आरएसएस प्रमुख ने कहा- ‘भारत एक हिंदू राष्ट्र, हमें अपनी सुरक्षा के लिए एकजुट होना होगा’

नई दिल्ली भारत को हिंदू राष्ट्र बताते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भाषाई, जातीय और क्षेत्रीय विवादों को मिटाकर हिंदू समाज को अपनी सुरक्षा के लिए एकजुट होना होगा। भागवत ने राजस्थान के बारां में ‘स्वयंसेवक एकत्रीकरण' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम यहां प्राचीन काल से रह रहे हैं, भले ही हिंदू शब्द बाद में आया। हिंदू सभी को गले लगाते हैं। वे निरंतर संवाद के माध्यम से समरसता के साथ रहते हैं।'' हमें अपनी सुरक्षा के लिए एकजुट होना होगा उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को भाषा, जाति और क्षेत्रीय विवादों को दूर कर अपनी सुरक्षा के लिए एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘आचरण में अनुशासन, राज्य के प्रति कर्तव्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण आवश्यक गुण हैं। एक समाज केवल व्यक्तियों और उनके परिवारों से नहीं बनता है, बल्कि उन व्यापक चिंताओं पर विचार करने से बनता है जिनके माध्यम से कोई आध्यात्मिक संतुष्टि प्राप्त कर सकता है।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘आरएसएस की कार्यप्रणाली यात्रिक नहीं बल्कि विचारों पर आधारित है। यह एक अद्वितीय संगठन है जिसके मूल्य समूह के नेताओं से लेकर स्वयंसेवकों, उनके परिवारों और बड़े पैमाने पर समाज से मिलते हैं।'' स्वयंसेवकों से समुदायों के भीतर व्यापक संपर्क बनाए रखने का अनुरोध करते हुए भागवत ने कहा कि समाज को सशक्त बनाकर सामुदायिक कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाना चाहिए। स्वयंसेवकों को हमेशा सक्रिय रहना चाहिए भागवत ने कहा, ‘‘सामाजिक समरसता, न्याय, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वावलंबन पर ध्यान केंद्रित होना चाहिए। स्वयंसेवकों को हमेशा सक्रिय रहना चाहिए और परिवारों के भीतर सौहार्द, पर्यावरण जागरूकता, स्वदेशी मूल्यों और नागरिक चेतना को बढ़ावा देना चाहिए, जो किसी समाज के बुनियादी घटक हैं।'' उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक साख और प्रतिष्ठा का श्रेय इसकी ताकत को जाता है और इसके प्रवासियों की सुरक्षा तभी सुनिश्चित होती है जब उनका राष्ट्र मजबूत बने। कुल 3,827 आरएसएस स्वयंसेवकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इसमें आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी रमेश अग्रवाल, जगदीश सिंह राणा, रमेश चंद मेहता और वैद्य राधेश्याम गर्ग भी शामिल हुए।   recent visitors 67

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने छापों के दौरान पुलिस ने 10 करोड़ रुपये की कोकीन और एक फॉर्च्यूनर कार जब्त की

नई दिल्ली दिल्ली में 5,600 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामदगी के मामले में जब तार पंजाब से जुड़े, तो दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पंजाब में छापे मारे।इन छापों के दौरान पुलिस ने 10 करोड़ रुपये की कोकीन और एक फॉर्च्यूनर कार जब्त की। यह कार्रवाई अमृतसर के नेपाल गांव में की गई थी, जहां से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई थी। स्पेशल सेल ने अमृतसर एयरपोर्ट से जितेंद्र उर्फ जस्सी को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर ही 10 करोड़ रुपये की कोकीन बरामद की गई। दुबई से संबंध दिल्ली में पकड़े गए ड्रग्स के मामले में दुबई का भी हाथ है। भारतीय नागरिक वीरेंद्र बसोया, जो दुबई में मौजूद है, इस इंटरनेशनल सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने उसके और उसके बेटे के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। बता दें कि वीरेंद्र बसोया ड्रग्स के मामले में पहले भी भारत में गिरफ्तार हो चुका है। जमानत मिलने के बाद वह दुबई चला गया और वहां इंटरनेशनल ड्रग्स कार्टेल का बड़ा माफिया बन गया। स्पेशल सेल की जांच में यह भी सामने आया है कि ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टरमाइंड तुषार गोयल और वीरेंद्र बसोया पुराने दोस्त हैं। दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई दिल्ली पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स खेप पकड़ी है, जिसमें 560 किलो से ज्यादा कोकीन और 40 किलो हाइड्रोपोनिक मारिजुआना शामिल है। इन ड्रग्स की अनुमानित कीमत करीब 5,620 करोड़ रुपये बताई गई है, जो इसे एक बेहद गंभीर मामला बनाती है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तुषार गोयल, हिमांशु कुमार, औरंगजेब सिद्दीकी और मुंबई निवासी भरत कुमार जैन शामिल हैं। यह मामला ड्रग्स के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की गंभीरता को उजागर करता है और पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराता है। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश में ड्रग्स के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है।   recent visitors 66

‘स्त्री 2’ फिल्म के मशहूर कोरियोग्राफर जानी मास्टर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे, उनका नेशनल अवॉर्ड हुआ रद्द

मुंबई 'स्त्री 2' फिल्म के मशहूर कोरियोग्राफर जानी मास्टर उर्फ शेख जानी बाशा पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद जानी मास्टर ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में शामिल होने के लिए जमानत अर्जी दायर की थी और इस पर कोर्ट ने उन्हें 5 दिनों की राहत भी दे दी थी। लेकिन अब अंतरिम जमानत मिलने के बाद कोरियोग्राफर का नेशनल अवॉर्ड रद्द हो गया है। दरअसल, जानी मास्टर को धनुष की फिल्म त्रिरुचित्रांबलम के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट कोरियोग्राफर का अवॉर्ड मिलना था, लेकिन हाल ही में यह सूचना जारी की गई है कि नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेल (NFA Cell) ने जानी मास्टर पर लगे पॉस्को एक्ट की वजह से उनका नेशनल अवॉर्ड रद्द कर दिया है। जारी किए गए अधिकारिक नोट में लिखा है- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रकोष्ठ की ओर से 21/8/2024 और 12/9/2024 को वर्ष 2022 के राष्ट्रीय फिल्म पुस्कार समारोह में भाग लेने के लिए शेख जानी बाशा को निमंत्रण पत्र भेजा गया था। जिसे पोस्को एक्ट के तहत अपराध सामने आने पर पहले इसे बढ़ा दिया गया था। लेकिन न्यायालय के गंभीर जांच के बाद और इन गंभीर आरोपों को मद्देनजर रखते हुए शेख जानी बाशा के अवॉर्ड जो त्रिरुचित्रांबलम के लिए दिया जा रहा था उसे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अगले आदेश तक रद्द करने का निर्णय लेता है। 8 अक्टूबर को नई दिल्ली में विज्ञान भवन में होने वाले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के लिए शेख जानी बाशा को दिया गया निमंत्रण वापस लिया जाता है। महिला ने लगाया था आरोप महिला ने पुलिस में दी एक शिकायत में आरोप लगाया था कि जानी मास्टर ने काम के सिलसिले में 2020 में की गई मुंबई की यात्रा के दौरान उसका यौन उत्पीड़न किया था और बाद में भी उसका यौन शोषण किया। शिकायत के अनुसार, महिला को जानी मास्टर ने इस बारे में किसी को भी बताने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी थी। नरसिंगी पुलिस थाने में, 15 सितंबर को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एन), 506, 323 के तहत एक मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि महिला के बयान दर्ज कराने के दौरान यह खुलासा हुआ कि कथित घटना के वक्त वह नाबालिग थी।   recent visitors 68

राज कपूर ने अमिताभ बच्चन को आईसीयू में शैंपेन की बोतल के साथ किया था विजिट: जानें पूरी कहानी

साल 1982 में आई फिल्म 'कुली' के सेट पर हुए हादसे को कौन भूल सकता है? अमिताभ बच्चन के पेट में एक फाइट सीन के दौरान पुनित इस्सर का घूंसा इस कदर लगा कि गहरी चोट लग गई थी। उनकी जान पर बन आई थी। देश पूरा अमिताभ बच्चन की जान के लिए दुआ कर रही थी। अमिताभ जब संगीतकारों में भर्ती थे, तो 'शोमैन' राज कपूर से भी मुलाकात हुई थी। परन्तु क्या तुम जानते हो कि वह शैंपेन के साथ भी गया था? राज कपूर एक ऐसे इंसान थे, जो इस बात की पूरी कोशिश करते थे कि फिर से उनके आस-पास के लोग खाना एन्जॉय करें, अच्छा-पीना अच्छा, गति बढ़ाना कैसा भी हो। ऋतु नंदा की लिखी किताब 'द वन एंड ओनली शोमैन' में फिर अमिताभ बच्चन ने इस वाकये का जिक्र किया था, जो अब एक बार चर्चा में है। डूबे हुए भाई की फिल्म 'कुली' के सेट पर एक स्टंट के दौरान अमिताभ गंभीर रूप से घायल हो गए थे। फिल्म में राज के बेटे ऋषि कपूर भी थे, जो अमिताभ के घायल होने के दौरान सेट पर मौजूद थे। आईसीयू में थे अमिताभ बच्चन, शैंपेन लेकर पहुंचे राज कपूर क्रांति के बाद अमिताभ बच्चन को एयर एम्बुलेंस से मुंबई ले जाया गया। जब अमिताभ ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में थे, और ठीक हो रहे थे, तो राज कपूर एक शैंपेन लेकर वहां पहुंचे थे। अमिताभ ने बताया था क्या हुआ था किताब में अमिताभ ने बताया था कि 'साल 1982 में जब मैं 'कुली' के सेट पर घायल हो गया था, और ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा था, तो वह एक थे। 'सुबह शैंपेन की बोतल हाथ में लेकर सांझ में चले आए।' अमिताभ बच्चन से ये बोले थे राज कपूर अमिताभ ने आगे कहा था, 'वह मेरे पास बैठ गया और कहा, 'जल्दी करो' उठो और बाहर निकलो, हमें नई जिंदगी के लिए इस बोतल को तोड़ना है और एक नई शुरुआत करनी है। ' recent visitors 92

केजरीवाल का जनता की अदालत से BJP पर हमला, कहा- ‘हरियाणा और जम्मू-कश्मीर से डबल इंजन सरकार खत्म होने वाली है’

नई दिल्ली आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी की "डबल इंजन सरकार" का नतीजा केवल "महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार" है। AAP की जनता की अदालत में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भाजपा की अगुआई वाली डबल इंजन सरकार खत्म होने वाली है। डबल इंजन की अवधारणा पूरे देश में विफल हो गई है। जून में एक इंजन तब टूट गया था जब उन्हें सिर्फ़ 240 सीटें मिलीं थीं और अब दूसरा इंजन हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और झारखंड में विफल हो जाएगा।" उन्होंने आगे कहा कि लोगों को अब एहसास हो गया है कि "डबल इंजन" महंगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार का पर्याय है। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे दिल्ली चुनाव नजदीक आएंगे, वे एक बार फिर डबल इंजन वाली सरकार की मांग करेंगे। लेकिन आपको उनसे पूछना चाहिए कि क्या हरियाणा में डबल इंजन वाली सरकार ने कुछ हासिल किया? उन्होंने 10 साल तक शासन किया, फिर भी मैंने अपने अभियान के दौरान देखा कि लोग भाजपा नेताओं को अपने गांवों में प्रवेश तक नहीं करना चाहते हैं।" केजरीवाल ने UP में भाजपा के शासन की आलोचना करते हुए कहा, "उत्तर प्रदेश में सात साल से उनकी डबल इंजन वाली सरकार है, फिर भी हाल के चुनावों में उन्हें केवल आधी सीटें ही मिलीं। मणिपुर में, उनके शासन में दो साल से राज्य जल रहा है। देश इस डबल इंजन वाली व्यवस्था से ऊब चुका है – यह केवल लूट और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है।" भाजपा के चुनावी वादों पर सीधा प्रहार करते हुए केजरीवाल ने मतदाताओं से पार्टी के दावों को चुनौती देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ''वे आपके घर आएंगे और जो कुछ मैंने किया, वही सब करने का वादा करेंगे। लेकिन अगर ऐसा है, तो हमें उनकी क्या ज़रूरत है? उन्होंने 22 राज्यों पर शासन किया है, फिर भी हमने दिल्ली में शिक्षा को बदल दिया है। उनसे पूछिए, उन्होंने किस राज्य में स्कूलों में सुधार किया है? गुजरात में, जहाँ भाजपा एक दशक से अधिक समय से सत्ता में है, एक भी स्कूल अच्छी स्थिति में नहीं है।" दिल्ली में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए केजरीवाल ने इसकी तुलना 1990 के दशक में बॉम्बे की अराजकता से की। उन्होंने कहा, "दिल्ली में अपराध आसमान छू रहे हैं। लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डरते हैं। आम आदमी के लिए इस शहर में सुरक्षित रहना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।" महिलाओं की सुरक्षा पर बोलते हुए केजरीवाल ने आप सरकार के तहत बस मार्शलों की फिर से नियुक्ति को याद किया। उन्होंने कहा, "बस मार्शलों की नियुक्ति के बाद से कई महिलाओं ने महसूस किया है कि वे सार्वजनिक परिवहन में अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। अगर कोई दुर्व्यवहार करता है, तो महिलाएं अब अपनी आवाज उठा सकती हैं और मार्शल तुरंत हस्तक्षेप करते हैं, अपराधी को पकड़ते हैं और उसे पुलिस के हवाले कर देते हैं।"   recent visitors 68

मामला दर्ज करने में डिले होने पर परिजनों ने चक्काजाम, एडिशनल डीसीपी का अजीबोगरीब बयान

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में देर रात हादसा हो गया। जहां डंपर ने एक युवक को कुचल दिया। इस घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मामला दर्ज करने में डिले होने पर परिजनों ने चक्काजाम कर दिया। वहीं इस मामले में एडिशनल डीसीपी का अजीबोगरीब बयान सामने आया हैं। उन्होंने कहा कि FIR में एक-दो घंटा लेट होने से कुछ नहीं होता है। दरअसल, शनिवार की देर रात भोपाल में डंपर ने युवक को कुचल दिया। इस हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस ने डंपर को जब्त कर चालाक को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन मामला दर्ज करने में देरी को लेकर परिजनों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। रविवार को अयोध्या नगर बाईपास का रास्ता रोककर चक्काजाम कर दिया। मामला दर्ज होने के बाद लोगों ने रास्ता खोला। वहीं इस मामले में एडिशनल डीसीपी महावीर मुजाल्दे का संवेदनशील बयान सामने आया हैं। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने में एक दो घंटा लेट होने से कुछ नहीं होता है। आधा घंटा, एक और दो घंटा डिले कुछ नहीं होता है। पुलिस पहले मर्ग कायम करती है। यह देखा जाता है कि आदमी मर गया है या फिर जिंदा है। लॉ एंड ऑर्डर की पहले सिचुएशन देखेंगे या फिर FIR करने बैठेंगे। इस बयान पर अब कई तरह के सवाल उठ रहे है। recent visitors 59

क्या दुनिया भर की मनाही के बावजूद भी नेतन्याहू ग्रेटर इजरायल की राह पर आगे बढ़ चुका है?, गाजा हमास को नहीं सौपेंगे

इजरायल एक साथ कई मोर्चों पर युद्ध लड़ रहे इजरायल ने अपनी हवाई ताकत और टेक्नोलॉजी के दम पर दुश्मनों के खेमों में कहर मचा रखा है। एक साल के युद्ध में गाजा लगभग पूरी तरह से तबाह हो चुका है। लेबनान में वह लगातार बम बरसा रहा है और ईरान से वह सीधा लोहा लेने के मूड में नजर आ रहा है। लाखों की संख्या में लोग विस्थापित हो चुके हैं लेकिन इजरायल रुकने को तैयार नहीं है। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान नेतन्याहू ने कहा कि हम इस जंग के बाद भी गाजा हमास को नहीं सौपेंगे। उनके इस बयान के बाद इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट की तरफ से भी कहा गया कि यह सही समय है कि मिडिल ईस्ट का नक्शा बदल दिया जाए। इन बयानों के साथ ही यह चर्चा भी तेज हो गई कि क्या दुनिया भर की मनाही के बावजूद भी वह ग्रेटर इजरायल की राह पर आगे बढ़ चुका है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सपोर्ट और अपनी सैन्य ताकत के बल पर कई बार अपने पड़ोसियों के खिलाफ जंग लड चुके इजरायल के लिए ग्रेटर इजरायल का सपना देखना कोई नया नहीं है। ग्रेटर इजरायल की सबसे पहली कल्पना आधुनिक यहूदीवाद के जनक थियोडोर हर्जल ने की थी। हर्जल की इस ग्रेटर इजरायल की कल्पना में फिलिस्तीन, लेबनान, सऊदी अरब के अलावा 6 देशों के क्षेत्र शामिल हैं। क्या है ग्रेटर इजरायल का प्लान, अमेरिका की भी मंशा? थियोडोर के मुताबिक, उनका ग्रेजर इजरायल नील नदी से लेकर पश्चिम एशिया की फरात नदी तक फैला हुआ है। इस पूरे क्षेत्र में फिलहाल 8 से ज्यादा देश हैं। इनमें से लगभग सभी के साथ इजरायल कभी ना कभी युद्ध कर ही चुका है। आपको बता दें कि जब इजरायल को बनाया गया था तब उसका आकार बहुत छोटा था लेकिन तमाम युद्धों के बाद इजरायल ने फिलिस्तीन और अन्य देशों की जमीनों पर कब्जा कर लिया। कुछ को वापस लौटा दिया लेकिन कुछ को अपने पास भी रखा। वर्तमान में इजरायल का नक्शा जो हम देखते हैं उसमें अन्य देशों की जमीन पर किया गया कब्जा भी शामिल है। इस मामले के जानकार लोगों के मुताबिक, इजरायल मिडिल ईस्ट में अमेरिका के हितों की रक्षा करता है ऐसे में ग्रेटर इजरायल के सपने को अमेरिका भी अंदर खाने सपोर्ट करता नजर आता है। थियोडोर की तरफ से जिस ग्रेटर इजरायल की परिकल्पना की गई थी उसमें लेबनान, फिलिस्तीन, तुर्की, जॉर्डन, सीरिया, सऊदी अरब और इराक जैसे देश भी शामिल है। क्या नेतन्याहू पूरा कर पाएंगे ग्रेटर इजरायल का सपना? वर्तमान की परिस्थितियों के हिसाब से नेतन्याहू ग्रेटर इजरायल के सपने के आसपास भी नहीं हैं। जॉर्डन उनके मित्र देश की भूमिका निभाता है उसने ईरान द्वारा हमला किए जाने पर इजरायल की सहायता के लिए ईरान की मिसाइलों को मार गिराया था। वहीं सऊदी पिछले साल 7 अक्टूबर के पहले इजरायले के साथ समझौता करके शांति का रास्ता अपनाने की कोशिश कर चुका है। वहीं अन्य देश भी इजरायल को एक देश के रूप में मान्यता देने की वकालत करते हुए नजर आते हैं।हालांकि इस मामले को और ज्यादा तूल तब मिला था जब नेतन्याहू ने यूएन महासभा में एक नक्शा दिखाया था, जिसमें वेस्ट बैंक और गाजा समेत पूरा फिलिस्तीन इजरायल का हिस्सा दिखाया गया था। लगभग सात मोर्चों पर युद्ध लड़ रहे इजरायल के लिए यह करना आसान नहीं होगा। हाल ही में जब फ्रांस के राष्ट्रपति ने इजरायल को हथियार देने पर पाबंदी लगाने का फैसला किया तो नेतन्याहू ने अपना पक्ष बताते हुए कहा कि हम अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। अगर हम इन आतंकवादियों के खिलाफ नहीं लड़ते हैं तो फिर से वही होगा जो पिछले साल 7 अक्तूबर को हुआ था। इजरायल पहले भी युद्ध के समय दूसरे देशों की जमीनों पर कब्जा कर चुका है। हालांकि वह समय के साथ उन जमीनों को वापस भी कर देता है। मिडिल ईस्ट में मजबूत इजरायल का होना अमेरिका के लिए बहुत जरूरी है इस कारण से अमेरिका भी इजरायल को बिना शर्त समर्थन देता है। recent visitors 54