण का आह्वान किया। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस को उनकी नई जिम्मेदारियों को संभालने पर मेरी शुभकामनाएं। हम हिंदुओं और अन्य सभी अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करते हुए जल्द ही सामान्य स्थिति में लौटने की उम्मीद करते हैं। भारत शांति, सुरक्षा और विकास के लिए हमारे दोनों लोगों की साझा आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बांग्लादेश के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। recent visitors 92

होशियारपुर में इनोवा कार बाढ़ में बही, 9 लोगों की मौत, दो लापता

होशियारपुर पंजाब-हिमाचल के सीमावर्ती इलाके होशियारपुर के जेजो दोआबा में बड़ा हादसा हुआ है। यहां भारी बारिश के चलते उफनाए खड्ड में इनोवा कार के बह जाने से इसमें सवार नौ लोगों की मौत हो गई। वहीं, दो लोगों का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है और एक लापता की तलाश अब भी जारी है। अब तक 9 लोगों की लाशें मिल चुकी हैं। नवांशहर पुलिस ने मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर हादसे की जांच शुरू कर दी है।ये लोग हिमाचल प्रदेश के रहने वाले थे। यह लोग हिमाचल से पंजाब के नवांशहर बारात में जा रहे थे होशियारपुर के एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने बताया है कि आज सुबह से भारी बारिश हो रही थी। इस कारण खड्‌ड में बाढ़ आ गई। ये लोग हिमाचल से पंजाब के नवांशहर बारात में आ रहे थे। सभी लोग एक ही परिवार के हैं। जिस वक्त कार सड़क से गुजर रही थी, तब खड्‌ड का पानी सड़क के ऊपर से चल रहा था। ड्राइवर ने सोचा गाड़ी पार हो जाएगी, लेकिन अचानक बहाव तेज हो गया और इनोवा कार बाढ़ में बहने लगी। स्थानीय ग्रामीणों ने चीख-पुकार सुनी तो इनोवा में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास करने लगे। लोगों ने जेसीबी मंगाकर लोगों को रेस्क्यू करना शुरू किया। इस दौरान लोगों ने एक बच्चे को बचा लिया। लेकिन गाड़ी में सवार बाकी लोग गाड़ी का दरवाजा न खुलने के कारण बाढ़ में बह गए। इसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एनडीआरएफ की टीम को बुलाया। टीम के आने के बाद लापता लोगों की तलाश शुरू की। इस तलाश में अब तक 9 लोगों की लाशें मिल चुकी हैं। बाकी लापता लोगों के लिए खड्ड में तलाशी अभियान जारी है। हादसे में दीपक भाटिया पुत्र सुरजीत भाटिया ( देहलां निवासी), सुरजीत भाटिया पुत्र गुरदास राम, परमजीत कौर पत्नी सुरजीत भाटिया, सरूप चंद, मासी बिंदर, शिन्नो, भावना (18 वर्ष), दीपक भाटिया की पुत्री अंजू (20 वर्ष), दीपक भाटिया की पुत्री हरमीत (12 वर्ष), दीपक भाटिया का पुत्र शामिल हैं। इस दुखद घटना के बाद देहलां गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण और परिवारवाले गहरे शोक में डूब गए हैं। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हादसे की सूचना मिलते ही हमने तुरंत अधिकारियों को मौके पर भेज दिया। सर्च और बचाव अभियान निरंतर जारी है और हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं ताकि सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हमें इस घटना का बहुत खेद है। होशियारपुर के सांसद डॉ. राजकुमार चब्बेवाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पानी का बहाव तेज होने के कारण यह हादसा हुआ है। recent visitors 140

ट्रैफिक पुलिस के उपनिरीक्षक की हत्या के मामले में आरोपित युवक को दोषी करार देते हुए 7 साल जेल और अर्थदंड की सजा सुनाई

भोपाल  राजधानी की एक अदालत ने ट्रैफिक पुलिस के उपनिरीक्षक की हत्या के मामले में आरोपित युवक को दोषी करार देते हुए 7 साल जेल और अर्थदंड की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र की अदालत ने तीन साल पुराने मामले में यह फैसला दिया है। आरोपित उस वक्त एमटेक की पढ़ाई कर रहा था। ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर ने उसकी बाइक का 600 रुपए का चालान काट दिया था, जिससे नाराज होकर उसने चाकू से हमला कर दिया था। हमले में बुरी तरह घायल सब इंस्पेक्टर की 13 दिन तक चले इलाज के बाद मौत हो गई थी। इस प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुधाविजय सिंह भदौरिया ने पैरवी की। यह था मामला जनसंपर्क अधिकारी मनोज त्रिपाठी ने बताया कि 7 अगस्त 2021 को एसआई श्रीराम दुबे एमपी नगर क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात थे। उस दिन उनकी ड्यूटी थाना द्वारा संचालित क्रेन पर थी, जो नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों को उठाने का काम करती है। उसी दौरान उन्होंने ज्योति टाकीज के पास नो-पार्किंग मे खड़ी एक बाइक को क्रेन से उठाकर क्राइम ब्रांच थाना परिसर में लाकर खड़ा कर दिया था। थोड़ी देर बाद दोपहर करीब 01 बजे हर्ष मीणा नामक युवक (जिसने वहां बाइक खड़ी की थी) बाइक लेने के लिए क्राइम ब्रांच के परिसर में बने जब्ती के वाहनों के यार्ड में पहुंचा। एसआई ने उससे 600 रुपये का चालान बनवाने को कहा, जिसको लेकर उसकी एसआई से बहस हो गई थी। वह उस वक्त तो चालान रसीद कटवाने के बाद बाइक लेकर वहां से चला गया। बाद में वह फिर आया और क्राइम ब्रांच थाने के गेट के पास खड़ा हो गया। उसी दौरान उसने एसआई के पास आकर फिर उनसे बहस की और अचानक चाकू निकालकर उनके पेट में घोंप दिया। घायल एसआइ को उपचार के लिए जेपी अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां से कुछ समय बाद उनकी छुट्टी कर दी गई थी। पेट में गहरा घाव होने कारण दो दिन बाद एसआई की हालत बिगड़ने लगी थी। घटना के तेरह दिन बाद एसआई दुबे की मौत हो गई थी। न्यायालय ने आरोपित को भारतीय दंड विधान की धारा 304 भाग दो में 7 वर्ष के कारावास और 3 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। recent visitors 76

चीन ने टेबल टेनिस में महिला टीम की जीत के साथ 300वां ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता

पेरिस  चीन ने  पेरिस खेलों में टेबल टेनिस का महिला टीम स्पर्धा का खिताब जीतकर ओलंपिक इतिहास में देश का 300वां स्वर्ण पदक जीता। चीन ने महिला टीम स्पर्धा के फाइनल में जापान को 3-0 से हराकर लगातार पांचवां स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले शुक्रवार को पुरुष टीम ने यह उपलब्धि हासिल की थी। दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी सुन यिंगशा ने कहा, ‘‘हमारे में से प्रत्येक ने आज अपना सब कुछ झोंक दिया और सभी ने अच्छा प्रदर्शन किया।’’ दक्षिण कोरिया ने जर्मनी पर 3-0 की जीत के साथ कांस्य पदक जीता जो 2008 में बीजिंग खेलों के बाद टीम स्पर्धा में उसका पहला पदक है। टेबल टेनिस में चीन प्रमुख शक्ति है जिसने पेरिस में पांचों ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते। चीन ने 1988 में सियोल ओलंपिक में टेबल टेनिस को शामिल किए जाने के बाद से इस खेल में दिए गए 42 स्वर्ण पदक में से 37 जीते हैं।   recent visitors 87