Saturday, July 4, 2026 10:41 pm

लेबनान में तैनात भारतीय शांति सैनिकों की यूएन चीफ ने की तारीफ, बोले- मैं शुक्रगुजार हूं

संयुक्त राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने लेबनान में शांति स्थापना अभियान में सेना भेजने वाले भारत और अन्य देशों की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) के शांति सैनिक अपनी जगह पर बने हुए हैं। हालांकि इजरायल ने इन्हें कहीं और ट्रांसफर करने की मांग की है लेकिन संयुक्त राष्ट्र का ध्वज वहां लहरा रहा है।” यूएन चीफ ने मध्य पूर्व की स्थिति पर सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक में यह बात कही। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, “मैं, संयुक्त राष्ट्र शांति सेना – यूएनआईएफआईएल – के मिलिट्री और सिविलियन मेंबर्स तथा सैन्य योगदान देने वाले देशों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता दोहराता हूं।” लगभग 900 भारतीय सैनिक यूएनआईएफआईएल के साथ हैं, जो इजरायल और लेबनान को अलग करने वाली ‘ब्लू लाइन’ पर तैनात है। वे (शांति सैनिक), लेबनान में घुस आई इजरायली सेना और लेबनानी आतंकी ग्रुप हिजबुल्लाह के बीच, तैनात हैं। गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने अपनी दैनिक ब्रीफिंग में कहा कि जमीन पर मौजूद यूएनआईएफआईएल अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी जारी है और पहले से ज्यादा हो रही है। उन्होंने कहा, “वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही साथ अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।” दुजारिक ने बताया कि इजरायली सेना ने यूएनआईएफआईएल को ब्लू लाइन के पास कई जगहों से हटने के लिए कहा था लेकिन इसने ऑपरेशनल और राजनीतिक दोनों ही नजरिए से, रुकने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा, “हम वहीं जमे रहेंगे, साथ ही साथ हम अपने रुख और शांति सैनिकों की सुरक्षा का हर घंटे के आधार पर आकलन करेंगे।” इस हफ्ते इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर जमीनी हमला शुरू कर दिया। यहूदी राष्ट्र ने बुधवार लेबनान में अपने आठ सैनिकों की मौत की पुष्टि की। इस बीच लेबनानी अधिकारियों का कहना है कि बेरूत पर बुधवार रात को हुए भारी इजरायली हवाई हमलों में कम से कम छह लोग मारे गए। इससे पहले इजरायल और हमास के समर्थक ईरान ने मंगलवार रात इजरायल पर बड़ा मिसाइल हमला किया। इजरायल के चैनल 13 टीवी समाचार ने बताया कि ईरान की तरफ से कम से कम 200 जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें दागी गईं, जिससे पूरे देश में सायरन बजने लगे और लाखों लोग शेलटर्स की ओर भागे। 'सैनिक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं' गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा है कि जमीन पर मौजूद यूएनआईएफआईएल अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी जारी है और पहले से ज्यादा हो रही है। इस सबके बीच वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। दुजारिक ने बताया कि इजरायली सेना ने यूएनआईएफआईएल को ब्लू लाइन के पास कई जगहों से हटने के लिए कहा था लेकिन ऑपरेशनल और राजनीतिक नजरिए से इसे नहीं माना गयाा। उन्होंने कहा, 'हम वहीं जमे रहेंगे और अपने रुख और शांति सैनिकों की सुरक्षा का हर घंटे के आधार पर आकलन करेंगे।' लेबनान में इजरायल का जमीनी हमला इजरायल ने इस हफ्ते दक्षिणी लेबनान पर जमीनी हमला शुरू किया है। इजरायल ने बुधवार लेबनान में अपने आठ सैनिकों की मौत की भी पुष्टि की। लेबनानी अधिकारियों का कहना है कि बेरूत पर बुधवार रात को हुए भारी इजरायली हवाई हमलों में कम से कम छह लोग मारे गए। इससे पहले इजरायल और हमास के समर्थक ईरान ने मंगलवार रात इजरायल पर बड़ा मिसाइल हमला किया। इजरायल के चैनल 13 टीवी समाचार ने बताया कि ईरान की तरफ से कम से कम 200 जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें दागी गईं। इससे पूरे देश में सायरन बजने लगे और लाखों लोग शेलटर्स की ओर भागे।     recent visitors 63

Kia की धांसू Electric car उतरी ऑटो बाजार में, सिंगल चार्ज में 550 KM से अधिक चलेगी

मुंबई किआ इंडिया अपनी नई इलेक्ट्रिक SUV EV9 को 3 अक्टूबर को लॉन्च करने जा रही है. इस लॉन्च से पहले कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक गाड़ी के सभी फीचर्स और स्पेसिफिकेशन का खुलासा कर दिया है. किआ EV9 को भारत में GT-Line AWD वेरिएंट में पेश किआ जाएगा, जो कंपनी का सबसे टॉप वेरिएंट होगा. किआ EV9 की स्पेसिफिकेशन और पावरट्रेन किआ EV9 में बड़ा 99.8kWh बैटरी पैक दिया जाएगा और यह डुअल इलेक्ट्रिक मोटर्स के साथ आएगी. दोनों मोटर्स मिलकर 384hp की पावर और 700Nm का टॉर्क जनरेट करती हैं. यह पावरट्रेन EV9 को 0 से 100 km/hr की रफ्तार पकड़ने में सिर्फ 5.3 सेकंड लगाता है. इसके अलावा यह SUV एक बार चार्ज करने पर ARAI-सर्टिफाइड 561 किमी की रेंज देगी. किआ EV9 को DC फास्ट चार्जर से 10-80 प्रतिशत चार्ज करने में केवल 24 मिनट लगते हैं. इसका साइज भी काफी बड़ा है. यह एसयूवी 5,015mm लंबी, 1,980mm चौड़ी और 1,780mm ऊंची है और इसका व्हीलबेस 3,100mm का है. किआ EV9 एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV के रूप में भारतीय बाजार में आने के लिए तैयार है, जो न केवल लंबी रेंज बल्कि लग्जरी और सुरक्षा फीचर्स से भी लैस है. किआ EV9 की सीटिंग और इंटीरियर EV9 भारत में 6-सीटर कैपेसिटी के साथ आएगी. इसमें सेकंड-रो के लिए कैप्टन सीट्स भी दी जाएंगी, जो इलेक्ट्रिक एडजस्टमेंट, मसाज फंक्शन और लेग सपोर्ट के साथ होंगी. इसके अलावा EV9 में डुअल इलेक्ट्रिक सनरूफ, डिजिटल IRVM, हेड-अप डिस्प्ले और V2L फीचर सहित कई अन्य प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं. SUV में 12.3-इंच की टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और उतने ही साइज का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर भी होगा. EV9 को व्हाइट एंड ब्लैक और ब्राउन एंड ब्लैक थीम्स के इंटीरियर ऑप्शन में पेश किआ जाएगा. वहीं इस कार के एक्सटीरियर में लोगों को पांच ऑप्शन दिए जा रहे हैं. ये कार स्नो व्हाइट पर्ल, ओशन ब्लू, पेबल ग्रे, पैंथेरा मेटल और ऑरोरा ब्लैक पर्ल कलर में आएगी. इसमें 20-इंच के अलॉय व्हील्स भी स्टैंडर्ड मॉडल में मिलेंगे. किआ EV9 के सेफ्टी फीचर्स सुरक्षा के मामले में EV9 में 10 एयरबैग्स, ABS, ESC, डाउनहिल ब्रेक कंट्रोल, व्हीकल स्टेबिलिटी मैनेजमेंट, ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक्स और 360-डिग्री कैमरा जैसी सुविधाएँ शामिल हैं. इसके अलावा SUV में ADAS लेवल 2 फीचर्स भी होंगे, जिसमें फॉरवार्ड कोलिजन वार्निंग, लेन डिपार्चर वार्निंग, एडप्टिव क्रूज कंट्रोल, हाई बीम असिस्ट और लेन कीप असिस्ट जैसे फीचर्स होंगे. किआ EV9 की क्या होगी कीमत? EV9 को पूरी तरह से विदेश में तैयार करके ही भारत लाया जा सकता है. इस इलेक्ट्रिक कार की एक्स-शोरूम प्राइस 1 करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है, जिससे साथ ही ये मोस्ट एक्सपेंसिव ईवी बन सकती है. इस कार की कोई सीधी राइवल गाड़ी नहीं है, लेकिन यह Mercedes EQE SUV, BMW iX और Audi Q8 e-tron जैसी लग्जरी इलेक्ट्रिक SUVs को टक्कर दे सकती है. recent visitors 65

तेलंगाना में कांग्रेस सरकार वित्तीय संकट की स्थिति में पहुंचनेके करीब : किशन रेड्डी

हैदराबाद केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई के प्रमुख जी किशन रेड्डी ने दावा किया कि कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकारें गहरे वित्तीय संकट में हैं और चुनावी वादों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं जबकि तेलंगाना में भी सरकार के ऐसी ही स्थिति में पहुंचने की आशंका है। रेड्डी ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आश्वासन दिया कि भाजपा उन गरीब लोगों के साथ खड़ी रहेगी जिनके घरों को कथित तौर पर ‘‘मूसी नदी के सौंदर्यीकरण’’ के नाम पर अधिकारियों द्वारा गिराया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार ‘‘आरआर टैक्स’’ के नाम पर व्यापारियों और रियल एस्टेट कंपनियों से पैसा वसूल रही है। भाजपा ‘‘आरआर टैक्स’’ शब्द को ‘‘राहुल गांधी, रेवंत रेड्डी टैक्स’’ संक्षिप्त रूप कहती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने कई गारंटी दी हैं। अब स्थिति यह है कि वह विधायकों और सरकारी कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पा रही है। उसकी हालत बहुत दयनीय है।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक सरकारें वित्तीय संकट से जूझ रही हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। तेलंगाना में भी ऐसी ही स्थिति होने की आशंका है।’’ मूसी रिवरफ्रंट पर जारी सर्वेक्षण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बीआरएस और कांग्रेस पार्टियां एक ही विचारधारा का पालन करती हैं और राज्य सरकार बिना किसी उचित योजना के गरीब लोगों के घरों को गिरा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार वही काम जारी रख रही है जो पिछली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार ने शुरू किया था। तेलंगाना की मंत्री कोंडा सुरेखा की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, कि बीआरएस नेता के टी रामा राव अभिनेता सामंथा रूथ प्रभु और नागा चैतन्य के तलाक के पीछे का कारण थे, रेड्डी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नेता इस तरह की टिप्पणी करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि मीडिया को ऐसे नेताओं को काली सूची में डालना चाहिए और उनका बहिष्कार करना चाहिए जो ऐसी टिप्पणियां करते हैं।     recent visitors 108

आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को रोकने पुलिस नई पहल की शुरुआत करने जा रही

इंदौर आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस नई पहल की शुरुआत करने जा रही है। इसमें गूगल, डॉक्टर और काउंसलर की सहायता ली जाएगी। आयुक्त राकेश गुप्ता ने पिछले तीन वर्षों के आंकड़े निकलवाए हैं। इनके आधार पर इंटेलिजेंस से आत्महत्या करने वालों की उम्र, स्थान, कारण का विश्लेषण करवाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून) अमित सिंह के मुताबिक, इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा शिक्षा केंद्र है। देशभर के छात्र-छात्राएं कालेज और कोचिंग संस्थानों में पढ़ने आते हैं। कई बार पढ़ाई और स्वजन के दबाव में भी बच्चे आत्महत्या कर लेते हैं। पिछली घटनाओं में देखा गया कि कई लोगों ने आत्महत्या के पूर्व गूगल सर्च इंजन से जानकारी जुटाई थी। लिहाजा गूगल से करार किया जाएगा। जब भी कोई व्यक्ति तनाव, आत्महत्या की मंशा व्यक्त करने, स्वयं को नुकसान पहुंचाने और उससे जुड़े फोटो-वीडियो सर्च करेगा, गूगल तुरंत पुलिस को खबर करेगा। साइबर एक्सपर्ट मोबाइल नंबर और फोन के आधार पर उस व्यक्ति तक पहुंच सकेंगे। एडी. सीपी के मुताबिक, पुलिस मनोचिकित्सकों और काउंसलर से भी संपर्क में रहेगी। डॉक्टर से ऐसे लोगों का ब्योरा साझा करेगी, जो लगातार अवसाद में चल रहे हैं, उनके अंदर बार-बार आत्महत्या का भाव आता है। ऐसे लोगों को स्वजन और काउंसलर की मदद से समझाया जाएगा। अकेला छोड़ने पर हुईं घटनाएं एडी. सीपी अमित सिंह के मुताबिक, पिछली कुछ घटनाओं में देखा गया कि अवसाद का उपचार कर रहे कुछ लोगों ने अकेला छोड़ते ही आत्महत्या कर ली। एक युवती का उपचार कर रहे डॉक्टर ने दवाओं के साथ-साथ अकेला न छोड़ने के बारे में भी लिखा था। खरगोन के एक एएसआई ने भी अकेले में आत्महत्या कर ली थी। जबकि वह आत्महत्या के एक मामले की जांच करने गया था। ऐसे में डॉक्टर से अवसाद के मरीजों का डेटा लेकर काउंसलिंग की जाएगी। मेटा से मिलता है साइबर सेल को अलर्ट मेटा (फेसबुक) से पुलिस को अलर्ट मिलता है। जब भी कोई व्यक्ति आत्महत्या करने के बारे में मैसेज, फोटो और वीडियो साझा करता है तो मेटा साइबर सेल को अलर्ट कर देता है। पुलिस अब गूगल की सहायता लेकर घटनाएं रोकेगी। recent visitors 56

सिंग्रामपुर में राजा दलपत शाह की समाधी स्थल एवं रानी दुर्गावती की विशाल प्रतिमा स्थापित

दलपत शाह और रानी दुर्गावती की स्मृतियों को सहेजे है सिंग्रामपुर वीरांगना रानी दुर्गावती भारतीय इतिहास की एक महान शासक थीं सिंग्रामपुर में राजा दलपत शाह की समाधी स्थल एवं रानी दुर्गावती की विशाल प्रतिमा स्थापित "जाने दमोह जिले के सिंग्रामपुर को" भोपाल सिंग्रामपुर, दमोह जिले की तहसील जबेरा अंतर्गत आने वाली एक ग्राम पंचायत है, जिसकी दूरी दमोह मुख्यालय से लगभग 54 कि.मी. एवं जबलपुर जिले से लगभग 51 कि.मी. है, जो गोंड शासक राजा दलपत शाह एवं रानी दुर्गावती की राजधानी रही है। सिंग्रामपुर के समीप ही रानी दुर्गावती का किला है जो सिंगौरगढ़ किले के नाम से प्रसिद्ध है। सिंग्रामपुर में राजा दलपत शाह की समाधी स्थल एवं रानी दुर्गावती की विशाल प्रतिमा स्थापित है। क्षेत्र के पर्यटन स्थल     सिंगौरगढ़ का किला     नज़ारा व्यू प्वांइट     भैंसाघाट स्थित निदान कुंड जल प्रपात     सद्भावना शिखर     वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का महाकौशल एवं आंशिक रूप से बुन्देलखण्ड क्षेत्र तत्कालीन गोंड साम्राज्य के अंतर्गत आता था। वर्तमान में यह क्षेत्र जबलपुर एवं सागर संभाग के अधीन है। इस साम्राज्य के अधीन 52 गढ़ आते थे। इस साम्राज्य में संग्राम शाह, दलपत शाह और रानी दुर्गावती ने सन् 1500 से 1564 तक शासन किया तथा मुगल आक्रमणकारियों से राज्य की रक्षा की। ब्रिटिश साम्राज्य के विरूद्ध इनका संघर्ष उल्लेखनीय रहा है। सिंग्रामपुर कैसे पहुंचे सिंग्रामपुर सड़क मार्ग के माध्यम से सीधा पहुंचा जा सकता है जो दमोह मुख्यालय से 54 कि.मी. एवं जबलपुर से 51 कि.मी. की दूरी पर है। भोपाल राजधानी से नर्मदापुरम होते हुये जबलपुर से सिंग्रामपुर पहुंचा जा सकता है। भोपाल से सागर होते हुये दमोह से सिंग्रामपुर पहुंचा जा सकता है। राजा दलपत शाह राजा दलपत शाह गोंडवाना साम्राज्य के 49वें राजा थे, जो रानी दुर्गावती के पति थे। उन्होंने सिंग्रामपुर के समीप स्थित सिंगौरगढ़ के किले से शासन किया। सिंग्रामपुर के समीप ही इनका समाधी-स्थल मौजूद है। रानी दुर्गावती वीरांगना रानी दुर्गावती भारतीय इतिहास की एक महान शासक थीं, जिन्होंने अपनी मातृभूमि और आत्म-सम्मान की रक्षा के लिये अपने प्राणों का बलिदान दिया। दमोह जिले की तहसील जबेरा के ग्राम सिंग्रामपुर के पास सिंगौरगढ़ का किला स्थापित है। सिंगौरगढ़ के किले पर रानी दुर्गावती का आधिपत्य था। रानी दुर्गावती महोबा के चन्देलवंशीय राजा कीरत सिंह चन्देल की एक मात्र सन्तान थी। रानी दुर्गावती की जयंती 5 अक्टूबर को मनाई जाती है। रानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 को कालिंजर (वर्तमान में जिला बांदा) के किले में हुआ था। गोंडवाना राज्य के राजा संग्रामशाह मड़ावी चंदेल राजकुमारी दुर्गावती से बहुत प्रभावित थे, सन् 1542 में संग्रामशाह ने अपने पुत्र दलपतशाह मड़ावी से दुर्गावती का विवाह कराया। सन् 1545 में रानी दुर्गावती ने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम वीरनारायण रखा। सन् 1950 में राजा दलपतशाह की असामयिक मृत्यु के बाद रानी दुर्गावती ने उल्प-वयस्क राजा की संरक्षिका के रूप में 1564 तक गोंड साम्राज्य की बागडोर सम्भाली। रानी दुर्गावती को मुगल साम्राज्य के खिलाफ अपने राज्य की रक्षा के लिए गर्व से स्मरण किया जाता है। उन्होंने अपने मान-सम्मान, धर्म की रक्षा एवं स्वतंत्रता के लिए युद्ध भूमि को चुना और अनेकों बार शत्रुओं को पराजित करते हुए अपना बलिदान दे दिया। recent visitors 60

Ladli Behna Yojana: लाड़ली बहनों को नवरात्रि पर मिलेगी बड़ी खुशखबरी, तारीख हुई घोषित, आ गया अपडेट!

भोपाल  मध्यप्रदेश में लाड़ली बहनों के लिए फिर खुशखबरी आ रही है। इस बार अक्टूबर में बहुत सारे त्यौहार पड़ रहे है, जिनको लेकर प्रदेश की लाड़ली बहनें काफी उत्साहित है। इसी खुशी को दोगुना करेगी लाड़ली बहना योजना की 17 वीं किस्त।  बता दें कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई एक बड़ी योजना है। इसके तहत हर महीने की 10 तारीख 1.29 करोड़ लाभार्थी बहनों को 1250 रुपए दिए जाते है। लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी। कब आएगी 17 वीं किस्त जानकारी के लिए बता दें कि 17 वीं किस्त दशहरे से पहले आने वाली है। वैसे तो ये किस्त 10 अक्टूबर को जारी की जाएगी। इसके तहत फिर 1.29 करोड़ लाभार्थी बहनों के खाते में 1250 रुपए भेजे जाएंगे। इससे पहले सागर से सीएम मोहन यादव ने 9 सितंबर को 16वीं किस्त के 1574 करोड़ रुपए जारी किए थे। वहीं दूसरी ओर माना ये भी जा रहा है कि इस बार भी नवरात्रि को देखते हुए अक्टूबर में समय से पहले किस्त जारी हो सकती है। इस बारे में सीएम अपने बयान में कई बार कह चुके है कि हर महीने की 10 तारीख को बहनों के बैंक खाते में राशि जमा हो जाएगी और यदि छुट्टी अथवा अन्य किसी कारण से ऐसा संभव नहीं हुआ तो पहले जमा हो जाएगी। इससे पहले सितंबर में 10 की बजाय किस्त 9 सितंबर जारी की गई थी। हालांकि इस बारे में अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लाडली बहना योजना 17 किस्त का पैसा कब आएगा? सभी महिलाओं का इंतजार जल्द समाप्त होने वाला है, क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के बैंक खाते में 17वीं किस्त का पैसा ट्रांसफर किया जाने वाला है। मुख्यमंत्री मोहन यादव जी द्वारा निर्धारित समय पर किस्त का पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है जिसमें 10 अक्टूबर 2024 तक बहनों के बैंक खाते में 1250 रुपए की राशि स्थानांतरित कर दी जाएगी। लाडली बहना योजना 17 किस्त मैं कितना पैसा मिलेगा? लाडली बहनों के लिए लगातार किस्तों में पैसा प्रदान किया जा रहा है। उसी प्रकार आगे आने वाली किस्त में महिलाओं के लिए कितना पैसा मिलेगा यह जानकारी तलाश कर रही महिलाओं के लिए काफी अच्छा मौका प्रदान किया जा रहा है। बता दें मुख्यमंत्री मोहन यादव जी द्वारा बहुत जल्द महिलाओं के लिए ₹1500 प्रतिमाह देने की घोषणा की जाने वाली है। यदि आप भी इस योजना से पंजीकृत महिला है, तो आपके लिए 17वीं किस्त में 1250 रुपए मिलने वाले हैं। लेकिन मोहन यादव जी द्वारा कोई नया अपडेट जारी करते हुए आपकी किस्त में इजाफा किया जा सकता है। लाडली बहना योजना 17वीं किस्त न्यू अपडेट 2024 मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के हित में कई प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान किया गया है और महिलाओं को लाभ दिलाया जा रहा है। यदि आप भी 17वीं किस्त का इंतजार कर रही महिला है तो यहां पर काफी बड़ा अपडेट सामने आया है। अपडेट के मुताबिक बताया जा रहा है कि महिलाओं के लिए किस्त मिलने की डेट से कुछ दिन पहले पैसा दिए जाने की उम्मीद है तो आपके लिए केवल इंतजार करना होगा, कुछ ही दिनों पश्चात आपके बैंक खाते में 1250 रुपए की राशि ट्रांसफर होने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और आपको यह पैसा मिल सकेगा। लाडली बहना योजना तीसरा चरण कब शुरू होगा? मध्य प्रदेश की लाखों महिलाएं लाडली बहन योजना से वंचित है यदि आप पात्र होकर ऐसी योजना से लाभ नहीं ले पा रही है तो आपके लिए काफी अच्छा मौका अक्टूबर 2024 में मिलने की उम्मीद बताई जा रही है। मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव जी द्वारा बहनों के लिए किस्त का पैसा ट्रांसफर किया जाएगा। उसके साथ ही ऐलान किया जा सकता है कि महिलाओं के लिए फिर से आवेदन का मौका मिले और वह सभी महिलाएं जो कि इस योजना से लाभ नहीं ले पा रही है वह लाभ उठा सके। लाडली बहना योजना 17 किस्त 2024 स्थिति कैसे देखें? लाडली बहना योजना के तहत किस्त की स्थिति देखने हेतु आपको दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा, जो कुछ इस प्रकार है:-     सबसे पहले लाडली बहना योजना का पोर्टल खोलें।     होम पेज पर जाएं।     यहां पर आवेदन की स्थिति विकल्प का चयन करें।     समस्त जानकारी जो की मांगी जा रही है वह दर्ज करते हुए सबमिट करें।     सबमिट करते ही समस्त किस्तों का विवरण एवं आने वाली किस्त से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित हो जाएगी। मध्य प्रदेश में बहनों का इंतजार जल्द समाप्त होने वाला है क्योंकि आगे आने वाली किस्त का पैसा महिलाओं के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। यदि आप इस योजना से पंजीकृत महिला है, तो आपके बैंक खाते में जल्द पैसा ट्रांसफर होने वाला है, जिसकी पूरी अपडेट आपके लिए यहां पर दी जा चुकी है अधिक जानकारी आपके लिए नवीनतम खबरों के माध्यम से प्रदान कर दी जाएगी। recent visitors 52

देश में फेफड़ा ट्रांसप्लांट में महिलाओं की संख्या पुरुषों के बराबर, अंग दान करने वालों में 63 प्रतिशत महिलाएं

भोपाल आज से नवरात्र प्रारंभ हो गए हैं। नौ दिन तक अलग-अलग रूप में देवी की शक्ति के रूप में आराधना की जाएगी। ऐसी ही हमारे देश की नारी शक्ति है जो समर्पण का अप्रतिम उदाहरण बन रही है। नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (नोटो) द्वारा जनवरी से दिसंबर, 2023 के बीच देशभर में हुए अंग दान और अंग प्रत्यारोपण के आंकड़े इसका प्रमाण प्रस्तुत कर रहे हैं। कुल किडनी प्रत्यारोपण करवाने वालों में महिलाएं 37 प्रतिशत, लिवर में 30 प्रतिशत, हार्ट में 24 प्रतिशत और पैंक्रियाज में 26 प्रतिशत हैं। फेफड़ा ट्रांसप्लांट में जरूर महिलाओं की संख्या लगभग पुरुषों के बराबर है। बता दें, देश में वर्ष 2013 में 4,990 अंग दान हुए थे जो लगातार बढ़ते हुए 2023 में 18,378 हो गए हैं। दिल्ली सबसे आगे वर्ष 2023 में जीवित व्यक्ति के अंग दान के बाद प्रत्यारोपण के मामले में सबसे आगे दिल्ली रहा। यहां 4,275 अंग प्रत्यारोपित हुए। इसके बाद तमिलनाडु में 1,833, महाराष्ट्र में 1,493, केरल में 1,376 और बंगाल में 1,021 अंग प्रत्यारोपित हुए। ब्रेन डेथ लोगों के अंग दान के मामले में सबसे आगे तेलंगाना है। हालांकि, इनके अंगों के प्रत्यारोपण तमिलनाडु में सर्वाधिक 595 किए गए। इसके बाद क्रमश: तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात हैं। जिन राज्यों में प्रत्यारोपण की सुविधाएं कम हैं वे पिछड़े हैं। मध्य प्रदेश में अब तक कुल 60 ब्रेन डेथ अंग दान हुए हैं। दो तरह से होता है अंग दान ब्रेन स्टेम डेथ अंग दान जब व्यक्ति का ब्रेन काम करना बंद कर देता हैं पर हृदय कुछ देर तक काम करता रहता है। उस अवस्था में छह अंग (हार्ट, लिवर, किडनी, फेफड़ा, पैंक्रियाज और छोटी आंत) दान किए जा सकते हैं। लिविंग अंग दान जब जीवित व्यक्ति अंग दान करता है तो उसे लिविंग अंग दान कहा जाता है। जैसे एक किडनी या फिर लिवर का अंश। महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा भावुक     लिविंग अंग दान में महिलाओं द्वारा पुरुषों से अधिक अंग दान किए जाने की वजह सामाजिक, आर्थिक और भावनात्मक है। आमतौर पर पुरुष कामकाजी होते हैं। ऐसे में परिवार के अधिकतर लोगों की धारणा रहती है यदि महिला की किडनी मिलान हो रही है तो किसी पुरुष की नहीं ली जाए। महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा भावुक होती हैं। वह न केवल सहजता से अंग दान के लिए तैयार होती हैं, बल्कि देने के लिए जिद भी करती हैं। सामाजिक पक्ष यह है कि जब अंग लगाकर उनकी जान बचाने की बात आती है तो कई बार वे खुद किसी स्वजन का अंग लेने से मना कर देती हैं या फिर स्वजन उनके उपचार में कम गंभीरता दिखाते हैं।  – डॉ. राकेश भार्गव, सदस्य, अंगदान राज्य प्राधिकार समिति   recent visitors 98