विद्युत टैरिफ के टाइम ऑफ डे रिबेट में औद्योगिक और उच्च दाब उपभोक्ता हुए लाभान्व‍ित

विद्युत टैरिफ के टाइम ऑफ डे रिबेट में औद्योगिक और उच्च दाब उपभोक्ता हुए लाभान्व‍ित 10025 बिजली उपभोक्ताओं को मिली 310.66 करोड़ रूपए की छूट भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि प्रदेश में औद्योगिक व उच्च दाब (एचटी) विद्युत उपभोक्ताओं, निम्न दाब (एलटी) औद्योगिक और गैर घरेलू उपभोक्ताओं (जिनका लोड 10 किलोवाट से अधिक है) के लिए नये विद्युत टैरिफ में दिन के समय में (सौर ऊर्जा अवधि के घंटों के दौरान) सुबह 9 से शाम 5 बजे तक की गयी खपत पर ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट तथा शाम 5 से रात्रि‍10 बजे के दौरान की गयी ऊर्जा खपत पर 20 प्रतिशत का सरचार्ज लागू किया गया है। इससे उपभोक्ताओं को दिन के समय खपत करने पर उनके विद्युत देयकों में कमी आयी है, साथ ही उच्चतम मांग अवधि के दौरान कोयला आधारित विद्युत की मांग पर नियंत्रण हो रहा है। उन्होंने बताया है कि विद्युत वितरण कंपनियों की इस योजना से प्रदेश के कुल 10025 औद्योगिक एवं उच्च दाब उपभोक्ता लाभान्वि‍त हुए हैं। इनको प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा अप्रैल से अब तक 310 करोड़ 66 लाख रूपए का रिबेट प्रदान किया गया है। नये विद्युत टैरिफ में उच्च दाब उपभोक्ताओं को पूर्व से लागू रात्रि‍10 बजे से अगली सुबह 6 बजे तक विद्युत खपत करने पर भी टाइम ऑफ डे (टीओडी) रिबेट प्रदान करने का प्रावधान था, जिसे मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी रखा गया है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर द्वारा अप्रैल से अब तक 2335 औद्योगिक व उच्च दाब उपभोक्ताओं को कुल 69 करोड़ 93 लाख रूपए, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल द्वारा 3150 उपभोक्ताओं को कुल 114 करोड़ 98 लाख रूपए और पश्च‍िम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 4540 उपभोक्ताओं को कुल 125 करोड़ 75 लाख रूपए का रिबेट प्रदान किया गया है।   recent visitors 67

मेडिकल स्टोर खोलने से हुआ सुमित की बेरोजगारी का स्थायी निदान

मेडिकल स्टोर खोलने से हुआ सुमित की बेरोजगारी का स्थायी निदान मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से मिला सहारा भोपाल बेरोजगारी एक प्रकार की आर्थिक बीमारी ही होती है। बेरोजगार व्यक्ति हताशा की ओर बढ़ने लगता है। बेरोजगारी का निदान जितना जल्दी हो जाये, उतना ही अच्छा। मण्डला जिले के बिछिया के रहने वाले सुमित रजक भी बेरोजगार ही थे। जरूरी डिग्री हासिल करने के बाद सरकारी सेवक बनने का प्रयास कर रहे थे, पर कहीं भी सफलता नहीं मिली। निराशा के इन्हीं दिनों में सुमित के पिता को भारतीय स्टेट बैंक बिछिया से मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की जानकारी मिली। पिता से रायशुमारी कर सुमित ने जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र मण्डला के सहायक प्रबंधक से मिलकर इस योजना में ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया। बैंक ने भी देरी नहीं की और सुमित को तीन लाख रूपये का स्वरोजगार ऋण दे दिया। बेरोजगारी से परेशान सुमित को स्थायी रोजगार के लिए बड़ा सहारा मिल गया। ऋण राशि से उसने मेडिकल स्टोर खोला। दवाइयां सबकी बारहमासी जरूरत होती ही हैं। बस, सुमित का मेडिकल स्टोर भी अच्छे से चल पड़ा। इस मेडिकल स्टोर से सुमित को समुचित आवक होने लगी। अब वे अपनी सारी जिम्मेदारियां भी बखूबी पूरी कर रहे हैं। इस योजना ने उसकी बेरोजगारी का पुख्ता निदान कर दिया है। सुमित इस अभिनव योजना के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बार-बार आभार जताते हैं।   recent visitors 94

राज्यसभा निर्वाचन के लिये आज 14 अगस्त से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया

राज्यसभा निर्वाचन के लिये आज 14 अगस्त से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया 3 सितंबर को होगा मतदान भोपाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मध्यप्रदेश सहित 9 राज्यों में होने वाले राज्यसभा निर्वाचन के लिये विगत 7 अगस्त को अधिसूचना जारी कर दी गई है। राजन ने बताया कि राज्यसभा चुनाव के लिए प्रदेश में बुधवार, 14 अगस्त से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है। उन्होंने बताया कि 22 अगस्त को नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी। नाम निर्देशन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि 26 अगस्त है। मतदान 3 सितंबर को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक होगा। मतगणना एवं परिणाम की घोषणा भी इसी दिन की जाएगी।   recent visitors 72

बीजेपी का अगला अध्यक्ष एक महिला हो सकती है, पहले कभी भी भाजपा की कमान किसी महिला के हाथ में नहीं रही

 नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। वहीं, अब तक नए अध्यक्ष के नाम पर मुहर नहीं लग सकी है। खबरें हैं कि इसे लेकर हाल ही में भाजपा की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारी भी शामिल हुए थे। अटकलें हैं कि पार्टी की कमान OBC यानी अन्य पिछड़ा वर्ग या किसी महिला नेता के हाथों में भी जा सकती है। फिलहाल इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।  सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के घर पर लंबी बैठक चली। कहा जा रहा है कि 5 घंटे लंबी मीटिंग के दौरान नए अध्यक्ष या कार्यकारी अध्यक्ष को लेकर मंथन किया गया। बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, महासचिव बीएल संतोष, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और संयुक्त सह सरकार्यवाह अरुण कुमार शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि अगले पार्टी अध्यक्ष पद के लिए संघ की तरफ से सहमति मिलना जरूरी है। अब जब पार्टी में पहले अहम पदों पर रह चुके दिग्गजों को केंद्र सरकार में शामिल किया जा चुका है, तो भाजपा और संघ के पदाधिकारी जमीनी राजनीति के बैकग्राउंड वाले नेता की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अटकलें हैं कि अगला अध्यक्ष महिला या ओबीसी भी हो सकता है। इससे पहले कभी भी भाजपा की कमान किसी महिला के हाथ में नहीं रही। क्या देवेंद्र फडणवीस बनेंगे अध्यक्ष भाजपा के अगले अध्यक्ष की दौड़ में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, फडणवीस या भाजपा की तरफ से इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद उनके नाम को लेकर अटकलें और तेज हो गईं थीं। recent visitors 109

एमपी के गुना और अशोक में पीपीपी मोड पर खुलेंगे मेडिकल कॉलेज, 75 प्रतिशत बेड पर होगा फ्री में इलाज, जानें ये क्या है

 भोपाल मध्य प्रदेश सरकार गुना और अशोक नगर जिलों में भी सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) से मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी कर रही है। इसके लिए इसी माह निजी भागीदार से प्रस्ताव मंगाए जाएंगे। पिछले माह कटनी, धार, मुरैना, खरगोन, पन्ना, सीधी, बालाघाट, टीकमगढ़, भिंड और बैतूल में पीपीपी से कॉलेज खोलने के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। इसमें कॉलेज का संचालन करने वाले निजी भागीदार को जिला अस्पताल दिया जाएगा। वह अस्पताल का उन्नयन कर बिस्तरों की संख्या बढ़ाएगा। अपनी आय बढ़ाने के लिए 25 प्रतिशत बिस्तर प्राइवेट रख सकेगा। कॉलेज का निर्माण, संचालन और अस्पताल का संचालन वही करेगा। पहले नहीं आया था कोई निवेशक इसी वर्ष कैबिनेट में जिला अस्पतालों को निजी भागीदार को सौंपकर मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय हुआ था। सरकार ने अभी उन जिलों में पीपीपी से कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है जहां निजी या सरकारी कॉलेज नहीं हैं। सबसे पहले तीन जिलों में कॉलेज खोलने के लिए प्रस्ताव मांगे गए पर कोई निवेशक नहीं आया था। जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे इसके बाद इन तीन को मिलाकर 10 जिलों में कॉलेज खोलने के लिए प्रस्ताव जुलाई में मांगे गए थे। अब गुना और अशोक नगर में भी कॉलेज खोलने का प्रस्ताव मंगाने के लिए जल्द ही निविदा जारी की जाएगी। इन जिलों के समीप के जिलों में अभी विदिशा, शिवपुरी, सागर और भोपाल में मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। बता दें कि प्रदेश के अब 17 शासकीय मेडिकल कॉलेज हो गए हैं, जिनमें एमबीबीएस की 2425 सीटें हैं। इसी प्रकार निजी कॉलेज 13 हैं, जिनमें एमबीबीएस की 2450 सीटें हैँ। मध्य प्रदेश के 10 जिलों में पीपीपी मोड पर खुलेंगे मेडिकल कॉलेज मध्य प्रदेश की मोहन सरकार प्रदेश के कई जिलों को बड़ी सौगात देने वाली है। इसके अंतर्गत चुने गए 10 जिलों में जहां अभी तक मेडिकल कॉलेज नहीं थे, वहां मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इसके लिए सरकार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल का उपयोग करेगी। पीपीपी मॉडल द्वारा इन मेडिकल कॉलेजों को खोले जाने से लाखों लोगों को फायदा होगा। यह मॉडल एमपी में चिकित्सा से जुड़ी सेवाओं को ग्रामीण लोगों के लिए आसान बनाएगी। यह उन तक पहुंच के साथ साथ व्यवस्थाओं को बढ़ाने और प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को दूर करने की दिशा में एक जरूरी कदम होगा। मोहन यादव सरकार के द्वारा मध्य प्रदेश के इन 10 जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इन जिलों में कटनी, सीधी, खरगोन, पन्ना से लेकर बैतूल, टीकमगढ़, बालाघाट, धार, भिंड और मुरैना के नाम शामिल हैं। इससे इन जिलों में रहने वाले लाखों लोगों को चिकित्सा जैसी मुलभुत सुविधा अच्छे स्तर पर मिल पाएगी। वहीं इनके खुलने से वहां रोजगार का सृजन भी होगा। पीपीपी मॉडल में सरकार किसी परियोजना या सेवा में निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ मिलकर काम करती है। इन मेडिकल कॉलेजों की विशेषताएं जिला अस्पताल सरकारी होगा, जबकि अन्य सुविधाएं पीपीपी मॉडल पर संचालित होंगी। इसके साथ ही इन मेडिकल कॉलेजों में 100 एमबीबीएस सीटें होंगी। इसके अलावा इन अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारकों को निशुल्क में इलाज मिलेगा। इन मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 75 प्रतिशत बेड गरीबों के लिए आरक्षित होंगे जहां उनका फ्री में इलाज किया जाएगा। इसके अलावा बाकी के 25 फीसदी का उपयोग पीपीपी मॉडल से जुड़ी प्राईवेट एजेंसी उपयोग किया जाएगा। इन मेडिकल कॉलेजों की फीस मध्य प्रदेश फीस विनियामक कमेटी द्वारा निर्धारित की जाएगी। क्या बोले जानकार इसे लेकर नाम न बताने की शर्त पर एक जानकार का कहना है कि मोहन सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल से प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ेगी। जिससे प्रदेश में डॉक्टरों की कमी दूर होगी। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी पाएंगी। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में निवेश के नए आयामों को बढ़ावा मिलेगा। इसमें कुछ चुनौतियां भी होगी जिसके लिए यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा कि गरीब मरीजों को निजी एजेंसियों द्वारा भेदभाव का सामना न करना पड़े। recent visitors 140

पाक थिंक टैंक ने कहा भारत की आक्रामकता बढ़ेगी, गौरी, शाहीन हवा में हो जाएंगी राख

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के थिंकटैंक इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटेजिक स्टडीज में भारत की बढ़ती मिसाइल क्षमताओं को लेकर चिंता जताई है। इसमें कहा गया है कि ये क्षेत्रीय स्थिरता और पाकिस्तान की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के लिए महत्वपूर्ण खतरा पैदा करती हैं। रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा पर भारत की ओर से एस-400 की तैनाती चिंता की बात है। इसमें कहा गया है कि एस-400 पाकिस्तान के 600 किमी अंदर तक की वस्तुओं को पता लगाने की क्षमता रखता है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान को अपनी सुरक्षा बढ़ानी चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की ओर से लंबी दूरी वाले उन्नत रडार का डेवलपमेंट स्थिति को पाकिस्तान के लिए और भी गंभीर बना रहा है। यह पाकिस्तान की गौरी और शाहीन मिसाइलों का पता लगा सकते हैं। रिपोर्ट में एस-400 को लेकर चिंता जताते हुए कहा गया, 'हाल ही में, भारतीय वायु सेना ने रूसी एस-400 सतह से हवा में मार करने वाली रक्षा प्रणाली का परीक्षण करने के लिए एक सैन्य अभ्यास किया, जिसमें दुश्मन के 80 फीसदी लड़ाकू विमानों को मार गिराया गया और बाकी को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया गया।' पाकिस्तान के लिए क्या है टेंशन की बात रिपोर्ट में कहा गया कि रूस का एस-400 एक उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) है। साथ ही चिंता जताई गई कि भारत इसी तरह का स्वदेशी मिसाइल डिफेंस सिस्टम बना रहा है। रिपोर्ट में हालांकि इस बात पर जोर दिया गया है कि कोई भी मिसाइल रक्षा प्रणाली अचूक नहीं है, लेकिन ऐसी प्रणाली का होना सुरक्षा की भावना पैदा करता है, जिससे भारत अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है। इससे परमाणु संघर्ष का खतरा बढ़ने की चेतावनी दी गई है। पाकिस्तान क्या करे? रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि भारत हमला करने वाली हाइपरसोनिक मिसाइलों का भी निर्माण कर रहा है, जो पारंपरिक और परमाणु दोनों हथियारों को ले जाने में सक्षम होंगी। इससे भारत की सटीक हमला करने की क्षमताओं में वृद्धि होगी और पाकिस्तान को अपनी सुरक्षा करना मुश्किल हो जाएगा। भारत की बढ़ती ताकत से मुकाबला करने के लिए पाकिस्तान को अपनी टेक्नोलॉजी में विविधता लाने, मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भेदने के लिए उन्नत तकनीक विकसित करने की बात कही गई है। recent visitors 130

इसरो के एसएसएलवी-डी3 की श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग के लिए उल्टी गिनती आज से शुरू

श्रीहरिकोटा आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित होने वाले एसएसएलवी-डी3 के प्रक्षेपण की उल्टी गिनती आज बुधवार को शुरू होगी।इसरो के सूत्रों ने बताया कि प्रक्षेपण के लिए उल्टी गिनती कल यानी बुधवार को से शुरू होगी। कुल 175.5 किलोग्राम वजनी इस पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (ईओएस-08) का प्रक्षेपण लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) का उपयोग करके किया जाएगा। यह एसएसएलवी-डी3 तीसर और अंतिम विकासात्मक प्रक्षेपण है और इस चरण में यह माइक्रोसैटेलाइट को लेकर स्वतंत्रता दिवस पर सुबह 09.17 बजे शार रेंज से उड़ान भरेगा। उन्होंने कहा, "इस मिशन ने एसएसएलवी विकास परियोजना को पूरा किया है और भारतीय उद्योग तथा एनएसआईएल द्वारा परिचालन मिशनों को सक्षम बनाया है।" उन्होंने कहा कि ईओएस-08 इसरो का नवीनतम पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है। ईओएस-08 मिशन के प्राथमिक उद्देश्यों में माइक्रोसैटेलाइट को डिजाइन और विकसित करना, माइक्रोसैटेलाइट बस के साथ संगत पेलोड उपकरण बनाना और भविष्य के परिचालन उपग्रहों के लिए आवश्यक नई तकनीकों को शामिल करना आदि हैं। प्रक्षेपण के तुरंत बाद अंतरिक्ष यान मिशन विन्यास 37.4 डिग्री के झुकाव के साथ 475 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी की निम्न कक्षा (एलईओ) में संचालित होगा। एसएसएलवी तीन चरणों वाला प्रक्षेपण यान है, जिसे तीन ठोस प्रणोदन चरणों और एक टर्मिनल चरण के रूप में तरल प्रणोदन आधारित वेलोसिटी ट्रिमिंग मॉड्यूल (वीटीएम) के साथ निर्मित किया गया है। एसएसएलवी का व्यास दो मीटर और लंबाई 34 मीटर है और यह 120 टन वजन उठा सकता है। एसएसएलवी एसडीएससी/एसएचएआर से 500 किमी की प्लेनर कक्षा में 500 किलोग्राम के उपग्रह को ले जाने में सक्षम है। एसएसएलवी की प्रमुख विशेषताएं कम लागत, कम टर्न-अराउंड समय, कई उपग्रहों को समायोजित करने में लचीलापन, मांग पर प्रक्षेपण व्यवहार्यता तथा न्यूनतम प्रक्षेपण बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं को पूरा करना है। recent visitors 89