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लेबनानी विदेश मंत्री का दावा… मरने से पहले युद्धविराम पर सहमत था नसरल्लाह

तेहरान इजरायली हवाई हमले में मारा गया हिजबुल्लाह प्रमुख नसरल्लाह अपनी मौत से पहले इजरायल के साथ युद्धविराम चाहता था। लेबनान के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बौ हबीब ने कहा है कि नसरल्लाह हवाई हमले में मारे जाने के कुछ दिन पहले ही युद्धविराम के लिए मान गए थे। उन्होंने कहा कि अपने युद्धविराम के इस फैसले के बारे में उन्होंने अमेरिकी और फ्रांसीसी प्रतिनिधियों को भी बता दिया था। सीएनएन को दिए अपने इंटरव्यू में हबीब ने कहा कि हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह 21 दिनों के सीजफायर के लिए मान गए थे। लेबनानी संसद के स्पीकर नबीह बेरी ने नसरल्लाह से मुलाकात की थी, जिसमें उन्होंने जंग रोकने के लिए अपनी सहमति जताई थी। इसके बाद बेरी ने अमेरिकी और फ्रांसीसी प्रतिनिधियों को यह जानकारी दी थी कि हिजबुल्लाह युद्धविराम के लिए तैयार है। लेबनानी विदेशमंत्री ने यह दावा किया कि हमें यह सूचना मिली थी कि इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू भी सीजफायर के लिए तैयार हैं, लेकिन बाद में उन्होंने अपना मन बदल लिया और हमारी जमीन पर हमला करना जारी रखा। दरअसल, 27 सितंबर को हुए इस हमले के पहले न्यूयॉर्क में बाइडन और मैक्रों की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद अमेरिका और उसके सहयोगियों ने मिलकर 25 सितंबर को 21 दिनों के सीजफायर को लेकर अपना प्लान रखा था। लेकिन नेतन्याहू ने इस प्लान को खारिज कर दिया और पूरी ताकत के साथ लड़ाई जारी रखने का आदेश दिया, विशेषज्ञों के मुताबिक पेजर और अन्य संचार संसाधनों में हुए विस्फोट के बाद हिजबुल्लाह बैकफुट पर था, नेतन्याहू नहीं चाहते थे कि उसे संभलने का कोई भी मौका दिया जाए। हमले के वक्त अपने दहियाह के खुफिया बंकर में था नसरल्लाह हबीब ने बताया कि हमले के वक्त नसरल्लाह दहियाह के दक्षिणी इलाके में एक बंकर में था उसी वक्त वह इजरायली हवाई हमले का शिकार हो गए। इससे पहले जब हिजबुल्लाह ने नसरल्लाह की मौत की पुष्टि की थी तो उनकी तरफ से यह नहीं बताया गया था कि नसरल्लाह की मौत का कारण क्या है। रॉयटर्स के मुताबिक उसके शरीर पर कोई घाव नहीं था, उसके शरीर को देखकर ऐसा लगता है कि विस्फोट की तीव्रता से अंदरूनी चोट की वजह से उसकी मौत हुई। ईरान के सर्वोच्च नेता ने दी थी लेबनान छोड़ने की सलाह रॉयटर्स ने बुधवार को एक रिपोर्ट में बताया था कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने इजरायली हमले में मारे जाने के कुछ दिन पहले ही नसरल्लाह को लेबनान से भाग जाने की चेतावनी दी थी। पेजर हमलों में हिजबुल्लाह के सदस्यों की मौत के बाद खामेनेई ने एक दूत के साथ नसरल्लाह को ईरान आने के लिए कहा था,जिसमें खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा गया था कि इज़राइल के पास हिजबुल्लाह के भीतर गुर्गे थे और वह उसे मारने की योजना बना रहा था। ईरान के एक अधिकारी ने कहा कि खामेनेई ने दूत के रूप में एक वरिष्ठ ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर, ब्रिगेडियर जनरल अब्बास निलफोरुशान थे, जो बंकर में नसरल्लाह के साथ मारे गए थे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

इराक के लोग नसरल्लाह की याद में अपने बच्चों का नाम भी नसरल्लाह ही रख रहे हैं

 दमिश्क हाल ही में लेबनान में एक इजरायली हवाई हमले में हिजबुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह की मौत के बाद, इराक में नवजात बच्चों के नाम "नसरल्लाह" रखने का एक नया चलन देखने को मिला है। इराक के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश भर में लगभग 100 बच्चों का नाम नसरल्लाह रखा गया है। नसरल्लाह पिछले तीन दशकों से आतंकी संगठन हिजबुल्लाह का नेतृत्व कर रहा था। उसे कई लोगों द्वारा इजरायली और पश्चिमी प्रभाव के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक माना जाता था। उनकी लोकप्रियता इराक में विशेष रूप से देश के अधिकांश शिया समुदाय के बीच मजबूत थी। अब इराक के लोग नसरल्लाह की याद में अपने बच्चों का नाम भी नसरल्लाह ही रख रहे हैं। लोगों का कहना है कि वे ऐसा "प्रतिरोध के शहीद के सम्मान में" कर रहे हैं। नसरल्लाह की हत्या ने इराक में गुस्से की लहर पैदा कर दी, जिसके परिणामस्वरूप बगदाद और अन्य शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने इजरायल की कार्रवाई की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया। इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने नसरल्लाह को "धर्म के मार्ग पर एक शहीद" बताया। हिजबुल्लाह नेता की याद में तीन दिन का राजकीय शोक मनाया गया, जिसमें देश भर में श्रद्धांजलियां आयोजित की गईं। नसरल्लाह का इराक से गहरा संबंध है, जो धार्मिक और राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़ा है। उसका जन्म 1960 में साधारण परिवार में हुआ था, और उसने इराक के नजफ शहर में एक शिया सेमिनरी में इस्लाम की पढ़ाई की थी। यहीं पर उसके राजनीतिक विचारों ने आकार लिया। 1982 में इजरायल के लेबनान में आक्रमण के बाद, हिजबुल्लाह का जन्म हुआ और नसरल्लाह इसमें शामिल हुआ। इस समूह की स्थापना ईरान की क्रांतिकारी गार्ड्स के समर्थन से की गई थी, जो प्रारंभ में इजरायली बलों के खिलाफ एक मिलिशिया के रूप में कार्यरत था। 1992 में अपने पूर्ववर्ती और गुरु अब्बास मुसावी की हत्या के बाद नसरल्लाह ने हिजबुल्लाह का नेतृत्व संभाला। अगले तीन दशकों में, उसने इस समूह को एक क्षेत्रीय शक्ति में बदल दिया, जो सीरिया से यमन तक के संघर्षों पर प्रभाव डाल रहा था और गाजा में फलस्तीनियों को प्रशिक्षण दे रहा था। नसरल्लाह के नेतृत्व में, हिजबुल्लाह की शक्ति ने सैन्य और राजनीतिक दोनों स्तरों पर वृद्धि की। इस संगठन ने हमास जैसे समूहों और इराक और यमन में मिलिशियाओं को मिसाइलें और रॉकेट प्रदान किए, जो इजरायल और उसके सहयोगियों के खिलाफ एक व्यापक "प्रतिरोध का धारा" का हिस्सा थे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 30

WTC Final में भारत को पहुंचने के लिए कम से कम 4 टेस्ट मैच जीतने होंगे और दो टेस्ट ड्रॉ कराने होंगे

नई दिल्ली बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम को मिली जीत के बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्लूटीसी) की अंक तालिका में भारत काफी मजबूत स्थिति में पहुंच गया है। हालांकि डब्लूटीसी के फाइनल में जगह बनाने के लिए रोहित शर्मा एंड कंपनी को अभी कई और जीत की आवश्यकता है। मौजूदा डब्लूटीसी चक्र में 26 टेस्ट मैच शेष हैं और पहले दो स्थान में जगह बनाने की दौड़ काफी रोमांचक होती जा रही है। एक नजर डालते हैं कि अभी तमाम टीमें किस स्थिति में हैं। श्रीलंका- प्रतिशत अंक – 55.56, शेष सीरीज – दक्षिण अफ्रीका (2 टेस्ट, बाहर), ऑस्ट्रेलिया (2 टेस्ट, घर पर) न्यूजीलैंड की टीम को श्रीलंका ने बीती टेस्ट सीरीज में 2-0 से मात दी थी। इस शानदार जीत की वजह से श्रीलंका की टीम को 24 महत्वपूर्ण अंक हासिल हुए हैं। इस कारण से श्रीलंका की टीम भी अब डब्लूटीसी फाइनल में पहुंचने की दावेदार बन गई है। उनके शेष चार टेस्ट मैच उन दो टीमों के विरुद्ध हैं, जो खुद भी डब्लूटीसी फाइनल खेलने की प्रबल दावेदार हैं। अगर श्रीलंका की टीम धीमी ओवर गति के कारण बिना कोई अंक गंवाए चारों मैच जीत लेती है तो उनके पास 69.23 प्रतिशत अंक हो जाएंगे और तब वे अन्य टीमों के नतीजों पर निर्भर नहीं रहेंगे। हालांकि अगर वह एक मैच हार जाते हैं और तीन में उन्हें जीत मिलती है तब ऐसी स्थिति में उनके पास 61.54 प्रतिशत अंक होंगे लेकिन इसके बावजूद उनके फाइनल में पहुंचने की संभावना बनी रहेगी। भारत- प्रतिशत अंक: 74.24, शेष सीरीज : न्यूजीलैंड (3 टेस्ट, घर पर) और ऑस्ट्रेलिया (5 टेस्ट, बाहर) कानपुर में बेहतरीन जीत हासिल करने के बाद भारत अंक तालिका में शीर्ष पर और भी मजबूत हो गया है। शेष सभी मैच जीतने पर उनके 85.09 प्रतिशत अंक हो जाएंगे। हालांकि उनकी कोशिश यही होगी कि वह कम से कम इतने अंक हासिल कर लें कि डब्लूटीसी फाइनल खेलने के लिए उन्हें अन्य नतीजों पर निर्भर न रहना पड़े। इसके लिए उन्हें कम से कम चार टेस्ट मैच जीतने होंगे और दो टेस्ट मैच ड्रॉ (56 अंक) कराने होंगे। जिसकी बदौलत वह 67.54 प्रतिशत अंक तक पहुंच जाएंगे। दक्षिण अफ्रीका अगर अपने शेष सभी छह टेस्ट जीत लेती है तब वह 69.44 अंकों तक पहुंच सकती है। वहीं अगर ऑस्ट्रेलिया चार टेस्ट जीतती है और दो टेस्ट ड्रॉ समाप्त होता है (यह मानते हुए कि वह भारत से एक टेस्ट हारती है, और दो ड्रॉ होता है जबकि अन्य चार टेस्ट जीत लेती है) तब वह 64.04 अंकों तक ही पहुंच सकती है। अगर भारत को 56 से कम अंक हासिल होते हैं तब हो सकता है कि वह शीर्ष दो स्थानों में न रहें। अगर वह चार मैच जीतते हैं और एक मैच ड्रॉ होता है (52 अंक) तब ऐसा संभव है कि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका भारत से आगे निकल जाएं। श्रीलंका भी 67 से अधिक प्रतिशत अंक के साथ अंक तालिका समाप्त कर सकती है लेकिन उन्हें यहां तक पहुंचने के लिए दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत हासिल करनी होगी जो कि भारत के पक्ष में ही काम करेगा। बांग्लादेश- प्रतिशत अंक : 34.38, शेष सीरीज: वेस्टइंडीज (2 टेस्ट, बाहर), दक्षिण अफ्रीका (2 टेस्ट, घर पर) भारत के खिलाफ दो मैच हारने के बाद बांग्लादेश 45.83% प्रतिशत अंक से 34.38 तक पहुंच गई है। अगर वे अपने शेष चार मैच भी जीत लेते हैं तब भी वह 56.25 प्रतिशत अंकों तक ही पहुंच पाएंगे, जो कि शीर्ष दो स्थान तक पहुंचने के लिए काफी नहीं होंगे। न्यूजीलैंड- प्रतिशत अंक : 37.50, शेष सीरीज : भारत (3 टेस्ट, बाहर), इंग्लैंड (3 टेस्ट, घर पर) कागज पर न्यूजीलैंड अभी भी अपने शेष सभी छह मैच जीतकर 64.29 प्रतिशत अंक तक पहुंच सकती है, लेकिन उनका हालिया फॉर्म इस संभावना के सच होने की उम्मीद पैदा नहीं करता। उनके अगले तीन टेस्ट भारत में भारत के खिलाफ हैं, जिसे उसके घर पर हराना किसी भी अन्य मजबूत टीम के लिए मुश्किल रहता है। अगर न्यूजीलैंड शेष छह में से चार मैच जीतती है और दो हार जाती है तब भी उनके खाते में 50 प्रतिशत अंक होंगे। ऑस्ट्रेलिया- प्रतिशत अंक : 62.50, शेष सीरीज : भारत (5 टेस्ट, घर पर), श्रीलंका (2 टेस्ट, घर पर) ऑस्ट्रेलिया अभी 62.5 प्रतिशत अंकों के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर है और अगर वह अपने सभी सात मैच जीत जाती है तब उसके खाते में 76.32 प्रतिशत अंक हो सकते हैं। जिन दो टीमों, भारत और श्रीलंका के खिलाफ उसे दो श्रृंखलाएं खेलनी हैं वे भी फाइनल में पहुंचने के प्रबल दावेदार हैं। पांच जीत उन्हें 65.79 प्रतिशतअंकों तक पहुंचाएगी लेकिन भारत और दक्षिण अफ्रीका तब भी ऑस्ट्रेलिया से आगे जाने की स्थिति में होंगे। भारत के खिलाफ श्रृंखला शुरु होने से चीजें स्पष्ट होने लगेंगी, क्योंकि तब तक भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ घर पर टेस्ट श्रृंखला खेल चुका होगा। दक्षिण- अफ्रीका प्रतिशत अंक : 38.89, शेष सीरीज : श्रीलंका, (2 टेस्ट, घर पर), पाकिस्तान (2 टेस्ट, घर पर), बांग्लादेश (2 टेस्ट, बाहर) अगर दक्षिण अफ्रीका अपने सभी शेष मैच जीत लेता है तब उनके खाते में 69.44 प्रतिशत अंक होंगे जो कि फाइनल में जगह बनाने के लिए काफी होंगे। क्योंकि तब भारत और ऑस्ट्रेलिया में से कोई एक ही इस आंकड़े को पार कर पाएगा। पांच मैच में जीत और एक मैच ड्रा होने पर दक्षिण अफ्रीका के पास 63.89 प्रतिशत अंक होंगे और तब भी वह दावेदार बने रहेंगे। जबकि पांच में जीत और एक में हार नसीब होने पर उनके खाते में 61.11 प्रतिशतअंक होंगे, उनकी दावेदारी तब भी बनी रहेगी लेकिन ऐसी स्थिति में उन्हें अन्य नतीजों पर अधिक रहना पड़ेगा। इंग्लैंड- प्रतिशत अंक : 42.19, शेष सीरीज : पाकिस्तान (3 टेस्ट, बाहर), न्यूजीलैंड (3 टेस्ट, बाहर) श्रीलंका के खिलाफ अंतिम टेस्ट में इंग्लैंड की हार ने यह तय कर दिया है कि वह इस चक्र में 60 प्रतिशत अंकों से आगे नहीं जा सकते। अपने शेष सभी छह टेस्ट जीतकर वह 57.95 अंकों तक ही पहुंच सकते हैं। ऐसी स्थिति में भी उन्हें अन्य नतीजों पर निर्भर रहना होगा। पाकिस्तान- प्रतिशत अंक : 19.05, शेष सीरीज : इंग्लैंड … Read more

शेयर बाजार में कल से बेहतर हालात, खुलते ही 300 अंकों की गिरावट, इन स्टॉक्स पर नजर रखने से बनेगी बात

मुंबई   शेयर बाजार (Stock Market) में कल बड़ी गिरावट आई थी और आज सप्ताह का आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 'Black Friday' नजर आ रहा है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) गुरुवार को 1769 अंक फिसला था और आज भी ये 200 अंक से ज्यादा टूटकर ओपन हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने भी 80 अंक की कमी के साथ कारोबार शुरू किया. गौरतलब है ईरान और इजरायल के बीच जंग के चलते मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है और इसका असर दुनियाभर के बाजारों के साथ ही भारतीय शेयर मार्केट पर भी दिख रहा है. BPCL से लेकर Bajaj Finance जैसी कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही धड़ाम हो गए. खुलते ही 300 अंक फिसला सेंसेक्स शुक्रवार को शेयर मार्केट (Share Market) में कारोबार फिर से लाल निशान पर शुरू हुआ. अपने पिछले बंद 82,497.10 की तुलना में 200 अंक से ज्यादा की गिरावट लेते हुए BSE Sensex 82,244.25 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में ये 389.58 अंक फिसलकर 82,107.06 के लेवल पर आ गया. NSE Nifty ने भी कमजोर शुरुआत की और अपने पिछले बंद 25,250.10 की तुलना में गिरकर 25,281.90 पर कारोबार शुरू किया और अचानक 111 अंक से ज्यादा टूटकर 25,138.70 के लेवल पर पहुंच गया.   गुरुवार को ये थे बाजार के हालात बीते कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर बाजार ने बड़ी गिरावट देखी थी. ईरान और इजरायल के बीच जंग (Iran-Israel War) के हालातों के बीच मिडिल ईस्ट के तनाव का असर साफ देखने को मिला था. BSE Sensex ने 995 अंक टूटकर 83,270 के लेवल पर कारोबार शुरू किया था और मार्केट बंद होने तक टूटता ही चला गया था. अंत में सेंसेक्स 1769.19 अंक या 2.10 फीसदी की गिरावट लेकर 82,497.10 के लेवल पर क्लोज हुआ था. सेंसेक्स में इस कदर गिरावट का असर बीएसई के मार्केट कैप पर भी दिखाई दिया और ये 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा टूट गया. इन शेयरों में खुलते ही बड़ी गिरावट शुक्रवार को शेयर बाजार की खराब शुरुआत के बीच जिन बड़ी कंपनियों के शेयरों में शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट देखने को मिली. उनमें BPCL Share 4.12% की गिरावट के साथ 334.25 रुपये पर आ गया. Bajaj Finance Share 3.02% टूटकर 7209 रुपये पर, जबकि Trent Share 2.72% गिरकर 7280 रुपये पर आ गया. इसके अलावा Asian Paint और HeroMoto Corp Share 2-2 फीसदी से ज्यादा फिसला.   मिडकैप-स्मालकैप में ये शेयर बिखरे बात करें BSE मिडकैप की तो इसमें शामिल M&M Finance Share 4.73% की गिरावट के साथ 306.90 रुपये पर आ गया. Phoenix Share 5.38% फिसलकर 1565.60 रुपये पर, जबकि RVNL Share 3.14% गिरकर 493 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा Prestige Share 3% फिसलकर 1702.35 रुपये पर आ गया था. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 36