Wednesday, July 8, 2026 3:37 am

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का जताया आक्रोश, राजस्थान-सीकर में रामगढ़ शेखावाटी की दुकानें बंद

सीकर. बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ सीकर जिले के रामगढ़ शेखावाटी कस्बे में विरोध की आवाजें तेज हो गई हैं। शुक्रवार को हिंदूवादी संगठनों ने बंद का आह्वान किया, जिसके परिणामस्वरूप कस्बे में सभी दुकानें, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। लोगों ने बंद का समर्थन करते हुए बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का कड़ा विरोध जताया। रामगढ़ शेखावाटी में हिंदूवादी संगठनों द्वारा आक्रोश रैली भी निकाली गई। इस रैली में शामिल कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अपना आक्रोश व्यक्त किया। आक्रोश रैली कस्बे के मुख्य बाजार से होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रैली के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ अपनी एकजुटता और विरोध को जाहिर किया। recent visitors 181

ममता सरकार पर बरसा कलकत्ता हाई कोर्ट, पूछा- 7000 लोगों की भीड़ अस्पताल में कैसे घुसी, इतने लोग वॉक पर नहीं आ सकते

कोलकाता  आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामला बढ़ता ही जा रहा है। पूरा देश महिला डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत पर उबल रहा है। इसी बीच मेडिकल कॉलेज के अंदर घुसकर गुरुवार को तोड़फोड़ भी की गई। मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप किया है और सख्त टिप्पणी की है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हाल ही में हुई बर्बरता की घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। हाई कोर्ट ने कहा कि यह सरकार की नाकामी है और मेडिकल कॉलेज को बंद कर देना चाहिए। हाई कोर्ट ने डॉक्टरों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करने की बंगाल सरकार की क्षमता पर सवाल उठाया है। हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाएं हेल्थ प्रफेशनल्स के बीच भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा करती हैं। 'गिरता है मनोबल' अपनी टिप्पणियों में, न्यायालय ने अस्पताल पर हमले को रोकने में 'राज्य मशीनरी की पूर्ण विफलता' की ओर इशारा किया। इस घटना में अस्पताल के महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण नष्ट कर दिए गए। जमकर तोड़फोड़ की गई। न्यायाधीशों ने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं का डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों के मनोबल और आत्मविश्वास पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। हाई कोर्ट ने कहा कि इस तह की घटना से डॉक्टर्स का मनोबल टूटता है और उनका आत्मविश्वास कमजोर पड़ जाता है। तोड़फोड़ के मामले में 19 लोग गिरफ्तार कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि उसने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तोड़फोड़ और हिंसा के मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों को शहर की एक अदालत ने 22 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आपको बता दें कि अज्ञात बदमाशों ने कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के परिसर में घुसकर उसके कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की। इसी अस्पताल में पिछले सप्ताह महिला चिकित्सक का शव मिला था। अस्पताल में चिकित्सक के साथ कथित बलात्कार और फिर उसकी हत्या किए जाने की घटना के विरोध में महिलाओं के विरोध प्रदर्शन के बीच आधी रात को यह तोड़फोड़ की गई। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए। परास्नातक प्रशिक्षु के साथ कथित दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या की घटना के विरोध में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में जूनियर डॉक्टर की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही। प्रदर्शन कर रहे चिकित्सक दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने और कार्यस्थल पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि जब सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तोड़फोड़ और हिंसा हुई तो पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार शाम को कहा था कि अस्पताल के आपातकालीन वार्ड की दो मंजिलों में तोड़फोड़ की गई, दवाइयां लूट ली गई हैं और बुनियादी ढांचे तथा उपकरणों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। सरकार को दिए निर्देश कोलकाता हाई कोर्ट की आलोचना राज्य के चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डालती है। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसा माहौल बनाना सरकार की जिम्मेदारी है, जहां स्वास्थ्य पेशेवर हिंसा या धमकी के डर के बिना अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें। न्यायाधीशों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी उपाय किए जाने का आह्वान किया। सरकार को एक्शन का आदेश हाई कोर्ट ने जोर देकर कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह एक ऐसा वातावरण बनाए जहां हेल्थ प्रफेशनल्स हिंसा या धमकी के डर के बिना अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें। न्यायाधीशों ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी उपाय करने का आह्वान किया। सरकारी मशीनरी पर उठाए सवाल हाई कोर्ट ने सवाल किया कि पुलिस 7,000 लोगों की बड़ी भीड़ से अनजान क्यों थी? इंटेलिजेंस विंग क्या कर रहा था? हाई कोर्ट ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कि कानून प्रवर्तन को इतनी महत्वपूर्ण मीटिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं थी?   recent visitors 79

महाकालेश्वर मंदिर में दर्जन से अधिक श्रद्धालु के सुरक्षाकर्मी ने निक्कर उतरवा दिए

उज्जैन  उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार को एक दर्जन से अधिक श्रद्धालु महाकाल के नाम और त्रिपुंड छपे हुए निक्कर पहनकर दर्शन करने पहुंचे थे। इस दौरान मंदिर के सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें रोका और उनसे निक्कर उतरवाया। हालांकि किसी प्रकार की कार्रवाई न करते हुए इन भक्तों को दूसरे कपड़े पहनने के लिए दिया। साथ ही हिदायत दी कि इस प्रकार के कपड़े पहनकर मंदिर में प्रवेश न करें। भक्तों के कपड़े उतरवाते देख थोड़ी देर के लिए वहां अफरा तफरी मच गई। कई श्रद्धालु अपने कपड़े छुपाते नजर आए। उज्जैन के महाकाल मंदिर में शुक्रवार अल सुबह 'महाकाल' और 'त्रिपुंड' प्रिंट छपे निक्कर पहनकर प्रवेश कर रहे श्रद्धालुओं को मंदिर के कर्मचारी और सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। बताया जा रहा है कि महाकाल भस्म आरती के दौरान कई श्रद्धालु 'महाकाल' प्रिंट वाले निक्कर पहनकर मंदिर में प्रवेश कर रहे थे। इस दौरान गर्भगृह निरीक्षक उमेश पंड्या और मंदिर समिति की सुरक्षा के इंचार्ज विष्णु चौहान ने ऐसे कपड़े पहने श्रद्धालुओं पर कार्रवाई शुरू की। इस दौरान करीब एक दर्जन ऐसे लोगों को पकड़ा जिन्होंने 'महाकाल' और 'त्रिपुंड' बने निक्कर पहन रखे थे। इस दौरान मौके पर ही इन लोगों के कपड़े उतरवा दिए गए और उन्हें पहनने के लिए दूसरे कपड़े दिए गए। इसके बाद ही उन्हें मंदिर में प्रवेश दिया गया। साथ ही ऐसे कपड़े पहनकर मंदिर नहीं आने की हिदायत दी गई। बता दें कि महाकाल मंदिर के आसपास बड़ी संख्या में धार्मिक वस्त्रों की दुकानें हैं। यहां 'महाकाल' लिखी हुई टी शर्ट, दुपट्टा, शर्ट, कुर्ता, शॉर्ट्स आदि मिलते हैं। कई भक्त इन्हें पहनकर महाकाल मंदिर में प्रवेश करते हैं। कपड़े पहनने के मामले में हुई कार्रवाई को मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने सही बताया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कपड़े पहनने से धार्मिक भावनाएं आहत होती है। हम काफी समय से महाकाल मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने की बात कह रहे हैं। मंदिर में ड्रेस कोड लागू होना चाहिए। मंदिर में धार्मिकता के अनुसार ही वस्त्र पहनकर प्रवेश दिया जाना चाहिए। हालांकि, इस तरह की कार्रवाई मंदिर में पहली बार की गई है। पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश के कई मंदिरों में प्रवेश के लिए ड्रेस कोड लागू किया जा चुका है। कई मंदिरों में इस प्रकार की सख्तियां लगाई गई है कि मंदिर में संस्कृति के अनुरूप ही कपड़े पहनकर प्रवेश करें। महाकाल मंदिर के पंडित और पुजारी भी कई बार ड्रेस कोड लागू करने की मांग कर चुके हैं। अभी देखने में आता है कि पुरुष भक्त छोटे-छोटे निक्कर पहनकर मंदिर में प्रवेश करते हैं तो युवतियां भी शॉर्ट ड्रेस पहनकर मंदिर में आ जाती हैं। इन सब पर रोक लगाई जानी चाहिए। इनसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। इस मामले के संबंध में महाकाल मंदिर के नव नियुक्त प्रशासक गणेश धाकड़ से चर्चा करना चाही तो उन्होंने कहा कि मैं अभी बाहर हूं। आकर ही कुछ कह पाऊंगा। विरोध कर चुके हैं पुजारी कई बार मंदिर में महाकाल लिखे कपड़े पहनकर प्रवेश की बात सामने आई है। कई बार मंदिर के पुजारी भी इसका विरोध दर्ज करा चुके हैं। हालांकि इस तरह की कार्रवाई मंदिर में पहली बार की गई है। पुजारी बोले- मंदिर में ड्रेस कोड लागू होना चाहिए महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने बताया, काफी समय से ड्रेस कोड लागू करने की मांग कर रहे हैं। ऐसा बड़े मंदिरों में भी है। आए दिन देखने में आता है कि पुरुष छोटे-छोटे निक्कर पहनकर मंदिर में प्रवेश करते हैं। कई ड्रेस तो मंदिर के अनुकूल नहीं होती। इसी तरह युवतियां भी शॉर्ट ड्रेस पहनकर मंदिर में आ जाती हैं। इन सब पर रोक लगाई जानी चाहिए। इनसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। मंदिर के आसपास दुकानों पर मिलते हैं कपड़े महाकाल मंदिर के आसपास बड़ी संख्या में धार्मिक वस्त्रों की दुकानें हैं। यहां महाकाल लिखी हुई टी शर्ट, दुपट्‌टा, शर्ट, कुर्ता, शॉर्ट्स आदि मिलते हैं। भक्त इन्हें पहनकर महाकाल मंदिर में प्रवेश करते हैं। recent visitors 85

सुख-शांति-समृद्धि के लिए की कामना, छत्तीसगढ़-महासमुन्द में मुख्यमंत्री साय ने किया रूद्रामहाभिषेक

महासमुन्द/रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज पवित्र सावन मास पर महासमुन्द जिला मुख्यालय में आयोजित रूद्रामहाभिषेक कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने रुद्र पाठ के मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया तथा पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के लिए सुख-शांति-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा शामिल हुए। कार्यक्रम में बसना विधायक श्री सम्पत अग्रवाल, पूर्व राज्य मंत्री श्री पूनम चंद्राकर एवं पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुगण शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रुद्र पाठ के मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया तथा पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के लिए सुख-शांति-समृद्धि की कामना की। recent visitors 88

पोल खुली !जैस्मिन की तस्वीर में लोगों को दिखे हार्दिक पांड्या

मुंबई हार्दिक पांड्या के फैन्स जैस्मिन वालिया के साथ उनकी डेटिंग रूमर्स की सच्चाई जानने के लिए परेशान हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसी तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें लोगों को जैस्मिन की तस्वीर में हार्दिक पांड्या का हाथ दिख रहा है। अब तक इन दोनों लोगों की तस्वीरों में एक सी लोकेशन देखकर कयास लगाए जा रहे थे। अब लेटेस्ट तस्वीर देखकर लोगों ने हार्दिक के लिए सोशल मीडिया पर और उलटा-सीधा लिखना शुरू कर दिया है। रेडिट पर पोस्ट की गई फोटो हार्दिक पांड्या और जैस्मिन वालिया की डेटिंग पर अब अब नया पोस्ट सामने आया है। इसे देखकर लोग हार्दिक और उनका रिलेशन लगभग कन्फर्म मान रहे हैं। जैस्मिन वालिया की एक तस्वीर रेडिट पर शेयर की गई है जिसमें उनके साथ हार्दिक के होने का दावा किया जा रहा है। इस पर लोग जमकर भड़ास निकाल रहे हैं।   जैस्मिन के बगल में बैठे हैं हार्दिक? रेडिट यूजर ने तस्वीर शेयर करके लिखा है, अब तो धीरे-धीरे रिवील ही हो रहा है पांड्या का डेटिंग। फोटो में जैस्मिन के बगल में एक हाथ दिख रहा है। इस पर टैटू बने हैं। हार्दिक पांड्या के भी हाथों में उसी जगह पर टैटू बने हैं तो माना जा रहा है कि जैस्मिन के साथ पांड्या ही बैठे हैं।   लोगों का चढ़ा पारा इस पोस्ट पर लोग गुस्सा निकाल रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है, ऐसे लोग शादी ही क्यों करते हैं? ऐसे ही रहना था। एक यूजर ने लिखा है, नताशा के दोनों एक्स जैस्मिन नाम की लड़की से डेट कर रहे हैं। एक यूजर का कमेंट है कि नताशा के लिए दुख हो रहा है। पांड्या के फैन्स ने बिना सच जाने एक बच्चे की मां की इतनी बुरी ट्रोलिंग की और उन पर अटैक किया। एक कमेंट है, मुझे नताशा के लिए खुशी हो रही है कि वह टॉक्सिक रिश्ते से बाहर आ गईं। तलाक से फैन्स को लगा था झटका हार्दिक पांड्या के तलाक की खबरों ने उनके और नताशा स्तांकोविक के फैन्स को तगड़ा झटका दिया था। नताशा जिम में अपने दोस्त के साथ दिखीं तो लोगों ने उन्हें कोसना चालू कर दिया और तलाक का जिम्मेदार ठहराया। नताशा इन सब पर चुप्पी साधें रहीं। दोनों ने तलाक ऑफिशियल किया और नताशा सर्बिया चली गईं। इस घोषणा को एक महीना भी नहीं बीता था कि हार्दिक पांड्या की डेटिंग के चर्चे शुरू हो गए। recent visitors 113

परिजनों ने की अस्पताल सीज करने की मांग, राजस्थान-भरतपुर में ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत

भरतपुर. निजी अस्पताल में डिलीवरी के समय ऑपरेशन करने से एक महिला की तबियत बिगड़ गई, गंभीर हालत में रैफर करने के बाद अस्पताल ले जाते समय महिला ने रास्ते में दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से समझाइश की और मृतका का शव बयाना अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। स्थानीय निवासी भूरा भगत ने बताया कि गुरुवार के दिन रुदावल थाना क्षेत्र के गांव बंगसपुरा निवासी पूजा पत्नी विक्रम गुर्जर प्रसव के लिए बयाना स्थित कृष्णा अस्पताल में भर्ती हुई थी। प्रसूता ऑपरेशन लायक स्थिति में नहीं थी लेकिन अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा लापरवाही के साथ महिला का प्रसव कराया गया। इसके बाद महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया लेकिन इसी दौरान महिला की तबियत बिगड़ गई। गंभीर हालत में परिजन प्रसूता को इलाज के लिए भरतपुर ला रहे थे, इसी दौरान प्रसूता ने रास्ते में दम तोड़ दिया। महिला के परिजन शव को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना मिलते ही बयाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों से समझाइश की। मृतका के परिजनों ने अस्पताल के लापरवाह चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने परिजनों को आरोपी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस घटना के बाद अब सुबह से ही ग्रामीण निजी अस्पताल के बाहर सैकड़ों की संख्या में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। बयाना की विधायक रितु बनावत भी मौके पर पहुंचीं। महिला के परिजनों का कहना है कि निजी अस्पताल को सीज किया जाए और ऑपरेशन करने वाले सभी कर्मचारी और डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। recent visitors 94

CISF को मिला प्रथम पुरस्कार, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साय ने आकर्षक मार्च पास्ट पर किया सम्मान

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सवेरे राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में आयोजित 78वें स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इस अवसर पर पेरड कमांडर रविन्द्र मीणा के नेतृत्व में 16 प्लाटूनों ने आकर्षक मार्च पास्ट कर सलामी दी। आकर्षक मार्च पास्ट के लिए केन्द्रीय बलों में केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को प्रथम और राज्य बलों में छत्तीसगढ सशस्त्र बल (महिला) को प्रथम पुरस्कार से मुख्यमंत्री श्री साय ने सम्मानित किया। आकर्षक मार्च पास्ट के लिए केन्द्रीय बलों में केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को प्रथम, भारत-तिब्बत सीमा सुरक्षा बल दूसरा और ओडिशा पुलिस को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ, जिन्हें मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत किया। इसी प्रकार राज्य बलों में छत्तीसगढ सशस्त्र बल (महिला) को प्रथम पुरस्कार, जेल प्लाटून को द्वितीय और केन्द्रीय सशस्त्र बल (पुरुष) को तीसरा पुरस्कार मिला। एनसीसी के लिए एनसीसी जूनियर ब्वायस को प्रथम और  एनसीसी जूनियर गर्ल्स को द्वितीय पुरस्कार मुख्यमंत्री ने प्रदान किया। पुलिस परेड मैदान में पेरड कमांडर रविन्द्र मीणा ने परेड का निरीक्षण कराया। मुख्यमंत्री ने परेड कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा मुख्यमंत्री के साथ रहे। प्लाटूनों के हर्ष फायर की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने हर्ष और उल्लास के प्रतीक रंगीन गुब्बारे आसमान में छोड़े और प्रदेश के निरंतर विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों, नीतियों, योजनाओं पर केन्द्रित जनता के नाम संदेश का वाचन किया। परेड कमांडर रविन्द्र मीणा के नेतृत्व में स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में सीमा सुरक्षा बल, केन्द्रीय रिजर्व बल, भारत-तिब्बत सीमा सुरक्षा बल, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, केन्द्रीय सशस्त्र बल (पुरुष), ओडिशा पुलिस, छत्तीसगढ सशस्त्र बल (पुरुष), छत्तीसगढ सशस्त्र बल (महिला), छत्तीसगढ पुलिस बल महिला, छत्तीसगढ पुलिस 6 वीं वाहिनी, जेल प्लाटून, नगर सेना 13 वीं वाहिनी (पुरुष), नगर सेना (महिला), एनसीसी जूनियर (पुरुष), एनसीसी जूनियर (महिला), पुलिस अश्वारोही दल, बैंड प्लाटून प्रथम वाहिनी के जवानों ने आकर्षक मार्च पास्ट कर मुख्यमंत्री साय सलामी दी। recent visitors 80