जंगली जानवरों के आतंक के बीच भालू को देखने के लिए रात को घरों से बाहर घूम रहें लोग

मनेन्द्रगढ़ एमसीबी-मनेन्द्रगढ जिले में इन दिनों जंगली जानवरों का आतंक बना हुआ है। भालू लगातार रिहायसी इलाको में पहुंच कर हिंसक होते जा रहे हैं तथा जंगल में गयें हुए लोगो को शिकार कर भालू आदमखोर बनता जा रहा है जो कि वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। रिहायसी इलाको में पहुंच लोगों पर हमले कर रहा है। बीते कुछ दिनों में औरत,मर्द एवं बच्चों सहित अन्य पर भालू ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर व जान से मार दिया है। वहीं जिला मुख्यालय से सटे ग्रामों में एक साथ कई भालू नजर आने के बाद आसपास के ग्रामीण दहशत में है तो वही दूसरी ओर जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ शहर वार्ड नम्बर 4. ईसाई कब्रिस्तान के पास कचरा घर बगल से कुछ वहां के स्थानीय लोग रात के वक्त मनोरंजन समझ जंगली खूंखार भालू देखने इस इलाके में घूमकर अपनी जान जोखिम में डाल रहें हैं। लोगों की यह लापरवाही किसी बड़ी घटना का कारण ना बन जाए, इसलिए रात के वक्त उक्त पहाड़ी व आसपास के ग्रामीण इलाके में मार्ग से गुजरने वाले लोगों को समझाइश दी जा रही है। ताकि कोई अप्रिय घटना ना हो लोगों को सतर्क रहने की समझाइश दी जा रही हैं। ताकि लोग इस रास्ते से रात के वक्त या अन्य समय में गुजरते वक्त सावधानी बरतें।   recent visitors 90

शहडोल में विरोध जताते कांग्रेसियों ने निकाली मशाल रैली, पुलिस ने पानी डालकर बुझाई

शहडोल मध्यप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार एवं अपराधों के खिलाफ युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम के नेतृत्व में मशाल जुलूस जिला कांग्रेस भवन से शहर में निकाला जा रहा था। जैसे ही पुलिस को इसकी भनक लगी तो पुलिस वहां पहुंच गई और एक एक करके कांग्रेसियों के हाथ में मौजूद जलती हुईं मशाल को बल पूर्वक छुड़ाकर बुझानी शुरू कर दी। पुलिस ने पानी की बौछार से भी मशालों को बुझाने का प्रयास किया। जिसका युवक कांग्रेस ने विरोध भी किया। उनका कहना था कि प्रदेश में महिला और बच्चियों के साथ आए दिन दुराचार व ह्त्या की घटनाएं सामने आ रही हैँ, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार इस पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है। सरकार की इस नाकामी के खिलाफ ज़ब हम लोग लोकतात्रिक तरीके से शान्ति पूर्वक विरोध प्रदर्शन करने जा रहें हैं, तो सरकार के इशारे पर पुलिस हमारे संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है, जो कि अति निंदनीय है। हर किसी को लोकतंत्र मे शान्ति पूर्वक विरोध प्रदर्शन करने का हक़ है, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार पुलिस का सहारा लेकर हमारी आवाज को दबाना चाह रही है। उक्त कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नरेंद्र मरावी, राजेश सोंधिया, सुफियान खान, अभिषेक शुक्ला सहित भारी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। recent visitors 47

आक्रामक बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव आईपीएल में भी करना चाहते हैं कप्तानी

ग्वालियर. भारतीय क्रिकेट टीम के आक्रामक बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव आने वाले समय में आईपीएल में भी कप्तानी करना चाहते हैं। अभी सूर्या भारतीय टी20 टीम के कप्तान हैं। ऐसे में उनकी फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस उन्हें हर हाल में बरकरार रखना चाहेगी। आईपीएल के लिए निलामी दिसंबर में होगी। अब देखना है कि मुम्बई उन्हें कप्तानी को अवसर देगी या नहीं। मुम्बई ने पिछले सत्र में हार्दिक पंडया को कप्तान बनाया पर उनका और टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। पिछले आईपीएल के बाद से सूर्यकुमार सबकी नजरों में हैं। ऐस में मुंबई इंडियंस उन्हें कोई अहम भूमिका देना चाहेगी सूर्यकुमार ने कहा कि मैं किसी भी नई भूमिका के लिए तैयार रहूंगा। सूर्या ने श्रीलंका के खिलाफ कप्तानी करने से पहले ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुई सीरीज में भी कप्तानी की थी। वहीं सूर्यकुमार ने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में युवाओं का अवसर मिला है। ऐसे में इन खिलाड़ियों के पास अपने को साबित करने का अच्छ अवसर मिलेगा। recent visitors 62

सहवाग के जोखिम भरे शॉट को लेकर भडक गए थे जॉन राइट

नई दिल्ली आक्रामक बल्लेबाजी शैली और जोखिम लेने की प्रवृत्ति पूर्व भारतीय ओपनर वीरेंद्र सहवाग हमेशा चर्चा का विषय बनाती रही है। एक बार तो सहवाग के कोच जॉन राइट इतना नाराज हो गए कि उन्होंने सहवाग को मुक्का मार दिया। यह घटना उस समय की है जब सचिन तेंदुलकर भी ड्रेसिंग रूम में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। सौरव गांगुली ने इस बारे में एक किस्सा साझा किया है, जिसमें बताया गया कि कैसे सहवाग ने एक मैच में अपने जोखिम भरे शॉट के कारण कोच को भड़काया। गांगुली ने कहा, “मुझे याद है कि यह श्रीलंका के खिलाफ एजबेस्टर में हुआ था। उस समय हमारा लक्ष्य 210 रन का था। सहवाग ने अपनी धुआंधार बल्लेबाजी से हमें जीत दिलाई। मैच के बाद, जब मैं ड्रेसिंग रूम में गया, तो माहौल काफी गंभीर था।”गांगुली ने अनिल कुंबले से पूछा कि ऐसा क्यों हुआ, तो कुंबले ने बताया कि जॉन राइट ने सहवाग को कोने में घसीटकर मुक्का मारा। राइट ने सहवाग से कहा, “अब तुम भारत के लिए दोबारा नहीं खेलोगे, क्योंकि उस शॉट के कारण हम हार सकते थे।” गांगुली ने जॉन से पूछा कि क्या सहवाग ने पलटकर कोई प्रतिक्रिया दी, तो राइट ने कहा कि सहवाग ने ऐसा नहीं किया। जब गांगुली ने सहवाग से बात की, तो उन्होंने इसे हल्के में लिया और कहा, “जाने दो, ऐसा होता रहता है। मैंने एक खराब शॉट खेला।” इसके बाद, गांगुली ने सचिन से इस बारे में पूछा, तो सचिन ने कहा कि वह उस समय चाय का आनंद ले रहे थे और स्थिति को देखकर कुछ नहीं बोले। यह घटना सहवाग के खेल के प्रति उनकी साहसिकता और टीम के माहौल को दर्शाती है। बता दें कि सहवाग के आक्रामक खेल के कारण उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। वह पहले गेंद से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने में माहिर थे।   recent visitors 70

जमशेदपुर एफसी ने ईस्ट बंगाल, मोहन बागान ने मोहम्मडन स्पोर्टिंग को हराया

जमशेदपुर/कोलकाता. जमशेदपुर एफसी ने इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) मैच में शनिवार को यहां ईस्ट बंगाल को 2-0 से जबकि मोहन बागान सुपरजायंट्स ने सत्र के पहले कोलकाता डर्बी में मोहम्मडन स्पोर्टिंग को 3-0 से शिकस्त दी। जमशेदपुर एफसी की टीम ने जापान के मिडफील्डर रे ताचिकावा के 21वें मिनट में किये गये गोल से बढ़त हासिल की जबकि लाल चुंगनुंगा के आत्मघाती गोल से मैच के 70वें मिनट में टीम की बढ़त दोगुनी हो गयी। ईस्ट बंगाल एफसी 64वें मिनट में पेनल्टी किक को भुना नहीं पाई। साउल क्रेस्पो के कमजोर राइट फुटर शॉट को जमशेदपुर के गोलकीपर एल्विरो गोम्स ने अपने दाहिनी तरफ डाइव लगाकर आराम से रोक दिया। गोम्स को पेनल्टी किक समेत कई शानदार बचाव करने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया। दिन के दूसरे मैच में पूरी तरह से मोहन बागान का दबदबा रहा। कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में खेले गये मैच में मोहन बागान की जीत में ऑस्ट्रेलियाई मिडफील्डर जैमी मैक्लेरेन ने आठवें, कप्तान सुभाशीष बोस ने 31वें और स्कॉटलैंड के मिडफील्डर ग्रेग स्टीवर्ट 36वें मिनट में गोल किए। कप्तान सुभाशीष को एक गोल करने और डिफेंस में मजबूती दिखाने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया। recent visitors 74

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत बोले – नवरात्रि का भौतिक,आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व

जोधपुर. केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के मुताबिक नवरात्रि एक महत्वपूर्ण पर्व है जिसे सनातन धर्म में बड़ी सहजता से परिभाषित किया है। मंत्री इन दिनों अपने गृहनगर जोधपुर के दौरे पर हैं। वो यहां से सांसद भी हैं। अपने इस दौरे के दौरान रविवार को वह जोधपुर के सर्किट हाउस में जनसुनवाई के लिए पहुंचे। जनसुनवाई में मंत्री शेखावत ने दूर-दराज से आए ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यान से सुना। गजेंद्र सिंह शेखावत ने ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए ताकि समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके। ग्रामीणों ने अपने-अपने मुद्दों को खुलकर मंत्री के सामने रखा। जनसुनवाई के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि नवरात्रि का पर्व हमारे लिए विशेष महत्व रखता है। यह भारतीय सनातन समय परंपरा का हिस्सा है, जो साल में रितु संक्रमण के काल के समय में मनाया जाता है। यह पर्व 9 दिनों तक चलता है, जब एक ऋतु से दूसरी ऋतु में परिवर्तन होता है।” उन्होंने कहा, “नवरात्रि भारतीय सनातन सभ्यता की परंपरा में ऋतु संक्रमण के काल के दौरान मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह नौ दिन तक चलता है, जब ऋतुएं बदल रही होती हैं। इस पर्व का भौतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व जुड़ा हुआ है, और इस दृष्टिकोण से यह निश्चित रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। भौतिक दृष्टिकोण से, जब ऋतु का परिवर्तन हो रहा है, तो हमें अपने आहार और दिनचर्या में भी बदलाव लाने की आवश्यकता होती है। इसके लिए संक्रमण के इस काल में व्रत और उपवास की व्यवस्था हमारे ऋषियों ने स्थापित की है।” शेखावत ने आगे कहा कि अगर हम आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखें, तो इस नौ दिन के समय में साधना का विशेष महत्व है, जिसे हमारे ऋषियों ने स्थापित किया। सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी, विभिन्न प्रांतों में इस पर्व को उल्लास के साथ मनाया जाता है। मारवाड़ में भी नवरात्रि का विशेष महत्व है। मैं सभी मारवाड़ वासियों और जोधपुर के निवासियों को नवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहता हूं।” recent visitors 88

स्मार्टफोन की स्क्रीन पर टेंपर्ड ग्लास आपका फ़ोन कर सकता है ख़राब

नया फोन खरीदते ही ज्यादातर लोग उस पर टेंपर्ड लगवा लेते हैं ताकि फोन की स्क्रीन को प्रोटेक्ट किया जा सके. लेकिन ऐसे लोगों की संख्या बहुत कम है जो ये जानते हैं कि स्क्रीन गार्ड मोबाइल को नुकसान पहुंचाता है. इससे न सिर्फ कॉलिंग में परेशानी आती है बल्कि यूजर्स को ये अहसास होने लगता है कि उनका फोन खराब हो गया है. आज हम आपको बताएंगे कि ऐसा क्यों होता है और इससे छुटकारा कैसे पाया जा सकता है. दरअसल, नए स्मार्टफोन्स में मॉडर्न टच डिस्प्ले दिया जा रहा है, जिसके नीचे की तरफ Ambient Light सेंसर और Proximity सेंसर मौजूद होते हैं. लेकिन जब हम अपने फोन पर स्क्रीनगार्ड लगा लेते हैं तो ये सेंसर ब्लॉक हो जाते हैं और काम करना बंद कर देते हैं. इस कारण फोन कॉल के दौरान स्क्रीन लाइट परेशान करने लगती है, और बात करते करते आपके फोन में कोई दूसरी ऐप खुल जाती है. इसके अलावा ऑन-स्क्रीन फिंगरप्रिंट होने पर स्मार्टफोन अनलॉक करने में दिक्कत आने लगती है. फोन देर में अनलॉक होता है. अब कुछ लोगों के मन में सवाल उठ रहा होगा कि ऐसी स्थिति में क्या करें जिससे फोन के सेंसर भी ब्लॉक न हों और डिस्प्ले भी प्रोटेक्टेड रहे? तो जान लीजिए कि ये दिक्कत ज्यादातर उन स्मार्टफोन्स में आती है जिस पर हल्की क्वालिटी का स्क्रीनगार्ड लगा होता है. भारत में इसकी संख्या काफी ज्यादा है. इसलिए एक्सपर्ट्स हमेशा ही एक अच्छी कंपनी का प्रोटेक्टर इस्तेमाल करने के सलाह देते हैं. अब आप जब भी फोन खरीदें तो उसी कंपनी का स्क्रीन प्रोटेक्टर भी खरीद लें. ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनियों को पता होता है कि उन्होंने सेंसर कहां लगाया है. इसे ध्यान में रखकर ही कंपनियां प्रोटेक्टर बनाती हैं. जब आप धूप में जाते हैं तो रोशनी के मुताबिक आपके स्मार्टफोन की स्क्रीन लाइट ऑटेमैटिक एडजस्ट हो जाती है. ऐसा Ambient Light सेंसर के कारण होता है. वहीं, अगर फोन किसी कम रोशनी वाली जगह है कि तो अपने आप फोन की लाइट कम हो जाती है. Proximity Mobile सेंसर की बात करें तो जब भी आप फोन को अपने कान के पास लेकर जाते हैं तो उसकी लाइट बंद हो जाती है. यह आपने नोटिस जरूर किया होगा लेकिन आपको यह पता नहीं होगा कि ऐसा क्यों होता है. यह इसी सेंसर के चलते होता है. recent visitors 72