Wednesday, July 8, 2026 6:34 am

गुजरात में मां बनने के लिए एक महिला ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, कोर्ट ने कहा, अपने स्तर पर खोज सकती है स्पर्म डोनर

अहमदाबाद गुजरात में मां बनने के लिए एक महिला ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। महिाल ने हाईकोर्ट में मांग रखी है कि उसकी उम्र अब 40 साल हो चुकी है। ऐसे में वह जल्द से जल्द मां बनना चाहती है। महिला ने हाईकोर्ट से मांग कि उसे अलग पति के स्पर्म दिलाए जाएं। पत्नी ने मांग रखी अगर ऐसा संभव नहीं है तोउ से कोई दूसरे स्पर्म डोनर की अनुमति दी जाए, ताकि वह आईवीएफ के माध्यम से मां बन सके। महिला ने हाईकोर्ट में दलील रखी कि मां बनना उसका अधिकार है। वक्त के साथ उसके मां बनने की संभावनाएं कम होती जा रही हैं। जस्टिस ने भी जताया आश्चर्य महिला की अर्जी पर सुनवाई करते हुए जस्टिस संगीता विसेन ने पूछा कि क्या उसका पति तलाक का मुकदमा दायर करने के बाद उसकी मदद करने को तैयार होगा? अदालत ने आश्चर्य जताया हुए कहा कि एक ऐसे व्यक्ति को निर्देश कैसे जारी किया जाए? जो अपनी को तलाक देने के लिए केस दायर कर चुका है। ऐसे में हम उसे कैसे मां बनाने के लिए स्पर्म (शुक्राणु) दान करने के लिए निर्देश दे सकते हैं। जस्टिस ने कहा कि महिला को पहले दो मुकदमों (तलाक का मुकदमा और वैवाहिक अधिकारों की बहाली) काे निचली अदालत में फैसला लेना चाहिए। जस्टिस की इस टिप्पणी के बाद भी जब महिला के वकील ने हाईकोर्ट से हस्तक्षेप करने पर जो दिया तो जस्टिस विसेन ने कहा कि उसका पति तलाक चाहता है, इसलिए वह सहायता के लिए उससे मदद नहीं मांग सकती और इसके बजाय खुद ही किसी अन्य दाता की तलाश कर सकती है। कोर्ट ने नहीं स्वीकारी याचिका कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा कि महिला ने क्या इसके लिए किसी चिकित्सा अधिकारी के पास आवेदन किया है। ऐसे में जब उसका पति अलग रह रहा है। हाईकोर्ट ने महिला को याचिका में उठाई गई शिकायत के साथ गांधीनगर के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करने को कहा। अदालत ने उससे कहा कि इस स्तर पर उसकी याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती। महिला ने अपनी याचिका वापस ले ली और उसे इस बात की स्वतंत्रता दी कि वह कथित प्रजनन तकनीक के माध्यम से गर्भधारण के लिए चिकित्सा अधिकारियों को आवेदन देकर जो प्रक्रिया अपनाती है, उसमें जो कुछ भी घटित होता है, उसके बाद वह फिर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है। 2019 से अलग रह रही महिला गांधीनगर में रहने वाली महिला अपने पति से पांच साल से अलग रह रही है। पति ने तलाक के 2019 में केस दायर किया था। तलाक के मामले के लंबा खिंचने के बाद जब महिला के मां बनने की संभावना कम होने लगी तो उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। महिला ने अपनी याचिका में कहा था कि उसे सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम, 2021 के प्रावधानों के तहत मां बनने के लिए निर्देश दिया जाए।महिला की दलील थी कि 40 साल की उम्र होने के बार प्राकृतिक तौर पर उसके गर्भधारण की संभावना कम होती जा रही है और मां बनना उसका मौलिक अधिकार है। recent visitors 85

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर का किया सम्मान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास में भारतीय हॉकी टीम के सदस्य प्रतिभावान खिलाड़ी और मध्यप्रदेश पुलिस में डीएसपी विवेक सागर को अंग वस्त्र और मैडल से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवेक सागर ने हॉकी खेल में अनेक उपलब्धियां अर्जित की हैं। राज्य सरकार उन्हें पूर्ण प्रोत्साहन और सहयोग देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विवेक सागर को अपने हाथ से मिठाई भी खिलाई। इस अवसर पर खेल मंत्री विश्वास सारंग उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि विवेक सागर ने भारतीय टीम के सदस्य के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। हाल ही में ओलंपिक खेलों में भारत की हॉकी टीम को कांस्य पदक प्राप्त हुआ है। विवेक सागर ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट कर सुखद अनुभूति हुई। उन्होंने मुझे प्रोत्साहित किया है और शाबाशी भी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुझे अच्छे खेल के लिए शुभकामनाएं देते हुए और आगे भी सहयोग का आश्वासन दिया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विवेक सागर को एक करोड रुपए की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है।   recent visitors 89

भोपाल से मुंबई की ओर जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग 17 अगस्त तक, शताब्दी और वंदे भारत एक्सप्रेस में 100 से अधिक सीटें खाली

भोपाल  त्योहार से पहले की तिथियों की कई ट्रेनों में आरक्षण कराने पर अभी से प्रतीक्षा सूची का टिकट मिल रहा है। रक्षाबंधन पर भोपाल की ओर आने वाली कुछ ट्रेनों में आरक्षित सीटों की प्रतीक्षा सूची सौ का आंकड़ा पार कर गई है। वहीं, छठ पूजा और दीपावली पर घर जाने के लिए भी यात्रियों से अभी से आरक्षण करा लिया है। ऐसे में रक्षाबंधन से पहले ही यात्रियों का सबसे अधिक दबाव दिल्ली, मुंबई, नागपुर की ओर भोपाल से जाने वाली ट्रेनों पर है। जानकारी के अनुसार 17 अगस्त को भोपाल से दिल्ली जाने वाली लगभग सभी ट्रेनों में वेटिंग 50 तक पहुंच गई है। शताब्दी और वंदे भारत एक्सप्रेस में 100 से अधिक सीटें खाली भोपाल से दिल्ली 12001 शताब्दी एक्सप्रेस में सीटें खाली है। इसमें सीसी श्रेणी में 130 से अधिक और ईसी श्रेणी में 10 से अधिक सीट है। वहीं, आरकेएमपी से हजरत निजामुद्दीन जाने वाले 20171 वंदे भारत एक्सप्रेस के सीसी श्रेणी में 660 सीट और ईसी श्रेणी में 30 सीट खाली है। इसके अलावा आरकेएमपी से रीवा जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में सीसी श्रेणी 95 और ईसी श्रेणी में 20 सीट खाली है। वहीं, रीवांचल एक्सप्रेस में शयनयान श्रेणी में 131 वेटिंग और थर्ड एसी में 40 वेटिंग चल रही है। 12409 गोंडवाना सुपरफास्ट एक्सप्रेस राखी से पहले निरस्त है। भोपाल से मुंबई की ओर जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग 17 अगस्त तक की ट्रेन – शयनयान श्रेणी – थर्ड एसी 12138 पंजाब मेल – 113 वेटिंग – 31 वेटिंग 11072 कामायनी एक्सप्रेस – 65 वेटिंग – 17 वेटिंग 12533 पुष्पक एक्सप्रेस – 35 वेटिंग – 10 वेटिंग 20104 लखनऊ-एलटीटी – 42 वेटिंग – 15 वेटिंग 22537 कुशीनगर एक्सप्रेस – 26 वेटिंग – 10 वेटिंग  भोपाल से दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग 17 अगस्त तक की – ट्रेन – शयनयान श्रेणी – थर्ड एसी 12155 भोपाल एक्सप्रेस – 135 वेटिंग – 40 वेटिंग 12625 केरला एक्सप्रेस – 50 वेटिंग – 10 वेटिंग 18237 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस – 44 वेटिंग – 10 वेटिंग 12627 कर्नाटक एक्सप्रेस – 101 वेटिंग – 38 वेटिंग 11077 झेलम एक्सप्रेस – 46 वेटिंग – 16 वेटिंग भोपाल से नागपुर की ओर जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग 17 अगस्त तक की – ट्रेन – शयनयान श्रेणी – थर्ड एसी 12808 समता एक्सप्रेस – 95 वेटिंग – 30 वेटिंग 12650 संपर्क क्रांति एक्सप्रेस – सीट नहीं है – 36 वेटिंग 20806 एपी एक्सप्रेस – 15 वेटिंग – 05 वेटिंग 12626 केरला एक्सप्रेस – 16 वेटिंग – 05 वेटिंग 12724 तेलंगाना एक्सप्रेस – 17 वेटिंग – 11 वेटिंग recent visitors 158

खाद्य विभाग को काम मिली एफआरके की मात्रा, छत्तीसगढ़-गौरेला पेंड्रा मरवाही में 8700 कुंतल चावल रिजेक्ट

गौरेला/पेंड्रा/मरवाही. भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुरूप चावल नहीं पाए जाने पर भारत सरकार के खाद्य विभाग की टीम ने जांच करते हुए पेंड्रा मरवाही के नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम में रखे हुए 35 लाट चावल रिजेक्ट कर दिए हैं। इन चावलों में भारत सरकार द्वारा निर्धारित FRK की मात्रा कम पाई गई थी। सैंपल जांच के बाद गोदाम में जमा चावल को रिजेक्ट करने की यह अब तक की बड़ी कार्रवाई है। नागरिक आपूर्ति निगम के क्वालिटी इंस्पेक्टर ने सैंपल जांच के बाद सभी चावलों को गुणवत्तापूर्ण बताकर जमा कर लिया था। कुपोषण और एनीमिया को खत्म करने के लिए राशन दुकानों के माध्यम से फोर्टीफाइड राइस बांटने की योजना पर राइस मिल पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। भारत सरकार के खाद्य विभाग की टीम ने आकस्मिक निरीक्षण कर नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जमा किए गए राइस मिलरों के चावल की बड़ी खेप निर्धारित गुणवत्तापूर्ण न पाकर रिजेक्ट कर दिया है। रिजेक्ट किए गए चावल की मात्रा भी थोड़ी नहीं, बल्कि कुल 35 लाट हैं। इसमें 50 किलो प्रति बोरी वजन के 17,400 बोरे हैं। ये वो चावल हैं, जिसे नागरिक आपूर्ति निगम के क्वालिटी इंस्पेक्टर ने पूर्ण गुणवत्तायुक्त बताकर जमा कर लिया था। भारत सरकार द्वारा हुए इस अचानक जांच से राइस मिलरों में हड़कंप मचा हुआ है। नागरिक आपूर्ति निगम के पेंड्रा गोदाम में 30 लाट, जबकि मरवाही गोदाम से एक लॉट चावल को रिजेक्ट किया गया है। यह सभी अमानक चावल जिले के ही छह राइस मिलरों के द्वारा जमा किया गया था। फोर्टीफाइड राइस में आयरन फोलिक एसिड विटामिन b12 के साथ जिंक विटामिन ए1, विटामिन बी 2, विटामिन बी b3 जैसे b6 पोषक तत्व मौजूद होते हैं। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण से निपटने के लिए फोर्टीफाइड बांटने की योजना सभी राशन दुकानों में शुरू की हैं, जिसके लिए 4270 करोड रुपये खर्च का बजट भी स्वीकृत कर रखा है। सरकार की महत्वपूर्ण योजना पर नागरिक आपूर्ति निगम राइस मिलों के साथ सांठ-गांठ कर पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। मामले में जब नागरिक आपूर्ति निगम के क्वालिटी इंस्पेक्टर से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार करते हुए हाथ जोड़ लिया। वहीं, जिला प्रबंधक ने पूरे मामले पर जानकारी दी है। recent visitors 84

बांग्लादेश में फैली अशांति के कारण अल कायदा खुश, भारत के लिए कैसे बढ़ेगी टेंशन?

ढाका  बांग्लादेश में अस्थिरता देखी जा रही है। शेख हसीना के जाते ही कट्टरपंथी और आतंकी संगठन एक्टिव हो गए हैं। बांग्लादेश में शेख हसीना कट्टरपंथियों और भारत विरोधी ताकतों पर लगाम लगाकर रखती थीं। लेकिन उनके इस्तीफे के बाद आतंकी संगठन अल-कायदा ने बयान दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक अल कायदा दक्षिण एशियाई ब्रांच (AQIS) के चीफ ओसामा महमूद ने 12 पन्नों का संदेश दिया है। इसमें शेख हसीना सरकार गिरने की सराहना की गई। इसके अलावा धार्मिक कार्यकर्ताओं से देश में 'इस्लामिक शासन' स्थापित करने के प्रयासों में तेजी लाते हुए नई सरकार से बचने का आग्रह किया गया है। अल कायदा के इस संदेश से साफ है कि बाहरी ताकतें पूरी तरह से बांग्लादेश पर कंट्रोल करने में लगी हैं। आतंकी संगठनों के लिए यह सबसे अच्छा मौका है। बांग्लादेश में पहले से ही कई संगठन हैं जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और अल कायदा से जुड़े हुए हैं। ऐसे में अल कायदा की ओर से इस्लामिक शासन को लाने की बात कहना भारत के लिए टेंशन वाली बात है। बांग्लादेश में खालिदा जिया की बीएनपी सत्ता में आ सकती है। जिया के शासन में बांग्लादेश में भारत विरोधी ताकतें देखी गई थी। शेख हसीना भाग कर भारत आई हैं और बीएनपी ने दिखाया है कि वह इससे नाखुश है। बांग्लादेश से जुड़े पोस्ट पर असम में गिरफ्तारी बांग्लादेश में अशांति का समर्थन करने वाले असम का रिजुवान उल्ला मजरभुइया को एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण गिरफ्तार किया गया है। इसके अल-कायदा के संबंधओं की जांच चल रही है। असम की पुलिस ने आरोपी को हलियाकांडी जिले के रंगपुर में उसके घर से गिरफ्तार किया। उसने कथित तौर पर बंगाली में किए अपने पोस्ट में अशांति फैलाने की भविष्यवाणी की थी। रिजुवान का दावा है कि बांग्लादेश का प्रभाव जल्द ही असम में देखा जाएगा। उसके इस पोस्ट ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए। 'सभी देशों से संतुलन चाहता है बांग्लादेश' बांग्लादेश की नवगठित अंतरिम सरकार ने शुक्रवार को ‘बड़े देशों’ के साथ ढाका के संबंधों में ‘संतुलन’ बनाये रखने से जुड़ा बयान दिया। विदेश मामलों के सलाहकार एवं पूर्व विदेश सचिव मोहम्मद तौहीद हुसैन ने संवाददाताओं से कहा कि कानून एवं व्यवस्था बहाल करना इस समय अंतरिम सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है तथा पहला लक्ष्य हासिल करने के बाद अन्य कार्य भी हो जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश को सभी देशों के साथ अच्छे संबंध रखने की जरूरत है। recent visitors 70

राष्ट्रपति मुर्मू को तिमोर-लेस्ते का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलना देश के लिए गर्व का क्षण : मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को तिमोर-लेस्ते के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड-कॉलर ऑफ द ऑर्डर ऑफ तिमोर-लेस्ते’ से सम्मानित किए जाने को देश के लिए ‘गर्व का क्षण’ करार दिया और कहा कि यह दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों व आपसी सम्मान को दर्शाता है। मुर्मू (66) को सामाजिक सेवा में उनकी उपलब्धियों और शिक्षा, सामाजिक कल्याण एवं महिला सशक्तीकरण के प्रति उनके समर्पण के लिए शनिवार को तिमोर-लेस्ते के राष्ट्रपति जोस रामोस-होर्ता ने अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड-कॉलर ऑफ द ऑर्डर ऑफ तिमोर-लेस्ते’ से सम्मानित किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति जी को तिमोर-लेस्ते के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ग्रैंड-कॉलर ऑफ द ऑर्डर ऑफ तिमोर-लेस्ते से सम्मानित होते देखना हमारे लिए गर्व का क्षण है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों और आपसी सम्मान को दर्शाता है। यह कई वर्षों तक सार्वजनिक जीवन में उनके स्मारकीय योगदान को भी मान्यता है।’’ मुर्मू तीन देशों की अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव के तहत शनिवार को दक्षिण-एशियाई देश तिमोर-लेस्ते की राजधानी दिली में थीं। इससे पहले, उन्होंने न्यूजीलैंड और फिजी की यात्रा की थी। मुर्मू तिमोर-लेस्ते की यात्रा करने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति हैं।     recent visitors 187

अभिनव बिंद्रा प्रतिष्ठित ओलंपिक ऑर्डर से सम्मानित

पेरिस  अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक परिषद ने दिग्गज भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा को 142वें आईओसी सत्र में अहम योगदान के लिए प्रतिष्ठित ओलंपिक ऑर्डर से सम्मानित किया है।1975 में स्थापित ओलंपिक ऑर्डर आईओसी द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। शनिवार को पेरिस में आयोजित एक समारोह में अभिनव बिंद्रा को ओलंपिक ऑर्डर सम्मानित किया गया। इससे पहले वर्ष 1983 में पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी इससे सम्मानित किया गया था। शुक्रवार को बिंद्रा को आईओसी एथलीट आयोग का दूसरा उपाध्यक्ष भी चुना गया था। पांच बार के ओलंपियन 41 वर्षीय बिंद्रा ने कहा, “जब मैं छोटा बच्चा था, तो ये ओलंपिक रिंग ही थीं, जिन्होंने मेरे जीवन को अर्थ दिया। और दो दशकों से अधिक समय तक अपने ओलंपिक सपने को पूरा करने में सक्षम होना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी।” उन्होंने कहा, “अपने एथलेटिक करियर के बाद ओलंपिक मूवमेंट में प्रयास करना और वापस अपना योगदान देना मेरा एक बड़ा जुनून रहा है। यह एक विशेषाधिकार और सम्मान रहा है। उन्होंने कहा, “यह पुरस्कार उस जुनून को और अधिक बढ़ावा देता है और मुझे उम्मीद है कि मैं और भी अधिक मेहनत करना जारी रखूंगा और जीवन भर ओलंपिक मूवमेंट में योगदान देता रहूंगा।” उल्लेखनीय एथलीट के रूप में अभिनव बिंद्रा बीजिंग 2008 खेलों में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। उन्हें एयर राइफल शूटिंग में विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय होने का गौरव भी हासिल किया है। अपने दो दशक लंबे करियर में, बिंद्रा ने 150 से अधिक व्यक्तिगत पदक जीते, और भारत के महान खेल दिग्गजों में से एक के रूप में पहचान बनाई। खेल के प्रति उनकी असाधारण सेवा को तब और मान्यता मिली जब उन्हें 2018 में ब्लू क्रॉस से सम्मानित किया गया, जो अंतरराष्ट्रीय शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) का सर्वोच्च सम्मान है। संन्यास के बाद बिंद्रा ने अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन ट्रस्ट (एबीएफटी) की स्थापना की जो एक नॉन प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन है जो अत्याधुनिक स्पोर्ट साइंस टेक्नोलॉजी के माध्यम से भारत में जमीनी स्तर के एथलीटों का समर्थन करने के लिए समर्पित है।   recent visitors 78